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Tuesday, September 8, 2026
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इंदौर : शादी से पहले दुल्हन को हुआ कोरोना

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर भले ही स्वच्छता का पंच लगाने की जुगत में लगा है, लेकिन इसके पहले ही इंदौर में पांच का पंच लग गया है. दरअसल, ये 5 का पंच असल मे 500 से ज्यादा पॉजिटिव मरीजो की संख्या है जो कोरोना की तीसरी लहर के दौरान इंदौर में देखने को मिल रही है.

दरअसल, इंदौर में 21 नवंबर को 546 रिकॉर्ड पॉजिटिव आये थे वही 22 नवंबर को ये रिकॉर्ड एक ही दिन में टूट गया था और उस दिन 586 नए कोविड पॉजिटिव सामने आये थे. वही 23 को 565 तो 24 नवंबर को 582 तो 25 नवंबर बुधवार को 572 कोरोना पॉजिटिव सामने आए है. कुल मिलाकर 500 के पंच ने इंदौर में बीते 5 दिनों में कुल 2851 पॉजिटिव मरीज सामने आए है. इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने माना की त्यौहारी सीजन में लोग खुलकर बाहर निकले और कोविड के दिशा निर्देशों को दरकिनार कर बाजार में निकले जिसके परिणाम सामने आए है। हालांकि उन्होंने बताया कि इंदौर में कुल टेस्ट किये गए सैम्पल के मुकाबले 8 प्रतिशत ही पॉजिटिव मरीज निकले है और शहर में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत के आस – पास बना हुआ है. इंदौर सीएमएचओ की मुताबिक जिला प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करना सभी के लिए जरूरी है.

दूसरी ओर, लग्नसरा की शुरुआत के पहले ही एक वधु जो कल दुल्हन बनने वाली थी, वह विवाह के 10 दिन पहले यानी 15 नवंबर को कोविड पॉजिटिव पाई गई थी उसका विवाह टल गया है. इस फैसले के बाद सीएमएचओ ने तारीफ की है. उन्होंने बताया कि दुल्हन बनने वाली युवती फिलहाल, होम आइसोलेशन में है और 7 दिन के कवारेंटाइन के बाद वह स्वस्थ मानी जायेगी. उन्होंने दुल्हन व दूल्हे पक्ष की तारीफ भी शादी को टालने को लेकर की है. बता दे कि प्रशासनिक पुष्टि के पहले सोशल मीडिया पर 4 जोड़ो और 15 संबधी और संबधन के पॉजिटिव होने की बात भी वायरल हो रही थी लेकिन प्रशासन ने मामले की पुष्टि कर बताया कि एक दुल्हन पॉजिटिव आई है जिसका इलाज जारी है. फिलहाल, इंदौर में कोरोना में कोरोना से मरने वालों की संख्या 746 तक जा पहुंची है और कुल पॉजिटिव मरीजों 39966 में से 3896 मरीजो का इलाज जारी है.

भोपाल : ATM लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
गैस कटर से एटीएम मशीन को काटकर अब तक करोड़ों की चोरी कर चुके गिरोह का मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पुलिस ने पर्दाफाश किया है. यह गिरोह मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में वारदातों को अंजाम दे चुका है. इस अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को भोपाल पुलिस ने धर दबोचा है. आरोपियों की तलाश करीब दो साल से मध्यप्रदेश के अलावा कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र और बिहार की पुलिस कर रही थी.

गिरफ्तार किये गए गैंग के सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले हैं. ये लोग सुनसान इलाके में लगे एटीएम को टारगेट करते थे और रात 2-3 बजे के बीच वारदात को अंजाम देते थे. आरोपी 14 नवंबर को ईटखेड़ी में बैंक एटीएम में चोरी करने के बाद दोबारा भोपाल में एटीएम में चोरी कर रहे थे. पुलिस को इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी. जिसके बाद पुलिस ने गिरोह को ट्रेस किया. गिरोह वारदात को अंजाम देने वाला था कि पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया.

