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Wednesday, September 9, 2026
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सात साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म, मानवता हुई शर्मसार

मध्य प्रदेश से मानवता को शर्मसार करने वाली एक खबर आई है. गुरुवार की रात प्रदेश के जिला  भिंड में एक सात साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है. खबर है कि बच्ची एक शादी कार्यक्रम में अपने परिजनों के साथ भिंड आई जहाँ के स्थानीय युवक गौरव चौहान पुत्र कप्तान सिंह ,हाउसिंग कालोनी शहीद चौक निवासी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया.
रात के वक़्त बच्ची अपनी सहेलियों के साथ खेल रही थी उसी समय आरोपी गौरव आया और को ये बोलकर कि तुम्हारा डांस की लिस्ट में नाम आया है, मैडम के पास चलकर उसे कटवा दो, बच्ची को धर्मशाला स्थित ऊपर वाले कमरे में लेकर गया और उसके साथ दुष्कर्म किया. बच्ची के परिजन जब दरवाजे में दस्तक देने लगे तो गौरव ने बच्ची को चाकू दिखाकर जान से मार  डालने  की धमकी दी और चुप रहने को कहा. दरवाजा खोलते ही जब परिजन ने उससे कमरे में होने का कारण पूछा और बच्ची की ओर गए , तभी मौका पाते ही आरोपी गौरव भाग खड़ा हुआ. शादी कार्यक्रम में अन्य लोगों से नाम पूछने पर युवक की वास्तविकता का पता चल सका. परिजन बच्ची को लेकर सिटी कोतवाली भिंड गए, और पुलिस ने दुष्कर्म का  केस दर्ज किया. आरोपी युवक को पुलिस ने उसके घर से धर दबोचा है.
          सिटी कोतवाली के टीआई सुनील खेमरिया के अनुसार आरोपी गौरव चौहान अपनी कॉलोनी में ही चाइनीज़ फ़ूड का ठेला चलाता है.पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वह अपने किसी मित्र के साथ उस विवाह कार्यक्रम में पहुंचा था.

बैकफुट पर राज ठाकरे

AmitDwivedi@Navpravah.com
महाराष्ट्र में परप्रांतियों के ऑटोरिक्शे को जला देने वाले मामले पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे बैकफुट पर नज़र आ रहे हैं। राज ठाकरे ने अस्थायी रूप से इस आंदोलन को विराम देने का संकेत दे दिया है। अँधेरी में एक रिक्शा जलाए जाने के बाद राज को चौतरफा आलोचना का शिकार होना पड़ा, जिसकी वजह से राज ने यह निर्णय किया।
भाषा और प्रांत के नाम पर हमेशा माहौल को बिगाड़ने वाले राज ठाकरे इस बार सबके निशाने पर आ गए हैं। लगभग हर पार्टी के नेताओं ने रिक्शा जलाए जाने के राज ठाकरे के आह्वान को ‘गरीबों पर अत्याचार’ बताते हुए इस कृत्य की आलोचना की। इस मामले में ऑटो रिक्शा यूनियन ने मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर राज ठाकरे पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। यूनियन ने आरोप लगाया कि अँधेरी में जो रिक्शा जलाया गया उसमें भी मनसे कार्यकर्ताओं का हाथ है।
इस मामले पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि रिक्शा चालक भय में न रहे। उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ठाकरे ने शुक्रवार को आंदोलन को अस्थायी विराम देने की बात कही है। मनसे नेता शिरिष सावंत ने कहा कि चूंकि नए ऑटोरिक्शा अभी भी सड़कों पर नहीं आए हैं, ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व स्थिति का नाजायज फायदा उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति को परमिट मिलेगा, चाहे वह किसी भी प्रांत का हो। जिन्हें परमिट मिल रहा है, उनकी सुरक्षा सरकार का कर्तव्य है। इस पूरे मामले में राज ठाकरे बैकफुट पर नज़र आ रहे हैं।

