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Tuesday, August 11, 2026
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भड़के अमर सिंह, कहा, “अधर्मी है आज़म”

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अमर सिंह और बच्चन परिवार की किसी समय की गहरी दोस्ती और इस दोस्ती के दुश्मनी में बदल जाने का किस्सा जग जाहिर है। इसीलिए अमर सिंह समय समय पर अपना गुस्सा बच्चन परिवार पर निकालने से नहीं चूकते। अमर सिंह ने अब सीधे पनामा पेपर लीक मामले में अमिताभ बच्चन के जेल जाने की बात कह दी है।

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह ने पहले समाजवादी पार्टी में मचे घमासान पर अपनी बात रखी। फिर एक सवाल के जवाब में, जिसमें जया बच्चन और डिंपल यादव के साथ में मंच साझा करने को लेकर बात पूछी गई थी, अमर सिंह ने कहा, “डिंपल जी को प्रियंका गांधी जी से अच्छी जया बच्चन जी लगती हैं। पनामा केस में उनका नाम है। मोहवेश जोकटिया, दादी बलसारा और सरोज जाइवाल, सरोज जाइवाला को आज कानूनी नोटिस चली जाए तो पनामा केस का पूरा विवरण मिल जाएगा और अमिताभ बच्चन जेल में जाएंगे।”

अमर सिंह ने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा, “मीडिया कहती है कि मैंने अंबानी परिवार में झगड़ा करा दिया। अंबानी परिवार में झगड़ा पैसे के लिए हुआ है। इतना ही नहीं मेरे ऊपर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन को भी अलग करवाने का आरोप लगा। कइयों का कहना है कि अमर सिंह ने ऐश्वर्या राय बच्चन और जया बच्चन को अलग करवा दिया। जितने बुरे काम हो रहे हैं, मैं ही करवा रहा हूं।”

अमर सिंह ने आजम खान से लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी तक, सभी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “आजम खान जैसा नीच, पापी, अधर्मी, कुकर्मी व्यक्ति भारत माता को डायन कहता है। रेनकोट पहन कर नहाते हैं, इस बात पर तो कांग्रेसी हंगामे कर रहे हैं, लेकिन गठबंधन का प्रत्याशी, जो देश के चुने हुए प्रधानमंत्री मोदी को रावण कह रहा है, ये नहीं दिखता राहुल गांधी जी को!”

क्या इस बार भी जनता ‘चुनावी परीक्षा’ में फ़ेल हो जाएगी?

जटाशंकर पाण्डेय | Navpravah.com

पांच प्रदेशों में हो रहे चुनावों में सबकी नज़र जिस चुनाव पर गड़ी है, वह बेशक उत्तर प्रदेश का है, जिसे हर पार्टी ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का आश्वासन दे रही है। अब यह तो परिणामों की घोषणा पर ही निर्भर करेगा कि उत्तर प्रदेश में 70 साल में शिक्षा का स्तर कितनी उचाई तक पहुँचा है। आने वाला समय ही बताएगा कि ‘तरक्की की सीढ़ियां’ चढ़े उत्तर प्रदेश के लोगों में देश प्रेम की भावना है, जाति प्रेम की या धर्म प्रेम की। आज तक के रिकॉर्ड में इस राज्य में जातिगत और धर्मगत लड़ाई तो बहुत हो चुकी है, लेकिन आज तक कोई सही परिणाम नहीं निकला है। सरकारें चाहे जिस पार्टी की बनी हों, लेकिन जनता अपने चुनाव में ‘फेल’ ही रही है।

सारे न्यूज़ चैनल व अखबार तो वही पुराना राग अलाप रहे हैं कि इतने % हिन्दू, इतने % मुस्लिम, इतने यादव, इतने ठाकुर, इतने ब्राह्मण, इतना मिला के इतना, कुल मिला के इतना, और लीजिये ये रहा सही आंकड़ा। गणित पढ़ाने वाले विद्वान सारा गुणा-गणित कर के समीकरण सामने रख देते हैं। सभी पार्टियों के राजनेता, सलाहकार, कार्यकर्त्ता अपने- अपने क्षेत्र में बड़ा से बड़ा शिविर लगा कर खाना-पीना, चाय-नाश्ते के साथ ट्यूशन-क्लासेस शुरू कर देते हैं और जनता को ‘पास’ होने का आश्वासन भी देते हैं। यह जताकर कि हमारी क्लास में पढ़ने वाला फेल नहीं होगा, हमारे उत्तर ही सही हैं, बाक़ी सबका गलत है।

