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Saturday, August 22, 2026
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टेंडर में गड़बड़ी होगी तो उसका गला हम काट देंगे, जेल भेज देंगे -भाजपा सांसद

राजेश सोनी | Navpravah.com

केंद्र में मंत्री और बिहार के आरा से सांसद आरके सिंह ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने बिहार के जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा है कि योजना वैसी होगी जो सबसे अधिक सार्वजनिक लाभ की हो। उसके टेंडर और निर्माण में पारदर्शिता होगी। इसमें हमारा नाम जुड़ा है, इसलिए कहीं भी गड़बड़ी होगी तो उसका गला हम काट देंगे, उसपर केस कर देंगे, उसको जेल भेज देंगे।

उन्होंने यह बयान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अधिकारियों को सावधान करते हुए दिया। खबरों के मुताबिक जिस वक्त आरके सिंह गला काट देने की बात कर रहे थे, उस वक्त कार्यक्रम में एनटीपीसी और ऊर्जा विभाग के बड़े अधिकारी मौजूद थे।

गौरतलब है कि इससे पहले भी मोदी सरकार के कई मंत्री विवादित बयान दे चुके हैं। केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हंसराज अहीर ने बांग्लादेश को भारत का तथाकथित मित्र बताया था।

पपीता सेहत के लिए है बेहद फायदेमंद, जानिए

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

पपीता खाने में काफी स्वादिष्ट होता है। पपीते में प्रोटीन, पोटेशियम, फाइबर और विटामिन ए जैसे कई तत्व पाए जाते हैं, जो कि शरीर के लिए काफी अच्छे रहते हैं।

पपीते के सेवन से शरीर को एनर्जी भी प्रदान की जा सकती है। पपीते का  जूस भी बनाकर पिया जा सकता है। इसके सेवन से हमारे शरीर में खून की कमी पूरी होती है और साथ ही इसके सेवन से हमारे शरीर में एनर्जी बनी रहती है। पपीता सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

कच्चे पपीते को उबालकर और सब्जी बनाकर दोनों तरीके से खाया जा सकता है। अगर सब्जी खाना पसंद नहीं करते हैं तो पके पपीते अच्छा व‍िकल्प होगा। पका पपीता काटकर इस पर काली मिर्च पाउडर बुरककर खाएं।

आइये जानते हैं पपीते के फायदे –

1. पपीते और नींबू का जूस बॉडी से टॉक्सिंस बाहर निकालने में मदद करता है और इससे स्किन और बाल काफी अच्छे हो जाते हैं।

2. पपीते और नींबू का जूस पीने से शरीर में बल्ड सर्कुलेशन सही होता है और हार्ट अटैक की संभावना भी कम हो जाती है।

3. पीलिया के मरीजों के लिए कच्चा पपीता काफी फायदेमंद रहता है। पपीते के सेवन से पीलिया की समस्या से जल्दी निजात पाई जा सकती है।

4. अगर आप भी अपने वजन से परेशान हैं, तो पपीता के सेवन से अपने बढ़े हुए वजन को घटाया जा सकता है। अपना वजन घटाने के लिए पपीते को जरूर अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

5. पपीते में नींबू का रस मिलाकर पीने से जोड़ों का दर्द भी दूर हो सकता है।

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ऑल टाइम आईसीसी रैंकिंग में लारा से आगे निकले विराट कोहली।

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बिहार में समय पर होंगे विधानसभा चुनाव- सीएम नितीश कुमार

उत्तरप्रदेश: कासगंज में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण, 80 से ज्यादा लोग गिरफ्तार, सीएम का अनुरोध अफ़वाहों पर यक़ीन न करें।

भाजपा को हो चुका है घोर अपराधी करण- मायावती

अब चीन में दौड़ेगी 600 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से ट्रेन, प्रशासन ने दी हरी झंडी।

श्रीलंका ने 12 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, मछली पकड़ने के जाल भी नष्ट किए।

