एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन हंगामे की वजह से सत्र को स्थगित करना पड़ा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी की टिप्पणी को लेकर अरूण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा से मुलाकात की।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन ने कहा कि अगर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश कर रहे थे, तो सरकार कोई एक्शन क्यों नही ले रही है, उन्होंने अभी तक FIR क्यों नहीं दर्ज करवाई। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ऐसे ही आरोप एक पूर्व प्रधानमंत्री पर लगाए गए हैं, जो 10 साल तक इस पद पर रहे। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और देश के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल किए गए हैं, जो कि गलत है।
आजाद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के अलावा 10 साल तक पद पर रहे पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व विदेश मंत्री, पूर्व सेना प्रमुख आदि पर भी आरोप लगाए गए हैं। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों में तकरार की स्थिति बन गयी। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए गतिरोध को दूर करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं की हुई अनौपचारिक बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में बने गतिरोध को दूर करने की पहल की है।
सरकार ने बताया कि मादक पदार्थ एवं शराब के सेवन एवं इससे प्रभावित लोगों के बारे में कोई भरोसेमंद आंकड़ा नहीं है। ऐसे में सरकार इस मुद्दे पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण करा रही है जिसके आंकड़े अगले वर्ष मार्च में प्रकाशित होने की संभावना है।
सांसदों, विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें गठित किए जाने के पक्ष में राय जाहिर करते हुए, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राज्यसभा में कहा कि सांसदों को खुद ही आगे आ कर इस बारे में नजीर देना चाहिए।
संसद में हंगामा, पीएम की माफी पर अड़ा विपक्ष
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बीजेपी नेता, विधायकों-सांसदों की वकालत की प्रैक्टिस पर लगेगी रोक
एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने देश के मुख्य न्यायाधीश और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को पत्र लिखा है और मांग की है कि सांसदों और विधायकों के कोर्ट में प्रैक्टिस करने पर पाबंदी लगाई जाए।
उपाध्याय ने पत्र में लिखा है कि एससी के 8 अप्रैल 1996 के निर्णय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के रूल 49 के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो कहीं से भी फुल टाइम सैलरी पा रहा हो, चाहे वह किसी व्यक्ति, फर्म, कंपनी, निगम से जुड़ा हो या सरकारी कर्मी हो वह किसी भी अदालत में एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता है।
उपाध्याय ने ही अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि सांसदों-विधायकों को किसी भी अन्य पेशे में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई जाये, लेकिन कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात कहकर उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
एक अनुमान के मुताबिक, मौजूदा लोकसभा के करीब सात फीसदी सांसद वकालत कर रहे हैं, वकालत पेशे से जुड़े बीजेपी नेताओं में वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी, सुब्रमण्यम स्वामी भी प्रमुख हैं।
कांग्रेस में भी वकील नेता में कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, पी चिदंबरम, अभिषेक मनु सिंघवी, मनीष तिवारी, रणदीप सिंह सूरजेवाला कांग्रेस के ऐसे चेहरे हैं, जो वकालत पेशे से जुड़े हैं।
फारुख अब्दुल्ला का फूटा पाक प्रेम, कहा पाकिस्तान कभी साजिश नहीं करता
पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला ने एक बार फिर अपना पाकिस्तान प्रेम उगला है। चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी के पाकिस्तान की साजिश वाले बयान पर फारुख ने हमला किया है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के पाक अधिकारियों के साथ मुलाकात और साजिश के पीएम मोदी के आरोपों पर तंज कसा है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद पाकिस्तान गए थे खाना खाने तब किसी ने उनके खिलाफ साजिश की? इतना ही नहीं फारुख ने पकिस्तान की पैरवी में कहा कि पाकिस्तान कोई साजिश नहीं करता है।
अब्दुल्ला ने गुजरात चुनाव के नतीजों पर अपने बयान में कहा कि कुछ लोगों ने अगर कुछ अप्रिय बातें नहीं कही होती, तो कांग्रेस गुजरात में जीत जाती। वहीं गुजरात में कांग्रेस के प्रदर्शन को भी बेहतर बताया। आगे फारुख ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार आना नई बात नहीं है, वहां हर बार सरकार बदलती है। बांटकर चुनाव जीतने का आरोप लगाते हुए फारुख ने कहा कि ऐसी राजनीति होती रही, तो भारत का अंत हो जाएगा।
फारुख अब्दुल्ला के पाकिस्तान प्रेम को देखते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है कि फारुख अब्दुल्ला भारत के नहीं बल्कि पाकिस्तान के सांसद हैं।
विदित हो कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने कई बार पाकिस्तान का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान में सुपारी देने पर तंज कसा तो कभी पाकिस्तान में मोदी की हार पर पटाखे फूटने की बात कही। साथ ही पाकिस्तान का गुजरात चुनाव में बीजेपी को हराने की साजिश की भी बात कही, जिससे विवाद बन गया था।
वीडियो वायरल: बीजेपी नेता ने स्कूल में घुसकर महिला पर बरसाए थप्पड़
पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
सोशल मीडिया में एक वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरु में एक बीजेपी नेता स्कूल के अंदर महिला टीचर पर जमकर थप्पड़ बरसा रहा है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इस वीडियो में जो शख्स महिला को पीटते दिखाई दे रहा है, उसका नाम रामकृष्णप्पा है और वह बीजेपी का स्थानीय नेता है।
बता दें कि यह मामला उत्तरी बैंगलुरु के सिंगनयकनहल्ली का है। यह पूरा मामला सोमवार 18 दिसंबर का है। दरअसल रामकृष्णप्पा महिला स्कूल टीचर को दिये कर्ज का बराबर ब्याज न मिलने से खफा था। ऐसे में नाराज़ नेता स्कूल पहुंचा और कर्ज़ वाली बात पर हेडमिस्ट्रेस आशा से लड़ बैठा। इस दौरान नेता रामकृष्णप्पा को इतना ज्यादा गुस्सा आ गया कि आशा पर थप्पड़ जड़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं नेता ने आशा पर बेल्ट जैसी वस्तु से भी प्रहार किया। यह सारी वारदात वहां के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
In a shocking incident, BJP leader Ramakrishnappa caught on tape assaulting a headmistress of a private school in Bengaluru pic.twitter.com/8ULy08k1jx
— TIMES NOW (@TimesNow) December 19, 2017
इस मामले में स्थानीय पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि आशा ने रामकृष्णप्पा से 70 हजार रुपए का लोन लिया था, जिसके बाद समय पर ब्याज न मिलने पर रामकृष्णप्पा ने गुस्से में यह हिंसक व्यवहार किया। इस व्यवहार से नाराज़ आशा ने इस पूरी घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। वहीं पुलिस आरोपी रामकृष्णप्पा को ढूंढ़ रही है, आरोपी नेता अपने घर से फरार है।
विदित हो कि रामकृष्णप्पा बीजेपी का नेता है और उनका बेटा जनार्धन येलहंका बीजेपी युवा मोर्चा का अध्यक्ष है।आरोपी पिता के नदारत होने के चलते पुलिस ने जनार्धन को हिरासत में लिया है और पिता रामकृष्णप्पा के बारे में पूछताछ जारी है।
27 दिसंबर को हड़ताल पर जाएंगे बैंक कर्मचारी!