‘टाईगर श्रॉफ’ बॉलीवुड के नए सीरियल किसर

Entertainment desk
बागी फ़िल्म का पहला सीन, छरहरी काया को काले रंग के बनियाइन से ढके टाइगर श्रॉफ और नाभि के ऊपर तक अपनी शार्ट शर्ट को गाँठ मारकर पहनी श्रद्धा कपूर। टाइगर श्रद्धा को अपनी बाहों में लेते हैं और बरसते पानी में अद्भुत रोमांटिक माहौल बनाते हुए एक डीप किस करते हैं। ऐसी अफवाहें बॉलीवुड के गलियारों में 1-2 दिनों से सुनाई दे रहीं हैं।
बागी में टाइगर श्रॉफ और श्रद्धा कपूर की शानदार अंडरस्टैंडिंग की अटकलों पर डायरेक्टर शब्बीर खान ने अपनी चुप्पी तोड़ ही दी है। शब्बीर ने कहा है कि ऑन स्क्रीन टाइगर-श्रद्धा की जोड़ी जबरदस्त है। इससे भी कहीं ज्यादा उनकी डॉयलॉग डिलीवरी और टाइमिंग है। शब्बीर कहते हैं कि “फ़िल्म पाइपलाइन में ही थी, तब ही मैंने टाइगर-श्रद्धा की केमिस्ट्री भाप ली थी। मौका फ़िल्म की स्क्रिप्ट पढने का था। लेकिन जिस अंदाज़ में वो एक दूसरे को समझा रहे थे,  वो  टाइगर- श्रद्धा के लिए अपनी स्कूल की यादों को तरोताज़ा करने वाला लम्हा बन गया।
दोनों की पढाई साथ हुई तो यह लाज़मी है कि दोनों की एक अलग प्रकार की ट्यूनिंग होगी। थाईलैंड और केरल में शूट करने के बाद शब्बीर ने कहा की ऑन द स्क्रीन दोनों एक साथ कहर ढा रहे हैं।
शूट के दौरान किसी भी अजीब पल नहीं घटने की बात करते हुए डायरेक्टर शब्बीर अहमद कहते हैं कि टाइगर-श्रद्धा एक अच्छे प्रोफेशनल हैं। शब्बीर याद करते हुए कहते हैं कि शूट में अगर एक किसी लाइन या फील को मिस कर जाता है, तो दूसरा उसकी फट से मदद कर देता। डिफिकल्ट सीन हो या रोमांटिक, एक्शन या गंभीर टाइगर-श्रद्धा एक दूसरे का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ रहे हैं।

टाइगर का हीरोपंती में को-एक्ट्रेस कृति सेनन के साथ डीप फ्रेंच किस हर किसी को याद है। अब बागी में भी श्रद्धा के किसिंग सीन, ऐसे में तो टाइगर अब सीरियल किसर बनने की राह पर निकल पड़े हैं।