पी चिंदम्बरम ने रोजगार को लेकर पीएम पर साधा निशाना, कहा, “अगर पकौड़ा बेचना रोजगार, तो भीख मांगना भी।” 

अलगाववादीयों ने 2 पत्थरबाज युवकों की मौत पर बुलाया कश्मीर बंद, सेना के काफिले पर की थी पत्थरबाजी।

गो बैंकिंग रेट्स के मुताबिक, रहने के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता देश।

पीएम मोदी का लालू पर निशाना, कहा, “भ्रष्टाचार करने वाले आज सीएम में हैं।”

पीएम मोदी की आज मन की बात नारी सशक्तिकरण के मुद्दे पर रही केंद्रित।

अगर पकौड़े बेचना नौकरी है तो फिर भीख मांगना भी-पी चिदंबरम

चिंदम्बरम ने साधा पीएम मोदी पर निशाना

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रोजगार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा कि अगर पकौड़ा बेचना नौकरी है तो फिर भीख मांगने को भी रोजगार के विकल्प के तौर पर ही देखना चाहिए।

गुस्साए चिदंबरम ने एक के बाद एक अपने ट्वीट्स में लिखा कि सरकार नौकरियों के अवसर पैदा करने के मामले में पूरी तरह फेल है। दरअसल चिदंबरम ने पीएम मोदी के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था की अगर एक आदमी पकौड़े बेचता है और शाम को 200 रुपये लेकर घर पहुंचता है तो क्या उसे रोजगार माना जाएगा या नहीं? प्रधानमंत्री के इस बयान का विपक्ष के नेताओं समेत सोशल मीडिया पर भी मजाक बनाया गया था।

इतना ही नहीं चिदंबरम ने आगे अपने ट्वीट में लिखा कि  मुद्रा योजना में 43 हजार का लोन लेकर एक व्यक्ति को रोजगार सृजक बनाने का दावा किया गया था।  लेकिन, ऐसा कोई व्यक्ति नहीं दिखता, जिसने इतने निवेश में एक भी रोजगार पैदा किया हो। चिदंबरम ने एक और  ट्वीट में लिखा कि एक अन्य मंत्री का कहना है कि मनरेगा मजदूरों को भी नौकरी करने वालों में गिनना चाहिए। अगर वह जॉब है तो क्या सिर्फ 100 दिन के लिए है और बाकी 265 दिन उन्हें बेरोजगार रहना पड़ता है।

गौरतलब है कि हाल ही में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी पीएम मोदी के इस बयान पर तंज कसा था। हार्दिक ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि केवल एक ‘चायवाला’ ही बेरोजगार युवाओं को पकौड़े बेचने की सलाह दे सकता है।  अर्थशास्त्री ऐसा सुझाव नहीं नहीं दे सकता है।

रेलवे ने दिया विकलांगों को सम्मान, रियायती फॉर्म में अब विकलांग की जगह होगा दिव्यांग

भारतीय रेलवे ने दिया विकलांगों को सम्मान

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com 
 
विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द का इस्तेमाल करने की अपील पीएम मोदी ने 2 साल पहले की थी। इस पर अमल करते हुए रेलवे ने ऐसे लोगों को जारी रियायती प्रमाणपत्रों में बदलाव करने का फैसला लिया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार नेत्रहीन को दृष्टिबाधित से, मूक बधिर को वाक एंव श्रवण विकार और विकलांग शब्द को दिव्यांग से बदला जाएगा।

एक अधिकारी ने कहा, ये शब्द अपमानजनक हैं और इनमें बदलाव की आवश्यकता है। परफॉर्मा में बदलाव किए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में 2 साल पहले लोगों से विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द इस्तेमाल करने की अपील की थी। पीएम का कहना था, ऐसे लोगों के लिए दुनिया में अनेक-अनेक शब्द प्रयोग हुए हैं, लेकिन हमेशा इन शब्दों के प्रति भी चिंतन चलता रहा है। ये शब्द उनके पहचान के लिए अच्छा नहीं लगता है, सम्मानजनक नहीं लगता है।

