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Friday, July 31, 2026
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इन 8 उपायों से प्रसन्न होंगे भगवान शिव

आचार्य प्रदीप द्विवेदी

देवाधि देव महादेव शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है। यदि भक्त श्रद्धा से मात्र जलाभिषेक भी करें तो शिव उसकी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। शिव सर्वविदित हैं, इन्हें प्रसन्न करने के लिए इन 8 उपायों से भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।

शिवपुराण में उद्घृत ये उपाय अत्यंत सरल हैं। जिसे आसानी से किया जा सकता है।

उपाय-

1. महामृत्युंजय मंत्र बोलते हुए शिवलिंग का जलाभिषेक करने से समस्त दुखों का नाश होता है। साथ ही सुख, सौभाग्य, शांति की प्राप्ति होती है।

2. भगवान शिव को तिल चढ़ाने से समस्त पाप कट जाते हैं।

3. भगवान को चावल चढ़ाएं, धन प्राप्ति के सारे रास्ते खुल जाएंगे।

4. शिव लिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से कष्ट कटते हैं।

5. धतूरे के फूल से पूजन करने पर सौभाग्यशाली तथा आज्ञाकारी संतान का वरदान प्राप्त होता है।

6. महाशिवरात्रि पर पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करते हुए ‘ऊँ जूं सः’ का जाप करते रहें, इस उपाय से मृत्यु से भी छुटकारा मिलता है। याद रहे अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन का उपयोग न करें।

7. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।

8. पारद शिवलिंग की स्थापना कर ‘ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं’ मंत्र से पूजन करें तथा 108 बिल्वपत्र चढ़ाएं। इससे साक्षात महालक्ष्मी का घर में वास होता है।

(विशेषज्ञ- ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न।)

कश्मीरी पंडितों के साथ हो न्याय -आमिर

Bureau@navpravah.com

असहिष्णुता विवाद में पिछले दिनों बुरी तरह उलझे बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भारत को एक सहिष्णु देश बताया है और कहा है कि कुछ लोग हैं जो नफरत फैला रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील भी की है कि वे उन पर रोक लगाएं.

एक प्रेस रिलीज के मुताबिक आमिर ने ‘‘आप की अदालत’’ कार्यक्रम में सवाल जवाब के दरमयान कहा, ‘‘हमारा देश बहुत सहिष्णु है किन्तु कुछ लोग जान बूझकर दुर्भावनाएं फैला रहे हैं. वे किसी एक मज़हब के नहीं हैं. देश को बांटने की कोशिश करनेवाले लोग हर धर्म में मौजूद हैं. मगर मोदीजी उन्हें रोक सकते हैं. आखिरकार मोदीजी हमारे प्रधानमंत्री हैं और हमें उनसे कहना चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘कानून सभी के लिए बराबर है तथा कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. प्रधानमंत्री जी का नारा है ‘सबका साथ, सबका विकास’. यदि मैं गलत नहीं हूँ,तो सबका साथ मुझे अवश्य मिलेगा.’’

गौरतलब है कि आमिर उस समय विवादों में घिर गए थे जब उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी असहिष्णुता के कारण भारत छोड़ने पर विचार कर रही है. वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ बच्चन ने तब इस विषय में टिप्पणी की थी कि आमिर ने यह बयान देकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है. उस टिप्पणी का जवाब आमिर ने अब दिया और कहा कि असहिष्णुता बढ़ने के कारण असुरक्षा की भावना अवश्य बढ़ी है.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने साक्षात्कार में कहा था कि अवसाद की भावना, निराशा की भावना बढ़ रही है तथा असुरक्षा एवं असहिष्णुता की भावना भी बढ़ी है. किन्तु यह दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं और इसका तात्पर्य यह कतई नहीं हुआ कि भारत एक असहिष्णु देश है.’’

आमिर ने यह भी कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया. उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती असहिष्णुता कहना और भारत असहिष्णु है,यह कहना दो बिल्कुल अलग चीजें हैं.’’