तेरा सुरूर – एक अद्भुत प्रेम कहानी

समीक्षा – अमित द्विवेदी
रेटिंग- ✯✯✯
फ़िल्म- तेरा सुरूर
निर्माता- सोनिया कपूर, टी-सीरीज़, राकेश उपाध्याय
निर्देशक- शॉन अरान्हा
मुख्य कलाकार- हिमेश रेशमिया, फराह करीमी, नसीरुद्दीन शाह, शेखर कपूर, कबीर बेदी।
कड़ी मेहनत का माद्दा और जूनून आप में है, तो दुनिया का हर काम आपके लिए संभव है। ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे आप हासिल करना चाहें और न हो पाए। हिमेश रेशमिया ने अपनी कड़ी मेहनत और अपनी शिद्दत से काफी हद तक ये सिद्ध किया है। फ़िल्म तेरा सुरूर में हिमेश के साथ पूरी टीम की मेहनत साफ़ नज़र आती है। कहानी, पटकथा, संवाद, निर्देशन और संगीत, लगभग हर पहलू पर भरपूर मेहनत की गई है। जिसका सुरूर नज़र आता है फ़िल्म में।
कहानी-
रघु के इर्द-गिर्द घूमती है ये कहानी। पिता के गुज़र जाने और माँ के बीमार रहने की वजह से रघु 10 साल की उम्र में ही चाय बेंचकर अपना और अपनी माँ का गुज़र बसर करता है। माँ फ़िल्म इंडस्ट्री में एक जूनियर आर्टिस्ट रहती है। एक दिन जब रघु को डॉक्टर बताता है कि अगर वो अपनी माँ को बचाना चाहता है तो उसे 10 हज़ार रूपए की व्यवस्था करनी होगी, जोकि उस बच्चे के लिए असंभव था। रघु एक ऐसी जगह चाय बेचने जाता था जहां औरंगज़ेब नाम का गैंगस्टर रहता है। औरंगज़ेब को ख़त्म करने के लिए उसका दुश्मन रघु का सहारा लेता है और उसे मार डालने के बदले में 10 हज़ार रूपए देने की बात कहता है। रघु का मन उसे मारने का नहीं होता लेकिन औरंगज़ेब ने जब उसकी माँ के बारे अभद्र बातें कहीं तो वो खुद को न रोक सका और अंटोनी के दिए रिवाल्वर से रघु औरंगज़ेब की जान ले लेता है। रघु को बाल कारागार में भेज दिया जाता है।
जेल से निकलने के बाद परिस्थितियां बदलती हैं और रघु एक गैंगस्टर बन जाता है। रघु की ज़िन्दगी तब बदलने लगती है जब उसकी दोस्ती तारा वाडिया से होती है। दोनों एक दूसरे को बेइन्तहां प्यार करते हैं। एक दिन रघु और तारा में किसी बात को लेकर झगड़ा होता है और तारा गुस्से में रघु से दूर डबलिन चली जाती है। और पूरी फ़िल्म तब एक अलग मोड़ लेती है, जब तारा को डबलिन में पुलिस पकड़ लेती है। कुछ ही समय बाद पता चलता है कि तारा को एक कॉन्सर्ट के लिए उसका एक फेसबुक फ्रेंड डबलिन बुलाता है, जो उसे ड्रग स्मगलिंग में फंसा देता है। यही फ़िल्म का असल हिस्सा कहा जा सकता है। तारा को रघु कैसे बचाएगा, और रघु को उसका प्यार मिलेगा या नहीं यह जानने के लिए आपको सिनेमाघर की ओर रुख करना होगा।
फ़िल्म का लोकेशन, फोटोग्राफी और निर्देशन बेहतरीन है। पटकथा कमाल की है। पूरी फ़िल्म में आप कहीं बोर नहीं होंगे। संवाद भी बेहद रोचक है।
संगीत-
हमेशा की ही तरह हिमेश ने संगीत के साथ न्याय किया है। समीर अनजान, शब्बीर और आनंद राज आनंद के लिखे गीतों को बेहद कर्णप्रिय बनाया है। हालाँकि संगीत तो फ़िल्म के पहले ही हिट हो चुके हैं। रेडियो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहले ही फ़िल्म के गानों ने अपना जलवा बिखेरा है।

मैं भगोड़ा नहीं हूँ, देश के कानून पर है विश्वास -माल्या

AmitDwivedi@Navpravah.com

हज़ारों करोड़ के कर्ज़दार और विदेश भाग जाने के बाद आलोचना झेल रहे कारोबारी विजय माल्या ने आख़िरकार ट्वीट कर अपनी नाराज़गी व्यक्क्त की। माल्या ने अपने एक ट्वीट में लिखा कि मैं कोई भगोड़ा नहीं हूँ, व्यापार करता हूँ और उसके सिलसिले में विदेश आता-जाता रहता हूँ।

सुप्रीम कोर्ट में जिस दिन विजय माल्या के मामले पर सुनवाई होनी थी उसी दिन माल्या के देश से चले जाने को लेकर उनपर चौतरफा हमला हो रहा था। इसी मामले पर कल संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने भी स्पष्ट कर दिया था कि कोई भी देश का पैसा लेकर भाग नहीं सकता। जिसके बाद ही माल्या ने 2 ट्वीट करके अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की।

माल्या ने अपने ट्वीट में लिखा ” मैं एक अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी हूँ और व्यवसाय के सिलसिले में मुझे विदेशों का दौरा करना होता है। मैं अपने देश के कानून पर पूरा भरोसा करता हूँ।

माल्या ने कहा कि  बतौर सांसद मैं देश के कानून का सम्मान करता हूं और उसमें विश्वास रखता हूं, हमारे देश की कानून व्यवस्था काफी मजबूत है। लेकिन मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि विजय माल्या के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी 17 बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है।

