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Sunday, August 16, 2026
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 परमानेंट नौकरियाँ दें निजी कंपनियां, पीएफ भरेगी सरकार!

 एनपी डेस्क न्यूज़| Navpravah.com

भारत में रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार कई अहम फैसले लेने जा रही है। इनमें से पहला यह है कि परमानेंट नौकरी देने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को भेजा था, जिस पर सैद्धांतिक तौर पर मुहर लग गई है। राहत पैकेज की घोषणा के साथ या बाद में इस योजना की घोषणा की जा सकती है। सुस्त इकॉनमी में गति लाने के लिए राहत पैकेज की घोषणा अक्टूबर के आरंभ में हो सकती है।

मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार संगठित क्षेत्र में पिछले तीन साल में मात्र 6.70 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकी हैं, जबकि हर साल करीब 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को नौकरी की ज़रूरत होती है। आपको याद दिला दें कि सरकार प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरी के मौके उपलब्ध कराने का अपना वायदा भी नहीं निभा पा रही है। इकॉनमी की धीमी होती रफ्तार और डिमांड कम होने से हर साल लाखों आईटी इंजिनियर रखने वाली कंपनियां अब कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। देश के लिए यह अत्यंत चिंता का विषय इसलिए है, क्योंकि पिछले साल देश में बेरोजगारों की संख्या 1.77 करोड़ थी, जो इस साल 1.78 करोड़ तक जा सकती है।

श्रम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अधिकांश कंपनियाँ परमानेंट जॉब इसलिए नहीं दे पातीं क्योंकि उन पर वित्तीय बोझ बढ़ता है। इसलिए वह अस्थायी तौर पर युवाओं को भर्ती करती हैं। इसी बात से सरकार त्रस्त है क्योंकि इन वजह से वह अपना नौकरियाँ देने वाला वायदा पूरा नहीं कर पा रही है। अब अस्थायी तौर पर भर्ती को मार्केट और एक्सपर्ट नौकरी नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि कंपनियां ऐसी भर्तियां तीन महीने, छह महीने या सालभर के लिए करती हैं, बाद में नए लोगों को नौकरी पर रख लेती हैं।

इससे उन्हें सैलरी बढ़ाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। यही कारण है कि श्रम मंत्रालय ने इस विषय में वित्त मंत्रालय को यह सिफारिश भेजी है कि ज्यादा परमानेंट नौकरी देने वाली कंपनियों को टैक्स राहत के साथ पीएफ के योगदान में राहत दी जाए, जिसे सैद्धांतिक तौर पर मंजूर कर लिया गया है।

अब देश के हर डॉक्टर का होगा यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर-एमसीआई

एनपी डेस्क न्यूज़| Navpravah.com
अलग-अलग बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तलाश में अब आपको इस अस्पताल से उस अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही किसी भी फ़र्ज़ी डॉक्टर की भेंट भी न चढ़ना होगा, क्योंकि अब ‘मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई)’ ने देश के सभी मेडिकल प्रैक्टिशनर्स को ‘यूनीक परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर’ देकर सिंगल डिजिटल सिस्टम के तहत लाने का फैसला लिया है। अब देश भर के डॉक्टरों का ब्योरा अब आपको एक ही जगह पर मिल सकेगा।

एमसीआई का कहना है कि ड्यूप्लिकेट रजिस्ट्रेशन्स, फर्जी अस्पतालों पर रोक लगाने और मेडिकल प्रैक्टिस का नियमन करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मेडिकल से जुड़ी संस्थाओं ने इस कदम का स्वागत किया है। इससे महाराष्ट्र के उन डॉक्टरों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें हर 5 साल पर अपना रजिस्ट्रेशन रीन्यू कराना पड़ता था।

औरंगाबाद स्थित इंडियन मेडिकल असोसिएशन के अधिकारी रमेश रोहिवाल ने कहा कि यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम से उन डॉक्टरों को मदद मिलती है, जो स्थान बदल लेते हैं। रोहिवाल ने बताया, “इससे पहले दूसरे राज्य में जाने पर डॉक्टरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि वे किसी अन्य राज्य की मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड होते थे। यूनिक परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर से ऐसे डॉक्टरों को मदद मिलेगी। इसके अलावा डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की जानकारी हासिल करना भी आसान हो सकेगा।”

