SC ने कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज को शैक्षणिक वर्ष 2017-18 और 2018-19 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के छात्रों का प्रवेश लेने पर प्रतिबंध के केन्द्र के फैसले को निरस्त कर दिया है, यह निर्णय प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ मे लिया गया।
मेंगलोर के ‘कनाचुर इस्लामिक एजूकेशन ट्रस्ट’ ने 10 अगस्त के सरकारी आदेश को चुनौती दी थी, अब पीठ ने 2017-18 के लिए प्रवेश हेतु समयसीमा पांच सितंबर तक बढा दी है।
पीठ ने हालांकि भारतीय चिकित्सा परिषद को संस्थान का निरीक्षण करने तथा भारतीय चिकित्सा परिषद कानून में दिये अन्य कदम उठाने की अनुमति प्रदान की है। पीठ ने कहा कि केंद्र के दस अगस्त के इस आदेश को रद्द किया जाता है, यह आदेश इस अदालत के एक अगस्त के फैसले की भावना के अनुरूप नहीं मिला है।
शीर्ष अदालत ने एक अगस्त को केन्द्र को निर्देश दिया था कि कई निजी मेडिकल कॉलेजों को अनुमति देने के मुद्दे पर नये सिरे से विचार किया जाए, इसलिए छात्रों के प्रवेश लेने पर पाबंदी लगाई गई थी।
केन्द्र की ओर से पेश वकील ने कहा था कि निरीक्षण के दौरान कई सुविधाओं के संबंध में खामियां मिलीं थी, जिसके मद्देनजर ये फैसला लिया गया था, हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि कालेज में कोई बड़ी खामी नहीं हैं, इसलिए ये फैसला रद्द किया गया है।
उत्तराखंड के कई हिस्सों में 2 दिन से अत्यधिक बारिश हो रही है। बारिश से कल शाम देहरादून में भारी जलभराव की स्थिति रही, क्षेत्रीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे ऐसे ही तेज बारिश की आशंका है। पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल में 65 से 200 मिलीमीटर बारिश होने की चेतावनी के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बारिश के कारण तमाम जगह भूस्खलन की स्थिती रही, जिसकी वजह से पहाड़ी क्षेत्रों के कई मार्ग बंद कर दिये गये हैं। मौसम की स्थिती को देखते हुए बद्रीनाथ हाइवे बंद कर दिया गया है। इस वजह से 70 से ज्यादा लोग और तीर्थयात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने का काम चल रहा है।
जोशीमठ और गोविंदघाट के बीच पिनोला में राजमार्ग का 30 मीटर से अधिक हिस्सा बारिश में बह गया है, जिलाधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में हुए नुकसान का अभी पूरी तरह पता नहीं चला है।
मौसम विभाग ने अलर्ट के साथ ही एक परामर्श जारी करते हुए कहा है कि पहाड़ों में भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने तथा मैदानी इलाकों में निचले इलाकों के जलमग्न हो जाने की संभावना है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और पहाड़ी क्षेत्रों में नियंत्रित रखने की हिदायत दी गयी है।
चीन का पाक प्रेम इस कदर सर चढ़कर बोल रहा है कि उसने प्रधानमंत्री मोदी को चीन में होने वाले आगामी ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को संरक्षण दिए जाने की बात न करने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं. चीन इस बात से बेहद चिंतित है कि पीएम मोदी ने गत वर्ष गोवा ब्रिक्स सम्मेलन में जिस प्रकार से पाकिस्तान को ‘मदरशिप ऑफ़ टेररिज्म’ कहा था , वैसा दोबारा न हो.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुन्यिंग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि, ‘भारत द्वारा पाकिस्तान की बातों पर ज्यादा ध्यान देता है. जबकि ब्रिक्स जैसे प्लेटफार्म ऐसे मुद्दों पर बात करने के लिए उचित नहीं हैं. पाकिस्तान चीन का निकटतम सहयोगी है और ब्रिक्स में यदि उसपर कोई बात होगी तो चीन पाकिस्तान का बचाव कर सकता है.’
