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पाकिस्तान के कबायली इलाके में धमाका, 15 की मौत
Beauro@Navpravah.Com
पाकिस्तान के पाराचिनार में रविवार को एक कपड़ा मार्केट को टाइम बम के जरिए निशाना बनाया गया। इसमें 20 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 50 से ज्यादा जख्मी हो गए। ब्लास्ट के वक्त लोग ठंड के सेकंड हैंड कपड़े खरीद रहे थे। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाराचिनार अफगान सीमा के करीब है और वहां रहने वाले ज्यादातर शिया हैं। लेकिन इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग समुदायों के लोग रहते हैं और वहां शिया और सुन्नी समुदाय के बीच शांति कायम करने की कोशिशें आम तौर पर नाकाम साबित हुई हैं।
कुर्रम उत्तरी वजीरिस्तान के करीब है, जहां डेढ़ साल से तालिबान चरमपंथियों के खिलाफ पाकिस्तान सेना का अभियान जारी है। इस अभियान के चलते पाकिस्तान में हिंसक वारदातों में कमी आई है।
अभिनेता दिलीप कुमार को पद्म विभूषण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित
Beauro@Navpravah.Com
मुंबई: भारतीय सिनेमा के महानतम अभिनेताओं में शुमार दिलीप कुमार को आज यहां एक विशेष कार्यक्रम में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। खुद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिलीप कुमार को उनके घर जाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।
दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन और कुछ अन्य को पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा 26 जनवरी, 2015 के मौके पर की गई थी। लेकिन, जब अप्रैल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विजेताओं को पद्म पुस्कार प्रदान किए तो दिलीप कुमार राष्ट्रपति भवन में आयोजित उस विशेष कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पाए।
दिलीप कुमार का जन्म पेशावर के किस्सा खवानी बाजार में पठान फल व्यापारी गुलाम सरवर के घर 11 दिसंबर, 1922 को हुआ। उनके वालदायन ने उन्हें मोहम्मद युसूफ नाम दिया। रूपहले पर्दे पर दिलीप कुमार के नाम से वह ‘मुगल-ए-आजम’, ‘नया दौर’, ‘देवदास’, ‘मधुमति’, ‘गंगा जमुना’, ‘आजाद’ और ‘लीडर’ जैसी अपनी क्लासिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्हें 1991 में पद्म भूषण और 1994 में दादा साहब फालके पुरस्कार से नवाजा गया।
दिलीप कुमार की अदाकारी आने वाली कई पीढ़ियों के लिए मिसाल बन गई और उनके जैसे हावभाव और अंदाज को सफलता का पैमाना माना गया। उनकी संवाद अदायगी अभिनय के नये अध्याय लिख गई और फिल्म जगत में वह अपने आप में एक संस्थान बन गए।
नाले में मिली पेंटर हेमा उपाध्याय और उनके वकील की लाश, पुलिस को पति पर शक
Indrakumar@Navpravah.Com
मुंबई में जानी मानी पेंटर और इंस्टॉलेशन कलाकार हेमा उपाध्याय और उनके वकील हर्ष भामबानी मृत पाए गए हैं। दोनों के शव मुंबई के उपनगरीय इलाके कांदीवली के एक नाले से मिले थे, जिनकी एक दिन बाद शनिवार को पहचान हुई। इस मामले में पुलिस ने रविवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया।
जोन 9 के डीसीपी विक्रम देशमाने ने कहा,”हमने महिला की पहचान हेमा उपाध्याय के रूप में की है। जबकि दूसरी लाश एडवोकेट हरीश भंबानी की है। हम मौत की वजह का पता लगा रहे है। दोनों की गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका है।” हेमा के पति चिंतन उपाध्याय भी एक आर्टिस्ट हैं।
