27 C
Mumbai
Thursday, September 3, 2026
Home Blog Page 504

अमृतसर हादसा: मलबे से लाश निकालने का काम अब भी जारी

पंजाब के अमृतसर में हुई बड़ी रेल दुर्घटना

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

पंजाब के अमृतसर में हुई बड़ी रेल दुर्घटना में 60 से ज्यादा लोगों के मर गये हैं और 80 से ज्यादा लोग घायल हैं और अब भी वहां बचाव कार्य जारी है। मलबों से लाश निकाली जा रही है, लोग अभी भी अपने प्रियजनों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं।

यह हादसा चौड़ा बाजार के समीप हुआ है, हादसा तब हुआ, जब ट्रेन की पटरी के पास राणव का पुतला जलाया जा रहा था, जिसे देखने के लिए ट्रैक पर लोग खड़े थे, वहां काफी मात्रा में भीड़ थी, वहां इतना शोर था कि लोग ट्रेन आने की आवाज नहीं सुन पाये।

वहां मौजूद चश्मदीदों के का कहना है कि, ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए थी। बता दें कि इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि, ट्रैक के पास का नजारा 1947 में देश के विभाजन के समय हुए दंगों जैसा हो गया था, जहां लाशें क्षत-विक्षत स्थिति में पड़ी हुईं थीं, यह नज़ारा दिल दहला देने वाला है।

वहीं, इसी बीच ड्राइवर का बयान आया है कि उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, लेकिन वह हादसा नहीं टाल पाया, ड्राइवर ने यह भी दावा किया है कि हादसे के बाद उसने ट्रेन रोकी था लेकिन बाद में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे अमृतसर की ओर बढ़ गया।

ड्राइवर ने दावा किया है कि, कर्व के कारण ट्रैक पर मौजूद भीड़ नहीं दिखाई थी, जब उसने आपातकालीन ब्रेक लगाने की कोशिश की थी लेकिन ट्रेन रुकने से पहले ही काफी लोग उसकी चपेट में आ गए‌।

उधर, डीआरएम विवेक कुमार ने हादसे पर कहा, मैं किसी पर दोषारोपण नहीं कर रहा हूं लेकिन केवल आत्मविश्लेषण कर सकता हूं कि रेलवे इस हादसे को कैसे टाल सकता था, हमारा मानना है कि ट्रेन ड्राइवर ने गति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका‌।

इस घटना पर पर रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने गहरा दुख जाहिर करते हुए कहा है कि, पंजाब में हुई दुखद रेल दुर्घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्‍यक्‍त करता हूं, मैं मारे गए लोगों के परिवारों और मित्रों के प्रति के प्रति सहानुभूति व्‍यक्‍त करता हूं और घायलों के जल्‍द से जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना भी करता हूं।

बिहार के बेगूसराय से MP भोला सिंह का हुआ निधन, पीएम मोदी ने प्रकट की संवेदना

सरकार बचाने के लिए इस तरह युवाओं को घेरे में लेगी 'मोदी टीम'
सरकार बचाने के लिए इस तरह युवाओं को घेरे में लेगी 'मोदी टीम'

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बेगूसराय से लोकसभा के सदस्य और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भोला सिंह का 82 साल की उम्र में निधन हो गया, पीएम मोदी ने लोकसभा सदस्य भोला सिंह के निधन पर दुख जताया है।

बेगूसराय से लोकसभा के सदस्य और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भोला सिंह का 82 साल की उम्र में निधन हो गया, पीएम मोदी ने लोकसभा सदस्य भोला सिंह के निधन पर दुख जताया है।

पीएम ने ट्वीट कर लिखा है कि, बेगूसराय से लोकसभा सदस्य श्री भोला सिंह जी के निधन से दुखी हूं, उन्हें समाज की उत्कृष्ट सेवा और बिहार के विकास की दिशा में प्रयासों के लिए याद किया जाएगा, मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सिंह के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी मृत्यु बिहार के लिए बड़ी क्षति है, उन्होंने कहा कि सिंह सामाजिक कार्य में सक्रियता से भाग लेते थे और उनके जाने से इस क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान हुआ है।