आज तक सभी राजनितिक दल जनता को यही पहाड़ा पढ़ा कर अपनी गणित हल कर लेते हैं और जनता का सवाल 5 साल के लिए पुनः उलझ जाता है। जनता बार-बार उस सवाल को दोहराती रहती है, परंतु वह हल नहीं हो पाता है। 5 साल बाद पुनः चुनाव आता है, लेकिन पिछले 5 सालों से जनता जिन प्रश्नों के उत्तर तैयार करती रहती है, सभी पार्टियों के ट्यूशन पढ़ाने वाले ट्यूटर जनता को ऐसी शिक्षा देते हैं कि जनता अपने रटे रटाये उत्तर में भी कन्फ्यूज हो जाती है। प्रश्न कुछ और रहता है जनता उत्तर कुछ और लिख देती है। इस प्रकार अगले 5 साल के लिए विपक्षी दल नहीं, बल्कि जनता ही फिर फेल हो जाती है और अगली परीक्षा की तैयारी में लग जाती है। यही कार्यक्रम पिछले 70 सालों से चल रहा है।

पूरे देश की यदि बात करें, तो देश भर में शिक्षा का स्तर तो बढ़ा है, लेकिन ‘शिक्षित’ का स्तर कम बढ़ा है। ‘शिक्षित व्यक्ति’ से तात्पर्य यह है कि उस व्यक्ति में थोड़ा विवेक भी बढ़ा हो, उसकी सोच भी थोड़ी बढ़ी हो। हम राजनेताओं के प्रलोभनों को थोड़ा समझें कि यह एजेंडा तो हर चुनाव में आता है। “मंहगाई बढ़ गई है। हम चावल 10 रु. प्रति किलो और गेहूँ 5 रु. प्रति किलो कर देंगे।” अब आप अपने बुद्धि- विवेक से सोचिये, क्या यह संभव है? जनता अपने आप से पूछे, जनता सोचे कि क्या वाक़ई में ये ऐसा कर देंगे? अगर कर देंगे तो सारे के सारे किसान खाने क्या इनके घर जाएंगे या आत्महत्या करेंगे?

सभी पार्टियों को दूसरे की बुराई करने के लिए कुछ मसाला चाहिए, लेकिन आज कोई पार्टी मंहगाई का नाम नहीं ले रही है। यह मुद्दा लुप्त हो गया है। 200 रु. किलो की दाल 80 रु. हो गई है। 40 रु. किलो आलू 12 या 15 रु. हो गया है, 100 रु. किलो का टमाटर 10 रु. हो गया है। आज इसका ज़िक्र कोई नहीं कर रहा है, लेकिन किसान को पता है क्या हो रहा है। ये सस्ती चीजें शहर वालों को बहुत अच्छी लगतीं हैं, लेकिन ग्रामीण किसान, जो खेती करता है और उसकी आजीविका का एक मात्र सहारा खेती ही है, उसके दिल से पूछिये, 2 रु. किलो टमाटर बिकने पर उसके दिल पर क्या गुजरती है। इसके बारे में कौन सोचेगा? अब किसानों को क्या क्या सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, यह उनको भी ध्यान रखना चाहिए। अगर सरकार ने उनके लिए कुछ अच्छा किया है, तो आगे उस सरकार का ध्यान रखना चाहिए।

भारत में किसान ही देश की  रीढ़ माने जाते हैं, क्योंकि दुनिया भर के तमाम उद्योग कृषि पर ही आधारित हैं और कृषि किसानों पर आधारित है। अब इन नेताओं की नज़र में किसान ही इतने भोले हैं, जिनको बेवकूफ बनाना सबसे आसान है, मजदूर ही इतने भोले हैं, कि उनको मूर्ख बनाया जा सकता है और पॉलिटिशियन इतने चालक हैं कि ये सब घपलेबाज़ी कर सकते हैं क्योंकि यही उनका धंधा है।

