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Tuesday, August 11, 2026
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सरकार बनी तो गुंडों को उल्टा लटकाकर करेंगे सीधा -अमित शाह

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

आज इलाहाबाद मे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यूपी फतह के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आए। इस दौरान शाह ने विराधियों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सपा, बसपा के पास बाहुबली अतीक अहमद, मुख्तार, अफजाल हैं। हमारे पास कोई नहीं है। हमारी पर्टी में गुंडों की कोई जगह नहीं है। यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद इन्हें उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम किया जाएगा।

अमित शाह ने जिले की शहर पश्चिमी सीट पर संकेतों में ही सही पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आप यहां के उम्मीदवार को सिर्फ उम्मीदवार न मानें इन्हे राजनीति का बड़ा चेहरा बनाने का काम मैं करूंगा। शहर पश्चिमी में कुछ दिनों पहले सिद्दार्थनाथ सिंह को पोस्टर के माध्यम से यूपी का सीएम चेहरा भी बताया गया था।

हालांकि ये पोस्टर पार्टी की तरफ से जारी नहीं किये गये थे, पर पोस्टर पश्चिमी में खूब तेजी से लगाया गया था, जिसमें सिंह को सीएम चेहरा बताया था। ऐसे में शाह का ये बयान की सिद्दार्थनाथ को सिर्फ विधायक प्रत्याशी मानकर वोट न करें इन्हे मैं प्रदेश का बड़ा चेहरा बनाउंगा। ये कहने से इलाहाबाद की राजनीतिक में ये सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या भाजपा अध्यक्ष सिद्दार्थ नाथ सिंह को सीएम का चेहरा मान रहे हैं?

चौथे चरण के चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन था। ऐसे में इलाहाबाद की 12 सीटों पर फतह के लिए दिग्गज नेता अमित शाह पहली बार रोड शो के माध्यम से चुनाव प्रचार किया।

शाह का रोड शो अल्लापुर पुलिस चौकी से शुरू हुआ, जो लेबर चौराहा, मटियारा रोड, अलोपीबाग फोर्ट रोड चौराहा होते हुए हर्षवर्धन चौराहा होते हुए मधवापुर सब्जी मंडी, बैरहना, बैरहना पुलिस चौकी, बाई का बाग, कोठा पारचा और रामभवन चौराहा होते हुए रोड शो सुलाकी चौराहे पर खत्म हुआ। रोड शो में अमित शाह के साथ बीजेपी यूपी चीफ केशव प्रसाद मौर्या, शहर के तीनों सीटों से कैंडिडेट सिद्धार्थनाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और हर्षवर्धन बाजपेई के अलावा इलाहाबाद के सांसद श्यामाचरण गुप्ता मौजूद रहे।

मैं कैसा मुसलमां हूँ भाई? – हुसैन हैदरी

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों ट्रेंड कर रहा है। उसमें एक शख्स अपने आप से पूछ रहा है कि ‘मैं कैसा मुसलमान हूं भाई?’ फिर खुद ही उनके जवाब भी देता है। वीडियो की शुरुआत, ‘सड़क पर सिगरेट पीते वक्त जो अजान सुनाई दी मुझको तो याद आया कि वक्त है क्या और बात जहन में ये आई कि मैं कैसा मुसलमान हूं भाई ? मैं शिया हूं, या सुन्नी हूं, खोजा हूं या बोहरी हूं मैं गांव से हूं या शहर से हूं, मैं बागी हूं या फिर सूफी हूं, मैं कौमी हूं या ढोंगी हूं, मै कैसा मुसलमान हूं भाई ? मैं अल्लाह-अल्लाह करता हूं या फिर शेखों से लड़ पड़ता हूं ? मैं कैसा मुसलमान हूं ?’ इसके बाद वह शख्स अपने आपको हिंदुस्तान का मुसलमान बताते हुए कहता है, ‘मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं भाई, मुझमें गीता का सार भी है, मुझमें उर्दू का अखबार भी है, मेरा एक महीना रमजान भी है मैंने किया तो गंगा स्नान भी है, अपने ही तौर से जीता हूं, दारू सिगरेट भी पीता हूं, कोई नेता मेरे नस-नस में नहीं, मैं किसी मुसलमान के बस में नहीं। मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं भाई।’

यह वीडियो हुसैन हैदरी का है, जी हाँ इंदौर के एक नौजवान हुसैन हैदरी जिसने अपने दिल की सुनी और आज उसे सब सुन रहे हैं। आईआईएम इंदौर से हुसैन हैदरी नज पढ़ाई की फिर नौकरी लग गई, कुछ दिनों तक उन्होंने नौकरी की लेकिन फिर अपने दिल की आवाज सुनी।