भोपाल एडीजी उपेंद्र जैन के मुताबिक, गैंग के सदस्य अब तक करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक रकम चुरा चुके हैं. पुलिस ने मौके से 6 आरोपी पकड़े हैं. उनके पास से जब्त सामग्री में गैस कटर, एक देसी कट्टा, गैस सिलेंडर, आक्सीजन सिलेंडर, दो पाइप, एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार और नगद 15 लाख रुपए भी जब्त किए गए हैं. दीवाली की रात भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में भी इन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया था. एटीएम कटिंग कर लाखों की नगदी लेकर ये लोग फरार हो गए थे. पुलिस उसके बाद से ही इन लोगों की तलाश कर रही थी. भोपाल पुलिस ने शमसेर उर्फ दलसेर, साहाजत उर्फ शहादत, शाकिर उर्फ फजरू, आस मोहम्मद, मसीउल्लाह और मुंशरीफ खाना को गिरफ्तार किया है.

– यह था चोरी का तरीका
पुलिस की पूछताछ में गिरोह ने बताया कि ये लोग महज 3 मिनट में गैस कटर से ATM मशीन काट पैसे निकाल लिया करते थे. पहले गार्ड को बंधक बना कर फिर ATM मशीन काट कर लूट करते थे. आरोपी 5 से 6 की संख्या में प्राइवेट वाहन से चलते थे. वारदात के लिए किसी दूर-दराज के एटीएम का चयन करते थे. परवलिया थाना ने आरोपियों के खिलाफ धारा 395, 397 और आर्म्स एक्ट 25, 27 के तहत मामला दर्ज किया है.

फुटबॉल के जादूगर डिएगो मैराडोना का 60 साल में निधन

स्पोर्ट्स डेस्क | नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
डिएगो मैराडोना का 60 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया. दो हफ्ते पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी. तब उन्हें ब्रेन सर्जरी के लिए भर्ती करवाया गया था. मैराडोना की गिनती महान फुटबॉलर्स में होती है और उन्होंने 1986 में अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताने में अहम रोल निभाया था. इस टूर्नामेंट में उनका वर्ल्ड फेमस गोल भी शामिल है, जिसे ‘हैंड ऑफ गॉड’ के नाम से जाना जाता है. इसी गोल की मदद से अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था.
अर्जेंटीना के मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रेन सर्जरी के बाद मैराडोना को 11 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था. इस दिन उन्हें शाम 6 बजे डिस्चार्ज किया जाना था, लेकिन, मैराडोना वक्त से पहले ही घर के लिए रवाना हो गए थे, क्योंकि सड़कों पर उनके हजारों प्रशंसक एक झलक पाने के लिए उमड़ आए थे. मैराडोना ने बोका जूनियर्स, नपोली, बार्सिलोना जैसे क्लब से फुटबॉल खेली. दुनियाभर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं.
अर्जेंटीना से खेलते हुए मैराडोना ने इंटरनेशनल करियर में 91 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 34 गोल किए. उन्होंने 4 FIFA वर्ल्ड कप टूर्नामेंट खेले, जिसमें 1986 का विश्व कप शामिल था. 1986 वर्ल्ड कप में वे अर्जेंटीना के कैप्टन भी थे. वे टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए थे. उन्हें गोल्डन बॉल अवॉर्ड जीता था.
मैराडोना को फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी से भी नवाजा जा चुका है. उन्होंने एक बार वर्ल्ड कप गोल्डन बॉल, एक बार बेलोन डी ओर, 2 बार साउथ अमेरिकन फुटबॉलर ऑफ द ईयर, 6 बार नेशनल लीग टॉप स्कोरर अवॉर्ड जीता है.
फुटबॉल से रिटायरमेंट के बाद मैराडोना कई बार हॉस्पिटल में भर्ती हो चुके थे. साल 2000 में उन्होंने इतनी ज्यादा कोकीन ले ली थी कि उनका हार्ट फेल हो सकता था और उनकी जान जा सकती थी. इसके बाद कई साल तक रिहैबिलिटेशन में रहे थे. 2005 में उनका वेट लॉस के लिए ऑपरेशन हुआ था. इसके बाद 2007 में भी उन्हें ज्यादा शराब पीने की वजह से अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. पिछले फुटबॉल वर्ल्ड कप में भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इस वर्ल्ड कप में उन्हें एग्जीक्यूटिव बॉक्स में देखा गया था. इसी दौरान अर्जेंटीना ने नाइजीरिया को हराया था.

