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Sunday, August 9, 2026
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खेत गई किशोरी से रेप की कोशिश, इस तरह बचाई जान

क्राइम डेस्क। बिहार से एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां एक 14 साल की नाबालिग लड़की से रेप करने की कोशिश की गई है। जिसके बाद लड़की के परिजन इस घटना में दहशत में हैं। बताया जा रहा है, एक गांव की 14 वर्षीया किशोरी बकरी चराने के लिए गांव के बाहर खेत में गयी हुई थी। इसी दौरान भोरे के भानपुर गांव का 15 वर्षीय युवक उसे बहला फुसला कर अपने साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय भानपुर में लेकर चला गया।

रविवार की वजह से स्कूल खाली पड़ा हुआ था। आरोपी युवक लड़की को जबरन स्कूल के शौचालय में लेकर गया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। पीड़िता ने किसी तरह से वहां से भागकर अपनी जान बचायी। घर पहुंच कर पीड़िता ने अपने घरवालों को पूरी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही घरवालों ने इसकी सूचना भोरे पुलिस को दी। सूचना मिलते ही भोरे पुलिस पीड़िता को परिजनों के साथ लेकर गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंची।

इस मामले में भोरे पुलिस ने पीड़िता का फर्द बयान दर्ज कर उसका मेडिकल कराया और महिला थाना में एक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला थानाध्यक्ष अफसा परवीन ने बताया की इस मामले में भोरे के भानपुर गांव के निवासी प्रद्युमन भगत का पुत्र दिपेश्वर कुशवाहा को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। अभी तक आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है।

JNU हिंसा: कांग्रेस का अमित शाह पर गंभीर आरोप, कहा- गृह मंत्री के समर्थन के बिना हिंसा संभव नहीं !

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम नकाबपोश बदमाशों द्वारा हुई हिंसा पर अब सियासत भी तेज हो गई है। वहीं इस घटना के बाद से छात्र-छात्राओं में काफी आक्रोश है। JNU में नकाबपोश बदमाशों के उपद्रव में कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक घायल हुए हैं। इसी बीच कांग्रेस ने JNU में हुई हिंसा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया है।

JNU हिंसा को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि इस हमले का भाजपा से संबंध है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल भी किया कि क्या गृह मंत्री के मौन समर्थन के बिना हिंसा का तांडव हो सकता था? उन्होंने ट्वीट किया, ‘मोदी जी और अमित शाह जी की आख़िर देश के युवाओं और छात्रों से क्या दुश्मनी है? कभी फ़ीस वृद्धि के नाम पर युवाओं की पिटाई, कभी संविधान पर हमले का विरोध हो, तो छात्रों की पिटाई। अब जवाहर लाल नेहरू में हिंसा का नंगा नाच हो रहा है और वो भी सरकारी संरक्षण में!’

रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया, ‘JNU परिसर पर हमला सुनियोजित था। हमले को JNU प्रशासन का समर्थन हासिल था। गुंडों का संबंध भाजपा से था। छात्र और शिक्षक पीटे जाते रहे और दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह मोदी-शाह का छात्रों के लिए गुजरात मॉडल है।’ सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘क्या यह गृह मंत्री के मौन समर्थन के बिना हो सकता है?

आपको बता दें, रविवार देर शाम को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉकी और रॉड से लैस कुछ नकाबपोश बदमाशों कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया। यहां उपद्रवियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए JNU प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। दिल्ली पुलिस के अलावा कैंपस में पैरा मिलिट्री को भी तैनात करना पड़ा। वहीं JNU प्रशासन ने मामले में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस हमले में करीब 25 लोग घायल हुए हैं।

इस हमले में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष को गंभीर चोट आई है। उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल भी एम्स में ही भर्ती हैं। तीन शिक्षक अतुल सूद, सौगता भादुड़ी और सुचरिता भी घायल हुए हैं। हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक दूसरे पर आरोप लगाया है।

