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Wednesday, September 9, 2026
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सुरक्षा जांच के लिए ‘पाकिस्तानी दल’ पहुंचा धर्मशाला

Bureau@navpravah.com

पाकिस्तान और भारत के बीच धर्मशाला में आगामी 19 मार्च को होने वाले क्रिकेट मैच के सुरक्षा इंतज़ामों का जायज़ा लेने के लिए सोमवार को पाकिस्तान का एक दल धर्मशाला पहुँच गया। इस दल में संघीय जांच एजेंसी के निदेशक और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सदस्य शामिल हैं।

आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी20 में दोनों टीमें ग्रुप मैच में भिड़ेंगी। इस सुरक्षा जांच के लिए भारत की ओर से पाकिस्तान के दो सदस्यों को वीजा जारी किया गया है, जबकि तीसरा सदस्य भारत में इस दल में शामिल होगा। इन दोनों सदस्यों से जब पड़ताल को लेकर प्रश्न किया गया तो एक अधिकारी ने कहा कि आप सभी को पता है कि हम यहां क्यों आए हैं। अधिकारी ने इसके अलावा कोई भी जवाब नहीं दिया।

यह दल भारत-पाकिस्तान की संयुक्त सीमा चौकी वाघा-अटारी को पार करने के बाद धर्मशाला के लिए रवाना हो गया, जो अटारी से 235 किलामीटर दूर है।

गौरतलब है कि सुरक्षा को लेकर पिछले सप्ताह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा था कि उनकी सरकार पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत पर आतंकी हमले करता है, जिसकी वजह से प्रदेश के पूर्व सैनिक और परिजन इस मैच का विरोध कर रहे हैं।

पाकिस्तान में आतंकी हमला, 8 मरे 27 घायल

Bureau@navpravah.com

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम प्रांत में स्थित अदालत परिसर में एक आत्मघाती हमले की खबर है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ इस आत्मघाती हमले में कुल आठ लोगों की जान गई है, जबकि 27 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

पाकिस्तान के एक अदालत में हुए आत्मघाती हमले की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पाक के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में आत्मघाती हमले करने वालों को जब रोकने की कोशिश की गई तो हमलावरों ने विस्फोट से खुद को ही उड़ा लिया। प्रशासन ने रोकना चाहा लेकिन वे अपनी कोशिश में नाकाम रहे।

मिली जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर सुरक्षा बालों और सेना के जवान पहुँच गए हैं। इलाके को घेरकर सेना ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिस अदालत को निशाना बनाने की कोशिश की गई है, वह आतंक प्रभावी इलाका बताया जा रहा है।

घटनास्थल से अफगानिस्तान की सीमा भी नज़दीक ही है। यह आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रभाव वाला इलाका है। उसने ही इलाके में ज्यादातर हमले किए हैं।

‘नेतागीरी’ से त्रस्त इलाहाबाद विवि के छात्र, बिगड़ा माहौल

अनुज द्विवेदी

कहते हैं की गंगा की बहती धारा में सभी अपना हाथ धोने की चाह रखते हैं और अगर मौजूदा समय में देश के शैक्षिक माहौल की बात करें तो कुछ तथाकथित अतिबौद्धिक लोगों द्वारा इसे जबरदस्ती बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है । अभी जेएनयू में लगी आग ठंडी भी नही हुई थी कि पूरब का आर्क्सफ़ोर्ड कहा जाने वाला इलाहाबाद विश्वविद्यालय भी इस आग की चपेट में आ गया है ।

जेएनयू और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय भी विवादों के घेरे में दिखाई दे रहा है। यहां छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उन्हें पद से हटाना चाहता है।

छात्रसंघ की पहली महिला निर्दलीय अध्यक्ष ऋचा सिंह का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में कई मुद्दों के लिए आवाज उठाई थी। जिसकी वजह से प्रशासन उनकी कुर्सी छीनना चाहता है और उनके साथ वैसा ही किया जा रहा है, जैसा हैदराबाद यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला के साथ किया गया था ।