3 सितम्बर को चीन में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के विषय में भारत की भूमिका को लेकर चीन की प्रवक्ता ने कहा कि, ‘दुनिया का ध्यान ब्रिक्स में केन्द्रित होगा. सभी प्रासंगिक सहयोगियों को ध्यानपूर्वक चीन का साथ देना चाहिए ताकि ब्रिक्स समिट को कामयाब बनाया जा सके. ‘प्रासंगिक’ देशों की बात करने का अर्थ है भारत समेत सभी पांच देश.
चीनी प्रवक्ता ने पाकिस्तान के प्रति अगाध स्नेह प्रदर्शित करते हुए कहा, ‘सम्पूर्ण विश्व को ये समझना चाहिए कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी है जिसमें उसने बलिदान दिए हैं. पाकिस्तान सबसे आगे होकर आतंकवाद से लड़ाई लड़ रहा है.’
गौरतलब है कि चीन पाकिस्तान के प्रति बेहद सहानुभूति रखता है और उसे अमेरिका से भारत की निकटता बेहद खलती है. चीन एशिया में चाचा चौधरी की भूमिका निभाने के लिए बेहद उतावला है, यही वजह है कि उसने कई बार पाकिस्तान का बचाव करने में कोई संकोच नहीं किया. ब्रिक्स में पीएम मोदी को किस विषय में क्या बात करनी है ये अब चीन सिखाने लगा है. देखने वाली बात है कि आतंकवाद और पाकिस्तान के प्रति ‘मेड इन चाइना’ सहानुभूति वैश्विक पटल पर आतंकवाद पर नियंत्रण रख पाने में किस हद तक सफल हो पाती है.
डेरा सच्चा सौदा बाबा राम रहीम द्वारा बनाई गई एक आश्रम व्यवस्था है। बालिका ‘हनी’ ‘प्रीत’ के ‘गुरु’ ‘मीत’ राम रहीम ने अपने आश्रम का नाम पूर्ण मनो वैज्ञानिक शोध से रखा है। ‘डेरा’ का मतलब होता है एक वैकल्पिक व्यवस्था, जहाँ इंसान कुछ समय के लिए रुक सकता है। वहाँ सब सुविधा होती है, लेकिन वहाँ बस आप कुछ समय तक रह सकते हैं, कायम रूप से नहीं। यह डेरा बाबा राम रहीम के हिसाब से ‘सच्चा’ भी है, कोई ऑन पेपर बनाई गई फर्जी कंपनी नहीं, जो फर्जी रूप से कागज पर खुली है ,जो क्रय विक्रय के बिना ही बैलेंस शीट बना रही है। सारी व्यवस्था कागज पर, और पैसा गुल। तीसरा शब्द है ‘सौदा’। यह एक ऐसी व्यवस्था है जहाँ सौदेबाजी होती है। मतलब यह एक व्यापारिक स्थल, जहाँ सौदा होता है, यह सौदा सस्ता-महँगा हो सकता है। अब तक इस राम रहीम काण्ड के बाद हुई हिंसा में जितने लोग मारे गए हैं, उनके परिवार के लिए यह सौदा अत्यधिक महंगा ही पड़ा है।
आइये अब करें बाबा शब्द पर रिसर्च। ‘बाबा’ और ‘दादा’ दोनो हिंदी शब्दकोश के समान दर्जे वाले शब्द हैं, लेकिन दोनों शब्दों के कुछ और अर्थ भी हैं। जहाँ दादा पिता के पिता को कहते हैं, वहीं दादा पूरे इलाके के पिता को भी कहते हैं, लेकिन एक दादा से मिलता है आपको प्यार, और दूसरे से मिलती है मार। ऐसे ही, बाबा पिता को कहते हैं, लेकिन बाबा कई धार्मिक गुटों के सार्वजनिक पिता को भी कहते हैं, जैसे बाबा राम रहीम,आशाराम बापू और बाबा राम पाल आदि। ये गिनती में अनेक हैं। इन लोगों ने अपने नाम के साथ ‘राम’ लगाया है। इस नाम का सदुपयोग इन लोगों ने अपने हित के लिए बख़ूबी किया है। इन लोगों ने पवित्र राम नाम को जबरदस्ती गटर में ढकेल दिया है।
