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Monday, August 3, 2026
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भारत ने दक्षिणी चीन सागर में तैनात किए वॉरशिप

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद ही भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में वॉरशिप तैनात कर दिए थे। दोनों पक्षों के बीच जब डिप्लोमैटिक स्तर की बातचीत शुरू हुई तो चीन ने सबसे पहले भारत के इस कदम को लेकर नाराजगी जताई थी।

दरअसल, 2009 से लेकर अब तक चीन लगातार इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है। वहीं, भारत की सैन्य मौजूदगी को लेकर विरोध भी जताता रहता है। इस मामले पर सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ”गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद ही भारतीय नौसेना ने अपने वॉरशिप दक्षिण चीन सागर में तैनात कर दिए थे। हालांकि, इसे लेकर पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने विरोध दर्ज कराया था, क्योंकि इस इलाके को लेकर चीन हमेशा अपना दावा पेश करते आया है।”

– अमेरिकी नौसेना के साथ भी संपर्क
भारतीय नौसेना के वॉरशिप की दक्षिणी चीन सागर में तैनाती के बाद चीनी नौसेना और रक्षा सेनाओं ने भारत के सामने इस मुद्दे को लेकर शिकायत भी की। हालांकि, इस दौरान अमेरिकी नौसेना ने भी अपने वारशिप्स को दक्षिणी चीन सागर में तैनात कर दिया था। इस बीच भारतीय नौसेना ने भी अमेरिकी नौसेना के साथ संपर्क बनाए रखा था।

– रुटिन मॉक ड्रिल
दरअसल, यह नियमित ड्रिल थी, जिसके तहत भारतीय नौसेना के वॉरशिप को उस इलाके में मौजूद दूसरे देशों के युद्धपोत के बारे में अपडेट किया जा रहा था। भारतीय नौसेना ने इस पूरे मिशन को बेहद संतुलित तरीके से पूरा किया। कहीं किसी तरह की पब्लिसिटी नहीं की गई।

– हिंद महासागर क्षेत्र में पूरी तरह सकर्त है नौसेना
सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर के ईर्द-गिर्द होने वाली किसी भी तरह की गैर-जरूरी गतिविधि से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। नौसेना की योजना है जल्द ही हिंद महासागर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने के लिए सिस्टम को और भी मजबूत कर लिया जाए। इसके लिए कुछ और इक्विपमेंट जुटाए जाएंगे।

देवास (मप्र) : घर की छत पर पाकिस्तान का झंडा लगाना पड़ा महंगा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

मध्यप्रदेश के देवास जिले में एक घर मालिक का पाकिस्तान के प्रति प्रेम उमड़ पड़ा और उसने अपने घर की छत पर पाकिस्तान का झंडा लगा दिया। लेकिन देखते ही देखते लोगों ने इस पाकिस्तानी झंडे को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। आनन फानन में राजस्व और पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, देवास में औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र के एक मकान की छत पर पाकिस्तान का झंडा लगा होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद मामले की जांच करने राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूछताछ की। औधोगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने आरोपी मकान मालिक फ़ारुख खान के खिलाफ धारा 153A के तहत दर्ज केस दर्ज किया है। लोक शांति में विघ्न डालने या संभावना होने की धारा में कारवाई की है, वहीं छत पर लहरा रहा झंडा भी जब्त किया गया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नहीं दी ताजिया दफन की इजाजत

Agra: Muharram procession underway in Agra, on Oct 12, 2016. (Photo: Pawan Sharma/IANS)
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मोहर्रम के मौके पर मुस्लिम समाज में ताजिया जुलूस निकालने और बाद में उन्हें दफन करने की प्रथा. लेकिन कोरोना के चलते सभी धर्मों के सभी धार्मिक कार्यक्रमों पर पांबदी लगाई गई है. ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माेहर्रम के मौके पर उत्तर प्रदेश में ताजिया दफन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने ताजिया दफन करने की अनुमति मांगने वाली सभी अर्जियों को खारिज कर दी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना महामारी के बीच सड़कों पर भीड़ लगाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है. वहीं दूसरी ओर बंबई हाईकोर्ट ने सिर्फ 5 लोगों के साथ मोहर्रम का जुलूस निकालने की अनुमति दी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर मोहर्रम के जुलूस निकालने की याचिका को खारिज करते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सभी देशवासियों को सख्ती से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. जगन्नाथ रथ यात्रा में परिस्थितियां अलग थीं, वहां सिर्फ एक जगह का ही मामला था। ताजिया दफन करने की इजाज़त मांगने के लिए जगन्नाथ रथ यात्रा को आधार नहीं बनाया जा सकता है.
जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस शमीम अहमद की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया. बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में ताजिया दफनाने की परमीशन दिए जाने की मांग को लेकर चार अर्जियां दाखिल की गईं थीं. अर्जियों में कहा गया था कि सरकार ने ताजिया बनाने और घर में रखने की इजाज़त दी है तो दफनाने की भी अनुमति मिलनी चाहिए. गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अर्जियों को खारिज करने की सिफारिश की थी.

