27.9 C
Mumbai
Thursday, August 13, 2026
Home Blog Page 1020

अपने ‘पराक्रम’ से सबकी रक्षा करेंगे योग गुरु बाबा रामदेव!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
फ़ास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी)के बाज़ार में फ़ास्ट एंड फैब्यूलस जड़ जमाने वाले बाबा रामदेव अब प्राइवेट सिक्‍युरिटी बिजनेस में उतर गए हैं। जी हाँ! बाबा रामदेव ने ‘पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से सिक्‍युरिटी कंपनी की शुरुआत कर दी है। ‘पराक्रम सिक्‍युरिटी’ सेना और पुलिस के रिटायर्ड सैनिकों और अफसरों को नौकरी देगी।
गुरुवार को बाबा रामदेव ने हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड को ‘पराक्रम सुरक्षा, आपकी रक्षा’ पंचलाइन के साथ लॉन्‍च किया है।  एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 में भारत में ‘प्राइवेट सिक्‍युरिटी गार्ड सर्विसेज इंडस्‍ट्री’ करीब 22 हजार करोड़ रुपए की थी, जो 2015 में 100% की ग्रोथ के साथ करीब 40 हजार करोड़ रुपए की हो गई। अभी देश में करीब 1500 सिक्‍युरिटी गार्ड प्रोवाइडर कंपनियां हैं, जिनके पास 50 लाख सिक्‍युरिटी गार्ड्स हैं।
उल्लेखनीय है कि बाबा रामदेव रेडीमेड गारमेंट के बिजनेस में आने की बात भी कर चुके हैं। बाबा रामदेव ने पतंजलि के नाम से ही बाजार में जींस उतरने का ऐलान किया था। बता दें कि बाबा ने ‘स्‍वदेशी’ अभियान छेड़ा हुआ है। पिछले दिनों पतंजलि ने अपना एनुअल रिजल्ट घोषित किया था। इसके मुताबिक, पतंजलि का कुल टर्नओवर 20 हजार करोड़ रुपए को पार कर गया है। जबकि, एक साल पहले यह सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए था। यही नहीं, इससे एक साल पहले पतंजलि का टर्नओवर सिर्फ 5 हजार करोड़ रुपए था। इस हिसाब से पतंजलि हर साल 100% की दर से ग्रोथ कर रही है।
स्‍वदेशी प्रोडक्‍ट को बेस बनाकर ही वह अपने बिजनेस को दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करवाने वाले बाबा रामदेव इस बिज़नस में क्या रिजल्ट लाते हैं, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

ओपन गंगनम स्टाइल को पछाड़, ये गाना बना यूट्यूब किंग

कोमल झा| Navpravah.com

गंगनम स्टाइल का जादू अब फीका पड़ गया है. पिछले पांच सालों से नंबर एक पर रहे इस गाने का रिकॉर्ड तोड़कर एक नया गाना यूट्यूब किंग बन चुका है. दक्षिण कोरियाई सिंगर साई के गंगनम स्टाइल को मात दी है विज ख़लीफ़ा और चार्ली पथ के सॉन्ग ‘सी यू अगेन’ ने.

यूट्यूब पर इस गाने को अभी तक दो अरब 90 करोड़ लोग देख चुके हैं. जबकि साई के गाने गंगनम स्टाइल को अब तक दो अरब 89 करोड़ लोगों ने देखा है. ‘सी यू अगेन’ ने दो सालों में यह रिकॉर्ड बनाया है. विज ख़लीफ़ा ने इस गाने को 6 अप्रैल, 2015 को यूट्यूब पर अपलोड किया था. जबकि साई का गाना 15 जुलाई, 2012 को अपलोड किया गया था.

गंगनम स्टाइल पहला ऐसा गाना था जिसे अरबों लोगों ने देखा था. यह गाना इतना वायरल हुआ कि इसने यूट्यूब के व्यूअर्स चार्ट को ब्रेक किया था. यूट्यूब को मजबूरन व्यूअर नंबर को रिकोड करना पड़ा था.