ऋचा का आरोप है कि जेएनयू, रोहित वेमुला के मामले पर आवाज उठाने और एबीवीपी का विरोध करने के कारण केंद्र के इशारे पर उन्हें निशाना बनाने की तैयारी की जा रही है। ऋचा ने कहा कि अगर उन्हें आरक्षित सीट पर दाखिला दिया गया है, तो इसमें उनकी नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की गलती है।

ऋचा विश्वविद्यालय में संचालित कोर्स ग्लोबलाइजेशन एंड डेवलपमेंट में डी. फिल की छात्रा हैं। उनका कहना है कि जेएनयू विवाद के बाद एबीवीपी अब उन्हें निशाना बना रही है और उनके 6 माह के कार्यकाल में उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है ।

ऋचा का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनके एडमिशन को गलत बताकर उन्हें बाहर कर के उनका पद एबीवीपी से छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंघ को सौंपना चाहता है। बता दें कि पिछले दिनों छात्र नेता रजनीश सिंह की शिकायत के बाद वीसी रतन लाल हंगलू ने ऋचा की एडमिशन प्रक्रिया के जांच के आदेश दिए थे।

वैसे यहाँ का मामला तो बिल्कुल अलग है पर एक बात इसे जेएनयू से जोड़ती है वो है यहाँ का मौजूदा ‘छात्रसंघ’। वैसे कहने को तो छात्र संघ का गठन छात्रहितों की पूर्ति के लिए किया जाता है, पर जब यही छात्र संघ ‘छात्रों’ के लिए ही सिरदर्द बन जाए तो ऐसी स्थिति में इनसे किसी कार्य की आशा करना बेमानी ही होगा।

जेएनयू कैम्पस में कुछ विकृत मानसिकता के लोगों द्वारा देशविरोधी नारे लगाये गए थे जिसके बाद देश का माहौल अचानक गर्म हो गया था। सभी गुस्से में थे। पूरा देश खुद से यही प्रश्न कर रहा था कि आखिर अपने ही देश के अंदर देश की अखण्डता व संप्रभुता को तार-तार करने वालों को क्यों तनिक भी अपने किये पर पछतावा नही हुआ ?

खैर समय बीतने के साथ प्रश्न भी कमजोर हो गया है। वैसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है, इसने देश को बहुमूल्य हीरे दिए हैं। पर अब यहाँ के छात्र संघ की स्थिति बिल्कुल ख़राब हो गई है। इस वर्ष जब नये छात्र संघ चुनाव का परिणाम आया तो विश्वविद्यालय के इतिहास ने एक नई करवट ली और स्वतंत्रता के बाद पहली बार छात्रों को निर्दलीय उम्मीदवार ‘ऋचा सिंह’ के रूप में पहली महिला अध्यक्ष मिली। कहने को तो इन्होंने अकेले ही बिना किसी सपोर्ट के चुनाव जीता पर शुरू से ही इनके ऊपर पार्टी विशेष से सपोर्ट लेने का आरोप लगता रहा है। ये आरोप इसलिए भी कैम्पस की छात्र राजनीति के केंद्र में रहा क्योंकि जब इन्होंने चुनाव प्रचार शुरू किया था, तब इनका कहना था कि हम धनबल और दलबल से दूर रहेंगे क्योकि हमें एक स्वच्छ राजनीति करनी है।

अध्यक्ष पद के अलावा सारे पद अ.भा.वि.प. को मिले और यहीं से शुरू हुआ छात्र संघ का आपसी संघर्ष, हर दिन एक नए विवाद के साथ खत्म होता है और मानों अगला दिन एक नए विवाद के स्वागत में फूल मालाएं लिये खड़ा रहता है। इन सब विवादों में सबसे ज्यादा जिसका घाटा हुआ वो था ‘छात्र’ जो अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

