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Sunday, August 2, 2026
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भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए जिम्मेदार एल्गार परिषद मामले में कबीर कला मंच के तीन कार्यकर्ता गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे एल्गार परिषद के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कबीर कला मंच के सांस्कृतिक तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। सागर तात्याराम गोरखे (32, वाकड, पुणे), रमेश मुरलीधर गायचोर (36, येरवडा, पुणे) और ज्योति राघोबा जगताप (33, कोंढवा, पुणे) को कई दिनों की पूछताछ के बाद सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।जाने-माने सांस्कृतिक गायक और पुणे के जाति विरोधी कार्यकर्ता गोरखे, गायचोर और जगताप भीमा-कोरेगांव शौर्य दिवस प्रेरणा अभियान का हिस्सा थे। इसके बाद 2018 में पुणे के शनिवारवाड़ा पर हुए एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तारियों की संख्या अब 15 गिरफ्तारियां हो चुकी है।

एल्गार परिषद में दक्षिणपंथी तुषार दामगुडे ने कथित तौर पर पुणे में मराठों और दलितों के बीच हिंसा भड़काने की कोशिश की थी जिसके लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें छह लोगों को नामजद किया गया था।गोरखे, गायचोर और जगताप का नाम एफआईआर में दर्ज था लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।इस साल जुलाई में उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन फिर जाने दिया जाता लेकिन चार सितंबर को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। गोरखे और गायचोर का आरोप है कि एनआईए उन पर इस मामले में गिरफ्तार हो चुके लोगों के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव डाल रही है।

इससे पहले सोमवार को ही एनआईए ने एल्गार परिषद मामले की जांच के संबंध में पूछताछ के लिए हैदराबाद के इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (ईएफएलयू) में प्रोफेसर के। सत्यनारायण (51) और द हिंदू के पत्रकार केवी कुरमानाथ को बुलाया है।ये दोनों ही एल्गार परिषद मामले में जेल में बंद कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव के दामाद हैं।

इसके साथ ही एनआईए ने कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) में एसोसिएट प्रोफेसर पार्थसारथी रे को भी एल्गार परिषद मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। पार्थसारथी ने एनआईए द्वारा उन्हें तलब करने को प्रताड़ित करने की रणनीति करार दिया है।

इस मामले में पहले की दौर की गिरफ्तारियां जून 2018 में हुई थीं, जब पुणे पुलिस ने लेखक और मुंबई के दलित अधिकार कार्यकर्ता सुधीर ढवले, यूएपीए विशेष और वकील सुरेंद्र गाडलिंग, गढ़चिरौली से विस्थापन मामलों के युवा कार्यकर्ता महेश राउत, नागपुर यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग की प्रमुख शोमा सेन और दिल्ली के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता रोना विल्सन को गिरफ्तार किया था।

दूसरे दौर की गिरफ्तारियां अगस्त 2018 से हुईं, जिसमें वकील अरुण फरेरा, सुधा भारद्वाज, लेखक वरवरा राव और वर्नोन गॉन्जाल्विस को हिरासत में लिया गया था।शुरु में पुणे पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी लेकिन बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नवंबर 2019 में इस मामले को एनआईए को सौंपा था।इसके बाद एनआईए ने 14 अप्रैल 2020 को आनंद तेलतुम्बड़े और कार्यकर्ता गौतम नवलखा और जुलाई 2020 में हेनी बाबू को गिरफ्तार किया।

