
अपने ‘पराक्रम’ से सबकी रक्षा करेंगे योग गुरु बाबा रामदेव!

ओपन गंगनम स्टाइल को पछाड़, ये गाना बना यूट्यूब किंग
कोमल झा| Navpravah.com
गंगनम स्टाइल का जादू अब फीका पड़ गया है. पिछले पांच सालों से नंबर एक पर रहे इस गाने का रिकॉर्ड तोड़कर एक नया गाना यूट्यूब किंग बन चुका है. दक्षिण कोरियाई सिंगर साई के गंगनम स्टाइल को मात दी है विज ख़लीफ़ा और चार्ली पथ के सॉन्ग ‘सी यू अगेन’ ने.

यूट्यूब पर इस गाने को अभी तक दो अरब 90 करोड़ लोग देख चुके हैं. जबकि साई के गाने गंगनम स्टाइल को अब तक दो अरब 89 करोड़ लोगों ने देखा है. ‘सी यू अगेन’ ने दो सालों में यह रिकॉर्ड बनाया है. विज ख़लीफ़ा ने इस गाने को 6 अप्रैल, 2015 को यूट्यूब पर अपलोड किया था. जबकि साई का गाना 15 जुलाई, 2012 को अपलोड किया गया था.
गंगनम स्टाइल पहला ऐसा गाना था जिसे अरबों लोगों ने देखा था. यह गाना इतना वायरल हुआ कि इसने यूट्यूब के व्यूअर्स चार्ट को ब्रेक किया था. यूट्यूब को मजबूरन व्यूअर नंबर को रिकोड करना पड़ा था.

‘सी यू अगेन’ के सिंगर चार्ली पथ ने ट्वीटर पर लिखा- ‘मैंने 2007 में यूट्यूब ज्वाइन किया था. यह सोचा था कि 10 हज़ार व्यूज़ के लिए वीडियो बनाउंगा. सी यू अगेन के बारे में सुना. अच्छा लगा. ‘इस गाने को एक्शन फ़िल्म फ़ास्ट एंड फ़्यूरियस-7 के लिए लिखा गया था. फिल्म के अंत में इसे पॉल वॉकर की याद में चलाया गया था, जिनकी मौत एक कार दुर्घटना में फ़िल्म पूरी होने से पहले हो गई थी.

गाने के भावुक बोल के कारण ही ब्रिटेन की शोक सभाओं में यह गाना सबसे लोकप्रिय माना जाता है. फ़िल्म फ़ास्ट एंड फ़्यूरियस-7 के क्लायमेक्स के साथ यह गाना फ़िल्म में दिखाया गया है.

यूट्यूब पर रिलीज होने के छह महीने के अंदर ही इस गाने को एक अरब लोगों ने देख लिया था.पिछले सितंबर में व्यूअर्स की संख्या बढ़कर दोगुनी यानी दो अरब हो गयी थी. अब इसने यूट्यूब किंग का तमगा हासिल कर लिया है.
मीडिया रिसर्च के अनुसार इस गाने से करीब एक अरब 87 करोड़ 18 लाख रुपये (1.9 मिलियन डॉलर) कमा चुका है.
सऊदी अरब में एक मकान में आग लगने से 10 भारतीय नागरिक की मौत
कोमल झा| Navpravah.com
सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा है कि दक्षिणी शहर नाजरान के एक घर में आग लगने से 10 भारतीयों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है.सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा है कि दक्षिणी शहर नाजरान के एक घर में आग लगने से 10 भारतीयों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है.

अधिकारियों के मुताबिक आग लगने से छह अन्य लोग घायल भी हुए हैं.अधिकारियों के मुताबिक इस घर में एक भी खिड़की नहीं थी, जिससे धुआं बाहर निकल पाता. सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि सभी मजदूरों की मौत दम घुटने से हुई है.सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक नाजरान के गवर्नर ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कामगारों की रहने की जगह को लेकर चिंता जताई है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया ‘मैंने जेद्दाह के महावाणिज्यदूत से बात की है, नजरान में आग की घटना का पता चला है जिसमें हमने 10 भारतीय नागरिकों को खो दिया और 6 घायल अस्पताल में हैं.’ विद्या एस नाम की एक महिला ने ट्विटर पर विदेश मंत्री से अपने पति की मौत और उनकी शव को स्वदेश लाने के लिए मदद मांगी थी जिसके जवाब में विदेश मंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी.