ये तो आने वाला समय बताएगा की अध्यक्ष ऋचा सिंह का पद रहेगा या नहीं पर एक बात साफ़ तौर पर स्पष्ट है कि इससे छात्रों का किसी भी प्रकार का भला नही होने वाला है। मामला कुछ भी हो पर उसे तत्कालीन समय से जोड़कर अपना फायदा लेना भी कही न कहीं गलत है। ऐसे में यह कहना कि मेरा विरोध केवल इसलिए हो रहा है क्योकिं मैंने रोहित वेमुला और कन्हैया का समर्थन किया। ऐसा बयान केवल अपनी राजनीति सहेजने का प्रयास लगता है क्योंकि मौजूदा समय में खुद की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इससे अच्छा कोई भी मास्टर स्ट्रोक नही हो सकता। इन विवादों से इतर अगर कैम्पस की बात करें तो माहौल काफी बिगड़ चुका है। आये दिन मारपीट और छेड़छाड़ का सीधा प्रसारण देखने को मिल ही जाता है। कोई किसी की भी पिटाई कर सकता है लेकिन न तो वहां पे खड़े छात्र नेता किसी को बचाएंगे और न ही आस पास खड़े लोग।

सभी एक सुर से यही कहते हैं कि कैम्पस में सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए हम तो अपनी नंगी नजरों से कुछ गलत नही देखेंगे। अब तो लोगो के अंदर गलत के विरोध करने की भी हिम्मत नही रह गई। मारपीट के बाद भी ऐसा माहौल बनाया जाता है कि उस विषय पर कोई किसी से कुछ बात न कर सके । कहने को तो शिक्षा के मंदिर में ये सब नही होना चाहिए, पर शायद अब शिक्षा के ये प्राचीन मंदिर वैसे पूज्यनीय नही रहे।

फिर ऐसे में छात्र संघ की प्रासंगिकता बनी रहे ये मुमकिन नहीं। इसका सबसे बड़ा कारण यह कि मौजूदा समय में छात्र राजनीति खुद की शख्सियत संवारने का सबसे बड़ा ‘अड्डा’ बनकर रह गया है।

इन 8 उपायों से प्रसन्न होंगे भगवान शिव

आचार्य प्रदीप द्विवेदी

देवाधि देव महादेव शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है। यदि भक्त श्रद्धा से मात्र जलाभिषेक भी करें तो शिव उसकी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। शिव सर्वविदित हैं, इन्हें प्रसन्न करने के लिए इन 8 उपायों से भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।

शिवपुराण में उद्घृत ये उपाय अत्यंत सरल हैं। जिसे आसानी से किया जा सकता है।

उपाय-

1. महामृत्युंजय मंत्र बोलते हुए शिवलिंग का जलाभिषेक करने से समस्त दुखों का नाश होता है। साथ ही सुख, सौभाग्य, शांति की प्राप्ति होती है।

2. भगवान शिव को तिल चढ़ाने से समस्त पाप कट जाते हैं।

3. भगवान को चावल चढ़ाएं, धन प्राप्ति के सारे रास्ते खुल जाएंगे।

4. शिव लिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से कष्ट कटते हैं।

5. धतूरे के फूल से पूजन करने पर सौभाग्यशाली तथा आज्ञाकारी संतान का वरदान प्राप्त होता है।

6. महाशिवरात्रि पर पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करते हुए ‘ऊँ जूं सः’ का जाप करते रहें, इस उपाय से मृत्यु से भी छुटकारा मिलता है। याद रहे अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन का उपयोग न करें।

7. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।

8. पारद शिवलिंग की स्थापना कर ‘ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं’ मंत्र से पूजन करें तथा 108 बिल्वपत्र चढ़ाएं। इससे साक्षात महालक्ष्मी का घर में वास होता है।

(विशेषज्ञ- ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न।)

कश्मीरी पंडितों के साथ हो न्याय -आमिर

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असहिष्णुता विवाद में पिछले दिनों बुरी तरह उलझे बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भारत को एक सहिष्णु देश बताया है और कहा है कि कुछ लोग हैं जो नफरत फैला रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील भी की है कि वे उन पर रोक लगाएं.

एक प्रेस रिलीज के मुताबिक आमिर ने ‘‘आप की अदालत’’ कार्यक्रम में सवाल जवाब के दरमयान कहा, ‘‘हमारा देश बहुत सहिष्णु है किन्तु कुछ लोग जान बूझकर दुर्भावनाएं फैला रहे हैं. वे किसी एक मज़हब के नहीं हैं. देश को बांटने की कोशिश करनेवाले लोग हर धर्म में मौजूद हैं. मगर मोदीजी उन्हें रोक सकते हैं. आखिरकार मोदीजी हमारे प्रधानमंत्री हैं और हमें उनसे कहना चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘कानून सभी के लिए बराबर है तथा कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. प्रधानमंत्री जी का नारा है ‘सबका साथ, सबका विकास’. यदि मैं गलत नहीं हूँ,तो सबका साथ मुझे अवश्य मिलेगा.’’

