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Wednesday, August 19, 2026
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40 साल के पार्टी अध्यक्षों की चयन प्रक्रिया का हिसाब दे भाजपा -कांग्रेस 

40 अध्यक्षों का हिसाब दे बीजेपी: कमलनाथ
एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
 
जैसे ही आज राहुल गाँधी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा, वैसे ही कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग चालू हो गई। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को औरंगजेब राज मुबारक, कांग्रेस कोई पार्टी नहीं एक कुनबा है और यह लोकतंत्र की कोई जगह नहीं है। 
 
कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री मोदी के हमले की जवाब देने में देरी नहीं की। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए कौन सा बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाते हैं, भाजपा का अध्यक्ष नागपुर से आरएसएस तय करती है।
 
राहुल गाँधी के नामांकन भरने पर मामला तब गरमाया, जब एक कांग्रेसी नेता ने अध्यक्ष चुनाव में धांधली का आरोप लगा दिया। इस आरोप को लेकर पीएम मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पार्टी पर तीखे  हमले किए। सोशल मीडिया पर भी राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाने की काफ़ी आलोचना की जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अध्यक्ष चुनाव का नतीजा पहले से ही तय है और परिवारवाद के तहत उन्हें कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बना दिया जाएगा। 
 
वहीं कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि कांग्रेस एकमात्र देश की ऐसे पार्टी है, जहाँ पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होते है। इसके प्रमाण हैं, सोनिया गाँधी को कांग्रेस पार्टी पद के लिए जीतेंद्र प्रसाद चुनौती दे चुके हैं। हालाँकि कि वे यह चुनाव हार गए थे और सोनिया गाँधी के सामने सिर्फ 02 वोट ही मिले थे। 
 
कमलनाथ ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने कभी भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होते सुने है क्या ? क्योंकि भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद नागपुर से आरएसएस तय करती है। उन्होंने बाक़ी पार्टियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे देश की कई क्षेत्रीय पार्टी जैसे समाजवादी पार्टी, आरजेडी पार्टी इत्यादि पार्टी में बाप के बाद आज उनकी पार्टी की कमान उनके बेटे ही सम्भाल रहे हैं।    

विद्या बालन को FDA ने भेजा नोटिस

विद्या बालन को मिली FDA से नोटिस
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com 
विद्या बालन को उनकी फिल्‍म ‘तुम्‍हारी सुलु’ के लिए हर जगह तारीफें मिल रही हैं। रविवार को इस फिल्‍म को स्‍टार स्‍क्रीन अवॉर्ड्स में कई अवॉर्ड भी मिले हैं, लेकिन इस बीच विद्या के लिए एक बुरी खबर भी आई है। एक वेबसाइट की खबर के अनुसार, फूड एंड ड्रग असोसिएशन ने विद्या को कफ सीरप प्रमोट करने के लिए नोटिस भेज दिया है।
अपनी फिल्‍म के प्रमोशन के दौरान विद्या अपने किरदार में कफ सीरप का प्रमोशन करती दिख रही हैं। इस विज्ञापन में विद्या कहते हुए नजर आती हैं, ‘सुलु के हर सफर में उसका साथी, ‘टोरेक्‍स’ कफ सीरप हो तो अलविदा खांसी।’ ऐसे में मिड-डे की खबर के अनुसार, मेडिकल एक्टिविस्‍ट डॉ तुषार जगताप ने एफडीए को इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
जगताप का कहना है, “अगर कोई दवा, जिसे सिर्फ डॉक्‍टर के प्र‍िस्क्रिप्‍शन से ही दिया जा सकता है, उसे इस तरह से प्रचारित नहीं किया जा सकता है। वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार, एफडीए कमिश्‍नर का कहना है कि हम कफ सीरप का प्रमोशन करने के लिए फिल्‍म के प्रमोशन हाउस को एडवाइसरी नोटिस भेजेंगे।
पिछले हफ्ते रिलीज हुई तुम्‍हारी सुलु में विद्या बालन एक सामान्‍य गृहणी के किरदार में नजर आई हैं, जो कई सपने देखती है। इस फिल्म में विद्या बालन ने लेट नाइट आरजे की भूमिका निभाई है।

कुमार विश्वास जल्द ही कर सकते हैं आम आदमी पार्टी (2) का एलान!