अब आपको समझते हैं बाबा और दादा के बीच का अंतर। अंतर यह है कि बाबा प्रेम से गला काटते हैं और दादा जबरदस्ती। जबरदस्ती कटने से तो लोग बचना भी चाहते हैं, उससे बचने के लिए लोग कुछ उपाय भी करते हैं। सरकार भी दादाओं से सुरक्षा देने के लिए वचनबद्ध होती है, लेकिन इन मीठी छुरी रुपी बाबाओं से बचने का कोई उपाय नहीं है। हाल में ही कई टीवी चैनलों ने दिखाया था कि बाबा आशाराम से आशीर्वाद लेने के लिए पूरे भारत वर्ष से तमाम राजनीतिक हस्तियां आती थीं। कौन-कौन से धन कुबेर नहीं आए होंगे! इसका एक कारण यह है कि राजनीतिज्ञों को बाबा और दादा के आशीर्वाद से सत्ता हासिल करने में सहयोग मिलता है और धन कुबेरों को उनके प्रोडक्ट और व्यापार की शुद्धता और विश्वास को सपोर्ट मिलता है, लेकिन आज वही आशाराम ‘बापू’ सबके लिए अपराधी आशा राम हो गए हैं। आखिर बनावटी कलर कब तक चलेगा! प्राकृतिक कलर कभी बदलता नहीं लेकिन बनावटी रंग से रंगा प्रोडक्ट कुछ समय बाद बदरंग हो ही जाता है।
कलमी पेड़ का नाम तो आप जानते ही होंगे। इस पेंड को बनाने की एक विधि होती है। एक पेड़ का तना और जड़ दूसरे पौधे की टहनी से जोड़ दिया जाता है, इससे दोनो पोधो का गुण लेकर तीसरे गुण वाला पौधा तैयार हो जाता है। ऐसे ही इन बाबाओं का प्राकृतिक गुण और कृत्रिम गुण मिलाकर तीसरा पौधा तैयार हुआ है। इनकी जड़ों से इन्हें जो पोषक तत्त्व मिलता है, वह दूषित रहता है ,जो पत्ते और टहनियां दिखाई देते हैं, वो आकर्षक तो होते हैं, लेकिन फल विषैले होते हैं। अंधविश्वास में पड़ा इंसान इन फलों के साथ साथ ‘धोखे’ को खाता है और परिणाम आपके सामने है।
लोगों की आस्था को चूना लगाने वाले आज के ये कथित साधू, महात्मा, संत, मुनि और भिक्षु सिर्फ कुछ चमत्कार, जादू-टोना दिखा कर जनता को मोह लेते हैं और फिर उसी जनता का शोषण करते हैं, जिसने इन्हें सर आँखों पर बिठाया और खुद राजसुख भोगते हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ जनता को मुख्य धारा से अलग करना,समाज को तोड़ कर एक अलग सम्प्रदाय बनाना,लोगों के दिलों में एक दूसरे के प्रति नफरत पैदा करना और परदे के पीछे खुद राजसुख भोगना होता है, लेकिन इसमें इनकी गलती कम, हमारी गलती ज्यादा होती है, क्योंकि इनके चमत्कार को अंध श्रद्धा का फूल चढ़ाना ,अपने आप को उनको समर्पित करना, यह गलती तो हमारी ही है।
दरअसल इनके अंदर कुछ जादू तो होता ही है, वो है वाकपटुता का जादू और इसी जादू के सहारे ये मजबूर और दुखी व्यक्तियों को अपने झांसे में लेते हैं। लोभी और लालची व्यक्तियों को अपना शिकार बनाते हैं। ये लोभी और लालची लोगों को बताएंगे कि बिना श्रम किए इनका धंधा कैसे फूलेगा-फलेगा। ये बताएँगे कि दुखी का दुख कैसे दूर होगा, ऐसे लोगों को ये आसानी से अपने प्रभाव में ले लेते हैं।