भोला स‍िंह तीखे बयानों के ल‍िए चर्चित रहे हैं, 2017 में उनके द‍िए एक बयान ने सनसनी मचा दी थी जिसमें उन्होंने कहा था क‍ि इस देश में रहने वाला हर व्यक्त‍ि ह‍िंदू है, व्यक्त‍ि भले ही अलग-अलग धर्मों में आस्था रखता हो लेकिन वह ह‍िंदू है।

नवंबर 2015 में भोला सिंह की एक बात राष्ट्रीय अखबारों की हैडलाइन बनी थी, जिसमें कहा गया था क‍ि बीजेपी, ब‍िहार में चुनाव नहीं हारी बल्क‍ि उसने सुसाइड किया है।
 
 
 

अमृतसर हादसा: ड्राइवर ने कहा, “इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, लेकिन हादसा नहीं टाल पाया”

अमृतसर दुर्घटना पर ड्राईवर का आया बयान

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

अमृतसर रेल हादसे की जांच जारी है, अभी तक सही तथ्य सामने नहीं आया है, डीएमयू के लोको पायलट पर आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल नहीं करने के आरोप लग रहे हैं।

ड्राइवर ने अपने बयान में इसका खंडन किया है। ड्राइवर का कहना है कि उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, लेकिन वह हादसा नहीं टाल पाया। ड्राइवर ने यह भी दावा किया है कि हादसे के बाद उसने ट्रेन रोकी, लेकिन बाद में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे अमृतसर की ओर बढ़ गया।

ट्रेन ड्राइवर ने दावा किया, कर्व के कारण ट्रैक पर मौजूद भीड़ नहीं दिखाई थी, उसने आपातकालीन ब्रेक लगाने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रेन रुकने से पहले ही काफी लोग उसकी चपेट में आ गए‌।

उधर, डीआरएम विवेक कुमार ने हादसे पर कहा, मैं किसी पर दोषारोपण नहीं कर रहा हूं, लेकिन केवल आत्मविश्लेषण कर सकता हूं कि रेलवे इस हादसे को कैसे टाल सकता था। हमारा मानना है कि ट्रेन ड्राइवर ने गति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका‌।

जालंधर-अमृतसर डीएमयू के ड्राइवर ने भीषण हादसे के बाद अगले स्टेशन पर स्टेशन मास्टर को हादसे की जानकारी दी थी, रेल अधिकारियों का कहना है कि लोको पायलट को जब आभाष हुआ कि कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए हैं तो उसने तत्काल इस जानकारी अमृतसर स्टेशन मास्टर को दे दी थी।

कल शाम करीब 700 लोग ग्राउंड पर रावण दहन कार्यक्रम के लिए मौजूद थे, करीब 10-15 सेकंड में ट्रेन के गुजरने के बाद चीख-पुकार मच गई, ज्यादातर लोगों को ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी क्यों कि उस समय पटाखों का शोर था, वीडियो क्लिप में साफ दिखाई दे रहा है कि जब ट्रेन ट्रैक पर आई तो लोगों ने भागने की कोशिश की लेकिन कई लोग उसकी चपेट में आ गए हैं।

अमृतसर रेल हादसे पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने जताया शोक

अमृतसर रेल हादसे पर पुतिन ने जताया दुःख

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com

अमृतसर में कल रावण दहन कार्यक्रम के दौरान हुए हादसे पर रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने गहरा दुख जाहिर किया है, उन्‍होंने मारे गए लोगों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की है।

पुतिन ने कहा, पंजाब में हुई दुखद रेल दुर्घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्‍यक्‍त करता हूं, मैं मारे गए लोगों के परिवारों और मित्रों के प्रति के प्रति सहानुभूति व्‍यक्‍त करता हूं और घायलों के जल्‍द से जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना करता हूं।

पंजाब में अमृतसर के निकट कल दशहरा देखने के लिए रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से 60 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 70 से ज्‍यादा अन्य घायल हो गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि, रावण दहन और पटाखे फूटने के बाद भीड़ में से कुछ लोग रेल पटरियों की ओर बढ़ने लगे जहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, उसी वक्त दो विपरीत दिशाओं से एक साथ दो ट्रेनें आईं और लोगों को बचने का समय नहीं मिला।

