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Thursday, September 3, 2026
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अब नहीं मिलेगा आनलाइन शापिंग पर डिस्काउंट और कैशबैक

आनलाइन शापिंग
आनलाइन शापिंग

एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

अगर आप छोटी-छोटी चीजों के लिए भी ऑनलाइन शॉपिंग पर निर्भर रहते हैं तो देश में यह कारोबार पूरी तरह बदलने जा रहा है, सरकार की तरफ से लागू किए जाने वाले नए नियमों के बाद फ्लिपकार्ट (www.flipkart.com) और अमेजन (www.amazon.in) जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर एक्सक्लूसिव डील, कैशबैक और बंपर डिस्काउंट जैसे ऑफर खत्म हो जाएंगे।

नए नियम के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियां उन कंपनियों के प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगी जिनमें इनकी हिस्सेदारी है, सरकार ने ऑनलाइन बाजार का परिचालन करने वाले कंपनियों पर उत्पादों की कीमत प्रभावित कर सकने वाले अनुबंधों की रोक लगा दी है।

इससे वे किसी इकाई के साथ उसके किसी प्रोडक्ट को केवल व केवल अपने प्लेटफॉर्म पर बेचने का अनुबंध नहीं कर सकेंगी, सरकार के इस फैसले से ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को झटका लगा है।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने ऑनलाइन रिटेल बिजनेस में एफडीआई के बारे में संशोधित नीति में कहा कि इन कंपनियों को अपने सभी वेंडरों को बिना भेदभाव किए समान सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

मंत्रालय ने कहा कि, संशोधित प्रवधान का लक्ष्य घरेलू कंपनियों को उन ई-कंपनियों से बचाना है जिनके पास एफडीआई के जरिये बड़ी पूंजी उपलब्ध है, संशोधित नीति 1 फरवरी 2019 से प्रभावी होगी, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कीमतों को प्रभावित करने पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।

नए साल में यूपी वालों को मिलेगी नयी ट्रेनों की सौगात

कानपुर से नई दिल्ली के लिए जल्द ही मिनी हाईस्पीड ट्रेन
कानपुर से नई दिल्ली के लिए जल्द ही मिनी हाईस्पीड ट्रेन

एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

कानपुर से नई दिल्ली के लिए जल्द ही मिनी हाईस्पीड ट्रेन का संचालन शुरू होने वाला है, इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है, गाजियाबाद से कानपुर के बीच हाई स्पीड ट्रैक 31 मार्च तक 160 किमी की स्पीड लायक हो जाएगा।

बताया जा रहा है कि, अगले साल अप्रैल से यह शुरू हो जाएगा, अभी इस ट्रैक पर ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर है, लेकिन इतनी स्पीड का सेक्शन 444 किलोमीटर की दूरी में केवल 80 किमी का ही है।

रेलवे अफसरों ने बताया कि, भदान से खुर्जा तक कॉरिडोर का ट्रैक चालू हो चुका है, इसके बाद मालगाड़ियों का अलग ट्रैक हो जाएगा, अफसरों के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि, दिल्ली से कानपुर के बीच पूरा सेक्शन ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम वाला है, इसकी वजह से ट्रेनें एक दूसरे के पीछे तय दूरी से चलती रहती हैं, अब ट्रैक को फिट करने का काम चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कानपुर से दिल्ली तक सवा पांच से साढ़े सात घंटे तक ट्रेन से पहुंचने में लगते हैं, शताब्दी, राजधानी और दुरंतो को छोड़ दें तो इसके बाद समय बहुत लगता है, इस ट्रेन के चलने से आम लोगों को बहुत फायदा होगा।

न्यायपालिका में SC/ST आरक्षण को लेकर मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान

रविशंकर प्रसाद
रविशंकर प्रसाद

एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के 15वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेशनल ज्यूडिशियल अपाइंटमेंट कमीशन के गठन को असंवैधानिक बताने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार जजों की नियुक्ति के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के पक्ष में हैं।

