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Friday, July 31, 2026
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आवाज़ से पहचाना गया दुष्कर्मी, उम्र कैद की सजा

AnandDwivedi@navpravah.com

एक ओर जहाँ देश में न्यायपालिका के द्वारा आतंकी अफजल की फांसी को लेकर तनाव का माहौल फिर से उठ खड़ा हुआ है. वहीँ दूसरी ओर न्यायपालिका अपना काम मुस्तैदी से कर रही है.

मामला जिला एवं सत्र न्यायालय ग्वालियर (मध्य प्रदेश) का है, जहाँ वर्ष 2013 में एक दृष्टिहीन बालिका के साथ हुए दुष्कर्म का मामला विचाराधीन था. शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी ने कोर्ट में सुनवाई के बाद आरोपी मोहन माहौर को उम्र कैद की सजा सुनाकर न्याय के प्रति जन आस्था को और भी बल प्रदान किया है.

वर्ष 2013 के मार्च महीने में जब सभी होली का त्यौहार मना रहे थे, तब मुजरिम मोहन किसी और ही फ़िराक में था. दृष्टिहीन पीड़िता घर में अकेली थी और उसके माता-पिता किसी काम से घर से बाहर गए थे. मोहन पीड़िता के पिता के यहाँ अक्सर आया-जाया करता था. होली के दिन अकेली दृष्टिहीन पीड़िता को देखकर मोहन ने दुष्कर्म कुकृत्य को अंजाम दिया. दृष्टिहीन होने के कारण पीड़िता दुष्कर्मी को केवल आवाज़ से ही पहचान सकी.

दुष्कर्मी ने पीड़िता को ये धमकी भी दी थी कि यदि उसने अपना मुंह किसी के सामने खोला तो वो उसे जान से मार डालेगा. पीड़िता इस घटना के बाद अक्सर बीमार रहने लगी. जिस कारण से उसके परिवार वालों ने ग्वालियर स्थित जय आरोग्य चिकित्सालय में उसकी जांच करवाई. डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि पीड़िता गर्भ से है, जिसके बाद परिजनों ने मामला जनकगंज थाने में दर्ज करवाया.

दुष्कर्म पीडिता के बयानों के आधार पर पुलिस ने मोहन माहौर के खिलाफ़ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया. जब मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन था, तभी पीड़िता ने केवल दुष्कर्मी की आवाज़ से ही उसे पहचान लिया. पब्लिक प्रोसीक्यूटर पंकज पालीवाल ने केस से सम्बंधित अन्य सबूत भी दिए. मामले की सुनवाई के पश्चात न्यायालय ने दुष्कर्मी को दृष्टिहीन पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया तथा उसे उम्र कैद की सजा सुनाते हुए ग्यारह हजार का जुर्माना भी लगाया.

आरक्षण की आग में जल रहा हरियाणा, अब तक 4 की मौत

Bureau@navpravah.com

हरियाणा में आरक्षण की मांग रहे कर रहे जाट आंदोलन में हिंसा बढ़ती ही जा रही है. मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है और प्रदेश के कुल 8 ज़िलों को सेना को सौंप दिया गया है. रोहतक और भिवानी में कर्फ्यू लगा दी गई है. आंदोलनकारियों ने जींद में एक रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. इस आंदोलन से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

जाटों ने आंदोलन में बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशश की है. मुनक नहर का पानी रोके जाने की वजह से दिल्ली की सप्लाई काफी प्रभावित हुई है. हालाँकि प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया है, जिससे मामले को नियंत्रित किया जा सके. आंदोलनकारियों ने रोहतक में हरियाणा सरकार के एक मंत्री के स्कूल और एक मॉल में आग लगा दी. झज्जर में एसडीएम ऑफिस में तोड़फोड़ की गई.

जाटों के इस आरक्षण की वजह से सरकारी ख़ज़ाने भी प्रभावित हो रहे हैं. रेलवे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ हरियाणा के रुट की ट्रेनों को रद्द करने की वजह से रोज़ाना लगभग 200 करोड़ रूपए का नुकसान हो रहा है. यही नहीं , सड़क मार्ग भी प्रभावित हुई हैं, जिससे आम आदमी काफी परेशान नज़र आ रहे हैं.