हुसैन ने 10 फरवरी को अपने यूट्यूब चैनल कम्यून पर एक नज्म अपलोड की है जिसमें देश के मुसलमानों का बखूबी से बखान किया। यूट्यूब पर इसे देखने वालों की तो जैसे बढ़ आ गई, मीडिया इंडस्ट्री में हर जुबान पर हुसैन हैदरी का नाम छाया हुआ है। यूट्यूब पर इसे एक चैनल पर 55 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

अपनी इज़्ज़त बचाने में जुटी है सपा-बसपा और कांग्रेस -पीएम मोदी

Narendra Modi

इलाहाबाद से अनुज हनुमत और सौम्या केसरवानी की रिपोर्ट

Navpravah.com

उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण का मतदान सम्पन्न हो चुका है और चौथे चरण के मतदान से पहले सभी पार्टियों के बडे नेता धुंआधार रैलियां करने में जुटे हैं। आज इलाहाबाद के फूलपुर में  एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेन्द मोदी ने प्रदेश के तीनों प्रमुख विरोधी दलों सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ ये दल अपनी इज्जत बचाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी प्रदेश के विकास के लिए चुनाव मैदान में है।

रैली को संबोधित करते हुये पीएम मोदी ने कहा कि पूरे यूपी में परिवर्तन की आंधी चल रही है और यूपी के लोग समाजवादी पार्टी के कुशासन से तंग आ चुके हैं। पीएम ने सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यूपी अपराध, अत्याचार, भाई-भतीजावाद और शोषण में एक नंबर पर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार के नाम पर यूपी सबसे आखिरी कतार में खड़ा है। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ‘यूपी बेहाल करने वाले’ और एक ‘यूपी बेहाल वाले’ का गठबंधन हुआ है।

काम नहीं कारनामा बोल रहा है-

फूलपुर में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने एक बार फिर एसपी-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैंने ऐसी सरकार कभी नहीं देखी, जो जनता के प्रति जिम्मेदार ना हो, नीयत साफ ना हो। अखिलेश जी यदि आपका काम बोलता होता तो इलाहाबाद हाई कोर्ट को क्यों बोलना पड़ता? आए दिन कोर्ट जो कहता है उससे पता चलता है कि आपका काम बोलता है कि कारनामा। हिंदुस्तान में ऐसी कोई दूसरी सरकार नहीं, जिसे हर सप्ताह कोर्ट से डांट पड़ती हो।’

यूपी में भाजपा के लिए पांच वर्ष का मौका मांगते हुए पीएम ने कहा हर पैमाने पर स्थितियां बदल जाएंगी। पीएम मोदी ने कहा कि 70 सालों में गरीब मांओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत यह बीड़ा उठाया गया और 4 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए गए।

मोदी ने वादा किया कि किसानों को सिंचाई, बालकों को पढ़ाई, युवकों को कमाई और बुजुर्गों को दवाई देने का काम बीजेपी करेगी। महंगी दवाईयों की वजह से गरीब इलाज नहीं करवा पा रहे थे, लेकिन मोदी सरकार ने 700 दवाइयों का दाम कम करा दिया। स्टेंट का दाम 85 फीसदी कम होने से अब गरीब आराम से अपना इलाज करवा सकते हैं।

मोदी ने यह भी दावा किया कि तीसरे चरण के बाद सिर्फ बीजेपी सरकार बनाने के आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘जो लोग दोबारा सत्ता में आने की बातें करते थे वे तीनों दल तीन चरण के बाद इस रणनीति में लगे हैं कि इज्जत बच जाए इतनी सीटें कैसे लाएं। वो इज्जत बचाने के लिए लड़ रहे हैं और हम उत्तर प्रदेश बदलने के लिए लड़ रहे हैं।’

मोदी का मायावती पर वार, बोले: BSP का मतलब बहनजी संपत्ति पार्टी

पीएम मोदी ने कांग्रेस की तुलना ओखी तूफान से की

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

पीएम मोदी ने आज झांसी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सपा और बसपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में अगर सबसे बुरा हाल किसी जगह का है तो वह बुदेंलखंड है। मोदी ने कहा कि बीजेपी बुंदेलखंड का विकास करेगी, अगर यूपी में बीजेपी की सरकार बनी तो यहां अलग से बुंदेल विकास खंड बनाया जाएगा और इसकी निगरानी सीधे सीएम के पास होगी, बुंदेलखंड को परमात्मा ने सबकुछ दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकारें बनी, जिनके विधायकों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों ने तबाह करके रख दिया। अब ये बुंदेलखंड को तय करना है कि सपा-बसपा के चक्कर से निकलना है या नहीं।

