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Wednesday, September 9, 2026
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अपने भोजन में शामिल करें ये आहार, कभी नहीं होंगी पेट की बीमारियां

हेल्थ डेस्क. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाहर के खान-पान के चलते लोग अक्सर पेट की बीमारियों से परेशान रहते हैं। इसका मुख्य कारण यह भी है कि हम अपने भोजन में फाइबर पदार्थों को शामिल नहीं करते हैं। आज तो हमारे पास तमाम तरह की दवाएं उपलब्ध रहती हैं, जिन्हें खाने से हम अपनी परेशानियों से तुरंत छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन कभी सोचा है हमारे पूर्वज होमोसेपियंस खुद को कैसे दुरुस्त रखते थे। वे कंद-मूल यानी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का खाकर अपनी इम्यूनिटी बनाए रखते थे। हाल ही में हुए एक अध्ययन में भी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आज से एक लाख 70 हजार साल पहले आधुनिक मनुष्य कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा वाला भोजन करते थे।

दक्षिण अफ्रीका में खोदाई के दौरान शोधकर्ताओं ने ऐसे पौधों के अवशेष खोजे हैं जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि आधुनिक मनुष्य रेशेदार भोजन के शौकीन थे। दक्षिण अफ्रीका की विटवाटरसैंड (विट्स) यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, ‘हाइपोक्सिस एसपी नामक पौधे (एक प्रकार के फूल का पौधा) की जड़ें मध्य पाषाण युग के मनुष्यों के लिए भोजन का सबसे अच्छा स्नोत रही होंगी। क्योंकि कंद-मूल आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए भी विशेष मशक्कत नहीं करनी पड़ती।

वैज्ञानिकों का मानना है कि पूरे अफ्रीका महाद्वीप में रेशेदार जड़ें उस युग में आसानी से उपलब्ध रहती होंगी। इस अध्ययन के सह- लेखक और विट्स से जुड़े लिन वडले ने कहा, ‘यह अध्ययन अब तक हुए शोधों की तुलना में सबसे पुराना है। साथ ही यह बताता है कि उस काल में आधुनिक मनुष्य किस प्रकार जीवन जीते थे।’ उन्होंने कहा कि जिस काल की हम बात कर रहे हैं उस दौर में निश्चित रूप से मनुष्य लकड़ी से जमीन खोद कर जड़ों को निकालते होंगे।

शोधकर्ताओं का कहना है कि फलों को छिलकों समेत खाने से भी हमारे शरीर को फाइबर प्राप्त होता है जो हमारी पेट की बीमारियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक, रेशेदार खाद्य पदार्थ न सिर्फ कब्ज ठीक करते हैं बल्कि डाइबिटीज, अस्थमा, हृदय संबंधी रोग और कैंसर कोशिकाओं को पनपने से बचाते हैं।

हो जाएं सावधान, Office में ज्यादा काम करने वाले लोगों को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

हेल्थ डेस्क. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का आधे से ज्यादा समय ऑफिस में बीतता है। जो लोग दफ्तरों में बहुत ज्यादा अपने काम पर व्यस्त रहते हैं, उन्हें हाई Blood Pressure यानी उच्च रक्त चाप की शिकायत हो सकती है। ऐसे लोगों को हिडन Blood Pressure होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। हिडन Blood Pressure में मरीज को Blood Pressure की शिकायत तो रहती है, पर परीक्षण करने पर रिपोर्ट सामान्य ही रहती है। इस प्रकार के Blood Pressure को सबसे ज्यादा घातक माना जाता है।

एक अध्ययन के दौरान पाया कि जो लोग सप्ताह में 49 घंटे से ज्यादा काम कर रहे थे, उनमें हिडन हाइपरटेंशन का खतरा 36 घंटे काम करने वालों की तुलना में 70 फीसद ज्यादा देखा गया। उन्होंने कहा, ‘जो लोग सप्ताह में लगभग 50 घंटे काम करते हैं उनके ब्लड प्रेशर रीडिंग एलिवेटेड होने की संभावना 66 फीसद ज्यादा रहती है।