JNU हिंसा के बाद AMU, BHU, इलाहाबाद युनिवर्सिटी में अलर्ट, कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम नकाबपोश बदमाशों द्वारा हुई हिंसा पर छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। JNU में नकाबपोश बदमाशों के उपद्रव में कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक घायल हुए हैं। वहीं इस हमले के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस प्रशासन ने अलीगढ़, वाराणसी और प्रयागराज पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया है। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस को यूनिवर्सिटी प्रशासन से संवाद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

JNU हिंसा के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने JNU में घटना के बाद अब एएमयू में तिरंगा यात्रा का ऐलान किया है। ये तिरंगा यात्रा आज दोपहर 3 बजे मास कॉम डिपार्टमेंट से बाबे सैय्यद गेट तक निकाली जाएगी। यात्रा को लेकर पुलिस भी सतर्क है। सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इसमें रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी के साथ सिविल पुलिस फोर्स व पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। मौके पर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग कर वाटर कैनन व फायर बिग्रेड की गाड़ियां भी बुलाई हैं।

बताया जा रहा है कि तिरंगा यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में छात्रों की भीड़ मौजूद रह सकती है। उधर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा के मामले में सियासत भी तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने JNU हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए इसकी न्यायिक जांच की मांग की है। मायावती ने ट्वीट कर कहा, JNU में छात्रों एवं शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निंदनीय एवं शर्मनाक। केन्द्र सरकार को इस घटना को अति-गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो जाए तो यह बेहतर होगा।

आपको बता दें, रविवार देर शाम को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉकी और रॉड से लैस कुछ नकाबपोश बदमाशों कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया। यहां उपद्रवियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए JNU प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। दिल्ली पुलिस के अलावा कैंपस में पैरा मिलिट्री को भी तैनात करना पड़ा। वहीं JNU प्रशासन ने मामले में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस हमले में करीब 25 लोग घायल हुए हैं।

इस हमले में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष को गंभीर चोट आई है। उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल भी एम्स में ही भर्ती हैं। तीन शिक्षक अतुल सूद, सौगता भादुड़ी और सुचरिता भी घायल हुए हैं। हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक दूसरे पर आरोप लगाया है।

JNU हिंसा पर छात्र-छात्राओं में आक्रोश, अखिलेश यादव और मायावती ने कही ये बात

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम नकाबपोश बदमाशों द्वारा हुई हिंसा पर सियासत तेज हो गई है। JNU में नकाबपोश बदमाशों के उपद्रव में कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक घायल हुए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटना की निंदा की है और न्यायिक जांच की मांग की है।

बसपा सु्प्रीमो मायावती ने कहा कि JNU में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निन्दनीय व शर्मनाक। इस घटना को केंद्र सरकार को हर स्तर पर अति-गम्भीरता से लेना चाहिये। इसके साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो जाये तो यह बेहतर होगा। मायावती ने सोमवार सुबह इसको लेकर एक ट्वीट किया है।

आपको बता दें, रविवार देर शाम को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉकी और रॉड से लैस कुछ नकाबपोश बदमाशों कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया। यहां उपद्रवियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए JNU प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। दिल्ली पुलिस के अलावा कैंपस में पैरा मिलिट्री को भी तैनात करना पड़ा। वहीं JNU प्रशासन ने मामले में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस हमले में करीब 25 लोग घायल हुए हैं।

इस हमले में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष को गंभीर चोट आई है। उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल भी एम्स में ही भर्ती हैं। तीन शिक्षक अतुल सूद, सौगता भादुड़ी और सुचरिता भी घायल हुए हैं। हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक दूसरे पर आरोप लगाया है।

JNU हिंसा के बाद छात्रों का पलायन शुरु, बोले- अभी बहुत तनाव, यहां रहना ठीक नहीं !