पीएम मोदी ने कहा कि कभी एक दूसरे के जानी दुश्मन रहे सपा, कांग्रेस और बसपा नोटबंदी के मुद्दे पर एक साथ हो गए। मोदी ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। नोटबंदी पर बहनजी ने कहा कि सरकार ने तैयारी नहीं की। मोदी ने कहा कि नोटबंदी से उनको ज्यादा परेशानी इसलिए है कि उनको तैयारी का मौका नहीं मिल पाया।

फिर मायावती ने कहा कि चुनाव आते ही मेरे भाई का हिसाब क्यों खोला जाता है। मोदी ने कहा कि जो अपने लिए धन जमा करते हैं, वो आपकी समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे। पीएम ने कहा कि बीएसपी का मतलब है बहनजी संपत्ति पार्टी। साथ ही मोदी ने कहा कि बीएसपी का बहुजन बहनजी में सिमट गया है।

मोदी ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पानी-खनिज की ताकत है, फिर यहां विकास क्यों नहीं हुआ। इसका कारण है- अवैध खनन। खनिज संपत्ति लूटी जा रही है। मोदी ने कहा कि हम अवैध खनन रोकने के लिए हम कानून लाएंगे। मोदी ने कहा कि सैटेलाइट्स के जरिए यहां खदानों का पता लगा सकते हैं।

समुद्र के अंदर से गुज़रेगी बुलेट ट्रेन!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अब तक आपने विदेशों में पानी के अंदर से गुजरने वाली ट्रेनों के विषय में सिर्फ सुना या टीवी में देखा होगा, लेकिन बहुत जल्द ही आप भारत में ऐसा ‘अंडर वाटर’ सफर  कर पाएंगे। जी हां! मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा समुद्र के नीचे से गुजरेगा।

भारत में यह पहला मौका होगा जब कोई रेलवे लाइन समुद्र की सतह के नीचे से होकर जाएगी। साल के अंत में जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत दौरे पर आएंगे, तब इसका भूमि पूजन होने की उम्मीद है। इसके बाद 2018 के अंत तक वास्तविक निर्माण कार्य प्रारंभ होने तथा 2023 के अंत तक ट्रेन सेवाएं प्रारंभ होने की संभावना है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन या हाईस्पीड परियोजना 508 किलोमीटर लंबी है। 350 किलोमीटर की अधिकतम तथा 320 किलोमीटर की औसत रफ्तार के हिसाब से इस दूरी को कवर करने में बुलेट ट्रेन को तकरीबन दो घंटे लगेंगे। परियोजना पर 97,636 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है। इसमें से 81 प्रतिशत राशि जापान सरकार के 0.1 फीसद ब्याज वाले कर्ज के रूप में दे रही है।

प्रोजेक्ट की विशेषताएं-

-प्रोजेक्ट का अधिकांश हिस्सा एलीवेटेड यानी जमीन के ऊपर खंभों पर होगा।
-ठाणे से विरार के बीच का 21 किलोमीटर हिस्सा सुरंग से गुजरेगा।
-इसमें भी सात किलोमीटर का हिस्सा समुद्र की सतह के नीचे से होकर जाएगा। यहां समुद्र की गहराई तकरीबन 70 मीटर है। लिहाजा यह लाइन तकरीबन 100 मीटर नीचे से होकर गुजरेगी।
-ठाणे और विरार के बीच सुरंग बनाने की जरूरत इस क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की अड़चनों के मद्देनजर महसूस की गई। यह क्षेत्र काफी हरा-भरा है और जमीन के ऊपर से लाइन ले जाने से पर्यावरण को नुकसान होने का अंदेशा था।

पिछले दिनों नीति आयोग ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जापानी अधिकारियों ने भी शिरकत की। बैठक में परियोजना का काम तेज करने तथा जल्द से जल्द पर्यावरण मंजूरियां लेने की बात तय हुई। इस प्रोजेक्ट को लेकर नीति आयोग की यह चौथी बैठक थी।

नीति आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, परियोजना से संबंधित सामान्य परामर्शदाता ने दिसंबर 2016 से कार्य प्रारंभ कर दिया था। अब अगला चरण पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन (ईआइए) का है। इसके लिए समुद्र के भीतर जमीन, चट्टानों और मिट्टी की जांच का कार्य शुरू कर दिया गया है। साल के अंत तक परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

