ज्योति विश्वकर्मा
आमिर खान की फिल्म ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान से रिलीज़ हुआ एक और धमाकेदार पोस्टर
सीवीसी से मिले कांग्रेस नेता, राफेल डील पर जांच और FIR की मांग की
सुप्रीम कोर्ट से मिला ग्रीन सिग्नल, सांसद और विधायक करते रहेंगे वकालत
वरिष्ठ हिंदी सेवी तथा कविता प्रेमी माणिकलाल मूलचंद जी शाह की अध्यक्षता में विराट कवि सम्मेलन संपन्न
मुंबई: शनिवार, दिनांक २२ सितंबर, २०१८ को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में तुलसी मानस मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं मैनेजिंग ट्रस्टी, हिंदी सेवी तथा हिंदी कविता प्रेमी माणिकलाल मूलचंद जी शाह की अध्यक्षता में श्री तुलसी हिंदी माध्यमिक विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज के सभागार में विराट हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कवि युगराज जैन, सुप्रसिद्ध कवि एवं शायर देवमणि पांडेय, विश्व प्रसिद्ध कवयित्री एवं शायरा प्रज्ञा विकास, नवयुवा कवि एवं मंच संचालक डॉ. प्रमोद पांडेय, कवि जे.पी. सिंह, डॉ. उमेश शुक्ला तथा गीतकार आलोक कुमार आदि उपस्थित थे। उपस्थित सभी कवियों ने अपनी कविताओं के द्वारा श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में कई विद्यालय तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं प्रधानाचार्य, मीडिया की तरफ से बालगोविंद तिवारी, उदयराज तथा भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मानिक लाल मूलचंद जी शाह का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य संजीव तिवारी ने किया। इसके बाद तुलसी मानस मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कोषाध्यक्ष एवं ट्रस्टी माणिकलाल मूलचंद जी शाह ने सभी कवियों तथा आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया। माणिकलाल मूलचंद जी शाह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि आज हिंदी के प्रचार-प्रसार को देखते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन की अत्यंत आवश्यकता है।
अंत में प्राचार्य संजीव तिवारी ने इस विराट कवि सम्मेलन में उपस्थित सभी कवियों, अतिथियों, अभिभावकों तथा छात्र-छात्राओं तथा अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस भव्य विराट कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. प्रमोद पांडेय ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन नम्रता मिश्रा व ऊषा रानी सिंह ने किया।

बंगाल: पुलिस में भर्ती के लिए 42 मुन्नाभाइयों ने अपनाया हाईटेक तरीका, हुआ भंडाफोड़
सौम्या केसरवानी | navpravah.com
पश्चिम बंगाल में सीआईडी ने एक हाईटेक नकलची गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। जानकारी के अनुसार, बंगाल की सीआईडी टीम ने ऐसे 42 मुन्नाभाइयों को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल कर एक लिखित परीक्षा पास करने के जुगाड़ में लगे हुए थे।
यह मामला बंगाल पुलिस में कांस्टेबल की पोस्ट पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा से जुड़ा हुआ है। इस लिखित परीक्षा को पास करने के लिए कुछ उम्मीदवारों ने धोखाधड़ी का पैंतरा अपनाते हुए वायरलेस माइक्रो इयरपीस के साथ क्रेडिट/डेबिट कार्ट के आकार में सुधारित वायरलेस डिवाइस का उपयोग कर रहे थे, लेकिन इस बात की भनक बंगाल सीआईडी को लग गई।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा पूरे राज्य में विभिन्न केंद्रों में 23/09/18 (23 सितंबर) को आयोजित की गई थी, सीआईडी पश्चिम बंगाल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ उम्मीदवार एक क्रेडिट कार्ड (चप्पल में छुपा) और एक इयरफोन के आकार में एक रिसीवर जैसे हाईटेक वायरलेस डिवाइस का उपयोग कर परीक्षा पास करने की कोशिश करने वाले हैं।
परीक्षा के लिए आए उम्मीदवारों की जब सतर्कता के साथ जांच की गई तो विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर कई उम्मीदवारों के पास से जूतों और चप्पलों में छिपाया गया रिसीवर और माइक्रो इयरपीस जब्त किए गए, बताया जा रहा है कि जब्त किए गए डिवाइस को परीक्षा केन्द्रों के बाहर से किसी मोबाइल के जरिए कनेक्ट कर सहयोगियों के द्वारा चलाया जाना था।
PM मोदी ने सिक्किम को दी एयरपोर्ट की सौगात
एनपी न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