गौरतलब है कि आमिर उस समय विवादों में घिर गए थे जब उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी असहिष्णुता के कारण भारत छोड़ने पर विचार कर रही है. वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ बच्चन ने तब इस विषय में टिप्पणी की थी कि आमिर ने यह बयान देकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है. उस टिप्पणी का जवाब आमिर ने अब दिया और कहा कि असहिष्णुता बढ़ने के कारण असुरक्षा की भावना अवश्य बढ़ी है.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने साक्षात्कार में कहा था कि अवसाद की भावना, निराशा की भावना बढ़ रही है तथा असुरक्षा एवं असहिष्णुता की भावना भी बढ़ी है. किन्तु यह दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं और इसका तात्पर्य यह कतई नहीं हुआ कि भारत एक असहिष्णु देश है.’’

आमिर ने यह भी कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया. उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती असहिष्णुता कहना और भारत असहिष्णु है,यह कहना दो बिल्कुल अलग चीजें हैं.’’

आमिर ने मीडिया एवं समाचार चैनलों से भी अपील की कि वे टीवी पर हिंसा की खबरें प्रसारित न करें क्योंकि इससे भय का माहौल उत्पन्न होता है.

सरकार द्वारा उन्हें ‘अतुल्य भारत’ के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में हटाने के बावजूद भारत की सेवा करते रहने का दावा करते हुए आमिर ने कहा, ‘‘भारत कोई ब्रांड नहीं है,वह माँ है हमारी, और मैं अपनी माँ को किसी ब्रांड के रूप में नहीं देखता. यह अन्य लोगों के लिए ब्रांड हो सकता है किन्तु मेरे लिए नहीं. भले ही सरकार ने मुझे हटा दिया हो, मैं हमेशा भारत की सेवा के लिए समर्पित हूँ.’’

उन्होंने कहा कि वह दस साल तक ‘अतिथि देवो भव अभियान’ के ब्रांड एम्बेसडर थे और उन्होंने देश के इस जन सेवा अभियान के लिए एक भी पाई नहीं ली तथा भविष्य में भी नहीं लेंगे.

असुरक्षा के कारण भारत छोड़ने की उनकी पत्नी द्वारा जतायी गयी मंशा के बारे में आमिर ने कहा कि वे और उनकी पत्नी कहीं नहीं जा रहे. वे भारत में जन्मे हैं और भारत में ही मरेंगे. उन्होंने अपनी पत्नी का बचाव करते हुए कहा, ‘‘हम अक्सर आपस में बहुत सी बातें कहते हैं किन्तु कहने का हमेशा वही मतलब नहीं होता. हम सौ प्रतिशत उस पर अमल भी नहीं करते, क्योंकि हमेशा हमारी मंशा वही नहीं होती. किरण वास्तव में अपने भाव प्रकट कर रही थी. आखिरकार किरण भी एक माँ है तथा माँ अपने बच्चों को लेकर सदैव चिंतित रहती है. हम यहां जन्में हैं और यहीं मरेंगे. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम अपने देश को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. ’’

अपनी फ़िल्म पीके में हिन्दू देवताओं का मज़ाक उड़ाने के विषय में आमिर बोले कि उस फ़िल्म में भगवन शंकर का चारित्रिक अभिनय करने वाले कलाकार पर,विशिष्ट परिस्थिति में  चुटकी ली गई थी,न कि स्वयं भगवन शंकर पर. आखिरकार भगवान शंकर सर्वशक्तिमान हैं, हम उनका मजाक बनाने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं!’’

अभिनेता ने कश्मीरी पंडितों के विषय में कहा,‘‘मेरा दिल उनके लिए रोता है. उनके साथ हुआ बर्ताव शर्मनाक है तथा मैं घाटी में रहने वाले लोगों से अपील करता हूं कि वे कश्मीरी पंडितों को वापस लाएँ.’’

