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Tuesday, August 11, 2026
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अमेरिकन ग्लोबल रिपोर्ट ने भारतीय पीएम मोदी पर लगाया आरोप

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

एक अमेरिकन रिपोर्ट ने हिंदुत्व राष्ट्रवादियों के कारण अल्पसंख्यकों में तनाव बढ़ने व नरेंद्र मोदी सरकार पर हिंदुत्व राष्ट्रवादियों का पक्षधर होने का आरोप लगाया है। अमेरिका की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले पांच साल में भारत की इकॉनमी तेजी से बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही कहा गया है कि पूरा विश्व देख रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार हिंदुत्व राष्ट्रवादियों से कैसे निपटेगी। यब बात यूएस नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल द्वारा तैयार की गई ‘द ग्लोबल रिपोर्ट’ में कही गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को भारत की नीतिओं में घुसाया जा रहा है, जिससे भारत में अंदरूनी तनाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी, सरकार की नीतिओं में हिंदुत्व को घुसेड़ रहा है, जिसकी वजह से मुस्लिम अल्पसंख्यकों से उनका तनाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही मुस्लिम बहुल पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भी तनाव बढ़ रहा है।”

रिपोर्ट में कहा गया है जब चीन की इकॉनोमी की गति धीमी रहेगी, तभी भारत की इकॉनमी बढ़ेगी। लेकिन इसमें गैर-बराबरी और धार्मिक तनाव जैसे अंदरूनी मामले विस्तार में दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में आतंकवाद की समस्या और ज्यादा बढ़ेगी। रिपोर्ट में भारत में ‘हिंसक हिंदुत्व’ और इसके साथ ही ‘उग्र ईसाई और इस्लाम’ का जिक्र भी किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया  है कि मध्य अफ्रीका में उग्र ईसाई और इस्लाम, बर्मा में उग्र बुद्ध और भारत में हिंसक हिंदुत्व आतंक में ईंधन का काम करेगा।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि तकनीक की वजह से आपस में जुड़ी दुनिया में विचार और पहचान को लेकर मतभेद बढ़ेंगे, लेकिन इससे पहचान की राजनीतिक को बढ़ावा मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत हिंदू राष्ट्रवादियों से कैसे निपटेगा और इजरायल धार्मिक कट्टरपंथियों के साथ कैसे संतुलन बनाएगा, यह भविष्य निश्चित करेगा।”

आपको बता दें कि यह रिपोर्ट नए शासन के लिए हर चार साल में तैयार की जाती है। इस रिपोर्ट में अगले 20 सालों में दुनिया पर असर डालने वाले अहम ट्रेंड्स की पहचान की जाती है।

भावुक हुए नेताजी, कहा, “सब कुछ तो दे दिया, क्या बचा मेरे पास”

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

समाजवादी पार्टी में दो फाड़ के बाद एकजुटता के प्रयासों की कड़ी में मुलायम सिंह यादव ने आज कहा कि वह पार्टी को एकजुट रखना चाहते हैं और इसे टूटने नहीं देंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह साइकिल को भी रखना चाहते हैं।

मुलायम ने सपा के प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कार्यकर्ताओं और जनता पर पूरा भरोसा है कि पार्टी को टूटने नहीं देंगे। समाजवादी पार्टी का न तो नाम बदलेंगे और न ही चिह्न बदलेंगे। हम पार्टी को एक रखना चाहते हैं और साइकिल भी रखना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं और अगले मुख्यमंत्री भी होंगे, यह भी मुलायम ने घोषित कर दिया है। साथ ही अखिलेश से कहा, ‘‘आप ऐसे लोगों के पास क्यों जा रहे हो, जिन्होंने फंसाया है। किसी विवाद में मत पड़ना। हम किसी भी कीमत पर पार्टी की एकता चाहते हैं।’’

मुलायम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप हमारा सहयोग करें और समर्थन करें। यही वायदा कर दें कि आप हमारे साथ रहेंगे और पार्टी को बचाएंगे। हम पार्टी को बचाना चाहते हैं और यही कहना चाहते हैं कि हमारी सपा और हमारी साइकिल बची रहे।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘‘अब क्या बचा मेरे पास कुछ नहीं बचा। जो मेरे पास था, पूरा का पूरा दे दिया। अब मेरे पास क्या है, मेरे पास आप लोग हैं। मेरे पास कार्यकर्ता है, जिसने संघर्ष किया। मेरे पास जनता है, जिसने समर्थन दिया। जनता की बदौलत आज हम यहां हैं और तब नेता बने हैं।