बिहार में मंदिरों के खुलते ही उमड़ी भक्तों की भीड़, मॉल, पार्क भी खुले

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
इस समय पूरे विश्व सहित भारत भी कोरोना महामारी से जूंझ रहा है, लेकिन अब भारत सरकार ने धीरे-धीरे अनलॉक शुरू किया है. अनलॉक-4 में केंद्र सरकार ने धार्मिक स्थल, मॉल, पार्क आदि सार्वजनिक स्थानों को शुरू करने संबंधी दिशा निर्देश जारी किए है. इसी के तहत बिहार में आज सुबह से ही अनलॉक-4 लागू हो गया है। पटना समेत पूरे बिहार में मंगलवार को धर्मस्थल-मॉल-पार्क खुल गए। सब्जी, फल, मीट-मछली सहित अन्य सभी तरह की दुकानों के खुलने और बंद होने के लिए तय समय सीमा की पाबंदी समाप्त कर दी गई है।
– महावीर मंदिर में पूजा करने पहुंचे भक्त
लंबे समय बाद मंदिर के गेट खुले तो भक्तों की भीड़ जुटी। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में सुबह 6 बजे से ही लोग पूजा करने पहुंचने लगे। मंगलवार होने के चलते भी अधिक संख्या में लोग जुटे। यहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों के बीच जागरूकता दिखी। महिलाएं-पुरुष मास्क लगाकर मंदिर में पहुंचे। मंदिर प्रबंधन द्वारा भी बिना मास्क लगाए आए भक्तों को मास्क पहनकर ही मंदिर में प्रवेश के लिए कहा गया।
– मेंटेनेंस के बाद शुरू होगा पीएनएम मॉल
मंगलवार सुबह पीएनएम मॉल का गेट नहीं खुला। मॉल खुलने की सूचना पाकर लोग पहुंचे, लेकिन गेट बंद होने के चलते लौटना पड़ा। कहा गया कि मॉल कई माह से बंद है। आज पूरे दिन मेंटेनेंस होगा इसके बाद मॉल खुलेगा।
– सांसद पहुंचे मॉर्निंग वॉक पर
अनलॉक 4 में राजधानी के पार्क भी खुल गए हैं। इससे मॉर्निंग वाक करने वालों को सुविधा मिली है। मॉर्निंग वाक पर आए सांसद रामकृपाल यादव ने कहा कि गांधी मैदान और शहर के अन्य पार्क बंद होने से लोगों को काफी असुविधा हो रही थी। स्वस्थ्य रहने के लिए सुबह टहलना और एक्सरसाइज करना चाहिए। पार्क बंद होने के चलते मैं मजबूरी में सड़क पर टहल रहा था। एक बार तो मैं हादसे से बाल-बाल बचा।

मुख्यमंत्री के बाद राकां सुप्रीमो शरद पवार सहित अनिल देशमुख को अभी आया धमकी भरा कॉल

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री पर धमकी भरा फोन आया था. हालांकि इस फोन को लेकर शिवसेना के विरोधियों ने उद्धव ठाकरे को काफी ट्रोल भी किया, लेकिन अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार और राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को भी धमकी भरे फोन आए हैं. बताया जाता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने देशमुख के नागपुर स्थित दफ्तर पर फोन कर धमकी दी है, तो वहीं शरद पवार के घर भी ऐसा ही फोन आया है.
– पुलिस ने शुरू की जांच
इस संदर्भ में पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच शुरू हो गई है. राकां के महाराष्ट्र अध्यक्ष और जल संसाधन मंत्री जयंत सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री और शरद पवार को धमकी भरे फोन आना गंभीर बात है. मुंबई पुलिस ने रविवार को ठाकरे के निवास मातोश्री में सुरक्षा बढ़ाई थी. वहीं नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की उचित जांच कराये जाने की मांग की है.

आत्महत्या करने में पुरुष सबसे आगे, घरेलू विवाद प्रमुख कारण

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

आत्महत्या एक एेसा क्षण है, जिसने यदि टालना संभव हो जाए, तो अनेक लोगों की जान बच सकती है. कई ऐसे लोग भी है, जिन्हें आत्महत्या से बचाया जा सका, ऐसे लोग मानते हैं कि यदि वे आत्महत्या कर लेते, तो बहुत बड़ी गलती करते. लेकिन आत्महत्या एक ऐसा क्षण होता है, जब व्यक्ति को लगता है कि अब कुछ नहीं बचा, मृत्यु के अलावा कोई चारा नहीं है. आत्महत्या के अनेक कारण हो सकते हैं, इनमें निराशा या असफलता के कारण सर्वाधिक है. इसके अलावा आत्मसम्मान, बेरोजगारी, घरेलू मामले, हताशा आदि. माना जाता है कि आर्थिक तंगहाली से लोग सबसे ज्यादा आत्महत्या करते हैं, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार घरेलू विवाद आत्महत्या के कारणाों में सबसे आगे है. इनमें पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा है. दूसरी ओर नौकरी पेशा महिलाओं की तुलना में घरेलू महिलाएं ज्यादा आत्महत्या करती है. हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी ने भी सुसाइड को लेकर नया डेटा जारी कर दिया है. इस डेटा के मुताबिक, 2019 में 1.39 लाख से ज्यादा लोगों ने सुसाइड कर अपनी जान गंवा दी. यानी हर दिन 381 और हर घंटे 16 लोग खुदकुशी कर रहे थे.रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में सुसाइड करने वालों का आंकड़ा 2018 की तुलना में 3.4% ज्यादा है. 2018 में 1.34 लाख लोगों ने सुसाइड की थी.