सरकार की बात न माने, तो क्या राजद्रोह की धारा लगाएंगे? हाईकोर्ट की मुंबई पुलिस को फटकार

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
हाईकोर्ट ने कंगना पर राजद्रोह की धारा लगाने को लेकर पुलिस को फटकार लगाई. कोर्ट ने पूछा, जो भी सरकार के मुताबिक नहीं चलेगा, क्या उस पर राजद्रोह की धारा लगा दी जाएगी? बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया है. साथ ही, कंगना और उनकी बहन रंगोली को आदेश दिया कि वे 8 जनवरी को दोपहर 12 से 2 बजे के बीच बांद्रा पुलिस स्टेशन में हाजिरी दें.
मुंबई पुलिस ने कंगना और रंगोली को 3 बार समन भेजा था. लेकिन, वे पेश नहीं हुईं, बल्कि सोमवार को हाईकोर्ट में अर्जी लगाकर एफआईआर रद्द करने और समन पर स्टे देने की अपील की. कोर्ट ने समन मिलने के बाद भी कंगना के पुलिस के सामने पेश न होने पर सवाल पूछा. इस पर कंगना के वकील ने उनके शहर से बाहर होने का हवाला दिया. कोर्ट ने कंगना के मुंबई लौटने की तारीख पूछी. जब वकील इस पर साफ जवाब नहीं दे पाए, तो अदालत ने तुरंत कंगना को फोन करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने मुंबई पुलिस की एफआईआर में IPC के सेक्शन 124A (राजद्रोह की धारा) जोड़ने पर सवाल उठाया. उन्होंने मुंबई पुलिस से पूछा, “आप नागरिकों के साथ ऐसे पेश आते हैं? हम दूसरे सेक्शंस को समझ सकते हैं. लेकिन, 124A क्यों? अगर केस इतना सीरियस था तो आपको एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी. लेकिन, एफआईआर मजिस्ट्रेट के 156(3) के अंतर्गत दिए गए आदेश के बाद फाइल की गई.
बांद्रा कोर्ट में बॉलीवुड कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सैयद ने कंगना के खिलाफ अर्जी लगाई थी. अर्जी में कंगना पर बॉलीवुड को नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म का हब बताने को इंडस्ट्री का अपमान बताया गया था. इसके बाद, पुलिस ने पिछले हफ्ते कंगना और रंगोली को तीसरी बार समन जारी कर 23 और 24 नवंबर को पेश होने के लिए कहा था.

आज रात 2 बजे के बाद तबाही मचाएगा ‘निवार’, तमिलनाडु से 1 लाख लोग शिफ्ट

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

बंगाल की खाड़ी से उठा निवार तूफान अभी पुडुचेरी से 120 किलोमीटर दूर है और इसकी रफ्तार 11 किमी/घंटा है. आज रात 2 बजे के बाद यह दक्षिणी तट से टकरा सकता है. इसके बाद तूफान कराईकल (आंध्र प्रदेश) और महाबलीपुरम (तमिलनाडु) को पार करेगा. यहां से गुजरते वक्त 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

निवार के चलते चेन्नई एयरपोर्ट आज शाम 7 बजे से कल सुबह 7 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है. इससे पहले 26 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई थीं. चेन्नई में कई जगहों पर पावर कट भी किया गया है. तमिलनाडु के 16 जिलों में 26 नवंबर तक छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. चेन्नई, वेल्लोर, कुड्डालोर, विलुपुरम, नागापट्टनम, थिरुवरूर, चेंगालपट्टू और पेरम्बलोर जैसे शहर शामिल हैं.

तमिलनाडु से एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और पुडुचेरी से 7 हजार लोगों को शिफ्ट किया गया है. निवार को बेहद गंभीर कैटेगरी में रखा गया है. NDRF के डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि पिछले दो दिन से हमारी टीमें ग्राउंड पर हैं. तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र में हमने 25 टीमें तैनात की हैं. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं.

चेन्नई में पिछले 24 घंटे से बारिश हो रही है. कई इलाकों में पानी भर गया है. पूर्व सीएम करुणानिधि के घर में भी पानी भर गया. चेन्नई प्रशासन को 2015 की बाढ़ का सबक याद है, इसलिए 90% भर चुके चेंबरमबाक्कम डैम के गेट खोल दिए गए हैं.

