एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
बीएसएफ के एयर विंग के एक पायलट ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, किरेन रिजीजू समेत कई अन्य नेता असुरक्षित हवाई यात्रा कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि कई वीआईपी हेलीकॉप्टर अवर्गीकृत पायलट उड़ा रहे हैं और एयरक्राफ्ट की देखरेख भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। पत्र में कहा गया कि कई वीआईपी की हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा और उड़ान से जुड़ी मानक प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया जा रहा है।
पत्र लिखने वाले विंग कमांडर योगेश कुमार दक्ष ने कहा कि जून 2015 से एक भी फ्लाइट सेफ्टी बैठक नहीं हुई है। विंग कमांडर दक्ष के अनुसार इस दौरान एयर विंग ने पायलटों की प्री-फ्लाइट मेडिकल जांच भी नहीं की है और बेस ऑपरेशन के नाम पर टेलीफोन ऑपरेटर कंट्रोल रूम के तौर पर काम कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि ये चॉपर सैन्य नियमों के तहत पंजीकृत हैं और भारतीय वायु सेना द्वारा तय किए गए मानक प्रक्रिया (एसओपी) के तहत उड़ान भरते हैं। पिछले कुछ महीनों में ये देखने में आया है कि इन निर्देशों और मानक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। इस प्रवृत्ति के घातक परिणाम/दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसकी वजह से वायुकर्मियों और यात्रियों की जान को भी खतरा हो सकता है।”
पत्र में कहा गया है कि बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी इन्फ्रा रेड (आईआर) फ्लेयर नहीं जिससे किसी मिसाइल से होने वाले हमले को रोका जाता है। पत्र में विंग कमांडर दक्ष ने लिखा है,“बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी आईआर फ्लेयर नहीं है और इसके बिना ही हेलीकॉप्टर अक्सर उड़ान भरते हैं, तब भी जब वीआईपी यात्रा कर रहे होते हैं।” आईआर फ्लेयर का प्रयोग मिसाइलों से बचाव के लिए किया जाता है। इस बात की कम आशंका है कि देश के अंदर उड़ान भरते समय कोई मिसाइल से गृह मंत्री के हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने की कोशिश करेगा। विंग कमांडर दक्ष ने आगे लिखा है, कश्मीर में उड़ान भरते समय ये एतहियात जरूरी है।
बता दें कि जुलाई महीने में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू की अरुणाचल प्रदेश में यात्रा के दौरान एमआई-17 हेलीकॉप्टर में खराब मौसम के कारण आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी। अब यह बात सामने आई है कि उनका हेलीकॉप्टर उड़ा रहे पायलटों में से एक अवर्गीकृत (प्रशिक्षु) पायलट था।