पिछले साल सुसाइड करने वाले 23.4% लोग दिहाड़ी मजदूरी करते थे. ऐसे 32 हजार 563 लोगों ने खुदकुशी कर ली. दिहाड़ी मजदूरों के बाद घर का काम संभालने वालीं हाउस वाइफ ने सबसे ज्यादा जान गंवाई. 2019 में देशभर में 21 हजार 359 हाउस वाइव्स ने सुसाइड कर ली. सुसाइड करने वालों में 14 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार थे. 10 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने भी आत्महत्या कर ली. इन सबके अलावा खेती-किसानी से जुड़े 10 हजार 281 लोगों ने भी सुसाइड कर जान दे दी. 2019 में देशभर में 72 मामले मास या फैमिली सुसाइड के भी दर्ज किए गए, जिनमें 180 लोगों ने जान दे दी. सबसे ज्यादा 16 मामले तमिलनाडु में आए थे, जिनमें 43 लोगों की जान गई.

अक्सर लोगों का मानना होता है कि सुसाइड के पीछे खराब आर्थिक हालत वजह होती होगी या फिर बेरोजगारी. लेकिन ऐसा नहीं है. एनसीआरबी के मुताबिक, पिछले साल जितने लोगों ने सुसाइड किया, उनमें से सबसे ज्यादा 32.4% ने परिवार की दिक्कतों से तंग आकर आत्महत्या कर ली. 2019 में 45 हजार 140 लोगों ने परिवार की दिक्कतों की वजह से सुसाइड की. सुसाइड का दूसरा बड़ा कारण बीमारी है. पिछले साल 23 हजार 830 लोगों ने बीमारी से परेशान होकर सुसाइड कर ली. इससे पता चलता है कि देश में अभी भी एक तबके तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं. तीसरा बड़ा कारण ड्रग एडिक्शन है, जिसकी वजह से पिछली साल 7 हजार 860 लोगों ने आत्महत्या कर ली. वहीं बेरोजगारी की वजह से 2 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई.

सुसाइड करने वालों में 70% पुरुष पिछली साल सुसाइड करने वाले 1.39 लाख लोगों में से 70% से ज्यादा पुरुष थे. 2019 में पुरुषों ने 97 हजार 613 पुरुष और 41 हजार 493 महिलाएं थीं. जबकि, 17 ट्रांसजेंडर ने भी सुसाइड की.सबसे ज्यादा सुसाइड 18 से 30 साल की उम्र के लोगों ने की. इस एज ग्रुप के 48 हजार 774 लोगों ने सुसाइड की थी. जबकि, 45 साल से ऊपर 36 हजार 449 लोगों ने आत्महत्या कर ली थी.करीब 50% सुसाइड सिर्फ 5 राज्यों में2019 में सुसाइड के 49.5% मामले सिर्फ 5 राज्यों में ही दर्ज किए गए.

इनमें सबसे ज्यादा 13.6% मामले महाराष्ट्र में सामने आए.बाकी 50.5% मामले देश के बचे 24 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में मिले. एकमात्र लक्षद्वीप ही ऐसा था, जहां सुसाइड का एक भी मामला नहीं आया. 5 साल में कितने बढ़ गए सुसाइड के मामले?2015 में देश में 1.33 लाख से ज्यादा सुसाइड के मामले दर्ज किए गए थे. 2019 में यह आंकड़ा 1.39 लाख के पार पहुंच गया. यानी पिछले पांच साल में खुदकुशी के मामलों में 4% से ज्यादा का इजाफा हो गया है.एनसीआरबी का डेटा बताता है कि 2016 और 2017 में सुसाइड के मामलों में कमी आई थी. 2016 में 1.31 लाख और 2017 में 1.29 लाख लोगों ने सुसाइड की थी. लेकिन, 2018 और 2019 में मामले बढ़ गए. 2018 में 1.34 लाख मामले आए थे.

सुसाइड के मामले में भारत पहले नंबर परपिछले साल डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि साउथ-ईस्ट एशियाई देशों में भारत में सुसाइड रेट सबसे ज्यादा है. डब्ल्यूएचओ ने 2016 के डेटा के आधार पर ये रिपोर्ट जारी की थी. इसके मुताबिक, भारत में एक लाख आबादी पर 16.5 लोग सुसाइड कर लेते हैं. दूसरे नंबर पर श्रीलंका है, जहां एक लाख में 14.6 लोग खुदकुशी कर लेते हैं.डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 8 लाख से ज्यादा लोग सुसाइड करते हैं, यानी हर 40 सेकंड में एक सुसाइड.0