सुषमा ने कहा, “मैंने जेद्दाह के महावाणिज्यदूत से बात की है. नजरान जेद्दाह से 900 किलोमीटर दूर है. हमारे कर्मचारी पहली उपलब्ध उड़ान से वहां जा रहे हैं.’उन्होंने कहा कि भारत के महावाणिज्यदूत नजरान के गवर्नर से संपर्क में हैं और नियमित रूप से उन्हें घटना की ताजा जानकारी दे रहे हैं.
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OMG, बृहस्पति ग्रह पर 350 साल से जारी ‘सौरमंडल के सबसे बड़े कोहराम’
कोमल झा | Navpravah.com
क्या आप कभी इतने बड़े तूफान की कल्पना कर सकते हैं, जो पूरी धरती को लील सकता हो, यानी पूरी की पूरी पृथ्वी उसमें समा सकती हो, और जो इतना शक्तिशाली हो कि 350 साल से लगातार चल रहा हो… जी हां, ऐसा ही तूफान है बृहस्पति ग्रह, यानी ज्यूपिटर का ग्रेट रेड स्पॉट.

सोमवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का जूनो अंतरिक्षयान उस तूफान की जगह पर छाए बादलों से सिर्फ 2,200 मील (लगभग 3,540 किलोमीटर) ऊपर पहुंच गया, और तस्वीरें भेजीं… गौरतलब है कि हमारे सौरमंडल में मौजूद सबसे बड़े इस तूफान के इससे ज़्यादा नज़दीक कभी कोई मानव-निर्मित वस्तु नहीं पहुंची थी…
अब जूनो का यह अभियान बिना किसी दिक्कत के पूरा हो गया है, और नासा को दिल लुभा लेने वाली मनमोहक तस्वीरें और आंकड़े (डाटा) मिल रहे हैं, और विज्ञानी मिल रही जानकारी को जल्द से जल्द प्रोसेस करने में जुटे हुए हैं… कुछ हफ्तों, या कुछ महीनों में इससे जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां दुनिया के सामने आने लगेंगी, और विज्ञानी आने वाले कई साल तक इसका अध्ययन करते रहेंगे.

वैसे, ग्रेट रेड स्पॉट सिर्फ ‘मनमोहक’ अंतरिक्षीय घटना नहीं है, और इससे प्रकृति के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिल सकता है – बेहद वृहद मौसम प्रणाली, उसकी बनावट और अंदरूनी खासियतें अब भी धरती के विज्ञानियों के लिए रहस्य हैं – सो, इससे पृथ्वी के मौसम को समझने में तो मदद मिलेगी ही, हमारे सौरमंडल से बाहर की दुनिया के बारे में भी जानकारी बढ़ेगी…
गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में ग्रहीय वातावरण की विशेषज्ञ एमी साइमन ने नासा की प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “अगर आप सौरमंडल के बाहर के किसी ग्रह से परावर्तित होती रोशनी को देखेंगे, तो आप यह भी नहीं बता सकते कि वह किस वस्तु से बनी है… सो, ज़्यादा से ज़्यादा अलग-अलग मामलों पर नज़र डालने से हम इस लायक हो सकते हैं कि मिली जानकारी को अन्य सौरमंडलों के ग्रहों के बारे में सीखने के लिए इस्तेमाल कर सकें…”
सयुंक्त राष्ट्र का दावा कॉन्गो के हिंसाग्रस्त क्षेत्र में मिली 38 नई सामूहिक कब्रें
कोमल झा| Navpravah.com
संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य के हिंसाग्रस्त मध्य क्षेत्र में 38 अन्य सामूहिक कब्रें मिली हैं. क्षेत्र में सितंबर के बाद से सुरक्षाबलों और जनजातीय मिलिशिया के बीच हिंसा बढ़ गई है. तब से लेकर अब तक कम से कम 80 सामूहिक कब्रों की पहचान की जा चुकी है.

रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हिंसा पर चिंता जताई है. इस हिंसा में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के कॉन्गो शांति रक्षा अभियान ने पहले 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की बात कही थी. वहीं राज्य के कसई प्रांत में अनुमानित 13 लाख लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं.
हिंसा पिछले साल तब शुरू हुई थी जब अंगोला के साथ लगती दक्षिणी सीमा के समीप क्षेत्र के जनजातीय नेता कामविना सापू ने राष्ट्रपति जोसेफ कबीला सरकार को खुली चुनौती दी थी जिसके बाद सुरक्षाबलों के साथ उनका संघर्ष शुरू हुआ. सापू अगस्त 2016 में पुलिस अभियान में मारा गया लेकिन उसके सशस्त्र समर्थकों की लड़ाई जारी है. उनका मानना है कि सापू अब भी जीवित है क्योंकि उसे पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार नहीं दफनाया गया.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने मार्च में दो पश्चिमी विशेषज्ञों को लड़ाई की जांच करने के लिए भेजा था और एक पखवाड़े बाद शांति रक्षा दूतों को एक कब्र में उनके शव मिले थे. सरकार ने उनकी हत्याओं के लिए जनजातीय मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया था.
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भारत अब एक ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है, तबाह हो जाएगा पूरा चीन
कोमल झा| Navpravah.com
वाशिंगटन (13 जुलाई): भारत पाकिस्तान नहीं चीन को ध्यान में रखकर ऐसा परमाणु हथियार बना रहा है कि एक ही झटके में पूरा चीन तबाह हो जाएगा। ये कहना है कि अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञों का। अमेरिका के दो परमाणु विशेषज्ञों की माने तो भारत अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को लगातार आधुनिक कर रहा है और ये चीन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

एक पत्रिका ‘आफटर मिडनाइट’ के जुलाई अगस्त के अंक में छपे इस लेख में यह भी दावा किया गया है कि भारत अब एक ऐसी मिसाइल बना रहा है जो कि दक्षिण भारत के अपने बेस से पूरे चीन को निशाना बना सकती हैं।‘इंडियन न्यूक्यिर फोर्स 2017’ शीर्षक वाले अपने लेख में हॉन्स एम क्रिस्टेंसेन और रॉबर्ट एस नोरिस ने लिखा है, भारत 150 से 200 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम बढ़ोत्तरी कर चुका है, लेकिन उसने 120 से 130 परमाणु हथियारों का ही निर्माण किया है।
दोनों विशेषज्ञों का दावा है कि आमतौर पर पाकिस्तान पर केंद्रित रहने वाली भारतीय परमाणु नीति अब चीन की तरफ ज्यादा जोर देती नजर आ रही है। उनका कहना है, “वैसे, भारत परंपरागत रूप से पाकिस्तान को रोकने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है, लेकिन परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण संकेत देता है कि वह अब चीन के साथ भविष्य में होने वाले रणनीतिक ताल्लुकात पर ज्यादा जोर दे रहा है। इन लोगों का दावा है कि भारत लगातार अपने परमाणु हथियारों के ज़खीरे को आधुनिक बनाता जा रहा है, और उसने कई नए परमाणु हथियार सिस्टम विकसित कर लिए हैं, विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के पास इस वक्त सात परमाणु-सक्षम सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें दो विमान, चार ज़मीन पर मौजूद बैलिस्टिक मिसाइलें और एक समुद्र में स्थित बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है।
उनका अनुमान है कि भारत के पास सात परमाणु सक्षम प्रणाली हैं।इनमें दो विमान, जमीन से संचालित होने वाली चार बैलेस्टिक मिसाइल और समुद्र से मार करने में सक्षम एक बैलेस्टिक मिसाइल हैं।कम से कम चार और प्रणालियों पर काम चल रहा है।उन्हें तेजी से विकसित किया जा रहा है।उनके अलगे दशक तक तैनात होने की संभावना है।
फ़िल्म देखकर आप कहेंगे, कुछ तो बदलाव होना चाहिए -भूमि पेडनेकर





















