समाजवादी परिवार में कलह बढ़ती जा रही है। फिलहाल कई बैठकों के बाद भी मुलायम और अखिलेश खेमें में सुलह की राह नज़र नहीं आ रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता चुनाव की तैयारी छोड़ इस कलह के निपटारे का इंतजार कर रहे हैं। दोनों खेमें एक दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
पार्टी में कहल खत्म न होता देख ऐसा लग रहा है कि नेताओं का सब्र का बांध टूटता जा रहा है। इसी बीच पार्टी के कानपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बाहुबली अतीक अहमद ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने पार्टी में मचे कलह पर कहा कि बैकवर्ड हिन्दू और बैकवर्ड मुस्लिम बहुत ज़िद्दी होते हैं, इनकी पंचायत में समय लगता है। उनका यह इशारा सपा परिवार की तरफ था, जिसमें कुछ मुस्लिम नेता भी मामले को संभालने में लगे हुए है।
बाहुबली ने कहा कि हम नाउम्मीद नहीं हैं, जल्द ही कोई न कोई रास्ता निकलेगा। आज सीएम अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव की सुबह बैठक हुई, इसी के बाद अतीक अहमद समेत कई नेता मुलायम आवास पर पहुंचे।
उत्तर प्रदेश की बहुजन समाज पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपना पोस्टर जारी कर दिया है। पोस्टर के माध्यम से बसपा ने सूबे की मौजूदा समाजवादी पार्टी के ‘काम बोलता है’ को कड़ी टक्कर पेश कर दी है। बसपा द्वारा जारी पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘बहनजी को आने दो’।
वहीं आगामी चुनाव के लिए बसपा की तैयारियों पर नजर डालें, तो बसपा अन्य दलों से काफी आगे नजर आ रही है।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में बसपा अपनी तैयारियों के साथ काफी मजबूत नजर आ रही है।
एक ओर जहाँ सूबे की मौजूदा सरकार समाजवादी पार्टी अपने पारिवारिक घमासान में उलझी हुई है। भाजपा-कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की सूची भी जारी नहीं की है। वहीं बसपा ने इन सब से इतर अपने 403 प्रत्याशियों की सूची पहले ही जारी कर दी है।
‘तनु वेड्स मनु’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में अपनी अदाओं का जलवा बिखेर चुकी अभिनेत्री कंगना रनौत को फिल्म की तीसरी सिरीज़ से निकाल दिया गया है। इस कड़ी में उन्हें न लिए जाने की वजह उनके तमाम तरह के नखरे बताये गए हैं। जी हां! कंगना फिल्म की तीसरी सीरीज का हिस्सा नहीं होंगी।
फिल्म निर्माता आनंद एल रॉय ने ‘तनु वेड्स मनु’ सीरीज की दो फिल्में बनाने के बाद अब फिल्म के तीसरे पार्ट में कंगना की जगह किसी और हीरोइन को लेने का निश्चय किया है। तीसरी सीरीज की तैयारियों के साथ साथ कंगना की जगह नयी एक्ट्रेस की तलाश भी शुरू की जा चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक पिछली दोनों फिल्में, खासकर ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न’ की शूटिंग के दौरान कंगना के रवैये से फिल्म की यूनिट को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। यहां तक कि पिछले दोनों पार्ट के लीड एक्टर रहे आर माधवन भी कंगना के रवैये से बेहद नाराज थे और वे भी कंगना को इस पार्ट में लेने के पक्ष में नहीं थे।
वहीं यह बात भी सामने आयी है कि फिल्म का निर्देशन आनंद एल रॉय नहीं करेंगे, बल्कि पिछली दोनों सीरीज की कहानी लिख चुके हिमांशु शर्मा इस फिल्म का निर्देशन करेंगे। सूत्रों के अनुसार फिल्म की कहानी का पहला ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि हिमांशु की सलाह पर ही कंगना को थर्ड पार्ट से हटाया गया है। उम्मीद है कि मार्च 2017 तक इस फिल्म को लेकर कोई ऑफिशियल अनांउसमेंट की जायेगी।