इंदौर : 12 साल के बच्चे ने अपनी ही 10 वर्षीय फ्रेंड की पत्थर से कर दी हत्या

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दिलदहला देनेवाला मामला सामने आया है. यहां 12 वर्षीय बच्चे ने अपनी 10 साल की दोस्त को महज इसलिए पत्थर से मार डाला, क्योंकि बच्ची ने लड़के की पालतू चुहिया को मार डाल था और गेम में वह उसे हरा देती थी. पुलिस पूछताछ में बच्चे ने खुद स्वीकार किया, वह मुझे बार-बार ऑनलाइन गेम में हरा देती थी। इतना ही नहीं उसने मेरी सफेद चुहिया पिंकी को भी मारकर गाड़ दिया। जब मैं यह पूछने के लिए उसे लेकर गया तो वह वहां भी मुझसे लड़ने लगी। उसने मुझे मारा तो मैंने भी उसके सिर पर पत्थर मारा। वह गिर गई तो पत्थर मारकर उसके सिर के पास दो बड़े पत्थर भी रख दिए। यह सुनते ही डीआईजी सहित अन्य अधिकारी सन्न रह गए। यह चौंकाने वाले शब्द उस 12 साल के बच्चे के, जिसने साथ खेलने वाली 10 साल की बच्ची की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की है। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि इस दर्दनाक घटना का खुलासा कम अभिभावकों के लिए एक सबक की तरह है। जो अपने बच्चों को वीडियो गेम दे देते हैं.
– मात्र दो घंटे में सुलझाई हत्या की गुत्थी
लसूड़िया थाने के जवानों ने दो घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझा दी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर बालक को बाल संरक्षण गृह भेजा है। अब तक सबसे कम उम्र की हत्या का संभवत: यह पहला मामला है। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि घटना सोमवार दोपहर 12 बजे लसूड़िया क्षेत्र की आईडीए मल्टी के पास की है। मल्टी में रहने वाली दस साल की वेदिका पिता निर्मल लौवंशी की पड़ोस में रहने वाले 12 वर्षीय बालक ने पत्थर से सिर कुचलकर मार डाला। बालिका सुबह घर से 12 बजे पूजा के लिए फूल तोड़ने का बोलकर निकली थी, तभी उसे बालक मिल गया। दोनों रोज खेलते थे इसलिए किसी को शंका नहीं हुई।
– फ्री फायर गेम खेलते थे बच्चे
डीआईजी के अनुसार लसूड़िया थाना क्षेत्र के आईडीए मल्टी के पास रहने वाली 5वीं क्लास की बच्ची और पड़ोस में ही रहने वाला 6वीं क्लास का बच्चा दोनों साथ रहते थे। ये अपने-अपने घर से फ्री फायर नाम का गेम खेला करते थे। इस गेम को चार लोग एक साथ खेल सकते हैं। इस ऑनलाइन गेम में हमेशा बच्ची जीत जाया करती थी। इतना ही नहीं जब वह अपने भाई के साथ भी खेलता था तो वह बच्ची उसकी ओर से खेलते हुए उसे हरा देती थी। लगातार हार से बच्चे के मन में बच्ची के प्रति ईष्या पनपने लगी थी। वह अब गेम को गेम की तरह ना खेलकर खुन्नस पालने लगा था।
– बच्चे की सफेद चुहिया को बच्ची ने मार डाला था
इसी बीच इनके बीच बच्चे की सफेद चुहिया पिंकी को लेकर विवाद हुआ था। बच्चे का कहना था कि बच्ची ने ही उसकी चुहिया को मारा है। खुन्नस पाले बैठा बच्चा इन्हीं बातों को लेकर उसे दोपहर में अपने साथ लेकर गया। घर से करीब 100 मीटर दूरी पर सड़क किनारे सुनसान जगह पर दाेनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में आकर बच्चे ने उसके सिर पर एक बड़ा सा पत्थर दे मारा। बच्ची के नीचे गिरते ही फिर से उसने पत्थर से सिर पर वार किया। इसके बाद वह सिर पर पत्थर रखकर वापस घर आया और खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। करीब 40 मिनट तक समझाने के बाद वह बाहर आया और उसने पूरी बात बता दी।
– फूल लेने दोपहर को निकली थी बच्ची
बच्ची सुबह घर से 12 बजे पूजा के लिए फूल तोड़ने का बोलकर निकली थी। तभी उसे बच्चा मिल गया। दोनों रोज खेलते थे, इसलिए किसी को इनके साथ झगड़ने और जाने से शंका नहीं हुई। लेकिन घटना स्थल पर ये लड़ाई करते हुए पहुंचे थे। इन्हें लड़ते हुए इलाके की एक महिला और एक लड़की ने देखा था। कुछ देर बाद बच्चा हत्या कर घर लौट आया। घंटों तलाशने के बाद दोपहर 4 बजे जब मल्टी के पास खाली मैदान में गड्‌ढे में जाकर पिता व अन्य लोगों ने देखा तो बच्ची वहां मृत मिली। उसके सिर पर पत्थर के वार थे। मरने के बाद उसके चेहरे के आस-पास दो बड़े पत्थर भी सटाकर रख दिए थे। हत्या का पता चलते ही एएसपी राजेश रघुवंशी व लसूड़िया टीम मौके पर पहुंची।
– बच्चे को बाल संरक्षण गृह भेजेगी पुलिस
एएसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि हत्या करने वाले बालक को बाल संरक्षण गृह के हवाले किया जाएगा। बाद में उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करेंगे। फिलहाल मामले में हत्या का केस दर्ज किया है। मृतका बच्ची का पिता ड्राइवरी करता है। मां गृहणी हैं। परिवार में उसका एक भाई है। श‌व को पोस्टमामर्टम के लिए एमवायएच भेजा है।

