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Friday, August 14, 2026
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पटेल जीते, स्मृति और शाह भी राज्यसभा पहुंचे

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद देर रात चुनाव आयोग ने गुजरात राज्यसभा चुनावों के नतीजे आखिरकार जारी कर दिये। राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के अमित शाह और स्मृति इरानी ने राज्यसभा की सीट अपनी झोली में डाली तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल भी लंबे संघर्ष के बाद चुनाव जीत गए।
जदयू के विधायक ने जहां कांग्रेस को वोट दिया तो एनसीपी के दो विधायकों के वोट भाजपा और कांग्रेस में बंट गए।
कांग्रेस के बागी राघवभाई पटेल और भोलाभाई गोहिल के वोट रद हो जाने के बाद 174 वोटों की गिनती हुई। जीत के लिए पटेल को 45 वोटों की जरूरत थी लेकिन दो बागी विधायकों के वोट रद्द होने के बाद 44 वोटों से भी उन्हें राज्यसभा की कुर्सी मिल गयी। मतदान खत्म होने पर मतपत्र दिखाने वाले बागी विधायकों के वोट रद करने की मांग को लेकर कांग्रेस का शीर्ष प्रतिनिधिमंडल पी. चिदंबरम, आनंद शर्मा, रणदीप सुरजेवाला जैसे नेताओं के साथ दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचा। दो घंटे के अंतराल में तीन बार भाजपा और तीन बार कांग्रेस ने आयोग के सामने अपनी बात रखी। भाजपा जहां तुरंत गिनती शुरू कराने की मांग पर अड़ी रही तो कांग्रेस ने क्रास वोटिंग करने वाले अपने दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग रखी। वीडियो फुटेज देखने के बाद आयोग ने कांग्रेस की मांग मानते हुए दोनों बागियों के वोट रद्द किए और वोटों की गिनती शुरू करने के आदेश दिए।
गुजरात में तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव थे। विधायकों के संख्या बल के अनुरूप दो सीटें बीजेपी तो एक सीट कांग्रेस को मिलनी तय थी।  बीजेपी ने दो सीटों पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उतारा तो कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को चुनावी मैदान में उतारा गया। प्रत्याशियों की तय मानी जा रही जीत में मोड़ तब आया जब शंकर सिंह वाघेला ने कांगेस से इस्तीफा दे दिया और फिर एक के बाद एक पार्टी के छह विधायक बागी होकर बीजेपी में चले गए। इसके बाद कांगे्रस ने अपने बाकी विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए अपने 44 विधायकों को लेकर कर्नाटक चली गई। लेकिन कर्नाटक के जिस रिसॉर्ट में ये विधायक रुके थे उसपर आयकर विभाग ने छापा मार दिया। इस छापे का शोर संसद में सुनाई दिया। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि बीजेपी अहमद पटेल को हराने के लिए हर दांव चल रही है और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर रही है। वो विधायकों की खरीद फरोक्त के बाद अब धमकाने पर भी उतारू हो गए है.
भाजपा नेता रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस सुबह से चुप थी, लेकिन जब यह लगा कि हार सुनिश्चित है तो नतीजे को रोकने की कोशिश करन लग गई। वोट मत पेटी में पड़ चुका है। ऐसे में दो वोट अमान्य करने की मांग केवल कांग्रेस की हताशा जताता है।
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विकास बराला की हो सकती है गिरफ्तारी, समन जारी

