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Thursday, August 13, 2026
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OMG, दिल्ली से 4 गुना बड़ा आइसबर्ग अंटार्कटिका से टूटकर हुआ अलग

कोमल झा| Navpravah.com

दिनों-दिन ग्लोबल वार्मिंग का असर बढ़ने से पर्यावरण असंतुलन का खतरा भी गहराता जा रहा है. हाल ही में अंटार्कटिका प्रायद्वीप में लक्जमबर्ग के आकार से भी दोगुने बड़े आइसबर्ग का टूटना इस बात का सबूत है. टूटा हुआ ये आइसबर्ग अब वेडेल सी में तैर रहा है. लार्सन सी से टूटकर अलग हुए इस आइसबर्ग का वजन एक खरब टन है. ये आंकड़े वैज्ञानिकों ने इस इलाके से सैटेलाइट के जरिए निकाले हैं.

अंटार्कटिका का 98 फीसदी हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है. शोधकर्ताओं का कहना है कि आइसबर्ग टूटने से अंटार्कटिका का आकार ही बदल गया है. लार्सन सी बर्फ की चट्टान से 5800 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा अलग हो जाने से इसका आकार 12 फीसदी छोटा हो गया है. ये टूटा हुआ हिस्सा दिल्ली से 4 गुना बड़ा है. इसमें अमेरिका के न्यूयॉर्क जैसे 7 शहर समा सकते हैं.

सैटेलाइट ऑब्जरवेशन की एक्सपर्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स की एना हॉग का कहना है कि इतने बड़े बर्फ के टुकड़े के अलग होने की ये घटना बहुत बड़ी है. 5800 वर्ग किमी. का ये आइसबर्ग, जिसे A68 कहा जाएगा, अब तक के अलग हुए सबसे बड़े आइसबर्ग B-15 से भी बड़ा है जो साल 2000 में रॉस आइस शेल्फ से अलग हो गया था. लेकिन ये दुनिया के 10 सबसे बड़े आइसबर्ग में से एक है.

विशाल आइसबर्ग के पिछले एक साल से ही अलग होने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. इसमें दरार आने लगी थी. 25 से 31 मई के बीच ही इसमें 17 किमी. लंबी दरार आ गई थी. 24 और 27 जून के बीच ये हिस्सा तेजी से अलग होने लगा था और इसमें रोजाना 10 मीटर दरार बढ़ रही थी.

अंटार्कटिका से अक्सर आइसबर्ग अलग होते रहते हैं. महासागर में इनके आ जाने की वजह से समुद्री जहाजों को यातायात में खतरा होता है. चूंकि A-68 इतना बड़ा है इसलिए वैज्ञानिकों को इस पर खास ध्यान देने की जरूरत है.

तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, “नहीं दूँगा इस्तीफ़ा”

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

राजद और जदयू के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच तेजस्वी के इस्तीफे की बात पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया कि वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं।

राजद ने कहा है कि लालू के लौटने के बाद भी अभी हम जदयू के अगले कदम का इंतजार करेंगे और फिलहाल तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। जो भी निर्णय होगा सोमवार को होगा और तेजस्वी को अगर इस्तीफा देना पड़ा तो राजद के सारे मंत्री भी सामूहिक इस्तीफा देंगे।

खबर एेसी आई कि तेजस्वी ने अब सरेंडर करने का मन बना लिया है और लालू यादव के रांची से पटना लौटते ही इस मामले पर अंतिम मुहर लग सकती है और उसके बाद तेजस्वी यादव अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि राजद अध्यक्ष लालू यादव अभी चारा घोटाला मामले में चल रही सुनवाई के लिए रांची गए हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नहीं चाहती कि बिहार में महागठबंधन टूटे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश और लालू से फोन पर बात की और कोई बीच का रास्ता निकालकर इस मुद्दे को खत्म करने की बात कही है।

तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज होने के बाद नीतीश कुमार ने निजी तौर पर एक तय सीमा में तेजस्वी से अपना रुख साफ करने को कहा था और कहा था कि इस मामले में जनता के सामने साक्ष्य प्रस्तुत करें।

सीबीआई ने जो एफ़आईआर दर्ज कराया है, उसमें आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया था और पटना में तीन एकड़ जमीन हासिल की थी और यह जमीन लालू की पत्नी राबड़ी देवी, छोटे बेटे तेजस्वी यादव और अन्य भाई-बहनों के नाम है।

इस जमीन की कीमत इस समय करीब 90 करोड़ रुपये है। इस जमीन का ब्यौरा तेजस्वी ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को नहीं दिया था। सीबीआई के हाथ मामले के कई अहम सुबूत लगे हैं।

सिक्किम सीमा विवाद मसले पर चीन की ख़बर लेंगे डोभाल

Army Personnel brave the chill at the India -china border at Nathula on Monday.PTI *** Local Caption *** "B-109, GANGTOK-250201 - FEBRUARY 25, 2008 - Nathula: Indian army personnel braving the severe cold and snows at Nathula, Indp-China border, on Monday. PTI Photo"

 सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है और इसी बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल 26 या 27 जुलाई को बीजिंग जाएंगे। डोभाल वहां ब्रिक्स देशों के एनएसए की होने वाली बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, भारत सिक्किम में चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हेम्बर्ग में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी, हालांकि चीन सरकार का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच कोई आधिकारिक मुलाक़ात नहीं हुई।

इस मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी नई दिल्ली में विपक्ष की बैठक बुलाई है, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह विपक्षी पार्टियों को हालात से अवगत कराएंगे, बैठक राजनाथ सिंह के घर पर होगी। सिक्किम सेक्टर के डोकलम में भारत तथा चीन के बीच गतिरोध को एक महीना बीत चुका है, जिसका अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने कराया गैंगस्टर आनंदपाल का अंतिम संस्कार

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच आंनदपाल का अंतिम संस्कार गुरुवार को करा दिया। इससे पहले आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जाँच की मांग लेकर राजपूत समाज के लोगों ने जमकर हंगामा किया था। बुधवार की रात कई वाहनों में आगजनी भी की गई थी।

सूत्रों के अनुसार पुलिस प्रशासन ने आनंदपाल सिंह के परिवार को एक नोटिस देकर कहा था कि अगर उन्होंने उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया, तो मजबूरी में यह काम पुलिस प्रशासन करेगा। इस चेतावनी के बाद गुरुवार को मुक्तिधाम में बीस दिनों बाद राजस्थान पुलिस ने गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का जबरदस्ती अंतिम संस्कार कर दिया।

पुलिस ने शाम को घरवालों को कहा कि अंतिम संस्कार करना होगा और आनंदपाल के बेटे को साथ चलने को कहा मगर बेटा नहीं माना तो पुलिस जबरदस्ती उसे साथ ले गई, पुलिस ने गांव के पांच लोगों को भी साथ लिया और इसके अंतिम संस्कार की कार्रवाई पूरी की गई।

सुबह से राजस्थान के जेल डीजी और राजपूत अधिकारी अजीत सिंह को परिवार को दाहसंस्कार करने के लिए राजी करने के लिए लगा रखा था, दिन में ढाई बजे पुलिस ने आनंदपाल के घर पर मानवाधिकार आयोग का नोटिस घर पर चस्पा किया गया था कि आप 24 घंटे के अंदर दाह संस्कार कीजिए, लेकिन चार घंटे बाद ही दाह संस्कार कर दिया गया।