सड़क दुर्घटना में घायल स्मृति ईरानी, एक व्यक्ति की मौत

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की कार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार देर रात उनके साथ के ही एक वाहन ने टक्कर मार दी. इस घटना में कई वाहनों के सिलसिलेवार रूप से आपस में टकरा जाने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. स्मृति ईरानी को मामूली चोटें आई हैं. दुर्घटना के चलते राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

स्मृति ईरानी भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के बाद वृंदावन से दिल्ली लौट रही थीं. एसएसपी राकेश सिंह ने बताया कि टक्कर में एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. उनकी पहचान आगरा के डॉक्टर रमेश के रूप में हुई है.

स्मृति ईरानी की बाई बांह और पैर में मामूली चोट लगी है. सिंह ने बताया कि बाईक पर पीछे बैठे उनके पिता और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया.

हादसे के बाद स्मृति ईरानी ने स्वयं ट्वीट कर अपने सकुशल होने की जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट कर अपने शुभचिंतकों से कहा, “मैं ठीक हूँ.” उन्होंने बताया कि किस तरह एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई थी. केन्द्रीय मंत्री ने सुनिश्चित किया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए और उन्होंने इस काम में मदद करने वाले दूसरे लोगों को धन्यवाद भी दिया.

EPF टैक्स लगाकर मोदी ने जनता को धोखा दिया है -राहुल

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बड़े जोर-शोर से आगामी चुनावों के प्रचार में लगे हुए हैं. शनिवार को असम में एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा ईपीएफ पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव वापस लेने तक वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे. सरकारी बजट को उन्होंने ‘फेयर एंड लवली’ योजना करार देते हुए कहा कि बजट में चोरों को काले धन को सफेद करने का अवसर दिया गया है, लेकिन इमानदारों के जीवन भर की संचय निधि पर कर लगा दिया है.

प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए राहुल ने कहा, “मोदी ने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं. जनता को उन्होंने धोखा दिया है. मगर जिन लोगों ने मोदी को वोट दिया वे अब ‘रिफंड’ चाहते हैं. मैं इस सरकार पर दबाव बनाना जारी रखूंगा क्योंकि यह ईमानदार कामगार वर्ग की सरकार नहीं है. यह गरीब किसानों, पिछड़े वर्ग, युवकों, महिलाओं, दलितों, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की सरकार नहीं है.”

राहुल ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के एक चुनिंदा समूह और काला धन रखने वालों के लिए काम करती है, परन्तु वे वेतनभोगी वर्ग के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा, “ मैंने मीडिया में कहा और प्रधानमंत्री से भी कहा था कि जनता की ईमानदार संचयन निधि पर कर नहीं लगाएँ और इस बारे में कुछ करें. लेकिन बृहस्पतिवार को संसद में अपने एक घंटे के भाषण में इस बारे में उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा.”

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में इस वर्ष 1 अप्रैल के बाद ईपीएफ निकासी पर 60 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव दिया था. प्रस्ताव का विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और अन्य वर्गों ने विरोध किया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष असम के दो-दिवसीय दौरे पर हैं.

प्रधानमंत्री जो कहते हैं, वह करते भी हैं -राष्ट्रपति

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राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मिशन की, और स्वयं मोदी की प्रशंसा की. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों इस कार्यक्रम में शरीक हुए थे.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की पहल पर आयोजित राज्य विधानसभाओं की महिला विधायकों और पार्षदों के एक कार्यक्रम में पहुंचे मोदी की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति बोले कि प्रधानमंत्री यहाँ केवल भाषण देने या आपको सुझाव देने नहीं आए हैं, बल्कि उनका आगमन इस बात का प्रमाण है कि वे जो भी कहते हैं, वो कर के भी दिखाते हैं.

लोकसभा अध्यक्ष  की पहल पर आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने  प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि देश की कमान संभालने के बाद मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया,राष्ट्रीय स्तर पर इस मुहीम को आगे बढ़ाया और इस दिशा में कई अहम् कदम भी उठाए.