भ्रष्टाचार और कालाधन की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद बवाल खड़ा हो गया। इस मसले में योग गुरु बाबा रामदेव ने मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले की सराहना तो की, लेकिन सरकार को सलाह भी दी कि आने वाले वक्त में दो हजार के नोट को भी प्रिंट करना बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा रामदेव ने कैशलेस सोसाइटी की भी बात की।
रामदेव ने ये बातें छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के एक योग शिविर में कहीं। रामदेव ने पीएम द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोट को बंद करने के फैसले की तारीफ की, लेकिन फिर वे बोले कि आने वाले वक्त में दो हजार के नोटों को बंद कर दिया जाना चाहिए। रामदेव ने कहा, “नोटबंदी जिस वजहों से की गई थी, उसका उल्टा प्रभाव पड़ रहा है। मार्केट में दो हजार के नकली नोट भी आ गए। इन्हीं वजहों से ही तो मोदीजी ने बड़ी करेंसी के नोट बंद किए थे।” रामदेव ने आगे कहा, “बड़े नोटों के नकली नोट प्रिंट करना, उन्हें इधर से उधर करना आसान रहता है, साथ ही उन्हें पकड़ पाना भी मुश्किल होता है। मुझे लगता है कि आने वाले वक्त में दो हजार के नोटों को प्रिंट करना भी बंद कर देना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “आने वाले वक्त में कैश की जरूरत को कम किया जाना चाहिए। हम लोगों को कैशलेस सोसाइटी की तरफ बढ़ना चाहिए।” रामदेव ने पीएम मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अच्छा काम कर रहे हैं और उनकी पॉलिसी देश को मजबूत करेगी। नोटबंदी की तारीफ करते हुए रामदेव ने उसे साहसिक कदम बताया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 80 से 85 प्रतिशत पैसा कालाधन है। आपको बता दें कि यह तीन दिवसीय शिविर मंगलवार से शुरू हुआ है।
कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) 2016 के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिए गए। यह परीक्षा प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) और अन्य बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है।
20 पुरुष इंजीनियरों को मिला सौ प्रतिशत-
परीक्षा का समन्वय करने वाले संस्थान आईआईएमबी नेे जानकारी दी की कैट 2016 में कुल 20 पुरुष इंजिनियर उम्मीदवारों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है।
कैट 2016 के संयोजक प्रोफेसर राजेंद्र के बंडी ने बताया कि इस बार कई गैर इंजीनियरों और महिला उम्मीदवारों ने भी 100 पर्सेंटाइल स्कोर किए हैं।
138 शहरों में ली गई परीक्षा-
बता दें कि चार दिसंबर को देश के 138 शहरों में यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 1.95 लाख उम्मीदवार परीक्षा में बैठे थे।
समाजवादी खेमे में मुलायम और अखिलेश के बीच छिड़ी आपसी रंजिश के बीच एक ऐसी कड़ी है, जो कहीं न कहीं दोनों को भावनात्मक तौर बहुत करीब किए हुए है। यह अटूट कड़ी हैं अखिलेश की बेटियां अदिति व टीना, जिनसे दादा मुलायम का खास लगाव है और दोनों पोतियां पिता और पुत्र के बीच संवाद का अद्भुत जरिया हैं। अखिलेश और डिंपल यादव की बेटियां सियासी खींचतान की परवाह किए बिना अक्सर अपने दादा मुलायम सिंह से मिलने पहुंच जाती है।
एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक इन तमाम रंजिशों के बीच कुछ दिनों पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपनी 10 वर्षीय पोती टीना को चिढ़ाते हुए कहा कि तुम्हारा बाप बहुत जिद्दी है। यह सुनते ही टीना ने जाकर अपने पिता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दादा द्वारा कही गयी सारी बातें बताईं। मज़े की बात तो यह है कि जब अखिलेश तक यह बात पहुंची, तो उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार भी किया। अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, हां, वो तो है।