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com

चंडीगढ़ के हाइप्रोफाइल छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने आरोपी विकास बराला और उसके दोस्त को समन जारी कर पुछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वो पुछताछ के लिए नहीं पहुंचे और समन लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने उसके सेक्टर-7 स्थित घर पर समन चिपका दिया। उधर, विकास बराला के पिता सुभाष बराला ने पुलिस को पत्र लिखकर आरोपियों की हाजिरी के लिए कुछ वक्त मांगा है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से भी यह स्पष्ट हो चुका है कि विकास बराला वारदात के समय नशे में धुत था। भले ही जांच के लिए उसने अपने यूरिन और ब्लड सैंपल देने से इंकार कर दिया था लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने विकास के मुंह की बदबू और अन्य ऑब्जर्वेशन के आधार दोनों आरोपी शराब के नशे में धुत होने की रिपोट तैयार कर दी है। वहीं आईजी चंडीगढ़ का कहना है कि आरोपियों का सैंपल देने से इंकार करना उनके खिलाफ जा सकता है।
शुरूआती जांच में चंडीगढ़ पुलिस न कहा था कि 9 जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों में से 5 सीसीटीवी खराब थे और बाकी 4 में भी कुछ खास रिकॉर्ड नहीं हुआ फ़िलहाल इनमें से पांच जगहों से पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिल गया और सीसीटीवी फुटेज में एक कार का पीछा करती हुई एसयूवी दिख रही है। चंडीगढ़ के एसएसपी इश सिंघल ने कहा कि वे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं।
मंगलवार को विकास बराला के पिता और राज्य के बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा था कि वर्णिका उनकी बेटी जैसी हैं और वर्णिका को न्याय मिलना चाहिए। वह अपने बेटे को बचाने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बना रहे हैं। कानून को अपना काम करना चाहिए।
वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बराला पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे जांच को प्रभावित कर रहे हैं।

पंचायत का फ़रमान, महिला संग हो सामूहिक दुष्कर्म

पीयूष चिलवाल । Navpravah.com
कोलकाता के मालदा के गजोल क्षेत्र की खाप पंचायत ने सात माह की गर्भवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का तुगलकी फ़रमान सुनाया है।
हाल के दिनों में एक महिला बस में सफर कर रही थी जिस दौरान बगल वाली सीट में बैठे गांव के किसी परिचित युवक के साथ उसने बातचीत करना शुरू कर दिया। गांव के कुछ युवकों ने उसे बात करते हुए देख लिए और तथाकथित समाज के ठेकेदारों को सुचित कर दिया।
गांव की खाप पंचायत ने सालिसी सभा बुलाई और गर्भवती महिला की गुस्ताखी की एवज में डेढ़ लाख रूपये का जुर्माना ठोक दिया। जुर्माना ने दे पाने पर पंचायत ने परिवार के सामने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का फ़रमान सुना दिया।
हालांकि महिला गर्भवती होने के कारण दुष्कर्म से बच गयी लेकिन ब्लेड से उसके बाल काटकर गांव में घुमाया गया।
महिला ने पुलिस में शिकायत की है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। महिला का पति राज्य के बाहर किसी शहर में मजदूरी करता है और महिला अपनी तीन बेटियों के साथ ससुराल में रहती है।

देवभूमि उत्तराखण्ड ने खोया अपना एक और लाल

पीयूष चिलवाल । Navpravah.com

महीने भर पहले ही छुट्टी काट कर ड्यूटी पर लौटे पवन की शहादत की खबर जैसे ही घर पर पहुंची तो सन्नाटा पसर गया। जम्मू कश्मीर के पुंछ स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा स्नाइपर दागा गया,  जिसमें उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीघाट के रहने वाले सिपाही पवन सिंह सुगड़ा शहीद हो गए।

पवन 20 कुमांऊं यूनिट के सिपाही थे और 2016 में सेना में भर्ती हुए थे। 6 माह पहले ही बतौर पहली पोस्टिंग उन्हें सरहद पर भेजा गया था। मार्च में पासिंग परेड पूरी करने के बाद वे एक माह घर पर रहने के बाद 15 जून को देश सेवा के लिए घर से निकल गए थे।

सप्ताह भर में ही उत्तराखण्ड ने सरहद पर अपना दूसरा बेटा खोया है। मेजर कमलेश की शहादत का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि 20 साल के जवान पवन की शहादत की खबर मंगलवार रात पहुंच गयी। पवन का पार्थिव शरीर आज सुबह श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा।

मेजर कमलेश की तरह पवन का परिवार भी देश सेवा से जुड़ा हुआ है। पिता रिटायर्ड फौजी हैं तो बड़े भाई और बहनोई पुलिस में हैं। चार भाई बहनों में तीसरे नंबर के पवन बेहद मृदुभाषी होने के कारण गांव में सभी के प्रिय थे। उनकी शहादत से पूरे गांव में गम का माहौल है।