उन्होंने कहा कि, सरकार न्यायपालिका में एससी-एसटी जजों को आरक्षण देना चाहती है, उन्होंने कहा कि वह इस बात की हिमायत करते हैं कि भविष्य की न्यायिक व्यवस्था में उच्च कोटि के न्यायमूर्तियों की ही नियुक्ति हो।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, एनजेएसी पर हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माना लेकिन इस पर हमारा मतभेद है, 50 फीसदी से ज्यादा राज्यों की मंजूरी के साथ हमने एनजेएसी एक्ट को संसद में पारित किया, बता दें कि सरकार ने जजों की नियुक्ति व तबादलों के लिए एनजेएसी एक्ट बनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया था।

उनका कहना है कि, जब सबरीमाला मामले की सुनवाई 6 महीने में और अर्बन नक्सल का केस दो महीने में पूरा हो सकता है तो रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस 70 साल से क्यों अटका पड़ा है, उन्होंने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह करने की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, राम लला मामले में कोर्ट में सुनवाई क्यों नहीं हो रही इसका मेरे पास कोई उत्तर नहीं है, उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह हो ताकि जल्द से जल्द इसपर फैसला आ सके।

उन्होंने आगे कहा कि, मैं कानून मंत्री होने के नाते नहीं बल्कि भारत के एक आम नागरिक के रूप में अपील करता हूं कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह की जाए, इस मामले में इतने सबूत हैं कि इसपर अच्छी बहस हो सके।

शूटआउट के फरमान पर कुमारस्‍वामी ने पेश की अपनी सफाई

शूटआउट के फरमान पर कुमारस्‍वामी ने पेश की अपनी सफाई
शूटआउट के फरमान पर कुमारस्‍वामी ने पेश की अपनी सफाई

एनपी न्यूज़ नेट्वर्क | Navpravah.com

मांड्या में जेडीएस के एक कार्यकर्ता की हत्या करने वालों की ‘बेरहमी से हत्या’ करने के मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने सफाई दी है। एक पुलिस अधिकारी को आदेश देने का कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का कथित वीडियो के सामने आने के बाद मचे विवाद पर उनकी तरफ से सफाई दी गई है।

न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि ये कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, यह मानवीय प्रवृत्ति है। उस तरह की स्थिति में कोई भी इंसान इसी तरह की प्रतिक्रिया देगा, इसीलिए मैंने इस शब्द को भी बदल दिया है, मैं एक भावनात्मक व्यक्ति हूं। दरअसल, वीडियो में कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी जेडीएस कार्यकर्ता की हत्या करने वालों की ‘बेरहमी से हत्या’ करने को लेकर एक पुलिस अधिकारी को आदेश देते नजर आ रहे हैं, यह वीडियो काफी वायरल हो गया है।

पुलिस ने बताया था कि सोमवार शाम में मांड्या जिले के मद्दुर शहर में चार लोगों ने जेडीएस कार्यकर्ता एच प्रकाश की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। जब प्रकाश घर जा रहे थे, तब हमलावरों ने उनकी कार रोकी और एक धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी।

विडियो में मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वह पुलिस से निराश हैं। कथित हत्यारों की ओर इशारा करते हुए वह कह रहे हैं, मैं नहीं जानता आप इससे (मामले) कैसे निपटेंगे, क्योंकि यह आपकी जिम्मेदारी है। मैं वास्तव में निराश हूं, क्योंकि इसमें (हत्या) बदनामी हुई है, वह एक अच्छा आदमी था। अगर आप ऐसे लोगों को बेरहमी से गोली मार देते हैं, तो भी कोई समस्या नहीं है।