रेलवे इस वर्ष के अंत तक ऐसी तीन हजार बोगियों का निर्माण करेगी। इन बोगियों में दिव्यांगों की यात्रा आरामदायक और बिना परेशानी के होगी। दिव्यांगों के लिए मुख्य आयुक्त कमलेश पांडे ने बताया कि दिव्यांग यात्रियों के सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए इन बोगियों में कई सुविधाएं होंगी।

उन्होंने कहा इससे पहले अशक्तता कानून, 1995 में शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए सात वर्ग थे। अब इस कानून में और 21 वर्गों को शामिल किया गया है, जिनमें मानसिक बीमारी, थैलेसीमिया, बौनापन और तेजाब से जख्मी लोग शामिल है।

कोटा की प्रसन्ना भंडारी ने बदली 950 बेसहारा बच्चों की जिंदगी

प्रसन्ना जोशी ने किया 950 बेसहारा बच्चियों के ज़िन्दगी में बढ़लाव

एनपी न्यूज़ डेस्क| Navpravah.com 
 
प्रसन्ना भंडारी अपनी जिंदगी के 80 साल पूरे कर चुकी हैं, लेकिन उनका हौसला और जज्बा देख हर कोई हैरान है। एक हजार के आस-पास निर्धन बच्चों को आसरा देने वाली कोटा की इस महिला ने साबित कर दिया है कि हौंसला और जज्बा उम्र का मोहताज नहीं होता है। प्रसन्ना भंडारी 84 साल की उम्र में भी गरीब, निर्धन और बेसहारा बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए सहारा बनी हुई हैं, समाज में बेसहारों के लिए कुछ कर गुजरने की उनकी चाह खत्म नहीं होती है।
 
प्रसन्ना अपने परिवार से दूर जाकर सैंकड़ों अनाथ बच्चों को मां का प्यार दिया। उन्होंने न केवल उनका लालन-पालन किया बल्कि उनकी हर उस जिम्मेदारी को भी निभाया जो एक मां-बाप को उठानी होती है। प्रसन्ना इकलौती बुजुर्ग महिला हैं जो वास्तव में कोटा शहर में नि:स्वार्थ रूप से काम करते हुए अपने खुद के जीवन से संघर्ष करते हुए समाज को एक नई दिशा देने में जुटी हुई हैं।

 
84 वर्षीय प्रसन्ना भंडारी खुद एक बड़े परिवार से ताल्लुक रखती थीं। जिस परिवार में शादी हुई वो भी उन्हें बेहद बड़ा मिला, लेकिन शुरू से ही उनके अंदर एक ललक खुद के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए कुछ करने की थी।
प्रसन्ना बताती हैं कि जब वे बच्चों को सड़क पर देखतीं थीं तो उनका दिल पसीज जाता था। जरूरतमंदों को लाचार देखतीं तो दिल को तकलीफ होती थी, जिस वजह से उन्होंने 1964 में करनी नगर विकास समिति का गठन किया और इसके बाद समाज के लिए कुछ करने की शुरुआत कर दी।
 
धीरे-धीरे प्रसन्ना ने निराश्रितों के लिए निराश्रित बालगृह से लेकर शिशुगृह, परिवार परामर्श केंद्र, श्रद्धा वृद्धाश्रम खोल दिए। प्रसन्ना ने करीब 950 ऐसे बच्चे, जिन्हें नवजात और अनाथ कहा जा सकता है। ऐसे बच्चों की   जिंदगी को न केवल बचाया बल्कि उन्हें एक मंजिल का रास्ता भी बना कर दिया। बेटियों से प्रसन्ना भंडारी का प्रेम कुछ अलग ही था। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने 45 से ज्यादा बेटियों का न केवल लालन-पालन किया बल्कि उनकी शादी भी पूरे धूमधाम से की।
 
