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Sunday, August 16, 2026
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यूपी: थाने में दारोगा ने की मासूम बच्ची से रेप की कोशिश

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश में जहां कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के दावे किए जा रहे हैं| वहीं यूपी पुलिस रक्षक होकर भी भक्षको जैसे भयानक काम कर रही है|

खाकी को दागदार करता हुआ एक सनसनीखेज मामला सामने आया है| यहां नशे में धुत एक दरोगा एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश करने करने लगा| आरोपी ने चौकी परिसर में ही इस वारदात को अंजाम दिया| मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया| फिलहाल आरोपी दरोगा को ससपेंड कर दिया गया है|

जानकारी के मुताबिक, यह मामला रामपुर के भंवरका इलाके का है. रात लगभग 11 बजे आरोपी दरोगा तेजवीर सिंह 6 वर्षीय बच्ची को बहला फुसला कर चौकी परिसर में ले गया| इसके बाद नशे में धुत आरोपी पीड़िता के साथ रेप करने की कोशिश करने लगा| नाबालिग बच्ची ने बचने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया| तभी कुछ लोग वहां आ गए|

बच्ची की आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने देखा कि आरोपी दरोगा नग्न अवस्था में पड़ा हुआ है और मासूम के साथ रेप करने की कोशिश कर रहा है| इसके बाद ग्रामीणों ने दरोगा को पकड़ लिया| सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन में आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर इस मामले की तत्काल जांच करने के आदेश दे दिए है|

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर नाबालिग बच्ची के रेप की कोशिश कर आरोप लगा था| इस मामले की शुरूआती जांच में आरोप सही नजर आया| आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया गया है| आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां इसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया| पुलिस मामले की जांच कर रही है|

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई| कुछ ही देर में एसपी डॉ. विपिन ताडा और लीओ केमरी विजय बहादुर सिंह मौके पर पहुंच गए| आरोपी पर नाबालिग बच्ची के रेप की कोशिश कर आरोप लगा था| इस मामले की शुरूआती जांच में आरोप सही नजर आया| एसपी ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया| इसके बाद उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया|

 

कानपुर घटना : ऐसी छोटी घटनाएँ तो होती रहती हैं – सत्यदेव पचौरी

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

यूपी के कानपुर जिले में रविवार को हुयी दो हिंसक घटनाओं के पीछे कानपुर प्रशासन की ये दूसरी नाकामयाबी है। यहां के निवासियों का कहना है कि इससे पहले जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर में हुए दंगे में भी फेल साबित हुए थे। इसके बाद कानपुर में भी फेल साबित हुए हैं।  इस घटना पर यूपी के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बड़ा बयान  दिया है।

कानपुर हिंसा पर यूपी के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि ऐसी छोटी घटनाएँ तो होती रहती हैं, इस घटना पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मंदिर में हुआ लाठीचार्ज बिलकुल गलत हुआ है। इस घटना की जांच में जो दोषी होगा, उस पर कार्यवाई की जायेगी।

चार दिन पहले से कानपुर में कल्यानपुर थाना क्षेत्र के रावतपुर में हुए बवाल को पुलिस जैसे तैसे रविवार को लाठीचार्ज के बाद शांत करा पाया था, लेकिन रविवार की देर शाम जूही थाना क्षेत्र के परमपुरवा में मोहर्रम का जुलूस दूसरे रास्ते से निकालने को लेकर बवाल हो गया। बवाल इतना बढ़ गया कि फायरिंग, पथराव और आगजनी हो गई। इसमें कई वाहनों को आग लगा दी गई वहीं कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी घायल हो गए।

वहीं कानपुर बवाल पर मंत्री सतीश महाना ने बयान देते हुए कहा कि पुलिस की लापरवाही से ये हिंसक घटना हुई है, मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जायेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी घटना को दुःखद बताया है और कहा कि मामले की जांच जल्द से जल्द होगी।

 

UP : प्रशासन ने राहुल के अमेठी दौरे की अनुमति दी

राहुल गाँधी ने कहा १० दिन में कर्ज माफ़ करेंगे

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बुधवार से होने वाले तीन दिवसीय दौरे को जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।