रोहिवाल ने कहा कि महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के नियम के तहत डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन रीन्यू कराने से पहले एक साल और दो साल का बॉन्ड पूरा करना होता था। यह सुविधा उन डॉक्टरों के लिए है, जिन्होंने अपनी ग्रैजुएशन, पोस्ट-ग्रैजुएशन और सुपर स्पेशियलिटी डिग्री 1980 से 2000 के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेज से पूरी की है। रोहिवाल ने कहा है कि ऐसे तमाम डॉक्टर हैं, जिन्होंने कभी भी बॉन्ड पूरा नहीं किया और प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस प्रकार यूनीक परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से मेडिकल क्षेत्र की ऐसी तमाम धांधलियों को रोकने में मदद मिलेगी।

लालकिला पर धूमधाम से मनाया गया दशहरा

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
देशभर में कल दशहरा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। यह त्योहार अश्विन माह में शुक्ल पक्ष के दसवें दिन मनाया जाता है, पुराणों के आधार पर आज के ही दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था, जबकि इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था।
आज देश के कोने-कोने में विजय दशमी के अवसर पर रावण के बड़े-बड़े पुतले बनाये जाते हैं, रामलीला मंचन में दशहरा वाले दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं, इसी क्रम मे कल दिल्ली में भी दशहरे की धूम दिखाई दी, लाल किले पर रावण दहन देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू मौजूद थे, वहीँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई कैबिनेट मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल थ। जबकि यहाँ होने वाले कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए थे।
पीएम और राष्ट्रपति ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को तिलक लगाकर आरती की, फिर राम लीला मैदान में राम लीला का मंचन हुआ, रामलीला मंचन के कुछ देर बाद रावण दहन किया गया।
कार्यक्रम मे पीएम मोदी ने संबोधन करते हुए कहा कि त्यौहार सामाजिक शिक्षा का प्रतीक है, और कहा कि भगवान राम के सभी आदर्शों पर लोगों को चलना चाहिए और हम सभी को एक बेहतर देश बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

इविवि में छात्रसंघ चुनाव का बजा बिगुल, चुनावी शोर हुआ तेज

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ का चुनाव घोषित हो गया है, जिसके बाद छात्र नेताओं ने प्रचार प्रसार में पूरी ताकत लगाना शुरू कर दी है, विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही चुनाव आचार संहिता की दुहाई दे रहा होगा, लेकिन छात्र नेता आचार संहिता का उल्लंघन आराम से कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सहित जिला प्रशासन की भी तैयारियां जोरों पर है, लेकिन छात्र नेताओं पर फर्क नहीं पड़ रहा। विश्वविद्यालय कैम्पस सहित आस पास और शहर के सभी प्रमुख स्थानों और चौराहों पर संभावित प्रत्याशियों ने अपने होल्डिंग और बैनर से पूरे इलाके को पाट दिया है।
छात्रसंगठन भी राजनीतिक दलों की तरह छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर वादे करते घूम रहे हैं। छात्रनेता छात्रों का हक दिलाना और उनके हक की लड़ाई लड़ने के बड़े-बड़े वादों के साथ प्रचार कर रहे हैं। छात्र संघ चुनाव भी विधान सभा और लोक सभा की तरह लड़े जा रहे है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र संघ चुनाव एक बार लड़ने की बाध्यता के कारण जितने वाले प्रत्याशी छात्र हित के मुद्दों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही को नहीं समझते है और वह अपनी जीत के बाद अपनी धुन में जी रहे है, अगर बीते दो कार्यकाल की बात करे तो पदाधिकारियों का ज्यादा समय विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ लड़ाई में ही बीत रहा है।

पंचोली ने कंगना और रंगोली को भेजा मानहानि का नोटिस, कंगना की बढ़ी मुश्किलें

एंटरटेनमेंट डेस्क । Navpravah.com

कंगना रनौत और आदित्य पंचोली का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कंगना को मानहानि का नोटिस भेजने के बाद अब आदित्य ने उनकी बहन रंगोली को भी मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस के मुताबिक़,  एक इंटरव्यू में आदित्य ने कहा है कि, ‘कंगना की बहन रंगोली ने अपने ट्वीट्स में मेरी पत्नी, बेटी और बेटे के खिलाफ आपत्त‍िजनक बातें लिखी हैं। इसलिए मैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा हूं।’