पीएम मोदी ने आज सिक्किम को एयरपोर्ट की सौगात दी है, उन्होंने पाकयोंग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन आज किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पवन चामलिंग और केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने कहा, मुझे कई बड़ी-बड़ी योजनाओं का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिला है। मैं सिक्किम का पहला एयरपोर्ट आप लोगों को भेंट करता हूं। हिंदुस्तान ने सेंचुरी लगाई है क्योंकि अब देश में 100 एयरपोर्ट चालू हालत में हो गए हैं।
उन्होंने इसे इंजीनियरिंग का अद्भुत कार्य बताया और इसका निर्माण करने वाले इंजीनियरों और कामगारों को धन्यवाद दिया, उन्होंने कहा ‘नॉर्थ ईस्ट में आजादी के बाद पहली बार कई कार्य हो रहे हैं, पहली बार हवाई जहाज पहुंचे, पहली बार रेल पहुंची है।
पाकयोंग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट गंगटोक से करीब 33 किलोमीटर दूर है, इस एयरपोर्ट से सिक्किम आने जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी, इससे दिल्ली से सिक्कित की दूरी 2 घंटे में तय की जा सकेगी।
पीएम मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे, प्रधानमंत्री बागडोगरा से एमआई-8 हेलीकाप्टर से यहां पहुंचे और सेना के लिबिंग हेलीपैड पर राज्यपाल गंगा प्रसाद, मुख्यमंत्री पवन चामलिंग और अन्य ने उनकी अगवानी की थी।
सिक्किम की राजधानी गंगटोक के ऊंचे पहाड़ी इलाके में बने इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को हाल ही में सिविल एविएशन विभाग की ओर से कॉमर्शियल उड़ानों की परमीशन मिली है. यह एयरपोर्ट चीन बॉर्डर से सिर्फ 60 किमी दूर है।a
राफेल मामले पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद पर लगा एक और आरोप
एनपी न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
राफेल पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान पर मची रार के बीच फ्रांस के विदेशी राज्य मंत्री जीन बैप्टिस्टे लीमोन ने कहा कि, फ्रांस्वा ओलांद ऐसे बयान देकर देश का कोई भला नहीं कर रहे हैं।
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने एक पत्रकार को दिए इंटरव्यू में कथित रूप से कहा था कि, दसो एविएशन के ऑफसेट पार्टनर के लिए भारत सरकार ने ही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस का नाम ‘प्रस्तावित’ किया था। हालांकि, लीमोन ने किसी भी तरह से ओलांद के बयान की कोई काट नहीं दी या न ही उनके इस आरोप का कोई जवाब दिया कि फ्रांस सरकार के पास ‘रिलायंस डिफेंस के अलावा और कोई विकल्प चुनने के लिए नहीं था।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, फ्रांस के ‘रेडियो जे’ से बात करते हुए लीमोन ने कहा, मेरा मानना है कि फ्रांस और भारत के रिश्तों से जुड़े महत्वपूर्ण मसले पर इस छोटी टिप्पणी से किसी का भला नहीं हो रहा और इससे फ्रांस का भी कोई भला नहीं हो रहा है।
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि, मोदी सरकार ने रिलायंस डिफेंस को साझीदार बनाने का प्रस्ताव दिया था, वहीं, फ्रांस सरकार ने इस पर सफाई दी है।
ओलांद ने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि भारत ने जिस सर्विस ग्रुप का नाम दिया उससे दसो कंपनी ने बात की, ओलांद ने कहा कि, दसो ने रिलांयस ग्रुप के अनिल अंबानी से संपर्क किया, फ्रांस के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, वहीं, फ्रांस सरकार का कहना है कि दसो ने खुद भारत की रिलायंस डिफेंस का चुनाव किया है।
राफेल सौदे में कैग करेगा कीमत की जांच, डील नहीं होगी रद्द -अरुण जेटली
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
राफेल डील को लेकर कांग्रेस की ओर से बार-बार केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि, इस सौदे की जांच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से कराई जाएगी।
कैग इस सौदे की कीमतों की जांच करेगी, लेकिन यह डील रद्द नहीं होगी, उन्होंने कहा कि कैग इस बात को भी परखेगी कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार में राफेल विमान की सौदेबाजी बेहतर थी या बीजेपी नीत एनडीए सरकार में हो रही डील बेहतर है।
अरुण जेटली ने कहा कि, राफेल डील में अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोपों पर अरुण जेटली ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस राफेल सौदे में एक एमओयू के तहत फरवरी 2012 में तब शामिल हुई थी, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर आज केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से मिलेगा, पिछले सप्ताह कांग्रेस ने देश के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) से मुलाकात की थी।