आगरा सेना भर्ती घोटाला: 13 दोषियों को 27 साल बाद मिली सज़ा

CBI court punished 13 accused
CBI court punished 13 accused

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

1991 में आगरा के बीआरओ ऑफिस में हुए सेना भर्ती घोटाले के मामले में दोषी ठहराए गए ब्रिगेडियर जगजीत सिंह समेत 13 दोषी अभियुक्तों को आज सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। मामले पर हुई बहस के बाद कोर्ट ने 13 दोषी अभियुक्तों को सज़ा सुनाई है। घोटाले में तत्कालीन ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी, बेटी व सूबेदार मेजर समेत 13 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।

विशेष अदालत में 27 साल पहले बीआरओ की भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले, भ्रष्टाचार व षड्यंत्र के मामले में सभी 24 आरोपी अदालत में हाजिर हुए। विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में 11 आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए हैं।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद की अदालत में भर्ती घोटाले के मामले में अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत में दोषी सभी अभियुक्तों को सजा सुनाने वाले लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर ने बताया कि आगरा में सेना के ब्रांच रिक्रूटमेंट ऑफिस की ओर से 1991 में सेना भर्ती की गई थी, इसमें काफी संख्या में परीक्षार्थियों ने आवेदन किए थे।

आरोप है कि भर्ती घोटाले में सेना के अधिकारियों की सांठगांठ से सरकारी पद का दुरुपयोग करके षड्यंत्र के तहत फर्जीवाड़ा किया गया था, परीक्षार्थियों के उतर पुस्तिका तक बदल डाले गए अथवा उनकी कापियां दूसरों से लिखवाई गई थी‌।

फर्जीवाड़ा उजागर होने पर बीआरओ ने संदिग्ध कापियों को चिह्नित किया और उनके अभ्यर्थियों से पुष्टिकारक टेस्ट कराया गया था। परीक्षा देने वाले फेल हो गए थे। मामले में 1993 में सीबीआई ने देहरादून में केस दर्ज हुआ था, साल 2000 में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

UP: टेंशन में था प्रेमी युगल, दरोगा जी ने थाने में ही करा दी शादी

टेंशन में था प्रेमी युगल, दरोगा जी ने थाने में ही करा दी शादी
टेंशन में था प्रेमी युगल, दरोगा जी ने थाने में ही करा दी शादी

आकाश मिश्र | Navpravah.com

कौशाम्बी । पश्चिम शरीरा क्षेत्र के प्रेमी जोड़े का एक मामला प्रकाश में आया है। विवादित मामले में हस्तक्षेप करते हुए पुलिस ने इन दोनों की शादी थाने में ही कराने की सलाह दी, जिससे विवाद को रोका जा सके। पश्चिम शरीरा इलाके में रहने वाला ये जोड़ा लम्बे समय से एक दूसरे से प्यार करते थे और विवाद को देखते हुए घर से भागने की योजना बना रहे थे।

पश्चिम शरीरा इलाके में रहने वाला यह प्रेमी युगल कई सालों से एक दूसरे के संपर्क में था, जिसका विरोध दोनो के परिजन कर रहे थे। जिससे एक साथ जीने मरने की कसम खा चुके प्रेमी जोड़े ने घर छोड़ कर गैर प्रान्त भागने का योजना बना चुके थे परंतु पकड़े गए। मामला थाना आने पर पुलिस ने दोनो के परिजनों को बुलाकर आपस मे बात की। दोनों प्रेमियो के भविष्य को देखते हुए पुलिस ने दोनों प्रेमियो की उम्र जानने के बाद एक सूत्र में बंध देने की सलाह दी। जिसके बाद थानाध्यक्ष की बातों कों समझ कर पुलिस की मदद से प्रेमी जोड़े के परिजनों ने थाना परिसर में शादी कर दिए।

थाने में सबकी सहमति से कराया विवाह-
वर्षों से प्रेम करने वाले प्रेमी जोड़े को उनके परिजनों की सहमति व सहयोग से विधि-विधान के साथ पश्चिम शरीरा पुलिस ने थाना परिसर में साथ फेरो में बांध शादी करा जन्म जन्म का रिश्ता करा दिया। इस शादी को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने पश्चिम शरीरा पुलिस की सराहना की है।