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
आई.डी.बी.आई. बैंक के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान को शीघ्र लागू करने के लिए कर्मचारियों एक धड़े ने नाराज़गी जताई है। ऐसे में बैंक यूनियनों का एक धड़ा 27 दिसंबर से हड़ताल पर जाने कि तैयारी में है। हड़ताल की सुचना मिलते ही भारतीय स्टेट बैंक (एस.बी.आई.), विजया बैंक सहित अन्य बैंकों ने ग्राहकों को होनेवाली असुविधा के बारे में पहले ही सूचित करना शुरू कर दिया है।
भारतीय बैंक संघ (आई.बी.ए.) ने बैंकों को सूचित किया है कि अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (ए.आई.बी.ई.ए.) और अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ के सदस्यों ने कई मुद्दों को लेकर हड़ताल का नोटिस दिया है। ए.आई.बी.ई.ए. के महासचिव सी एच वेंकटचलम के अनुसार, आई.डी.बी.आई. बैंक के कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल का आह्वान किया गया।
बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन की मांग पांच साल से लटकी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्य श्रम आयुक्त ने 20 दिसंबर को बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए बैठक बुलाई है। अगर आई.बी.ए. और बैंक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस आवश्वासन नहीं मिला, तो यूनियन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होगी।
गुजरात चुनाव परिणाम: आप प्रत्याशियों से ज्यादा मिले NOTA को वोट
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
गुजरात विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने नोटा वाले ऑप्शन का जमकर इस्तेमाल किया है। ईवीएम पर यह बटन दबाने वाली उंगलियों की संख्या आम आदमी पार्टी, एनसीपी और बीएसपी जैसी पार्टियों को मिले वोट से ज्यादा रही है।
ईवीएम में नोटा बटन के जरिए मतदाता यह बता सकते हैं कि चुनाव मैदान में उतरा कोई उम्मीदवार उनका प्रतिनिधि बनने लायक नहीं है। गुजरात विधानसभा चुनाव में 5,51,294 मतदाताओं ने यह बटन दबाकर अपने इलाके के उम्मीदवारों को खारिज कर दिया।
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने कुल 29 सीटों पर ही प्रत्याशियों को उतारा था, जहां पार्टी को केवल 29 हजार 517 वोट हासिल हुए। वहीं इन 29 सीटों पर 75 हजार 880 लोगों ने नोटा का लिकल्प चुना है। आप के किस उम्मीदवार को कितना वोट मिला और उसी सीट पर नोटा को लोगों ने कितना पसंद किया, इससे जुड़े डेटा वाला एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे अधिक से अधिक देखा जा रहा है।
यहां नोटा पर 3868 वोट पड़े हैं, जिसको कांग्रेस के जनादेश के तौर पर देखा जा रहा है। गुजरात में बीजेपी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर थी, लेकिन बहुत से जानकारों को लगता है कि कांग्रेस इस सेंटीमेंट को पूरी तरह भुना पाने में नाकाम रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2013 में नोटा को पेश किया गया था। इसका विकल्प पहली बार छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और मिजोरम के विधानसभा चुनावों में दिया गया था।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कई गाड़ियां आपस में टकराईं, 6 जख्मी
एनपी डेस्क | Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में घने कोहरे के कारण मंगलवार को बड़ा हादसा हुआ। सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर अचानक 10 गाड़ियां तेज रफ्तार में एक-दूसरे से टकराती चली गईं, जिसमें कम से कम छह लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हवाई पट्टी के पास घना कोहरा छाया हुआ था, ऐसे में वाहन एक के बाद एक टकराते चले गये। इस घटना में घायल मरीजों को गंजमुरादाबाद के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मौके पर लोगों की मदद से पुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। गाड़ियां टकराने के चलते हाइवे पर ट्रैफिक जाम हो गई है ।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में ठंड अपनी चरम पर है और आगे भी ठंड बढ़ने के आसार हैं। वहीं यूपी का एक्सप्रेस-वे तेज रफ्तार के लिए जाना जाता है। ऐसे में लखनऊ और आस-पास के जिलों में सुबह से ही कोहरा छाया था। यहां कारों की गति सामान्य तौर पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा के आसपास रहती है और कोहरे के मौसम में ऐसी घटनाएं हर साल होती हैं।
