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Tuesday, September 8, 2026
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BMW पर कर रहा था पेशाब, सुरक्षा रक्षक ने रोका तो जिन्दा जला दिया

सांकेतिक चित्र
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
मालिक की बीएमडब्ल्यू कार पर पेशाब करने से रोकने पर गुस्साए ऑटो रिक्शा चालक द्वारा एक कंपनी के सुरक्षा कर्मी पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई। पिंपरी चिंचवड़ के भोसरी एमआईडीसी इलाके में मंगलवार की दोपहर यह सनसनीखेज घटना घटी है। इसमें सुरक्षा कर्मी 20 फीसदी झुलस गया है उसका एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भगवान शंकर वायफलकर (41, निवासी दत्तनगर, चिंचवड, पुणे) ऐसा इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे सुरक्षा कर्मचारी का नाम है। वे एमआईडीसी स्थित एसवी इंटरप्राइजेज नामक कंपनी में काम करते हैं। उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश करने के आरोप में एमआईडीसी भोसरी पुलिस ने महेंद्र बालू कदम (31, निवासी बालाजीनगर, भोसरी, पुणे) नामक आरोपी ऑटो रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि, मंगलवार की दोपहर सवा चार बजे वायफलकर हमेशा की तरह कंपनी में अपनी ड्यूटी पर थे। तब आरोपी ऑटो चालक महेंद्र कदम कंपनी के गेट के पास आकर कंपनी मालिक की बीएमडब्ल्यू कार पर पेशाब करने लगा। जब वायफलकर ने उसे रोका तो उसने उनके साथ झगड़ा किया। कुछ देर बाद वापस लौटकर कदम अपने साथ बोतल में पेट्रोल भरकर ले आया। उसने वायफलकर पर पेट्रोल डालकर उन्हें जला दिया औऱ वहां से भाग निकला। लोगों ने उन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने कदम के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पिंपरी-चिंचवड़ : 4 दिन में हत्या की 3 वारदात

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

एक तरफ ‘आयरन मैन’ कृष्णप्रकाश पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस महकमे के ‘मेकओवर’ में लगे हुए हैं, दूसरी तरफ शहर में हत्या जैसी गंभीर वारदातें सिर उठा रही हैं. गत चार दिन में शहर में हत्या की तीन-तीन वारदातों से सनसनी फैल गई है. हत्या की ये वारदातें निगड़ी, चाकण और भोसरी इलाके में हुई हैं. बीते दिन भोसरी एमआईडीसी स्थित बालाजी नगर में सुलभ शौचालय की टंकी में नर कंकाल पाए जाने से खलबली मची हुई है. वहीं बुधवार को भोसरी की चक्रपाणि बसाहत में एक टेम्पो में लाश मिलने से इलाके में दहशत व्याप्त है.

निगडी परिसर के ओटास्कीम में 15 नवंबर की शाम रोड पर बतियाते खड़े रहे दो में एक व्यक्ति को एक शराबी ने उनके बीच आकर बेवजह पेट में चाकू घोंप दिया. इस हमले में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की आज इलाज के दौरान मौत हो गई. मंगलवार की रात चाकण में तीन लोगों ने मिलकर तेजधार हथियार से एक युवक पर जानलेवा हमला कर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी. वाटेकरवाडी – पवलेवाडी गांवों की सीमा पर यह वारदात हुई है. बुधवार की सुबह युवक की लाश मिलने के बाद यह घटना सामने आयी. हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है.

बीती दोपहर भोसरी एमआईडीसी स्थित बालाजीनगर में सुलभ शौचालय की पानी की टंकी में नरकंकाल मिलने का मामला अभी ताजा ही है कि बुधवार को भोसरी की चक्रपाणि वसाहत में एक टेम्पो में एक युवक की लाश मिलने से खलबली मच गई है. लाश पर मारपीट के निशान रहने से माना जा रहा है कि युवक की हत्या की गई है. भोसरी एमआईडीसी में ही एक कंपनी के सामने बीएमडब्ल्यू कार पर पेशाब करने से रोकने पर एक सुरक्षाकर्मी पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश किये जाने का चौंकानेवाला मामला सामने आया है. हत्या जैसी गंभीर वारदातों के बढ़ने से पिंपरी चिंचवड़ वासी सकते में आ गए हैं.

