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Thursday, September 10, 2026
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फ़ैन्स को ख़ास तोहफ़ा देने आ रहा है ‘शक्तिमान’

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम

शक्तिमान के फैंस के लिए खुशखबरी है, फैंस को शक्तिमान की तरफ से जल्द ही एक बड़ा तोहफा मिल सकता है। मुकेश खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से इसके बारे में जानकारी दी है।

मुकेश खन्ना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह शक्तिमान के गेटअप में दिख रहे हैं, हालांकि इसमें थोड़ा सा ट्विस्ट है, और वो ये कि उन्होंने मास्क पहना हुआ है।

मुकेश खन्ना ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है कि, मेरे भीष्म इंटरनेशनल के यूट्यूब चैनल पर कुछ नया आएगा, इंतजार करिए और खुद जान जाइए।” उनकी इस पोस्ट के बाद फैंस कई तरह के कयास लगा रहे हैं। कमेंट बॉक्स में जहां कुछ लोग शक्तिमान के वापसी करने की बातें लिख रहे हैं, वहीं कुछ लोगों को लग रहा है कि शायद कोरोना के बारे में जागरुक करने के लिए मुकेश खन्ना ने खास एपिसोड शूट किया है।

बता दें कि, शक्तिमान भारत का पहला देसी सुपरहीरो तो था ही, लेकिन साथ ही इस शो के जरिए बच्चों को कई तरह की नसीहतें भी दी जाती थीं।

ग़ौरतलब है कि 90 के दशक का ये सुपरहिट शो तब इतना ज्यादा लोकप्रिय हुआ था कि इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया था। इस शो का प्रसारण साल 1997 में शुरू किया गया था और साल 2005 तक इस शो का प्रसारण किया गया।

करण जोहर के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, कहा, “ज़रूरी है नेपोटिज़्म”

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद पूरे देश में फिल्म इंडस्ट्री के दोहरेपन का मुद्दा ज्वलंत हो गया है। हर तरफ सिर्फ सिनेमा के फीके रंग पर बात हो रही है। सोशल मीडिया पर ‘परिवारवाद’ जैसे मुद्दे पर ज़ोरों से बहसबाज़ी चल रही है। इसी मसले पर अब नया बयान सामने आया है, विवादित फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा का।

रामगोपाल वर्मा अपने बयान के ज़रिए फिल्म निर्माता करण जोहर का पक्ष लेते हुए नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भी फिल्मों में परिवारवाद पर बहस कर रहे हैं, दरअसल वे इंडस्ट्री की समझ नहीं रखते। राम गोपाल वर्मा ने कहा कि सुशांत की आत्महत्या के लिए करण जोहर को ज़िम्मेदार मानना बिल्कुल गलत है।

राम गोपाल वर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा, “12 साल इंडस्ट्री में बिताने और इतना नाम और पैसा हासिल करने के बाद, अगर सुशांत अपनी जान ले लेते हैं, क्योंकि उन्हें बाहरी जैसा महसूस कराया जाता है, तो फिर उन 100 एक्टर्स के सुसाइड को भी ठीक ठहराया जा सकता है जो सुशांत के आसपास भी नहीं पहुंच पाए।”

राम गोपाल वर्मा अपने अगले ट्वीट में लिखते हैं कि अगर ये मान भी लें कि करण को सुशांत नहीं पसंद थे, तो ये उनकी पसंद है। हर फिल्म मेकर के अपने पसंदीदा कलाकार होते हैं, जिनके साथ वे काम करना चाहते हैं। वर्मा यहीं नहीं रुके, उन्होंने नेपोटिज़्म के मामले को सही ठहराते हुए कहा कि इसके बगैर (नेपोटिज़्म के) तो परिवार ही बिखर जाएगा।

राम गोपाल वर्मा ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए इस संबंध में एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, “नेपोटिज्म के बिना समाज बिखर जाएगा, क्योंकि परिवार से प्यार ही समाज का आधार है। जैसे आप दूसरे की पत्नी से ज्यादा प्यार नहीं कर सकते और आप दूसरों के बच्चों से भी अपने बच्चों से ज्यादा प्यार नहीं कर सकते।” हालांकि इस मामले को लेकर लोग राम गोपाल वर्मा की खिंचाई भी कर रहे हैं।

हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी -पीएम मोदी

फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!
फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!
न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
पूर्वी लद्दाख़ के गलवान घाटी में भारतीय जवानों की शहादत के बाद प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारत ने स्पष्ट कर दिया कि देश की संप्रभुता से हुए खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीन से हुए झड़प के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
जवानों की शहादत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय जवान मारते-मारते शहीद हुए हैं। देश उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगा। उन्होंने कहा कि “मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है।”
इस मामले में भारत के रूख को देखते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम इस मामले में स्पष्ट कह रहे हैं कि हम ज़्यादा झड़प नहीं चाहते। ग़ौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख़ में भारत-चीन के जवानों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के बीस जवान शहीद हो गए, जबकि भारतीय जवानों ने लगभग ४६ चीनी सैनिकों को हताहत कर दिया।

व्यापारियों का संगठन सख़्त, बैन किए चीन के 500 सामान, लिस्ट जारी

china is in big trouble
न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन की सैन्य आक्रामकता की निंदा की और चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान भी किया। सीएआईटी ने करीब 500 आयातित वस्तुओं की सूची भी तैयार की है। सीएआईटी ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य दिसंबर 2021 तक चीनी तैयार माल के आयात को 13 बिलियन डॉलर या लगभग 1 लाख करोड़ रुपये कम करना है।
सोमवार को लद्दाख में गलवान घाटी के पास भारत-चीन के बीच हुए टकराव के मद्देनज़र कैट ने यह कदम उठाया है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस अभियान के बारे में कहा, ‘चीन से भारत का आयात लगभग 5.25 लाख करोड़ अर्थात 70 बिलियन डॉलर सालाना है।
उन्होंने आगे कहा कि कैट ने प्रारंभिक चरण में 3,000 से अधिक उत्पादों का चयन किया है, जो भारत में भी बनती हैं, लेकिन चीन से व्यापारियों को सामान सस्ता मिलता है, इस लालच में लोग वहाँ से ये सामान आयात करते हैं। जबकि चीनी सामानों की जगह भारत में बनी हुई चीज़ें भी आसानी से उपयोग में लाई जा सकती हैं।
कैट द्वारा तैयार की गई इस सूची में रोज़मर्रा में काम आने वाली वस्तुएं जैसे- खिलौने, फर्निशिंग फैब्रिक, टेक्सटाइल, बिल्डर हार्डवेयर, फुटवियर, गारमेंट, किचन का सामान, लगेज, हैंड बैग, खाद्यान्न, घड़ियाँ, जेम एंड ज्वेलरी, वस्त्र, स्टेशनरी, कागज़, घरेलू वस्तुएं, फर्नीचर, लाइटिंग, हेल्थ प्रोडक्ट्स,पैकेजिंग प्रोडक्ट, ऑटो पार्ट्स, कॉस्मेटिक्स, गिफ्ट आइटम, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन अपैरल, यार्न, फेंगशुई आइटम्स, दिवाली एवं होली का सामान, चश्में, टेपेस्ट्री मैटेरियल आदि शामिल हैं।

कोरोना का मिल गया सस्ता इलाज, बाजार में आसानी से है उपलब्ध

सौम्या केसरवानी | navpravah.com
देश में कोरोना का कोहराम जारी है। अब तक 3,54,065 मरीजों की संख्या पहुंच चुकी है और 11,903 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है, वहीं इतने दावों और प्रयोगों के बीच कोरोना वायरस की एक अचूक दवा की बात भी सामने आ गई है।
इस दवा ने गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीजों को ठीक करने में सफलता हासिल की है। खबर ये है कि, एक देश ऐसा भी है जो कई महीनों से इस दवा की जमाखोरी भी कर रहा है।
कोरोना की इस अचूक दवा का नाम है डेक्सामिथेसोन, इस महामारी के बीच डेक्समेथसोन दवा लोगों के बीच उम्मीद की किरण लेकर आई है, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह दवा बेहद सस्ती और सामान्य रूप से बाजारों में मिल जाती है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के हवाले से लिखा गया है कि, ब्रिटेन के डॉक्टर इस दवा का उपयोग महामारी की शुरुआत से ही कर रहे हैं। डेक्समेथसोन एक स्टेरॉयड है, इसकी वजह से ब्रिटिश डॉक्टरों ने महामारी के दौरान 5 हजार लोगों को मरने से बचाया है।
इस दवा की वजह से मरीज के शरीर की सूजन कम होती है, यह उस शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कोरोना से लड़ने के लिए शरीर में हो रही लड़ाई को नियंत्रित करती है, इस दवा की वजह से ब्रिटेन में वेंटिलेटर्स पर मौजूद एक तिहाई मरीजों को बचाया जा सका है ।
ब्रिटेन के डॉ. अतुल गवांडे ने कहा कि डेक्समेथसोन की वजह से वेंटिलेटर्स पर मौजूद कोविड-19 के एक तिहाई मरीजों को मरने से बचाया गया है। पूरी दुनिया में अब तक कोरोना वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है और जो दवा सबसे ज्यादा कारगर है, उसका नाम है रेमडेसिविर (Remdesivir), इसकी वजह से मरीजों की रिकवरी बेहतर हो रही है।
(बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन न करें, यह घातक सिद्ध हो सकता है।)