किंगफिशर एयरलाइंस के घाटे में जाने के बाद माल्या बैंकों वो लोन नहीं चुका पाए। जिसके बाद माल्या के खिलाफ और उनके विदेश जाने पर रोक की मांग को लेकर एसबीआई समेत 17 बैंको ने अदालत में अर्जी दी। लेकिन बाद में पता चला कि माल्या देश से बाहर पहुँच गए हैं। जिसके बाद संसद से लेकर सोशल साइट्स पर माल्या के खिलाफ बयानबाज़ी तेज़ हो गई।

विदेश जाने के मामले पर विपक्ष ने तो यहां तक कहा दिया कि माल्या को बाहर भेजने में केंद्र सरकार का बड़ा हाथ है। जिसपर राज्यसभा में काफी हंगामा भी हुआ।

देश का पैसा लेकर कोई नहीं भाग सकता – नक़वी

AmitDwivedi@Navpravah.com

विजय माल्या के देश से भाग जाने के मामले पर केंद्र सरकार के तेवर तल्ख़ हैं। गुरूवार को सदन शुरू होने के पहले ही संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने माल्या मामले में कहा कि कोई भी देश का पैसा लेकर भाग नहीं सकता।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पहले ही विजय माल्या के देश छोड़कर भाग जाने के मामला गरमाता जा रहा है। और अब संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कड़ा रुख अख़्तियार करते हुए कहा कि कोई भी देश का पैसा लेकर भाग नहीं सकता।

गुरूवार को पत्रकारों से बात करते हुए नक़वी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया में समय लगता है लेकिन जो देश का पैसा लेकर भागने की कोशिश करेगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विजय माल्या को हर हाल में भारत लाया जाएगा। ऐसी संभावना थी कि इसी मसले पर विपक्ष आज सरकार को घेरने वाली थी लेकिन नक़वी सदन की शुरुआत में ही अपना जवाब देकर विपक्षी मंसूबे को नाकाम कर दिया।

आर्म्स एक्ट मामले में आज सलमान की पेशी

AmitDwivedi@Navpravah.com

अभिनेता सलमान खान बृहस्पतिवार को जोधपुर अदालत में पेश होंगे। आर्म्स एक्ट में फंसे अभिनेता पर लाइसेंस की अवधी समाप्त होने के बावजूद शिकार के लिए हथियार का इस्तेमाल करने का आरोप है। इस मामले में आज सलमान का बयान दर्ज़ किया जाएगा।

आर्म्स एक्ट मामले में फंसे अभिनेता सलमान खान की आज (वृहस्पतिवार) पेशी है। जिसके मद्देनज़र न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जोधपुर प्रशासन ने सुरक्षा को मज़बूत रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है।

सन 1998 में जोधपुर में फ़िल्म ‘हम साथ-साथ है’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थानों पर हिरणों का शिकार करने का आरोप है। सलमान ने उस पिस्तौल का इस्तेमाल किया था, जिसके लाइसेंस की वैधता समाप्त हो गई थी। इसके बाद सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग से मुकदमा और दर्ज किया गया था।

इस मामले को अब लगभग 17 साल हो गए हैं। अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सलमान को इस मामले का निर्णय जल्दी सुना दिया जाएगा।

ममता बनर्जी के खिलाफ चंद्र कुमार बोस होंगे बीजेपी के उम्मीदवार

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पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने एक बढ़िया दांव खेला है । बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए भवानीपुर क्षेत्र से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसका ऐलान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी ने किया है।
स्मृति ईरानी ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ममता बनर्जी के खिलाफ चंद्र कुमार बोस बीजेपी के उम्मीदवार होंगे।’ चंद्र कुमार बोस ने इस विषय में कहा कि लोगों ने 2011 में जिस बदलाव के लिए तृणमूल कांग्रेस को वोट देकर सत्ता में पहुंचाया था वह नहीं हुआ। केवल बीजेपी ही यह बदलाव लाने में सक्षम है। अपनी जीत की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर बोस ने कहा कि यह उनकी बात नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की जनता की बात है और जनता ही निर्णय करेगी कि कौन उनका नेता होगा।
गौरतलब है कि बीजेपी इस बार के चुनावों में पश्चिम बंगाल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।  चंद्र बोस हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं। बीजेपी से उनके इस जुड़ाव को तभी से प. बंगाल में होने वाले चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा था।
बीजेपी इस बार चुनाव में कड़ी चुनौती पेश करना चाहती है। अब तक उसकी मुश्किल यह थी कि प. बंगाल में उसके पास कोई भी बड़ा चेहरा नहीं था।अब उसकी यह समस्या हल हो गई है और उसने इस अवसर को बखूबी भुनाया है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं, जहां 4 अप्रैल से 5 मई तक छह चरणों में मतदान होगा।