राजस्थान पुलिस के अनुसार गांव में एक घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी और दाह संस्कार के लिए एक जगह एकत्रित होने के लिए कहा गया था, सूत्रों के अनुसार आनंदपाल की मां इस बात पर अड़ी थी कि अगर बेटे के एनकाउंटर की जांच सीबीआई से नहीं कराई गई और जबरन दाह संस्कार कराया तो बेटे के साथ वो भी जलेंगी, इस वजह से पुलिस ने पूरे मामले को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया। दाह संस्कार के बाद भी नागौर में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब- कश्मीर पर कोई दखल मंजूर नहीं

PM Modi on scammers of India

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

भारत ने चीन को सीधा जवाब देते हुए कहा कि “भारत की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है, द्विपक्षीय ढांचे में जम्मू-कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर पाकिस्तान से बातचीत करने में भारत के रवैए में कोई बदलाव नहीं आया है।’’ व इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि मामले के मूल में सीमापार से भारत में आतंकवाद फैलाया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है। चीन ने बुधवार को कहा था कि वह कश्मीर पर भारत व पाकिस्तान के संबंधों को सुधारने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है, लेकिन, चीन ने सोमवार को कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले पर कुछ नहीं कहा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था, “कश्मीर के हालात ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का काफी ध्यान खींचा है।” डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राजनयिक चैनल खुले हुए हैं और उनका पहले की तरह से उपयोग जारी रहेगा।

गौरतलब है कि डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच तनातनी का माहौल है, इस दौरान चीन की तरफ से लगातार उकसावे वाले बयान आ रहे हैं। इससे पहले चीन के एक सरकारी अखबार के संपादकीय में सीधे-सीधे धमकी देते हुए लिखा गया था कि इससे पहले कि हालात और बिगड़ जाएं और भारत को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ें, वो डोकलाम से अपने सैनिक हटा ले।

हिंदी मेरी कमज़ोरी नहीं, मेरी ताक़त बनती जा रही है- कैटरीना

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
हिंदी भाषा से कोसों दूर रहीं, अपने अनोखे अंदाज़ में हिंदी बोलने वाली बॉलीवुड बेब कैटरीना कैफ अब हिंदी बोलने में काफी सहज महसूस कर रही हैं। कभी हिंदी बोलने को एक टफेस्ट टास्क मानने वाली कैट की मानें तो धीरे-धीरे वे हिंदी में मास्टरी करती जा रही हैं। हालांकि अपने दशक भर से अधिक लंबे करियर में कैटरीना को अभिनय क्षेत्र में अब तक कोई पुरस्कार नहीं मिला है, पर कैट के लिए अवॉर्ड ज्यादा मायने नहीं रखते। बेहतरीन एक्टिंग करना और दर्शकों को उनका काम पसंद आना ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
अपने अब तक के बॉलीवुड के सफर में कैटरीना खुद को काफी भाग्यशाली मानती हैं। कैटरीना ने बताया, “मैं मानती हूं कि मैं बहुत भाग्याशाली रही हूं। मेरी जिंदगी में एक के बाद एक चीजें अनायास होती चली गईं। मैंने सही समय पर सही निर्णय लिए और खुशकिस्मती से बेहतरीन लोगों के साथ काम किया।” उन्होंने कहा, “मैं स्वभाव से बहुत हाइपर हूं, छोटी सी चीजों पर तुरंत रिएक्ट कर देती हूं, लेकिन मैंने इस इंडस्ट्री से बहुत कुछ सीखा है।”
हिंदी भाषा के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, “शुरुआती दिनों में हिंदी मुझे बिल्कुल समझ नहीं आती थी। बहुत मुश्किल होती थी, लेकिन मैंने तय कर लिया था कि यहां टिकना है, तो यह सीखनी ही पड़ेगी और सीखने का सिलसिला अभी तक जारी है। अब हिंदी में ज्यादा परेशानी नहीं होती।” हिंदी को कभी अपनी कमजोरी समझने वाली कैटरीना इसे अपनी ताकत बना रही हैं। वह कहती हैं कि अब हिंदी बोलने में उन्हें उतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी पहले हुआ करती थी।
अपनी आगामी फिल्म ‘जग्गा जासूस’ में कैट पहली बार पर्दे पर एक पत्रकार के किरदार में नजर आएंगी। इस किरदार को निभाने के बाद कैट पत्रकारों के काम और उनके जज्बे का लोहा मानने लगी हैं। ‘जग्गा जासूस’ के प्रचार के लिए नई दिल्ली पहुंचीं कैटरीना ने बताया, “इस फिल्म में मैं एक खोजी पत्रकार श्रुति के किरदार में हूं। यह मेरा अब तक का सबसे मजेदार किरदार रहा है। इस किरदार के जरिए मैंने पत्रकारों की रोजमर्रा की जिंदगी को जिया है और इस किरदार के बाद मेरे मन में पत्रकारों के प्रति सम्मान बढ़ा है।”
फिल्म की थीम के बारे में कैटरीना ने कहा “यह फिल्म सिर्फ बाप और बेटे की कहानी नहीं है। फिल्म में एक महिला पत्रकार की दिक्कतों को भी पेश किया गया है, इसके साथ ही फिल्म में कई सामाजिक मुद्दों को भी उठाया गया है, जिसमें से एक है हथियारों की तस्करी।” अनुराग बसु के साथ काम करने के अनुभव के बारे में कैटरीना ने बताया, “अनुराग दादा समाज में होने वाली घटनाओं से बखूबी वाकिफ हैं और आपको उनकी फिल्मों में उसकी झलक देखने को मिलेगी। हालांकि, यह बच्चों की फिल्म है, लेकिन फिल्म में उन सामाजिक मुद्दों को उठाया गया है, जिनका आज देश सामना कर रहा है।”
अपनी पिछली कुछ फिल्मों की असफलता पर बात करते हुए कैटरीना बोलीं, “हां, मेरी पिछली एक-दो फिल्में उतनी बेहतरीन नहीं रहीं, लेकिन यह सब इंडस्ट्री का हिस्सा है। आपकी हर फिल्म सुपरहिट नहीं हो सकती, लेकिन यह तय है कि लोगों को ‘जग्गा जासूस’ पसंद आएगी।”

