व्यापारियों का संगठन सख़्त, बैन किए चीन के 500 सामान, लिस्ट जारी
कोरोना का मिल गया सस्ता इलाज, बाजार में आसानी से है उपलब्ध
LAC: लद्दाख़ में हिंसक झड़प, 20 भारतीय जवान शहीद, 43 चीनी सैनिक ढेर
भारत में कोरोना का रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से भी अधिक -पीएम मोदी
मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कही ये ख़ास बातें
LAC: हिंसक झड़प में तीन भारतीय जवान शहीद, 5 चीनी सैनिक ढेर
रवीना टण्डन ने किया फ़िल्म इंडस्ट्री के ‘काले कारनामों’ का ख़ुलासा
क्या है फ़िल्म इंडस्ट्री का ‘काला सच’, शेखर कपूर ने किया ख़ुलासा
सौम्या केसरवानी | Cinema desk
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने कल आत्महत्या कर ली, कोई भी अभी तक इस बात पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। एक तरफ फैंस अपने सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड से जुड़े सेलेब्रिटीज सोशल मीडिया पर अपना दुख जाहिर कर रहे हैं।
हालांकि इस बीच निर्देशक शेखर कपूर ने सुशांत के निधन से जुड़े पोस्ट में कुछ ऐसा कह दिया है, जिसे पढ़कर हर कोई हैरान रह गया है। उन्होंने खुलासा किया है कि, सुशांत उनके पास आकर रोया करते थे।
शेखर कपूर ने सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद ट्विटर पर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि, ‘मैं जानता था कि तुम किस दर्द से गुजर रहे हो, मैं जानता था उन लोगों की कहानी, जिन्होंने तुम्हें इतनी बुरी तरह निराश किया था, काश मैं पिछले 6 महीनों में तुम्हारे आस-पास रह पाता, काश तुम मुझसे बात कर पाते, तुम्हारे साथ जो हुआ वो तुम्हारा नहीं, बल्कि उन लोगों के कर्मों का फल है।’
शेखर कपूर के इस ट्वीट से जाहिर है कि वो जानते थे कि सुशांत के साथ कुछ ऐसा हुआ है, जो उन्हें अंदर तक आघात पहुंचा गया है। इस बात का खुलासा तो शेखर ने कर दिया, लेकिन उस घटना या उन लोगों के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया है, जिनके द्वारा सुशांत को निराश करने की बात वो ट्वीट में कर रहे हैं।
उनका आज विले पार्ले के सेवा समाज घाट पर अंतिम संस्कार किया गया, इस दौरान सुशांत के पिता, चचेरे भाई और तीन बहनें मौजूद थीं। सुशांत को कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि भी दी, सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उनके वाइटल ऑर्गन्स को आगे जांच के लिए जेजे अस्पताल भेजा है, रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है।
सर्वदलीय बैठक: संक्रमित परिवारों को लेकर कांग्रेस की माँग
न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
दिल्ली में कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार सबसे सुझाव लेना चाहती है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, इस मीटिंग में आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस और बसपा के प्रदेशस्तरीय नेता मौजूद रहे।
ऑल पार्टी मीटिंग में कांग्रेस ने डिमांड की है कि, टेस्टिंग सबके लिए होनी चाहिए क्योंकि यह हर एक का अधिकार है। कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि कोविड-19 मरीज के परिवार को 10,000 रुपये की मदद दी जाए, साथ ही कंटेनमेंट जोन में रहने वाले हर परिवार को भी इतनी रकम मिले।
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, पार्टी चाहती है कि हेल्थकेयर स्टाफ की कमी के चलते फोर्थ ईयर में पढ़ने वाले मेडिकल स्टूडेंट्स को नॉन-परमानेंट रेजिडेंट डॉक्टर्स की तरह इस्तेमाल किया जाए। हेल्थ स्टाफ के लिए बैचलर ऑफ फार्मेसी या नर्सिंग के फोर्थ ईयर स्टूडेंट्स काम आ सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री दिल्ली के हालात पर सीधे नजर रख रहे हैं, वह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और जरूरी निर्देश व मदद मुहैया करा रहे हैं। कल उन्होंने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी, और इसी मीटिंग में चार-चार डॉक्टरों की तीन टीमें गठित करने, टेस्टिंग को तीन गुना करने का फैसला हुआ था।
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 2,200 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान कोरोना के 7,353 टेस्ट हुए, जिनमें से 2,224 सैंपल कोरोना पॉजिटिव पाए गए, दिल्ली में कोरोना के कुल मामलेां की संख्या 41,182 हो चुकी है।

