2013 में हेमा ने अपने पति चिंतन के खिलाफ हैरसमेंट की शिकायत दर्ज करवाई थी। हेमा ने आरोप लगाया था कि चिंतन उनके कमरे की दीवारों पर अश्लील स्केच बनाते थे। इस मामले में हेमा की ओर से वकील भंबानी ने पैरवी की थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी के हवाले से कहा है कि 43 वर्षीय हेमा और 65 वर्षीय हरीश भंबानी के हाथ और पैर बंधे हुए मिले थे।
बता दें कि हेमा को ह्यूमन रिसोर्स मिनिस्ट्री की ओर से नेशनल स्कॉलरशिप मिल चुकी थी। उन्होंने गुजरात ललित कला एकेडमी और नेशनल ललित कला एकेडमी अवॉर्ड्स भी जीता था।
दिल्ली में अब नहीं होगा किसी नई सरकारी डीजल गाड़ी का रजिस्ट्रेशन : एनजीटी का आदेश
Indrakumar@Navpravah.com
प्रदूषण रोकने के लिए NGT ने आज फिर कई बड़े आदेश दिए हैं। NGT ने कहा है कि दिल्ली में कोई भी सरकारी वाहन डीजल ना हो, डीजल से चलने वाले सभी सरकारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद हो।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर उठाये जा रहे कदमों में यह बेहद अहम है। इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन वाले कारों के फार्मूले पर सवाल भी उठाए हैं। एनजीटी ने कहा है कि इस प्रस्ताव के आने से लोग दो कारें खरीदने पर विचार कर सकते हैं। साथ ही एनजीटी ने कहा कि सरकार का यह प्रस्ताव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को कम करेगा इसके भी आसार कम हैं।
एनजीटी ने दिल्ली सरकार से राय मांगी है कि क्या ऐसा हो सकता है कि दिल्ली में सभी प्रकार के डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाए। सरकार इस पर विचार करे।
एनजीटी ने सख्ती से कहा है कि 10 से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का एनसीआर में रजिस्ट्रेशन न हो।
देश की राजधानी में बढ़ते पॉल्यूशन से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली की तुलना गैस चेंबर से की थी। हाईकोर्ट ने दिल्ली के प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा था है कि ‘दिल्ली में रहना गैस चेंबर में रहने जैसा है।’ हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली में एयर पॉल्यूशन की दो वजहे हैं-धूल के कण और वाहनों से निकलने वाला धुआं।
प्रदूषण रोकने के लिए किस देश में कितने दिन है गाड़ियों पर बैन?
- फ्रांस : पेरिस में जब जरूरत पड़ती है, तब ऑड और ईवन नंबर की कारों पर बैन लग जाता है।
- यूके : केवल सेंट्रल लंदन इलाके में यह लागू।
- नेपाल : काठमांडू के अंदरूनी इलाकों में 26 सितंबर 2015 से लागू ।
- कोलंबिया : बगोटा में हफ्ते में दो दिन बैन।
- मेक्सिको : 1989 से हफ्ते में 1 दिन बैन।
- चीन : बीजिंग में 2008 में ओलिंपिक्स के दौरान हफ्ते में एक दिन का बैन।
हिट एंड रन मामले में 13 साल बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलमान खान को सभी आरोपों से बरी किया
Indrakumar@Navpravah.com
मुंबई: बंबई हाईकोर्ट ने गुरुवार को बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को वर्ष 2002 के हिट एंड रन मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया।। मुंबई सेशन्स कोर्ट ने इस मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रॉसिक्यूशन सलमान पर कोई भी आरोप साबित नहीं कर पाया। फैसला सुनते ही सलमान अदालत में रो पड़े। बता दें कि 2002 में मुंबई में सलमान की तेज रफ्तार कार फुटपाथ पर चढ़ गई थी। इसमें एक शख्स की मौत हुई थी।
हिट एंड रन केस के एक पीडि़त अब्दुल्ला ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि अगर सलमान खान को सभी आरोपों से बरी ही करना था, तो 13 साल तक इंतजार क्यों कराया। कोर्ट ने 13 साल तक इस इंतजार मे उसे रखा कि उसे इंसाफ मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसने कहा कि उस घटना के कारण वह अपंग हो गया है। वह अपने बच्चों और परिवार का भरण-पोषण कैसे करेगा? उसने कहा कि उसका पैर टूटा हुआ है और वह अपने परिवार के लिए कमा नहीं पा रहा है। उसे हर्जाना मिलना चाहिए।