बीबर के बाद अब मुंबई को चढ़ा इस ब्रिटिश सिंगर का बुखार , 48 मिनट में सोल्ड आउट हो गए सारे टिकट

कोमल झा| navpravah.com

अपनी तीसरी स्टूडियो एलबम के लिए एशिया टूर पर निकले ब्रिटिश सिंगर एड शीरन नवंबर में मुंबई आ रहे हैं. इस दौरान यहां उनका लाइव कांसर्ट भी होना है, जिसके लिए टिकटों की बिक्री अभी से शुरु हो गई है. लेकिन खास बात है कि उनके कांसर्ट के सभी टिकट महज 48 मिनट के भीतर ही बिक गए.

ये सभी टिकट बुक माय शो से बुक किए गए थे. जिसमें सबसे पहले डायमंड कैटेगरी के लिए टिकट बिके इसके बाद गोल्ड और सिल्वर कैटेगरी के टिकट भी बिक गए. इतना जबरदस्त रिस्पांस देखने के बाद तो ऐसा लग रहा है जैसे शीरन के फैंस को इस पल का ही इंतजार था. यह कॉन्सर्ट 19 नवंबर को बीकेसी मुंबई के जियो गार्डन में होना है. इस दौरान वे अपनी एलबम के हिट गानों पर परफॉर्म करेंगे.

गैरतलब है कि मई 2017 में ग्रैमी अवार्ड विनर जस्टिन बीबर लाइव कांसर्ट के लिए मुंबई आए थे. यहां डिवाई पाटिल स्टेडियम में हुए उनके कांसर्ट के लिए 70,000 रुपए तक में टिकट बिकी थी. यहां आने पर उनका भव्य अंदाज में स्वागत हुआ था. हांलाकि कार्यक्रम के बाद बीबर पर ये आरोप भी लगे कि उन्होंने कोई गाना खुद नहीं गाया बल्कि साउंड के साथ आवाज पर बस होंठ हिला दिए.

