28.4 C
Mumbai
Saturday, August 1, 2026
Home Blog Page 1252

सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत

ब्यूरो

मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना की खबर आई है। घोंसला उज्जैन रोड पर एक जीप और डम्पर में टक्कर हो गई, जिसमें एक ही परिवार के 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जीप में सवार महेन्द्रपुर का पालीवाल परिवार जिसमें बच्चों समेत 12 लोग थे, 11 की मृत्यु हो चुकी है और ढाई साल का एक बच्चा ही जिंदा बचा है, जिसके पैर में फ्रैक्चर हो गया है जिसका इलाज डॉक्टर्स कर रहे हैं।

जीप को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों के शवों को अभी जिला अस्पताल स्थित पोस्टमॉर्टेम कक्ष में ले जाया गया है। जिला कलेक्टर कवीन्द्र कियावत के मुताबिक़ घटना की जांच जारी है। दुर्घटना से गुस्साए हुए स्थानीय लोगों ने दोनों ही वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया है।

वीज़ा फीस में बढ़ोत्तरी से भारत नाख़ुश, वित्त मंत्री ने पक्षपाती रवैया करार दिया

ब्यूरो

अमेरिका द्वारा वीज़ा फीस में बढ़ोत्तरी को भारत ने पक्षपाती रवैया बताया है। इस कदम से सर्वाधिक हानि आईटी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीयों को ही हो रहा है। अमरीका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत माइकेल फ्रीमैन से द्विपक्षीय वार्ता में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात पर जोर दिया कि टोटलाइजेशन अनुबंध को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, ताकि अमरीका में कार्यरत भारतीय लोगों को इसका फायदा मिल सके।

वित्त मंत्री ने वीज़ा विषय में कहा कि, “भारत H-1B एवं L वीज़ा की फ़ीस में बढ़त को लेकर काफी चिंता में है, जिसे हम पक्षपातपूर्ण मानते हैं। भारतीय आईटी कम्पनीज इसका सीधा टारगेट हैं। गत वर्ष अमरीकी संसद ने H-1B एवं L-1 वीज़ा पर 4500 डॉलर्स तक की स्पेशल ड्यूटी लगाईं थी, जोकि 9/11 के स्वास्थ्य अधिनियम व बायोमेट्रिक ट्रैकिंग सिस्टम के आर्थिक दृढ़ता के हित में उठाया गया कदम था।

भारतीय आईटी कम्पनीज में ये वीसा काफी प्रचलित हैं। इसमें संसदीय नेताओं के द्वारा ग्यारह सौ अरब डॉलर्स के खर्च विधेयक पर स्वीकृति देकर कुछ कैटेगरी के H-1B वीज़ा पर चार हजार डॉलर और L-1 वीज़ा पर चार हजार पांच सौ डॉलर की ड्यूटी लगाये जाने का निर्णय लिया गया था।

वित्त मंत्री के अनुसार भारत टोटइज़ेशन अनुबंध को जल्द से जल्द पूरा करवाना चाहता है। औद्योगिक अनुमान के अनुसार भारत के प्रोफेशनल्स ने पिछले दस वर्षों में अमरीका में सोशल सिक्योरिटी के लिए 25 अरब डॉलर्स का योगदान दिया है, लेकिन उन्हें अपने योगदान के वाप प्राप्त करने का मौका अब तक नहीं मिला है।

कहाँ हैं हमारे राम ?

अनुज हनुमत 

एक राम घर की तलाश में मायूस बैठे हैं क्या वही है हमारे राम? एक राम पिछले कई दशक से धनुष बाण लिए खड़े हैं उनको क्रोधित स्वरुप में दिखाया गया है, क्या वही है हमारे राम ? एक राम जिन्हें कुछ लोगों ने ‘सांप्रदायिकता का प्रतीक’ बना दिया है क्या वही हमारे राम?