स्पेशल रिपोर्ट: चुनाव आते ही क्यों गायब हो जाता है अवैध खनन और पलायन का मुद्दा

अनुज हनुमत | Navpravah.com

यूपी में सात चरणों में चुनाव हैं, जिसमें अभी तक दो चरण के चुनाव सकुशक सपन्न हो चुके हैं। बुन्देलखण्ड में मतदान आने वाली 23 तारीख़ को है और यहाँ के तमाम सियासी सूरमा पूरी मेहनत के साथ अपनी अपनी जीत के लिये दिन रात एक किये हुए हैं । लेकिन इनकी मेहनत जनता के लिये कम और अपने सत्ता प्रेम के लिए ज्यादा दिखाई दे रही है। यही वजह है कि यहाँ के वास्तविक मुद्दे इस चुनाव में गायब दिख रहे हैं।

कोई भी पार्टी कोई भी प्रत्याशी उन ज्वलन्त मुद्दों को उठा ही नहीं रहा, जिसके कारण दशकों से बुन्देलखण्ड अपनी बदहाली पर रोने के लिए मजबूर है। यहाँ की सबसे बड़ी समस्याएं अवैध खनन एवं लोगों का लगातार हो रहा पलायन है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर यहां की खनिज संपदा बर्बाद की जा रही है। अवैध खनन के कारण हजारों करोड़ों के राजस्व की सरकार को चपत लग रही है।

‘चित्रकूट में रम रहे, रहिमन अवध नरेश, जा पर विपदा परत है, सो आवत इही देश’।  रहीम की ये पंक्तियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी सैकड़ो वर्ष पहले थी। चित्रकूट पर्यटन के लिहाज से बुन्देलखण्ड का एक अहम जिला है। यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन न तो कभी किसी सरकार ने इसके लिए प्रयास किये और न ही यहाँ के किसी जनप्रतिनिधि ने इसके लिए मजबूती से आवाज उठाई।

आपको बता दें कि बुंदेलखंड अपनी भौगोलिक बनावट और स्थिति के लिहाज से भी विशेष है। उत्तर में गंगा का मैदानी भाग और दक्षिण में विन्ध्य पहाड़ियों के बीच बसे इस क्षेत्र में सिंध, बेतवा, टौंस, धसान, और चम्बल जैसी सदानीरा नदियां बहती हैं। फिर भी इसे विडंबना ही कहेंगे कि बुंदेलखण्ड प्यासा रहता है।

आंकड़ों की मानें तो बुन्देलखण्ड का क्षेत्र बहुत गरीब एवं पिछड़ा है, लेकिन ये आधा सच है।  यहाँ 70% गरीबी और पिछड़ापन है, लेकिन इसकी वजह यहाँ के वो 20% लोग हैं, जिन्होंने यहीं की खनिज सम्पदा को जमकर बारी बारी से लूटा।  सिर्फ खुद ही नहीं लूटा बल्कि मेहमानों से लुटवाया भी। बड़ी बड़ी गाड़िया, कई मंजिला बड़े बड़े बंगले, खूब सारा रुपया ये सब यहाँ की बदहाली पर करारा तमाचा है। जब इतनी ही गरीबी और पिछड़ापन है तो फिर ये ऐशोआराम कहाँ से आता है! शायद इसी का उत्तर है यहां हो रहा अवैध खनन। बाकी बचे 5% लोग तो मेहनत से भी ये सब अर्जित कर लेते हैं ।

अगर हम यहाँ की उसी सबसे बड़ी समस्या ‘अवैध खनन’ की बात करें तो देश की सबसे बड़ी ऑडिट संस्था कैग द्वारा जारी वर्ष 2014 और 15 की रिपोर्ट में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों की मिलीभगत से बुंदेलखंड के ललितपुर, झांसी, जालौन, महोबा, बांदा और चित्रकूट जनपदों में खदानों से अवैध खनन कर शासन को करोड़ों रुपयों का चूना लगाया गया है। सबसे बड़ा घपला तो वैध खदानों से पट्टा पाए कारोबारियों ने किया है। खदानों से दस साल में बिना अनुमति के अरबों रुपयों का खनिज निकाल कर बेच दिया गया। इसकी रायल्टी भी अदा नहीं की गई। कई खदानों में बिना माइनिंग प्लान पास कराए करोड़ों रुपये के खनिज को ठिकाने लगा दिया गया।

गौरतलब है कि बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से से सालाना 510 करोड़ राजस्व 1311 खनन क्षेत्र के पट्टों से होता है। पूरे जनपद में गुंडा टैक्स (सिंडिकेट) वसूलने की जिम्मेदारी शासन द्वारा किसी व्यक्ति विशेष को दी जाती है, जिसकी शासन को करोड़ों की कीमत चुकाने के बाद हर वैध और अवैध खदानों से गुंडा टैक्स लेने का खेल शुरू हो जाता है। प्रति ट्रक 3.5 से 4 हजार रूपये गुंडा टैक्स वसूला जाता है जिसके चलते आम जनता जो बालू की कीमत दाम से दोगुनी तक चुकानी पड़ती है।