रिया के अनुसार पेंटिंग देख कर डर गए थे सुशांत, जानिए ऐसी ही 5 डरावनी पेंटिंग्स के बारे में

 

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

सुशांत सिंह राजपूत की माैत के बाद एक चीज सबसे ज्यादा चर्चा में रही है, वह है उनकी यूराेप यात्रा। रिया चक्रवर्ती का कहना है कि इस ट्रिप के दाैरान सुशांत ने एक पेंटिंग देखी। उस पेंटिंग काे देखने के बाद से ही सुशांत बदल गए थे और असामान्य व्यवहार करने लगे। दरअसल, इस पेंटिंग में सैटर्न अपने ही बच्चे काे खा रहा था। वास्तव में यह कलाकृति काफी डिस्टर्ब करने वाली है। लेकिन ऐसी कई सारी पेंटिंग्स हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें देखकर काेई भी परेशान हाे सकता है। आइए जानते है, दुनियाभर की भयावह पेंटिंग्स के बारे में, जिनको लेकर अनेक किस्से मशहूर है।

Love Letters Replica : Love Letters Replica  नाम की इस पेंटिंग में एक प्यारी सी बच्ची अपने एक हाथ में गुलाब और एक हाथ में लिफाफा पकड़े हुए है। चार साल की उम्र वाली इस बच्ची के पीछे एक सच्ची कहानी है। यह बच्ची समंथा हाॅस्टन एक मेरिकी सीनेटर की बेटी थी, जाे सीढ़ियाें से गिरने के कारण बुरी तरह से घायल हाे गई और अस्पताल में दम ताेड़ दिया। साल 1887 में इस बच्ची की पेंटिंग बनाई गई और एक प्रदर्शनी में लगी। लेकिन इस पेंटिंग काे थाेड़े ही देर में हटाना पड़ गया। देखने वालाें का कहना था कि अगर 1 मिनट भी इस पेंटिंग काे देखने पर भाव बदलते हुए दिखाई देते हैं। यह पेंटिंग लाेगाें काे डराती है।

The Crying Boy : दूसरे विश्व युद्ध के दाैरान इटली के कलाकार ब्रूनाे एमेडियाे ने अनाथालय के ढेराें च्नकर लगाए और वहां के बच्चाें का दर्द करीब से देखा। ब्रूनाे ने करीब 65 राेते हुए बच्चाें की कलाकृति बनाई। इनमें से एक पेंटिंग यह भी थी। लेकिन इस पेंटिंग काे ब्रिटेन में अभिशापित पेंटिंग के ताैर पर जाना जाने लगा। इस पेंटिंग काे जिसने भी अपने पास रखा उसके साथ अजीबाेगरीब घटना घटित हाेने लगी। ऐसा कहा जाता है कि पेंटर ने बच्चे काे राेने के लिए उसके आंखाें के सामने माचिस की तीली जलाई हुई थी।

The Anguished Man : इस पेंटिंग काे दुनिया की सबसे डरावनी और भुतहा पेंटिंग कहा जाता है। इस पेंटिंग काे बनाने वाले कलाकार के बारे में काेई जानकारी ताे नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि कलाकार ने इस पेंटिंग काे अपने या किसी और के खून से बनाया था। सीन राॅबिन्सन नाम के शख्स काे यह पेंटिंग उनकी मृत दादी के संदूक से मिली। इस पेंटिंग काे देखने के बाद सीन के साथ कई हादसे हुए। उसे लगातार आवाजें सुनाई पड़तीं, खाली घर में अजनबी चेहरे दिखते। इसका रहस्य जानने की कई लाेगाें ने काेशिश की लेकिन सबके साथ काेई न काेई ऐसी डरावनी घटना हुई कि वे पीछे हट गए। सीन ने इस पेंटिंग काे किसी अज्ञात जगह पर छिपा दिया।