अमेठी के जिलाधिकारी योगेश कुमार ने कहा, ‘‘राहुल को चार से छह अक्तूबर के बीच अमेठी आना था। हमने कभी इस दौरे से मना नहीं किया। हमने जिला कांग्रेस प्रमुख को गोपनीय पत्र भेजा था कि दौरे को एक या दो दिन के लिए टाल दिया जाए क्योंकि सुरक्षाकर्मी दुर्गा मूर्ति विसर्जन और मोहर्रम के मददेनजर व्यस्त हैं।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद तय कार्यक्रम के अनुसार ही आना चाहते थे इसलिए प्रशासन से इसकी मंजूरी दे दी।

इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि राहुल को दौरा स्थगित करने के लिए कहकर भाजपा सरकार ने अपनी कायरता और भय को दर्शाया है। सरकार को आशंका है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के दौरे से दस अक्तूबर को होने वाला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केन्द्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी एवं नितिन गडकरी का दौरा धूमिल पड़ सकता है।

जिला कांग्रेस प्रमुख योगेन्द्र मिश्र ने कहा कि राहुल अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से मिलने आ रहे हैं। उन्हें रोका नहीं जा सकता। वह तय कार्यक्रम के अनुसार चार अक्तूबर को आएंगे।

 

रणवीर सिंह ने ड्राइवर को नहीं दी 2 महीने से सैलरी, बॉडीगार्ड ने कर दी फिल्म के सेट पर ड्राइवर की पिटाई

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह अक्सर अपने अतरंगी स्टाइल और लव लाइफ की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन इस बार वो एक गलत वजह से न्यूज हेडलाइंस में हैं. अब खबर है बताया जा रहा है कि रणवीर की वजह से संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के सेट पर शूटिंग में दिक्कत आ गई. पद्मावती के सेट पर रणवीर सिंह के ड्राइवर और बॉडीगार्ड में मारपीट की वजह से रुकावट आ गई. जिसके बाद खुद भंसाली को बीच बचाव करना पड़ा.  दरअसल रणवीर के ड्राइवर का आरोप है कि रणवीर ने दो महीने से उसे सैलरी नहीं दी है.

पद्मावती के खास सीन के लिए रणवीर सिंह के साथ फिल्म सिटी में शूटिंग चल रही थी. तभी बाहर से रणवीर के बॉडीगार्ड विनायक और ड्राइवर सूरज पाल के आपस में लड़ने की आवाजें आने लगी. जिसके बाद क्रू ने दोनों को झगड़ा बंद करने को कहा. लेकिन वो माने नहीं. वे आपस में एक-दूसरे पर चिल्लाते रहे.

सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि ड्राइवर सूरज रणवीर के मैनेजर से अपनी 2 महीने की बकाया सैलरी मांग रहा था. उसे दो महीने का मेहनताना जो कि 85000 है नहीं मिला था. लेकिन रणवीर की मैनेजर उसकी सुनने के मूड में नहीं थी. मैनेजर ने बॉडीगार्ड से ड्राइवर को बाहर करने को कहा. फिर गुस्साए बॉडीगार्ड ने ड्राइवर सूरज को पीटना शुरू कर दिया. इस बीच मैनेजर ने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन प्रयास असफल रहा.

जब मामला निर्देशक संजय लीला भंसाली के सामने आया तो उन्होंने ड्राइवर को नौकरी से निकाल दिया और 1 दिन के अंदर बकाया सैलरी देने का भरोसा दिया.लेकिन खबरों के मुताबिक, अभी तक ड्राइवर को उसकी सैलरी नहीं मिली है. उसने रणवीर की बहन को भी कॉन्टैक्ट किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. आखिरकार ड्राइवर ने इस मामले को यूनियन के पास ले जाने का प्लान किया है.

बता दें, फिल्म की कहानी रानी पद्मावती की जिंदगी पर आधारित है. फिल्म में दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती की भूमिका में हैं. वहीं शाहिद कपूर फिल्म में दीपिका के पति यानी रावल रतन सिंह का रोल कर रहे हैं. ये देखना दिलचस्प है कि फिल्म में रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी के रोल में हैं. ऐसा पहली बार है, जब रणवीर नेगेटिव रोल में नजर आएंगे. फिल्म 1 दि‍संबर को रिलीज होगी.