इस फेसबुक की सनसनी के हैं दस लाख फैन्स

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
खुद को बिहार की बताने वाली फेसबुक सेंसेशन किरन यादव के 10 लाख के करीब फोलोअर्स हैं जोकि बिहार के अधिकांश राजनेताओं से अधिक हैं खास तौर पर लालू प्रसाद यादव से। किरन यादव की फेसबुक टाइमलाइन पर सभी पोस्ट राजनीति से प्रेरित हैं और इनके अनुसार वे सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध लिखती हैं। किरन यादव विशेषतः भाजपा और आरएसएस विरोधी पोस्ट लिखने के लिए जानी जाती है।
पब्लिक अटेंशन की सर चढ़कर बोलती भूख का ये ऐसा उदाहरण है कि इन्होंने पब्लिसिटी के लिए देश के प्रधानमंत्री तक को नहीं बख्शा।
रक्षाबंधन के दिन एक फेसबुक पोस्ट पर ये लिखती हैं- 
“मेरी पत्रकार भाई चाचा बहन मेरी एक एक छोटी सी अनुरोध है आपसे आज रक्षा बंधन है मोदी जी के राखी बांधने वाली फोटो जिनमें स्मृति ईरानी मोदी जी के राखी बांध रही है वह फोटो भेज देते तो मैं मुझे बहुत खुशी मिलती”
हाल ही में गुजरात दौरे के दौरान राहुल गांधी पर हुए हमले पर किरन कुछ ऐसा लिखती हैं-
“हिन्दुस्तान में अब पत्थर मार कर सरकार चलानी चाहतें हो भारतीय जनता पार्टी वाले अपनी भ्रष्टाचार निकम्मापन को छिपने के लिए पत्थर मारते हों वह भी उस परिवार को जिसने इस देश को आजादी दिलाई देश के सेवा में पूरा परिवार को शहीद करा दी उस परिवार पर पत्थर मारते हों देशद्रोही के खून हिन्दुस्तान की जनता को इसे बड़ी शर्म की क्या बात हों सकतीं हैं जब मैं किसी पार्टी के समर्थन में लिखती आपलोग को तकलीफ होता हैं मैं जानती हूँ लेकिन अन्या के खिलाफ चुप भी नहीं रह सकतीं उत्तर प्रदेश में एक धर्म विशेष के लोगों को ट्रगोट कर रहा हैं तकी दूसरे धर्म विशेष को लूट सके जब चोर हत्यारा देश में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री बन जाए तो देश के विनाश संभव है उसे कोई नहीं रोक सकता”
हाल ही में सोशल मीडिया में एक अश्लील वीडियो फैला हुआ था जिसमें किरन यादव को आपत्तिजनक अवस्था में दर्शाया गया था. ऐसा कहा जा रहा था कि किरन ने ये वीडियो स्वयं अपने फेसबुक में पोस्ट किया और बाद में हटा लिया गया. वीडिओ की सत्यता का कोई प्रमाण नहीं है.  अभी भी यह वीडियो वह्टस ऐप और यूटयूब पर वाइरल बना हुआ है।
Disclaimer: Navpravah.com किसी भी महिला के ऐसे आपत्तिजनक वीडियो या अन्य सामग्री  को न ही प्रकाशित करता है और न ही प्रसारित करता है . साथ ही हम  ऐसे किसी भी कंटेंट की घोर निंदा व विरोध करते  हैं, जो  किसी नारी  के मान सम्मान को ठेस पहुंचाता  हो.
हर पोस्ट के साथ अपनी तस्वीरें साझा करने वाली किरन की पोस्ट पर इनके समर्थकों की टिप्पणियों के साथ-साथ अश्लील, अभद्रपूर्ण एवं गालियों से लबरेज़ टिप्पणियां देखने को मिलती हैं।
“यू लुक नाइस बेबी, खाना खाया, ब्वाय फ्रेंड है, आई एम फ्रेंडशिप यू, ओके स्वीटहार्ट, खाने में क्या खाया, आई एम अग्री विद यू, गुड मोर्निंग, मुझसे दोस्ती करोगी, फोन नंबर प्लीज, गुड इवनिंग, क्या आप सिंगल हैं
किरन की पोस्ट पर इस तरह की टिप्पणियों की कोई सीमा नहीं होती। लेकिन खास बात यह है कि इनके फोलावर्स इनके पोस्ट का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और इनके पोस्ट लाइक करने वालों की संख्या हजारों में और शेयर करने वालों की संख्या सैकड़ों में चली जाती है।
PC: Facebook profile of Kiran Yadav