अभी तक 4 जोड़ो की शादी करा चुके हैं थानाध्यक्ष-
थानाध्यक्ष संजय गुप्ता व एस आई शशिकान्त मिश्र ने 4 ऐसे प्रेमी जोड़ों का आपसी सहमति व परिजनों के रज़ामंदी व सहयोग से थाना परिसर में शादी करा कर क्षेत्र में अपराध होने से रोक दिया है, जो प्रेमिका को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे।

हनुमान जी वाले बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी मागें CM योगी -कंप्यूटर बाबा

कंप्यूटर बाबा
कंप्यूटर बाबा

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

हनुमान जी की जाति को लेकर आजकल सियासत गर्माई जा रही है। ये कम होने के बजाये बढ़ती ही जा रही है। अलवर में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘हनुमान जी को दलित’ बताने वाले बयान पर अब राजनीति है कि थमने का नाम ही नहीं ले रही है।

सीएम योगी के बयान के बाद कई राजनेताओं ने हनुमान जी की जाति तय करने की कोशिश की है। किसी ने हनुमान जी को आदिवासी बताया, तो किसी ने मुसलमान बताया है। इन सब के बाद अब मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार में कभी कैबिनेट मंत्री रहे कंप्यूटर बाबा ने भी सीएम योगी के खिलाफ हल्ला बोल दिया है।

सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा है कि योगी जी ने हनुमान जी को लेकर जो बात कही है, वह बिल्कुल गलत है। इस मामले पर योगी जी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो हम उनके खिलाफ आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी दोनों ही धर्म विरोधी हैं। मुख्यमंत्री योगी के ‘हनुमान जी को दलित’ दलित बताने वाले बयान से हम बेहद दुखी हैं। इसलिए अब हम उनके खिलाफ कोर्ट तक जाएंगे।

बाबा ने आगे कहा कि अभी हम 5 से 10 तारीख के बीच प्रयागराज जा रहे हैं। वहीं पहुंचकर हम अखाड़े का भी नाम तय करेंगे। बता दें विधानसभा चुनाव के कुछ समय पहले तक शिवराज कैबिनेट में मंत्री रहे कंप्यूटर बाबा ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के सामने विधायक का चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद टिकट न मिलने मिलने की आशंका पर उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ दिया था।

पाकिस्‍तान के पूर्व PM नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के आरोप में 7 साल की हुई जेल

नवाज शरीफ
नवाज शरीफ


सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने आज पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्‍टाचार के एक मामले में 7 साल की जेल की सजा सुनाई है, यह सजा उन्‍हें अल अजीजिया मामले में सुनाई गई है।

इस्‍लामाबाद की कोर्ट को आज शरीफ के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के दो मामलों में फैसला सुनाना था, इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद अर्षद मलिक ने शरीफ के खिलाफ फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट और अल अजीजिया मामलों में पिछले हफ्ते फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने अगस्त 2017 में शरीफ पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप तय किया था, शरीफ फैसले से एक दिन पहले रविवार को लाहौर से इस्लामाबाद पहुंचे थे. डॉन समाचारपत्र की खबर के मुताबिक जवाबदेही अदालत में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था।

एवनफील्ड प्रॉपर्टीज केस, फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट केस और अल-जजीजिया केस का खुलासा 2017 में हुआ था, सुप्रीम कोर्ट

ने इस मामले की सुनवाई 6 महीने में पूरा करने को कहा था।

बता दें कि, इनमें से एवनफील्ड प्रोपर्टीज केस में इसी जुलाई में नवाज शरीफ को 11 साल, उनकी बेटी मरियम शरीफ को 8 साल और दामाद रिटायर्ड कैप्टन मोहम्मद सफदर को एक साल की सजा हुई थी।