अगर ये तीनों ही हमारे राम नही हैं तो आखिर मौजूदा समय में कहाँ हैं हमारे राम ?  हमारे राम तो मर्यादपुरुषोत्तम हैं, हर प्राणी मात्र के हृदय में बसने वाले हैं। तो क्या हमने उन्हें अपने हृदय से निकाल दिया ? या उन्हें फिर से वनवास भेज दिया? क्योंकिं अगर राम इस धरती पर होते तो एक मनुष्य दुसरे मनुष्य से ईर्ष्या न करता। कोई भी अपनी ही बहन बेटियों की इज्जत न तार तार करता और न ही अपने माँ बाप को सताता। न तो इस धरती पर धर्म के नाम पर खून बहता और न ही दो मुल्क आपस में बंटते। अधिकांश लोगो का कहना है कि ‘राम थे’ जबकि ऐसा नही है। राम न भूत हैं और न ही भविष्य बल्कि राम तो वर्तमान हैं।

राम कभी मरते नहीं बल्कि राम तो जीवन की वो पवन हैं, जो हर स्वांस में बसती है। राम तो वो विचार हैं, जो मन से उठने वाली हर तरंग में है। राम तो वो हैं जो हर हृदय में निवास करते हैं। राम अहिंसा और ब्रह्मचर्य के प्रतीक हैं। राम एक पूरा जीवन हैं। राम बहुत सरल हैं, इतने कि उन्हें अपनी पूजा पसंद नहीं, अपनी तारीफ कबूल नहीं, वे तो अपनों की खुशी में ही अपनी खुशी महसूस करते हैं। राम कष्ट भी और राम आनंद भी।

आज रामनवमी के दिन पूरा देश बड़े हर्षोल्लास के साथ श्री राम का जन्मोत्सव मना रहा है, पर इस समय देश की स्थिति यह है कि श्री राम के नाम तक को हिंसा और साम्प्रदायिकता का प्रतीक मान लिया गया है, जबकि ऐसा गलत है। इस समय देश में दो पक्षों द्वारा राम के वास्तविक अस्तित्व के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, एक तो वो पक्ष है जो भगवान राम को अपनी व्यक्तिगत सम्पत्ति मानते हैं और इस नाते उनके राम हमेशा ही धनुष बाण लिए दशकों से एक ही मुद्रा में खड़े हैं, जिसमे उन्हें एक फाइटर मैन बनाया गया है। जो स्वभाव से बहुत क्रोधी और अपने हक़ के लिए लड़ने वाला योद्धा हैं।

दूसरा पक्ष उन लोगो का है जो राम को न तो जानते हैं और न ही उनके वास्तविक अस्तित्व को स्वीकारते ही हैं। इनका मानना है कि राम हिंसा और साम्प्रदायिकता के प्रतीक हैं और वो मानवता के पोषक नही बल्कि उसके दुश्मन हैं । इस पक्ष को रामराज्य की कल्पना ही गलत और भ्रामक लगती है। कुछ भी हो पर ये तो स्पष्ट है कि दोनों ही पक्ष राम को नहीं जानते हैं और न ही उनके आदर्शों को समझ पा रहे हैं।

सबसे बड़ी बात ये है कि जो पक्ष राम के अस्तित्व को स्वीकारता है, वही मूल रूप से मौजूदा समय में राम के गायब होने के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि जो हमारे राम हैं, उनका घर तो ये पूरा संसार है और फिर ये अपने राम के रहने के लिए घर की लड़ाई दशकों से लड़ रहे हैं। शायद हमारे राम को इन दोनों पक्षों ने मिलकर फिर से वनवास में भेज दिया, इसीलिए आज हमारे राम हमारे बीच नही हैं ।

इसलिए आज रामनवमी के पावन दिन पर इसी प्रश्न का उत्तर खोज रहा हूँ कि “कहाँ हैं हमारे राम ?”

तत्काल हटाए जाएँ हाइवे से स्पीड ब्रेकर – परिवहन मंत्रालय

आनंद द्विवेदी

परिवहन मंत्रालय द्वारा एक अहम फैसला लेते हुए राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि हाईवेज़ पर बने स्पीड ब्रेकर्स को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाय ताकि, परिवहन सामान्य हो सके और परिचालन में आने वाली दिक्कतें भी ख़त्म हों। इन ब्रेकर्स के कारण वाहनों के परिचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