‘सी यू अगेन’ के सिंगर चार्ली पथ ने ट्वीटर पर लिखा- ‘मैंने 2007 में यूट्यूब ज्वाइन किया था. यह सोचा था कि 10 हज़ार व्यूज़ के लिए वीडियो बनाउंगा. सी यू अगेन के बारे में सुना. अच्छा लगा. ‘इस गाने को एक्शन फ़िल्म फ़ास्ट एंड फ़्यूरियस-7 के लिए लिखा गया था. फिल्म के अंत में इसे पॉल वॉकर की याद में चलाया गया था, जिनकी मौत एक कार दुर्घटना में फ़िल्म पूरी होने से पहले हो गई थी.

 

गाने के भावुक बोल के कारण ही ब्रिटेन की शोक सभाओं में यह गाना सबसे लोकप्रिय माना जाता है. फ़िल्म फ़ास्ट एंड फ़्यूरियस-7 के क्लायमेक्स के साथ यह गाना फ़िल्म में दिखाया गया है.

यूट्यूब पर रिलीज होने के छह महीने के अंदर ही इस गाने को एक अरब लोगों ने देख लिया था.पिछले सितंबर में व्यूअर्स की संख्या बढ़कर दोगुनी यानी दो अरब हो गयी थी. अब इसने यूट्यूब किंग का तमगा हासिल कर लिया है.

मीडिया रिसर्च के अनुसार इस गाने से करीब एक अरब 87 करोड़ 18 लाख रुपये (1.9 मिलियन डॉलर) कमा चुका है.

सऊदी अरब में एक मकान में आग लगने से 10 भारतीय नागरिक की मौत

कोमल झा| Navpravah.com

सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा है कि दक्षिणी शहर नाजरान के एक घर में आग लगने से 10 भारतीयों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है.सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा है कि दक्षिणी शहर नाजरान के एक घर में आग लगने से 10 भारतीयों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है.

अधिकारियों के मुताबिक आग लगने से छह अन्य लोग घायल भी हुए हैं.अधिकारियों के मुताबिक इस घर में एक भी खिड़की नहीं थी, जिससे धुआं बाहर निकल पाता. सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि सभी मजदूरों की मौत दम घुटने से हुई है.सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक नाजरान के गवर्नर ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कामगारों की रहने की जगह को लेकर चिंता जताई है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया ‘मैंने जेद्दाह के महावाणिज्यदूत से बात की है, नजरान में आग की घटना का पता चला है जिसमें हमने 10 भारतीय नागरिकों को खो दिया और 6 घायल अस्पताल में हैं.’ विद्या एस नाम की एक महिला ने ट्विटर पर विदेश मंत्री से अपने पति की मौत और उनकी शव को स्वदेश लाने के लिए मदद मांगी थी जिसके जवाब में विदेश मंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी.

सुषमा ने कहा, “मैंने जेद्दाह के महावाणिज्यदूत से बात की है. नजरान जेद्दाह से 900 किलोमीटर दूर है. हमारे कर्मचारी पहली उपलब्ध उड़ान से वहां जा रहे हैं.’उन्होंने कहा कि भारत के महावाणिज्यदूत नजरान के गवर्नर से संपर्क में हैं और नियमित रूप से उन्हें घटना की ताजा जानकारी दे रहे हैं.

आनंदपाल के समर्थकों ने महिला IPS से बदसलूकी के बाद फूंकी गाड़ी

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर 50 हज़ार से ज्यादा लोग सड़क पर आ गए। हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है। नागौर में लोगों के गुस्से की आग देर रात तक इसी तरह सुलगती रही, हालात काबू में करने के लिए IG मालिनी अग्रवाल और SP परिश देशमुख ने भी मोर्चा संभाला, लेकिन हालात काबू से बाहर होते गए।
गैंगस्टर आनंदपाल के लिए जमा करीब 50 हजार लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव और मारपीट शुरू कर दी। भीड़ के हमले में करीब 20 जवान जख्मी हो गये हैं, इतना ही नहीं आरोप है कि बेकाबू भीड़ ने एक महिला आईपीएस से भी बदसलूकी की, उनकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।
इस दौरान एसपी के गनमैन ने भीड़ पर फायरिंग कर दी थी, जिससे राजपूत समाज का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद तो पुलिस थाने से लेकर रेलवे स्टेशन तक इस बेकाबू भीड़ ने जमकर उपद्रव किया। भीड़ के इस कोहराम के बीच हालांकि कुछ लोगों की मदद से ही घायल पुलिसवाले अस्पताल तक पहुंचाए गए।
हालात बिड़ते देख पुलिस ने पूरे सांवराद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है, भारी संख्या में और पुलिसबल तैनात किया गया। पुलिस ने भारी हंगामे को तो काबू में कर लिया, लेकिन अब आरोपियों की शिनाख्त में उसे मुश्किल हो रही है, क्योंकि जिस इलाके में ये सारा हंगामा हुआ वहां ना तो सीसीटीवी है न रात में बिजली थी। इलाके में हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण हैं।