वकील आभा सिंह ने कहा- 13 साल बाद हाईकोर्ट मान लेता है कि गाड़ी सलमान नहीं ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था। यह सवालिया निशान है। उम्मीद है कि महाराष्ट्र सरकार फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि हादसे के वक्त सलमान खान गाड़ी चला रहे थे। ना ही यह आरोप अब तक साबित हो पाया है कि हादसे वक्त सलमान खान नशे में थे। हादसे के बाद, सलमान को बांद्रा के सरकारी भाभा अस्पताल भेजा गया। हालांकि खून के सैंपल लेने की सुविधा नहीं होने पर बांद्रा पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक किशन शेंगल ने उन्हें सरकारी जेजे अस्पताल भेजा जहां डॉक्टर शशिकांत पवार ने उनका ब्लड सैंपल लिया था।
हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन स्पेशल लीव पिटीशन दायर कर सकता है। इसमें हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी बाकी रहे सवालों का मुद्दा उठ सकता है। प्रॉसिक्यूशन सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकता है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अभी उन्होंने फैसला नहीं बढ़ा है। फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद ही सरकार ऊपरी अदालत में अपील करने के संबंध में कोई फैसला लेगी.
रोमांच से ज़्यादा थकान है- शाहरुख़
AmitDwivedi@Navpravah.com
शाहरुख़ और काजोल की जोड़ी को दर्शक काफी पसंद करते हैं। यही जोड़ीएक बार फिर आगामी फ़िल्म “दिलवाले” में साथ नज़र आएँगे। कहा यह भी जा रहा है कि 18 दिसंबर को फ़िल्म “बाजीराव मस्तानी” के साथ रिलीज़ होने वाली फ़िल्म “दिलवाले” को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। हालाँकि दिलवाले टीम को फ़िल्म से काफी उम्मीदें हैं। फ़िल्म ‘दिलवाले’ को लेकर अभिनेता शाहरुख़ ख़ान ने नवप्रवाह.कॉम से लंबी बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश।
प्रश्न: आपकी आगामी फ़िल्म “दिलवाले” के रिलीज़ होने में चंद दिन बचे हैं, कैसा महसूस कर रहे हैं आप?
शाहरुख़: काफी थकान महसूस कर रहा हूँ। दरअसल फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले काफी भाग दौड़ होती है, खासकर अगर आप ख़ुद उसके निर्माता हों। बरसात की वजह से इस फ़िल्म को पूरी होने में समय भी कुछ ज़्यादा लग गया। यह फ़िल्म रोमांस, एक्शन, बैकग्राउंड सभी का मिश्रण है और फ़िल्म थोड़ी लंबी भी है। फ़िल्म के गीत भी आई ट्युन पर बहुत देर से पहुंचे। इसलिए रोमांच से कहीं ज़्यादा थकान है।
प्रश्न: हर कोई इस फ़िल्म के दूसरी फ़िल्म के साथ क्लैश होने की चर्चा कर रहा है। आपको क्या लगता है?
शाहरुख़: ये एक बिज़नस है, रिलीज़ करने की तारीख़ तो देनी ही होगी। पहले लोग फ़िल्में बनाते थे तो सोचते थे कि जब पूरी होगी तब आएगी। पर अब ऐसा नहीं होता। हमने 2 बड़े शूट्स पूरे करने के बाद ही तारीख़ तय की थी।मैंने कई निर्माताओं को देखा है, जहां फ़िल्म की शूटिंग का कोई अता पता नहीं होता और फिर भी तारीख़ तय कर दी जाती है। पर हम तारीख़ को लेकर काफी सजग रहते हैं। इसलिए हम फ़िल्म 30-40% पूरी होने के बाद ही तारीख तय करते हैं। फ़िल्म रईस की शूटिंग के दौरान अगर मुझे चोट न लगती तो वो फ़िल्म पूरी हो जाती और ये फ़िल्म डिले भी न होती।
प्रश्न: फ़िल्म आपके नाम से ही हिट हो जाती है, उसके बावजूद आप दिन रात प्रमोशन्स और फॉरेन टूर्स कर रहे हैं, कैसे ताल मेल बिठा पाते हैं ?