परिवहन मंत्रालय ने सभी प्रदेशों से बुधवार तक इस विषय में रिपोर्ट भी माँगी है। साथ ही मंत्रालय ने उन सभी ब्रेकर्स की रिपोर्ट भी मांगी है जिन्हें अनुमति के बाद बनाया गया था। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इण्डिया के मुताबिक़ परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में ये बताया गया कि वर्ष 2014 में 4726 लोग सड़क पर दूसरी गाड़ियों से टक्कर होने के कारण मारे गये, जबकि सड़क पर बने ब्रेकर्स के कारण 6672 लोगों की मौत हुई।

परिवहन मंत्रालय ने हाल में ही एक सर्कुलर जारी किया जिसके अनुसार जारी दिशा निर्देशों के बावजूद कई जगह पर वाहनों की गति पर अवरोध उत्पन्न करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा स्पीड ब्रेकर्स बना दिए जाते हैं। इन्ही कारणों से कई बार हाईवेज़ पर गंभीर हादसे भी होते हैं।

राज्यपाल मेरे लिए खतरा बन चुके हैं -आज़म खान

ब्यूरो 

लम्बे अरसे से राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री आजम खाँ के बीच चल रहा शीत युद्ध ख़त्म होने का नाम ही नही ले रहा। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को नजदीक आते देख आजम खां ने भी राज्यपाल राम नाईक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कल राज्यपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा नुकसान करना ही उनका एकमात्र मिशन है, इसके चलते उनसे मुझे बड़ा ख़तरा पैदा हो गया है।

गुरूवार को नौगावां सादात में पत्रकारों से नगर विकास मंत्री आज़म खान ने फिर कहा कि अयोध्या का विवादित राम मंदिर मुद्दा, जो कि सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है ,उस पर बयान देना राज्यपाल को शोभा नही देता। राज्यपाल सवैंधानिक पद हैं, ऐसे सम्माननीय पद पर आसीन हकर राजनीति करना उचित नहीं है।विधानसभा में दिए गए अपने बयान पर आज़म ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि विधानसभा में कोई भी सदस्य मंत्री नही विधायक की हैसियत से बोलता है।

आज़म खान ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि राज्यपाल ने मुझे बर्खास्त करने की बात कहकर उन लोगों का अपमान किया है, जिन्होंने हमें विधायक बनाया। ये देखना दिलचस्प होगा की राज्यपाल और आजम खां के बीच चल रही ये ज़ुबानी जंग किसकी बोलती बन्द करती है।

«आज का पंचांग » इनका भी रखें ख़याल

आचार्य अम्बुज तिवारी

15 अप्रैल 2016
नवमी, शुक्ल पक्ष
चैत्र

⚜तिथि नवमी 22:03:13
⚜पक्ष शुक्ल
⚜नक्षत्र पुष्य 15:35:41
⚜योग धृति 12:26:42
⚜करण बालव 09:40:40
⚜करण कौलव 22:03:13
⚜वार शुक्रवार

माह
⚜चैत्र
⚜चन्द्र राशि कर्क
⚜सूर्य राशि मेष
⚜रितु वसंत
⚜आयन उत्तरायण
⚜संवत्सर दुर्मुख
⚜संवत्सर (उत्तर) सौम्य
⚜विक्रम संवत 2073
⚜विक्रम संवत (कर्तक) 2072
⚜शाका संवत 1938

☀Solar Tithi 3
☀Solar Month वैशाख
☀Jaipur, India
🌞सूर्योदय 06:04:00
🌔सूर्यास्त 18:49:56
🌝दिन काल 12:45:56
🌚रात्री काल 11:13:04
🌜चंद्रोदय 13:04:39
🌘चंद्रास्त 26:27:58

At Sunrise
⚜लग्न मेष 1°23′ , 1°23′
⚜सूर्य नक्षत्र अश्विनी
⚜चन्द्र नक्षत्र पुष्य

पद, चरण
⚜3 हो पुष्य 09:16:34
⚜4 ड पुष्य 15:35:41
⚜1 डी आश्लेषा 21:57:24
⚜2 डू आश्लेषा 28:21:37