अधिकारियों का कहना है की पहले फेज में डैम से 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. बांध का पानी अडयार नदी में जाएगा, इसलिए नदी इलाके के निचले इलाकों जैसे कुंद्रातुर, सिरुकलाथुर, तिरुमुडिवक्कम, और तिरुनीरमलई, में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

निवार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की. मोदी ने निचले इलाकों को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने पर जोर दिया. पीएम ने दोनों सीएम को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.

तूफान को देखते हुए बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में तमिलनाडु और पुडुचेरी तट के करीब कोस्ट गार्ड के 8 शिप और 2 एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं. इनके जरिए मर्चेंट शिप और मछली पकड़ने वाली नावों को तूफान की चेतावनी दी जा रही है.

पुणे स्नातक चुनाव में महाआघाड़ी ने मानी हार : देवेन्द्र फडणवीस का जयंत पाटिल पर पलटवार

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

पराजय दिखाई पड़ने पर पुणे स्नातक चुनाव के मतदाता पंजीकरण को बोगस बताने का ढ़ोंग राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल कर रहे हैं. यानी महाआघाड़ी ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है. उक्त आरोप  विरोधी दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने लगाया.

पुणे स्नातक चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार संग्राम सिंह देशमुख के प्रचार के लिए फडणवीस पुणे में थे. पत्रकार परिषद में फडणवीस ने कहा कि महाआघाड़ी के इस तरह के आरोप नए नहीं हैं. अक्सर पराजय के बाद भाजपा के विरोधी ईवीएम को दोष देते हैं. और इस चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा. इसलिए पराजय का नया बहाना महाआघाड़ी ने पहले से ही ढूंढ निकाला है. उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण  प्रक्रिया पारदर्शी है, इसलिए बोगस मतदाता पंजीकरण नहीं हो सकता. उन्होंने दावा किया देशमुख  लोगों की पहली पसंद बनकर उभरेंगे. ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया. फडणवीस ने कहा कि यह सरकार बेमेल है. इसलिए यह गिरकर ही रहेगी. कब गिरेगी इसपर हमारी नजरें हैं. जब गिर जाएगी तब हम सरकार स्थापित कर देंगें.

फडणवीस ने कहा कि डायरेक्टरेट ऑफ रिकवरी (ईडी) बिना सबूत के छापा नहीं मारता.  इसलिए, यह कहना बहुत गलत है कि ये छापे  राजनीतिक उद्देश्यों के लिए डाले गए हैं.  शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि उनके पास 100 से 150 लोगों की सूची है. विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें उस सूची की प्रतीक्षा है. फडणवीस ने कहा कि यह ईडी और प्रताप सरनाईक के बीच का मामला है.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी  से भाजपा के आंदोलन की शिकायत करने के  सवाल पर फडणवीस ने कहा कि चलो ठीक है प्रधानमंत्री के साथ शिकायत करते -करते मुख्यमंत्री ने हमारी दखल तो ली. हमने विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे, पर आज तक किसी का जवाब नहीं दिया. विपक्ष के साथ चर्चा नहीं की, एक आम बैठक भी नहीं की.  और इसके विपरीत प्रधानमंत्री को शिकायत करते हैं. फडणवीस ने कहा कि  अगर सरकार मनमाने ढंग से काम कर रही है, अगर वह कोरोना के नाम से भ्रष्ट हो रही है, तो हम एक सक्षम विपक्षी पार्टी के रूप में काम करना जारी रखेंगे  .