हरियाणा में हो रहे बवाल का हल निकालने के लिए केन्द्रिय मंत्रियों की एक बैठक भी हुई, जिसमें उन्होंने इस समस्या को समाप्त करने को लेकर भी चर्चा की. और सभी ने अपील भी किया की सूबे में शांति बनाए रखें, जिससे इस समस्या का उचित हल निकाला जा सके.

हालाँकि सेना ने रोहतक, जींद, झज्जर, भिवानी, हिसार, कैथल, सोनीपत और पानीपत में मोर्चा संभाल लिया है.

जाट आरक्षण के चलते हरियाणा में बवाल, फायरिंग में 1 की मौत

Bureau@navpravah.com

हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हो रहा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली रोहतक बाईपास के पास हालात को बेकाबू होते देख पुलिस को फायरिंग करनी पडी, जिसके चलते 1 व्यक्ति की मौत हुई है और 9 लोगों के घायल होने की खबर है. उपस्थित उग्र भीड़ ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्‍यु के घर पर हमला किया, तोड़फोड़ की और आग लगाने की भी कोशिश भी की गई. फिलहाल कैप्टन के घर के आस पास सुरक्षा व्यवस्था को और भी मज़बूत कर दिया गया है.

हरियाणा में जाट आरक्षण की वजह से समस्याएं बढ़ती ही जा रही है. इसके पहले सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र रोहतक में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी. हंगामे के कारण ही झज्जर और सोनीपत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. इस आंदोलन की वजह से आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. सड़क और रेलमार्ग बाधित हुए हैं, जिसकी वजह से यातायात में भी समस्याएं नज़र आ रही हैं.

इस सम्बन्ध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जाट नेताओं से बातचीत की अपील भी की. सीएम खट्टर ने इसी सम्बन्ध में आज सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी. और इस मुद्दे पर सभी की राय भी माँगी. और यह भी कहा कि सभी अपनी राय दें, उसी आधार पर हम विधानसभा सत्र में यह उद्दा लाएंगे.

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में जाट प्रदर्शन हो रहा है. यूपीए सरकार के समय से जाटों को मिले आरक्षण को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था. प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हो गई हैं. सोनीपत में प्रदर्शनों में जहां वकील शामिल हुए, वहीं बड़ी संख्या में छात्रों ने रोहतक में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं.

 

सोशल मीडिया पर छाया हुआ है ये बोल्ड ट्रेलर

Entertainment desk

शीना वोहरा हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘डार्क चॉकलेट’ का ये ट्रेलर आजकल सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. महिमा चौधरी और रिया सेन अभिनीत इस फिल्म को निर्देशित किया है अग्निदेव चटर्जी ने. ट्रेलर में बंगाली और हिंदी, दो भाषाओं में संवाद है. खासकर यह ट्रेलर बोल्ड्नेस की वजह से काफी चर्चित हुई है.

 

सलमान फिर मुश्किल में, मिला SC का नोटिस

Breau@navpravah.com

अभिनेता सलमान खान की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आ रही हैं. आज सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सलमान खान को हिट एंड रन मामले में नोटिस जारी किया है. इसी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलमान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, वहीं सेशन कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी. अब सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बाद सलमान की समस्याएं बढ़ती दिख रही हैं.

सन 2002 में हुए हिट एंड रन केस से सलमान का पीछा ही नहीं छूट रहा है. हालाँकि इस सम्बन्ध में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला सलमान के ही पक्ष में आया था और सबूतों के अभाव के आधार पर उन्हें बरी भी कर दिया गया था लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णय को महाराष्ट्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. जिस पर न्यायालय ने सलमान को नोटिस भेजा है.

इस केस की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जगजीत सिंह खेहर और सी. नगप्पन ने 6 हफ्ते में इसका जवाब माँगा है. सलमान के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में अपनी बात राखी. उन्होंने कहा कि सलमान को एक ऐसे व्यति की गवाही पर दोषी ठहराया जा रहा है, जिसपर भरोसा ही नहीं किया जा सकता. सिब्बल ने कहा कि इसके अलावा सलमान को इस मामले में दोषी ठहराने के लिए अन्य कोई सबूत नहीं है.