गोरखपुर: डॉक्टर ने पूर्व पत्‍नी का किया ख़ून, सामने आया सारा सच

डॉक्टर ने पूर्व पत्‍नी का किया ख़ून, सामने आया सारा सच
डॉक्टर ने पूर्व पत्‍नी का किया ख़ून, सामने आया सारा सच

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

गोरखपुर के चर्चित डॉक्टर डीपी सिंह को उनकी पूर्व पत्नी राखी श्रीवास्तव की हत्या के आरोप में यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी डॉक्टर के दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद इन दोनों कर्मचारियों ने अपना जुर्म कबूल भी किया है।

परिजनों द्वारा राखी के लापता होने को मामला दर्ज करने के बाद ये मामला सामने आया। शुरूआती जांच में पुलिस ने राखी के दूसरे पति मनीष सिन्हा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ। यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शाहपुर क्षेत्र के बिछिया की रहने वाली राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव जून में रहस्यमय हाल में लापता हो गई थी, राखी के भाई शाहपुर थाने में 04 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

उसने उसके दूसरे पति बिहार के वजीरगंज थाना क्षेत्र स्थित लोहगरा निवासी मनीष सिन्हा पर बहन को गायब करने का आरोप लगाया था, पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण व धमकी में तरमीम कर विवेचना शुरू कर दी थी। उन्हें इस केस की जानकारी हुई, तो उन्होंने एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह को लगाया था। उनकी टीम इस पर काम कर रही थी, जांच में डॉक्टर डीपी सिंह की भूमिका पर संदेह हुआ।

मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से जांच के बाद पता चला कि जिस समय वह गायब हुई, उस समय उसका लोकेशन नेपाल में था। एसटीएफ टीम ने नेपाल से जानकारी जुटाई, तो वहां 8 जून को एक युवती की लाश मिलने की बात सामने आई। एसटीएफ ने उसकी पहचान राखी के रूप में करने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया।

पुलिस ने बताया कि डॉक्टर और राखी की पहली मुलाकात तब हुई, जब राखी अपनी पिता को दिखाने के लिए डॉ. डीपी सिंह के आर्यन हास्पिटल पहुंची थी। इस बीच दोनों की मुलाकात हुई और नजदीकियां बढ़ गई। इसके बाद फरवरी 2011 में डॉ. डीपी सिंह ने गोंडा के एक मंदिर में राखी से शादी कर ली, इस शादी के बारे में उस समय डॉ. डीपी सिंह की पहली पत्नी ऊषा सिंह को जानकारी नहीं थी।

आरोपी डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि उसने सरस्वतीपुरम, बिछिया, थाना शाहपुर में एक मकान खरीद कर दिया था। पहली पत्नी को जब मामले की जानकारी हुई, तो विवाद शुरू हुआ। जिसके बाद डॉक्टर ने राखी से किनारा कर लिया और साल 2016 में बिहार के रहने वाले मनीष सिन्हा से राखी ने दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी से विवाद के बाद जब डॉक्टर ने फिर राखी से बातचीत शुरू की, तो उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उन्होंने उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।

पश्चिम बंगाल: कलकत्ता HC के आदेश के खिलाफ बीजेपी पहुंची SC

पश्चिम बंगाल: कलकत्ता HC के आदेश के खिलाफ बीजेपी पहुंची SC
पश्चिम बंगाल: कलकत्ता HC के आदेश के खिलाफ बीजेपी पहुंची SC

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com

पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की इजाज़त नहीं देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। माना जा रहा है कि, 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के खुलने के बाद बीजेपी की अपील पर सुनवाई होगी।

दरअसल, कोलकाता में बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा पर कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी थी। वहीं, इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा को मंजूरी दे दी थी, जिसे राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। इसके बाद ममता सरकार हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच के पास पहुंची थी।

बता दें, ममता सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए राज्य में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बीजेपी ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया था‌।

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति नहीं देने संबंधी राज्य सरकार के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि रथ यात्रा से होने वाला खतरा काल्पनिक आधार पर नहीं हो सकता है।