45 साल बाद भारत और चीन सीमा पर चली गोलियां

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
यह पहलेवाला भारत नहीं है, यह नया भारत है. वह दिन लद गए, जब कोई हमारी सीमाओं का अतिक्रमण करे और हम देखते रह जाए. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भी है, जब शांति चाहते हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम चुप भी नहीं बैठेंगे. इसका नजारा सोमवार को भारत-चीन सीमा पर देखने को मिला. लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे पर भारत और चीन के बीच फायरिंग की खबर है। चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने 7 सितंबर को पैंगॉन्ग त्सो के दक्षिणी किनारे पर एलएसी पार कर घुसपैठ की कोशिश की है। चीन का ये भी दावा है कि भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) पार करने के बाद हवाई फायर भी किए। चीनी सेना के बयान के मुताबिक भारतीय सेना ने शेनपाओ इलाके में एलएसी पार की और जब चीनी सेना की पेट्रोलिंग पार्टी भारतीय जवानों से बातचीत करने के लिए आगे बढ़ी तो उन्होंने जवाब में वॉर्निंग शॉट किए यानी हवा में गोली चलाई। हालांकि, भारतीय सेना ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक दोनों सेनाओं के बीच सोमवार को फायरिंग हुई है।
चीन के सैनिक आगे बढ़कर भारतीय इलाके में कब्जे की कोशिश कर रहे थे। वो भारतीय सेना की लोकेशन के काफी नजदीक आ रहे थे। भारतीय सेना ने उन्हें पीछे हटने को कहा। बहस बढ़ी और भारतीय सेना को चेतावनी देते हुए हवाई फायर करना पड़ा। ये इलाका रेचन ला है। सूत्रों के मुताबिक इस झड़प के दौरान एक दो नहीं बल्कि कई राउंड फायरिंग हुई। चीन के सैनिकों ने भी फायर किया। हालांकि, ये अब तक साफ नहीं हो पाया है कि पहले चीन के सैनिकों ने फायरिंग की या भारत के जवानों ने। इस फायरिंग के बाद चीन के सैनिक अपनी लोकेशन पर लौट गए। फिलहाल हालात सामान्य हैं।
इससे पहले, 1 सितंबर को भारत में चीनी दूतावास ने बयान जारी कर आरोप लगाया था कि भारतीय सैनिकों ने पैंगॉन्ग सो झील के दक्षिणी तट पर फिर से एलएसी क्रॉस की। चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता कर्नल झांग शुइली ने यह भी कहा है कि भारत अपने सैनिकों को नियंत्रित करे। उनके मुताबिक जब चीन के बॉर्डर गार्ड्स ने भारतीय सैनिकों को रोका तो उन्होंने गोली चलाई। जिसके बाद पीएलए के सैनिकों को स्थिति को संभालना पड़ा। न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी सूत्रों के हवाले से एलएसी पर फायरिंग होने की बात कही है।
दोनों देशों की सीमा पर इससे पहले 45 साल पहले गोली चली थी। 20 अक्टूबर 1975 को अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में चीन ने असम राइफल की पैट्रोलिंग पार्टी पर धोखे से एम्बुश लगाकर हमला किया था। इसमें भारत के 4 जवान शहीद हुए थे। वहीं इसी साल जून में गलवान में दोनों देशों के बीच हुई झड़प में हमारे 20 सैनिकों की शहादत हुई थी। हालांकि गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के दौरान भी चीनी और भारतीय जवानों की ओर से गोलियां नहीं चलाई गई थीं।

