बैंक घोटाले मामले में बीजेपी नेता ने राहुल गाँधी और चिदंबरम को घेरा

नई दिल्ली ब्यूरो | Navpravah.com
बीजेपी ने आज कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए देश में हो रहे बैंकिंग घोटालों पर यूपीए सरकार पर सवाल खड़े कर दिये हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि 16 मई, 2014 को यूपीए के वित्त मंत्री ने 7 कंपनियों को गोल्ड स्कीम में एंट्री दी थी।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम बताएं कि किस के दवाब में उन्होंने इन कंपनियों को नियमों से परे जाकर फायदा पहुंचाया था, जिसमें मेहुल चौकसी की भी कंपनी शामिल थी। उन्होंने राहुल गांधी और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से सवाल किया कि कांग्रेसी नेता बताएं कि सरकार की गोल्ड स्कीम (80:20 स्कीम) के तहत उन्होंने सात निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया था।
प्रसाद ने कहा कि 2013 में 80:20 स्कीम लॉन्च की गई थी, इसको नवंबर 2014 में फिर से लाया गया था। 16 मई, 2014 को जिस दिन इस स्कीम के परिणामों की घोषणा होनी थी, तत्कालीन वित्त मंत्री ने 7 निजी कंपनियों को इस स्कीम में शामिल किया था।
उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम का इन कंपनियों पर सीधा आशीर्वाद था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देखरेख में ही देश की बैंकिंग व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनाधार खो रही है और इस समय बौखला कर देश में भय और भ्रम का माहौल पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में कांग्रेस का अच्छा-खासा जनाधार था, लेकिन इन चुनावों में वहां भी कांग्रेस को नकार दिया गया। वैसे भी नतीजा सबके सामने है।
योगी आदित्यनाथ ने सांप-छछुंदर से की सपा-बसपा की तुलना
उत्तर प्रदेश ब्यूरो | Navpravah.com
उत्तर प्रदेश उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को लेकर हुई दोस्ती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की रैली को सम्बोधित करते हुए तंज कसा है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, योगी ने कहा, बीएसपी और एसपी के गठबंधन की बातें सुनने में आ रही हैं। जब भी कोई तूफान आता है, तो सांप और छछुंदर एक साथ मिलकर खड़े हो जाते हैं।
इससे पहले, रविवार को नवाबगंज की सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा था कि जब सूर्योदय होता है, तब सूर्य का रंग केसरिया होता है और सूर्यास्त के समय रंग लाल होता है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, समाजवादी पार्टी की सरकार भेदभाव करती थी। बिजली प्रदेश के केवल चार जिलों में मिलती थी और बाकी जिले बिजली से वंचित थे। हमने प्रदेश में बिजली का समान वितरण सुनिश्चित किया है।
फूलपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल के समर्थन में योगी ने कहा, अब विकास में कोई भेदभाव नहीं होगा, चाहे गोरखपुर हो या इलाहाबाद, लखनऊ हो या आगरा सभी जगह समान रूप से विकास होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा, पहले लोगों की मान्यता थी कि जहां से गड्ढे शुरू होंगे, वहां से उत्तर प्रदेश शुरू हो जाता है। लेकिन आज लोग कह सकते हैं कि जहां से रोशनी शुरू होती है, वहां से उत्तर प्रदेश की सीमा प्रारंभ हो जाती है।
योगी ने आगे होली त्योहार के संदर्भ में कहा कि होली और जुमा एक साथ पड़ गया। लोग कहते थे कि कैसे होगा, हमने कहा कि होली साल में एक बार आती है और जुमा साल में 52 बार होता है। होली का पर्व पूरे सम्मान के साथ मनाया गया, मैं मुस्लिम धर्मगुरुओं को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने जुमे का समय 2 घंटे आगे बढ़ाया।
J&K सरकार ने SC से कहा, “शोपियां गोलीबारी मामले के FIR में मेजर आदित्य का नाम नहीं”
अमित द्विवेदी | Navpravah.com
सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह बात स्पष्ट की कि शोपियां गोलीबारी मामले में मेजर आदित्य का नाम बतौर आरोपी नहीं दर्ज किया गया है। इस सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट ने मेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर रोक लगा दी थी। गत 12 फरवरी को इस मामले की सुनवाई की गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिया था।
कोर्ट ने इस सम्बन्ध में राज्य से दो सप्ताह के भीतर इस सम्बन्ध में जवाब माँगा था। शोपियां में गोलीबारी की घटना में पुलिस द्वारा सेना के मेजर पर दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ उनके पिता ने न्यायालय का रुख किया था। न्यायालय के सामने मेजर के पिता ने पूरे मामले की हकीकत पेश किया, जिसमें उन्होंने यह बताया कि दरअसल यह पूरा मामला अलग है और पुलिस इसमें मेजर को अनावश्यक लपेट रही है।
न्यायालय के सामने मेजर के पिता ने सब स्पष्ट बताया है। उन्होंने अपनी अर्जी में कहा है कि उनका बीटा सैन्य कर्मियों को बचाना चाहता था और हिंसक भीड़ को काबू कर पाना मुश्किल था, इसलिए उसने गोलियां चलाई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना ने हिंसक भीड़ से पहले वहाँ से चले जाने और उपद्रव न करने को कहा था, लेकिन किसी ने एक न सुनी और स्थिति नियंत्रण से बाहर चली गई।
सुप्रीम कोर्ट को लिखी अर्जी में मेजर के पिता ने स्पष्ट किया है कि हिंसक भीड़ ने एक जूनियर कमीशन प्राप्त अधिकारी को पकड़ लिया और उसे पीट पीट कर मार डालने पर उतर आयी तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मजबूरन सेना को ठोस कदम उठाना पड़ा।
