आमिर ने मीडिया एवं समाचार चैनलों से भी अपील की कि वे टीवी पर हिंसा की खबरें प्रसारित न करें क्योंकि इससे भय का माहौल उत्पन्न होता है.

सरकार द्वारा उन्हें ‘अतुल्य भारत’ के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में हटाने के बावजूद भारत की सेवा करते रहने का दावा करते हुए आमिर ने कहा, ‘‘भारत कोई ब्रांड नहीं है,वह माँ है हमारी, और मैं अपनी माँ को किसी ब्रांड के रूप में नहीं देखता. यह अन्य लोगों के लिए ब्रांड हो सकता है किन्तु मेरे लिए नहीं. भले ही सरकार ने मुझे हटा दिया हो, मैं हमेशा भारत की सेवा के लिए समर्पित हूँ.’’

उन्होंने कहा कि वह दस साल तक ‘अतिथि देवो भव अभियान’ के ब्रांड एम्बेसडर थे और उन्होंने देश के इस जन सेवा अभियान के लिए एक भी पाई नहीं ली तथा भविष्य में भी नहीं लेंगे.

असुरक्षा के कारण भारत छोड़ने की उनकी पत्नी द्वारा जतायी गयी मंशा के बारे में आमिर ने कहा कि वे और उनकी पत्नी कहीं नहीं जा रहे. वे भारत में जन्मे हैं और भारत में ही मरेंगे. उन्होंने अपनी पत्नी का बचाव करते हुए कहा, ‘‘हम अक्सर आपस में बहुत सी बातें कहते हैं किन्तु कहने का हमेशा वही मतलब नहीं होता. हम सौ प्रतिशत उस पर अमल भी नहीं करते, क्योंकि हमेशा हमारी मंशा वही नहीं होती. किरण वास्तव में अपने भाव प्रकट कर रही थी. आखिरकार किरण भी एक माँ है तथा माँ अपने बच्चों को लेकर सदैव चिंतित रहती है. हम यहां जन्में हैं और यहीं मरेंगे. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम अपने देश को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. ’’

अपनी फ़िल्म पीके में हिन्दू देवताओं का मज़ाक उड़ाने के विषय में आमिर बोले कि उस फ़िल्म में भगवन शंकर का चारित्रिक अभिनय करने वाले कलाकार पर,विशिष्ट परिस्थिति में  चुटकी ली गई थी,न कि स्वयं भगवन शंकर पर. आखिरकार भगवान शंकर सर्वशक्तिमान हैं, हम उनका मजाक बनाने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं!’’

अभिनेता ने कश्मीरी पंडितों के विषय में कहा,‘‘मेरा दिल उनके लिए रोता है. उनके साथ हुआ बर्ताव शर्मनाक है तथा मैं घाटी में रहने वाले लोगों से अपील करता हूं कि वे कश्मीरी पंडितों को वापस लाएँ.’’

सड़क दुर्घटना में घायल स्मृति ईरानी, एक व्यक्ति की मौत

Bureau@navpravah.com

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की कार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार देर रात उनके साथ के ही एक वाहन ने टक्कर मार दी. इस घटना में कई वाहनों के सिलसिलेवार रूप से आपस में टकरा जाने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. स्मृति ईरानी को मामूली चोटें आई हैं. दुर्घटना के चलते राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

स्मृति ईरानी भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के बाद वृंदावन से दिल्ली लौट रही थीं. एसएसपी राकेश सिंह ने बताया कि टक्कर में एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. उनकी पहचान आगरा के डॉक्टर रमेश के रूप में हुई है.

स्मृति ईरानी की बाई बांह और पैर में मामूली चोट लगी है. सिंह ने बताया कि बाईक पर पीछे बैठे उनके पिता और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया.