कैग की इन रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह निकल कर सामने आया है, कि बुंदेलखंड के जिलों में अवैध खनन तो हो रहा है, लेकिन सबसे बड़ा गोरखधंधा वैध तरीके से पट्टा पाईं खदानों में हुआ है। वैध खदानों में पिछले दस सालों में अरबों रुपये का खनिज बिना अनुमति के निकाल लिया गया, इसमें अधिकारियों की मिलीभगत रही। किसी भी खदान के आवंटन के समय एमएम 1 प्रपत्र के जरिए खदान मालिक माइनिंग प्लान को स्वीकृत कराता है। माइनिंग प्लान में तय होता है कि खदान से कितना खनिज निकाला जा सकता है। बुंदेलखंड में माइनिंग प्लानों को धता बताते हुए अरबों रुपए का खनिज गैर कानूनी तरीके से निकाल लिया गया। ऐसा नहीं है कि संबंधित जिलों के खनिज विभाग को इसकी जानकारी नहीं हुई, क्योंकि बिना माइनिंग प्लान स्वीकृत हुए और माइनिंग प्लान में तय मात्रा से अधिक खनन होने के बाद भी परिवहन के लिए एमएम 11 प्रपत्र विभाग द्वारा जारी होते रहे हैं। इससे साबित होता है कि इस खेल में अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।

कैग की रिपोर्ट वर्ष 2014 में बताया गया कि बुंदेलखंड के तीन जिलों ललितपुर, झांसी व महोबा की 12 खदानों में 50.33 करोड़ रुपए का अवैध खनन किया गया। झांसी में पांच खदानों में खनिज विभाग की ओर से माइनिंग प्लान स्वीकृत करते हुए 10,8000 क्यूबिक मीटर सैंड स्टोन खनन की अनुमति दी गई, लेकिन खदान मालिकों ने नियमों को दरकिनार कर माइनिंग प्लान के सापेक्ष 59,9270 क्यूबिक मीटर का अधिक खनन कर लिया। इससे खनिज विभाग को 16.48 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

ललितपुर जनपद में दो खदानों को 51 हजार क्यूबिक मीटर पत्थर खनन की अनुमति दी गई, लेकिन इन दोनों खदानों से 2 लाख 62 हजार 245 क्यूबिक मीटर पत्थर का अधिक खनन किया गया। इससे शासन को 4.89 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई। वहीं, महोबा में चार खदानों में 96 हजार क्यूबिक मीटर पत्थर की अनुमति दी गई थी, लेकिन इन खदानों से 6 लाख 16 हजार 100 क्यूबिक मीटर अधिक निकाल लिया गया। इससे शासन को 15.77 करोड़ रुपए की चपत लगी। महोबा की एक अन्य खदान ने बिना माइनिंग प्लान के ही 4 लाख 28 लाख 950 क्यूबिक मीटर पत्थर का खनन कर लिया गया। इससे 13.19 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई।

कुल मिलाकर नदियों और पहाड़ों में अवैध खनन के इस आलम से उत्तर प्रदेश का ‘कश्मीर’ कहा जाने वाला बुंदेलखंड अपना वजूद बचाने के लिए छटपटा रहा है। माफियाओं व अधिकारियों का गठजोड़ इसे मिटाने पर तुला हुआ है। इसे रोकने के लिए कोई भी सरकार ठोस कदम उठाना ही नही चाहती शायद इसका कारण यह भी है कि कई बड़े कद वाले नेता इसकी चपेट में आ जायेंगे ।जानकारों की मानें तो आने वाले निकट भविष्य में बुन्देलखण्ड का अवैध खनन देश का एक बड़ा घोटाला बनकर सामने आएगा जिससे यहाँ के बड़े बड़े नेताओ के फंसने की संभावना है । चुनाव नजदीक है लेकिन अवैध खनन का ये मुद्दा किसी भी प्रत्याशी की जुबान पर नही आ रहा है।

अगर हम बुन्देलखण्ड की दूसरी सबसे बड़ी समस्या की बात करें तो वह है यहाँ से हो रहा लोगों का पलायन। बुंदेलखंड में कुपोषण, भुखमरी और आर्थिक तंगी की वजह से एक दशक के अंतराल में बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर जिलों के 32 लाख से ज्यादा किसान-मजदूरों का पलायन किसी दल की नजर में नहीं रहा ।