जानकारी के लिए बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट फेल, स्ट्रोक, हृदयाघात जैसी कई अन्य जानलेवा बीमारियों के लिए जिम्मेदार होता है। भारत में बड़ी तेजी से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ समय पहले पूरे देश के 18 वर्ष से अधिक उम्र के 1.80 लाख से अधिक मरीजों के रक्तचाप आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ताओं से ये फैसला किया। अलग-अलग आयु वर्ग के लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं। धीरे-धीरे युवा भी इसके चपेट में आ रहे हैं।

IND vs SL: पहले T-20 के लिए आमने-सामने होगी श्रीलंका और टीम इंडिया, देखें प्लेइंग इलेवन

स्पोर्ट्स डेस्क. बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया आज रविवार को साल 2020 का अपना पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा। वहीं टीम इंडिया अपने जीत के इस क्रम को बनाए रखने की पूरी कोशिश करेगी। हालांकि श्रीलंका की टीम में कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो खेल की तस्वीर किसी भी वक्त बदल सकते हैं, लेकिन भारतीय टीम इस मैच में ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के पहले मैच के लिए अब टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन पर चर्चा करते हैं। रोहित शर्मा को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है। वहीं शिखर धवन की इस सीरीज के लिए टीम में वापसी हो चुकी है। जाहिर है भारतीय पारी का आगाज अब लोकेश राहुल के साथ शिखर धवन करेंगे। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए खुद कप्तान विराट कोहली होंगे। चौथे नंबर पर श्रेयस अय्यर होंगे तो पांचवें नंबर की जिम्मेदारी रिषभ पंत संभालेंगे।

कम समय में ही शिवम दुबे ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है ऐसे में छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए वो आ सकते हैं। हालांकि उन्हें जरूरत के हिसाब से कप्तान बल्लेबाजी के लिए अन्य क्रम पर भी भेजते हैं। रवींद्र जडेजा सातवें स्थान पर तो वाशिंगटन सुंदर आठवें नंबर पर होंगे। यानी टीम में तीन ऑलराउंडर शिबम दुबे, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर होंगे।

हालांकि इस टीम में टीम के मुख्य तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर और मोहम्मद शमी नहीं हैं। वहीं टीम में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो चुकी है। जाहिर है टीम में तेज गेंदबाज के तौर पर जसप्रीत बुमराह होंगे तो उनका साथ निभाएंगे युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी। टीम में शुद्द स्पिनर के तौर पर युजवेंद्र चहल को शामिल किया जा सकता है।

टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन

शिखर धवन, केएल राहुल, विराट कोहली (कप्तान), श्रेयस अय्यर, रिषभ पंत, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, नवदीप सैनी।

RuPay Card के इन बेनिफिट्स को जानकर चौंक जाएंगे आप, मिलता है कैशबैक ऑफर्स

बिजनेस डेस्क। अगर आपके पास RuPay Card है तो ये खबर आपके लिए बेहद फायदेमंद हैं। अगर आप दुकान से सामान खरीदने पर RuPay Card से भुगतान करते हैं तो इसके लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। इससे आपको सीधा वित्तीय फायदा होगा।

आपको बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली जनवरी से 50 करोड़ रुपये एवं उससे अधिक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों के लिए RuPay Card एवं UPI से ट्रांजैक्शन पर MDR शुल्क नहीं देने का एलान किया है। सरकार देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है और RuPay Card रखने वालों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।