The Rain Woman : इस पेंटिंग काे बनाने वाली कलाकार स्वेतलाना टेलेटस ने ताे ऐसी कई तस्वीरें तैयार कीं, जाे दुनियाभर में मशहूर हुईं। लेकिन इस पेंटिंग की काफी चर्चा हाेती है। इस पेंटिंग में बारिश के बीच एक स्त्री की आकृति दिखती है। काले और सफेद रंगाें के बीच हल्के हरे रंग की झलक भी है। इस पेंटिंग के बारे में कलाकार का कहना है कि उसने सिर्फ 5 घंटे में यह तस्वीर बना डाली। स्वेतलाना ने बताया कि जैसे काेई हाथ पकड़कर उनसे यह तस्वीर बनवा रहा हाे। इस पेंटिंग काे कई लाेगाें ने ऊंची कीमत पर खरीदा लेकिन घर ले जाकर कुछ ही समय के बाद हर काेई उसे वापस करने आ गया। लाेगाें ने कहा कि इस पेंटिंग काे घर में टांगते ही उदासी छा गई और लाेगाें की नींद उड़ गई। इसके साथ ही हर जगह पैरानाॅर्मल चीजें नजर आने लगीं।

CSK को लगा दूसरा झटका, सुरेश रैना IPL से हुए बाहर, भारत लौटे

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आईपीएल खेलने के लिए यूएई पहुंची चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। कल टीम के एक खिलाड़ी सहित 12 स्टाफ मेंबर्स कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद आज टीक के महत्वपूर्ण खिलाड़ी सुरेश रैना पारिवारिक कारणों से भारत लौट आए है। वे पूरे सीजन में नहीं खेलेंगे। सीएसके के सीईओ के ई विश्वनाथन ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी औऱ कहा कि टीम इस समय में उनके परिवार को पूरा समर्थन दे रही है।
– निजी कारणों से लौटे रैना
सीएसके के सीईओ ने ट्विटर पर लिखा, ‘सुरेश रैना निजी कारणों से भारत वापस लौट चुके हैं। वह पूरे सीजन के लिए टीम से बाहर हो गए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स इस समय में सुरेश और उनके परिवार को पूरा समर्थन दे रही है।’ आपको बता दें कि इसी साल मार्च में रैना दोबारा पिता बने थे। उनकी पत्नी प्रियंका चौधरी ने बेटे को जन्म दिया था। बेटे का नाम दोनों ने रियो रखा था।
– क्वारंटाइन है CSK टीम
सीएसके के सदस्य को दुबई पहुंचने के बाद ही कोरोना हुआ था जिसके बाद शुक्रवार को पूरी टीम को क्वारंटाइन कर दिया गया था। ऐसी खबरें चल रही हैं कि चेन्नई सुपरकिंग्स के कुल 11 सदस्यों को कोरोना हुआ है, जिसमें से एक भारतीय खिलाड़ी भी है। बता दें चेन्नई की टीम चेपक में पांच दिन का कैंप करने के बाद 21 अगस्त को दुबई पहुंची थी और वो 6 दिन के क्वारंटाइन पीरियड में थी। सुरेश रैना भी टीम के साथ यूएई पहुंचे थे। वह चेन्नई में हुए कैंप का भी हिस्सा थे। जहां बाकी टीम होटल में बंद थी वहीं रैना देश लौट आए हैं।

प्रतापगढ़ में फिर गरमाया हनुमान मंदिर में भंडारे का मामला : राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह सहित 11 लोगों को किया नजरबंद