इस घटना के बाद चीख-पुकार मच गई, लोग अपने करीबियों को तलाशने लगे, क्षत-विक्षत शव घटना के घंटों बाद भी घटनास्थल पर पड़े थे, प्रशासन की ओर से शव निकालने का काम अभी भी जारी है।

अमृतसर: 58 लोगों की हुई माैत, रेलमंत्री अमेरिका का दौरा छोड़ आज लौटेंगे दिल्ली

अमृतसर दुर्घटना पर ड्राईवर का आया बयान

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

पंजाब के अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ, ये हादसा हावड़ा मेल और एक डीएमयू ट्रेन के एकाएक आने से  हुआ है, पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 58 लोगों के मारे जाने की खबर है और 72 लोगों घायल हुए हैं।

हादसे पर दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है, उधर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका दौरा बीच में छोड़कर देश लौट रहे हैं।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि, इस यह हादसा प्रशासन और दशहरा समिति के गलतियों का नतीजा है, जब ट्रेन आ रही थी, तब ट्रेन को हॉर्न बजाना चाहिए था, लोगों को अलार्म के जरिए ट्रेन के बारे बताया जाना चाहिए था, इससे लोग बच सकते थे।

लोगों का कहना है कि, रावण दहन के समय वहां भीड़ काफी थी, इसी दौरान ट्रैक पर ट्रेन आ गई, लोग बंद गेट की तरफ भागे, लेकिन तभी दूसरे ट्रैक पर डीएमयू ट्रेन आ गई, माना जा रहा है कि पटाखों की तेज आवाज में लोग ट्रेन के आने की खबर नहीं सुन सके।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव का कहना है कि, हम फिलहाल मौत का सही आंकड़ा नहीं बता सकते हैं, लेकिन ये मृतकों की संख्या 50 से 60 तक हो सकती है।

इस कार्यक्रम को स्थानीय पार्षद ने आयोजित किया था, इसमें पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर भी आई हुई थीं, हालांकि कहा जा रहा है कि हादसे के बाद वह वहां से चली गईं थीं।

Jio लाया आपके लिए ये खबर, सालभर के लिए FREE दे रहा है 547 जीबी डाटा

FREE दे रहा है
FREE दे रहा है


सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

इस ऑफर के तहत जियो कंपनी अपने ग्राहकों को 547.5 जीबी डाटा दे रही है, जियो दिवाली कैशबैक प्लान (Jio diwali cashback plan) में यूजर्स को 1.5 जीबी डाटा दिया जा रहा है।

ग्राहकों के लिए यह प्लान 30 नवंबर तक उपलब्ध होगा, जियो के इस प्लान में ग्राहक को 365 दिनों की वैधता मिल रही है, वहीं, ग्राहक इसमें मिलने वाली सभी एप्स का भी मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस प्लान को खरीदने के लिए यूजर्स को 1699 रुपये का रिचार्ज कराना होगा, इस रिचार्ज प्लान में ग्राहकों को अनलिमिटेड कॉलिंग दी जाएगी, इसके साथ ही रोजाना 100 एसएमएस भी मिलेंगे।

इसमें यूजर्स को 100 पर्सेंट कैशबैक वाउचर्स के रूप में मिलेंगे, इन वाउचर्स में तीन वाउचर्स 500 रुपये के होंगे और एक 200 रुपये का होगा, इन कैशबैक कूपन्स का इस्तेमाल 31 दिसंबर तक किया जा सकता है।

इन कूपनों का इस्तेमाल ग्राहक रिलायंस डिजिटल एक्सप्रेस मिनी स्टोर्स में खरीददारी के दौरान भी कर सकेंगे, और इसके लिए कम से कम की 5000 रुपये की खरीददारी करनी होगी।

पीएम मोदी ने आज साईं नगरी में 244444 परिवारों को घर आवंटित किए

पीएम मोदी
पीएम मोदी

सौम्या केसरवानी | Navpravah.co

पीएम मोदी ने आज शिरडी में साईंबाबा के दर्शन किए, इसके बाद पीएम ने महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 2,44,444 परिवारों को उनके घर प्रदान किए।

वहीं एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि, आप सभी को पूरे महाराष्ट्र को पूरे भारत वर्ष को देश के जन-जन को दशहरे की, विजय दशमी की बहुत-बहुत बधाई।