डॉ मनमोहन सिंह की अगुआई वाले (संप्रग-दो) के केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आंतरिक समिति ने 2009-10 में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बंटे बुंदेलखंड़ 13 जिलों से करीब 62 लाख किसान-मजदूरों के पलायन का जिक्र करते हुए एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सौंपी थी, इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड़ के बांदा जिले से सात लाख, 37 हजार, 920, चित्रकूट से तीन लाख, 44 हजार, 801, महोबा जिले से दो लाख, 97 हजार, 547, हमीरपुर जिले से चार लाख, 17 हजार, 489, जालौन से पांच लाख, 38 हजार, 147, झांसी से पांच लाख,58 हजार, 377 और ललितपुर जिले से तीन लाख, 81 हजार, 316 किसान-मजदूरों के पलायन का जिक्र है।

गौरतलब हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में 19 विधानसभा सीटों वाले बुंदेलखंड़ में सात-सात विधायक सपा और बसपा, चार कांग्रेस और एक भाजपा का विधायक चुना गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी चार सांसद भाजपा के जीते हैं, जिनमें झांसी सांसद साध्वी उमा भारती केन्द्र में मंत्री हैं। लाखों किसान-मजदूरों के पलायन के मामले को विधानमंडल में मुख्य विपक्षी दल बसपा ही नहीं, किसी भी दल के विधायकों ने नहीं उठाया। जबकि दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष बांदा के ही वशिंदे हैं। लोकसभा या राज्यसभा में भी पहले विपक्ष में रही भाजपा और अब कांग्रेस भी उठाने की जरूरत नहीं समझ रही।

बहरहाल आने वाले समय में चुनाव भी सकुशल सम्पन्न हो जायेंगे और कुछ दिनों बाद परिणाम भी आ जायेगा । किसी पार्टी की सरकार भी सत्ता में काबिज हो जायेगी लेकिन अगर कहीं कुछ नही बदलेंगे तो वो है बुन्देलखण्ड के हालात । जब यहाँ के किसी प्रत्याशी और पार्टी के लिए बुन्देलखण्ड के ये प्रमुख मुद्दे मायने ही नही रखते तो फिर इन समस्यायों का हल कैसे होगा ! यूँही समय बीतता जायेगा और बुन्देलखण्ड अपनी बदहाली पर आंसू बहता रहेगा ।

लालू को महँगा पड़ा मोदी पर तंज कसना

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेने का कोई मौका हाथ से निकलने नहीं देते। उन्होंने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उनपर सोशल साइट पर तमाम व्यंग बाण छोड़े, लेकिन प्रधानमंत्री के चाहनेवाले भी कहाँ पीछे रहने वाले थे। उन्होंने लालू के ट्वीट का मुंहतोड़ जवाब भी दिया।

लालू इन दिनों ट्विटर पर काफी सक्रिय हैं। वह प्रधानमंत्री और भाजपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं। लालू ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री पर ताना मारते हुए लिखा, “पंजाब में खून का बेटा और उत्तर प्रदेश में दत्तक पुत्र! गजब है रे भाई..इतना मत हंसाओ!” लालू ने यह व्यंग पीएम मोदी के उस बयान पर किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश ने उन्हें गोद लिया है। लालू के इस ट्वीट के बाद उनके ट्विटर फॉलोवर्स में से किसी ने उन्हें चारा चोर कहा तो किसी ने उन्हें कार्टून का सरदार संबोधित किया।

एक फॉलोवर ने लालू को चारा चोर बताते हुए लिखा, “अरे चचा @laluprasadrjd चारा चोर तुम हो, कॉमेडियन तुम हो, 2 बकलोल बेटें तुम्हारे है, फिर भी हंसी दूसरे पे आ रही है?” एक अन्य फॉलोवर ने लिखा, “बिहार में चारा-चोर, गज़ब है रे भाई….इतना मत हँसाओ!” एक फॉलोवर ने यहाँ तक लिख दिया, ” अरे @SirJadejjaa बेटा बिटिया ने मेडिकल में टॉप किया था न। जब कुछ नहीं पता तो यहाँ ज्ञान न पेलो, जाओ अपने अब्बा का ख्याल रखो।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई में कहा था, “भगवान कृष्ण यूपी की धरती में पैदा हुए और गुजरात में कर्मभूमि बनाई। मैंने गुजरात में जन्म लिया और मुझे यूपी ने गोद लिया है। यह मेरी कर्मभूमि है, मेरा माई-बाप है। मैं ऐसा बेटा नहीं हूं, जो यूपी छोड़ दूं। गोद लिया बेटा भी माई-बाप की चिंता करेगा और यहां की स्थिति बदलने का कर्तव्य निभाएगा।” मोदी ने इससे पहले पंजाब की एक रैली में खुद को पंजाब के खून का बेटा बताया था।