 

पाकिस्तान में नए पीएम पर चर्चा, नवाज शरीफ इस्तीफा दे सकते हैं

कोमल झा| Navpravah.com

अपने इस्तीफे की तेज होती मांगों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट की आपातकालीन बैठक बुलाई है. सियासी घमासान के बाद नवाज शरीफ ने अपना ऑस्ट्रेलिया दौरा रद्द कर दिया है.


पनामागेट मामले में फंसे शरीफ की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. मंगलवार को संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी. उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) ने उनका बचाव करते हुए रिपोर्ट में कमियों का जिक्र भी किया है.

जेआईटी की रिपोर्ट आने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है. कुछ रिपोर्ट्स में उनके बाद नए प्रधानमंत्री के नाम पर भी कयास लगाए गए हैं. इसके मुताबिक एहसान इकबाल या उनके भाई शहबाज शरीफ में किसी एक के प्रधानमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है. शहबाज अभी पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं.

सत्ताधारी पीएमएल(एन) के शीर्ष नेताओं ने एक बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की. बैठक में शहबाज शरीफ के शामिल होने के बाद से उन्हें नवाज का उत्तराधिकारी बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है.

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने एक सीनियर लीडर के हवाले से लिखा है, ‘शहबाज शरीफ संभलकर चल रहे हैं. वह प्रधानमंत्री और अपने भाई नवाज शरीफ के साथ पूरी तरह से खड़े दिख रहे हैं. पार्टी में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि नवाज को अयोग्य ठहराए जाने के बाद शहबाज उनके उत्तराधिकारी बनेंगे.’

फ़िल्म इन्दु सरकार को लेकर मधुर का एक और चौंकाने वाला ख़ुलासा!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
तमाम विवादों के बीच सिनेमा घरों में जन्म लेने जा रही फिल्म ‘इंदु सरकार’ से संबंधित एक और सनसनीखेज़ खबर आयी है। अब तक जहाँ फिल्म के ‘इमरजेंसी काल’ पर आधारित होने और कई विवादित खुलासे किए जाने पर विवाद जारी था, वहीं फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने यह कह कर सबको चौंका दिया है कि इस फिल्म का अधिकांश हिस्सा काल्पनिक है!
मधुर भंडारकर ने कहा है कि वह अपनी आगामी फिल्म ‘इंदु सरकार ‘ में यह डिस्क्लेमर डालेंगे कि आपातकाल की पृष्ठभूमि में बनायी गयी इस फिल्म का अधिकांश हिस्सा काल्पनिक है। भंडारकर ने कहा, “मैं इसमें एक डिस्क्लेमर डालने जा रहा हूं। उसमें बताया जाएगा कि फिल्म के लिये घटनाओं को नाटकीय रुप दिया गया है। मैं कह चुका हूं कि इस फिल्म का 70 फीसदी हिस्सा काल्पनिक है और मात्र 30 प्रतिशत हिस्सा ही वास्तविक है। इसलिये अब, मुझे इसके संबंध में फिल्म में एक डिस्क्लेमर डालने की जरुरत है।”
सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म में लगभग 14 कट्स लगाये जाने से हैरान-परेशान फिल्म निर्माता भंडारकर ने कहा कि विवाद के कारण ‘इंदु सरकार ‘ की असली कहानी व उसका सार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा, ” ‘इंदु सरकार ‘ की कहानी आपातकाल में फंसे पति और उसकी पत्नी पर आधारित है। यह राजनीतिक फिल्म नहीं है।” आपको बता दें कि सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म में 14 कट लगाये जाने से नाराज़ भंडारकर ने सोमवार को ट्वीट कर बताया था कि वे पुनर्निरीक्षण समिति के पास जाएंगे। उन्होंने कहा,” हम उम्मीद करते हैं कि इसे मंजूरी दे दी जाएगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर हमारे पास अपीलीय न्यायाधिकरण के पास जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा।”
संजय गांधी की पुत्री होने का दावा करने वाली महिला प्रिया सिंह पॉल की ओर से फिल्म का विरोध करने व इसके खिलाफ कानूनी नोटिस भेजे जाने के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए भंडारकर ने कहा, “उन्हें नोटिस का औपचारिक जवाब भेज दिया गया है।”
उल्लेखनीय है कि कानूनी नोटिस में भंडारकर पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उनकी फिल्म का ट्रेलर दिवंगत कांग्रेसी नेता की भ्रामक छवि चित्र‍ित करता है। मधुर भंडारकर निर्देशित ‘इंदु सरकार’ में सुप्रिया विनोद, कीर्ति कुल्हाड़ी, नील नितिन मुकेश तथा अनुपम खेर अहम भूमिका में हैं। फ़िल्म में नील नितिन मुकेश संजय गाँधी और सुप्रिया विनोद इंदिरा गाँधी के किरदार में दिखेंगे। फ़िल्म 28 जुलाई को रिलीज़ होगी। कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि भंडारकर ने जानबूझकर उनके नेताओं की इमेज खराब करने के इरादे से यह फिल्म बनाई है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने यह धमकी भी दी है कि अगर यह फिल्म रिलीज़ की गई तो पार्टी देशभर में इसका विरोध करेगी और सिनेमाघरों में इसका प्रदर्शन नहीं होने देगी।
 