पीएम मोदी ने कहा कि, अपना घर जीवन को आसान बना देता है और गरीबी से लड़ने का नया उत्साह पैदा करता है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2022 तक देश के हर बेघर-गरीब परिवार को अपना घर देने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि, जिस प्रकार आप सभी दशहरे के पावन अवसर पर भारी संख्या में यहां मुझे आशीर्वाद देने आए हैं, वो अभिभूत करने वाला है, आपका यही अपनत्व, यही प्यार मुझमें निरंतर नई ऊर्जा का संचार करता है, मुझे शक्ति देता है।

पीएम ने कहा कि, दशहरे के साथ-साथ हम आज शिरडी की इस पावन भूमि पर, एक और पवित्र अवसर के साक्षी बन रहे हैं, साई बाबा की समाधि के शताब्दी समारोह का भी आज समापन हुआ है।

पीएम ने कहा कि, शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त करना हो, आध्यात्म के जरिए सोच में परिवर्तन करना हो, समाज में समरसता और सहभाग का संचार करना हो, इसके लिए आपके प्रयास सराहनीय है, आज भी यहां आस्था, आध्यात्म और विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है।

पीएम ने आगे कहा कि, आज यहां 10 मेगावाट की एक सोलर यूनिट की भी शुरुआत की गई है, इससे संस्थान के संसाधन बढेंगे और क्लीन एनर्जी में भागीदारी भी, ये एक ऐसा मॉडल है जिससे देश भर में कई संस्थान लागू कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि, ये नए घर आपके सपनों के प्रतीक तो है हीं, आपकी आकांक्षाओं को नए आयाम देने वाले भी है, अब आपका जीवन, आपके बच्चों का जीवन, सार्थक बदलाव के पथ पर चल पड़ा है, ये गरीबी पर जीत की तरफ बहुत बड़ा कदम है।

एन.डी. तिवारी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे राहुल और सोनिया गांधी

ND Tiwari
ND Tiwari
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का अंतिम संस्कार 21 अक्टूबर को हल्द्वानी में होगा, वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत स्व. तिवारी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने नई दिल्ली पहुंच गए।
अंतिम दर्शन संपन्न होने के बाद हलद्वानी के चित्रशील घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, नई दिल्ली में तिलक लेन स्थित उनके आवास पर आज दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। वहीं कल उनका शव लखनऊ ले जाया जाएगा, जहां विधानसभा में उनके पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए रखा जाएगा, फिर वहां से शव हलद्वानी ले जाया जाएगा।
आज दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तिवारी को उनके घर जाकर श्रद्धांजिल दी, इससे पहले गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, वृद्धावस्था और गुर्दे की समस्याओं से जूझ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री का साकेत के मैक्स अस्पताल में निधन हुआ। दो राज्यों के मुख्यमंत्री रहने वाले पहले भारतीय एन डी तिवारी पिछले साल सितंबर से ही अस्पताल में भर्ती थे, वे तीन बार (1976-77, 1984-85 और 1988-89) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और साथ ही उत्तराखंड में वह 2002-2007 में मुख्यमंत्री रहे।
इसके अलावा, चौधरी चरण सिंह की सरकार में वह केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यरत भी रहे, वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मंत्रिमंडल का भी हिस्सा रहे, इसमें उन्होंने वित्तमंत्री और विदेश मंत्री की जिम्मेदारियां संभालीं।

आज भी सबरीमला मंदिर के अंदर नहीं जा पायी महिलाएं, पुजारी ने मंदिर बंद करने की दी धमकी