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित एक श्री हनुमान मंदिर में भंडारे को लेकर प्रति वर्ष माहौल गरमाता है, क्योंकि इस हनुमान मंदिर में ठीक मोहर्रम के जुलूस के दिन ही एक बंदर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इसी बंदर की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष यहां भंडारा होता है. इस वर्ष भी प्रशासन ने भंडारे की अनुमति न देते हुए कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता और भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप सिंह को नजरबंद कर दिया गया है। डीएम के आदेश पर उदय प्रताप सिंह समेत 11 पर हाउस अरेस्ट की कार्रवाई की गई है। राजा भैया के पिता आज शाम 5 बजे से कल रात 9 बजे तक अपने भदरी महल में नजरबंद रहेंगे। वहीं हनुमान मंदिर पर भंडारे के कार्यक्रम को भी जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया है, जिसकी नोटिस भी पुलिस ने भदरी राजमहल में चस्पा कर दिया है।

– पिछले तीन सालों से नहीं दी गई अनुमति
बता दें राजा उदय प्रताप सिंह ने हनुमान मंदिर पर भंडारा करने की परमिशन देने की गुहार लगाई थी। दरअसल जिस हनुमान मंदिर पर भंडारे की बात है, वहां पास से ही मोहर्रम का जुलूस भी निकलता है, जिसके चलते इलाके का सौहार्द बिगड़ने के खतरा रहता है। पिछले 3 सालों से जिला प्रशासन इसी के चलते हनुमान मंदिर पर पूजा-पाठ और भंडारे की अनुमति नहीं देता है।

– मोहर्रम के दिन ही होता है हनुमान पाठ और भंडारा
दरअसल हनुमान मंदिर पर एक बंदर के मौत के बाद राजा उदय प्रताप सिंह बंदर की पुण्यतिथि पर भंडारे का आयोजन करते हैं। इस हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन होता है। पिछले 3 सालों से जिला प्रशासन इस कार्यक्रम पर रोक लगाते हुए राजा भैया के पिता और उनके समर्थकों को नजरबंद करते हुए भंडारा का आयोजन नही करने देता है।

– मोहर्रम के दिन ही की गई थी एक बंदर की गोली मार कर हत्या
दरअसल मोहर्रम के दिन ही 2005 में बंदर को गोली मार दी गई थी। जिसके बाद से इलाके के लोग बंदर की पुण्यतिथि पर भंडारे का आयोजन करते हैं। 2015 से राजा भैया के पिता ने मंदिर पर पूजा-पाठ को भव्य रूप दे दिया। इसके बाद दो समुदाय में टकराव देखते हुए जिला प्रशासन ने 2016 में इस आयोजन पर रोक लगा दी थी।

– सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन पर सौंपा निर्णय का अधिकार
भंडारे की अनुमति न मिलने पर राजा उदय प्रताप ने 17 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यावेदन किया था। 27 जनवरी 2020 को कोर्ट ने मामले को निस्तारित करते हुए जिला प्रशासन को निर्णय लेने का निर्देश दिया। 24 अगस्त 2020 को कोविड का हवाला देते हुए फिर जिलाधिकारी ने भंडारे पर रोक लगा दी। इसके बाद उदय प्रताप सिंह समेत 11 लोगों को नजरबंद कर दिया गया है। वहीं भदरी महल के पास भारी संख्या में फ़ोर्स तैनात लगा दी गई है।

Mumbai : 5 लोगों के शामिल होने की शर्त के साथ ताजिया जुलूस को अनुमति

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

सिर्फ 5 लोगों के शामिल होने की शर्त के साथ बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई में मुहर्रम पर ताजिया जुलूस की अनुमति ने दी है। कोर्ट ने कहा कि मुंबई में ताजिया जुलूस में पांच से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। महाराष्ट्र में कहीं भी किसी अन्य जुलूस की अनुमति नहीं है। अब देखना यह है कि मुस्लिम समाज कोर्ट के आदेश को कहां तक मानता है? क्योंकि सिर्फ पांच लोगों के साथ जुलूस निकालना मुस्लिम समाज के लिए मुश्किल ही नहीं असंभव सी बात है।

– सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने की दी थी सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने मुहर्रम पर देशभर में जुलूस निकालने की इजाजत देने से गुरुवार को यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि पूरे देश के लिए एक सामान्य आदेश कैसे जारी किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है।

– अराजकता फैल सकती है : चीफ जस्टिस बोबडे
प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी. रामासुब्रमणियन की पीठ शिया नेता सैयद कल्बे जव्वाद की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था आप एक सामान्य आदेश की मांग कर रहे हैं और अगर हम इसकी अनुमति दे दें, तो अराजकता फैल जाएगी। खास समुदाय को कोविड फैलाने के लिए निशाना बनाया जाएगा। हम यह नहीं चाहते। अदालत के तौर पर हम सभी लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में नहीं डाल सकते।