हादसे के बाद स्मृति ईरानी ने स्वयं ट्वीट कर अपने सकुशल होने की जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट कर अपने शुभचिंतकों से कहा, “मैं ठीक हूँ.” उन्होंने बताया कि किस तरह एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई थी. केन्द्रीय मंत्री ने सुनिश्चित किया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए और उन्होंने इस काम में मदद करने वाले दूसरे लोगों को धन्यवाद भी दिया.

EPF टैक्स लगाकर मोदी ने जनता को धोखा दिया है -राहुल

Bureau@navpravah.com

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बड़े जोर-शोर से आगामी चुनावों के प्रचार में लगे हुए हैं. शनिवार को असम में एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा ईपीएफ पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव वापस लेने तक वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे. सरकारी बजट को उन्होंने ‘फेयर एंड लवली’ योजना करार देते हुए कहा कि बजट में चोरों को काले धन को सफेद करने का अवसर दिया गया है, लेकिन इमानदारों के जीवन भर की संचय निधि पर कर लगा दिया है.

प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए राहुल ने कहा, “मोदी ने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं. जनता को उन्होंने धोखा दिया है. मगर जिन लोगों ने मोदी को वोट दिया वे अब ‘रिफंड’ चाहते हैं. मैं इस सरकार पर दबाव बनाना जारी रखूंगा क्योंकि यह ईमानदार कामगार वर्ग की सरकार नहीं है. यह गरीब किसानों, पिछड़े वर्ग, युवकों, महिलाओं, दलितों, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की सरकार नहीं है.”

राहुल ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के एक चुनिंदा समूह और काला धन रखने वालों के लिए काम करती है, परन्तु वे वेतनभोगी वर्ग के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा, “ मैंने मीडिया में कहा और प्रधानमंत्री से भी कहा था कि जनता की ईमानदार संचयन निधि पर कर नहीं लगाएँ और इस बारे में कुछ करें. लेकिन बृहस्पतिवार को संसद में अपने एक घंटे के भाषण में इस बारे में उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा.”

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में इस वर्ष 1 अप्रैल के बाद ईपीएफ निकासी पर 60 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव दिया था. प्रस्ताव का विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और अन्य वर्गों ने विरोध किया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष असम के दो-दिवसीय दौरे पर हैं.

प्रधानमंत्री जो कहते हैं, वह करते भी हैं -राष्ट्रपति

Bureau@navpravah.com

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मिशन की, और स्वयं मोदी की प्रशंसा की. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों इस कार्यक्रम में शरीक हुए थे.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की पहल पर आयोजित राज्य विधानसभाओं की महिला विधायकों और पार्षदों के एक कार्यक्रम में पहुंचे मोदी की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति बोले कि प्रधानमंत्री यहाँ केवल भाषण देने या आपको सुझाव देने नहीं आए हैं, बल्कि उनका आगमन इस बात का प्रमाण है कि वे जो भी कहते हैं, वो कर के भी दिखाते हैं.

लोकसभा अध्यक्ष  की पहल पर आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने  प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि देश की कमान संभालने के बाद मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया,राष्ट्रीय स्तर पर इस मुहीम को आगे बढ़ाया और इस दिशा में कई अहम् कदम भी उठाए.

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री कोई भाषण नहीं देने वाले,कुछ बोलने नहीं वाले परंतु फिर भी वे एक घंटा कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. यह उनकी इस विषय पर प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है. प्रणव मुखर्जी ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, वह करते भी हैं.

गौरतलब है कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय,स्वस्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल है जिसके अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्ति प्रदान करने का संकल्प लिया गया है. यह योजना प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी 2015 को प्रारंभ की थी.

‘भाबीजी’ पर बवाल, & टीवी से बना सकती हैं दूरी

Entertainment desk

कई दिनों से यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है कि ‘भाबीजी घर पर हैं’ कार्यक्रम की फेवरेट भाबी ‘अंगूरी’ कार्यक्रम छोड़ने वाली हैं. भाभी जी के प्रशंसकों के लिए ये बड़ी ही निराशाजनक खबर है.