कोरोना : छठ महापर्व को लेकर योगी सरकार की गाइडलाइन

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
राज्य सरकार ने छठ पर्व के मौके पर कोविड संक्रमण के प्रभाव को न्यूनतम बनाए रखने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं. मातहत अधिकारियों को भेजे गए निर्देशों का सख्ती के साथ पालन किए जाने की ताकीद की गई है. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सरकार की तरफ से निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पूजन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जाने, सभी कार्यक्रमों में दो गज की दूरी व मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए.

उन्होंने कहा है कि किसी प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों का पालन कराए जाने का दायित्व भी कार्यक्रम के आयोजक का होगा. निर्देशों में कहा गया है कि 19 व 20 नवंबर को मनाए जाने वाले छठ के पर्व के अवसर महिलाओं को प्रेरित किया जाए कि वे इस पर्व को यथा संभव घर पर ही मनाएं अथवा घर के निकट ही मनाएं. छठ पूजा पर्व के अवसर पर नदी व तालाब के किनारे पारम्परिक स्थानों पर पूर्व की भॉति नगर निगम व नगर निकाय व जिला प्रशासन द्वारा अर्घ्य दिए जाने की समुचित व्यवस्था की जाए.

इस अवसर पर नदी व तालाबों के किनारे शौचालय एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए और पारम्परिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाए. घाटों पर महिलाओं के लिये चेन्जरूम की समुचित व्यवस्था की जाए और पूजा स्थल पर एम्बुलेंस की व्यवस्था मय चिकित्सकों की टीम के साथ की जाए.

महाराष्ट्र : ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत वादे से पलटे, ‘किसी को नहीं मिलेगी बिजली बिलों में छूट’

नरेंद्र इंगले । नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

बिजली कंपनी को कोल ट्रेड समेत अन्य चीजों के लिए पैसा देना पड़ता है. इसलिए तालाबंदी के दौरान आंके गए बिजली बिलों में किसी भी प्रकार की कोई छूट नहीं दी जा सकती. यह बयान है महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राउत का.

मंत्री कहते है कि बिजली बिलों की वसूली के बीच किसी भी उपभोक्ता पर कोई अप्रिय कार्रवाई नहीं की जाएगी. इन्हीं मंत्री जी ने आज से दो महीने पहले कहा था कि, अतिरिक्त बिजली बिलों को कम किया जाएगा और आज कह रहे हैं कि कोई छूट नहीं दी जा सकती. मंत्री का बयान पूरी तरह से भ्रम को बढ़ावा देने वाला इसलिए है कि, वे उपभोक्ताओं पर किसी भी अप्रिय कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं और छूट के भी.

राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार में ऊर्जा मंत्रालय कांग्रेस के पास है. सरकार गठन के बाद प्रति यूनिट बिजली का दर 22 फीसदी इतना बढ़ाया गया. तालाबंदी मे बिजली उपयोग आंकलन व्यवस्था चरमराई और उपभोक्ताओ को दुगने तिगने बिल थमा दिए गए. ऊर्जा मंत्री के पलटू टाइप बयान के कारण आम जनता मे उद्धव ठाकरे सरकार के प्रति काफी असंतोष दिखाई पड़ने लगा है. अगले महीने विधानसभा का शीतसत्र आरंभ होने जा रहा है. राउत के बयान ने विपक्ष को सरकार को घेरने का बड़ा मौका प्रदान किया है.

नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने सरकार से कहा है कि, वह बिजली कंपनी को 5 हजार करोड़ रुपये की मदद घोषित करे. अच्छा होता कि फडणवीस केंद्र सरकार के पास राज्य के बकाया 38 हजार करोड़ रुपये के बारे मे भी कुछ कह देते.