RuPay देश में रिटेल पेमेंट को ऑपरेट करने वाले National Payments Corporation of India (NPCI) का प्रोडक्ट है। इसे मार्च 2012 में लांच किया गया था। यह घरेलू पेमेंट सिस्टम के रिजर्व बैंक की परिकल्पना को पूरा करता है। NPCI इसके तहत आपको RuPay Ceredit Card और RuPay Debit Card जारी करता है। इसके साथ ही कॉन्टैक्टलेस स्मार्ट कार्ड, स्टोर्ड वैल्यू कार्ड, डिजिटल कार्ड, भारत क्यूआर जैसे ऑप्शन्स भी आपको मिलते हैं। ये कार्ड किसी भी अन्य Visa या Master Card की तरह काम करता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस कार्ड के इस्तेमाल से आपको किस तरह के फायदे मिलते हैं।

RuPay Card के फायदे

इस कार्ड से लेनदेन करने पर पूरी प्रक्रिया देश में ही होती है तो इससे लेनदेन करना किसी भी अन्य कार्ड की तुलना में ज्यादा किफायती होता है।

ग्राहकों एवं उनके लेनदेन से जुड़ी जानकारी देश में ही स्टोर होगी। इससे लोगों का डेटा सुरक्षित रहेगा।
भारतीय ग्राहकों के मुताबिक प्रोडक्टः यह एक भारतीय स्कीम है। इसलिए RuPay के ऑफर्स को भारतीय उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।

समय-समय पर मिलते हैं ऑफर

NPCI ने हाल में कहा है कि उसने अपने ‘RuPay Travel Tales’ अभियान के तहत ग्लोबल ऑफर्स लांच किया है। इसके तहत RuPay International Card रखने वाले यूएई, सिंगापुर, श्रीलंका, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, स्विटजरलैंड और थाईलैंड में POS ट्रांजैक्शन करने पर आपको 40 फीसद का कैशबैक मिलेगा।

इंश्योरेंस की सुविधा

RuPay का नॉन-प्रीमियम कार्ड रखने वाले ग्राहकों को दुर्घटना में मौत और हमेशा के लिए विकलांगता की स्थिति में एक लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। वहीं, प्रीमियम कार्ड होल्डर के लिए यह राशि दो लाख रुपये की है।

कई लेनदेन पर कैशबैक ऑफर

Make My Trip पर RuPay Card से लेनदेन पर 40 फीसद तक डिस्काउंट मिलता है। इसी तरह Book My Show, Oyo जैसे पोर्टल पर भी आपको डिस्काउंट और कैशबैक मिलते हैं। आप RuPay Card की वेबसाइट पर जाकर और ऑफर देख सकते हैं।

दिल्ली चुनाव 2020: अमित शाह ने पूछा- क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं जो दिल्ली में दंगे करवाए?

नई दिल्ली। दिल्ली में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता के सामने अपने 5 साल का रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा कर रहे हैं तो वहीं भारतीय जनता पार्टी भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी कड़ी में देश के गृहमंत्री एवं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली में बीजेपी बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया।

दिल्ली में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कोई एक बार झांसा दे सकता है बार-बार नहीं। एक बार केजरीवाल ने जनता को झासा दिया, उसके बाद नगर निगम के चुनाव में आप पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने वाली है। बीजेपी ने यहां पर एमसीडी का चुनाव जीता है और आज सातों सांसद बीजेपी के हैं। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली की जनता से पूछना चाहता हूं-क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं जो दिल्ली में दंगे करवाए?

उन्होंने कहा कि बीजेपी को चुनाव सभाओं से नहीं लड़ना है, बल्कि घर-घर जाकर लड़ना है। मोहल्ला मीटिंग करके लड़ना है। इस मौहल्ला मीटिंग की शुरुआत मैं ही करने जा रहा हूं। केजरीवाल जी अखबारों में अपनी फोटो वाला विज्ञापन देकर बधाई दे रहे हैं। अरे आपने कौन सा काम पूरा कर लिया, ये तो बताइए। 5 साल सरकार चलाने के बाद आप अब कामों को शुरू कर रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि आज का ये दृश्य बता रहा है कि फरवरी के अंत में दिल्ली में किसकी सरकार बनने वाली है। मैं मीडिया के मित्रों से कहना चाहता हूं कि ये जनता नहीं है, इतनी बड़ी संख्या में ये बूथ के चुनिंदा कार्यकर्ता हैं। 1984 में सिखों का जो नरसंहार हुआ। कांग्रेस की सरकारें उनके घाव पर मरहम नहीं लगातीं। नरेन्द्र मोदी सरकार आई हर परिवार को पांच लाख का मुआवजा देने का काम भाजपा ने किया और दोषियों को तिहाड़ जेल भेजने का काम भी भाजपा सरकार ने किया।