मीडिया से बातचीत के दौरान अंगूरी भाबी ने कहा, “भाबी जी शो नहीं छोड़ रही हैं, बल्कि शो के मेकर्स उन्हें छोड़ना चाहते हैं, क्योंकि वे बेचारे उनके नखरों से परेशान हैं.”

सूत्रों से पता चला है कि एंड टीवी पर प्रसारित होने वाले शो ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाबी का किरदार निभाने वाली शिल्पा शिंदे को उनके नखरों की वजह से रिप्लेस किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो नई अंगूरी भाबी की खोज भी शुरू हो गई है.

शिल्पा शिंदे का कहना है कि यह उनका पहला शो नहीं है जो हिट है. अगर चैनल को रिप्लेसमेंट ढूंढना है, तो बिल्कुल ढ़ूढ लें. द शो मस्ट गो ऑन. मगर सही पकड़े हैं लाइन उनकी अपनी है और वे इस पंचिंग लाइन को अपने साथ ले जाएँगी. शिल्पा ने कहा,” शायद ये लोग ऐसा इसलिए कह रहे हैं ताकि मैं डर जाऊं. मैं कोई फालतू शर्त कतई नहीं मानूंगी और बाकी जो उन्हें करना है, कर लें.”

उन्होंने बताया कि वे चाहती थीं की उनके आउटफिट को थोड़ा हल्का बनाया जाए , साड़ी के पल्लू, बॉर्डर वगैरह को थोड़ा हल्का किया जाए मगर डिजाइनर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते. जूलरी नहीं आती है. सारी चीजें उन्हें खुद करनी पड़ती हैं. इन चीज़ों के लिए वे पैसे भी नहीं माँगती हैं. मगर प्रोडक्शन वालों को ये सब दिखाई सुनाई नहीं देता. इतने सब के बाद भी अगर ये बोला जाता है कि आप नखरे दिखा रही हैं तो अब बस एक ही जवाब बचता है, नेकी कर और दरिया में डाल.

इस विषय में एंड टीवी की टीम का कहना है कि भाबी जी रिप्लेस नहीं हो रही हैं. हर एक्टर के कुछ ना कुछ नखरे तो तो होते ही हैं पर वे उन्हें रिप्लेस नहीं कर रहे हैं.

गौरतलब है कि यह शो काफी पॉपुलर है और अंगूरी भाबी इस कार्यक्रम की चहेती अदाकारा हैं. ऐसे में अंगुरी भाबी के रिप्लेसमेंट से इस शो को काफी नुकसान हो सकता है.

गुजरात में मिली लावारिस पाकिस्तानी बोट!

Bureau@navpravah.com

गुजरात में कच्छ के कोटेश्वर इलाके से एक लावारिस पाकिस्तानी बोट मिली है. सभी एजेंसियों को इस विषय में सतर्क कर दिया गया है और कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.यह विषय अत्यंत गंभीर इस लिए भी है क्योंकि मुंबई हमले के लिए भी आतंकवादी पाकिस्तानी बोट से ही दाखिल हुए थे.

गौरतलब है कि गुजरात के कच्छ से ही एक व्यक्ति को सेना के कैंप की तस्वीर खींचते हुए गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी 26 फरवरी को हुई है. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम अयूब खान है जो कच्छ का ही रहने वाला है. इससे सेना ने पूछताछ की थी और फिर 4 मार्च को पुलिस के हवाले कर दिया था.

बंगाल में ६ चरणों में चुनाव, ममता नाराज़

AmitDwivedi@navpravah.com

बंगाल में ६ चरणों में होने वाले चुनाव की बात से ममता बनर्जी काफी नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और केरल में विधानभा चुनाव एक दिन में और असम में दो दिन में समाप्त हो जाएगा, जबकि उनके राज्य में मतदान को कई चरणों में कराए जाने की बात कही गई है.