नहीं रहे 10 जनपथ के चाणक्य अहमद पटेल, एक माह से थे अस्पताल में भर्ती

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अहमद पटेल का बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके बेटे फ़ैसल ने इस बात की जानकारी ट्वीट के ज़रिए दी। एक माह पहले अहमद पटेल कोरोना से संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद उनको गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अहमद पटेल के निधन की ख़बर से राजनीतिक गलियारे में शोक व्याप्त हो गया है। अहमद पटेल काफ़ी रसूखदार नेता थे, 1977 से वे लगातार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे। अहमद पटेल गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर में पैदा हुए। अहमद पटेल तीन बार (1977, 1980,1984) लोकसभा सांसद और पांच बार (1993,1999, 2005, 2011, 2017 से वर्तमान तक) राज्यसभा सांसद रह चुके थे। पटेल ने अपना पहला चुनाव 1977 में भरूच से लड़ा था, जिसमें वो 62,879 वोटों से जीते। 1980 में उन्होंने फिर यहीं से चुनाव लड़ा और इस बार 82,844 वोटों से जीते थे। 1984 के अपने तीसरे लोकसभा चुनाव में उन्होंने 1,23,069 वोटों से जीत दर्ज की थी।
1993 से अहमद राज्यसभा सांसद थे और 2001 से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार भी थे।
राजनीतिक यात्रा: 
1977 से 1982 तक अहमद पटेल गुजरात की यूथ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। सितंबर 1983 से दिसंबर 1984 तक वो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे। 1985 में जनवरी से सितंबर तक वो प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसदीय सचिव रहे। उनके अलावा अरुण सिंह और ऑस्कर फर्नांडिस भी राजीव के संसदीय सचिव थे। सितंबर 1985 से जनवरी 1986 तक पटेल ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी रहे। कांग्रेस के तालुका पंचायत अध्यक्ष के पद से राजनीति की शुरुआत करने वाले पटेल जनवरी 1986 में गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष बने, जो वो अक्तूबर 1988 तक रहे। 1991 में जब नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने, तो पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया गया, जो वो अब तक थे।
1996 में पटेल को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। उस समय सीताराम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष थे। हालांकि, साल 2000 सोनिया गांधी के निजी सचिव वी जॉर्ज से तकरार होने के बाद उन्होंने ये पद छोड़ दिया था और अगले ही साल से सोनिया के राजनीतिक सलाहकार बन गए थे। संगठन में इन पदों के अलावा वो सिविल एविएशन मिनिस्ट्री, मानव संसाधन मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय की मदद के लिए बनाई गईं कमेटी के सदस्य भी रह चुके थे। 2006 से वो वक्फ संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य थे। अहमद गुजरात यूथ कांग्रेस कमेटी के सबसे युवा अध्यक्ष तो थे ही, वो अहसान जाफरी के अलावा दूसरे ऐसे मुस्लिम थे, जिन्होंने गुजरात से लोकसभा चुनाव जीता।
1977 में बचाई थी कांग्रेस की साख-
अहमद इंदिरा गांधी के वक्त से कांग्रेस में थे। 1977 के चुनाव में जब इंदिरा को भी पासा पलटने की आशंका थी, तब ये अहमद पटेल ही थे, जो उन्हें अपनी विधानसभा सीट पर मीटिंग आयोजित करने के लिए राजी कर लाए थे। 1977 के आम चुनाव में जब कांग्रेस औंधे मुंह गिरी थी और गुजरात ने उसकी कुछ साख बचाई थी, तो अहमद उन मुट्ठीभर लोगों में एक थे, जो संसद पहुंचे थे। 1980 के चुनाव में धाकड़ वापसी करने के बाद जब इंदिरा ने अहमद को कैबिनेट में शामिल करना चाहा, तो उन्होंने संगठन में काम करने को प्राथमिकता दी।
10 जनपथ के चाणक्य: 
अहमद पटेल को 10 जनपथ का चाणक्य भी कहा जाता था। वो कांग्रेस परिवार में गांधी परिवार के सबसे करीब और गांधियों के बाद ‘नंबर 2’ माने जाते थे। बेहद ताकतवर अहमद लो प्रोफाइल रखते थे, साइलेंट और हर किसी के लिए सीक्रेटिव थे। गांधी परिवार के अलावा किसी को नहीं पता कि उनके दिमाग में क्या रहता था। पटेल की कोशिश रहती थी कि दिल्ली और देश के मीडिया में उनकी जरा भी प्रोफाइल न हो, वो कभी टीवी चैनलों पर नहीं दिखते, लेकिन उन पर खबरें कंट्रोल करने का आरोप लगता रहा। गांधी परिवार और प्रधानमंत्रियों से लगातार मिलते रहने के बावजूद उनके साथ पटेल की तस्वीरें बेहद चुनिंदा हैं।

देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनी 43 मोबाइल ऐप बैन

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
केंद्र सरकार ने मंगलवार को 43 मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया. केंद्र ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 69A के तहत ये बैन लगाया है. केंद्र ने बताया कि ये ऐप ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं, जिनसे देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा के लिए खतरा हैं. बैन की गईं 43 ऐप्स में से 14 डेटिंग, 8 गेमिंग ऐप्स, 6 बिजनेस और फाइनेंस और एक इंटरटेनमेंट ऐप शामिल हैं.
– टिकटॉक के बाद पॉप्यूलर स्नैक वीडियो भी शामिल
चीनी ऐप टिकटॉक को बैन कर चुकी केंद्र सरकार ने अब पॉप्यूलर चैट ऐप स्नैक वीडियो को बैन किया है. ये सिंगापुर बेस्ड चाइनीज सॉफ्टवेयर कंपनी है. इसके 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं. टिकटॉक बैन होने के बाद यूजर्स के लिए ये सबसे बड़ा ऑप्शन बनी और महज 2 महीनों के अंदर करीब 5 करोड़ यूजर्स बढ़ गए. सबसे ज्यादा यूजर्स भारत में हैं.
– चौथी बार विदेशी ऐप्स पर एक्शन
29 जून को 59 चीनी ऐप्स बैन कर दिए थे. ऐप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था. गलवान झड़प के बाद ये फैसला लिया गया. 27 जुलाई को 47 ऐप बैन किए गए थे. सरकार ने यह कदम तब उठाया था, जब लद्दाख में तनाव बढ़ रहा था और चीनी सैनिकों ने दो बार घुसपैठ की कोशिश की थी. 2 सितंबर को सरकार ने पबजी समेत 118 ऐप्स को बैन किया था. पबजी को 17.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है. 24 नवंबर को 43 मोबाइल ऐप्स बैन किए गए. फैसला इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है.
– बैन की गई 43 ऐप्स
1. अली सप्लायर्स, 2. अली बाबा वर्कबेंच, 3. अली एक्सप्रेस- स्मार्टर शॉपिंग, बेटर लिविंग, 4. अलीपे कैशियर, 5. लालामोव इंडिया- डिलीवरी ऐप, 6. ड्राइव विद लालामोव इंडिया, 7. स्नैक वीडियो, 8. कैमकार्ड- बिजनेस कार्ड रीडर, 9. कैम कार्ड- BCR (वेस्टर्न), 10. सोल- फॉलो द सोल टु फाइंड यू, 11. चाइनीज सोशल- फ्री ऑनलाइन डेटिंग वीडियो ऐप एंड चैट, 12. डेट इन एशिया- डेटिंग एंड चैट फॉर एशियन सिंगल्स, 13. वी डेट- डेटिंग ऐप, 14. फ्री डेटिंग ऐप- सिंगल, स्टार्ट योर डेट, 15. एडोर ऐप, 16. ट्रूली चाइनीज- डेटिंग ऐप, 17. ट्रूली एशियन- डेटिंग ऐप, 18. चाइना लव- डेटिंग ऐप फॉर चाइनीज सिंगल्स, 19. डेट माई एज- चैट, मीट, डेट, 20. एशियन डेट, 21. फ्लर्ट विश, 22. गाइज ओनली, 23. ट्यूबिट, 24. वी वर्क चाइना, 25. फर्स्ट लव लाइव – सुपर हॉट लाइव ब्यूटीज लाइव ऑनलाइन, 26. रेला – लेस्बियन सोशल नेटवर्क, 27. कैशियर वॉलेट, 28. मैंगो टीवी, 29. एमजी टीवी – ह्यूमन टीवी ऑफिशियल टीवी ऐप, 30. वी टीवी – टीवी वर्जन, 31. वी टीवी – सी ड्रामा के ड्रामा एंड मोर, 32. वी टीवी लाइट, 33. लकी लाइव- लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप, 34. टाओवाओ लाइव, 35. डिंग टॉक, 36. आइडेंटिटी वी, 37 . आइसोलैंड 2 : ऐशेज ऑफ टाइम, 38. बॉक्सस्टार (अर्ली एक्सेस), 39. हीरोज इवोल्वड, 40. हैप्पी फिश, 41. जेलिपॉप मैच : डेकोरेट यूअर ड्रीम आइसलैंड, 42. मंचकिन मैच : मैजिक होम बिल्डिंग, 43. कॉनक्विस्ता.
– अब तक 267 ऐप्स बैन
गलवान झड़प 15 जून को हुई थी. चीन को कड़ा संदेश देने और उस पर दबाव बनाने के लिए सरकार ने पहली बार चीनी ऐप्स बैन किए. इसके बाद 148 दिन के भीतर 267 ऐप्स पर बैन लगाया जा चुका है और इनमें ज्यादातर ऐप चाइनीज हैं.