राजेश सोनी । Navpravah.com
 
आम आदमी पार्टी और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है। ताज़ा विवाद आप नेता और मशहूर कवि कुमार विश्वास से जुड़ा हुआ है। कुमार ने नई दिल्ली में आप कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद कहा कि वे जल्द ही आम आदमी पार्टी वर्जन (2) लाएंगे। 
 
कुमार ने आगे कहा कि वे कार्यकर्ताओं को ‘एंटी वायरस’ लगाएंगे, जो चुने हुए जनप्रतिनिधियों और संगठन में हो रही गलतियों, कमियों को उजागर कर सकेंगे, ताकि कमियों को दूर किया जा सकें। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भरोसा भी दिलाया कि पार्टी को छोड़ने वाले नेताओं जैसे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को संवाद कर पार्टी में वापस लाया जाएगा। 
 
वहीं कुमार की इस टिप्पणी का दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी नेता ने ऐसे किसी भी बयान का कुमार विश्वास द्वारा दिए जाने का खंडन किया है। स्वराज फाउंडेशन के प्रवक्ता अनुपम ने कुमार विश्वास पर हमला बोलते हुआ कहा कि दूसरों को वापसी के लिए कहने के बजाय उन्हें पार्टी और खुद को सही रास्ते पर लाना चाहिए। 
 
कुमार ने कहा कि हमारे और हमारे पार्टी के कार्यों से नाखुश होकर इसे पहले कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। सूची लंबी है। इनमें सुभाष बारे, अंजलि दमानिया, मयंक गाँधी, धर्मवीर गाँधी और योगेंद्र यादव पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। 

गुजरात चुनाव: पीएम मोदी ने औरंगज़ेब से की राहुल गाँधी की तुलना 

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
राजेश सोनी । Navpravah.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरे जाने पर तंज कसा हैं। उन्होंने कहा कि बादशाह को पता ही होता है कि आगे जाकर उसकी औलाद ही गद्दी पर राज करेगी। 
मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस को औरंगजेब राज मुबारक हो। उन्होंने एक के बाद एक कई हमले कांग्रेस पर किए। मोदी ने कहा कि कांग्रेस कोई पार्टी नहीं बल्कि एक कुनबा है, जहां सिर्फ एक परिवार का राज चलता है। इस पार्टी में लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है। शाहजहां और अकबर सबको पता था कि आगे जाकर उनके बेटे ही निरविरोध उनकी विरासत संभालेंगे। 
आपको बता दें कि पिछले काफ़ी समय से राहुल गाँधी की कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने की अटकलें जा रही रही थीं। उनके नामांकन भरने के बाद सारी अटकलें अब दूर हो गई हैं और अब उनका अध्यक्ष बना लगभग तय है। कुछ ही दिन पहले उनको अध्यक्ष बनाये जाने के फैसले पर महाराष्ट्र भाजपा  प्रवक्ता शहजाद पूणामवाला अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। 

‘योगी’ राज में लगे देश विरोधी नारे, 111 लोगों पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज 

राष्ट्र विरोधी नारे लगे, योगी चिंतित
एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
 
धौरहरा पुलिस ने देशविरोधी नारेबाजी में 111 लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने राष्ट्रद्रोह की शिकायत धौरहरा नगर पंचायत भाजपा प्रत्याशी सुषमा शुक्ला के बेटे के कहने पर दर्ज की है। काफी माथापच्ची के बाद धौरहरा पुलिस ने इन राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। 
 
आपको बता दें कि निकाय चुनाव के नतीजों के बाद एक जीते हुए प्रत्याशी का विजय जुलूस निकल रहा था। इसी जुलूस में पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान विरोधी नारेबाजी प्रत्याशी के समर्थकों ने की। राष्ट्रविरोधी नारेबाजी के बाद क्षेत्र का माहौल खराब होने लगा था। किसी तरह पुलिस ने माहौल को खराब होने से रोका और मामले को शांत कराया। 
 