गौरतलब है कि अगले महीने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव है और समाजवादी कुनबे में पार्टी पर वर्चस्व की लड़ाई जारी है। दोनों की नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल किसे मिलता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘साइकिल की सवारी’ किसे मिलती है और किसे वनवास मिलता है।
हिंदुस्तान के दिलों पर राज करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी भरा पत्र उन्हें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के कार्यालय पर भेजा गया। आपको बता दें कि यह कार्यालय उनके घर पर ही है।
दरअसल सौरव को 19 जनवरी को एक निजी कार्यक्रम में मिदनापुर जाना है। सौरव को पत्र भेजकर धमकी दी गई है कि अगर वह मिदनापुर (उत्तर) जाते हैं, तो उन्हें मार दिया जाएगा। धमकी किसी जेड. अली नाम के अनजान शख्स से मिली है। उसने पत्र में आरोप लगाया है कि आशीष चक्रवर्ती नाम के शख्स ने मिदनापुर में धोखाधड़ी की है। अगर महाराज (सौरव) आशीष को प्रमोट करने मिदनापुर आते हैं, तो वे उन्हें मार देंगे।
उल्लेखनीय है कि आशीष चक्रवर्ती क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल में मिदनापुर का प्रतिनिधित्व करते हैं। सोमवार को सौरव ने एसोसिएशन की वर्किंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा, ”मुझे 19 जनवरी को बिद्यासागर यूनिवर्सिटी में होने वाले जिला खेल कार्यक्रम के लिए मिदनापुर जाना था। लेकिन मुझे सुरक्षा कारणों से वहां न जाने को कहा गया है। मैंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दे दी है। वे जरूरी कदम उठा रहे हैं।”
पाकिस्तान ने सोमवार को पहली बार पनडुब्बी से क्रूज मिसाइल ‘बाबर-3’ के सफल परीक्षण का दावा किया। इस दमदार मिसाइल की रेंज 450 किलोमीटर है। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डायरेक्टर जनरल, मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर यह जानकारी दी।
‘बाबर-3’ मिसाइल को हिंद महासागर में एक गुप्त स्थान से छोड़ा गया। यह पानी के भीतर, गतिमान प्लेटफॉर्म से छोड़ी गई और ठीक निशाने पर लगी। बाबर-3 जमीन से लॉन्च की जा सकने वाली क्रूज मिसाइल ‘बाबर-2’ का उन्नत संस्करण है, जिसका दिसंबर में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। गफूर के अनुसार पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने लॉन्चिंग टीम को बधाई दी है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश में फंसे भारतीयों या देश में कोई परेशानी झेल रहे लोगों की मदद करने से पीछे नहीं हटती हैं। ट्विटर के जरिए उन्होंने अब तक कई लोगों की मदद की है। लेकिन उनके पास एक ऐसी शिकायत आई जिससे सुषमा स्वराज भड़क गईं।
पुणे के एक आईटी प्रोफेशनल ने ट्विटर पर सुषमा स्वराज को टैग करते हुए लिखा कि क्या आप भारत में हमारा वनवास खत्म करा सकती हैं? मेरी पत्नी झांसी में रेलवे कर्मचारी है और मैं पुणे में काम करता हूं। हम करीब एक साल से दूर रहे हैं। स्मित राज को पूरी उम्मीद थी कि उन्हें पूरी मदद मिलेगी लेकिन उन्हें सुषमा स्वराज का गुस्सा झेलने को मिला।
इस ट्वीट के जवाब में सुषमा ने लिखा कि अगर आपकी पत्नी मेरे मंत्रालय में होती और इस तरह से ट्रांसफर की रिक्वेस्ट आती, तो मैं तुरंत उन्हें सस्पेंड कर देती। इतना ही नहीं सुषमा ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी इसमें टैग कर दिया। जिसके जवाब में प्रभु ने लिखा यह मामला मेरी जानकारी में लाने के लिए शुक्रिया सुषमा जी। ट्रांसफर का काम मैंने अपने मंत्रालय में रेलवे बोर्ड को दे रखा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मैंने इस मामले पर नियम के मुताबिक ऐक्शन लेने को कहा है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि सुषमा स्वराज के पास इस तरह के ट्वीट आए हों। लेकिन इस बार जाने क्या हुआ कि सुषमा को इतना गुस्सा आ गया।