दिल्ली निवासी इंजीनियर ने पुणे में लगाई फांसी

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
दिल्ली से पुणे आये एक इंजीनियर युवक द्वारा होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना सामने आई है। युवक के आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। हालांकि पुलिस को शक है कि उसने निराशा में आकर यह कदम उठाया होगा। आत्महत्या करने वाले युवक का नाम जीतेन्द्र कुमार गुप्ता (29, निवासी नई दिल्ली) है। इस मामले में शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में अकस्मात मौत का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जितेंद्र गुप्ता नोएडा के एक प्राइवेट कंपनी के नौकरी करते थे। वे दिल्ली के अपने घर से अचानक निकल गए। उनके परिवार ने उनके लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। दिल्ली से आकर गुप्ता पुणे के मॉडल कॉलोनी में स्थित एक होटल में रुके थे। रविवार को उसके आत्महत्या करने की जानकारी सामने आई।  गुप्ता ने आत्महत्या से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। इस वजह से उसने आत्महत्या क्यों कि यह साफ नहीं हो पाया है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने निराशा में आत्महत्या की होगी। बहरहाल मामले की छानबीन शुरू है।

पुणे : जयपुर में मिले एक महीने से लापता उद्याेगपति गौतम पाषाणकर

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क

ड्राइवर के हाथों सुसाइड नोट भेजकर करीबन माहभर पहले गुमशुदा हुए पुणे के नामी गिरामी उद्योगपति गौतम पाषाणकर को ढूंढ निकालने में पुलिस की क्राइम ब्रांच को सफलता मिल गई है.मंगलवार को पुलिस टीम ने 64 वर्षीय पाषाणकर को जयपुर के एक होटल से हिरासत में लिया.पुलिस उन्हें लेकर पुणे रवाना हो गई है.हालांकि उनके पुणे लौटने के बाद ही पाषाणकर के अचानक से लापता होने के रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा.

पुणे के उद्योग क्षेत्र में तब खलबली मच गई जब शहर के जाने माने उद्योगपति गौतम पाषाणकर 21 अक्टूबर को अचानक से गायब हो गए.आखिरी बार उन्होंने अपने ड्राइवर को एक लिफाफा देकर कुछ देर बाद आने को कहा था.कारोबारी के गायब होने के 24 घंटे बाद शिवाजीनगर पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.इसके बाद से उनका कहीं कुछ भी पता नहीं चल सका.यहां पाषाणकर परिवार ने भी गौतम को तलाशने के लिए शहर में पोस्टर भी लगवाए हैं.पुलिस कारोबारी की तलाश में पूरे शहर के सीसीटीवी खंगाल रही हैं.

सीसीटीवी फुटेज से पाषाणकर के पुणे के अलग- अलग हिस्सों में रहने के अलावा वे कोल्हापुर और कोंकण में भी नजर आये थे. मगर हर बार पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वे पुनः गायब हो जाते थे.उनकी तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें अलग-अलग दिशा में रवाना की गई.हालांकि अब वे जयपुर के एक होटल में पाए गए.आज दोपहर करीबन तीन बजे के करीब क्राइम ब्रांच की टीम ने उद्योगपति पाषाणकर को हिरासत में लिया.हालांकि उनके अचानक से गायब होने के पीछे की वजहों को खंगाला जा रहा है.

गौतम पाषाणकर पुणे के नामी गिरामी उद्योगपति हैं.वे पाषाणकर ग्रुप के प्रबंध निदेशक और अग्रणी बिल्डर हैं. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उनका बड़ा नाम है.पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल उन्हें कारोबार में काफी नुकसान हुआ था और वर्तमान लॉकडाउन ने उनके इस नुकसान को और बढ़ा दिया.गौतम पाषाणकर 21 अक्टूबर की शाम अपने कार ड्राइवर के साथ बाहर निकले और लोणी कालभोर से लौटने के बाद मॉडल कॉलोनी के पास कार रुकवा कर ड्राइवर को एक लिफाफा दिया और थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर वहां से चले गए.हालांकि वे काफी देर बाद तक भी न लौटे.लॉकडाउन में हुए नुकसान की वजह से वे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे.कुछ दिन पहले ही उनका 65वां जन्मदिन पूरे परिवार ने बड़ी धूमधाम से मनाया था.