कांग्रेस के नेताओं ने कल कहा कि, पार्टी इसी तरह का अनुरोध करने के साथ ही इस संबंध में भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज करने की मांग करेगी, राफेल मुद्दे पर अपना हमला तेज करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने गोपनीयता की शपथ का ‘‘उल्लंघन’’ किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समय आ गया है, अब वित्त मंत्री अरूण जेटली और प्रधानमंत्री “झूठ बोलना बंद करें’’ इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने सच्चाई सामने लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने पर जोर दिया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ खुल गया एक नया मोर्चा
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरएल हांगलू की महिला के साथ कथित आपत्तिजनक वाट्सएप चैटिंग और कथित ऑडियो टेप प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है।
इस मसले को लेकर कुलपति प्रो. हांगलू के खिलाफ इविवि के छात्र तो आंदोलित थे ही अब इविवि शिक्षक संघ और इविवि संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व पदाधिकारियों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इन पूर्व पदाधिकारियों ने इविवि के मौजूदा हालात के संदर्भ में बैठक करने के बाद राष्ट्रपति एवं इविवि के विजिटर रामनाथ कोविंद को खुला पत्र लिखा है, इस पत्र में कुलपति प्रो. हांगलू की कथित आपत्तिजनक चैटिंग और ऑडियो टेप प्रकरण के साथ ही कई और गंभीर प्रकरणों का जिक्र किया गया है।
पत्र में लिखा गया है कि उच्च शिक्षा के नियामकों द्वारा कुलपति प्रो. हांगलू की दोषपूर्ण कार्य प्रणाली तथा अनियमितताओं पर जो चुप्पी साधी गई है उसके संबंध में कई अफवाहें प्रचारित हैं।
खुले पत्र में एचआरडी मंत्रालय की ओर से इविवि में जांच के लिए भेजी गई प्रो. गौतम देसी राजू कमेटी की रिपोर्ट में कुलपति को लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र भी किया गया है, कहा गया है कि कमेटी ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि कुलपति निश्चित तौर पर साहसी व्यक्ति हैं लेकिन उनमें नेतृत्व क्षमता का अभाव है।
यह खुला पत्र आटा के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. आरसी त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष प्रो. रंजना कक्कड़, प्रो. जीसी त्रिपाठी, प्रो. रामकिशोर शास्त्री, पूर्व महासचिव प्रो. महेश चंद्र चट्टोपाध्याय, प्रो. विनय चंद्र पांडेय, प्रो. अरुण कुमार श्रीवास्तव, पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. उमाशंकर राय तथा ऑक्टा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. सुनील सिन्हा, सीएमपी डिग्री कॉलेज शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. हेमलता श्रीवास्तव, सीएमपी डिग्री कॉलेज के डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा और डॉ. दिनेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से भेजा गया है।
रेवाड़ी गैंगरेप के फरार दोनों दरिंदों को SIT ने दबोचा
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
गैंगरेप में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पुलिस ने देर रात महेंद्रगढ़ के सतनाली से पंकज और मनीष नाम के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गैंगरेप को अंजाम देने वाले इन दोनों दरिंदों को मामले की जांच कर रही SIT की टीम ने देर रात महेंद्रगढ़ के सतनाली से गिरफ्तार किया है, 12 सितंबर को तीनों आरोपियों ने छात्रा का उस समय अपहरण कर लिया था जब वो कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी।
इसके बाद लड़की को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, गैंगरेप के बाद आरोपी, पीड़ित लड़की को महेंद्रगढ़ के एक बस स्टैंड पर अचेत स्थिति में छोड़ गए थे।
मालूम हो कि इस घटना का मुख्य आरोपी पंकज सेना का जवान है, पंकज की शादी 6 महीने पहले ही हुई थी, वह कोटा में पोस्टेड था और छुट्टियों में घर आया था।
इस मामले में पहले दो आरोपियों दीनदयाल और डॉक्टर संजीव को गिरफ्तार किया गया था, गिरफ्तार किया गया आरोपी दीनदयाल उस ट्यूबवेल का मालिक है जहां इस घटना को अंजाम दिया गया।
इसके अलावा रेवाड़ी के महिला पुलिस स्टेशन की एसआई हरिमणि को भी डीजीपी बीस संधू ने सस्पेंड कर दिया था, हरिमणि पर आरोप है कि जब पीड़िता शिकायत करने थाने पहुंची तब उसने केस दर्ज करने से मना कर दिया था।

