‘संकल्प से सिद्धी’ कार्यक्रम बीजेपी आज से देश भर मे शुरू करेगी

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

भारत छोड़ो आंदोलन को आज 75 साल पूरे हो गए हैं, साथ ही आगामी 15 अगस्त को देश को आजाद हुए 70 साल भी पूरे हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जुलाई को ही अपने रोडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कह चुके हैं कि पूरा देश अगस्त 9 से संकल्प से सिद्धी कैंपेन चलाए और आजादी के आंदोलन को याद करे।

इस मौके पर 9 अगस्त से लेकर 30 अगस्त तक पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज से हर जिले में मशाल जुलूस निकलेगा और स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की मूर्तियों को माला पहनाई जाएगी। साथ ही जिन लोगों ने देश को आजादी दिलाने में अहम योगदान दिया, उन्हें बलिदान को भी याद किया जाए।

केंद्र सरकार के सभी मंत्री, पार्टी के विधायकों, राज्यों के मंत्रियों, सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों को 13 अगस्त से इस कार्यक्रम के साथ जुड़ना है। आगामी 10 अगस्त से 14 अगस्त तक देश भर में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, इसमें हर जिले में एक मोटर साइकिल रैली कता भी आयोजन होगा।

स्वतंत्रता दिवस को पीएम मोदी के लाल किले पर झंडा फहराने के बाद सभी मुख्यमंत्री भी अपने-अपने राज्यों में लोगों को संबोधित करेंगे, सभी को उस दिन एक संकल्प भी लेना है जिसमें गंदगी, भ्रष्टाचार, जातिवाद, सांप्रदायिकता, आतंकवाद भारत छोडों जैसी मुहिम शामिल हैं। 16 अगस्त से 30 अगस्त तक हर जिले में न्यू इंडिया-मंथन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

पीएम मोदी का प्लान है कि इस अभियान के तहत स्वच्छता अभियान, रक्त दान शिविर, मानव श्रंखला बनाना, वृक्षारोपण कार्यक्रम जैसे सामाजिक कार्यों को बढ़ावा मिले और इन्हें जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

पटेल जीते, स्मृति और शाह भी राज्यसभा पहुंचे

पीयूष चिलवाल । Navpravah.com

हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद देर रात चुनाव आयोग ने गुजरात राज्यसभा चुनावों के नतीजे आखिरकार जारी कर दिये। राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के अमित शाह और स्मृति इरानी ने राज्यसभा की सीट अपनी झोली में डाली तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल भी लंबे संघर्ष के बाद चुनाव जीत गए।

जदयू के विधायक ने जहां कांग्रेस को वोट दिया तो एनसीपी के दो विधायकों के वोट भाजपा और कांग्रेस में बंट गए।
कांग्रेस के बागी राघवभाई पटेल और भोलाभाई गोहिल के वोट रद्द हो जाने के बाद 174 वोटों की गिनती हुई। जीत के लिए पटेल को 45 वोटों की जरूरत थी लेकिन दो बागी विधायकों के वोट रद्द होने के बाद 44 वोटों से भी उन्हें राज्यसभा की कुर्सी मिल गयी।