भाजपा से बागी हुये निर्दलीय उम्मीदवार रामदयाल त्रिपाठी को मिली जान से मारने की धमकी

अनुज हनुमत | Navpravah.com

दशकों तक दस्यु प्रभाव झेलने वाला पाठा क्षेत्र एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। इस बार बात किसी दस्यु प्रभाव की नहीं, बल्कि एक निर्दलीय प्रत्याशी को ‘जान से मारने की धमकी’ की है । दशकों तक बंदूक की नोक पर रहने वाले 237 मऊ-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर भय का माहौल बनता जा रहा है, जिससे निपटते हुए शांतिपूर्वक चुनाव कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी ।

दरअसल भाजपा से बागी हुये निर्दलीय उम्मीदवार रामदयाल त्रिपाठी को जान से मारने व उनके चुनाव वाहनों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कल इसकी आडियो क्लिप वायरल होते ही जिले का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। नवप्रवाह से बातचीत में रामदयाल त्रिपाठी ने बताया, “मैं इन धमकियों से डरने वाला नही हूँ। मैं जनता की सेवा करने आया हूँ और इसका जवाब जनता देगी। मर जाऊंगा लेकिन मैं बैठूंगा नहीं। जो निर्णय मैंने परिवर्तन के लिए लिया है, उससे मैं पीछे नही हटूंगा।”
रामदयाल त्रिपाठी से जब यह पूछा गया कि आपको मिली इस धमकी में किसका हाथ हो सकता है, तब उन्होंने कहा, “इस धमकी के पीछे बसपा का हाथ हो सकता है। क्षेत्र में मेरी लोकप्रियता को विरोधी दल पचा नहीं पा रहे हैं, जिस कारण उनके द्वारा ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं ।”  आपको बता दें कि उन्होंने इस बाबत कार्यवाही हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक व चुनाव पर्यवेक्षक को पत्र के माध्यम से सूचित किया है। अब तक की जानकारी के अनुसार कल से उन्हें  पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

आपको बता दें कि 237 मऊ-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी पर एकदम चढ़ा हुआ है। भाजपा से आरके सिंह पटेल, सपा -कांग्रेस गठबंधन से सम्पत पाल, बसपा से चंद्रभान पटेल और राष्ट्रीय लोकदल से दिनेश मिश्र के साथ भाजपा से बागी हुए निर्दलीय उम्मीदवार रामदयाल त्रिपाठी मैदान में हैं। आगामी 23 फरवरी को मतदान होना है और फिर अगले माह चुनाव परिणाम भी आ जायेंगे, लेकिन मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने यह है कि मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके।

मोदी ने कहा, “भाइयों-बहनों सवा सौ करोड़ लोगों का प्यार बोलता है”

पीएम मोदी ने कांग्रेस की तुलना ओखी तूफान से की

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यूपी चुनाव 2017 के मद्देनजर हरदोई में शंखनाद रैली संबोधित करने पहुंचे। यहां उन्होंने कहा, 2014 में मैं हरदोई आया था, तब यहां इससे एक चौथाई लोग भी नहीं थे। आज ऐसा लग रहा है क‌ि केसरिया समंदर है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी में तो कट्टे का राज चलता है।

मोदी ने कहा, पहले चरण में बीजेपी को भारी मात्रा में वोट देने के ल‌िए धन्यवाद। आज दुनिया का कोई अखबार ऐसा नहीं है, जिसने भारत के वैज्ञानिकों की 104 सैटेलाइट छोड़ने के ल‌िए तारीफ न की हो, सारा हिंदुस्तान गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा, भाइयों बहनों सवा सौ करोड़ लोगों का प्यार बोलता है। यूपी में जिन दो चरण का मतदान हुआ उसमें भारी मतदान हुआ। सभी तरह के अनुमान लगाने वालों ने कह दिया है क‌ि भाजपा का घोड़ा तेजी से दौड़ रहा है।

उन्होंने कहा, यूपी में थाने सपा के कार्यालय बन गए हैं, हमारी सरकार आई तो पांच साल के भीतर सारी समस्याएं खत्म कर दूंगा, यहां सबसे ज्यादा राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं। यहां सबसे ज्यादा गैंगरेप होते हैं।