मुहूर्त
⚜राहू काल 10:51 – 12:27 अशुभ
⚜यम घंटा 15:38 – 17:14 अशुभ
⚜गुली काल 07:40 – 09:15
⚜अभिजित 12:01 -12:52 शुभ
⚜दूर मुहूर्त 08:37 – 09:28 अशुभ
⚜दूर मुहूर्त 12:52 – 13:44 अशुभ
⚜लग्न मेष 1°23′ , 1°23′
⚜गंड मूल 15:36 – अहोरात्र अशुभ

चोघडिया, दिन
⚜चाल 06:04 – 07:40 शुभ
⚜लाभ 07:40 – 09:15 शुभ
⚜अमृत 09:15 – 10:51 शुभ
⚜काल 10:51 – 12:27 अशुभ
⚜शुभ 12:27 – 14:03 शुभ
⚜रोग 14:03 – 15:38 अशुभ
⚜उद्वेग 15:38 – 17:14 अशुभ
⚜चाल 17:14 – 18:50 शुभ

चोघडिया, रात
⚜रोग 18:50 – 20:14 अशुभ
⚜काल 20:14 – 21:38 अशुभ
⚜लाभ 21:38 – 23:02 शुभ
⚜उद्वेग 23:02 – 24:26 अशुभ
⚜शुभ 24:26 – 25:51 शुभ
⚜अमृत 25:51 – 27:15 शुभ
⚜चाल 27:15 – 28:39 शुभ
⚜रोग 28:39 – 30:03 अशुभ

आज का राशिफल – 15/04/2016

प्रोफ़ेसर एम. तिवारी

(खगोल शास्त्री)

⚜मेष (Aries): आज आपको खास सावधानी बरतनी चाहिए। आज आप अधिक संवेदनशील और भावनात्मक होंगे। किसी भी बात से आपका मन दुखी हो सकता है और आपकी भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।

⚜वृषभ (Tauras): आपकी चिंताएं कम होंगी और उत्साह बढ़ेगा। मन प्रफुल्लित रहेगा। आपकी कल्पनाशक्ति पूर्णरुप से खिलने के कारण साहित्यलेखन में किसी रचना का सृजन करेंगे। कौटुंबिक तथा आर्थिक बातों पर ध्यान दें।

⚜मिथुन (Gemini): आज आपका दिन मिश्र फलदायी रहेगा। थकान, व्यग्रता और प्रसन्नता का मिलाजुला अनुभव करेंगे। निर्धारित कार्यों को पूर्ण कर सकेंगे। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ समय आनंद से बीतेगा।

⚜कर्क (Cancer): आपका दिन हर प्रकार से आनंदित रहेगा। तन और मन दोनों दृष्टि से आप स्वस्थ और प्रफुल्लित रहेंगे। परिवारजन, स्नेहीजन और मित्रों से सुख और आनंद की प्राप्ति होगी। उनकी ओर से उपहार मिल सकता है।

⚜सिंह (Leo): अपनी संवेदनशीलता पर नियंत्रण रखें। आरोग्य से सम्बंधित विषय में आप चिंतित रह सकते हैं। चिंता के कारण शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। व्यर्थ के वाद-विवाद को टालें। भ्रांतियों को दूर रखें।

⚜कन्या (Virgo): आज का दिन लाभदायी। विविध क्षेत्रों से यश, कीर्ति और लाभ प्राप्त होने की संभावना। धनप्राप्ति के लिए दिन शुभ है। विशेषकर स्त्री मित्रों से लाभ होने के संकेत हैं। गृहस्थजीवन में सामंजस्य रहेगा।

⚜तुला (Libra): आज का दिन शुभफलदायी रहेगा। आपके घर और कार्यालय में सानुकूल वातावरण रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के अवसर उपस्थित होंगे। गृहस्थजीवन में माधुर्य छाया रहेगा।

⚜वृश्चिक (Scorpio): शारीरिक थकान, आलस्य और मानसिक चिंता की अनुभूति कर सकते हैं। व्यवसाय में बाधा खड़ी हो सकती है। संतान के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। आज प्रतिस्पर्धियों से वाद-विवाद न करें।

⚜धनु (Sagittarius): आज कोई भी नए काम और व्याधियों के उपचार की शुरुआत न करें। अत्यंत संवेदनशीलता के कारण आपकी मानसिक स्थिति व्याकुल रह सकती है। वाणी और क्रोध पर संयम जरुरी है।