शाह ने कहा अभी-अभी प्रधानमंत्री जी CAA को लेकर आएं। CAA को कैबिनेट ने मंजूरी दी लोकसभा ने पारित किया और केजरीवाल, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने विशेषकर जनता का गुमराह किया और दंगे करवाने का काम किया है। सोनिया जी, राहुल जी, केजरीवाल जी आंख खोलकर देख लो परसों ही ननकाना साहिब पवित्र स्थान पर हमला करके सिख भाइयों का आतंकित करने का काम पाकिस्तान ने किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगने थे, लेकिन नहीं लगे। अनुबंधित शिक्षकों-कर्मचारियों को पक्का करना था, वो नहीं किया। और हम जो देना चाहते थे उसमें भी केजरीवाल रुकावट बने हैं। दिल्ली की जनता अब इन्हें जान चुकी है। हमने कहा था कि दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करेंगे। नरेन्द्र मोदी जी ने अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस ने राम जन्मभूमि के मामले को बहुत वर्षों से रोककर रखा थी, कोर्ट में इसका विरोध करती थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब फैसला दिया है कि राम जन्मभूमि पर मंदिर बनना चाहिए, ये देश के करोड़ो लोगों की इच्छा थी।

महाराष्ट्र: कैबिनेट मंत्री बनें आदित्य ठाकरे को मिला ये विभाग, बोले- अर्थव्यवस्था को करेंगे मजूबत

मुंबई। महाराष्ट्र में रविवार की सुबह राज्यपाल की तरफ से विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने मुहर लगा दी। जिसके बाद उद्धव मंत्रिमंडल में विभागों का आवंटन कर दिया गया है।

मंत्री पद मिलने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने कहा- “मुझे पर्यटन एवं पर्यवारण विभाग दिया गया है। हम पर्यटन से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मैं कल की बैठक के बाद Office का चार्ज लूंगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को राजस्व मंत्रालय मिला है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के ही अशोक चव्हाण को लोक कल्याण विभाग (जिसमें सार्वजनिक उपक्रम शामिल नहीं हैं) दिया गया।

राकांपा के नेता और राज्य विधानपरिषद में विपक्ष के पूर्व नेता धनन्जय मुंडे को सामाजिक न्याय विभाग मिला जबकि पार्टी नेता जितेंद्र अवहाद को आवास मंत्रालय दिया गया। विभागों के इस आवंटन के साथ ही अधिकतर ‘महत्वपूर्ण मंत्रालय शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को मिले है।

इस प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं कि राकांपा के जयंत पाटिल या अजित पवार को गृह मंत्रालय मिलेगा लेकिन यह विभाग देशमुख को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय विभाग अपने पास रखे हैं।

शहरी विकास मंत्रालय शिवसेना के एकनाथ शिंदे को आवंटित किया गया है, जो पीडब्ल्यूडी (सार्वजनिक उपक्रम) का प्रभार भी संभालेंगे। शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई को उद्योग एवं खनन मंत्रालय और पार्टी नेता अनिल परब को परिवहन एवं संसदीय मामलों का मंत्रालय दिया गया गया।

इससे पहले, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा प्रस्तावित विभागों के आवंटन को मंजूरी दे दी थी। राजभवन के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी थी।