आपको बता दें कि कंगना रनौत ने पिछले दिनों एक टीवी इंटरव्‍यू में ऋतिक रोशन, आदित्य पंचोली सहित कई बड़ी बॉलीवुड हस्तियों पर कई इल्जाम लगाते हुए सनसनीखेज खुलासे किये थे। कंगना ने आदित्‍य पर तमाम आरोप लगाए थे। आदित्य उन्हें अक्सर परेशान करते थे। आदित्य के बारे में बात करते हुए उन पर उनके शोषण का इल्जाम लगाया था,  कंगना ने ये तक कह दिया था कि उन्होंने ये सारी बातें आदित्‍य की पत्‍नी जरीना वहाब को भी बताई थी, लेकिन उन्‍होंने उनकी मदद नहीं की। इसके बाद जरीना ने कंगना के इल्जामों को खारिज कर उनपर झूठ बोलने का इल्जाम लगाया था। बात यहीं नहीं थमी इसके बाद कंगना की बहन रंगोली भी इस विवाद में कूद पड़ी और एक के बाद एक कई ट्वीट्स करते हुए आदित्य और उनकी पत्नी पर निशाना साधा था।

इस सब आरोपों पर अब आदित्‍य पंचोली ने कंगना के खिलाफ कदम उठाया है। कंगना के एक्स ब्वॉयफ्रेंड आदित्य पंचोली और पत्नी जरीना वहाब ने उन्हें क्रिमिनल और मानहानि का नोटिस भेजा था। आदित्य और जरीना ने अपने केस के लिए जमीर खान और श्रेया श्रीवास्तव नाम के वकील भी हायर किए हैं। आदित्य पंचोली का कहना है, “मैंने कंगना को लीगल नोटिस भेजा है। यह कानूनी प्रक्र‍िया है, यदि कंगना मुझ पर लगाए आरोपों को साबित कर पाती हैं तो मैं जेल जाऊंगा।”

अब आदित्य पंचोली ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कंगना पर कानूनी कारवाई की है। उन्होंने और उनकी पत्नी जरीना वहाब ने कंगना को मानहानि का नोटिस भेजा है। इसके लिए आदित्य और जरीना ने दो वकील भी नियुक्त किए हैं।

फिलहाल आदित्य इस बारे में मीडिया से बात करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये एक प्रक्रिया है, जिसके तहत उन्होंने लीगल नोटिस भेजा है। लेकिन वो अभी इस पर बात नहीं करना चाहते हैं। कंगना की बातों पर असहमति जताते हुए आदित्य ने उन्हें पागल तक कह दिया था, इन लीगल नोटिस ने कंगना की मुसीबतें फिलहाल बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर उनकी फिल्‍म सिमरन भी बॉक्‍स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। यह बताया जा रहा था कि कंगना का टीवी इंटरव्‍यू उनके फिल्‍म प्रमोशन का हिस्‍सा था।

मध्यप्रदेश : भाई की जान बचाने के चक्कर में बहन की हुई मौत

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

भोपाल: मध्यप्रदेश में जबलपुर के भेड़ाघाट घूमने आई एक महिला वकील की सेल्फी लेने के चक्कर में नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई। अपने भाई के साथ उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले से यहां आई थी, घटना के समय महिला का छोटा भाई सेल्फी लेते हुए नदी में गिर गया था, जिसे बचाने के लिए महिला ने भी छलांग लगा दी।

मौके पर मौजूद लोग सिर्फ महिला के भाई को ही बचा सके। पीड़िता तेज बहाव के साथ नदी में बह गई। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। भेड़ाघाट थाना प्रभारी जितेन्द्र यादव ने बताया, ‘मृतक महिला की पहचान विनीता बिष्ट (29) के रूप में की गई है। वह पेशे से वकील थी। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के हाथरस निवासी विश्व बंधु बिष्ट अपने परिवार के साथ भेड़ाघाट घूमने आये थे।