सामाजिक लोग शिक्षा से जुड़ते हुए शिक्षितों को साथ ले कर समाज के हर वर्ग का उत्थान हो ऐसा कार्य करें, तभी समाज का व देश का उत्थान होगा। किसानों और मजदूरों के घर में भी कुछ पढ़े लिखे लोग जरूर होगें, जो खुद जागरूक हों, जानकार हों और अपने परिवार व समाज को भी वास्तविकता से अवगत कराएं। समाज और दुनियाँ की सच्चाई को जानते हुए अगर हर वर्ग अपनी भलाई चाहे, तो जाति-धर्म-पार्टी से ऊपर उठ कर मतदान जरूर करे।

कर्नाटक: भैंसा दौड़ ‘कंबाला’ पर लगा प्रतिबन्ध हटा

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

कर्नाटक की जनता अंततः ‘कंबाला’ पर लगा प्रतिबन्ध हटवाने में सफल हो गई है। कर्नाटक विधानसभा ने वहाँ की पारंपरिक भैंसा दौड़ यानि ‘कंबाला’ पर लगे प्रतिबंध को हटाने हेतु बिल पास कर दिया है। दरअसल तमिलनाडु में ‘जल्लीकट्टू’ को एक बार फिर मंज़ूरी मिलने के बाद से ही कर्नाटक के लोग ‘कंबाला’ को पुनः शुरू करवाने की जद्दोजहद में थे।

‘जल्लीकट्टू’ पर बैन हटने के बाद से ही कर्नाटक के तटीय इलाकों में खेले जाने वाले इस खेल पर भी प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा था। सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए छात्रों, कलाकारों और नेताओं ने विशाल प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के धीरे-धीरे होते व्यापक रुप को देखते हुए सरकार ने इस बिल को विधानसभा में पास कर दिया। इसके लिए राज्य सरकार ने पशु निर्दयता विरोधी कानून में संशोधन करने का फैसला किया, ताकि ये खेल दोबारा से राज्य में शुरू हो सके और लोगों की भावनायें परंपरा से जुड़ी रहे।

आपको बता दें कि कंबाला खेल कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इस खेल की पहचान उत्तरी कर्नाटक और कंबाला उडुपी-दक्षिणी कर्नाटक के पारंपरिक खेल के तौर पर है।

कांग्रेस और सपा पर भड़के शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

जब चुनाव आता है तो सभी सारे गड़े मुर्दे बाहर निकालने लगते है। शिया धर्मगुरु कल्वे जव्वाद ने भी कांग्रेस शासनकाल में हुए दंगो को गिना डाला है और कहा कि मोदी पर तो अकेले गुजरात दंगे का दाग है, जबकि कांग्रेस सरकार में तो साठ हजार से अधिक दंगे हुए जिनमें तीन ऐसे बड़े दंगे है जो गुजरात से भी भयानक थे। इनमें किसी एक दंगे में भी अबतक किसी को सजा नहीं हुई है।

जव्वाद ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में साठ हजार से अधिक दंगे हुए। मोदी जी के लिए तो कहा जाता है कि गुजरात के फसाद हुए, लेकिन ऐसे 3 फसाद कांग्रेस के जमाने में हुए जो इससे ज्यादा भयानक थे। इसमें किसी को सजा नहीं मिली। जमशेदपुर में कांग्रेस के जमाने में कत्लेआम हुआ, भागलपुर में कत्लेआम हुआ, कांग्रेस के जमाने में ऐसे हजारों मामले हैं जिसमें कत्लेआम हुआ लेकिन किसी एक को सजा नहीं मिली।

अखिलेश पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए शिया धर्मगुरु कल्वे जव्वाद ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे में 30,000 मुसलमान आज तक बेघर हैं। जिस समय कैंपों में बच्चे भूख और बीमारी से मर रहे थे, उस समय अखिलेश सैफई में कैबरे डांस देख रहे थे। जब बुलडोजर चल रहे थे तो रामपुर में 76 साल के एक बूढ़े की सालगिरह 200 करोड़ से मनाई जा रही थी। जितने भी मौलवी आज तस्वीरों में दिखाई दे रहे हैं उस में से कोई भी मुजफ्फरनगर नहीं गया, तो किस मुंह से यह अखिलेश की हिमायत कर रहे हैं। जिस समय कैंपों में बच्चे भूख और बीमारी से मर रहे थे उस समय अखिलेश सैफई में कैबरे डांस देख रहे थे।