कोटा के बाद अब इन 2 जिलों में हुई करीब 300 बच्चों की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। राजस्थान के कोटा और बीकानेर के बाद अब गुजरात के राजकोट में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। राजथान के कोटा में अब तक 110 बच्चों की मौत हो चुकी है, वहीं बीकानेर में 162 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। बच्चों की मौत का सिलसिला सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं है। अब गुजरात के राजकोट में 111 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। इस बारे में जब गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से सवाल पूछा गया तो वह बिना कोई जवाब दिए निकल गए।

बीकानेर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एचसी कुमार ने बताया है कि दिसंबर के महीने में पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में 162 बच्चों की मौत हो चुकी है। लेकिन अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं में कोई लापरवाही नहीं हुई है। एक जीवन को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जाते हैं। वहीं कोटा स्थित जे।के।लोन सरकारी अस्पताल में मरने वाले नवजात बच्चों की संख्या अब बढ़कर 110 हो गई है। उधर, राजकोट सिविल अस्पताल के डीन मनीष मेहता ने बताया कि राजकोट सिविल अस्पताल में दिसंबर के महीने में 111 बच्चों की मौत हो गई।

कोटा में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद सरकार द्वारा बनाए गए पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों की मौत की वजह हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान असंतुलित हो जाना) के चलते हुई है। अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी इसकी वजह हो सकती है। राजस्थान सरकार द्वारा बच्चों की मौतों के कारण का पता लगाने के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि हाइपोथर्मिया के कारण शिशुओं की मौत हुई है।

हाइपोथर्मिया एक ऐसी आपात स्थिति होती है, जब शरीर का तापमान 95 एफ (35 डिग्री सेल्सियस) से कम हो जाता है। वैसे शरीर का सामान्य तापमान 98।6 एफ (37 डिग्री सेल्सियस) होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल में बच्चे सर्दी के कारण मरते रहे और यहां पर जीवन रक्षक उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे।

नवजात शिशुओं के शरीर का तापमान 36।5 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, इसलिए उन्हें वार्मरों पर रखा गया, जहां उनका तापमान सामान्य रहता है। हालांकि अस्पताल में काम कर रहे वार्मर की कमी होती गई और बच्चों के शरीर के तापमान में भी गिरावट जारी रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 में से 22 नेबुलाइजर दुष्क्रियाशील (डिसफंक्शनल) मिले। वहीं 111 में से 81 जलसेक (इनफ्यूजन) पंप काम नहीं कर रहे थे और पैरा मॉनिटर और पल्स ऑक्सीमेटर्स के हालात भी खस्ता थे।

जिस चीज ने मामले को बदतर बना दिया, वह थी अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की अनुपस्थिति, जिससे सिलेंडर की मदद से बच्चों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। रिपोर्ट में आईसीयू के हालात भी खराब बताए गए हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, “अशोक गहलोत ने राज्य में ‘निरोगी राजस्थान’ अभियान की शुरुआत की, वहीं दिसंबर में बच्चों की मृत्यु जारी रही।”

अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि जे।के। लोन अस्पताल के अधिकांश बालरोग विशेषज्ञों को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में तैनात किया गया है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों के लिए खरीदे गए 40 हीटरों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि अस्पताल के पास छह करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद कोई खरीद नहीं की गई।

योगी सरकार पर भड़की मायावती, कहा- निर्दोषों को तुरंत रिहा कर मांगो माफी

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने रविवार को योगी सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पुलिस ने बिना जांच प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक और निंदनीय है। यूपी सरकार तुरंत निर्दोषों को रिहा करे। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि- यूपी में CAA और NRC के विरोध में किए गए प्रदर्शनों में बिना जांच-पड़ताल के ही विशेषकर बिजनौर, सम्भल, मुजफ्फरनगर, मेरठ, फिरोज़ाबाद व अन्य और जिलों में भी जिन निर्दोषों को जेल भेज दिया है, जिसे मीडिया ने भी उजागर किया है, यह अति-शर्मनाक व निंदनीय है।