मनमाने बिजली बिलों को लेकर नवप्रवाह ने जनता की आवाज बुलंद करने और प्रशासन की कोताही को लेकर लगातार खबरे चलाई है. प्रस्तावित न्यायिक छूट की प्रतीक्षा मे मार्च से अब तक लाखो ग्राहको ने बिजली के बिलो का भुगतान नही किया है जिसके कारण सरकारी खजाने मे जमा होने वाला करोड़ो रुपया रुक गया है. समय पर इस मसले पर फैसला लिया जाता, तो कितना बेहतर होता. अब जनभावना के दबाव में बिलों में छूट मिलती भी है, तो आम लोगो को 9 महीने का लंबित बिल एक साथ भरना आसान नही होगा.

गुजरात : दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत में 11 की मौत, 17 घायल

नव प्रवाह न्यूज नेटवर्क
गुजरात के वडोदरा में वाघोडिया क्रॉसिंग हाईवे पर बुधवार तड़के दो ट्रकों की टक्कर में 11 लोगों की मौत हो गई. जबकि 17 लोग घायल हो गए हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि घटना सुबह तीन बजे घटित हुई. हादसे से हाईवे पर भारी जाम लग गया है.

वडोदरा के पुलिस आयुक्त आरबी ब्रह्मभट्ट ने बताया कि हादसा वाघोडिया सर्कल पर हुआ जब मिनी ट्रक के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी. उन्होंने बताया कि जिन 11 लोगों की मौत हो गई है. वे सभी सूरत शहर के वराछा इलाके के थे और पंचमल जिले के पावागढ़ जा रहे थे.

– प्रधानमंत्री ने जताया शोक
वडोदरा की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक जताया है. उन्होंने लिखा, ‘वडोदरा में हुई दुर्घटना से दुखी हूं. मेरी सांत्वना उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया. प्रार्थना है कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं. प्रशासन दुर्घटनास्थल पर हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है.’

– मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
घटना को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘वडोदरा के पास एक सड़क दुर्घटना के कारण हुई मौत से दुखी हूं. अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. जो लोग घायल हुए हैं उनके जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. ओम शांति.’

सुप्रीम कोर्ट ने दिया अर्नब को ज़मानत पर रिहा करने का आदेश, महाराष्ट्र सरकार को फटकार

ब्यूरो नई दिल्ली | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
 
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार अर्नब गोस्वामी के मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया। गोस्वामी पर आत्महत्या के लिए उकसाने आरोप है। 2018 के इस केस के संदर्भ में सुको ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह से अर्नब की व्यक्तिगत स्वस्तंत्रता पर प्रतिबंध लगाना सर्वथा अनुचित है। उन्होंने राज्य सरकार को ऐसे रवैए के लिए फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि न्याय का मज़ाक़ न उड़ाएँ। 

न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि अगर राज्य सरकारें लोगों को निशाना बनाती हैं तो उन्हें इस बात का अहसास होना चाहिए कि नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय है। शीर्ष अदालत ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि राज्य सरकारें कुछ लोगों को विचारधारा और मत भिन्नता के आधार पर निशाना बना रही हैं। अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि एक के बाद एक ऐसा मामला है जिसमें उच्च न्यायालय जमानत नहीं दे रहे हैं और वे लोगों की स्वतंत्रता, निजी स्वतंत्रता की रक्षा करने में विफल हो रहे हैं।’

न्यायालय ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या गोस्वामी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की कोई जरूरत थी क्योंकि यह व्यक्तिगत आजादी से संबंधित मामला है। पीठ ने टिप्पणी की कि भारतीय लोकतंत्र असाधारण तरीके से लचीला है और महाराष्ट्र सरकार को इन सबको (टीवी पर अर्नब के ताने) नजरअंदाज करना चाहिए।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘उनकी जो भी विचारधारा हो, कम से कम मैं तो उनका चैनल नहीं देखता लेकिन अगर सांविधानिक न्यायालय आज इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा तो हम निर्विवाद रूप से बर्बादी की ओर बढ़ रहे होंगे।’ पीठ ने कहा, ‘सवाल यह है कि क्या आप इन आरोपों के कारण व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत आजादी से वंचित कर देंगे।’