मृतक रिश्तेदार के लिए एम्बुलेंस न मिलने से नाराज मनसे नेता ने तोड़ी अधिकारी की गाड़ी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सगे साढ़ू की कोरोना से मौत के बाद दो किमी के अंतर पर स्थित श्मशानभूमि में पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए एंबुलेन्स मिलने में हुई देरी से नाराज मनसे नगरसेवक वसंत मोरे का पारा गरम हो गया. उन्होंने मनपा उपायुक्त की कार का कांच तोड़ कर चकनाचूर कर दिया.
– सगे साढ़ू का कोरोना से हुआ था निधन
मनसे के महापालिका के गुटनेता वसंत मोरे के  साढू का रविवार दोपहर कोरोना के कारण निधन हो गया. भारती हॉस्पिटल से केवल दो किमी पर स्थित कात्रज श्मशानभूमि में उसके अंतिम संस्कार के लिए उसके पार्थिव शरीर को ले जाना था. इसके लिए महापालिका के व्हीकल डिपो के पास एंबुलेंस की मांग की गई. बार बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस मिलने में तीन घंटे लग गए. इसके बाद श्मशान भूमि की विद्युतदाहिनी में पहले से एक शव का अंतिम संस्कार शुरू होने से व दो एंबुलेन्स के वेटिंग में खड़े होने से साढू के अंतिम संस्कार में रात दस बज गए. इसके लिए जब मोरे ने कारण पूछा तो संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारी व व्हीकल  डिपो के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने लगे. जिससे वसंत मोरे का सब्र जवाब दे गया. सोमवार सुबह उन्होंने घोले रोड के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंच कर व्हीकल डिपो के प्रमुख उपायुक्त नितिन उदास के कार की तोडफोड की.
– जब नगरसेवक का यह हाल है, तो आम नागरिक क्या करेंगे
इस संदर्भ में वसंत मोरे ने बताया कि इसके बाद सभी निजी एंबुलेंस को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया. मोरे ने कहा कि केवल दो किलोमीटर के अंतर पर शव को ले जाने के लिए जब  नगरसेवक को एंबुलेन्स उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो आम नागरिकों की बात ही छोड़ दें. उन्होंने बताया कि पूर्व महापौर दत्ता एकबोटे की मृत्यु के बाद भी अधिकारी गंभीर पहीं हैं व सही रणनीति नहीं बनाई.
– अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार
उन्होंने शिकायत की कि अंतिम संस्कार के लिए स्मशानभूमि में घंटों तक लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे में मौत की संख्या को देखते हुए कोरोना मरीजों का अंतिम संस्कार केवल विद्युत दाहिनी में ही किया जा सकता है, यह निर्णय बेहद गलत है. पहले से अपनों के कोरोना की इलाज के लिए जद्दोजहद करने वाले रिश्तेदारों को अपनों की मौत के बाद पार्थिव शरीर की होनेवाली दुर्दशा से लोग खिन्न हैं. मोरे ने सवाल उठाए कि ग्रामीण भागों में विद्युत दाहिनी नहीं हैं, ऐसे में वहां पर कोरोनाबाधितों का  परंपरागत तरीके से  अंतिम संस्कार किया जा रहा है. ऐसे में पुणे शहर के श्मशान भूमि में भी परंपरागत तरीके से  अंतिम संस्कार किया जाए.

लोनावला के कुमार रिसोर्ट में जुआ खेलते पकड़े गए गुजरात के 72 व्यापारी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे लोनावला के कुमार रिसोर्ट में चल रहे जुए के अड्डे का पुणे ग्रामीण पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस के लोनावला उपविभाग के सहायक पुलिस अधीक्षक नवनीत कांवत की टीम ने रविवार की रात यहां छापा मारकर 72 लोगों को हिरासत में लिया। उनके पास की तीन लाख 20 हजार 830 रुपए की नकदी और जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले एक हजार और पांच सौ रुपए के 40 लाख 75 हजार रुपए के टोकन कॉइन्स बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि, हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग गुजरात राज्य से हैं जोकि खास जुआ खेलने के लिए लोनावला आये थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लोनावला शहर के मध्यवर्ती इलाके में रहे कुमार रिसॉर्ट नामक आलीशान होटल में बड़े पैमाने पर लोग इकट्ठा हुए हैं और वहां जुए का बड़ा रैकेट चलाया जा रहा है। मुखबिर से इसकी जानकारी मिलने के बाद रविवार की देर रात सहायक पुलिस अधीक्षक नवनित कांवत लोनावला शहर पुलिस के सहायक निरीक्षक वैभव स्वामी, उपनिरीक्षक मृगदीप गायकवाड, पल्लवी वाघोले, अश्विनी लोखंडे, विकास कदम, शंकर धनगर, सागर धनवे, ईश्वर काले, सतीश कुदले के समावेश वाली टीम ने यहां छापा मारा। तब रिसॉर्ट की गेम जोन बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर छह टेबल पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा होकर जुआ खेलते पाए गए।