जापान : स्वास्थ्य समस्या के चलते शिंजो आबे छोड़ेंगे सत्ता

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

आज वैश्विक समुदाय को एक गहरा झटका लगा, जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सत्ता छोड़ने की घोषणा की। शिंजो आबे को आंतों में दिक्कत है, जिसके कारण वे अब और अधिक सत्ता को नहीं संभाल पाएंगे। इसलिए उन्होंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का निर्णय किया है। पार्टी का अगला अध्यक्ष चुने जाने तक वो प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

– आर्थिक संकट से उबरने महत्वपूर्ण भूमिका रही
2012 से 2020 तक प्रधानमंत्री रहे शिंजो आबे ने जापान को फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में 2011 के भूकंप के बाद आए आर्थिक और स्वास्थ्य संकट से उबारने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। शिंजो आबे के नेतृत्व में ही जापान ने अपनी आक्रामक रक्षा नीति को दोबारा गले लगाया। शिंजो आबे के नेतृत्व में ही जापान को दशकों बाद बहुमत वाली स्थिर सरकार मिली है।

– चीन से भिड़ने में सक्षम है जापान
उत्तर कोरिया और चीन के विरुद्ध शिंजो आबे ने जो मोर्चा संभाला था, उसी का परिणाम है कि, आज जापान चीन से सीधे भिड़ने में और अमेरिका- भारत का सहयोग करने में सक्षम है।अब शिंजो आबे के इस्तीफे से चीनियों के मन में लड्डू अवश्य फूट रहे होंगे। लेकिन उन्हें इतना भी प्रसन्न होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जापान में आबे के बाद कई ऐसे नेता हैं, जो चीन के विरुद्ध जापान की वर्तमान नीति को और मजबूत बना सकते हैं। इन नेताओं में सबसे ऊपर जिनका नाम है वो हैं जापान के वर्तमान उप-प्रधानमंत्री तारो आसो।

– प्रधानमंत्री की रेस में है कई नेता
तारो आसो के अलावा भी जापानी प्रधानमंत्री बनने की रेस में कुछ संभावित नेता हैं और उन सभी की विचारधारा चीन के खिलाफ सख्त ही रही है। इस सूची में कुछ प्रमुख नाम ऐसे हैं, जिनके प्रधानमंत्री बनने की अधिक संभावना है

तारो आसो : एक समय जापान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे तारो आसो, इस समय देश के वर्तमान उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री हैं और साथ ही शिंजो आबे के विश्वसनीय सहयोगी भी हैं। इसके अलावा वे एक उत्कृष्ट खिलाड़ी भी रहे हैं, जिन्होंने मोंट्रियल ओलंपिक्स 1976 में निशानेबाजी स्पर्धा में जापान का प्रतिनिधित्व किया था। ऐसे में अनुभवी नेता तारो आसो इस समय जापान का शासन संभालने के लिए सबसे काबिल व्यक्ति हैं, और उनके नेतृत्व में जापान चीन के विरुद्ध वैसे ही मोर्चा संभाल सकता है, जैसे शिंजो आबे के नेतृत्व में हुआ था।

तारो कानो : जापान के वर्तमान रक्षा मंत्री तारो कानो को जापान में एक अपरंपरागत राजनीतिज्ञ माना जाता है। उन्होंने लीक से हटकर कई निर्णय लिए हैं, लेकिन राष्ट्रहित से उन्होंने कभी भी समझौता नहीं किया। वो शिंजो आबे की वर्तमान विदेश नीति के बहुत बड़े समर्थक हैं और वो हर हाल में जापान को चीन के प्रकोप से बचाना चाहते हैं।बता दें कि, ये तारो कानो ही थे, जिन्होंने यह स्पष्ट किया था कि, समय आने पर जापान चीन के विरुद्ध आक्रामक रक्षा नीति अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा। कुछ महीने पहले  जब pre emptive strikes का प्रश्न उठा, तो तारो कानो ने उत्तर दिया, “जब चर्चा होगी, तो हम किसी भी सैन्य विकल्प को बाहर नहीं रखेंगे।” ऐसे में किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए यदि उन्हे शिंजो आबे के स्थान पर जापान की कमान सौंपी जाये।