इसी दौरान, अधिवक्ता बेटी विनीता अपने छोटे भाई विनायक (21) के साथ न्यू भेड़ाघाट में चट्टानों पर खड़ी हो गई और विनायक सेल्फी लेने लगा। चट्टान से बगल से ही नर्मदा नदी बह रही थी और बरसात के मौसम के चलते नदी की धारा तेज थी। उसी दौरान विनायक अनियंत्रित होकर नदी में गिर गया। उसे बचाने के लिए विनीता ने भी नदी में छलांग लगा दी। किसी तरह स्थानीय लोगों ने विनायक को तो बचा लिया, लेकिन विनीता नदी के तेज बहाव में बह गई। इस बात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।

यादव ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से विनीता की तलाश शुरू कर दी। एक घंटे के प्रयास के बाद स्थानीय गोताखोरों ने उसका शव बरामद किया। पुलिस ने केस दर्ज कर लाश का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

एलफिंस्टन भगदड़: आज रेलवे नहीं मना रहा है दशहरा

अनुज हनुमत । Navpravah.com

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर इस बार त्यौहार से पूर्व होने वाली रोशनी की जगमगाहट नजर नहीं आ रही है क्योंकि रेलवे कर्मचारी दशहरा त्यौहार का जश्न नहीं मनाते हुए एलफिंस्टन रोड पर हुए हादसे के शोक में शामिल हो रहे हैं।

कल देर रात मुंबईवासियों ने एलफिंस्टन रेलवे पुल पर एक कैंडल मार्च निकाला और मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। पश्चिमी रेलवे के मुख्य प्रवक्ता रविन्द्र भाकर ने कहा ‘‘हां यह सच है कि कल हुए दुखद हादसे के बाद आज रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक दशहरा नहीं मना रहे है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हमारे सभी अधिकारी और कर्मचारी इस हादसे के कारण दुखी है और उन्होंने स्वाभाविक रूप से दशहरा नहीं मनाने का निर्णय किया है।’’

इस भगदड़ में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गयी और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह हादसा कल परेल और एलफिंस्टन स्टेशन रोड़ को जोड़ने वाले एक संकरे फुट ओवर ब्रिज पर हुआ था। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुनील उदासी ने कहा कि मध्य रेलवे के कर्मचारी भी आज दशहरा त्यौहार नहीं मना रहे है।

उन्होंने कहा ‘‘इस दर्दनाक हादसे के कारण रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने दशहरा नहीं मनाने का निर्णय लिया।’’ हालांकि हर बार त्यौहार से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन रोशनी से जगमगाता है लेकिन कल रात इस इमारत में उदासी और अंधकार छाया रहा।

जल्द ही ‘मुन्नाभाई’ सिरीज़ के तीसरे पार्ट को लेकर आएंगे संजू बाबा

कोमल झा । Navpravah.com

संजय दत्त की ‘मुन्नाभाई’ सीरीज के तीसरे पार्ट को लेकर कई तरह की रिपोर्ट्स मीडिया में आईं, पर अब तक ये तय नहीं हो सका कि ये फिल्म बनेगी भी या नहीं। लेकिन मुन्नाभाई के चाहने वालों को दुःखी होने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि फिल्म सच में बनने जा रही है। इस बात का दावा खुद बॉलीवुड के मुन्नाभाई यानि संजय दत्त ने किया है।

‘भूमि’ के बाद अब संजय ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ के लिए बीकानेर में शूटिंग कर रहे हैं। इसी दौरान एक इंटरव्यू में संजय ने बताया कि ये फिल्म जरूर बनेगी। बता दें कि संजय दत्त की फिल्म ‘मुन्नाभाई एमएमबीएस’ और ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ काफी हिट हुई थी और इसीलिए अब दर्शक इसके अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इंटरव्यू के दौरान संजय दत्त ने बीकानेर से जुड़ी अपनी यादों को साझा करते हुए कहा कि यह शहर काफी बदल गया है। उन्होंने कहा कि वे 24 बरस पहले क्षत्रिय फिल्म की शूटिंग के लिए यहां आए थे, तब के और अब के बीकानेर में रात दिन का अंतर है। उन्होंने रसगुल्ला की मिठास को याद करते हुए बीकानेर से दिल्ली के लिए शुरू हुई हवाई सेवा के लिए केंद्र और राज्य सरकार को धन्यवाद भी दिया।

जेल से छूटने के बाद से ही संजय अब करियर को लेकर और भी सजग और एक्टिव हो गए हैं। आए दिन अपने इंटरव्यूज में संजय आज के युवाओं को ड्रग्स और नशे की लत से दूर रहने की सलाह भी देते आए हैं. उन्होंने अपने फ़ैंस को संदेश देते हुए कहा कि वे उनका खूब आदर करते हैं और उन्हीं की बदौलत वे तमाम मुश्किलों से उबर पाए हैं।