सबरीमला मंदिर
सबरीमला मंदिर
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
केरल के सबरीमला मंदिर के कपाट को खुले आज तीन दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक मंदिर में महिलाओं का प्रवेश नहीं हो पाया है, पिछले तीन दिनों से ही हिंदू संगठनों द्वारा मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
आज भी मंदिर के बाहर नारेबाजी और हंगामा हो रहा है, भारी सुरक्षा के बीच पुलिस हेलमेट पहनाकर दो महिलाओं को मंदिर की तरफ ले जा रही थी, उन्हें रोकने के लिए प्रदर्शनकारी नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे।
भारी विरोध के बाद दोनों महिलाओं को आधे रास्ते से वापस लौटा दिया गया, प्रदर्शनकारी महिला पत्रकारों को मंदिर की ओर बढ़ने से रोक रहे थे, इस बीच कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
मंदिर के मुख्य पुजारी ने इस बात की धमकी दी कि अगर महिलाएं मंदिर के अंदर आईं तो वह मंदिर बंद कर देंगे, जिसके बाद पुलिस ने भी दोनों महिलाओं को वापस जाने को कह दिया।
भगवान अयप्पा मंदिर के पांच दिनी तीर्थयात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को भी केरल में तनाव बना रहा, राज्य में कथित तौर पर पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हमले के खिलाफ बंद रखा गया है।
एक तरफ राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने का प्रयास कर रही है, तो दूसरी ओर हिंदूवादी संगठनों ने परंपरा की दुहाई देते हुए महिलाओं से मंदिर में प्रवेश नहीं करने का आग्रह किया है।
सबरीमाला के पुजारी परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य ने 10 से 50 साल आयुवर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक की परंपरा का सम्मान करने व महिलाओं से अयप्पा के मंदिर में न जाने का आग्रह किया, महिलाओं के प्रवेश पर रोक इसलिए है कि माना जाता है कि अयप्पा ‘ब्रह्मचारी’ थे।

राम मंदिर का बनना आत्‍मगौरव के लिए जरूरी – मोहन भागवत

मोहन भागवत
मोहन भागवत

सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com

संघ द्वारा आयोजित वार्षिक विजयदशमी पर्व में मोहन भागवत ने कहा कि, राम जन्‍मभूमि के लिए स्‍थान का आवंटन अभी तक नहीं किया गया, जबकि साक्ष्‍यों से यह स्‍पष्‍ट है कि उस जगह पर मंदिर था।

उन्होंने कहा कि, यदि राजनीतिक हस्‍तक्षेप नहीं होता तो वहां पर मंदिर काफी पहले ही बन गया होता, हम चाहते हैं कि सरकार कानून बनाकर निर्माण के मार्ग को प्रशस्‍त करें, भागवत ने कहा, राष्ट्र के ‘स्व’ के गौरव के संदर्भ में अपने करोड़ों देशवासियों के साथ श्रीराम जन्मभूमि पर राष्ट्र के प्राणस्वरूप धर्ममर्यादा के विग्रहरूप श्रीरामचन्द्र का भव्य राममंदिर बनाने के प्रयास में संघ सहयोगी है।

मोहन भागवत ने कहा कि, हमारा समाज भारत की अवधारणा से सहज भाव से उपजे जब स्‍व की भावना के सत्‍य को भूल गया और स्‍वार्थ प्रबल हो गए तो हम अत्‍याचार के शिकार हो गए हैं, शासकों ने तो किसी को भी नहीं छोड़ा, बाबर ने ना हिंदू को बख्शा, ना मुस्लिम को बख्‍शा।

मोहन भागवत ने कहा, देश के रक्षा बलों को सशक्त बनाने और पड़ोसियों के साथ शांति स्थापित करने के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है, उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर यह भी कहा कि वहां नई सरकार आ जाने के बावजूद सीमा पर हमले बंद नहीं हुए हैं।

उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि, वे समाज में ‘शहरी माओवाद’ और ‘नव-वामपंथी’ तत्वों की गतिविधियों से सावधान रहें, भागवत ने कहा, दृढ़ता से वन प्रदेशों में अथवा अन्य सुदूर क्षेत्रों में दबाए गए हिंसात्मक गतिविधियों के कर्ता-धर्ता एवं पृष्ठपोषण करने वाले अब शहरी माओवाद के पुरोधा बनकर राष्ट्रविरोधी आंदोलनों में अग्रपंक्ति में दिखाई देते हैं।

भागवत ने आगे कहा कि, अपनी सेना तथा रक्षक बलों का नीति धैर्य बढ़ाना, उनको साधन-संपन्न बनाना, नई तकनीक उपलब्ध कराना आदि की शुरुआत हुई और उनकी गति बढ़ रही है, दुनिया के देशों में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ने का यह भी एक कारण है।