राष्ट्रविरोधी नारेबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से ऐसे लोगों पर सख्त करवाई की मांग कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सुषमा शुक्ला के शिकायत पर पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। 
 
मुक़दमे में धौरहरा पुलिस ने मुन्ना, इमरान, शकील, कलीम शराफत, यूनुस समेत 11 लोगों नामजद और  100 अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्रविरोधी नारेबाजी का मुकदमा दायर किया है। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी, उसी के आधार पर इन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है, अगर यह लोग दोषी पाए गए तो इन पर सख्त करवाई की जाएगी। 

राम मंदिर मामले में मोहन भागवत पर भड़के ओवैसी

तीन तलाक पर बोले असदुद्दीन ओवैसी
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कुछ दिन पहले कहा था कि राम मंदिर अयोध्‍या में ही बनेगा। भागवत के इस बयान से भड़कते हुए एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”किस अधिकार से मोहन भागवत कह रहे हैं कि अयोध्‍या में मंदिर बनेगा? सुप्रीम कोर्ट में अभी केस की सुनवाई हो रही है, क्‍या मोहन भागवत देश के चीफ जस्टिस हैं?
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस और भाजपा चुनावी राज्य गुजरात में ‘जातिवादी राजनीति’ कर रही हैं और मुसलमानों की ‘अनदेखी’ की जा रही है। उन्होंने कहा, ”सभी मंदिर जा रहे हैं, सभी लिख रहे हैं कि मैं हिन्दू हूं, मैं ब्राह्मण हूं, लेकिन यदि आदिवासियों के बाद कोई सर्वाधिक पिछड़ा है तो वह मुस्लिम है।”
यूपी निकाय चुनावों में कांग्रेस और सपा की करारी शिकस्‍त पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा था कि इनकी हार के लिए हमको जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है। कटाक्ष करते हुए कहा कि आपमें जीतने का दम नहीं है और हमें जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं।
यूपी के निकाय चुनावों में पहली बार उतरी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अपना खाता खोल लिया। इन चुनावों में जनता ने पार्टी के 12 निगम पार्षद चुने, 4 नगर पालिका परिषद सदस्य भी निर्वाचित हुए और एक नगर पंचायत अध्यक्ष और तीन नगर पंचायत सदस्‍य भी चुने गए।
पार्टी ने पूरे दम-खम के साथ इन चुनावों में लड़ने का ऐलान किया था, दसअसल, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी इन चुनावों के जरिये राज्‍य में राजनीतिक जमीन तलाशने में जुटी थी और इन सीटों पर जीत के साथ ही उसने राज्‍य में अपना खाता खोल लिया।

चित्रकूट पुलिस के पिछले सात महीने के कार्यों का डीएनए सच, जरूर पढिये ये आंख खोलने वाली रिपोर्ट

DNA report on chitrakoot police

अनुज हनुमत | Navpravah.com 

चित्रकूट | धर्मनगरी चित्रकूट ने डकैतों के आतंक और खौफ के नंगे नाच को दशकों तक मूकदर्शक बनकर देखा। न जाने कितने लोगों ने इस आतंक के भय से अपनी माटी तक छोड़ दी। पुलिस ने हमेशा ही समय-समय पर डकैतों के हौसले पस्त किये, लेकिन इस समस्या का जड़ से खात्मा आज तक सिर्फ इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि दादूलैंड से लेकर ददुआलैंड तक के सफर में इस क्षेत्र के सियासी चेहरों का बड़ा सहयोग रहा। फिलहाल पिछले सात महीने से चित्रकूट पुलिस की कार्यशैली यह बताने के लिए पर्याप्त है कि इस लंबी समयसीमा के दौरान यूपी पुलिस के जवानों ने कितनी जबरदस्त मेहनत की है!