दक्षिण कश्मीर: शोपियां मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, गांवों में जारी सर्च ऑपरेशन
एनपी डेस्क | Navpravah.com
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ रात भर मुठभेड़ चली। इस दौरान सेना ने बड़ी जीत हासिल करते हुए दो अज्ञात आतंकवादी मार गिराए।
सेना के एक अधिकारी के अनुसार सुरक्षा बलों को शोपियां के वनीपुरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली, जिसके बाद सेना ने घेराबंदी कर तलाशी करनी शुरू कर दी। अधिकारी ने आगे बताया कि तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों को भनक लग गई और उन्होंने सेना बलों पर गोली दागनी शुरू कर दी। ऐसे में दोनों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। जिसमे सेना ने दो आतंकवादी मार गिराए।
सेना ने सोमवार को शोपियां के करीब एक दर्जन गांवों को सील कर दिया था और यहां पर सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया गया। सेना को यहां आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। सर्च ऑपरेशन में 34 और 62 राष्ट्रीय राइफल्स के अलावा सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह सर्च ऑपरेशन नौगाम, पांडुछान, कापरान, छत्तीपोरा, वेहिल, डानगाम, वानगाम और कापरान में चलाया जा रहा है।
बढ़ रहे साइबर क्राइम लेकिन भारत में नहीं कोई ट्रिब्यूनल
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
दिल्ली में साइबर क्राइम के दस हजार मामले एक दिन में हो रहे हैं। वहां केंद्र सरकार ने साइबर क्राइम के लिए गठित की गई साइबर ट्रिब्यूनल को ही बंद कर दिया है। पिछले सात साल से चेयरमैन के न होने से इस ट्रिब्यूनल में 2011 से एक भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी है।
सूचना प्रोधौगिकी के इस युग में जहां साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है और मोबाइल का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति इसका शिकार है। वहीं सरकार ने 2006 में बनाई गई साइबर अपीलेट ट्रिब्यूनल को ही खत्म कर दिया है। अगर किसी के बैंक एकाउंट से अचानक आपके लाखों रुपये निकल जाएं या फिर कंप्यूटर से किसी ने आपकी पर्सनल जानकारी हैक हो जाये, या आपका कंप्यूटर किसी ने हैक कर लिया हो तो उनकी सुनवाई और अपराधी को सजा दिलवाने के लिए आप कुछ नहीं कर पाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस शिवा कीर्ति सिंह टीडी सेट के चेयरमैन हैं, वो खुद भी मानते हैं कि पहले से ही इतने मामले पेंडिंग हैं, लिहाजा जब तक नई बेंच नहीं बनती, साइबर हो या एयरपोर्ट ट्रिब्यूनल, मामलों का जल्द निपटारा नहीं हो सकता। फिलहाल टीडी सेट के पास अपना दफ्तर तक नहीं है, इसे दिल्ली के पांच सितारा सम्राट होटल से चलाया जा रहा है, जिसका सालाना किराया ही सरकार करीब 10 करोड़ रुपये देने पड़ रहे हैं।
ट्रिब्यूनल में करोड़ों खर्च करने वाली सरकार आज भी साइबर क्राइम के शिकार लोगों को अपना केस दर्ज कराने का विकल्प नहीं दे पा रही है और ये हाल तब है, जब पीएम मोदी भारत को डिजिटल इंडिया में तब्दील करना चाहते हैं।
बाबा रामदेव पर अवमानना का केस दर्ज
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश का उल्लंघन करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के निदेशक बाबा रामदेव एवं अन्य को आज अवमानना का नोटिस जारी किया है।
बाबा रामदेव के अलावा, गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी बी. एन. सिंह और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरण वीर को भी अवमानना के नोटिस जारी किए गए हैं।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि अदालत ने 26 अप्रैल, 2013 को संबद्ध पक्षों को विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था, लेकिन बाबा रामदेव और अन्य लोगों ने चारदिवारी की घेराबंदी कर इस आदेश का उल्लंघन किया।
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने इस मामले में सभी उत्तरदायी लोगों को एक महीने के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है, साथ ही यह भी कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के तथ्यों के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए इस विवादित जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसे बाद में पतंजलि आयुर्वेद को फूड प्लाजा स्थापित करने के लिए आवंटित कर दिया गया था।

