OMG, बृहस्पति ग्रह पर 350 साल से जारी ‘सौरमंडल के सबसे बड़े कोहराम’

कोमल झा | Navpravah.com

क्या आप कभी इतने बड़े तूफान की कल्पना कर सकते हैं, जो पूरी धरती को लील सकता हो, यानी पूरी की पूरी पृथ्वी उसमें समा सकती हो, और जो इतना शक्तिशाली हो कि 350 साल से लगातार चल रहा हो… जी हां, ऐसा ही तूफान है बृहस्पति ग्रह, यानी ज्यूपिटर का ग्रेट रेड स्पॉट.

 

सोमवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का जूनो अंतरिक्षयान उस तूफान की जगह पर छाए बादलों से सिर्फ 2,200 मील (लगभग 3,540 किलोमीटर) ऊपर पहुंच गया, और तस्वीरें भेजीं… गौरतलब है कि हमारे सौरमंडल में मौजूद सबसे बड़े इस तूफान के इससे ज़्यादा नज़दीक कभी कोई मानव-निर्मित वस्तु नहीं पहुंची थी…

अब जूनो का यह अभियान बिना किसी दिक्कत के पूरा हो गया है, और नासा को दिल लुभा लेने वाली मनमोहक तस्वीरें और आंकड़े (डाटा) मिल रहे हैं, और विज्ञानी मिल रही जानकारी को जल्द से जल्द प्रोसेस करने में जुटे हुए हैं… कुछ हफ्तों, या कुछ महीनों में इससे जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां दुनिया के सामने आने लगेंगी, और विज्ञानी आने वाले कई साल तक इसका अध्ययन करते रहेंगे.

 

वैसे, ग्रेट रेड स्पॉट सिर्फ ‘मनमोहक’ अंतरिक्षीय घटना नहीं है, और इससे प्रकृति के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिल सकता है – बेहद वृहद मौसम प्रणाली, उसकी बनावट और अंदरूनी खासियतें अब भी धरती के विज्ञानियों के लिए रहस्य हैं – सो, इससे पृथ्वी के मौसम को समझने में तो मदद मिलेगी ही, हमारे सौरमंडल से बाहर की दुनिया के बारे में भी जानकारी बढ़ेगी…

गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में ग्रहीय वातावरण की विशेषज्ञ एमी साइमन ने नासा की प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “अगर आप सौरमंडल के बाहर के किसी ग्रह से परावर्तित होती रोशनी को देखेंगे, तो आप यह भी नहीं बता सकते कि वह किस वस्तु से बनी है… सो, ज़्यादा से ज़्यादा अलग-अलग मामलों पर नज़र डालने से हम इस लायक हो सकते हैं कि मिली जानकारी को अन्य सौरमंडलों के ग्रहों के बारे में सीखने के लिए इस्तेमाल कर सकें…”

सयुंक्त राष्ट्र का दावा कॉन्गो के हिंसाग्रस्त क्षेत्र में मिली 38 नई सामूहिक कब्रें

कोमल झा| Navpravah.com

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य के हिंसाग्रस्त मध्य क्षेत्र में 38 अन्य सामूहिक कब्रें मिली हैं. क्षेत्र में सितंबर के बाद से सुरक्षाबलों और जनजातीय मिलिशिया के बीच हिंसा बढ़ गई है. तब से लेकर अब तक कम से कम 80 सामूहिक कब्रों की पहचान की जा चुकी है.

रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हिंसा पर चिंता जताई है. इस हिंसा में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के कॉन्गो शांति रक्षा अभियान ने पहले 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की बात कही थी. वहीं राज्य के कसई प्रांत में अनुमानित 13 लाख लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं.