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम नकाबपोश बदमाशों द्वारा हुई हिंसा से छात्र काफी डरे हुए हैं। सोमवार को कैंपस से कई छात्र-छात्राओं को जाते हुए देखा गया है। यूनिवर्सिटी कैम्पस से जाने वाले छात्रों का कहना है कि अभी यहां बहुत तनाव है, जब स्थितियां सामान्य होंगी तब फिर लौट कर आएंगे।

JNU के मेन गेट पर ऑटो में बैठे एक छात्र ने बताया कि कैम्पस में माहौल अभी बेहद तनावपूर्ण है। फिलहाल यहां रहना ठीक नहीं लगता। हालात सुधरने के बाद ही लौटना ठीक रहेगा। पीएचडी कर रही प्रियंका ने बताया कि हिंसा की वजह से कैम्पस में तनाव का माहौल है। छात्रों में डर बैठ गया है। इसकी वजह से छात्र कैम्पस छोड़कर जा रहे हैं। पीएचडी करने वाली धान्या भी कैम्पस छोड़कर जा रही हैं।

बसपा सु्प्रीमो मायावती ने कहा कि JNU में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निन्दनीय व शर्मनाक। इस घटना को केंद्र सरकार को हर स्तर पर अति-गम्भीरता से लेना चाहिये। इसके साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो जाये तो यह बेहतर होगा। मायावती ने सोमवार सुबह इसको लेकर एक ट्वीट किया है।

आपको बता दें, रविवार देर शाम को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉकी और रॉड से लैस कुछ नकाबपोश बदमाशों कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया। यहां उपद्रवियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए JNU प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। दिल्ली पुलिस के अलावा कैंपस में पैरा मिलिट्री को भी तैनात करना पड़ा। वहीं JNU प्रशासन ने मामले में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस हमले में करीब 25 लोग घायल हुए हैं।

इस हमले में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष को गंभीर चोट आई है। उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल भी एम्स में ही भर्ती हैं। तीन शिक्षक अतुल सूद, सौगता भादुड़ी और सुचरिता भी घायल हुए हैं। हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक दूसरे पर आरोप लगाया है।

दुनिया के इस सबसे बड़े फूल से आती है सड़े लाश की तरह दुर्गंध, इसकी 28 प्रजातियां हैं मौजूद

अजब-गजब डेस्क. दुनिया का सबसे बड़ा फूल इस समय इंडोनेशिया के सुमात्रा के जंगलों में खिला हुआ है। यह फूल चार वर्ग फीट में फैला हुआ है। इस फूल को रैफलेसिया कहते हैं। वैसे इसे लाश फूल के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह सड़े हुए लाश की तरह दुर्गंध देता है। वर्ष 2017 में सुमात्रा के ही जंगलों में तीन वर्ग फीट में फैला हुआ 12 किलो का रैफलेसिया फूल मिला था, लेकिन इस बार खिला हुआ फूल 2017 के फूल से काफी ज्यादा बड़ा है।

यह फूल कीड़े-मकौड़े खाता है

रैफलेसिया एक परजीवी पौधा है। इससे काफी दुर्गंध आती है क्योंकि यह कीड़े-मकौड़े खाता है जो भी कीड़ा इसकी बदबू से खिंचकर इसके अंदर बैठता है वह तत्काल मर जाता है। फिर उसकी सड़े हुए शरीर से निकलने वाली बद्बू इस फूल के बद्बू से मिल जाती है।

इस फूल के पौधे की खासियत है कि इसमें कोई पत्ती या जड़ नहीं होती है। ये अपना भोजन-पानी दूसरे पौधों से लेता है। इसकी प्यालीनुमा पुष्पनाल में मौजूद गंध कीट-पतंगों को आकर्षित करता है। जैसे ही वे फूल के अंदर घुसते हैं, उनकी मौत हो जाती है।

अक्टूबर से शुरु होता है फूल खिलना

यह फूल साल के कुछ महीने ही खिलता है। इसके खिलने की शुरुआत अक्टूबर से होती है। इसके बाद मार्च तक यह पूरी तरह से खिलता है। लेकिन इसका जीवन बहुत छोटा होता है। यह बेहद जल्द मर जाता है।

इस फूल की हैं 28 प्रजातियां

इस फूल को लुईस डेसचैंप्स ने 1791 से 1794 के बीच जावा में खोजा था। इसके बाद इसकी अब तक कुल 28 प्रजातियां खोजी जा चुकी हैं। यह फूल इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया आदि देशों में ही मिलता है।