गोरक्षा के नाम पर कानून तोड़ना ठीक नहीं – मोहन भागवत

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

आरएसएस ने आज नागपुर में दशहरा के पावन अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया, विजयादशमी का दिन आरएसएस का स्थापना दिवस भी है। इस अवसर पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत सहित संघ के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

नागपुर मुख्यालय में स्थापना दिवस का कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित होता है और शस्त्र पूजन भी किया जाता है, बीजेपी के वरिष्ठ नेतालाल कृष्ण अडवाणी भी इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल हुए। विजयादशमी कार्यक्रम में एल के आडवाणी, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

मोहन भागवत ने कार्यक्रम में कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा नहीं होनी चाहिए, गोरक्षा के नाम पर कानून तोड़ना ठीक नहीं। गाय के नाम पर हिंसा को धर्म से ना जोड़ें, आतंकियों से सख्ती से निपटने को लेकर भी मोहन भागवन ने सरकार की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि 70 साल में पहली बार दुनिया का ध्यान भारत पर गया, गुलामी में रहने के कारण हम अपना महत्व भूल गए हैं, संकटों से आगे बढ़कर चलना ही जिंदगी है।

आगे कहा कि एक ही मॉडल हर जगह नही चलता, हर देश का अपना अलग अलग मॉडल होता है, सरकार को लघु उद्योग और सेना की सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

भगदड़ में मृतकों के परिजन को मिलेगा 10 लाख रूपये का मुआवजा: गोयल

भारतीय रेलवे ने की लापरवाह करमचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

अनुज हनुमत|Navpravah.com

आज मुंबई स्थित एलफिंस्टन रोड के रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर जो भगदड़ मची, उसमें अब तक 30 से भी ज्यादा यात्रियों की मौत हो चुकी है। मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि अस्पताल में भर्ती अनेक घायलों की हालत गंभीर है।

29 सितम्बर को सुबह जब बरसात हो रही थीं तब पानी से बचने के लिए हजारों यात्री पुल पर ही खड़े रहे, लेकिन तभी पुल के टूटने की अफवाह उड़ी और देखते-देखते मौत की भगदड़ मच गई। सब जानते हैं कि किसी भी रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस के साथ रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी तैनात होते हैं। हालात को नियंत्रण में करने के लिए रेलवे का अपना स्टॉफ भी होता है।
 सवाल उठता है कि हादसे के वक्त रेलवे से जुड़े लोग कहां थे? क्या रेलवे पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों की कोई जवाबदेही नहीं है? जब बरसात की वजह से भीड़ पुल पर खड़ी रही तो पुलिस ने हालात क्यों नहीं संभाले? सब जानते हैं कि हर स्टेशन पर पुलिस और सुरक्षा बल के जवान लूट-खसोट में लगे रहते हैं। जांच पड़ताल के नाम पर यात्रियों को ही परेशान किया जाता है।
यदि पुलिस और सुरक्षा बल के जवान ईमानदारी से ड्यूटी दे रहे होते तो 30 यात्रियों की मौत नहीं होती। किसी भी जांच से पहले पुलिस और और सुरक्षा बल के जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए। स्टेशन प्रबंधन से जुड़े अधिकारी दोषी हैं।
क्या गोयल इस्तीफा देंगे?
रेल दुर्घटना को लेकर गत माह ही सुरेश प्रभु ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। सवाल उठता है कि क्या अब नए रेल मंत्री पीयूष गोयल इस्तीफा देंगे? यह हादसा भी गोयल के अपने मुंबई शहर में हुआ है। असल में रेल मंत्री कोई भी हो, लेकिन जब तक नीचे की व्यवस्था नहीं सुधरेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
एक ओर हम जापान की मदद से अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चला रहे हैं तो दूसरी ओर स्टेशन पर भगदड़ से 30-30 मौतें हो रही हैं। अच्छा हो कि हम पहले अपनी व्यवस्था को सुधारें। बुलेट ट्रेन तभी सफल होगी, जब सामान्य ट्रेनों में सफर सुरक्षित होगा।