मतदान खत्म होने पर मतपत्र दिखाने वाले बागी विधायकों के वोट रद करने की मांग को लेकर कांग्रेस का शीर्ष प्रतिनिधिमंडल पी. चिदंबरम, आनंद शर्मा, रणदीप सुरजेवाला जैसे नेताओं के साथ दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचा। दो घंटे के अंतराल में तीन बार भाजपा और तीन बार कांग्रेस ने आयोग के सामने अपनी बात रखी। भाजपा जहां तुरंत गिनती शुरू कराने की मांग पर अड़ी रही तो कांग्रेस ने क्रास वोटिंग करने वाले अपने दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग रखी। वीडियो फुटेज देखने के बाद आयोग ने कांग्रेस की मांग मानते हुए दोनों बागियों के वोट रद्द किए और वोटों की गिनती शुरू करने के आदेश दिए।

गुजरात में तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव थे। विधायकों के संख्या बल के अनुरूप दो सीटें बीजेपी तो एक सीट कांग्रेस को मिलनी तय थी। बीजेपी ने दो सीटों पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उतारा तो कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को चुनावी मैदान में उतारा गया। प्रत्याशियों की तय मानी जा रही जीत में मोड़ तब आया जब शंकर सिंह वाघेला ने कांगेस से इस्तीफा दे दिया और फिर एक के बाद एक पार्टी के छह विधायक बागी होकर बीजेपी में चले गए।

इसके बाद कांग्रेस ने अपने बाकी विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए अपने 44 विधायकों को लेकर कर्नाटक चली गई। लेकिन कर्नाटक के जिस रिसॉर्ट में ये विधायक रुके थे उसपर आयकर विभाग ने छापा मार दिया। इस छापे का शोर संसद में सुनाई दिया। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि बीजेपी अहमद पटेल को हराने के लिए हर दांव चल रही है और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर रही है। वो विधायकों की खरीद फरोक्त के बाद अब धमकाने पर भी उतारू हो गए हैं।

भाजपा नेता रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस सुबह से चुप थी, लेकिन जब यह लगा कि हार सुनिश्चित है तो नतीजे को रोकने की कोशिश करन लग गई। वोट मत पेटी में पड़ चुका है। ऐसे में दो वोट अमान्य करने की मांग केवल कांग्रेस की हताशा जताता है।

एयर इंडिया की फ़्लाइट्स में नहीं मिलेगा नॉन वेज खाना

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
आप यदि एयर इंडिया से अक्सर सफर करते हैं और आप नॉन वेजीटेरियन यानि मांसाहारी हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। अब आपको एयर इंडिया की फ्लाइट्स से यात्रा के दौरान नॉन वेज मील नहीं मिलेगा। आपको शाकाहारी भोजन ही खाना होगा। इसका कारण मांसाहार का बॉयकॉट नहीं है, या शाकाहार को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि एयर इंडिया की अपनी मजबूरी है।
एयर इंडिया में विनिवेश को लेकर मंगलवार को संसद की विशेष समिति की बैठक हुई। बैठक में क्या फैसला हुआ यह तो खुलासा नहीं हो सका लेकिन इतना जरूर पता चला है कि करीब 52 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के तले दबी एयर इंडिया पाई-पाई बचाकर कर्ज का बोझ कम करने में जुट गई है। एयर इंडिया ने इसके लिए अपने यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन में बदलाव करते हुए अब केवल शाकाहारी भोजन परोसने के फैसला लिया है।
संसद को मंगलवार को बताया गया कि राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया घरेलू उड़ानों में मांसाहारी भोजन न परोसने के अपने फैसले से हर साल आठ से 10 करोड़ रुपये बचा सकेगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा, “एयर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों के केवल इकॉनमी क्लास में मांसाहारी भोजन नहीं परोसने का फैसला किया है। इसका मकसद लागत को कम करना, अपव्यय को कम करना और सेवा को बेहतर बनाने के साथ-साथ भोजन में घालमेल की संभावनाओं से बचना है।”
सिन्हा ने कहा कि व्यंजन सूची व भोजन सारणी (मील शेड्यूल) में बदलाव, ड्राई स्टोर का बेहतर प्रबंध और मौजूदा रुझान के हिसाब से सहायक चीजों को खर्च में कमी के लिए चुना गया है। इससे एयर इंडिया सालाना 20 करोड़ रुपये बचा सकेगी।

अक्षय कुमार ने कहा टॉयलेट एक प्रेम कथा मोबाइल थियेटर्स में भी जा सके!