उन्होंने मुख्तार अंसारी को पार्टी से बाहर निकालने को लेकर भी अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा अखिलेश यादव को सिर्फ मुसलमानों में ही माफिया मिले अपनी पार्टी में देखें कौन कौन लोग हैं, जिनके ऊपर 50 – 50 मर्डर के मुकदमे चल रहे हैं, वे भी पार्टी में वरिष्ठ पदों पर काबिज है।

बसपा को वोट देने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी बात हुई मायावती से हुई तो उन्होंने वादे किए हैं कि मुसलमान के साथ नाइंसाफी नहीं की जाएगी। जो नाइंसाफी हुई है, उसकी जांच कराई जाएगी। मुसलमानों को समझना चाहिए कि किसमें उनका फायदा है।

छोटे शहरों को भी जोड़ेंगे ज़ूम एयर के हवाई जहाज़

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

ऐसे छोटे शहर, जो अब तक हवाई यात्रा की डायरेक्ट सुविधा से वंचित हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर है। भारत में नई फुल टाइम एयरलाइन्स कंपनी ‘ज़ूम एयर’ लॉन्च की गई है। माना जा रहा है कि छोटे शहरों को जोड़ने पर इस एयरलाइंस कंपनी का ज्यादा ध्यान रहेगा।

‘ज़ूम एयर’ का उद्घाटन रविवार को किया गया। एयरलाइन्स ने अपनी पहली उड़ान आज दिल्ली से दुर्गापुर के लिए भरी जिसे केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू ने हरी झंडी दिखाई। शुरुआती दौर में कंपनी की फ्लाइट्स दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद तक रहेंगी। वहीं कंपनी का दावा है कि वह छोटे शहरों तक फ्लाइट्स मुहैया कराएगी।

जूम एयर गुरुग्राम स्थित जैक्सस एयर सर्विस की फर्म है। इसके ऑपरेशन्स में बोमबार्डियर CR-J200 LR विमान इस्तेमाल होंगे। यह विमान साइज में काफी छोटे होते हैं, किसी प्राइवेट प्लेन की तरह। अपने 50 सीटर वाले विमानों से देश के ज्यादातर छोटे-बड़े शहरों को एयरलाइन्स जोड़ने का काम करेगी।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक फेज 1 में जूम- नई दिल्ली से आइजवाल, औरंगाबाद, चंडीगढ़, धर्मशाला, दीमापुर, दुर्गापुर, कल्लू, लखनऊ, रांची, श्रीनगर, शिलॉन्ग जैसी जगहों तक अपनी सेवाएं मुहैया कराएगी। आपको बता दें कि कंपनी के सीईओ सिविल एविएशन सेक्टर के दिग्गज कोस्तव धर हैं। धर पहले हार्मोनी एयरक्राफ्ट कंपनी के सीईओ और प्रसिडेंट भी रह चुके हैं।

अमेरिका ने दिया पाकिस्तान को झटका, तिलमिलाया पाक

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से ही सकते में आये पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से नकारात्मक परिणाम मिलने प्रारंभ हो गए हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान की सीनेट के डिप्टी चेयरमैन मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को वीजा देने से मना कर दिया है। अमेरिका की इस मनाही के बाद हैदर पाकिस्तान की सीनेट के प्रतिनिधि के तौर पर अब संयुक्त राष्ट्र संघ की इंटर- पार्लियामेंट्री यूनियन की मीटिंग में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

पाक डेलिगेशन के दूसरे सदस्य सीनेटर लेफ्टिनेंट जनरल सलाहुद्दीन तिरमीजी को दो दिन पहले वीजा दे दिया गया, लेकिन हैदरी को वीजा देने से मना कर दिया गया। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुस्लिम देशों के लोगों प्रति सख्त रवैये के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तकनीकी वजहों के कारण हैदरी को वीजा नहीं जारी करने का फैसला किया गया। आपको बता दें कि हैदरी पाक की बड़ी इस्लामिक पार्टी जमियत उलेमा इस्लाम के सेक्रेटरी जनरल भी हैं। हैदरी इस प्रतिनिधिमंडल को लीड करने वाले थे।

अब अमेरिका के इनकार के बाद पाक प्रतिनिधमंडल ने अपना दौरा रद्द कर दिया है। यह मीटिंग न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में होने वाला है। इस मीटिंग में पाक सीनेट के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को हिस्सा लेना था। यह मीटिंग 13 और 14 फरवरी को होने वाली है।