गौरतलब है कि 2002 में मुंबई में सलमान की कार फुटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति पर चढ़ गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. हादसे के वक्त कार में सलमान भी सवार थे.

बस गीत और संगीत है ‘फितूर’

By AmitDwivedi

                                                         फिल्म समीक्षा- फितूर

रेटिंग- 2.5/5

निर्देशक- अभिषेक कपूर

लेखक- सुप्रतिक सेन, अभिषेक कपूर 

संगीत- अमित त्रिवेदी

गीत- स्वानंद किरकिरे

प्रमुख कलाकार- तब्बू, आदित्य रॉय कपूर, कैटरीना कैफ, आदित्य राव हयाद्री

 

अभिषेक कपूर की ‘काई पो चे’ और ‘रॉक ऑन’ के बाद हर कोई यही उम्मीद कर रहा था कि उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘फितूर’ भी कमाल ही करेगी, लेकिन इस बार एक अलग राह के मुसाफिर बन गए निर्देशक अभिषेक. फिल्म में कश्मीर, लन्दन, तब्बू और कम समय के लिए दिखी अदिति राव हयाद्री सुकून देती हैं. खैर, आइए जानते हैं कि जिस फिल्म पर सभी की निगाहें टिकी थी, वो उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी.

कहानी-

फितूर, कश्मीर की बेहद खूबसूरत वादियों में फिल्माया गया है. इन्ही खूबसूरत वादियों के बीच बेगम हज़रत का आलीशान बंगला, जिसमें वे अपनी बेटी फ़िरदौस के साथ रहती हैं. जवानी में मिले धोखे ने बेगम का प्यार से विश्वास ही उठा दिया था. बेगम के इलाके में ही नूर अपने जीजा जुनैद और बहन रुखसार के साथ रहता है, जो एक बेहतरीन चित्रकार भी होता है. एक दिन बेगम बंगले के काम के सिलसिले में जुनैद को बुलाती हैं. जुनैद के साथ नूर भी जाता है. जहां उसे दिखती है फ़िरदौस और बचपन से किशोरावस्था में प्रवेश कर रहा नूर आकर्षित होने लगता है.

कुछ समय के बाद ही बेगम हज़रत दोनों की बढ़ रही दोस्ती भांप लेती हैं और नूर को इश्क़ की जगह अपना भविष्य संवारने की हिदायत देती हैं. एक दिन अचानक पता चलता है कि फ़िरदौस को लन्दन भेज दिया गया है आगे की पढाई के लिए. और नूर जीने लगता है फ़िरदौस के इंतज़ार में. नूर के फितूर और इन दोनों के मोहब्बत का क्या हश्र होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

फिल्म के संवाद और इसके गीत कमाल है. अमित त्रिवेदी और स्वानंद किरकिरे की जुगलबंदी रास आती है. हिन्दुस्तानी ज़बान में लिखे गए संवाद सुनकर आप वाह ज़रूर कहेंगे. फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी कन्फ्यूज़ करता है. आप शायद ही समझ पाएं कि जो हो रहा है वह क्यों हो रहा है. फिल्म में मुफ्ती का किरदार बिल्कुल अधूरा है, यही नहीं अजय देवगन की लम्बे समय के बाद वापसी और बेगम का मुफ्ती के किए की सज़ा नूर को देने जैसी कई घटनाएं पटकथा को उलझाती नज़र आती हैं.

बेगम हज़रत के किरदार में तब्बू ने बेहतरीन अभिनय किया है. साथ ही आदित्य रॉय कपूर, लारा दत्ता और अदिति ने भी बहुत प्रभावित किया. खटकती हैं तो बस कैटरीना कैफ.

भारत में फ्री बेसिक्स कार्यक्रम बंद

Bureau@Navpravah.com

फेसबुक ने भारत में अपना ‘फ्री बेसिक्स’ कार्य्रकम बंद करने की घोषणा की है.फेसबुक के एक प्रवक्ता ने ईमेल से भेजे जवाब में यह जानकारी दी है. इसके अनुसार, ‘फ्री बेसिक्स’ भारत में लोगों के लिए अब उपलब्ध नहीं होगा.फेसबुक के इस कदम से देश में नेट निरपेक्षता को बड़ा बल मिलने की उम्मीद है.