LAC: लद्दाख़ में हिंसक झड़प, 20 भारतीय जवान शहीद, 43 चीनी सैनिक ढेर

न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
पूर्वी लद्दाख के गालवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ मंगलवार रात भारतीय जवानों की हिंसक झड़प हुई। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इस हिंसक झड़प में तक़रीबन २० जवान शहीद हो गए हैं। हालाँकि अभी तक इस बात की पुष्टि सेना इसे ओर से नहीं हुई है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह भी बताया है कि भारतीय पक्ष द्वारा सुने गए इंटरसेप्ट से पता चला है कि लद्दाख की गालवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में चीनी पक्ष की ओर से कम से कम 43 सैनिक जान गंवा चुके हैं।
शुरुआत में कर्नल समेत तीन जवानों के शहीद होने की खबरें आई थीं। लद्दाख इलाके में यह 1962 के बाद पहला ऐसा मौका है जब सैनिक शहीद हुए हैं। हालाँकि इस मामले को लेकर दिन भर उच्च स्तरीय बैठक का दौर जारी रहा।
रक्षा मंत्री ने सभी सेनाप्रमुखों के साथ और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत से मुलाकात के बाद पीएम मोदी को मामले की जानकारी दी. पूर्वी लद्दाख में हालात पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार दो बैठकें की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात गृहमंत्री अमित शाह से हुई।

भारत में कोरोना का रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से भी अधिक -पीएम मोदी

लॉकडाउन 4
लॉकडाउन 4
सौम्या केसरवानी | navpravah.com
देश में कोरोना संकट के बीच आज से दो दिनों की केंद्र और राज्यों की अहम बैठक शुरू हो गई है, पीएम मोदी आज पंजाब,चंडीगढ़ समेत पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ बैठक किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स, हेल्थ के जानकार, लॉकडाउन और भारत के लोगों द्वारा दिखाए गए अनुशासन की आज चर्चा कर रहे हैं। आज भारत में कोरोना का रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से ऊपर है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उसका बढ़ना जितना रोक पाएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, मार्केट खुलेंगे, ट्रांसपोर्ट के साधन खुलेंगे, और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे‌।
मुख्यमंत्रियों से बातचीत में पीएम ने कहा कि, किसान के उत्पाद की मार्केटिंग के क्षेत्र में हाल में जो रिफॉर्म्स किए गए हैं, उससे भी किसानों को बहुत लाभ होगा, इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे, उनकी आय बढ़ेगी और स्टोरेज के अभाव के कारण उनको जो नुकसान होता था, उसे भी हम कम कर पाएंगे।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कही ये ख़ास बातें