न्यायालय ने कहा, ‘अगर सरकार इस आधार पर लोगों को निशाना बनाएंगी…आप टेलीविजन चैनल को नापसंद कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।’ पीठ ने टिप्पणी की कि मान लीजिए की प्राथमिकी ‘पूरी तरह सच’ है लेकिन यह जांच का विषय है।

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से पीठ ने सवाल किया, ‘क्या धन का भुगतान नहीं करना, आत्महत्या के लिए उकसाना है? यह न्याय का उपहास होगा अगर प्राथमिकी लंबित होने के दौरान जमानत नहीं दी जाती है।’

न्यायालय ने कहा, ‘ए, बी को पैसे का भुगतान नहीं करता है और क्या यह आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला है? अगर उच्च न्यायालय इस तरह के मामलों में कार्यवाही नहीं करेंगे तो व्यक्तिगत स्वतंत्रता पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। हम इसे लेकर बहुत ज्यादा चिंतित हैं। अगर हम इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं करेंगे तो यह बहुत ही परेशानी वाली बात होगी।’

न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा कि न्यायालयों की उनके फैसलों के लिए तीखी आलोचना हो रही है और ‘मैं अक्सर अपने लॉ क्लर्क से पूछता हूं और वे कहते हैं कि सर कृपा करके ट्विट्स मत देखें।’ गोस्वामी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने उनके और चैनल के खिलाफ दर्ज तमाम मामलों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है।

साल्वे ने कहा, ‘यह सामान्य मामला नहीं था और सांविधानिक न्यायालय होने के नाते बंबई उच्च न्यायालय को इन घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए था। क्या यह ऐसा मामला है जिसमे अर्नब गोस्वामी को खतरनाक अपराधिकयों के साथ तलोजा जेल में रखा जाए।’

उन्होंने कहा, ‘मैं अनुरोध करूंगा कि यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए और अगर वह दोषी हैं तो उन्हें सजा दीजिए। अगर व्यक्ति को अंतरिम जमानत दे दी जाए तो क्या होगा।’ सिब्बल ने इस मामले के तथ्यों का हवाला दिया और कहा कि इस मामले में की गई विस्तृत जांच शीर्ष अदालत के सामने नहीं है और अगर वह इस समय हस्तक्षेप करेगी तो इससे एक खतरनाक परंपरा स्थापित होगी।

राज्य की ओर से ही एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें न्यायलय को अंतरिम स्तर पर जमानत देने के लिए अपने असाधारण अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामले की जांच करने की राज्य की क्षमता का सम्मान होना चाहिए।

इस मामले में भोजन अवकाश के बाद बहस जारी रहेगी। शीर्ष अदालत 2018 के एक इंटीरियर डिजायनर और उनकी मां को आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने के मामले में अंतरिम जमानत के लिए गोस्वामी की अपील पर सुनवाई कर रही है।