यह सत्य है कि ‘धर्म’ हर इंसान के अंदर होता है, जरूरत उसे पहचानने और जगाने की होती है। हम तो मात्र बाहरी धर्मों, हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन में उलझे रहते हैं, लेकिन ये धर्म नहीं हैं, ये समाज के कुछ तत्वों द्वारा लोगों को लोगों से तोड़ कर बनाए गए संप्रदाय हैं। धर्म तो वह शाश्वत धारा है, जो इंसान के अंदर सतत प्रवाहित होती रहती है और यह धर्म इंसान को इंसान से जोड़ने का काम करता है ,यह प्रेम पैदा करता है,धर्म मनुष्य का ‘स्व’भाव है। जो इंसान अपने ‘स्व’भाव को पहचान ले और ‘स्व’भाव में स्थिर हो जाए, जीवन में उसे और कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या कारण है कि लोग भगवान से ज्यादा भगवान के चमचों के पीछे भागते हैं? इसका एक मात्र कारण यही है कि लोगों का परमात्मा में विश्वास नहीं है। जी हां! चौकिये मत। जिसे हम परमात्मा के प्रति विश्वास कहते हैं, वह विश्वास नहीं, वह मात्र विश्वास का भ्रम है, क्योंकि अगर विश्वास होता, तो यह होता कि परमात्मा कभी किसी का बुरा नहीं कर सकता। अगर परमात्मा प्रसाद चढ़ाने वाले,हार-फूल, धूप-बत्ती चढ़ाने वाले का भला करे और बाकी लोगों को प्रताड़ित करे, तो परमात्मा और दानव में कोई अंतर नहीं है। मानव मात्र भटका हुआ है। गलत राह पर चल रहा है। उसके द्वारा किए गए कर्मो से उसकी खुद की आत्मा संतुष्ट नहीं होती है। इन कर्मों के साथ इंसान परमात्मा के सामने जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। इसलिए वह दलालों के माध्यम से परमात्मा को पटाना चाहता है और यही उसकी बड़ी भूल होती है। अपने मन को साफ कर यदि हम खुद परमात्मा के सामने जाएं, तो हमें किसी खोटे दलाल की जरूरत न पड़े। ये तथाकथित ‘बाबा’ , जो खुद माया, मद में डूबे पड़े हैं, आपको क्या ईश्वर तक ले जायेंगे! सच तो यह है कि हमारा भूत जो भी रहा हो, यदि हमें अपने कर्मों का एहसास हो जाए, तो परमात्मा हमें खुद बखुद गले लगाने को लालायित है। हम अपनी आस्था, श्रध्दा, भक्ति से परमात्मा को पा सकते हैं, किसी ढोंगी बाबा, साधू, साध्वी के जाल में फंसे बिना सद्गति को प्राप्त कर सकते हैं। बस समझ का फेर है,राम और रहीम का नहीं। (जारी…)
आज इसरो द्वारा जिस उपग्रह को लॉन्च किया जाना था वो निष्फल साबित हुआ है। पीएसएलवी सी 39 के माध्यम से आज इसरो ने आईआरएनएसएस 1एच सेटेलाइट को ऑर्बिट तक पहुंचाया जाना था। जिसकी लॉन्चिंग तो हुई लेकिन अपनी तीसरी चरण के इजेक्शन में हीटशील्ड उपग्रह से अलग ही नहीं हुई।
Launch mission has not succeeded. Heat shield has not separated as a result of which satellite is inside the 4th stage: ISRO Chief pic.twitter.com/x4wi7cVZAM
इसरो का यह स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली की ओर एक बड़ा कदम था जिसमें उसे असफलता का सामना करना पड़ा है।
सात बजे प्रक्षेपण समय निर्धारित था जिसके बाद इसे ऑर्बिट में जाकर स्थापित होना था। श्रीहरिकोटा स्थित सटीश धवन स्पेस सेंटर से इसे लॉन्च किया गया। लगभग 1400 किलो वजन वाले इस उपग्रह से देश की कई व्यवस्थाओं में सुधार होना था।