चुनाव आयोग के बंगाल में ६ चरणो में कराए जाने वाले चुनाव के निर्णय को लेकर ममता दुखी नज़र आ रही हैं. हालाँकि पहले तो उन्होंने कहा कि वे राज्य में ६ चरणों में होने वाले चुनाव को लेकर दुखी हैं, साथ ही अपने बयान का बचाव करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि मतदान की तारीखों और उसके चरणों के निर्धारण का विशेषाधिकार चुनाव आयोग के पास है और हम इस निर्णय का सम्मान करते हैं, लेकिन वे उन पार्टियों से दुखी हैं जो उनकी पार्टी के बारे में भ्रम फैलाते हैं.

ममता ने कहा कि तमिलनाडु में २३४ सीटों पर चुनाव होना है और वहाँ मात्र एक दिन में चुनाव संपन्न कराया जाएगा.

५ राज्यों में ८२४ सीटों पर १७ करोड़ मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ४ अप्रैल से १६ मई के बीच सभी ५ राज्यों में चुनाव कराया जाएगा.

१ . पश्चिम बंगाल (कुल २९४ सीट)-

६ चरणों में होगा चुनाव
पहला चरण- ४ और ११ अप्रैल
दूसरा चरण- १७ अप्रैल
तीसरा चरण- २१ अप्रैल
चौथा चरण- २५ अप्रैल
पांचवां चरण- ३० अप्रैल
छठा चरण- ५ मई

२. असम (१२६ सीट)-

२ चरण में होगा चुनाव
पहला चरण- ४ अप्रैल
दूसरा चरण- ११ अप्रैल

३. तमिलनाडु (२३४ सीट)-

एक ही चरण में होगा चुनाव
१६ मई को होगा मतदान

४. केरल (१४० सीट)-

एक ही चरण में होगा चुनाव
१६ मई को होगा मतदान

५. पॉन्डिचेरी (३० सीट)-

एक ही चरण में चुनाव कराया जाएगा
१६ मई को होगा मतदान

एशिया कप: भारत और बांग्लादेश के बीच कांटे की टक्कर

Bureau@navpravah.com

रविवार को एशिया कप फाइनल खेलने के लिए मीरपुर में भारत और बांग्लादेश की टीमें आमने-सामने होंगी. बांग्लादेश के अब तक के प्रदर्शन के अनुसार उसे बेहद खतरनाक टीम माना जा रहा है.

एशिया कप का पहला टी20 मैच बांग्लादेश और भारत के ही बीच हुआ था, जिसमे बांग्लादेश ने भारतीय बल्लेबाजों के होश उड़ा दिए थे. शिखर धवन 2, विराट कोहली 7, सुरेश रैना 13 और युवराज सिंह 15 रनों पर ऑउट हुए थे. भारत का टॉप ऑर्डर बांग्लादेश की गेंदबाजी के आगे तितर बितर हो गया था.

यदि रोहित शर्मा ने पांव न जमाए होते (55 पर 83)  तो टीम इंडिया 166 रनों का स्कोर न खड़ा कर पाती. हार्दिक पांड्या का योगदान (18 पे 31) भी काबिल-ए-तारीफ था. हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने पलटवार कर ये मैच टीम इंडिया को जिता दिया था, पर इस हार के बाद बांग्लादेश की टीम ने अन्य मैचों में आक्रामक वापसी की.

बांग्लादेश ने यूएई को 51 रन से हराया. श्रीलंका को 23 रन से मात दी और फिर पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 5 विकेट से हराया.

पिछले तीन मैचों में बांग्लादेश ने बेहद धुंआदार प्रदर्शन किया है. बांग्लादेश के बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं. शब्बीर रहमान ने 4 मैचों में 144 रन बनाए हैं 127 की स्ट्राइक रेट से. पाकिस्तान के खिलाफ सौम्या सरकार ने भी बेहतरीन पारी खेली थी. वहीं गेंदबाजी में अल अमीन हुसैन ने 4 मैचों में 10 विकेट लिए हैं 7.42 की इकॉनोमी से. कप्तान मशर्फे मोर्तजा ने 4 मैचों में 5 विकेट लिए हैं 7 की औसत से. गेंदबाज एक बार फिर पेस से हमला करने की रणनीति बना रहे हैं .