सेंसर बोर्ड द्वारा काटा गया कंटेंट-
– फ़िल्म में चार डायलॉग को हटाने का कहा गया है जिसमें से तीन डायलॉग फ़िल्म के ट्रेलर में मौजूद हैं। इन डायलॉग में शामिल हैं, “अब इस देश में गाँधी के मायने बदल चुके है.”, “और तुम लोग ज़िन्दगी भर माँ – बेटे की गुलामी करते रहोगे”, भारत की एक बेटी ने देश को बंदी बनाया हुआ है।”, “मैं तो 70 साल का बूढ़ा हूँ, मेरी नसबंदी क्यों करवा रहे हो?”
– सीबीएफ़सी ने उस न्यूज़पेपर की पेपर कटिंग जिसमें इमरजेंसी के दौरान के किसी ख़बर में अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम प्रकाशित दिखाया गया है, उसे हटाने के लिए कहा है।
– करीबन आठ शब्दों को भी हटाने को कहा गया है जिसमें शामिल हैं किशोर कुमार, आरएसएस, अकाली, कम्युनिस्ट, जयप्रकाश नारायण, पीएम, आईबी। दरअसल गायक किशोर कुमार के गाने इमरजेंसी के दौरान ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए गए थे, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भाग लेने से मना कर दिया था।

इराक मे आत्मघाती हमला, 9 सुरक्षाकर्मियों की मौत

कोमल झा| Navpravah.com

इराक के अनबर प्रांत में गुरुवार को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) द्वारा अर्धसैनिक बल के कबिलाई लड़ाकुओं के मुख्यालय पर किए गए एक आत्मघाती बम हमले में नौ सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया, विस्फोटक उपकरणों से लैस आईएस के चार आतंकियों ने गर्मा शहर स्थित मुख्यालय के प्रवेश द्वार स्थित जांच चौकी पर हुई भीषड़ लड़ाई के दौरान खुद को उड़ा लिया।

यह हमला गुरुवार को प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी द्वारा मोसुल को आईएस के कब्जे से आजाद कराने की औपचारिक घोषणा के बाद हुआ है। इराकी सेना ने मोसुल को आतंकियों से नौ महीनों की भीषड़ लड़ाई के बाद आजाद कराया है। मोसुल इराक में आईएस के कब्जे वाला प्रमुख इलाका था।