कोमल झा| Navpravah.com
बॉलीवुड खिलाड़ी अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ पर आधारित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अभियान को सब लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं. इस विषय पर अक्षय कुमार को उम्मीद है कि इससे लोगों की सोच में बदलाव आएगा और लोग इस विषय पर भी चर्चा करेंगे.
अक्षय कुमार ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि, ”शौचालय के बारे में बात करना भारत में आज भी प्रतिबंधित माना जाता है. ये फिल्म लोगों की सोच पे है कि घरो में शौचालय होना कितना ज़रूरी है अपने देश में 54% लोगो के पास टॉयलेट नहीं है सब से ज्यादा दुःख वाली बात यह है कि औरतो पे ज्यादा असर पड़ता है कि गाँवो में औरतो को सूरज निकलने से पहले तीन- तीन किलोमीटर तक चल कर जाना पड़ता है. फिर दूसरी बार  टॉयलेट जाना हो तो उनको सारा दिन रोक कर रखना पड़ता है.  सूरज ढलने का इंतज़ार करना पड़ता है सब से ज्यादा ख़राब बात यह है कि लोग औरतों की वीडियो और फोटो लेते है और न जाने कितने रेप केसेस होते है.
अक्षय  कुमार ने कहा जब मैंने देखा की औरते सर से निचे घुंगट करती है. फिर उनसे पूछा तो कहा की निजी इज्ज़त है हमे कहा गया है कि घुंगट ओढ़ो फिर वही लोग उन औरते को बोलते है खेतो में जाओ साड़ी उठा लो बड़ा अजीव सा माहौल है. वैसे में बताऊ तो काफी कुछ बदलना शुरू हुआ है. पहले इंडिया में 63% लोगो के पास शौचालय नहीं था और आज 54% लोगो के पास टॉयलेट नहीं है. और लोग ये मूवी देख कर अपने जीवन में शायद कुछ और बदलाव ला सके. सब से ज्यादा ओरतो  को समस्या होती है. मर्द का क्या वो तो कही भी खड़े हो कर कर लेते है. लेकिन ओरतो का क्या,  जब कि मर्द भी जो करते है गलत है ऐसा नहीं करना चाहिए. मैंने तो कितने सारे टॉयलेट देखे है. जो सरकार ने बना कर दिए है पर किसी ने वहा इस्री की दूकान खोल ली , किसी ने रेंट पे दे दिया है ,  तो किसी ने भेड़ बकरिया बांध दी ये सब नहीं करना चाहिए आज के लोग समझदार है.
टॉयलेट की समस्या को जड़ से हटाने में वक़्त तो जायेगा पर  सरकार पूरा प्रयाश कर रही है. इसके लिए धैर्य रखने की ज़रूरत है ये मूवी बस एक छोटा सा प्रयाश है और अक्षय ने कहा ऐसा हो तो कितना अच्छा होगा की लोग बस अपने बिल्डिंग के दस मीटर तक भी साफ़ रखे. अगर बिल्डिंग के दस मीटर के इर्द गिर्द कोई गंदिगी हो तो में खुद ही उठा लू  BMC की गाड़ी का इंतज़ार न करू जैसे लोग अपने घरो को साफ़ रखते है. वैसे बस अपने बिल्डिंग के दस मीटर तक भी साफ़ रखे तो न BMC की ज़रूरत पड़ेगी न किसी की. बस लोग अपने अंदर ये विचार बना ले तो बहुत कुछ ठीक हो सकता है.
अक्षय कुमार से इंटरव्यू में पूछा गया कि टॉयलेट एक प्रेमकथा मूवी कॉपी है. तो अक्षय ने कहा ये फिल्म कॉपी नहीं है. ये झूठ है ये फिल्म करीबन नौ – दस औरते की कहानियों से ले के बनाया गया है. ऐसी घटनाये कुछ बिहार में कुछ यु.पी और कुछ राजस्थान में हुई है अगर आप गूगल करोगे तो ऐसी कई कहानी मिलेंगी, तो ये फिल्म किसी भी फिल्म की कॉपी नहीं है.
अक्षय कुमार  ने इंटरव्यू के दौरान यह भी कहा की  देश में 91 प्रतिशत औरते sanitary pads  नहीं ले पाती है. क्यों की वो अफ़्फोर्ड नहीं कर पाती ये तो open defecation से भी गई गुजरी बात है. पीरियड भी ओरतो मे नेचुरल है टॉयलेट भी तो क्यों आज भी कई जगह लोग जब ओरतो को पीरियड होता हैं. तो बोलते है उनको एक जगह बहार बिठा दो कही जाने मत दो और पता नहीं क्या क्या इस्तेमाल करते है तो ये बहुत ही दुःख की बात है.
अक्षय कुमार ने इंटरव्यू के दौरान यह भी कहा इस फिल्म की रिलीज पर काफी काम किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह बात पहुंच सके. इस बारे में दूरदर्शन से बात किया जा रहा है.. हमने स्वच्छता मंत्रालय से भी बात की है. साथ ही सरपंचों, कलेक्टरों को भी फिल्म दिखाने का प्लान है. यहां तक बात हो रही है कि मोबाइल थियेटर्स में भी फिल्म जा सके. मोबाइल थियेटर्स वो होते हैं जो गांव गांव में जाकर फिल्म दिखाते हैं.
फिल्म के कर रहित होने के बारे में पूछे जाने पर अक्षय ने कहा, “अब तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हां, अगर मूवी टैक्स फ्री होती है तो अच्छी बात है. अगर नहीं होती है तो भी अच्छी बात है समस्या ये नहीं हैं समस्या ये है जो मैंने एक जरिया ढूंढा हैं. कि लोगो को डॉक्यूमेंट्री मूवी देखने मे मज़ा नहीं आता है. बोलते है बैठ के सिखाओ मत कुछ गाने साने दिखाओ कुछ मज़े सहजे दिखाओ. उसके अंडर जो एक छोटी सी बात केहनी वो छोड़ देना. वो हमारे ऊपर है लेना नहीं देना वो उनको समझ मे आती है. तो मैं उन लोगो से अपील करूँगा की ये फिल्म देखे इस फिल्म हसी मज़ाक के साथ हमने एक संदेश देने का भी प्रयाश किया है.