अमेरिका के इस कदम से बौखलाए पाकिस्तान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा  है कि उसने अपने डेलिगेशन के न्यूयॉर्क विजिट को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिका के किसी भी प्रतिनिधिमंडल का अपने देश में स्वागत न करने का फैसला किया है। पाक सीनेट के चेयरमैन रजा रब्बानी ने अपने सेक्रेटेरियट को निर्देश दिया है कि वह इस मुद्दे के हल होने तक किसी भी अमेरिकी डेलिगेशन या डिप्लोमैट की खातिरदारी न करें।

पीएम के घर के पास धड़ल्ले से बिक रहा बीफ़ -आज़म खान

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक दल एक-दूसरे पर मुखर हो गए है , दलों के नेता एक-दूसरे पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। इसी क्रम में सपा कैबिनेट मंत्री आजम खान ने मुरादाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुस्लिमों को राजनीतिक फायदे के लिए आपस में लड़ाए जाने का मुद्दा उठाया।

आज़म खान ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पीएम मोदी के घर के पास अशोका होटल है, जहां ‘बीफ’ खुलेआम बिकता है। बीजेपी की सरकार आने के बाद बीफ का कारोबार दोगुना हुआ है। बीजेपी के लोग गाय के नाम पर भाइयों को लड़वा रहे हैं।

आज़म खान ने कहा, हम गाय को काटने वाले नहीं हैं, आज़ादी में हिन्दू, सिख और मुसलमानों का योगदान जलिया वाले बाग में जाकर देखो, उसमें 40 फीसदी मुसलमानों के नाम तख्ती पर दर्ज मिलेंगे।

आजम खान के कहा मोदी के पास झोले में सारा पैसा भरा है। वह मुरादाबाद आये थे, उन्होंने कहा था फ़क़ीर हूँ झोला लेकर चला जाऊंगा। इस पर आजम खान के कहा कि सारा माल तो झोले में ही है, एक चाय बनाने वाले ने 2 साल में 80 करोड़ के कपड़े बदले। बीजेपी ने अपने शासन में हर बार इंसान को इंसान से लड़ाने का काम किया है। पीएम ने भगोड़े विजय मालिया का कर्ज को माफ़ किया, साथ ही उसे देश से बाहर भागने में मदद की।

अब चंद घंटों में पहुंचेंगे जम्मू से श्रीनगर, रोड-टनल का उदघाटन जल्द

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अब आपको जम्मू और श्रीनगर के बीच सफर तय करने में 2 दिनों की बजाय मात्र चंद घंटों का समय लगेगा। जी हां! जम्मू के उधमपुर जिले में देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग बनकर तैयार हो गई है। उधमपुर में बनी इस 9 किमी लंबी ‘चिनैनी-नाशरी रोड टनल’ का उद्घाटन जल्द ही होने वाला है। इस सुरंग के ज़रिये जम्मू-श्रीनगर के बीच की 32 किमी की दूरी कम हो जाएगी।

इस सुरंग के बनने का सबसे अहम फायदा यह भी है कि पटनीटॉप में बर्फबारी के चलते कश्मीर का संपर्क देश से कट जाता था। सुरंग शुरू होने के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा। साथ ही 41 किमी का रास्ता घटकर 9 किमी रह जाएगा।

सुरंग की खासियत-

-सुरंग की ऊंचाई 5 मीटर और व्यास 13.62 मीटर है।

– मुख्य सुरंग के साथ ही एक अन्य 9 किमी लंबी सुरंग भी है। किसी तरह की इमरजेंसी से निपटने के लिए एसयूवी के जरिए इस सुरंग में जाकर लोगों को बाहर निकाला जा सकता है।

– एस्केप टनल और मुख्य सुरंग को बीच में जोड़ने के लिए हर 300 मीटर पर 29 क्रॉस पास बने हैं।

-यह सुरंग 2011 में बननी शुरू हुई थी और नवंबर 2016 को पूरी तरह बनकर तैयार हुई।

– जम्मू से श्रीनगर जाने वाली गाड़ियां पटनीटॉप होकर रामबन होते हुए श्रीनगर जाती थीं। सुरंग बनने से 41 किमी का यह रास्ता 9 किमी में तय हो जाएगा।

– पटनीटॉप की सीधी चढ़ाई और बाद में उतराई में कुल डेढ़ घंटे का समय और 30 किमी की बचत होगी। सुरंग से रोजाना 15 हजार गाड़ियां गुज़र सकेंगी।