गौरतलब है कि इंडियन सेटेलाइट लॉन्चिंग सिस्टम ने दुनिया भर में अपनी धाक जमा दी है। IRNSS जिसे नेविगेशन विथ इंडियन कांस्टेलेशन को शार्ट फॉर्म में नाविक भी कहा जाता है। ये सिस्टम अमेरिका के GPS ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम की तरह ही काम करता है। इसकी रेंज भारत के 1500 के आसपास के क्षेत्र तक ही है।
इसी सिस्टम का उपयोग समुद्री जहाजों को रास्ता दिखाने व ट्रेन की लोकेशन बताने वाले तंत्र में किया जाता है। इसके साथ ही ऐसे कई क्षेत्रों में इस सिस्टम को इस्तेमाल किया जाता है।
अमेरिका रूस चीन जापान और यूरोपीय संघ के नेविगेशन सिस्टम की तरह ही, भारत के नाविक ने विश्व स्तरीय नेविगेशन प्रणाली में अपनी पैठ बना ली है। इसरो द्वारा लगातार भारत की नेविगेशन प्रणाली को विकसित किये जाने की ओर सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं जिससे देश को एक नई उम्मीद नज़र आई है।
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी अम्बाती रायुडु हैदराबाद में सीनियर सिटीजन से लड़ते हुए पाए गये हैं जिसका वीडियो वायरल हो गया है. ख़बरों के अनुसार रोड में टहलने निकले कुछ बुजुर्गों को अम्बाती रायुडु की कार से धक्का लग गया. जिसका विरोध बुजुर्गों ने किया तो क्रिकेटर उन बुजुर्गों से ही हाथापाई करने लग गया.
मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव किया और क्रिकेटर रायुडु को वापस उसकी कार में बैठाया. ख़बरों के अनुसार लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है. साथ ही रायुडु के खिलाफ बीसीसीआई में शिकायत करने की तैयारी भी की जा रही है.
हालाँकि औसत दर्जे का क्रिकेटर रायुडु इस समय टीम से बाहर है. उसने 34 वनडे मैचेस और 6 टी-20 मैचेस खेले हें. क्रिकेटर द्वारा सीनियर सिटीजंस के प्रति इस हाथापाई का वीडियो और न्यूज़ की पुष्टि न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्विटर के माध्यम से पोस्ट करके की है:
#WATCH: Cricketer Ambati Rayudu seen in scuffle with a man allegedly after argument over rash driving in Hyderabad (Unverified video source) pic.twitter.com/r1pdq5Lh9g
आदित्य सचदेव हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त रॉकी यादव को गया न्यायालय द्वारा दोषी करार दे दिया गया है. मई 2016 में आदित्य सचदेव की कार में गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद पूर्व जनता दल यूनाइटेड की नेता मनोरमा देवी के बेटे राजेश रंजन यादव उर्फ़ रॉकी को गिरफ्तार किया गया था.
न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्वीट कर अदालत के इस फैसले की पुष्टि की है:
Rocky Yadav & 3 others pronounced guilty in Aditya Sachdeva murder case by Gaya District Court. Quantum of sentence on 6 Sept. pic.twitter.com/mZ3PBYRC4K
ख़बरों के मुताबिक़ आने वाली 6 सितम्बर को रॉकी यादव की सजा सुनाइ जाएगी.