हिंसा पिछले साल तब शुरू हुई थी जब अंगोला के साथ लगती दक्षिणी सीमा के समीप क्षेत्र के जनजातीय नेता कामविना सापू ने राष्ट्रपति जोसेफ कबीला सरकार को खुली चुनौती दी थी जिसके बाद सुरक्षाबलों के साथ उनका संघर्ष शुरू हुआ. सापू अगस्त 2016 में पुलिस अभियान में मारा गया लेकिन उसके सशस्त्र समर्थकों की लड़ाई जारी है. उनका मानना है कि सापू अब भी जीवित है क्योंकि उसे पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार नहीं दफनाया गया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने मार्च में दो पश्चिमी विशेषज्ञों को लड़ाई की जांच करने के लिए भेजा था और एक पखवाड़े बाद शांति रक्षा दूतों को एक कब्र में उनके शव मिले थे. सरकार ने उनकी हत्याओं के लिए जनजातीय मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया था.

 

गंगा में गंदगी करने वालों की ख़ैर नहीं!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
पापियों के पाप धोते धोते मैली हुई पतित पावनी गंगा नदी में अब बहुत जल्द फिर ‘अमृत जल’ का बहाव होने की संभावना है। अब तक यदि आप भी गंगा को दूषित करने में किसी भी प्रकार से शामिल थे, तो सावधान हो जाइये। क्योंकि अब ऐसा अपराध आपको व आपकी जेब को बहुत महंगा पड़ सकता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंगा नदी के पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत एनजीटी ने हरिद्वार और उन्नाव के बीच नदी के दोनों ओर 100 मीटर के क्षेत्र को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित कर दिया है। इसके साथ ही नदी के 500 मीटर के दायरे में कचरा डम्प करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अगुआई वाली बेंच ने नदी में कचरा डम्प करने वालों पर 50 हजार रुपए तक एन्वायर्नमेंट कम्पन्सेशन लगाने का ऐलान किया है। साथ ही एपेक्स एन्वायर्नमेंट वाचडॉग ने सभी संबंधित विभागों को दो साल के भीतर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना और नालों की सफाई सहित विभिन्न प्रोजेक्ट पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

OMG! ये क्या बोल गए नए भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री!

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री को मंगलवार को टीम इंडिया का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। आज रवि शास्त्री ने एक इंटरव्यू में बताया कि, ‘ कोच के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में उन्होंने अप्लाई नहीं किया, लेकिन बाद में समय की गंभीरता को देखते हुए अप्लाई करना पड़ा।
शास्त्री ने आगे कहा, ”जब बीसीसीआई ने अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद आवेदन के लिए समय बढ़ाया, तो मैंने खुद से कहा, ‘मुझे जरूर अप्लाई करना चाहिए।’ क्योंकि सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति में मेरी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, मैंने देखा है, जहां से यह टीम आगे बढ़ी है। इसलिए टीम के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए, टीम को इस हाल में नहीं छोड़ना चाहिए।”
 
शास्त्री ने उन अटकलों पर भी विराम लगाया कि क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर ने उन्हें कोच पद के लिए आवदेन के लिए प्रेरित किया था, लेकिन उन्होंने उस दौरान की ‘गंभीर समस्या’ के बारे में और ज्यादा कुछ नहीं बताया।
टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्टर रवि शास्त्री ने 2016 में भी कोच पद के लिए अप्लाई किया था, तब अनिल कुंबले की वजह से उनका चयन नहीं हो पाया था। इस बार शास्त्री ने आवेदन प्रक्रिया के पहले राउंड में अप्लाई नहीं किया, लेकिन कुंबले के इस्तीफे के बाद उन्होंने कोच की रेस में खुद को शामिल कर लिया और इंडियन क्रिकेट टीम के नए कोच भी बन गये।

भारत अब एक ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है, तबाह हो जाएगा पूरा चीन