शिंजीरो कोइज़ुमी : एक और नेता हैं, जिन्हें शिंजो आबे के सबसे काबिल उत्तराधिकारियों में गिना जा रहा है। उनका नाम है शिंजीरो कोइज़ुमी, जो इस समय जापान के पर्यावरण मंत्री। शिंजीरों न केवल एक प्रखर वक्ता है, बल्कि महज 39 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है। हालांकि उनका युवा होना कुछ लोगों के अनुसार उनके प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी में आड़े आ सकता है।लेकिन जो भी कहें, शिंजो आबे के त्यागपत्र सौंपने से चीन की मुसीबतें कम नहीं होने वाली, क्योंकि जापान में अभी भी देशभक्तों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि जापान की सत्ता किसे सौंपी जाती है।

कश्मीर : सुरक्षाबलों से चल रही मुठभेड़ में अब तक 4 आतंकी ढेर, एक पकड़ा गया

  • आतंकियों के पास से दो एके-47 और तीन पिस्टल बरामद

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

जम्मू-कश्मीर के शोपियां के किलूरा इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में अब तक चार आतंकवादी मारे गए है, जबकि एक आतंकी को पकड़ लिया गया है। मुठभेड़ अभी भी जारी है। सेना ने बताया कि आतंकियों के पास से दो एके-47 और तीन पिस्टल बरामद की गई हैं। पिछले 2 हफ्तों में सुरक्षाबलों ने अब तक 10 दहशतगर्द मार गिराया है। पुलिस ने बताया कि मारे गए आतंकियों में से दो की पहचान हो गई। एक आतंकी शकूर पर्रे अल बद्र संगठन से जुड़ा था। वहीं, दूसरा आतंकी सुहैल भट्ट है। भट्ट ने पिछले दिनों खानमोह के सरपंच का अपहरण कर हत्या कर दी थी।

17 और 18 अगस्त को बारामूला के करीरी इलाके में मुठभेड़ हुई थीं। इस दौरान 3 आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था। इनमें लश्कर के दो कमांडर सज्जाद उर्फ हैदर और उस्मान शामिल हैं। हैदर बांदीपोरा हत्याओं का मुख्य साजिशकर्ता है। वह युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती करता था। कश्मीर आईजीपी विजय कुमार ने बताया था कि विदेशी आतंकी उस्मान ने भाजपा नेता वसीम बारी, उसके पिता और भाई की हत्या की थी। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में 19 अगस्त को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच दो मुठभेड़ हुई थीं। इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया था। इसी दिन हंदवाड़ा के गनीपोरा में दो आतंकी मारे गए थे।

इसरो ने कोविड-19 के कारण रद्द किया युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश भर में कोरोनो वायरस के बढ़ते मामलों के कारण इस वर्ष के लिए अपने युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका 2020) को रद्द कर दिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि, हालांकि युविका कार्यक्रम का आयोजन कक्षा 8-9 के स्कूली छात्रों के लिए 11-12 मई को किया जाना निर्धारित किया गया था, लेकिन हमने मार्च के मध्य से फैले कोरोनो वायरस के कारण छह महीने के लिए टाल दिया। महामारी के जारी रहने के साथ, हमने इसे इस साल के लिए रद्द करने का फैसला किया है।

देश के प्रत्येक राज्य से तीन छात्रों को कार्यक्रम के लिए चुना जाता है और तिरुवनंतपुरम (केरल) में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, बेंगलुरु में यू।आर। राव सैटेलाइट सेंटर, अहमदाबाद (गुजरात) में अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और मेघालय के शिलांग में ‘नॉर्थ ईस्टर्न स्पसे सेंटर’ का दौरा कराने के साथ अंतरिक्ष वैज्ञानिकों से संवाद कराया जाता है।

अधिकारी ने कहा कि 368 पात्र छात्रों में से, 113 को 25 मार्च को राष्ट्रीय लॉकडाउन लागू होने और विस्तारित होने से पहले कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया था। महामारी की निरंतरता व अनिश्चितता के कारण यात्रा रद्द कर दी गई है।