अपनी ही मां की हत्या करने के आरोप में ये मशहूर Actress हुई गिरफ्तार

मनोरंजन डेस्क. हॉलीवुड की इस मशहूर Actress पर अपनी ही मां की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। जिसके बाद Actress को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कैप्टन अमेरिका: द फर्स्ट एवेंजर में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री Molly Fitzgerald को अपनी ही मां की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। ओलाथे पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि 38 वर्षीय अभिनेत्री को नए साल की पूर्व संध्या पर पुलिस ने कंसास से गिरफ्तार किया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोली की मां पैट्रिशिया ई। फिट्जगेराल्ड के घर पर झगड़े की सूचना मिली थी। वहां पहुंचने पर वह घायल मिलीं। उन पर चाकू से वार किया गया था। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। जांच के बाद पुलिस ने मोली को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, मोली की मां पैट्रीका टी फिट्जगेराल्ड की उम्र 68 साल थी। हत्या वाले दिन उन्होंने पुलिस को अपने घर में झगड़े की सूचना थी। अभिनेत्री मोली फिट्जगेराल्ड ने अभी तक खुद पर लगे आरोपों पर कोई सफाई नहीं दी है। जानकारी मिलने तक उनके लिए कोई वकील भी नहीं किया जा सका है।

‘कैप्टन अमेरिका: द फर्स्ट एवेंजर’में एक छोटी भूमिका की थी। यह फिल्म मशहूर हुई थी। इसकी कमाई ने दुनियाभर में फिल्मों की कमाई की कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इसके अलावा मोली एक प्रोड्यूसर डायरेक्टर भी हैं। उन्होंने साल 2014 में ‘द लॉफुल ट्रुथ’ और साल 2017 में ‘द क्रीप्स’ थी।

15 साल छोटे Boyfriend के बर्थडे पर रोमांटिक हुईं Sushmita Sen, कही ये बात

मनोरंजन डेस्क. साल 1994 में मिस इंडिया फिर साल 2019 में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर पूरे भारत को गर्व से रोशन कराने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री Sushmita Sen के Boyfriend Rohman Shawl का आज बर्थडे हैं। इसी के चलते आज Sushmita Sen सुर्खियों में हैं।

अपने बॉयफ्रेंड Rohman Shawl के बर्थडे के मौके पर Sushmita Sen ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक बेहद ही रोमांटिक पोस्ट किया। Sushmita Sen ने इंस्टाग्राम पर Rohman Shawl संग कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इस तस्वीरों के साथ उन्होंने एक खूबसूरत पोस्ट भी लिखा है। जब से एक्ट्रेस ने अपने बॉयफ्रेंड का जिक्र किया है तब से ये दोनों Bollywood के पसंदीदा कपल बन चुके हैं।

Sushmita Sen ने तस्वीरों के साथ लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे माय बाबुश…भगवान की कृपा बनी रहे और तुम्हें वो सब दे जो तुम डिजर्व करते हो। मुझे तुम पर बहुत गर्व है। तुम मेरी जिंदगी के रोहमांस हो और भगवान का दिया सबसे खूबसूरत तोहफा हो। तुम्हें यह जरूर पता होना चाहिए कि ये तीनों एंजेल्स तुमसे कितना प्यार करती हैं और हमेशा करती रहेंगी। स्वस्थ रहो और हमेशा खुश रहो। चीयर्स बर्थडेबॉय’।

Rohman Shawl से केवल Sushmita Sen ही नहीं बल्कि उनकी दोनों बेटियां रिनी और आलिसा भी काफी क्लोज हैं। आपको बता दें कि Sushmita Sen लंबे समय से Rohman Shawl को डेट कर रही हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर दी थी। Sushmita Sen अक्सर अपनी और Rohman Shawl की तस्वीरें साझा करती रहती हैं।