कंपनी ने यह कदम दूरसंचार नियामक के उस नए नियम के बाद उठाया है जिसमें दूरसंचार कंपनियों को डेटा योजनाओं के लिए अलग अलग शुल्क लगाने से रोक दिया गया है.

फेसबुक के इस कार्य्रकम की वजह से विवाद बहुत बढ़ गया था. कंपनी इसके तहत दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर उनके ग्राहकों को बुनियादी इंटरनेट की मुफ़्त सेवा उपलब्ध कराती है. आलोचक कंपनी की इस पहल को नेट न्यूट्रैलिटी के उस सिद्धांत का उल्लंघन मानते हैं जो कि सभी को इंटरनेट की समान पहुंच की बात करता है.

फेसबुक ने भारत में अपने इस कार्य्रकम की शुरुआत रिलांयस कम्युनिकेशंस के साथ की थी. लेकिन ट्राई के निर्देश के बाद रिलायंस कम्युनिकेशंस ने पिछले साल दिसंबर में सेवा को स्थगित कर दिया था.

भारत सहिष्णु और ख़ास देश -कटरीना कैफ

Bureau@Navpravah.com

असहिष्णुता पर बयानबाज़ी थमती नज़र नहीं आ रही है. ज़रा सा मामला शांत होता है, तब तक कोई और फ़िल्मी हस्ती कुछ न कुछ बोल ही देती है. इस बार अभिनेत्री कटरीना कैफ ने असहिष्णुता मामले पर अपनी राय रखकर सबको चौंका दिया है. कटरीना ने आमिर और शाहरुख़ खान से अलग बयान दे डाला. अभिनेत्री ने कहा कि भारत सहिष्णु और ख़ास देश है.

असहिष्णुता मामले पर इस बार कटरीना कैफ ने अपनी राय रखी है. कटरीना ने कहा कि उन्हें भारत से बेहद लगाव है और वे पूरी ज़िंदगी इसी देश में गुज़ारना चाहती हैं. गौरतलब है कि आमिर खान और शाहरुख खान जैसे कई बॉलीवुड कलाकार देश में असहिष्‍णुता की बढ़ती घटनाओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके है. इन कलाकारों को असष्णिुता पर दिए अपने बयानों की वजह से काफी विरोध भी झेलना पड़ा है.

कटरीना और आदित्य रॉय कपूर अपनी आगामी फिल्म फितूर के प्रचार के लिए दिल्ली में हैं. इसी दौरान असहिष्णुता से जुड़े सवालों के जवाब में कटरीना ने कहा कि वे कतई नहीं मानती कि भारत में असहिष्णुता है. उन्होंने कहा कि यह देश बेहद असहिष्णु, सहनशील और मेरे लिए महत्वपूर्ण है और मैं ताउम्र यहीं रहना चाहती हूँ.

कटरीना ने कहा कि भारत जैसा देश और कोई नहीं. इतनी गर्मजोशी का अनुभव आजतक कभी नहीं किया. यहां पर लोग आपको जितना प्यार करते हैं, उतना आप कहीं और सोच भी नहीं सकते. जब मैं इंडिया आई थी, तो मुझे लगा जैसे मैं अपने घर वापस आ गई हूँ.

तम्बाकूयुक्त उत्पादों का प्रचार न करें -दिल्ली सरकार

Bureau@Navpravah.com
केजरीवाल सरकार ने फिल्म सितारों से अपील किया है कि वे ऐसे उत्पादों का प्रचार-प्रसार न करें, जिनसे कैंसर होने का खतरा होता है. सरकार ने कुछ प्रमुख फ़िल्मी हस्तियों को चिट्ठी लिखकर तम्बाकू निषेध अभियान में सहयोग करने की बात कही है.