उत्तर प्रदेश उपचुनाव : भाजपा ने 7 में से 6 सीटें जीती, सपा को एक सीट

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
उत्तर प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में सत्‍ताधारी बीजेपी ने 6 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई है. भाजपा टूंडला, बांगरमऊ, देवारिया, नौगावां सादात, घाटमपुर और बुलंदशहर में जीतने में कामयाब रही, वहीं मल्हनी विधानसभा सीट पर सपा के लकी यादव ने जीत दर्ज की. उपचुनाव में योगी का जलवा कायम दिखा.
  • निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार अमरोहा की नौगांवा सादात विधानसभा सीट के उपचुनाव में दिवंगत कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की पत्नी और भाजपा प्रत्याशी संगीता चौहान ने 15077 मतों से जीत हासिल की है.
    बुलंदशहर में भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिरोही 21702 मतों से विजयी हुई हैं. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी हाजी यूनुस को हराया है.
  • फीरोजाबाद के टूंडला में सेहरा भाजपा प्रत्याशी प्रेम पाल धनगर के सिर पर बंध गया है. उन्होंने 17 हजार 683 वोटों से जीत हासिल की है. दूसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर रहे.
  • उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रीकांत कटियार ने 31398 वोटों से जीत दर्ज कर ली है. उन्होंने कांग्रेस की प्रत्याशी आरती बाजपेयी को शिकस्त दी है.
  • कानपुर की घाटमपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी उपेंद्रनाथ पासवान ने 23820 वोटों से जीत दर्ज की है. यह सीट एक बार फिर जनता ने भाजपा की झोली डाल दी, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. कृपा शंकर दूसरे पायदान पर रहे हैं.
  • देवरिया सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी 20089 वोट से चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने सपा के ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को पराजित किया है.
  • जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट पर सपा ने जीत की हैट्रिक लगाते हुए कब्जा बरकरार रखा. दो बार यहां से विधायक रहे पारसनाथ यादव के बड़े पुत्र सपा प्रत्याशी लकी यादव ने पूर्व सांसद निर्दलीय प्रत्याशी धनंजय सिंह को कांटे के मुकाबले में 4,632 मतों से हराकर जीत दर्ज की.

4थी बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे नितीश कुमार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

बिहार में सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष की कड़ी चुनौती को पार करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बिहार में बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर एकतरफा जीत हासिल कर लिया है. सत्तारूढ़ गठबंधन को 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में 125 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जबकि विपक्षी महागठबंधन ने 110 सीटें जीती हैं. इसके साथ की नीतीश कुमार के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है.

भाजपा की बदौलत मिली जीत
इस बार नीतीश की पार्टी जदयू को 2015 जैसी सफलता नहीं मिली है. जदयू को 2015 में मिली 71 सीटों की तुलना में इस बार 43 सीटें ही मिली हैं. गत चुनाव में नितीश कुमार ने लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव जीता था. एक प्रकार से कहा जा सकता है कि, इस बार बिहार में भाजपा के कारण ही नितीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे. हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने यह घोषणा कर दी है कि, यह उनका आखरी चुनाव है.

महागठबंधन ने दी कड़ी टक्कर
वहीं, महागठबंधन के खाते में 110 सीटें आई हैं. महागठबंधन ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. खास तौर पर उन सीटों पर आरोप लगे हैं, जहां बेहद कम वोटों से हार-जीत का फैसला हुआ है. कई सीटें ऐसी रहीं, जहां कांटेदार मुकाबला था. एक सीट पर तो 12 वोटों से हार-जीत का फैसल हुआ.

बिहार चुनाव परिणाम : NDA को फिर बहुमत

  • 123 पर एनडीए आगे

  • 113 पर महागठबंधन को बढ़त

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

बिहार चुनाव मतगणना में कांटे की टक्कर के बीच जैसे तैसे बहुमत के आंकड़े को छू लिया है. हालांकि अभी भी सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि प्रत्याशियों की जीत हार का अंतर काफी होने के कारण जीत-हार का ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है. रुझानों में सुबह साढ़े 10 बजे NDA ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया था, लेकिन करीब नौ घंटे बाद तस्वीर बदल गई. NDA 134 से घटकर 120 पर आ गया था. दो घंटे बाद उसने फिर 123 सीटों पर बढ़त के साथ रुझानों में बहुमत का आंकड़ा पार किया है. इस बीच, राजद भी दावा कर रहा है कि बिहार ने बदलाव कर दिया है और महागठबंधन की सरकार बनना तय है.

– 23 सीटों पर अभी कांटे की टक्कर जारी
अभी 11 सीटों पर वोटों का मार्जिन एक हजार से कम है. इनमें से 3 पर NDA और 7 पर महागठबंधन आगे है. 1 सीट पर निर्दलीय आगे है. इसी तरह, 12 सीटों पर अभी वोट मार्जिन एक हजार से दो हजार के बीच है. इनमें NDA 4 और महागठबंधन 8 पर आगे है. इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बातचीत की. इस बार भाजपा का पूरा कैम्पेन प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे था.