प्रसन्ना भंडारी को भारत सरकार द्वारा बाल कल्याण सेवाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर राजस्थान सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ सामाजिक संस्था का पुरस्कार मिल चुका है। अब तक कुल 20 से ज्यादा राष्ट्रीय और राजस्थान स्तर के सम्मानों से प्रसन्ना को नवाजा जा चुका है।

आइपीएल के एक नियम से अभिनेत्री प्रीति जिंटा हुई नाराज

प्रीति जिंटा आईपीएल नियम से नाराज

एनपी न्यूज़ डेस्क |Navpravah.com 
 
2018 में होने वाले 11वें आईपीएल की बोली में खिलाड़ियों के बाद हर जगह चर्चा प्रीति जिंटा की हो रही है। पहले दिन उन्होंने खिलाड़ियों के लिए जिस तरह से बोली लगाई है, उस कारण सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा हो रही है। जिस तरह प्रीति जिंटा बोली लगा रही थीं, उसे देखकर उनकी ही टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग भी खुद को कमेंट करने से नहीं रोक सके। सहवाग के बाद दूसरे लोगों ने भी उनके इस अंदाज पर खूब मजे लिए।
 
आईपीएल के एक नियम ने प्रीति जिंटा का पारा भी गर्म कर दिया। शनिवार को पहले दिन के ऑक्शन के बाद किंग्स इलेवन की को-ऑनर प्रीति जिंटा ने अपने सोशल मीडिया पर कहा, कि उन्हें राइट टू मैच कार्ड से नफरत है। दरअसल नीलामी के दौरान पांच बार ऐसा हुआ जब प्रीति ने किसी खिलाड़ी को अपनी टीम के लिए खरीदा, लेकिन दूसरी टीम ने उस खिलाड़ी को राइट टू मैच कार्ड के जरिए वापस ले लिया।
 
पहली बोली में शिखर धवन पर किसी ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, लेकिन प्रीति की वजह से ही उनकी बोली की कीमत 5.20 करोड़ तक पहुंच गई । इसके बाद किसी ने भी बोली नहीं बढ़ाई, लेकिन प्रीति की लगाई इस आखिरी बोली पर सनराइजर्स हैदराबाद ने राइट टू मैच का इस्तेमाल कर प्रीति को धवन की खरीदारी करने नहीं दिया।
 
इसके बाद अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान को भी प्रीति जिंटा खरीदने के लिए बहुत ही उत्सुक दिखीं, लेकिन जैसे ही राशिद खान की बोली बढ़कर 9 करोड़ हुई। हैदराबाद सनराइजर्स ने आरटीएम का प्रयोग कर उन्हें प्रीति की टीम में जाने से रोक दिया।

कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद, अलगाववादियों ने बुलाया कश्मीर बंद

अलगाववादियों नेताओं ने बुलाया कश्मीर बंद

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 

 
कश्मीर में शनिवार को हुई सेना की फायरिंग में 2 कश्मीरी युवकों की मौत के बाद आज अलगाववादियों द्वारा कश्मीर बंद बुलाया गया था। अलगाववादियों द्वारा  किए गए बंद को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कश्मीर के कुछ संवेदनशील इलाकों में इन्टरनेट सेवा को बंद कर दिया है।
 
बता दें कि कुछ लोगों ने शनिवार शाम सेना के काफिले पर पथराव किया था, जिसके बाद सेना ने अपनी आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अब इस मुद्दे पर सेना की ओर से बयान भी जारी किया गया है। सेना ने कहा है कि यह फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। क्योंकि, कुछ लोग सेना के काफिले पर अंधाधुंध पत्थर बरसा रहे थे। वहीं जम्मू – कश्मीर पुलिस ने सेना की काफिले में शामिल इस टुकड़ी पर केस दर्ज कर लिया है।
सेना द्वारा की गई फायरिंग में पत्थरबाज़ी करने वाले मृतक युवकों में जहावीद अहमद भट्ट (20) और सुहैल जाविद लोन (24) का नाम शामिल है।
 