शाहरुख़: भारत की जो ब्लॉकबस्टर फिल्में होती हैं, उनमे रोमांच, एक्शन और म्यूजिक ज़बरदस्त होता है। ऐसी फिल्में करोड़ों लोगों को बुलावा देती हैं। मुझे ऐसा लगता है कि यही एक ऐसा प्रोडक्ट है, जिसे ग्राहक बिना देखे खरीदता है। इसलिए हमारी ये ज़िम्मेदारी बनती है कि हम आपको इस बात की जानकारी दें कि टिकट खरीदकर आप जिस फ़िल्म पर पैसे खर्च कर रहे हैं, उसमें वास्तव में क्या है क्योंकि यहाँ प्रोडक्ट पसंद न आने के बाद रिफंड का कोई नियम नहीं होता।
प्रश्न: इतनी व्यस्तता के बावजूद आप खुद को किस तरह तंदुरुस्त रखते हैं?
शाहरुख़: इस फ़िल्म के “गेरुआ” गीत को देखकर कई लोगों ने कहा कि शाहरुख़ ने फेस लिफ्टिंग कराई है। पर सच ये है कि मेरा चेहरा हमेशा से ब्वाइश (लड़कों की तरह) रहा है। मैं ज़्यादा खाता नहीं, ज़्यादा शराब नहीं पीता, बहुत ज़्यादा पार्टी नहीं करता, रोज़ाना कसरत करता हूँ। मेरा पूरा काम काज बहुत ज़्यादा व्यस्तता के बावजूद बिलकुल नपा-तुला रहता है। काजोल का रहन-सहन भी बहुत नपा तुला है। वे रोज़ाना करीब डेढ़ घंटे कसरत करती हैं। वे बहुत ही खुश मिजाज़ और खुले और सच्चे दिल की महिला हैं। हम दोनों ब्वाइश या गर्लिश न सही, दिल से यंगिश ज़रूर हैं।हाँ, हम फ़िल्म की बेहतरी के लिए बेशक चेहरेे की क्लीनिंग कराते हैं। जैसे फ़िल्म “फैन” में मैंने एक लड़के की भूमिका के लिए चेहरे की लाइटिंग कराई है, वहीं उसके पिता की उम्र की भूमिका के लिए चेहरे पर झुर्रियां, डार्क लाइन्स इस्तेमाल की हैं। यंग लुक के लिए बस आप खुश रहिये, संतुलित रहिये इतना काफी है।
प्रश्न: आप फिलहाल रईस और फैन, दोनों फिल्मों के लिए जी जान लगाकर शूट कर रहे हैं। कौनसी चीज़ें आपको काम करने के लिए प्रेरित करती हैं?
शाहरुख़: मैं रईस के लिए शूट कर रहा हूँ। दिलवाले और फैन की शूटिंग्स ख़त्म हो चुकी हैं। अब मेरे पास काफी समय है। मैं बड़े आराम से अपना काम कर रहा हूँ, अग्रेसिवली नहीं। मैं फ़िल्म का केवल क्रिएटिव हिस्सा संभालता हूँ।बाक़ी सारा काम मेरी टीम मुझसे कहीं बेहतर संभाल लेती है, इसलिए मुझे ज़्यादा चिंता नहीं रहती।
प्रश्न: फ़िल्म का नाम दिलवाले कैसे रखा गया,ये महज़ संयोग था या, जान बूझ कर रखा गया है?