स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी ‘आईएनएस खंडेरी’ लॉन्च

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

भारत ने गुरुवार को स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को लांच कर नया इतिहास रचा। इस पनडुब्बी को मुंबई में लांच किया गया। ‘खंडेरी’ का दिसंबर तक ट्रायल चलेगा। इसके बाद इसे भारतीय नौसेना में ‘आईएनएस खंडेरी’ के नाम से शामिल किया जाएगा।

यह लॉन्चिंग मुंबई स्थित भारत का अग्रणी शिपयार्ड मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) पर की गई।
कार्यक्रम में मौजूद रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, “मुझे विश्वास है कि वह दिन दूर नहीं जब MDL दूसरे देशों के लिए भी सबमरीन बनाएगा।”

क्या है खंडेरी पनडुब्बी की खासियत-

खंडेरी पनडुब्बी आधुनिक फीचर्स से लैस है। यह दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है। इसके साथ ही टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमला भी कर सकती है। किसी भी अत्याधुनिक सबमरीन की तरह ही इससे कई तरह के मिशनों (ऐंटी सरफेस और ऐंटी सबमरीन, खुफिया सूचनाएं जुटाना, माइन बिछाना, इलाके की निगरानी आदि ) को अंजाम दिया जा सकता है।

बता दें कि स्कॉर्पीन सीरीज की पहली पनडुब्बी ‘कलवरी’ को पहले ही लॉन्च कर दिया गया था। अभी उसका ट्रायल चल रहा है। ‘कलवरी’ को जून तक नेवी में शामिल कर लिया जायेगा।

मनसे की धमकियों के बावजूद माहिरा करेंगी ‘रईस’ का प्रचार!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

‘रईस’, फिल्म नाम से जितनी रईस सुनाई दे रही है, कमाई में उतनी रईसी जुटा पायेगी या नहीं, कह पाना मुश्किल है। उरी आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों और उनके द्वारा अभिनित फिल्मों के बहिष्कार पर विवाद के बावजूद, फिल्म रईस में पाकिस्तानी हीरोइन माहिर खान का किरदार नहीं बदला गया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की धमकियों के बाद माहिरा समेत सभी पाकिस्तानी कलाकारों ने भारत तो छोड़ दिया, लेकिन माहिरा फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहीं। अब खबर है कि प्रमोशन न करने के लिए मिली तमाम धमकियों व प्रॉमिसेस के बावजूद माहिरा फिल्म का प्रमोशन करेंगी!

‘रईस’ 25 जनवरी को रिलीज़ होने वाली है और फिल्म के लीड एक्टर शाहरुख़ ख़ान ने इसके प्रमोशन्स शुरू कर दिए है। शाहरुख़ ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे से खुद मिलकर इस बात का भरोसा ज़रूर दिलाया है कि फिल्म का प्रमोशन करने माहिरा भारत नहीं आएंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शाहरुख़ की हिरोइन फ़िल्म को प्रमोट ही नहीं करेंगी! माहिरा ने इस समस्या की एक ऐसी तरकीब निकाली है, जिसमें वो भारत आएंगी भी नहीं और फ़िल्म का प्रमोशन भी कर लेंगी।

दरअसल, माहिरा अपने बॉलीवुड डेब्यू को लेकर बेहद एक्साइटेड हैं, मगर इन हालातों के चलते वो अपनी फ़िल्म को प्रमोट नहीं कर पा रहीं है और ऐसे में उन्होंने तय किया है कि वो भारतीय मीडिया से वीडियो चैटिंग सॉफ्टवेयर ‘स्काइप’ से बात करेंगी। इस बारे में फ़िलहाल मेकर्स आपस में बात कर रहे है और शायद जल्द ही माहिरा स्काइप के ज़रिये पत्रकारों के साथ इंटरव्यू करेंगी।

कौन हैं माहिरा-

माहिरा पाकिस्तान के कराची की एक मुस्लिम परिवार से हैं। माहिरा के पिता ब्रिटिश रूल के दौरान दिल्ली में पैदा हुए थे। बंटवारे के बाद वह पाकिस्तान चले गए थे।