कोमल झा| Navpravah.com

वाशिंगटन (13 जुलाई): भारत पाकिस्तान नहीं चीन को ध्यान में रखकर ऐसा परमाणु हथियार बना रहा है कि एक ही झटके में पूरा चीन तबाह हो जाएगा। ये कहना है कि अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञों का। अमेरिका के दो परमाणु विशेषज्ञों की माने तो भारत अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को लगातार आधुनिक कर रहा है और ये चीन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

एक पत्रिका ‘आफटर मिडनाइट’ के जुलाई अगस्त के अंक में छपे इस लेख में यह भी दावा किया गया है कि भारत अब एक ऐसी मिसाइल बना रहा है जो कि दक्षिण भारत के अपने बेस से पूरे चीन को निशाना बना सकती हैं।‘इंडियन न्यूक्यिर फोर्स 2017’ शीर्षक वाले अपने लेख में हॉन्स एम क्रिस्टेंसेन और रॉबर्ट एस नोरिस ने लिखा है, भारत 150 से 200 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम बढ़ोत्तरी कर चुका है, लेकिन उसने 120 से 130 परमाणु हथियारों का ही निर्माण किया है।

दोनों विशेषज्ञों का दावा है कि आमतौर पर पाकिस्तान पर केंद्रित रहने वाली भारतीय परमाणु नीति अब चीन की तरफ ज्यादा जोर देती नजर आ रही है। उनका कहना है, “वैसे, भारत परंपरागत रूप से पाकिस्तान को रोकने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है, लेकिन परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण संकेत देता है कि वह अब चीन के साथ भविष्य में होने वाले रणनीतिक ताल्लुकात पर ज्यादा जोर दे रहा है। इन लोगों का दावा है कि भारत लगातार अपने परमाणु हथियारों के ज़खीरे को आधुनिक बनाता जा रहा है, और उसने कई नए परमाणु हथियार सिस्टम विकसित कर लिए हैं, विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के पास इस वक्त सात परमाणु-सक्षम सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें दो विमान, चार ज़मीन पर मौजूद बैलिस्टिक मिसाइलें और एक समुद्र में स्थित बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है।

उनका अनुमान है कि भारत के पास सात परमाणु सक्षम प्रणाली हैं।इनमें दो विमान, जमीन से संचालित होने वाली चार बैलेस्टिक मिसाइल और समुद्र से मार करने में सक्षम एक बैलेस्टिक मिसाइल हैं।कम से कम चार और प्रणालियों पर काम चल रहा है।उन्हें तेजी से विकसित किया जा रहा है।उनके अलगे दशक तक तैनात होने की संभावना है।