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
कोरोना संकट के बीच आज (मंगलवार) से दो दिनों की केंद्र और राज्यों की महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पंजाब,चंडीगढ़ समेत पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से संवाद में कहा कि इस संक्रामक बीमारी से किसी का भी निधन घोर पीड़ादायक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ हो रही बैठक में कहा कि भारत ने कोरोना के ख़िलाफ़ जिस तरह से लड़ाई लड़ी है, उसको भविष्य में अवश्य याद किया जाएगा। ये दौर इसलिए भी याद किया जाएगा कि कैसे इस दौरान हमने साथ मिलकर काम किया, को-ऑपरेटिव फ़ेडरलिज़म का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में रिकवरी रेट पचास प्रतिशत से अधिक है। आज भारत दुनिया के उन देशों में अग्रणी है, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का जीवन बच रहा है। प्रधानमंत्री ने अनुशासन को लेकर देश को चेताया कि हम जितने अनुशासित रहेंगे, हमें उतनी ही छूट मिलेगी और हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे दफ़्तर, मार्केट, ट्रांसपोर्ट के साधन जैसे-जैसे खुलेंगे, उतने ही रोज़गार के अवसर भी बनेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकल प्रोडक्ट के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड रणनीति की घोषणा की गई है, उसका भी लाभ हर राज्य को होगा। इसके लिए जरूरी है कि हम हर ब्लॉक, हर जिले में ऐसे प्रोडक्ट्स की पहचान करें, जिनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग करके, एक बेहतर प्रोडक्ट हम देश और दुनिया के बाज़ार में उतार सकते हैं।

LAC: हिंसक झड़प में तीन भारतीय जवान शहीद, 5 चीनी सैनिक ढेर

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
भारत और चीन के बीच जारी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार रात को दोनों देशों की सेनाओं में हुई झड़प में एक सेना के अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। ये घटना तब हुई जब सोमवार रात को गलवान घाटी के पास दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद सबकुछ सामान्य होने की स्थिति आगे बढ़ रह थी।
इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, सिर्फ़ भारत ही नहीं बल्कि चीन के भी कुछ सैनिकों को भी गम्भीर चोट पहुँची है। इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई ही हुई थी। झड़प में चीन की सेना को भी नुकसान पहुंचा है। चीन के 5 सैनिकों की मौत हुई है।
इस सम्बन्ध में भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।

रवीना टण्डन ने किया फ़िल्म इंडस्ट्री के ‘काले कारनामों’ का ख़ुलासा

Cinema desk | navpravah.com
सुशांत सिह राजपूत के निधन के बाद फ़िल्म इंडस्ट्री की असलियत परत-दर-परत खुल रही है। सुशांत के निधन के बाद से सभी बॉलीवुड प्रेशर को लेकर बात कर रहे हैं। इसी बीच रवीना टंडन ने सोशल मीडिया पर बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर कुछ खुलासे किए हैं। रवीना ने सोमवार को लगातार कई ट्वीट करते हुए फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई बड़ी बातों का ख़ुलासा किया।
रवीना ने अपने ट्वीट में लिखा, “होता ऐसा है कि आपको फिल्मों से हटा दिया जाता है। हीरो अपनी गर्लफ्रेंड को फिल्मों में लेते हैं या अपने कुछ लोगों के जरिए किसी के बारे में फेक न्यूज फैलाकर उनका करियर खत्म कर देते हैं। आपको बहुत स्ट्रगल करना पड़ता है, लेकिन कुछ लोग इसे झेल जाते हैं और कुछ नहीं।”
रवीना टण्डन की ये बातें सामान्य नहीं है। महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि जो बातें उन्होंने बिना नाम लिए कही, ऐसे लोग हैं कौन? बहुत से सवाल उठ रहे हैं रवीना के इस ट्वीट के बाद से। फ़िल्मी गलियारे में इस बात की भी चर्चा है कि कौन हैं वो लोग जिनकी वजह से कलाकारों की ज़िंदगी बर्बाद हो जाती है।
रवीना यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने एक और ट्वीट किया, उन्होंने लिखा, “जब आप इनके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो आपको झूठा कह दिया जाता है, पागल कहा जाता है।”
रवीना ने लिखा, “ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है, जो इंडस्ट्री में पैदा हुआ हो, ‘इनसाइडर’ जैसा कि मैं या फिर आउटसाइडर। जितना उन्होंने मुझे दबाने की कोशिश की, उतनी तेजी से मैंने फाइट बैक किया। गंदी राजनीति हर जगह होती है।”
रवीना की बातें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अभिनेता सुशांत भी इन्हीं फ़िल्मी माफ़ियाओं का शिकार हुए, जिससे आजिज़ आकर उन्होंने सुसाइड करना ही बेहतर समझा। सोशल मीडिया में इस बात को लेकर काफ़ी आक्रोश है। करण जौहर और सलमान ख़ान जैसे प्रोड्यूसर्स को बैन करने की भी बात की जा रही है।