माहिरा ने अपने करियर की शुरुआत बतौर वीजे की थी। अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत उन्होंने साल 2011 में पाकिस्तानी फिल्म ‘बोल’ से की थी। यह सोशल ड्रामा उर्दू फिल्मों में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रहा। इस फिल्म को शोएब मंसूर ने डायरेक्ट किया था। ‘बोल’ के बाद उन्हें ‘हमसफर’ फिल्म में काम करने का मौका मिला। ‘हमसफर’ के दौरान और उसके बाद उन्हें शहर-ए-जात(2012), नीयत(2011), सदके तुम्हारे (2014), बिन रोये (2016) जैसे सीरियल्स में काम करने का मौका मिला।

आपको बता दें कि शाहरुख़ व माहिर की फिल्म ‘रईस’ 25 जनवरी 2017 को रितिक रोशन की फ़िल्म ‘काबिल’ के साथ रिलीज़ होने वाली है, जिसे राहुल ढोलकिया ने डायरेक्ट किया है।

मानवता शर्मसार, 4 साल की बच्ची को तेजाब से जलाया

आँचल जायसवाल | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी है। यहां एक महिला ने अपने ससुरालवालों पर तेजाब से जलाने की कोशिश का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि शोर सुनकर उसकी चार साल की मासूम बेटी बीच में आ गई, तो उसके दोनों पैर तेजाब से जल गए।

इस तेजाबी हमले में मासूम के दोनों पैर बुरी तरह जल गए हैं। बुधवार सुबह मासूम को लेकर उसकी मां एसएसपी कार्यालय पहुंची और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

मेरठ के थाना टीपी नगर के नाई वाली गली मलियाना निवासी नसीरुद्दीन की पत्नी नसरीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंची। उसने अपने ससुराल वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।

महिला ने आरोप लगाया कि उसका अपने पति से 307 में जलाने का केस कोर्ट में चल रहा है। परन्तु पति ने उसको मारपीट के घर से बहार निकाल दिया। सबीला ने कुछ ख़तरनाक केमिकल महिला के ऊपर डालने की कोशिश की।

इसमें महिला की 4 वर्षीय बेटी अल्सीफा बीच में आ गयी।
उसके दोनों पैर जल गए। उसने टीपी नगर थाने में शिकायात की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला एसएसपी से मिली तो एसएसपी मेरठ जे. रवींद्र गौड़ ने टीपी नगर थाने को तत्काल ही जांचकर कार्रवाई के आदेश दिये हैं।

साक्षी का मुक़दमा नहीं हटाया तो संत करेंगे आंदोलन

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के मेरठ में विवादित बयान देकर कानूनी फंदे में फंसे बीजेपी सांसद साक्षी महाराज अब भी अपने बयान को सही ठहरा रहे है। मेरठ के एक धार्मिक प्रोग्राम में बीजेपी सांसद साक्षी महाराज द्वारा की गई टिपणी के बाद चुनाव आयोग ने साक्षी महराज और आयोजकों पर हुए मुकदमे के बाद आज संत समाज खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने साक्षी महाराज पर हुए मुकदमे को गलत बताते हुए मुकदमा हटाने की मांग की है।

इस मामले की जांच के बाद एडीएम की शिकायत पर मेरठ के सदर थाने में सांसद साक्षी महाराज पर केस दर्ज किया गया, जिसके बाद आयोजक संतों ने आज बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चेतावनी दी है कि अगर मुकदमा नहीं हटाया तो संत आंदोलन करेंगे।

साक्षी महाराज और आयोजक के विरुद्ध आईपीसी 295 , 298 ,188 एंव 171 धाराओं में सदर थाना में अभियोग पंजीकृत किया गया है, संत समाज ने सीधे तौर पर प्रशासन, और चुनाव आयोग से मुकदमा हटाने की मांग करते हुए कहा है ब्यान गलत नहीं है।