मोदी ने कहा, भगवान कृष्ण यूपी में पैदा हुए और गुजरात को उन्होंने कर्मभूमि बनाया और मैं गुजरात में पैदा हुआ यूपी में काम करूंगा। यूपी ने मुझे गोद लिया और मैं ऐसा बेटा नहीं जो अपने माई-बाप को यूं ही छोड़ दूं। यूपी मेरा माई-बाप है। मैं गोद लिया बेटा होने के कारण इसकी सेवा करूंगा।

मोदी ने सपा मुखिया से सवाल किया, आप तो परिवार वाले हो, परिवारवाद वाले हो, यूपी को आप अपना परिवार नहीं मानते क्या? माताओं-बहनों के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी होती है। मोदी ने कहा, यहां गैरकानूनी हथियारों की फायरिंग से तीन हजार लोगों की हत्या होती है। यहां कट्टे का राज चलता है। क्या पुलिस कुछ नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा, अगर घुड़सवार सही हो तो घोड़ा सही दिशा में चलता है। पूरे हिंदुस्तान में 20 प्रतिशत से ज्यादा दल‌ित उत्पीड़न की घटनाएं यूपी में होती हैं।

पीएम मोदी ने कहा, गैर कानूनी खनन यहां का मुख्य कारोबार है। अगर कोई पत्रकार या संगठन आवाज उठा दे तो उसके जिंदा रहने की भी गारंटी नहीं। कभी-कभी तो थाने से फोन जाता है, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।

मोदी ने आगे कहा कि, 11 मार्च को बीजेपी की सरकार बनेगी, शपथ के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों के कर्ज माफी का निर्णय कराऊंगा, ये जिम्मेदारी मैं लेता हूं। 70 साल में किसी सरकार में दाम कम नहीं हुए लेकिन मैं प्रधानमंत्री बना तो डीएपी का दाम कम कर दिया गया। हमारे देश में एक बार महंगाई बढ़े तो घटती नहीं, धीरे-धीरे लोगों को आदत भी हो जाती है।

अब कोरियाई फ़िल्म में नज़र आएंगे सलमान ख़ान!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

‘बजरंगी भाईजान’ के चाहनेवालों के लिए नए साल में एक और अच्छी खबर है। सल्लू भाई बहुत जल्द एक कोरियाई फिल्म ‘ओड टु माय फादर’ के रीमेक में नज़र आएंगे। जी हाँ! सलमान खान की बहन अलवीरा के पति अतुल अग्निहोत्री ने दो कोरियन फिल्मों के रीमेक राइट्स खरीदे हैं। ये फिल्में ‘ओड टु माय फादर’ और ‘स्कैंडल मेकर्स’ हैं। अभी इन फिल्मों के लिए डायरेक्टर फाइनल नहीं हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार अतुल सलमान खान के साथ फिल्म प्रोड्यूस करने वाले हैं। हालांकि ये फिल्म इन दो कोरियन फिल्मों में से कोई भी हो सकती है, लेकिन कहा जा रहा है कि शायद यह ‘ओड टु माय फादर’ ही हो। खबर यह भी है कि इस फिल्म को अली अब्बास जफर डायरेक्ट करने वाले हैं। साथ ही इस फिल्म में लीड रोल सलमान खान निभाने वाले हैं।

फिल्म की कहानी सन् 1947 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे पर आधारित होगी। इसमें उन हिंदू, मुसलमान और सिख परिवारों की कहानी होगी, जो इस बंटवारे के दौरान इधर-उधर हुए। वहीं स्कैंडल मेकर्स की कहानी एक ऐसे लड़के की होगी, जो एक रेडियो डीजे के तौर पर काम करता है। जिसे अचानक पता चलता है कि वह एक पिता है जब वह एक सिंगल मदर से मिलता है। सलमान इस फिल्म के रीमेक में काम नहीं करने वाले हैं। इस फिल्म की कास्टिंग अभी जारी है। आपको बता दें कि ‘ओड टु माय फादर’ कोरिया की सबसे बड़ी हिट फिल्म थी। वहीं ‘स्कैंडल मेकर्स’ साल 2008 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी।

गौरतलब है कि सलमान इस साल ईद के मौके पर अपनी फिल्म ‘ट्यूब लाइट’ लेकर आ रहे हैं, जिसकी शूटिंग उन्होंने हाल ही में ख़त्म की है। इस फिल्म में सलमान के साथ सोहेल खान ने भी काम किया है। सलमान खान फिल्म में एक जादूगर के रोल में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में चीनी एक्ट्रेस झूझू ने सलमान के साथ काम किया है। बता दें कि इस फिल्म में शाहरुख खान भी एक कैमियो करने वाले हैं।