बिहार : लोजपा ने नीतीश के 7 मंत्रियों की उम्मीदें की ढेर

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी ने जदयू को गहरी चोट पहुंचाई है. लोजपा की वजह से जदयू के 5 मंत्री समेत नीतीश कैबिनेट के 7 मंत्री चुनाव हार गए हैं. इनमें भाजपा कोटे के दो मंत्री सुरेश शर्मा और बृजकिशोर बिंद शामिल हैं.

  • जदयू के कद्दावर नेता और बिहार सरकार के मंत्री जय कुमार सिंह चुनाव हार गए. रोहतास के दिनारा सीट से लगातार जीत रहे जय कुमार सिंह की हार की वजह भाजपा से लोजपा में गये राजेंद्र सिंह हैं. हालांकि राजेंद्र सिंह भी हार गए हैं. दिनारा से राजद के विजय कुमार मंडल ने जीत हासिल की है. राजेंद्र सिंह ने दिनारा से चुनाव लड़ने की तैयारी काफी पहले से कर रखी थी, लेकिन भाजपा ने यह सीट जदयू को दिया तो राजेंद्र सिंह बागी हो गए और लोजपा से चुनाव लड़ गए. नतीजा ये हुआ कि ना राजेंद्र जीते और ना ही जय कुमार सिंह जीते. इस लड़ाई में तीसरे को फायदा हो गया.
  • बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा मुजफ्फरपुर से चुनाव हार गए हैं. उन्हें कांग्रेस के विजेंद्र चौधरी ने हराया. मंत्री सुरेश कुमार शर्मा की हार का बड़ा कारण मुजफ्फरपुर में जलजमाव बना है. कहा जा रहा है कि मंत्री जी को पानी ले डूबा. मुजफ्फरपुर में इस बरसात में बड़ी नारकीय स्थिति हो गई थी. घरों और दुकानों में पानी घुस गया था. इस वजह से मंत्री जी की काफी किरकिरी भी हुई थी. सुरेश शर्मा के मंत्री रहते पटना शहर भी डूबा था. बताया जा रहा है कि लोगों का यही गुस्सा इस बार मतदान में खुल कर दिखा है.
  • राजपुर विधानसभा सीट से मंत्री संतोष कुमार निराला चुनाव हार गए हैं. 2015 की नीतीश सरकार में संतोष कुमार निराला परिवहन मंत्री रहे हैं. वे कांग्रेस के विश्वनाथ राम से चुनाव हारे हैं. यहां से भी लोजपा के प्रत्याशी निर्भय निराला ही हार की वजह हैं.
  • बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार जमालपुर से हार गए हैं. यहां भी हार की वजह लोजपा ही है. इस हार में लोजपा के दुर्गेश कुमार ने बड़ी भूमिका निभाई है. शैलेश कुमार कांग्रेस के अजय कुमार सिंह से चुनाव हारे हैं.
  • घोसी विधानसभा से सीट बदल कर जहानाबाद गए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा चुनाव हार गए हैं. यहां से राजद के सुदय यादव ने वर्मा को हराया है. शिक्षा मंत्री के सीट बदलकर जहानाबाद जाने को लेकर वहां की जनता ने विरोध किया था. यहां तक कि कृष्णनंदन वर्मा के सामने जहानाबाद की जनता ने खरी-खरी सुनाई थी.
  • बिहार के खनन मंत्री बृज किशोर बिंद ने भगवान शिव की जाति बताई थी. वो चैनपुर से चुनाव हार गए हैं. चुनाव प्रचार में गए थे तो मतदाताओं से कहा कि जब वो यहां से विधायक थे, तो किसी प्रकार की मुसीबत नहीं थी, लेकिन हम हार गए तो यहां अकाल आ जाएगा, फसलें खराब हो जाएगी. ये विडियो तुरंत वायरल हो गया. मतदाताओं को ये पसंद नहीं आया और जनता ने उन्हें चुनाव हरा दिया.
  • हथुआ से जदयू विधायक व समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह अपने क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. लोजपा से रामदरस प्रसाद की वजह से ये चुनाव हारे हैं. यहां राजद के राजेश सिंह ने चुनाव जीता है.