दिल्ली सरकार ने चिट्ठी लिखकर उन सभी फ़िल्मी हस्तियों को ‘तम्बाकू निषेध अभियान; में सहयोग करने की अपील की है जो पान मसाला जैसे उत्पादों के ब्रांड एम्बेसडर हैं. पत्र में सुपारी से भी कैंसर होने के वैज्ञानिक कारणों का हवाला देते हुए लिखा गया है कि सितारों की छवि का समाज पर बुरा असर पड़ रहा है, इसलिए समाज हित में वे इन उत्पादों के प्रचार न करें. दिल्ली सरकार ने अजय देवगन, शाहरुख खान, सैफ अली खान, गोविंदा, अरबाज़ खनौर सनी लियोनी जैसे अन्य फ़िल्मी सितारों को चिट्ठी लिखकर सहयोग करने का निवेदन किया है.

दिल्ली सरकार ने एक आकड़ा पेश करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष लाखों लोग मुँह के कैंसर से जान गंवाते है, इसके बावजूद भी तम्बाकू सेवन करने वालो की संख्या में कमी नहीं हो रही. ऐसे में यदि फ़िल्मी सितारे इन उत्पादों का प्रचार करते हैं तो आम जनमानस में इसके प्रति और भी जुड़ाव देखा जाता है.

सितारों को लिखी गई चिट्ठी में दिल्ली सरकार में स्वास्थय विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉक्टर एस. के. अरोड़ा ने लिखा है कि आप पान मसाला जैसे उत्पादों का प्रचार करते अक्सर दीखते हैं, जिससे आपके चाहने वाले उससे प्रभावित होकर उसके सेवन को लेकर आकर्षित होते हैं. तम्बाकू व निकोटिन के अलावा सुपारी से भी कैंसर होने के वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आए हैं. इसलिए आपसे निवेदन है कि इसका प्रचार न करें और समाज का सहयोग करें.

चिट्ठी में इस बात का भी ज़िक्र किया गया है कि किस जतरह से महिलाओं में भी तम्बाकू से बनी चीज़ों के प्रति उत्सुकता बढ़ रही है. और फिलहाल जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं वे चिंताजनक हैं. आंकड़े के मुताबिक़ विश्वभर में भारतीय महिलाओं में तम्बाकू प्रयोग के औसत में तेज़ी से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, जो समाज के लिए चिंतनीय है.

मुश्किल में नवाज़, महिला ने दर्ज़ कराया केस

Bureau@Navpravah.com

फिल्म अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी एक महिला से बदसलूकी करने के मामले में फंस गए हैं. वर्सोवा पुलिस स्टेशन में एक महिला ने अभिनेता के खिलाफ मामला दर्ज़ कराया है. महिला ने पुलिस को बताया कि नवाज़ुद्दीन ने पार्किंग की जगह को लेकर विवाद किया और उसके साथ बदसलूकी की.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ नवाज़ जिस सोसाइटी में रहते हैं, उसी सोसाइटी में महिला भी रहती है. महिला ने शिकायत की है कि पार्किंग स्पेस को लेकर हुए विवाद में नवाज़ ने उन्‍हें धक्‍का दिया और गलत बर्ताव किया. एक्‍टर के लिखाफ महिला से मारपीट के मामले में धारा 354 के तहत केस दर्ज किया गया है.

यारी रोड स्‍थ‍ित सोसाइटी में रहने वाली सोना ढांढेकर के मुताबिक़ उनकी 24 साल की बेटी के साथ अभिनेता सहित उनके भाई और सहयोगियों ने दुर्व्‍यवहार किया. ढांढेकर ने बताया कि एक साल पहले से हमारी सोसाइटी में रह रहे नवाजुद्दीन का सोसाइटी वालों से विवाद है. उन्‍होंने बिल्‍डिंग के पार्किंग स्‍पेस पर कब्‍जा कर लिया है.

महिला के मुताबिक़ आज जब उनकी लड़की ने ज़बरदस्ती हथियाए गए पार्किंग स्पेस की फोटो खीचने की कोशिश की तो नवाज़ व उनके सहयोगियों ने उनकी लड़की के साथ गलत बर्ताव किया. हालाँकि इस सम्बन्ध में नवाज़ से बात नहीं हो सकी है.