छापामारी में पुलिस टीम ने गुजरात के 60 व्यापारियों के साथ जुआ की सर्विस प्रोवाइड करनेवाली 12 महिला और कोरोना के काल में जुआ खेलने देने को लेकर कुमार रिसार्ट के मालिक धीरजलाल कुमार ऐलानी, प्रबंधक अन्वर शेख (दोनों निवासी मुंबई), जुआ का नियोजन करनेवाला जीशान इरफान इलेक्ट्रिकवाला (34, निवासी जोगेश्वर वेस्ट, मुंबई) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 के साथ शराबबंदी कानून की धारा 86 (1), जुआ प्रतिबंध अधिनियम 4 व 5 के अनुसार मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ पुलिस कान्स्टेबल विकास कदम ने शिकायत दर्ज कराई है। लोनावला शहर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।

मोहम्मद पैंगबर का कार्टून छपे शार्ली एब्दो मैग्जीन की तस्वीर शेयर करने पर दो पत्रकार इंस्टाग्राम पर ब्लॉक

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
वर्ष 2015 में मौहम्मद पैगंबर पर प्रकाशित कार्टून के कारण् शार्ली एब्दो नामक मैग्जीन पर आतंकी हमला हुआ था. हाल ही में उसी मैग्जीन के उसी अंक के मुख पृष्ठ को इंस्टाग्राम पर शेयर करने के कारण इंस्टाग्राम ने ‘शार्ली एब्दो’ मैग्जीन के दो पत्रकारों का अकॉउंट कई घंटों के लिए सस्पेंड कर दिया। हालांकि ब्लॉक किए गए दोनों पत्रकारों का कहना है कि, इसके जरिए उन्होंने उन लोगों को याद किया, जिन्होंने उस हमले में अपनी जान गवाई।
– ये माइंड ब्लॉइंग है : लॉरे डौसी
लॉरे डौसी (Laure Daussy) नामक पत्रकार ने अपने अकॉउंट ब्लॉक होने की सूचना दी। उन्होंने कहा, “मेरा इंस्टाग्राम अकॉउंट डिएक्टिवेट हो चुका है। मैंने जो आखिरी फोटो उस पर डाली, वह शार्ली एब्दो मैगजीन के फ्रंट पेज की थी।” उन्होंने बताया कि शायद मास रिपोर्टिंग के कारण ये सब हुआ। जो अब सेंसरशिप का नया पर्याय बन चुकी है। उन्होंने लिखा ये ‘mind blowing’ है।
– कॉरिनर ने निंदनीय बताया
इसी प्रकार कॉरिन रे (Corrine Rey) ने अपने ट्विटर पर लिखा कि ऐसा ही उनके अकॉउंट के साथ भी हुआ। उन्होंने लिखा, “शार्ली एब्दो में मेरी सहकर्मी लॉरे डौसी की तरह मेरा अकॉउंट भी पैंगंबर मुहम्मद के कार्टून वाला कवर पेज शेयर करने के कारण डिएक्टिवेट हो गया है।” कॉरिनर ने इस हरकत को बेहद निंदनीय करार दिया है।
– हाथों हाथ बिक गई 2 लाख कॉपियां
यहाँ बता दें कि सोशल मीडिया पर जिस तस्वीर के कारण पत्रकारों के अकॉउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं, उसे लेकर शार्ली एब्दो (satirical newspaper) का कहना है कि उन्होंने इसकी 2,00,000 कॉपी प्रिंट करवाई थी। जो सामान्य संख्या से तीन गुना ज्यादा थी। बावजूद इसके सारी कॉपी बिक गई और उन्हें दोबारा वो एडिशन पब्लिश करवाना पड़ा।
– फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी किया कार्टून पुन: प्रकाशित करने का समर्थन
अखबार का कहना है कि उन्होंने यह प्रयोग पिछले हफ्ते से शुरू किया और पेपर में उन लोगों को याद करने के लिए उस कार्टून को दोबारा से प्रकाशित किया, जो 2015 हमले में मारे गए थे। इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैनुअल मैक्रोन भी अखबार के समर्थन में आए और दोबारा कार्टून को छापने से रोकने से मना कर दिया।

अच्छा, तो इसलिए चीन बार-बार भारत पर आक्रमण की कोशिश कर रहा था!!!