मुलायम को लेकर लालू गंभीर, अखिलेश संग करेंगे प्रचार

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश में सपा की भारी जीत को लेकर लालू काफी गंभीर नज़र आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की आतंरिक कलह को दूर कर नए सिरे से प्रचार प्रसार को लेकर लालू ने अखिलेश यादव से बात की। इस सम्बन्ध में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उन्होंने बातचीत की है। उन्होंने कहा कि विवाद को खत्म किया जाये और तेज़ी के साथ प्रचार में जुटा जाए।

मुलायम को लेकर गंभीर लालू ने कहा कि वे यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए भी जायेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पटना आने संबंधी प्रश्न के जवाब में लालू ने कहा कि अमित शाह को नोटबंदी में लोगों को हुई परेशानी के लिए तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु पर्व संपन्न हो गया है, तब वे पटना पहुंचे हैं। नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने तो नोटबंदी के लिए पचास दिन का समय जनता से मांगा था, अब तो पैंसठ दिन हो गये। जनता अब भी परेशान है, पीएम को माफी मांगनी चाहिए।

वहीं, लालू प्रसाद ने कहा कि 21 जनवरी को आयोजित मानव शृंखला में राजद कार्यकर्ता पार्टी के झंडे के साथ शामिल होंगे। बीएसएफ के जवानों को सीमा पर घटिया भोजन देने के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।

छुट्टी मनाकर लौटे युवराज राहुल फॉर्म में, जोड़-तोड़ शुरू

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

विदेश में छुट्टियां मना कर, दिल दिमाग से बिलकुल तरोताज़ा होकर लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उत्तरप्रदेश के चुनावी दंगल में विरोधियों को पटखनी देने के लिए फ़ौरन चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। अपने प्रवास से लौटते ही राहुल  ने सबसे पहले उत्तरप्रदेश में ‘मायाजाल’ फैलाती समाजवादी पार्टी और ‘मुलायम’ रुख अपनाये पड़ी मायावती के कार्यकलापों का जायज़ा लिया। इस सिलसिले  में उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अपनी बहन प्रियंका गांधी से गुफ्तगू की। उसके बाद कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिए पार्टी नेताओं से रुबरू हुए।

विदेश से दस दिन की छुट्टियां मनाकर लौटे राहुल ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई वाली सपा के साथ चुनावी तालमेल की चल रही कसरत की समीक्षा की। फिर पंजाब में स्टार क्रिकेटर नवजोत सिद्धू के कांग्रेस में प्रवेश का रास्ता साफ किया। आपको बता दें कि कांग्रेस अब भी अखिलेश के साथ गठबंधन की आस में है। सूत्रों द्वारा इस सिलसिले में राहुल और अखिलेश की मुलाकात की भी गुंजाइश बताई जा रही है।

नए साल में अपनी तरोताज़ा राजनीतिक मैराथन शुरू करने से पहले राहुल मंगलवार सुबह अपनी माँ का आशीर्वाद लेने  दस जनपथ पहुंचे। राहुल और सोनिया की इस मुलाकात में प्रियंका भी शामिल हुई। वैसे तो इन तीनों की यह मुलाकात पारिवारिक थी, मगर आगामी चुनावी घमसान के सिलसिले में चर्चा स्वाभाविक थी।

उल्लेखनीय है कि राहुल बीते 31 दिसंबर से ही विदेश प्रवास पर थे और उनकी गैर मौजूदगी में ही उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान हुआ। अपनी अनुपस्थिति में हुए चुनावी ऐलान की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए सोमवार देर रात स्वदेश लौटे राहुल ने पारिवारिक बैठक के तुरंत बाद तुगलक लेन के अपने सरकारी आवास पर सियासी बैठकों का सिलसिला शुरू किया। तब तक प्रियंका भी राहुल के आवास पर पहुंच चुकी थीं।

राहुल-प्रियंका के साथ बैठक का पहला मौका कैप्टन अमरिंदर को मिला। इसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उत्तरप्रदेश, गोवा और उत्तराखंड की चुनावी तैयारियों का अपडेट लिया। इसके बाद पंजाब के उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट को हरी झंडी दी। फिर नोटबंदी पर कांग्रेस के बुधवार को हो रहे सम्मेलन को लेकर वरिष्ठ पार्टी नेताओं से रुबरू हुए।