हत्याकांड के समय रॉकी यादव की माँ रूलिंग पार्टी की नेता थीं, इसलिए मुख्यमंत्री नितीश कुमार पर ये आरोप लगाये जा रहे थे कि वो मामले की जाँच धीरे तरीके से करवा रहे हैं.
आदित्य सचदेव की कार और गोली से हुआ छेद (PC: Indian Express)
गौरतलब है की 12वीं का छात्र आदित्य सचदेव अपने दोस्तों के साथ कार में गया-बोधगया मार्ग पर जा रहा था जहाँ उसने रॉकी यादव की रेंज रोवर एसयूवी गाड़ी को ओवरटेक कर लिया. जिससे गुस्सा होकर रॉकी यादव ने आदित्य सचदेव के सिर में गोली मार दी थी.
रॉकी यादव को न्यायालय हत्या का दोषी पाते हुए आईपीसी की धारा 302, 323, 427, व आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सजा सुनाएगी. उसका एक साथी बिंदी यादव जिसे आईपीसी की धारा 212, 177 के तहत दोषी पाया गया है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक महिला टीचर की दरिंदगी की खबर सामने आई है। इस टीचर ने एक आठ साल के बच्चे को महज दो मिनट में 40 थप्पड़ मारे हैं। मीडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार पीजीआई इलाके में स्थित सेंट जॉन विनि स्कूल की एक अध्यापिका गुस्से में इस कदर पागल हो गई कि उसने छोटे बच्चे को दनादन झापड़ जड़ दिए। बच्चे का नाम रितेश गुप्ता बताया जा रहा है जिसपर स्कूल टीचर रेटिका वी जॉन ने यह अत्यचार किया है। इतना ही नहीं, खबरों के मुताबिक टीचर ने बच्चे का कॉलर पकड़कर उसे घसीटा, गला दबाया और उसका सिर ब्लैक बोर्ड में जा पटका।
इस पूरी घटना का साक्ष्य तब सामने आया जब बच्चे ने अपने पिता से सारी बात बताई और पिता ने क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज निकलवाया। बच्चे ने बताया कि अटेंडेंस के दौरान उसने प्रेजेंट मैम नहीं बोला तो टीचर को भयंकर क्रोध आगया। क्रोध की आग में बेरहम टीचर इस कदर धधक उठी कि उसने नन्हे रितेश पर ताबड़तोड़ थप्पड़ों की बरसात शुरू कर दी।
न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की है:
#WATCH Teacher of Lucknow's St. John Vianney High School repeatedly slaps a student for not standing up on attendance call pic.twitter.com/DWlPfLhS1I
घर पहुंचकर जब बच्चे को पिता ने गुमसुम देखा और उसके सूजे हुए गालों पर ध्यान दिया तो स्तब्ध रह गए। पिता प्रिवेंद्र गुप्ता के कई बार पूछने पर भी बच्चे ने कुछ नहीं बताया। पिता ने जब उसके स्कूल के दोस्तों से पूछा तो उन्होंने बताया कि रितेश को सजा दी गई है। बुधवार को पिता प्रिवेंद्र गुप्ता स्कूल जाकर प्रिंसिपल रोनाल्ड रोड्रिग्स से मिले और उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। जिसके बाद प्रिंसिपल ने सीसीटीवी फुटेज चेक करवाया जिसे देखकर पिता के होश उड़ गए। उनके नंन्हे से बच्चे रितेश जिन्हें वो शिक्षा के मंदिर में अच्छी तालीम दिलवाने भेज रहे थे उनके साथ ये बर्बरतापूर्ण काम किया गया था। बच्चे ने बताया कि जब सातवीं पाली में टीचर अटेंडेंस लेने पहुंची तो वो ड्राइंग में खोया हुआ था और टीचर की आवाज पर उसका ध्यान नहीं गया। जिसके बाद टीचर गुस्से से भर उठी।