फ़िल्म देखकर आप कहेंगे, कुछ तो बदलाव होना चाहिए -भूमि पेडनेकर

 कोमल झा | Navpravah.com
2015 में ‘दम लगा के हईशा’ के साथ बॉलीवुड में कदम रखा, निर्देशक जोया अख्तर की शार्ट फिल्म में भी नज़र आई और अब ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘शुभ मंगल सावधान’ में नज़र आएँगी। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि उन्हें अपने चुने विकल्पों पर गर्व है। भूमि पेडनेकर से नवप्रवाह ने खास बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश…
१) ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ आप की दूसरी मूवी है, इस मूवी मे आप का क्या अनुभव रहा ?
मेरे लिए ये बड़ी फिल्म है, अक्षय कुमार के साथ और टॉयलेट मूवी बहुत ही मीनिंग फुल है। पहली फिल्म दम लगा के हईशा में जो मेरा रोल था, उससे बिलकुल हट के है। इस मूवी से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे लिए बहुत बड़ा अनुभव रहा, इस मूवी के लिए बहुत ही ज्यादा एक्ससिटेड हूँ।
२) ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ एक सोशल इशू बेस्ड फिल्म है, इस फिल्म में आप को क्या नयापन लगा ?
इस फिल्म की खासियत ये है, कि ये फिल्म बहुत ही खूबसूरत प्रेम कथा है। जिसकी नीव सामाजिक समस्या है, जो कि हिंदुस्तान में बहुत ही बड़ी समस्या है। सिंपल लोगों की कहानी है। बस इस लव स्टोरी मे विलन बन जाता है एक ‘टॉयलेट’। जब मैंने स्क्रिप्ट सुनी, तो उसमें एक लाइन थी जो सुन कर ही उसी समय डिसाइड कर लिया कि मुझे ये फिल्म करनी ही है। मुझे इसमें बहुत कुछ नई चीज़े जानने को मिली कि लोग रुरल  एरिया में सूरज निकलने से पहले टॉयलेट के लिए जाते हैं, फिर सूरज ढलने का इंज़ार करते हैं। लोग १० मिनट टॉयलेट न जाये तो समस्या हो जाती है। हमारे हिन्दू धर्म मे एक कहावत है कि जिस आँगन में तुलसी है वहाँ टॉयलेट नहीं होता। हमारी ये फिल्म ये सिखाएगी कि शौचालय का होना कुओं आवश्यक है।
३) आप की दोनों मूवी मे आप मैरिड हैं, तो क्या आप को ये रोल अच्छा लगता है?
हाँ, लेकिन पहले मेरा कॉलेज स्टूडेंट का रोल है। इंडिया में लड़कियों की एक उम्र में शादी कर दी जाती है. लेकिन दोनों मूवी में मैं खुद शादी करना चाहती हूँ, किसी दबाब मे आ कर शादी नहीं करती हूँ।
४) ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ कई जगह टैक्स फ्री हो गई है, इस पर आप क्या कहना चाहेंगी ?
ये फिल्म बहुत बड़ी है। फिल्म स्वच्छता अभियान पर बनी है। ये फिल्म लोगों को जागरूक करेगी, टैक्स फ्री है तो बहुत अच्छी बात है।
५) क्या आप सोशल मिरिकल हिरोइन बनना चाहती हैं?
मेरा करियर इतना नया है और ये मेरी दूसरी मूवी है, अगर मैं ऐसी हेरोइन बन भी जाऊँ जो सामाजिक समस्याओं से जुड़ी फ़िल्में करती है और उन फ़िल्मों से समाज को कुछ सीख मिल रही है तो मुझे ख़ुशी होगी।
६) अक्षय कुमार के साथ पहले दिन काम कर करके कैसा लगा?
पहले तो मुझे पता ही नहीं था कि अक्षय कुमार भी हैं, इस मूवी में। जब मुझे पता चला तो मैं थोड़ी देर के लिए हैरान हो गई, फिर अक्षय सर ने कहा कंफर्टेबल रहो, हम लोग एक ही हैं। हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। अक्षय सर बहुत अच्छे है, सरल व्यावहारिक हैं। उनके साथ सभी कंफर्टेबल रहते थे। हम लोगों ने शूटिंग के टाइम बहुत एन्जॉय किया। हमें पता ही नहीं चला कब फिल्म की पूरी शूटिंग खत्म हो गई।
७) शूटिंग के टाइम का कोई ऐसा पल, जो आप के लिए यादगार रहे?
हम लोग बहुत ही सच्चाई के साथ काम कर रहे थे ऐसे बहुत सारे मूवमेंट होते थे। एक दिन ऐसा हुआ कि अक्षय सर और मुझे एक नदी मे कूदना है। एक गाने के कट में था वो नदी बहुत ही गन्दी जगह थी, आस पास इतनी हरी हरी चीज़े निकली थी वो देख कर मैं बहुत बेचैन थी। मैंने अपने टीम को परेशान किया। मैं पुरे दिन टॉर्चर होती रही फिर जब मै शूट के लिए तैयार थी तो तभी बोला कि कूदना मत मजाक था।
८) क्या आप को सोशल वर्क मे रूचि है ?
हाँ, क्योंकि मै एक ऐसे परिवार से हूँ, जहाँ हम बचपन से ही सामाजिक रूप से जागरूक रहे और कहा गया अपना काम स्वयं करो और हम लोग स्वेच्छा से सामाजिक कार्य करते आ रहे है।
९) आप की पहली फिल्म बॉक्सऑफिस पर बहुत चली, क्या टॉयलेट उससे ज्यादा धमाल कर पायेगी ?
हाँ, ये बहुत अच्छी मूवी है, लोगों को कुछ सीखने को मिलेगा। ये मूवी लोगों तक पहुंचनी चाहिए। मूवी देखने के बाद भारतीय नागरिक होने के नाते आप कहेंगे कुछ तो बदलाव होना चाहिए। उम्मीद है मूवी बढ़िया प्रदर्शन करे।