 

अब लोग टैक्स के महत्व को समझ रहे हैं और बदलाव देखने को मिला है : अरुण जेटली

अरुण जेटली 1 जनवरी को पेश करेंगे बजट

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अब लोग टैक्स के महत्व को समझ रहे हैं और बदलाव देखने को मिला है : अरुण जेटली

कस्टम एक्साइज और नारकोटिक्स के स्थापना दिवस और भारतीय राजस्व सेवा अधिकारियों के 67वें बैच के पासिंग आउट कार्यक्रम में वित्त मंत्री अरुण जेटली कल शामिल हुए थे। उन्होंने देश के विकास को लेकर छिड़ी बहस पर दो टूक जवाब दिया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन लोगों को विकास चाहिए, वो उसकी जरुरी कीमत चुकाएं, पैसे का ईमानदारी से खर्च किया जाना जरुरी है। टैक्स को लेकर उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि टैक्स न देने को लोग शिकायत नहीं मानते हैं, उन्होने कहा कि अब लोग टैक्स के महत्व को समझ रहे हैं और बदलाव देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के सुधार में ये बहुत महत्वपूर्ण होता है, टैक्सेशन में कोई ग्रे एरिया नहीं है, सभी लोग अब टैक्स दे रहे हैं, अब टैक्स के महत्व को समझ रहे हैं और इनकम टैक्स अधिकारी भी अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग टैक्स के दायरे में आते हैं उनसे टैक्स वसूली की जानी चाहिए, इसमें कोई रियायत या वसूली में ढील नहीं दी जानी चाहिए। देश में डायरेक्ट टैक्स एक खास वर्ग देता था, जब अर्थव्यवस्था बढ़ रही थी तो भारत इनडायरेक्ट टैक्स पर चल रहा था। उन्होंने कहा कि सभी को जड़ों से जुड़े रहना जरुरी है।

 

यशवंत ने अब मोदी की कश्मीर नीति पर उठाए सवाल

यशवंत सिन्हा का जेटली पर हमला

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की ओर से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े करने के बाद उठा राजनीतिक गुबार अभी शांत भी नहीं हुआ कि सिन्हा ने अब मोदी की कश्मीर नीति को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के लोगों को हम भावनात्मक रूप से गंवा चुके हैं|

यशवंत सिन्हा ने कहा, मैंने जम्मू-कश्मीर के आमलोगों में अलग-थलग पडऩे का भाव देखा है। ये बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है। कश्मीर घाटी में जाने पर आपको साफ महसूस होगा कि उन्हें हम पर भरोसा नहीं रह गया है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अपनी चिंताएं उन्हें बताना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 10 महीने पहले मुलाकात का समय मांगा था, जो उन्हें अब तक नहीं मिला। उन्होंने कहा, मैं जबसे सार्वजनिक जीवन में आया हूं, राजीव गांधी समेत किसी भी प्रधानमंत्री ने मुझे मुलाकात का समय देने से इनकार नहीं किया। ये मेरे अपने प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने मेरे साथ ऐसा बर्ताव किया। इससे मुझे बेहद दुख हुआ है, इसलिए अब अगर कोई मुझे फोन करके बातचीत के लिए बुलाएगा, तो मैं कहूंगा, माफ कीजिए, वो वक्त अब निकल चुका है।

इससे पहले देश में मंदी के हालात और सरकार की आर्थिक नीतियों पर सिन्हा ने सवाल उठाए थे। एक अंग्रेजी में लिखे लेख में उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी आड़े हाथों लिया था। उन्होंने लिखा था, प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने काफी करीब से गरीबी को देखा है, उनके वित्त मंत्री इस बात के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं कि देश का हर नागरिक भी गरीबी को करीब से देखे।

यशवंत सिन्हा ने फिर कहा कि मुद्रा बैंक जैसी योजनाओं की कामयाबी के मोदी सरकार के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रा स्कीम वाजपेयी सरकार के दौरान शुरू की हुई प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना का ही दूसरा नाम है। इसके तहत दिए गए कर्ज की औसत रकम आज सिर्फ 11 हजार रुपये है आप ही बताइए इतनी कम रकम से कौन सा बिजनेस खड़ा हो सकता है?