प्रिंसिपल से लाख माफी मांगने के बावजूद भी उस टीचर को स्कूल से निकाल दिया गया है। पिता ने पुलिस में इस मामले की शिकायत की है। मामले की जांच पुलिस ने जारी कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला का बहुचर्चित गुड़िया बलात्कार और हत्या का मामला अब राज्य सरकार के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए हिमाचल पुलिस के अधिकारियों और जवानों का अब नार्को टेस्ट होगा। डीडी न्यूज़ में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक, ‘सीबीआई हिमाचल पुलिस के अधिकारियों और जवानों को पूछताछ के लिए चंडीगढ़ ले जा रही है और फिर नार्को टेस्ट के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने मंगलवार को इस मामले में आईजी जहूर हैदर जैदी समेत 8 पुलिसकर्मियों को असली आरोपियों को बचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।सीबीआई इनसे गुड़िया मामले में कड़ी पूछताछ करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उन्होंने जांच में क्या पाया था।’
शिमला में गैंगरेप की घटना के बाद पूरा देश स्तब्ध रह गया था। मामला सीबीआई के पाले में पहुँचा तो कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने पुलिस विभाग के आईजी समेत 8 अन्य पुलिस कर्मियों को गिरफ़्तार कर लिया है। पुलिस पर रेप के मुख्य आरोपियों की जगह अन्य लोगों को अरेस्ट करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही इस केस के प्रति ढुलमुल रवैया अख्तियार करने का आरोप भी है।
दरअसल गत 4 अगस्त को शिमला के कोटखाई क्षेत्र में दसवीं क्लास की बालिका अचानक गायब हो गई। दो दिन बाद बालिका का शव जंगल से मिला। जांच में ये पता चला कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में गाला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया था।
सीबीआई ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कुछ रसूखदार प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए सेव बाग से कुछ अन्य लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था। मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।पुलिस ने जिन चार अन्य लोगों को गिरफ्त में लिया था उसमें से एक कि मौत तो थाने में ही हो गई। मामला इतना गंभीर था कि हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई केस की सघन छानबीन कर रही है जिसके तहत ये गिरफ्तारियां की गई हैं।
टिंग से लेकर टॉन्ग तक आजकल ऑनलाइन उपलब्ध है। आप गोबर के उपले तक ऑनलाइन खरीद बेंच सकते हैं। डिजिटल इंडिया का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। ऐसे में मुस्लिम धर्म का त्योहार बकरीद आने वाला है। बकरों का बाजार गर्म है। लोग बकरों की कीमत बढ़ा चढ़ाकर बता रहे हैं तो लोग खरीद भी रहे हैं।
मुम्बई की बारिश ने सड़कों पर इंसान को नहीं छोड़ा तो जानवर बेचारे कहाँ बचते। बकरीद पास है और बकरे भी खरीदने हैं तो आप ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं। जी हां। अब बकरे भी ऑनलाइन मिल रहे हैं। मुम्बई जैसे शहरों में तो बड़ी आसानी से आप बकरे की ऑनलाइन डील कर सकते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स वेबसाइट्स ओएलएक्स और क्विकर में बकरे सेल पर लगे हुए हैं। त्योहार का मौका है इसलिए थोड़ा शॉर्टेज हो सकता है लेकिन आप ऑनलाइन इन्क्वायरी करके बकरे खरीद सकते हैं। बाजार इतना गर्म है कि इन बकरों की कीमत 4 हजार से 1.5 लाख तक लगाई जा रही है।
टेक प्रेमी व्यापारियों ने ऑनलाइन बकरों की तस्वीरें, कांटेक्ट नम्बर आदि डाल रखे हैं। जिन पर विजिट करके आप अपनी डील फाइनल कर सकते हैं।
बात दें कि मुस्लिम सम्प्रदाय का एक प्रमुख त्योहार है बकरीद जिसमें बकरे को कुर्बान किया जाता है और इसके तीन हिस्से किये जाते हैं। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों के लिए, तीसरा पड़ोसियों के और बचा हुआ भाग गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है।