अपने भोजन में शामिल करें ये आहार, कभी नहीं होंगी पेट की बीमारियां

हेल्थ डेस्क. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाहर के खान-पान के चलते लोग अक्सर पेट की बीमारियों से परेशान रहते हैं। इसका मुख्य कारण यह भी है कि हम अपने भोजन में फाइबर पदार्थों को शामिल नहीं करते हैं। आज तो हमारे पास तमाम तरह की दवाएं उपलब्ध रहती हैं, जिन्हें खाने से हम अपनी परेशानियों से तुरंत छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन कभी सोचा है हमारे पूर्वज होमोसेपियंस खुद को कैसे दुरुस्त रखते थे। वे कंद-मूल यानी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का खाकर अपनी इम्यूनिटी बनाए रखते थे। हाल ही में हुए एक अध्ययन में भी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आज से एक लाख 70 हजार साल पहले आधुनिक मनुष्य कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा वाला भोजन करते थे।

दक्षिण अफ्रीका में खोदाई के दौरान शोधकर्ताओं ने ऐसे पौधों के अवशेष खोजे हैं जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि आधुनिक मनुष्य रेशेदार भोजन के शौकीन थे। दक्षिण अफ्रीका की विटवाटरसैंड (विट्स) यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, ‘हाइपोक्सिस एसपी नामक पौधे (एक प्रकार के फूल का पौधा) की जड़ें मध्य पाषाण युग के मनुष्यों के लिए भोजन का सबसे अच्छा स्नोत रही होंगी। क्योंकि कंद-मूल आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए भी विशेष मशक्कत नहीं करनी पड़ती।

वैज्ञानिकों का मानना है कि पूरे अफ्रीका महाद्वीप में रेशेदार जड़ें उस युग में आसानी से उपलब्ध रहती होंगी। इस अध्ययन के सह- लेखक और विट्स से जुड़े लिन वडले ने कहा, ‘यह अध्ययन अब तक हुए शोधों की तुलना में सबसे पुराना है। साथ ही यह बताता है कि उस काल में आधुनिक मनुष्य किस प्रकार जीवन जीते थे।’ उन्होंने कहा कि जिस काल की हम बात कर रहे हैं उस दौर में निश्चित रूप से मनुष्य लकड़ी से जमीन खोद कर जड़ों को निकालते होंगे।

शोधकर्ताओं का कहना है कि फलों को छिलकों समेत खाने से भी हमारे शरीर को फाइबर प्राप्त होता है जो हमारी पेट की बीमारियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक, रेशेदार खाद्य पदार्थ न सिर्फ कब्ज ठीक करते हैं बल्कि डाइबिटीज, अस्थमा, हृदय संबंधी रोग और कैंसर कोशिकाओं को पनपने से बचाते हैं।

हो जाएं सावधान, Office में ज्यादा काम करने वाले लोगों को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

हेल्थ डेस्क. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का आधे से ज्यादा समय ऑफिस में बीतता है। जो लोग दफ्तरों में बहुत ज्यादा अपने काम पर व्यस्त रहते हैं, उन्हें हाई Blood Pressure यानी उच्च रक्त चाप की शिकायत हो सकती है। ऐसे लोगों को हिडन Blood Pressure होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। हिडन Blood Pressure में मरीज को Blood Pressure की शिकायत तो रहती है, पर परीक्षण करने पर रिपोर्ट सामान्य ही रहती है। इस प्रकार के Blood Pressure को सबसे ज्यादा घातक माना जाता है।

एक अध्ययन के दौरान पाया कि जो लोग सप्ताह में 49 घंटे से ज्यादा काम कर रहे थे, उनमें हिडन हाइपरटेंशन का खतरा 36 घंटे काम करने वालों की तुलना में 70 फीसद ज्यादा देखा गया। उन्होंने कहा, ‘जो लोग सप्ताह में लगभग 50 घंटे काम करते हैं उनके ब्लड प्रेशर रीडिंग एलिवेटेड होने की संभावना 66 फीसद ज्यादा रहती है।

जानकारी के लिए बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट फेल, स्ट्रोक, हृदयाघात जैसी कई अन्य जानलेवा बीमारियों के लिए जिम्मेदार होता है। भारत में बड़ी तेजी से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ समय पहले पूरे देश के 18 वर्ष से अधिक उम्र के 1.80 लाख से अधिक मरीजों के रक्तचाप आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ताओं से ये फैसला किया। अलग-अलग आयु वर्ग के लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं। धीरे-धीरे युवा भी इसके चपेट में आ रहे हैं।