– सुरंग के दोनों सिरों पर टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं।

– दोनों सिरों पर वेंटिलेशन इमारतें बनी होंगी। साथ ही ऑपरेटर सीसीटीवी से निगरानी और इमरजेंसी कॉल सुनेंगे।

भड़की अनुष्का, कहा, “मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी न समझें”

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अनुष्का शर्मा की आगामी रोमांटिक लव स्टोरी ‘फिल्लौरी’ इन दिनों काफी चर्चा में है। हाल ही में खबर आयी थी कि इस फिल्म को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और अनुष्का के बॉयफ्रेंड विराट कोहली प्रोड्यूस कर रहे हैं। अनुष्का ने इस विषय में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वे अपनी फिल्म को खुद प्रोड्यूस करने में सक्षम हैं। अनुष्‍का ने इन बातों को सरासर अफवाह बताते हुए कहा कि विराट इस फिल्‍म को प्रोड्यूस नहीं कर रहे हैं।

दरअसल एक अंग्रेजी अखबार में ऐसा कहा गया था कि अनुष्‍का के ब्‍वॉयफ्रेंड विराट कोहली ‘फिल्‍लौरी’ को प्रोड्यूस कर रहे हैं। अनुष्‍का ने सोशल मीडिया पर इस बारे में बयान जारी किया है। अनुष्‍का का कहना है कि अखबार में सोर्स का हवाला देकर झूठा दावा किया जा रहा है।

अनुष्का ने कहा,”कई मौकों पर जब झूठी कहानियां छपती हैं, तो मैं चुप रहती हूँ, लेकिन मेरी चुप्‍पी को मेरी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। साथ ही मेरी टीम से पूछे बिना ऐसी खबरे न छापें।”

आपको बता दें कि यह फिल्‍म 24 मार्च को रिलीज हो रही है। अनुष्‍का ‘फिल्‍लौरी’ को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ इस फिल्‍म में एक्टिंग भी कर रही हैं। फिल्‍म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें दर्शकों ने उनके नये अवतार को पसंद किया है। ‘एनएच 10’ के बाद अनुष्‍का की यह दूसरी फिल्‍म है जिसे वे प्रोड्यूस कर रही हैं, हालांकि फिल्लौरी की सह निर्माता ‘फॉक्स स्टार स्टूडियोज’ भी है।

नोबल सर्टिफिकेट चोरी मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता

अरविंद मौर्या | Navpravah.com

समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी के अपार्टमेंट से उनके नोबेल पुरस्कार का सर्टिफिकेट चोरी मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने राजन उर्फ नाटा नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि 7 फरवरी को सत्यार्थी के बेटे ने चोरी के संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शुरुआत में खबर आ रही थी कि इस चोरी में चोर सत्यार्थी का नोबेल भी चुरा ले गए हैं। इस पर सत्यार्थी के ऑफिस की तरफ से कहा गया है कि सत्यार्थी का नोबेल प्राइज राष्ट्रपति भवन में रखा गया है। चोर उनके अवॉर्ड की रेप्लिका चुरा ले गए हैं। ज्ञात हो कि अवॉर्ड पाने के बाद सत्यार्थी ने अपना यह अचीवमेंट देश को समर्पित कर दिया था। जिसके बाद उनका नोबेल प्राइज राष्ट्रपति भवन में सुरक्षित है। कैलाश सत्यार्थी कालकाजी स्थित अरावली अपार्टमेंट में रहते हैं। चोरों ने घर का ताला तोड़कर ज्वैलरी समेत दूसरी महंगी वस्तुओं सहित नोबेल प्राइज की रेप्लिका भी चुरा ले गये थे।

कैलाश सत्यार्थी का भारत का वह नाम है, जो पिछले लगभग 60 वर्षों से देश के बच्चों का बचपन बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अपनी अथक मेहनत के बल पर सत्यार्थी अब तक 80 हजार से अधिक बच्चों का जीवन बचा चुके हैं। इनका जन्म मध्य प्रदेश के विदिशा में 1954 में हुआ। कैलाश सत्यार्थी को मलाला युसुफ़ज़ई के साथ 2014 का शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था, जिसकी रेप्लिका चोरों ने चुरा ली थी।