एक तरफ यूपी में विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं और जनता के बीच चुनावों को लेकर जबरदस्त उत्साह है। वहीं दूसरी तरफ सियासी गलियारों में सूबे की सत्ता पर अपना कब्जा जमाने के लिए उठा पटक भी अपने चरम पर पहुंच गई है। लगातार अपनी ही पार्टी में चल रही नूराकुश्ती के कारण अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच सुलह की संभावना भी हर एक नये दिन के बाद समाप्त होती दिख रही है।
अगर समाजवादी पार्टी और परिवार में मची जंग की बात करें, तो यह अब आखिरी मुकाम पर पहुंच चुकी है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के साइकिल सिंबल पर सोमवार को निर्वाचन आयोग अखिलेश यादव गुट और मुलायम सिंह खेमे के दावों को लेकर अपना फैसला सुना सकता है, लेकिन अभी भी सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि साईकिल सिम्बल मिलेगा किसे और अगर सिम्बल फ्रीज हुआ तो फिर आगे दोनों गुट क्या रणनीति बनाएंगे। फिलहाल सबकी नजरें आज चुनाव आयोग पर रहेंगी।
जानकारों की मानें तो निर्वाचन आयोग पार्टी के साईकिल सिंबल को फ्रीज कर दोनों खेमों को एक नया चुनाव चिन्ह प्रदान कर सकता है और ऐसे में नए चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ना अखिलेश ही नहीं बल्कि मुलायम सिंह यादव के लिए भी चुनौती भरा हो सकता है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में मतदाता पार्टियों के चुनाव चिन्ह को देखकर वोट करते हैं और इस समय जब लगातार पार्टी सत्ता पर थी तो साईकिल का जबरदस्त प्रचार भी हुआ है। अब जब चुनाव महज एक महीने ही बचा है, तो अखिलेश और उनके चुनाव रणनीतिकारों के लिए इतने कम समय में लोगों तक नए सिंबल का प्रचार करना आसान नहीं होगा। यह सबसे बड़ी चुनौती होगी ।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि अखिलेश यादव के लिए इस विधानसभा चुनाव में पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट और हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग ने इस स्थिति से निपटने के लिए भी मास्टर प्लान बनाया है और इस वक्त प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग 1 लाख से ज्यादा लोगों के साथ काम कर रहे हैं। बताया तो यहाँ तक जा रहा है कि जार्डिंग की यह टीम गांवों में ब्रांड अखिलेश के लिए विलेज एम्बेसडर के रूप में काम कर रही है। अब इसमें कितनी सच्चाई है ये तो आने वाले परिणाम ही बताएँगे।
सबसे खास बात यह है कि इसके लिए जर्डिंग के पूर्व स्टूडेंट विक्रम सिंह 100 ट्रेंड लोगों की टीम को लीड कर रहे हैं और यह टीम सिंबल चेंज होने की सूरत में एक नए रणनीति के तहत लोगों को अखिलेश के नए सिंबल के बारे में बताएगी।
आपको बता दें कि इस राज्य स्तरीय कम्युनिकेशन नेटवर्क की वजह से ही अखिलेश यादव को विश्वास है कि आखिरी क्षणों में चुनाव चिन्ह बदलने की दशा में भी वे जीत सकते हैं। लेकिन उस दशा में ये सब इतना आसान नहीं होगा, जितना अखिलेश और उनके रणनीतिकार सोच रहे हैं।
मीडिया को मिली खबर के अनुसार अखिलेश मोटरसाइकिल चुनाव चिन्ह चाहते हैं। इससे यह भी मैसेज जाएगा की विकास के साथ-साथ साइकिल अब मोटरसाइकिल हो गई है। अब इन बातों में कितनी सच्चाई है यह तो आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जायेगा, लेकिन इतना तो साफ़ है कि सूबे के इस हाई वोल्टेज पारिवारिक ड्रामे से लोगों में चुनाव को लेकर और उत्साह बढ़ गया है।