जी हाँ, उधर उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही योगी सरकार ने आदेश जारी किया था कि अब अपराधी और डकैत दोनों ही किसी सूरत में नही बचेंगे। इधर चित्रकूट पुलिस ने पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र के नेतृत्व में पिछले सात महीनों में अपराधिओं और डकैतों की कमर तोड़ कर रख दी है। आलम यह कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में चित्रकूट दौरे के दौरान डकैत उन्मूलन के लिए चलाये जा रहे अभियान हेतु एसपी प्रताप गोपेन्द्र की पीठ थपथपाई थी। लेकिन कुछेक नेताओं और दलालों को चित्रकूट पुलिस की, अर्थात पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र की कार्यशैली पच नहीं पा रही है, इसलिए इनके स्थान्तरण हेतु कई नेताओं ने मोर्चाबंदी तेज कर दी है।

बहरहाल पिछले सात महीनों  में चित्रकूट पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के आंकड़ो पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि कम दिनों में कैसे धर्मनगरी चित्रकूट से पुलिस के जांबाजों ने डकैतो के खौफ और आतंक का खात्मा किया। पिछले सात माह में चित्रकूट पुलिस की डकैतों से 11 मुठभेड़ हुई, जिसमें 21 डकैत सहित उनके समर्थक सलाखों के पीछे भेजे गए। अब तक दस्यु गिरोहों के खिलाफ हुई कार्यवाही में 19 असलहे और 65 कारतूस बरामद की गई। चार डकैत घायल अवस्था मे पकड़े गए एवं एक डकैत को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। ये तमाम आंकडे शब्दो या अंकों की बाजीगरी नहीं, बल्कि मौजूदा समय मे चित्रकूट की हकीकत है।

गौरतलब है कि जब पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र का आगमन एक नए कप्तान के रूप में जिले में हुआ, तब दस्यु ललित पटेल, दस्यु गोप्पा और दस्यु बबुली कोल ने ताबड़तोड़ एक के बाद घटनायें अंजाम देकर जिले में दहशत पैदा कर रखी थी। मगर पिछले सात महीने में चित्रकूट पुलिस ने एसपी प्रताप गोपेन्द्र के नेतृत्व में जिस प्रकार कड़ी मेहनत और संघर्ष किया, उसी का परिणाम है कि आज डकैत द्वारा किसी भी प्रकार की कोई घटना अंजाम नही दी गई है। काम्बिंग के दौरान घने घने जंगलो में मीलों चलकर, कई घण्टे लगातार बिना खाना पीना खाये सिर्फ डकैतों की तलाश में लगे रहने वाली चित्रकूट पुलिस की मेहनत का ही परिणाम है कि इन गैंगों को इस अवस्था में पहुंचा दिया कि पिछले चार महीनों से कुछ भी सुनने में नही आया। ऐसे जाबांज़ एसपी प्रताप गोपेन्द्र और उनकी टीम पर बेतुका और निराधार आरोप लगाकर कुछेक नेता क्या साबित करना चाहते हैं? ऐसे नेताओं के प्रति अगर जनता का भरोसा होता, तो क्या वो निकाय चुनाव हारते?

जिला पुलिस के कार्य की प्रशंसा खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान की । दिनांक 02.02.2017 को हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इंटरव्यू के दौरान उन्होंने चित्रकूट में डकैतों की समस्या से निजात को अपनी प्रमुख प्राथमिकता में से एक माना और कहा कि चित्रकूट पुलिस का कार्य काबिलेतारीफ है ।

इस पूरी कार्यवाही के दौरान एक सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठता है कि जीवनभर डकैतों का सहयोग करने वाले आज आखिर बौखलाये हुए क्यों हैं ? और पुलिस से चाहते क्या हैं ? 