पिछली वनडे सीरीज में भी बांग्लादेश ने भारत को 2-1 से हरा कर वापिस भेजा था. इसलिए एशिया कप फाइनल में बांग्लादेश को उसी की धरती पर हराना धोनी के धुरंधरों के लिए आसान नहीं होगा.

टीम इंडिया भले ही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है, लेकिन कई बड़े मुकाबलों में बांग्लादेश टीम इंडिया को मात दे चुकी है. साल 2007 के वनडे विश्वकप में बांग्लादेश की ही वजह से भारत को बाहर जाना पड़ा था. साल 2015 में भी बांग्लादेश टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी पर 109 रन से हार गई थी. इस मैच में रोहित शर्मा के आउट होने पर विवाद हुआ था जिसकी कसक बांग्लादेश के मन से कभी नहीं जाएगी.

गौरतलब है कि दूसरी बार बांग्लादेश टीम एशिया कप फाइनल में पहुंची है. इससे पहले सिर्फ एक बार फाइनल में पहुंची थी जहाँ पाकिस्तान से 2 रनों से हार गई थी. इसलिए बांग्लादेश की टीम इस बार एशिया कप जीतने के लिए पूरी जान लगा देगी. अब देखना ये है कि भारत,जो इस वक्त सफलताओं और आत्मविश्वास से ओत प्रोत है,वो एशिया कप हथियाने में भी सफल होता है,या बांग्लादेश टीम से फिर मात खाता है.

बेहद सुखद व अविश्वसनीय अनुभव -मनोज कुमार

ShikhaPandey@navpravah.com

मशहूर फिल्म अभिनेता-निर्देशक मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए वर्ष 2015 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. भारत सरकार के इस फैसले पर मनोज कुमार ने कहा, “यह बेहद सुखद व हैरान कर देने वाला अनुभव है. इस खबर को पचाने में मुझे थोड़ा वक्त लगेगा.”

मनोज कुमार ने बताया, ” मैं सो रहा था और मेरे दोस्तों के फोन आने शुरू हो गए. पहले मुझे लगा कि वे मुझसे मजाक कर रहे हैं, लेकिन जब मैंने अपने बारे में एक न्यूज वेबसाइट पर खबर पढ़ी, तब मुझे पता चला कि यह सच है.”

बेहतरीन देशभक्ति फिल्मों के कारण भारत कुमार भी कहे जाने वाले अभिनेता ने कहा, “यह निश्चित रूप से बहुत प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है. मैंने अपने जीवन में जो कुछ भी हासिल किया, मैं उससे संतुष्ट हूं और मेरा परिवार भी इस खबर से बेहद खुश है.”

मनोज कुमार आखिरी बार बड़े परदे पर 1995 की फिल्म ‘मैदान-ए-जंग’ में दिखाई दिए थे. उन्होंने कहा कि अब वे फिल्म उद्योग में और पुनः सक्रिय होने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा, “हां, मैं सुर्खियों से गायब था और यह मेरी ही गलती है. मैं एक फिल्म बनाना चाहता हूँ और जल्द ही सक्रिय होना चाहता हूं.”

गौरतलब है कि भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण कमल, 10 लाख रुपये नकद और एक शॉल प्रदान किया जाता है. मनोज कुमार को 47वें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. मनोज कुमार ने ‘उपकार’, ‘हरियाली और रास्ता’, ‘वो कौन थी’, ‘हिमालय की गोद में’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी अनेकों फिल्मों से अपने अभिनय की छाप छोड़ी. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और पद्मश्री से सम्मानित मनोज कुमार ने ‘रोटी कपड़ा और मकान’ सहित पांच से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया है.