हिम्मत हो तो जेल भेज कर दिखाएं अनुपम -साध्वी प्राची

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अपने विवादास्पद भाषणों व टिप्पणियों के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाली हिंदुत्ववादी नेता साध्वी प्राची ने अभिनेता अनुपम खेर को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनमें हिम्मत हो तो उन्हें और योगी आदित्यनाथ को जेल भेजकर दिखाएं।

पिछले हफ्ते अनुपम खेर द्वारा साध्वी व योगी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान पर साध्वी ने कहा कि हम हिंदू हितों के लिए लड़ाई लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे और अगर खेर में हिम्मत है तो वह मुझे और योगी आदित्यनाथ को जेल भेजकर दिखाएं। मुजफ्फरनगर दंगों पर न्यायमूर्ति विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट को दिखावा करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में मुख्य आरोपी की पहचान नहीं दर्शायी गई है, जो एक राजनीतिक हस्ती है।

जेएनयू प्रकरण पर साध्वी ने कहा कि जेएनयू राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की ‘फैक्टरी’ बन गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध की मांग की।

गौरतलब है कि अनुपम खेर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में असहिष्णुता मुद्दे पर चल रही बहस में कहा था कि साध्वी प्राची और योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं को अप्रासंगिक बयानबाजी के लिए बीजेपी से बाहर निकाल देना चाहिए और उन्हें जेल भेज देना चाहिए।

 

रियल लाइफ में भी विलन हैं अनुपम खेर- योगी आदित्यनाथ

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अनुपम खेर के योगी और साध्वी पर दिए गए विवादित बयान के बाद योगी आदित्यनाथ ने भी पलटवार किया है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने अब अनुपम खेर को ‘असल ज़िन्दगी का खलनायक’ बताया है.

हालांकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर अभिनेता अनुपम अपनी ड्रामेटिक और कॉमेडी फिल्मों में अभिनय के लिए अत्यधिक लोकप्रिय हैं, लेकिन उन्होंने कई ऐसी यादगार नेगेटिव भूमिकाएं भी की हैं, जिनमें निभाए उनके किरदार अमर हो गए हैं. अनुपम खेर समय समय पर समाज में होनेवाली गतिविधियों व घटनाओं पर अपनी स्वतंत्र प्रतिक्रिया देते रहते हैं.

43 वर्षीय सांसद योगी आदित्यनाथ हमेशा से अपने भड़काऊ भाषणों के लिए सुर्ख़ियों में रहे हैं. स्वयं दूसरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले योगी, पिछले सप्ताह कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अनुपम खेर द्वारा उन्हें लेकर की गई टिप्पणी से बेहद नाराज़ हैं. कोलकाता के कार्यक्रम में अभिनेता अनुपम खेर ने कहा था कि योगी व साध्वी जैसे नेताओं को बीजेपी से बाहर निकाल दिया जाना चाहिए और जेल में बंद कर देना चाहिए.

गौरतलब है कि कार्यक्रम के दौरान अनुपम खेर ‘असहिष्णुता’ के मुद्दे पर बात कर रहे थे और नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में दिए गए उनके भाषण को पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया में जमकर शेयर किया गया है.

अब योगी आदित्यनाथ ने खेर के बयान पर पलटवार करते हुए ट्विटर पर कहा है, “अनुपम खेर ने साबित कर दिया है कि वह रील-लाइफ में ही नहीं, रीयल लाइफ में भी खलनायक हैं.”