अवैध खनन पर सर्वाधिक कार्यवाही-

पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र के जनपद आगमन से लेकर आज तक खनन अधिनियम के अंतर्गत अकेले जिला पुलिस ने कुल 77 मुकदमें लिखें हैं। कार्यवाही के दौरान कुल 173 लोग नामजद हुए, 63 गिरफ्तार एवं 12 अदालत में हाजिर हुए। अवैध खनन रोकने के लिए की गई कार्यवाही में अब तक कुल 15 ट्रक ,67 ट्रेक्टर, 06 डम्फर, 01 मैजिक व 01 डीसीएम सीज की गई। जानकारी के लिए आपको बता दें कि अवैध खनन के खिलाफ की गई चित्रकूट पुलिस की ये कार्यवाही पूरे मंडल में सर्वाधिक है। फिलहाल ये तमाम कार्यवाहियां सबूत है कि पुलिस अवैध खनन रोकने में ख़फ़ी हद तक सफल हुई है। वैसे पुलिस पर झूठा आरोप लगाने वालों के पास क्या सबूत हैं? फिलहाल ऐसे तमाम लोगों को पुलिस विभाग ने कहा कि है कि वह कार्यालय आकर आंकड़े प्राप्त कर सकते हैं।

इस सात महीने की समयावधि में हत्या के 06, लूट सहित बलात्कार के तमाम सनसनीखेज मामलों का चित्रकूट पुलिस द्वारा त्वरित एवं निष्पक्ष खुलासा किया गया। चाहे वह 6 माह से लंबित शिवदेवी की बालात्कार के बाद हत्या का मामला हो या रैपुरा में 9 साल के बच्चे की हत्या। राजापुर में सनसनीखेज पांच लोगों की हत्या का मामला पुलिस ने जिस तेज गति से सुलझाया, वह काबिलेतारीफ था।

जिले में थाना एलाट करते वक्त पूरी पारदर्शिता रखी जाती है जिसके लिए एक कमेटी का भी गठन है जिसमे अपर पुलिस अधीक्षक और सभी सीओ शामिल रहते हैं । 

अपराध का गिरा ग्राफ-

ये चित्रकूट पुलिस की चुस्त कार्यशैली का ही नतीजा है कि पिछले सात महीने में अपराध का ग्राफ बहुत तेजी से गिरा है। इतना ही नही बल्कि अपराधियो में भी खौफ है। इस समयावधि में शासन की मंशा के अनुरूप संगठित अपराध के उन्मूलन के लिए भूमाफियाओं में 5 लोगों को चिन्हित करके कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त वन माफियाओं पर भी कार्यवाही की गई।

अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर, धारा 151, धारा 110G, जुआ अधिनियम, आबकारी अधिनियम, मादक द्रव्य एक्ट जैसी तमाम धाराओं में विगत वर्षों की तुलना में काफी अधिक कार्यवाही की गई ।

वर्ष 2016 में यातायात माह में 96,000 रुपये शम्न शुल्क एकत्र किया गया । वर्ष 2017 में यातायात माह में कुल 14 ,11900 रुपये शमन शूल्क एकत्र किया गया । यह पुलिस की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण है ।

जनपद में कई बड़े एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुए सम्पन्न-

चित्रकूट जनपद में पुलिस अधीक्षक के आगमन के बाद अनेक बड़े एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। मोहर्रम एवं दशहरा के एक साथ पड़ने के कारण साम्प्रदायिक रूप से माह अत्यंत संवेदनशील रहा, किंतु पुलिस की सक्रियता के कारण मूर्ति विसर्जन एवं ताजिया के जूलूस को पूर्ण शांति से निपटाया गया। भदई / सोमवती अमावस्या चित्रकूट में भारी भीड़ वाला मेला है, लेकिन शानदार पुलिस प्रबंधन का ही नतीजा रहा कि 20 से 25 लाख स्नानार्थियों को सफलतापूर्वक स्नान व दर्शन-पूजन में सहयोग कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। चित्रकूट में दीपावाली मेला अत्यंत वृहद होता है। अतः इसे राजकीय मेला घोषित कराने हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। इस विशाल मेले को भी उचित एवं चुस्त प्रबंधन के कारण अत्यंत कुशलता से सम्पन्न काराया गया। दीपावाली के दो दिन बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय कार्यक्रम को भी अत्यंत दक्षता के साथ संपन्न कराया गया।

रेल दुर्घटना के बाद चित्रकूट पुलिस ने सबसे पहले संभाला मोर्चा, यात्रियों ने कहा, “चित्रकूट पुलिस को सलाम” 