शाहरुख़: कहानी का मुख्य हिस्सा काजोल के किरदार के इर्द गिर्द घूमता है। ये प्रेम, भाइयों और रिश्तों की कहानी है। ये रोहित शेट्टी की अन्य फिल्मों से अलग है। रोहित ने जब मुझे ये कहानी सुनाई, उन्होंने बताया कि वे इस फ़िल्म में काजोल को मुख्य भूमिका में रखना चाहते हैं। पर हम नहीं जानते थे कि काजोल ये फ़िल्म करेंगी या नहीं। रोहित ने कहानी पूरी की और कहा कि अगर काजोल ये फ़िल्म करने के लिए राज़ी हो जाती हैं तो फ़िल्म का नाम होगा दिलवाले। क्योंकि आप दोनों की फ़िल्म “दिलवाल दुल्हनियां ले जाएंगे” को 20 साल पूरे भी हो रहे हैं। इस नाम का फ़िल्म से कोई खास सम्बन्ध नहीं है पर अच्छा लगता है कि दिलवाले की सफलता के बाद, 20 साल बाद फिर मैं और काजोल साथ काम कर रहे हैं।
प्रश्न: असहिष्णुता मामले में आपको घसीटा गया। क्या कहेंगे?
शाहरुख: देखिए, हम किसी भी विषय पर सिर्फ बात कर सकते हैं। कोई निर्णय नहीं दे सकते हैं। हम अपने देश पर गर्व करते हैं। और मैं कोई नहीं होता हूँ राजनितिक मामलों में बोलने ले लिए। क्योंकि ये हमारा काम नहीं है।
मुम्बई-गोवा ए.सी. शताब्दी एक्सप्रेस, सुहाना होगा सफ़र
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मुम्बई से गोवा का सफ़र करने वालों में लिए यह अच्छी खबर है। क्योंकि अब यह सफ़र और भी सुहावना होगा। रविवार को मुंबई गोवा के बीच देश की पहली वातानुकूलित डबल डेकर शताब्दी एक्सप्रेस को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह गाड़ी गोवा के मडगांव से मुंबई के लोकमान्य तिलक स्टेशन तक चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन बार चलाई जाएगी।
रविवार को पणजी से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने डबल डेकर रेलगाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में रेलमंत्री प्रभु के साथ गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक भी मौजूद थे।इस मौके पर पारसेकर ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली रेलगाड़ी है और इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पासरेकर ने कहा कि ‘पर्यटक अब अधिक संख्या में और अधिक सुविधा से गोवा आ सकेंगे।
पासरेकर ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली वातानुकूलित डबल डेकर रेलगाड़ी है। रेलगाड़ी में आठ कोच हैं। हर कोच में 120 सीटें हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ मडगांव से लोकमान्य तिलक स्टेशन के बीच की दूरी यह करीब 12 घंटे में पूरी करेगी।
चेन्नई में हवाई यात्रा आज से शुरू, राहत कार्य जारी
Bureau@Navpravah.com,
डीजीसीए ने चेन्नई एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों की अनुमति दे दी है। जिससे काफी हद तक परेशानियों का हल निकाला जा सकेगा। हालाँकि चेन्नई एयरपोर्ट से सिर्फ दिन में ही उड़ानों की शुरूआत हो रही है।
तमिलनाडु में बारिश थमने के बाद अब चेन्नई में भी राहत मिलती नज़र आ रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ एयर इंडिया समेत कई बड़ी एयरलाइंस आज से उड़ान शुरू करेंगी। बारिश रुकते ही ट्रेन सर्विस भी शुरू कर दी गई।
रविवार (आज) सुबह चेन्नई से पुरी के लिए स