आश्चर्य की बात यह रही कि विदेश प्रवास से पहले नोटबंदी पर लगभग रोजाना सरकार पर हमला बोलने वाले राहुल ने लौटने पर सार्वजनिक रुप से कोई बयान नहीं दिया और न ही टिवटर के जरिए स्वदेश वापसी की आधिकारिक जानकारी साझा की। गौरतलब है कि राहुल ने 31 दिसंबर को ट्वीट के जरिए कुछ दिनों के लिए विदेश प्रवास पर जाने की बात साझा करते हुए लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दी थी।

‘जन वेदना सम्मलेन’ के जरिए मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस

अनुज हनुमत | Navpravah.com

जैसे जैसे यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे ही तमाम सियासी पार्टियों में चुनावी तैयारियों को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। आपको बता दें कि पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव में नोटबंदी को एक प्रमुख मुद्दा बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस आज राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगी। पार्टी ने इस सम्मेलन को ‘जन वेदना सम्मेलन’ का नाम दिया गया है।

आज दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में सम्मेलन शाम 5.30 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम के मुताबिक राहुल गांधी शाम 4.30 बजे सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कांग्रेस नोटबंदी को एक प्रमुख मुद्दा बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस मोदी सरकार की गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रही है।

फ़िलहाल आज के कार्यक्रम पर सबकी नजरें रहेगी। आयोजित होने वाले दिनभर के इस सम्मेलन में पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिसमें कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख और पार्टी सांसद और राज्यों से विधायक शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सम्मेलन में मौजूद नहीं रहेंगी। पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुखों और पदाधिकारियों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए कहा गया है।

आज ही दिल्ली से समाजवादी पार्टी को लेकर भी कोई न कोई बड़ी खबर आ सकती है। देखना दिलचस्प होगा कि सूबे के इस सबसे बड़े हाईवोल्टेज झगडे का परिणाम क्या होगा!

समाजवादी उठापटक: लौट के बुद्धू घर को आए!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

महीनों से चल रही ‘समाजवादी’ उठापटक अंततः समाप्त होने की कगार पर पहुँच ही गई। ‘समाज’ की नाक में सुबह शाम दम कर के रख देने वाला यह ‘समाजवादी’ घमासान वास्तव में घमासान ही था, या मात्र जनता की आँखों में धूल झोंकी जा रही थी, यह कह पाना मुश्किल है।

बॉलीवुड फिल्मों के ट्रैजिक नियमानुसार अंततः खून ने खून को खींचा। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने आज ‘फाइनल अनाउंसमेंट’ किया कि वे खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्यमंत्री उम्मीदवार।

आज सुबह सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मिलने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके आवास पहुंचे और पिता पुत्र ने अकेले में अपने सारे गिले शिकवे दूर किए। पिता-पुत्र के बीच अकेले में हुई यह ‘जादुई’ बातचीत सुलह तक पहुंच गई। मुलायम ने अखिलेश से कहा कि वह चुनाव आयोग में जमा कराये गये साईकिल के दावे को वापस ले लें और अपने आपको मुख्यमंत्री का दावेदार मानकर चुनाव प्रचार में जुट जायें।  मुलायम ने कल दिल्ली में सुलह के संकेत दिये ही थे। सूत्रों का दावा है कि मुलायम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी बताया है जबकि स्वयं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे।

पिता और पुत्र के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। पिता – पुत्र की इस मुलाकात के दौरान अमर सिंह और रामगोपाल यादव अनुपस्थित रहे। इस बैठक के बाद अखिलेश यादव जिस अंदाज में बाहर निकले, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पिता-पुत्र के बीच सुलह हो गई है। मुलायम से मुलाकात के बाद सीएम अखिलेश हाथ हिलाते हुए निकले और ओके जैसा मैसेज दिया।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी में अब तक सुलह की 7 बार कोशिशें हो चुकी हैं, जिनमें से एक भी कोशिश पूरी तरह से कामयाब नहीं हुई। दरअसल सुलह का हर मामला मुख्यमंत्री अखिलेश, शिवपाल और अमर सिंह पर लटक जाता है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री अखिलेश की प्रमुख शर्त यह है कि अमर सिंह को पार्टी से बाहर भेजा जाये। इसके साथ ही शिवपाल सिंह को राष्ट्रीय राजनीति में भेजा जाए, जबकि सपा प्रमुख इन दोनों ही शर्तों के लिए कतई तैयार नहीं हैं।