 

राजनाथ समेत कई नेता कर रहे जोखिम भरी हवाई यात्रा, कभी भी हो सकती है घटना

Many politicians including Rajnath are risky air travel, can happen at any time

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बीएसएफ के एयर विंग के एक पायलट ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, किरेन रिजीजू समेत कई अन्य नेता असुरक्षित हवाई यात्रा कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि कई वीआईपी हेलीकॉप्टर अवर्गीकृत पायलट उड़ा रहे हैं और एयरक्राफ्ट की देखरेख भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। पत्र में कहा गया कि कई वीआईपी की हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा और उड़ान से जुड़ी मानक प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया जा रहा है।

पत्र लिखने वाले विंग कमांडर योगेश कुमार दक्ष ने कहा कि जून 2015 से एक भी फ्लाइट सेफ्टी बैठक नहीं हुई है। विंग कमांडर दक्ष के अनुसार इस दौरान एयर विंग ने पायलटों की प्री-फ्लाइट मेडिकल जांच भी नहीं की है और बेस ऑपरेशन के नाम पर टेलीफोन ऑपरेटर कंट्रोल रूम के तौर पर काम कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि ये चॉपर सैन्य नियमों के तहत पंजीकृत हैं और भारतीय वायु सेना द्वारा तय किए गए मानक प्रक्रिया (एसओपी) के तहत उड़ान भरते हैं। पिछले कुछ महीनों में ये देखने में आया है कि इन निर्देशों और मानक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। इस प्रवृत्ति के घातक परिणाम/दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसकी वजह से वायुकर्मियों और यात्रियों की जान को भी खतरा हो सकता है।”

पत्र में कहा गया है कि बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी इन्फ्रा रेड (आईआर) फ्लेयर नहीं जिससे किसी मिसाइल से होने वाले हमले को रोका जाता है। पत्र में विंग कमांडर दक्ष ने लिखा है,“बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी आईआर फ्लेयर नहीं है और इसके बिना ही हेलीकॉप्टर अक्सर उड़ान भरते हैं, तब भी जब वीआईपी यात्रा कर रहे होते हैं।” आईआर फ्लेयर का प्रयोग मिसाइलों से बचाव के लिए किया जाता है। इस बात की कम आशंका है कि देश के अंदर उड़ान भरते समय कोई मिसाइल से गृह मंत्री के हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने की कोशिश करेगा। विंग कमांडर दक्ष ने आगे लिखा है, कश्मीर में उड़ान भरते समय ये एतहियात जरूरी है।

बता दें कि जुलाई महीने में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू की अरुणाचल प्रदेश  में यात्रा के दौरान एमआई-17 हेलीकॉप्टर में खराब मौसम के कारण आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी। अब यह बात सामने आई है कि उनका हेलीकॉप्टर उड़ा रहे पायलटों में से एक अवर्गीकृत (प्रशिक्षु) पायलट था।

 

MP : सरकार से नाराज अध्यापक फिर लामबंद, भोपाल में आज बड़ा आंदोलन

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर अध्यापकों का जमावड़ा लग रहा है| सरकार के खिलाफ अध्यापकों ने मोर्चा खोल दिया है|  एक बार फिर अध्यापकों ने  बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। शिक्षा विभाग में संविलयन की मांग को लेकर और वेतन कटौती से नाराज अध्यापक संघर्ष समिति के बैनर तले गांधी जयंती पर भोपाल में उपवास रखकर धरना देंगे। इसी साल नौ महीने में इस कैडर का यह पांचवां आंदोलन है।  अपनी मांगों को लेकर अध्यापक रविवार को भोजपुर शिव मंदिर से पैदल मार्च करते हुए राजधानी पहुंचे। सोमवार को ये पुरानी विधानसभा के सामने उपवास पर बैठेंगे। मिंटो हॉल में गांधीजी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर धरना प्रदर्शन करेंगे|

 मध्यप्रदेश अध्यापक संयुक्त संघर्ष समिति के आव्हान पर प्रदेशभर के अध्यापक 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे। पूरे प्रदेश में 2 लाख 80 हजार अध्यापक हैं। इसे लेकर अध्यापक संघर्ष समिति की बैठक हुई।   बैठक में भोपाल, सीहोर, रायसेन, गुना, राजगढ़, विदिशा, होशंगाबाद, ग्वालियर, इंदौर, रीवा, सतना समेत कई जिलों से आए अध्यापक शामिल हुए। प्रदेश भर से आने वाले सभी अध्यापक आज यादगारे शाहजहांनी पार्क पहुंचेंगे। वहां से जत्थे की शक्ल में पुरानी विधानसभा के लिए रवाना होंगे। वहां महात्मा गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपवास पर बैठेंगे। अध्यापक विभाग और सरकार के रवैये से खुश नहीं हैं। मौजूदा तबादला नीति से भी सिर्फ पांच फीसदी अध्यापकों को ही लाभ मिल सका है।