विशेष ट्रेन भी चला दी गई। हालाँकि स्थानीय निकाय ने पूरे शहर में साफ-सफाई शुरू कर दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए उन इलाकों में दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है, जो जलमग्न थे। एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि दवाओं का छिड़काव इसलिए किया जा रहा है कि किसी भी तरह की बीमारी या महामारी फ़ैलने के खतरे की आशंका को समाप्त किया जा सके।
भारी बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त था, अब धीरे-धीरे इसे पटरी पर लाए जाने की तैयारी चल रही है। कुछ इलाकों में पॉवर सप्लाई भी शुरू की जा चुकी है। हालाँकि अभी भी बारिश पूरी तरह से रुकी नहीं है। कई क्षेत्रों में अभी भी हल्की बारिश हो रही है। इस बीच राज्य सरकार की ओर से राहत कार्य शुरू किया जा चुका है। तमाम बुनियादी सुविधाएं प्रभावितों को प्रदान की जा रही हैं।
प्रभावितों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का अभियान लगातार जारी है। सेना, एयरफोर्स, नेवी और एनडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं।
फ़िल्म समीक्षा – हेट स्टोरी 3
AmitDwivedi@Navpravah.com
रेटिंग– 2/5
निर्माता– भूषण कुमार
निर्देशक– विशाल पंड्या
लेखक– विक्रम 4/अनुपम सरोज
प्रमुख कलाकार– शरमन जोशी, ज़रीन ख़ान, करण सिंह ग्रोवर, डेज़ी शाह।
नफ़रत, धोखे, बदले और सेक्स के इर्द गिर्द घूमती है हेट स्टोरी 3 की कहानी। जिसे लिखा है विक्रम भट्ट और अनुपम सरोज ने। निर्देशक विशाल पंड्या ने शायद युवाओं को खींचने के लिए ही भरपूर मात्रा में सेक्स सीन्स रखें हैं, जिससे फ़िल्म को एक अच्छी शुरुआत मिल सके।
कहानी–
आदित्य दीवान (शरमन जोशी) एक मशहूर उद्योगपति हैं, जो अपनी पत्नी शिया (ज़रीन ख़ान) के साथ ख़ुशी-ख़ुशी जीवन बिताते हैं। उनकी सारी कंपनियां बेहतरीन काम करती हैं।अर्थ जगत और राजनीती में अच्छी दखल रखने वाला आदित्य तब परेशान हो जाता है, जब उसकी ज़िन्दगी में गौरव सिंघानिया की एंट्री होती है।
पहली ही मुलाक़ात में आदित्य की हालात सदमे जैसी हो जाती है, जब गौरव आदित्य की बीवी शिया के साथ एक रात बिताने की बात कहता है। यहीं से कहानी रफ़्तार पकड़ती है।
आदित्य की कंपनी में काम करने वाली काम्या ( डेज़ी शाह) आदित्य की मुश्किलों का हल निकालना चाहती है लेकिन वह भी गौरव सिंघानिया की रणनीतियों में फंस जाती है और अपनी जान गंवा बैठती है। अपनी चाल से गौरव आदित्य को सलाखों तक पहुँचाने में कामयाब हो जाता है। और सबूतों के आधार पर ऐसे फंसाता है कि बेल भी न मिल पाने की स्थिति बन जाती है। तब एक बार फिर गौरव शिया के सामने यह शर्त रखता है कि बस एक रात साथ में गुज़ार कर वह अपने पति की ज़िन्दगी बचा सकती है। आदित्य के मना करने के बावजूद शिया गौरव के साथ रात बिताने जाती है और वहाँ से निकलने के समय वह उस राज़ के करीब पहुँच जाती है, जो पूरी कहानी को अचानक से एक नई दिशा में मोड़ देता है। कहानी का यही ट्विस्ट दिलचस्प है।
बतौर कलाकार शरमन ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि डेज़ी, करण और ज़रीन कहीं-कहीं कमज़ोर नज़र आए। स्क्रीनप्ले बेहतर है, दर्शकों को बाँध कर रखती है।
संगीत–
इन्दर और सनी बावरा ने औसत संगीत दिया है। हालाँकि गानों ने युवाओं को काफी रिझाया है।
क्यों देखें–
अगर कोई विकल्प न हो या फिर आपको एडल्ट और थ्रिलर फिल्में पसंद हैं तो ज़रूर देख सकते हैं।
क्यों न देखें–
हेट स्टोरी 3 इसके पहले वाली पार्ट 2 के काफी करीब है। कुछ ख़ास नयापन नहीं फ़िल्म में।