यूपी सरकार इनको तुरंत छोड़े व इसके लिए सरकार को अपनी गलती की माफी भी मांगनी चाहिए। साथ ही, इसमें जिन निर्दोषों की मृत्यु हो गई है, राज्य सरकार को उन परिवारों की न्यायोचित आर्थिक मदद भी जरूर करनी चाहिए। बीएसपी की यह मांग है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आगे लिखा कि ऐसे में अब इस पूरे राज्य-स्तरीय प्रकरण की न्यायिक जांच होना बहुत जरूरी है। इसकी मांग के लिए माननीया गर्वनर को एक लिखित ज्ञापन भी बीएसपी प्रतिनिधिमंडल द्वारा कल 6 जनवरी को प्रातः 11 बजे राजभवन में दिया जाएगा।

आपको बता दें, इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती राजस्थान के कोटा में हुई 105 बच्चों की मौत को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सीएम अशोक गहलोत पर जबरदस्त हमला बोला था। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बर्खास्त कर किसी दूसरे को सीएम पद पर बैठाने की बात कही थी।

 

यूपी: प्रयागराज में 5 लोगों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, रंजिश की आशंका

क्राइम डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक ही परिवार के 5 लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। जिसके बाद इलाके में सनसनी मच गई है। प्रारंभिक जांच में इस हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गया है। पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में आपसी रंजिश में घटना को अंजाम देना सामने आया है, फिर भी कई बिंदुओं में जांच की जा रही है। मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।

मौके के लिए फारेंसिट टीम जांच में जुटी है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार सोरांव थाना क्षेत्र के यूसुफपुर सेवाइत निवासी सोम दत्त तिवारी उनकी पत्नी व दो बच्चों व एक अन्य की अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से हत्या कर मौत के घाट उतार दिया।

घटना की जानकारी रविवार सुबह होने पर पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में आपसी रंजिश में घटना को अंजाम देना सामने आया है, फिर भी कई बिंदुओं में जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस की टीम वारदात की जांच पड़ताल में जुट गई है।

 

Rs 20,000 तक के डिस्काउंट पर मिल रहे हैं Samsung के ये धांसू Smartphone

टेक डेस्क. Samsung ने अपने प्रीमियम Smartphone Galaxy S10 और Galaxy Note 10 के अफोर्डेबल मॉडल को भी इंडिया में Launch कर दिया है। Smartphone Galaxy S10 और Galaxy Note 10 के अफोर्डेबल मॉडल के लांच के साथ ही इसके बेस मॉडल्स की कीमतों में भी भारी कटौती की गयी है।

पिछले साल Launch हुए इन दोनों प्रीमियम Smartphone सीरीज के लिए कंपनी ने स्पेशल डिस्काउंट ऑफर की घोषणा की है। यह ऑफर आज से लेकर 31 जनवरी 2020 तक जारी रहेंगे। इसमें इन Smartphone की खरीद पर Rs 20,000 तक का डिस्काउंट दिया जाएगा। इस ऑफर का लाभ लेने के लिए यूजर्स इन Smartphone्स को ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन भी परचेज कर सकते हैं।

यहां देखें ऑफर्स

यूजर्स Samsung Galaxy S10 के 128GB स्टोरेज वेरिएंट को Rs 54,900 की कीमत में खरीद सकते हैं। इस वेरिएंट पर Rs 12,000 का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। इस Smartphone के 512GB स्टोरेज वेरिएंट पर Rs 20,000 का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है।

Samsung Galaxy S10 पर मिलने वाले ऑफर की बात करें तो इसपर Rs 8,000 का फ्लैट डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। वहीं, Samsung Galaxy S10+ के 128GB स्टोरेज वेरिएंट को Rs 73,900 की कीमत में खरीद सकते हैं। इस वेरिएंट पर Rs 12,000 का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। इस Smartphone के 512GB स्टोरेज वेरिएंट पर भी Rs 12,000 का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। आपको बता दें, Samsung Galaxy S10 के नए वेरिएंट Galaxy S10 Lite को जल्द ही सेल के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।