पिछले महीने ही मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नम्बर दो पर वास्को से पटना जा रही वास्को डिगामा एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। जिसके बाद रेलवे कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही चित्रकूट पुलिस के जांबाज जवान पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र के नेतृव में स्टेशन पहुंच गए और वहाँ मोर्चा संभाल लिया। घायलों को फौरन प्राथमिक इलाज हेतु डायल 100 से जिला चिकित्सालय भेजा गया। चित्रकूट पुलिस ने जिस ततपरता व दक्षता से सहायता पहुंचाई, उसकी प्रशंसा प्रत्येक स्तर पर की गई। इस कार्य के लिए एडीजी जोन एस एन साबत ने DG Commendation Disc के लिए पूरी टीम का नाम भेजा है।

निकाय चुनाव सकुशल सम्पन्न-

नगर निकाय चुनावों में पुलिस की सक्रियता के कारण ही पहली बार इतनी भारी संख्या में मतदान हुआ। सबसे खास बात ये रही कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ये पहला मौका था, जब मानिकपुर में मतणगना हुई और इस बार चुनावों के दौरान बिना डकैतो के फरमान या हस्तक्षेप के ही चुनाव सम्पन्न हुआ। ये भी पहली बार हुआ कि देर शाम तक डकैत प्रभावित क्षेत्र मानिकपुर में लोगों ने मतदान किया। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में बेधड़क घर से सजधजकर बाहर निकलते हुए देर शाम तक चले मतदान में भाग लिया। इस संवेदनशील क्षेत्र में 67.8% मतदान हुआ। राजापुर नगर पंचायत में 68.8% मतदान हुआ।

जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर जनपद चित्रकूट पूरे सूबे में अव्वल-

गत दिनांक 03-12-2017 को जन सुनवाई पोर्टल पर जनपद चित्रकूट पूरे उत्तर प्रदेश में अव्वल रहा। इसी क्रम में यूपी में गत सप्ताह डायल 100 को रिस्पांस के मामले में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। आने वाले दिनों में ही इस सेवा में चित्रकूट पुलिस को पहला स्थान भी मिल सकता है।

बहरहाल, अपनी हार का ठीकरा जिला पुलिस विशेषकर पुलिस अधीक्षक पर फोड़ने वालों को इन आंकड़ों एवं तथ्यों को भलीभांति पढ़ना चाहिए। पुलिस का जो कार्य है वो स्पष्ट है और उसे वो अच्छे से कर रही है। अगर झूठा आरोप लगाने वाले अपना काम कर लेते, तो उनका और पार्टी का भला हो गया होता! जनता में भी अब ये चर्चा आम हो रही है कि अपने घर में जनता का दिल नही जीत पाने वाले सिर्फ 6 माह में जनता का मन मोह लेने वाले ऑफीसर पर आरोप न लगायें क्योंकि आसमान पर थूका मुंह पर पड़ता है।

कांग्रेस बस जाति-धर्म के आधार पर बांटना जानती है -पीएम मोदी

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com
गुजरात चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस और भाजपा के एक दूसरे पर जुबानी हमले तेज होते जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आज एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस गुजरात में सत्ता पाने के लिए जाति-धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का काम कर रही है। 
 
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी गुजरात चुनाव के लिए सबसे ज्यादा प्रचार कर रहे हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए नाक की लड़ाई बन चुका है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि गुजरात चुनाव ही 2019 के आम चुनाव का भविष्य तय करेंगे। 
पीएम मोदी आज भरुच में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस जनसभा में कहा कि जिस तरह भगवान कृष्ण ने एक अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर अपनी ताकत दिखाई थी, उसी तरह आप 9 दिसंबर को वोटिंग मशीन पर भाजपा का बटन दबाकर अपनी ताकत दिखाना। मोदी ने आगे कहा कि भरुच और कच्छ में अच्छी-खासी मुस्लिम आबादी है। आपने देखा ही होगा कि भाजपा के वक्त में इन दोनों जिलों में कितना विकास हुआ है।
मोदी इस चुनाव के लिए कम से कम 35 जनसभा करेंगे। वहीं दूसरी तरफ सीएम रुपाणी शो के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ, उनके विरोधी नेता हार्दिक पटेल ने भी रोड शो का जवाब रोड शो से ही दे रहे हैं ।