 

महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता का आधिकारिक दर्जा नहीं, RTI के जवाब में सरकार ने कहा

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

एक आरटीआई से खुलासा हुआ कि सरकार भगत सिंह को शहीद नही मानती और आज 2 अक्टूबर को एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि महात्मा गांधी को सरकार की तरफ से राष्ट्रपिता का दर्जा भी नही है । ऐसा देश है मेरा । जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया आज सरकार उन्हें उचित सम्मान तक देने की हालत में नही है ।

‘सब उन्हें राष्ट्रपिता कहते हैं, लेकिन भारत सरकार ने न तो उन्हें इसकी कोई उपाधि दी है और न ही आधिकारिक रूप से दर्जा। सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले उन्हें यह संबोधन दिया था, जिसके बाद सभी उन्हें राष्ट्रपिता कहने लगे।’

यह जानकारी संस्कृति मंत्रालय की गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की ओर से आरटीआई के जवाब में दी गई है। गुरुनानक पाठशाला कन्या हाई र्स्कूल के प्रबंधक गुरुप्रकाश सिह ने इसी साल 27 जून को जन सूचनाधिकार के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी थी।

जवाब में 30 अगस्त को गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के प्रशासनिक अधिकारी शाहिद अहमद जमाल ने बताया है भारत सरकार ने इस संबंध में कोई भी नियम या अध्यादेश पारित नहीं किया है।

1944 में रेडियो रंगून से दिया था संबोधन

सरकार की ओर से दिए जवाब में कहा गया है कि 1915 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने सबसे पहले गांधीजी को महात्मा कहा था। जबकि 1944 मे रेडियो रंगून से संबोधन के दौरान सुभाष चंद्र बोस ने गांधी जी को राष्ट्रपिता कहा था।

महात्मा कहे जाने का निर्णय बरकार

शाहिद अहमद जमाल के मुताबिक, इस संबंध में एक याचिका गुजरात हाई कोर्ट में दायर की गई थी। जिसमें 19 फरवरी 2016 को गुजरात हाई कोर्ट ने रवींद्रनाथ टैगोर के गांधी जी को महात्मा कहे जाने के निर्णय को बरकरार रखा।

वहीं इस बारे में इतिहासकार डॉ. एनसी मेहरोत्रा का कहना है, महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के सर्वेसर्वा थे। उनका योगदान सबसे ज्यादा था। जिस तरह जय प्रकाश नारायण को लोकनायक, बाल गंगाधर तिलक को लोकमान्य का संबोधन दिया गया, ठीक उसी तरह महात्मा गांधी के योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपिता कहकर बुलाया गया।

 

प्रेमी ने प्रेमिका के पति को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया!

The boyfriend's girlfriend shot her dead sleep!

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में कथित तौर पर एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के पति को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए वह प्रेमिका के बेडरूम में घुस गया, जहां उसके पति को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। इस मामले में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

पुलिस ने कहा कि इस मामले में अबतक पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बर्धमान जिले के कांसका के निवासी चंचल घोष की शनिवार देर रात उनके बैडरूम में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद महिला रिया घोष और उसके प्रेमी झांटुम मंडल को शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

 

कांसका पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य अभियुक्तों से पूछताछ करने के बाद साजिश में शामिल मंडल की मां, पिता और चाची को गिरफ्तार किया गया है। मृतक के परिवार के सदस्यों के अनुसार, मंडल और रिया के बीच कथित रूप से विवाहेतर संबंध थे और जब चंचल को उनके संबंधों के बारे में पता चला, तो उन्होंने उसे मारने की साजिश रची।

 

मृतक की बहन ने आरोप लगाया, “उन्होंने उसकी मौत की साजिश रची। रिया ने अपने ससुर को दुर्गा पूजा के अवसर पर अपने घर आमंत्रित किया, ताकि मेरा भाई घर में अकेले रहे और फिर उसने अपने प्रेमी को मेरे भाई को मारने के लिए भेजा।”

 

मृतक की बहन ने आगे कहा, “हमें इंसाफ चाहिए। मेरे भाई की हत्या में जो भी शामिल है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”