कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद, अलगाववादियों ने बुलाया कश्मीर बंद

अलगाववादियों नेताओं ने बुलाया कश्मीर बंद

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 

 
कश्मीर में शनिवार को हुई सेना की फायरिंग में 2 कश्मीरी युवकों की मौत के बाद आज अलगाववादियों द्वारा कश्मीर बंद बुलाया गया था। अलगाववादियों द्वारा  किए गए बंद को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कश्मीर के कुछ संवेदनशील इलाकों में इन्टरनेट सेवा को बंद कर दिया है।
 
बता दें कि कुछ लोगों ने शनिवार शाम सेना के काफिले पर पथराव किया था, जिसके बाद सेना ने अपनी आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अब इस मुद्दे पर सेना की ओर से बयान भी जारी किया गया है। सेना ने कहा है कि यह फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। क्योंकि, कुछ लोग सेना के काफिले पर अंधाधुंध पत्थर बरसा रहे थे। वहीं जम्मू – कश्मीर पुलिस ने सेना की काफिले में शामिल इस टुकड़ी पर केस दर्ज कर लिया है।
सेना द्वारा की गई फायरिंग में पत्थरबाज़ी करने वाले मृतक युवकों में जहावीद अहमद भट्ट (20) और सुहैल जाविद लोन (24) का नाम शामिल है।
 
डिफेन्स मिनिस्ट्री के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि शनिवार शाम सेना के काफिले पर पत्थरबाज़ी करने वालों में 100 से 120 लोग शामिल थे। जबकि कुछ ही समय में पत्थरबाजों की संख्या बढ़कर 250 तक हो गई थी।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों ने काफिले की गाड़ियों को काफी नुक्सान पहुँचाने के बाद, काफिले में मौजूद सेना की 4 गाड़ियों को आग के हवाले करने की कोशिश भी की थी। वहीं काफिले में मौजूद जूनियर कमीशन ऑफिसर के सिर पर प्रदर्शनकारियों ने जानलेवा हमला किया और उनके हाथ  से हथियार भी छीनने की कोशिश की थी। जिसके बाद सेना को मजबूरन अपनी आत्मरक्षा के लिए इन प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें 2 पत्थरबाज़ युवकों की मौत हो गई थी। 
 
सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस पुरे हादसे के जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी वार्ता की है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीएम महबूबा मुफ़्ती को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि वह इस वारदात की विस्तृत रिपोर्ट मंगवाकर इस मामले की जाँच करवाएंगी । आज कश्मीर बंद के कारण राजधानी श्रीनगर में सभी बाज़ार और दुकानें बंद हैं। वहीं कई राज्यमार्ग भी आज बंद हैं और इसका असर रेल यातायात पर भी पड़ा है।  
 

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