बीजेपी के ही ट्विटर हैंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ किया ट्वीट

देवेंद्र फडणवीस ने आरक्षण को लेकर दिया बड़ा बयान
देवेंद्र फडणवीस ने आरक्षण को लेकर दिया बड़ा बयान
राजेश सोनी | Navpravah.com 
महाराष्ट्र भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ ही ट्ववीट कर दिया। आज सुबह करीब 10.15 मिनट के आस-पास महाराष्ट्र भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह ट्वीट किया गया था।
इस ट्वीट में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए लिखा गया कि राज्य में दो लाख कर्मचारियों की जरुरत है, वहीं सरकार ने 30 प्रतिशत कर्मचारियों की छटनी कर दी है। यह मेक इन इंडिया नहीं फुल इन महाराष्ट्र स्कीम है। 
 
जैसे यह ट्वीट लोगों के बीच वायरल हुआ महाराष्ट्र भाजपा में हड़कंप सा मच गया। इस ट्वीट में कांग्रेसी नेताओं और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने भी टैग किया गया था। अब तक यह पता नहीं चला है कि यह ट्वीट गलती से किया गया या इसके पीछे कोई साजिश थी। अब तक इस ट्वीट को करने वाले का भी पता नहीं लगा है। 
जैसे ही महाराष्ट्र भाजपा को इस ट्वीट के बारे में पता चला, उन्होंने इस ट्वीट को हटा दिया। फिलहाल अब तक इस ट्वीट पर भाजपा की तरफ से कोई प्रतिकिरिया भी नहीं आई है।

एक बार फिर शर्मसार हुई दिल्ली, विदेशी महिला प्रोफेसर के साथ छेड़छाड़

sledging in delhi
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 
दिल्ली में एक बार फिर महिलाओं के सुरक्षा पर सवाल उठ रहें है। इस बार घटना दिल्ली के दिल यानि कनॉट प्लेस की है। जहाँ एक विदेशी महिला के साथ एक अज्ञात युवक ने छेड़छाड़ की। यह महिला जब अपने ऑफिस की छत पर गई, तब एक अज्ञात युवक उसके सामने आ गया और उस युवक ने विदेशी महिला को गलत तरीके से पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा।  
महिला के मुताबिक, यह घटना गुरुवार की है, लेकिन उसने इस घटना की शिकायत पुलिस से शनिवार को की। पुलिस ने बताया कि महिला किसी काम से छत पर गई थी, उसी समय एक अज्ञात युवक ने छत पर आकर उसे गलत तरीके से पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा।
  
पुलिस एफआईआर के मुताबिक, पीड़ित महिला इनलिगुआ लेंग्वेज स्कूल में प्रोफेसर है। वह उस दिन छत पर बैठी थी, उसी समय एक पच्चीस साल का युवक छत पर आकर पर बात करने का जूठा नाटक करने लगा। उसके बाद उस युवक ने उस महिला को बुरी नजर से देखने लगा। युवक की इस हरकत से विदेशी महिला को छत पर असहज महसूस होने लगा, तो उसने छत से जाने का फैसला कर लिया। जैसे से ही महिला छत से जाने लगी, उस युवक ने उससे गलत तरीके से पकड़ लिया। 
 
जब उस युवक ने महिला के साथ छेड़छाड़ की, तब महिला ने उस युवक को पुलिस बुलाने की धमकी दी, फिर भी उस युवक ने महिला को जाने नहीं दिया। बाद में महिला जब चिल्लाने लगी, तब लोग कार्यालय से महिला मदद के लिए बाहर आए, तब तक वह युवक महिला का मोबाइल अपने साथ लेकर वहां से फरार हो चुका था। 
 
पुलिस ने उस अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354,342,356,और 379 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब उस अज्ञात युवक की तालाश जारी है लेकिन वह युवक अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है।