जस्टिस दीपक मिश्रा होंगे भारत के नए चीफ जस्टिस

न्यायाधीश लोया की मौत की सुनवाई करेंगे दीपक मिश्र

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट के जज दीपक मिश्रा भारत के नए चीफ जस्टिस (CJI)  बनेंगे। वह भारत के 45वें चीफ जस्टिस बनेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले वह ओडिशा के तीसरे जज होंगे।  जस्टिस दीपक मिश्रा पटना और दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए उन्होंने 5 हजार से ज्यादा मामलों में फैसला सुनाया और लोक अदालतों को ज्यादा प्रभावशाली बनाने का काम किया। उन्हें 10 अक्टूबर 2011 को  सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जस्टिस दीपक मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे.एस. खेहर 27 अगस्त को रिटायर होने जा रहे हैं। दीपक मिश्रा से पहले ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस रंगनाथ मिश्रा और जीबी पटनायक भी इस पद को संभाल चुके हैं।

कौन हैं जस्टिस दीपक मिश्रा?

जस्टिस दीपक मिश्रा की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, उनका जन्म 3 अक्टूबर 1953 को हुआ था। जस्टिस मिश्रा को याकूब मेमन पर दिए गए फैसले पर काफी सुर्खियां मिली थीं। याकूब मेमन की फांसी पर रोक लगाने वाले याचिका को जस्टिस दीपक मिश्रा ने खारिज कर दिया था। 30 सितंबर को जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने ही श्याम नारायण चौकसे की याचिका पर फैसला सुनाते हुए देश के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाए जाने का आदेश दिया था।

17 फरवरी 1996 में उन्हें ओडिशा हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया था। 3 मार्च 1997 में उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए कर दिया गया। 19 दिसंबर 1997 में वह स्थायी जज बन गए। 23 दिसंबर 2009 में वह पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने और 24 मई 2010 को उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का कार्यभार संभाला था।

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