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री कोई भाषण नहीं देने वाले,कुछ बोलने नहीं वाले परंतु फिर भी वे एक घंटा कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. यह उनकी इस विषय पर प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है. प्रणव मुखर्जी ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, वह करते भी हैं.

गौरतलब है कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय,स्वस्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल है जिसके अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्ति प्रदान करने का संकल्प लिया गया है. यह योजना प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी 2015 को प्रारंभ की थी.

‘भाबीजी’ पर बवाल, & टीवी से बना सकती हैं दूरी

Entertainment desk

कई दिनों से यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है कि ‘भाबीजी घर पर हैं’ कार्यक्रम की फेवरेट भाबी ‘अंगूरी’ कार्यक्रम छोड़ने वाली हैं. भाभी जी के प्रशंसकों के लिए ये बड़ी ही निराशाजनक खबर है.

मीडिया से बातचीत के दौरान अंगूरी भाबी ने कहा, “भाबी जी शो नहीं छोड़ रही हैं, बल्कि शो के मेकर्स उन्हें छोड़ना चाहते हैं, क्योंकि वे बेचारे उनके नखरों से परेशान हैं.”

सूत्रों से पता चला है कि एंड टीवी पर प्रसारित होने वाले शो ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाबी का किरदार निभाने वाली शिल्पा शिंदे को उनके नखरों की वजह से रिप्लेस किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो नई अंगूरी भाबी की खोज भी शुरू हो गई है.

शिल्पा शिंदे का कहना है कि यह उनका पहला शो नहीं है जो हिट है. अगर चैनल को रिप्लेसमेंट ढूंढना है, तो बिल्कुल ढ़ूढ लें. द शो मस्ट गो ऑन. मगर सही पकड़े हैं लाइन उनकी अपनी है और वे इस पंचिंग लाइन को अपने साथ ले जाएँगी. शिल्पा ने कहा,” शायद ये लोग ऐसा इसलिए कह रहे हैं ताकि मैं डर जाऊं. मैं कोई फालतू शर्त कतई नहीं मानूंगी और बाकी जो उन्हें करना है, कर लें.”

उन्होंने बताया कि वे चाहती थीं की उनके आउटफिट को थोड़ा हल्का बनाया जाए , साड़ी के पल्लू, बॉर्डर वगैरह को थोड़ा हल्का किया जाए मगर डिजाइनर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते. जूलरी नहीं आती है. सारी चीजें उन्हें खुद करनी पड़ती हैं. इन चीज़ों के लिए वे पैसे भी नहीं माँगती हैं. मगर प्रोडक्शन वालों को ये सब दिखाई सुनाई नहीं देता. इतने सब के बाद भी अगर ये बोला जाता है कि आप नखरे दिखा रही हैं तो अब बस एक ही जवाब बचता है, नेकी कर और दरिया में डाल.

इस विषय में एंड टीवी की टीम का कहना है कि भाबी जी रिप्लेस नहीं हो रही हैं. हर एक्टर के कुछ ना कुछ नखरे तो तो होते ही हैं पर वे उन्हें रिप्लेस नहीं कर रहे हैं.

गौरतलब है कि यह शो काफी पॉपुलर है और अंगूरी भाबी इस कार्यक्रम की चहेती अदाकारा हैं. ऐसे में अंगुरी भाबी के रिप्लेसमेंट से इस शो को काफी नुकसान हो सकता है.

गुजरात में मिली लावारिस पाकिस्तानी बोट!

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गुजरात में कच्छ के कोटेश्वर इलाके से एक लावारिस पाकिस्तानी बोट मिली है. सभी एजेंसियों को इस विषय में सतर्क कर दिया गया है और कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.यह विषय अत्यंत गंभीर इस लिए भी है क्योंकि मुंबई हमले के लिए भी आतंकवादी पाकिस्तानी बोट से ही दाखिल हुए थे.

गौरतलब है कि गुजरात के कच्छ से ही एक व्यक्ति को सेना के कैंप की तस्वीर खींचते हुए गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी 26 फरवरी को हुई है. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम अयूब खान है जो कच्छ का ही रहने वाला है. इससे सेना ने पूछताछ की थी और फिर 4 मार्च को पुलिस के हवाले कर दिया था.