सांकेतिक चित्र
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पूरे विश्व में कोरोना फैलाने के बाद चीन मई से भारत पर लगातार आक्रमण करता रहा है, लेकिन हर बार उसे मूंह की खानी पड़ी है. एक ओर हमारे जवानों के बुलंद हौसले और दूसरी ओर भारत को विश्व की शक्तियों से मिला अकूत समर्थन के कारण चीन अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो सका. लेकिन अब इस बात का खुलासा हो गया है कि, आखिर चीन मई से लगातार भारत के खिलाफ षड्यंत्र क्यों कर रहा था? एक खबर के अनुसार गलवान घाटी में हमला चीन की उस नीति का हिस्सा था, जिसके अंतर्गत अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव सम्पन्न होने तक ऐसे हमले हर देश पर जारी रहेंगे। लेकिन एक सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए खबर में लिखा गया है कि, जो बात बहुत लोग नहीं जानते, वह यह है कि लद्दाख में ये सभी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी(CCP) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किए जाने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिससे चीन को एक आदर्श राष्ट्र के तौर पर प्रदर्शित किया जा सके।
– सीसीपी की 100वीं वर्ष गांठ भारत को पराजीत कर मनाना चाहता था चीन
चीन ने लद्दाख में मई माह के पश्चात जो भी किया, वो सब एक योजना का हिस्सा था। परंतु इन आक्रमणों का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 100वीं वर्षगांठ से क्या संबंध? दरअसल, CCP की स्थापना 1921 में हुई थी, और एक लंबे गृह युद्ध के पश्चात 1949 में उन्होंने कुओमिन्तांग की राष्ट्रवादी सरकार को अपदस्थ कर कम्युनिस्ट शासन स्थापित किया था। अब इस पार्टी को 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं, और चीन पर अभी कम्युनिस्ट पार्टी का शासन विद्यमान है।
– पिछले तीन वर्षों से तैयारी कर रहा था चीन
चीन ने गलवान घाटी और पैंगोंग त्सो लेक के दक्षिणी छोर पर हमला केवल CCP के 100 वर्ष पूरे होने के जश्न के तौर पर किया था। वैसे भी चीन गलवान घाटी पर हमले के लिए पिछले 3 वर्षों से तैयारी कर रहा था, क्योंकि डोकलाम पठार पर जिस प्रकार भारतीय सेना ने बिना एक गोली चलाये उसे दिन में तारे दिखाये थे, वह चीन बिलकुल नहीं भूला था।
– गलवान कांड के बाद अभी तक सदमे में है चीन
लेकिन भारत ने भी गज़ब खेल खेला। जिस प्रकार से भारतीय सैनिकों ने गलवान घाटी के हमले के पश्चात चीनी खेमे में तांडव मचाया, उसका ऐसा असर पड़ा कि चीन अभी तक अपने मृत सैनिकों की वास्तविक संख्या बताने से मना कर रहा है। सीसीपी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले जश्न में जिस तरह भारत ने खलल डाला है, वो अपने आप में एक अनोखा उदाहरण है।
– 29-30 अगस्त की रात को भी खाई पटखनी
लेकिन भारत की वर्तमान गतिविधियों को देखकर लग रहा है कि वे अपनी अलग ही पार्टी मना रहे हैं। जब चीन ने 29 अगस्त की रात को पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी छोर पर हमला किया, तो भारतीयों ने न केवल मुंहतोड़ जवाब दिया, अपितु एलएसी पार करते हुए रेकिन घाटी के काला टॉप फीचर को चीन के कब्जे से मुक्त भी कराया।
– गलतियों से सीखने की मंशा नहीं चीन की
लगता है पाकिस्तान की भांति चीन भी अपनी गलतियों से कुछ भी सीखने को तैयार नहीं है। तभी उसने 1967 और 2017 में भारत के हाथों कूटे जाने के बावजूद वुहान वायरस की महामारी की आड़ में भारत पर आक्रमण करने की हिमाकत की, ताकि CCP के 2021 में 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा सके, लेकिन भारत ने चीन के इरादों पर ऐसा ज़बरदस्त पानी फेरा कि चीन पूरी दुनिया में विलाप करता फिर रहा है।