डिफेन्स मिनिस्ट्री के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि शनिवार शाम सेना के काफिले पर पत्थरबाज़ी करने वालों में 100 से 120 लोग शामिल थे। जबकि कुछ ही समय में पत्थरबाजों की संख्या बढ़कर 250 तक हो गई थी।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों ने काफिले की गाड़ियों को काफी नुक्सान पहुँचाने के बाद, काफिले में मौजूद सेना की 4 गाड़ियों को आग के हवाले करने की कोशिश भी की थी। वहीं काफिले में मौजूद जूनियर कमीशन ऑफिसर के सिर पर प्रदर्शनकारियों ने जानलेवा हमला किया और उनके हाथ  से हथियार भी छीनने की कोशिश की थी। जिसके बाद सेना को मजबूरन अपनी आत्मरक्षा के लिए इन प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें 2 पत्थरबाज़ युवकों की मौत हो गई थी। 
 
सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस पुरे हादसे के जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी वार्ता की है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीएम महबूबा मुफ़्ती को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि वह इस वारदात की विस्तृत रिपोर्ट मंगवाकर इस मामले की जाँच करवाएंगी । आज कश्मीर बंद के कारण राजधानी श्रीनगर में सभी बाज़ार और दुकानें बंद हैं। वहीं कई राज्यमार्ग भी आज बंद हैं और इसका असर रेल यातायात पर भी पड़ा है।  
 

रहने के लिहाज से भारत दुनिया का सबसे सस्ता दूसरा देश

भारत दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता देश

एनपी न्यूज़ डेस्क| Navpravah.com 

भले ही भारत में रहना लोगों को महंगा पड़ सकता है, लेकिन दुनिया में रहने के लिहाज से भारत दूसरा सबसे सस्ता देश है। हाल में 112 देशों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है। वहीं पहले स्थान पर दक्षिण अफ्रीका ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह सर्वेक्षण गो बैंकिंग रेट्स ने किया है। इस सर्वेक्षण में देशों की रैंकिंग चार प्रमुख मानकों पर तय की है। इसके लिए नमबियो द्वारा ऑनलाइन जुटाए गए आंकड़ों का आकलन किया गया है।

दुनिया के 50 सबसे सस्ते देशों में किराया सूचकांक में भारत दूसरे क्रम पर है। इस सर्वेक्षण की रैंकिंग स्थानीय क्रयशक्ति सूचकांक, किराया सूचकांक, आम उपभोग की वस्तुओं के (ग्रॉसरी) सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मानकों के आधार पर की गई है। वहीं उपभोक्ता सामान और ग्रॉसरी की कीमतों के हिसाब से भी भारत सबसे सस्ता देश माना गया है जहां कोलकाता शहर में 285 डॉलर मासिक खर्च में एक अकेला व्यक्ति अपनी गुजर-बसर कर सकता है। सर्वेक्षण के अनुसार भारतीयों की स्थानीय क्रयशक्ति 20.9% सस्ती, किराया 95.2% सस्ता, ग्रॉसरी की कीमत 74.4% सस्ती और स्थानीय सामान और सेवाएं 74.9% सस्ती है।

बता दें की सर्वेक्षण के अनुसार 125 करोड़ की आबादी वाला भारत दुनिया के 50 सबसे सस्ते और ज्यादा आबादी वाले देशों में से एक है। यहां प्रमुख उद्योग कपड़ा, रसायन और खाद्य प्रसंस्करण हैं। वहीं भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का इस सूची में 14वां स्थान है। इसके अलावा कोलंबिया का 13वां, नेपाल का 28वां और बांग्लादेश का 40वां स्थान है।इन सभी देशों की इन चारों मानकों पर तुलना अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से की गई है।