⚜मकर (Capricorn): विविध कारणों से आपके व्यापार का विस्तार होगा और उसमें वृद्धि के योग हैं। धनलाभ के प्रबल योग हैं। संतान के अभ्यास के विषय में चिंतित रह सकते हैं। कार्यों में सफलता मिलेगी।

⚜कुंभ (Aquarius): कार्य की सफलता के लिए शुभ दिन है। आज किए गए कार्यों की वजह से आप यशस्वी बनेंगे और आप की कीर्ति में वृद्घि होगी। परिवारजनों के साथ वक्त अच्छा गुजरेगा। घर का वातावरण अच्छा रहेगा।

⚜मीन (Pisces): आज आप काल्पनिक दुनिया में विचरण कर सकते हैँ। विद्योपार्जन करने वाले अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। प्रणय के लिए अच्छा दिन। स्वभाव में संयम रखें। मानसिक संतुलन बनाए रखें।

 

(प्रोफ़ेसर एम. तिवारी प्रसिद्ध खगोलशास्त्री एवं दस महाविद्याओं के ज्ञाता हैं। अपनी समस्याओं का हल प्राप्त करने के लिए आप पंडित जी से 09919499991 पर संपर्क कर सकते हैं।)

 

तेज़ गर्मी से लोग परेशान, देश के कई इलाके में तापमान 40 डिग्री के पार

ब्यूरो

भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र ने गुरुवार को पूर्वानुमान लगाया कि अगले सप्ताह देश के कई इलाके में गर्मी अपना कहर ढा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा, तेलंगाना, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र, पंजाब और हरियाणा, ओडिशा और गंगा वाले पश्चिम बंगाल के क्षेत्र में लू जैसी स्थितियां रह सकती हैं।

मौसम विभाग के आमजनमानस को चेताते हुए कहा कि देश के आधे से अधिक इलाके में सुरक्षित रहने की आवश्यकता है। आईएमडी के अनुसार 12 से 21 अप्रैल के दौरान भारत के ज्यादातर भागों में रात का भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उत्तर पश्चिम के इलाके में (राजस्थान,गुजरात और जम्मू कश्मीर) तापमान सामान्य रहने की सम्भावना है।

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार देश के कई भागों में लू कीस्थितियां बनती नज़र आ रही हैं। कई स्थानों पर तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया है। उदाहरण के लिए, ओडिशा के टिटलागढ़ और आंध्र प्रदेश के नालगोंडा में अधिकतम तापमान क्रमश: 45 और 44 डिग्री सेल्सियस रहा। हैदराबाद में भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा जो 43 वर्ष में अधिकतम है।

तेलंगाना राज्य में भीषण गर्मी के चलते अब तक 35 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य सरकार ने एहतियातन सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे समस्या और न बढ़ने पाए। एक अधिकारी द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ अगले 24 घंटे में तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहने की सम्भावना है।

हिस्सेदारी का लालच देकर व्यापारी से एक करोड़ की ठगी

ब्यूरो (देहरादून)

शराब के ठेके में हिस्सेदारी का लालच देकर व्यापारी से एक करोड़ रुपये ठग लिए गए। ठगी का आरोप व्यापारी ने अपने परिचितों पर लगाया है। बुधवार को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपी धोखाधड़ी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है।

मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक विजय सिंघल निवासी कौलागाढ़ शहर के बड़े व्यापारी हैं। उन्होंने पुलिस में अपने कुछ साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार विजय सिंघल से उनके परिचित अमित अग्रवाल ने पिछले साल फरवरी में कहा कि वह शराब का ठेका ले रहा है।

ठेके में 50 प्रतिशत पार्टनरशिप देने की बात कहकर अमित ने विजय से एक करोड़ रुपये मांगे और कहा कि जो भी लाभ होगा आधा-आधा कर लेंगे। इस बात पर विजय राजी हो गए और अमित व उसके साथियों को एक करोड़ रुपये दे दिए। इसके बाद मार्च 2015 में शराब के ठेकों की लॉटरी हुई तो अमित अग्रवाल को कोई ठेका नहीं मिला। इसके बाद विजय ने अमित से रुपये वापस मांगे तो वह एक साल के लिए टाल गया। इस बीच जब विजय को पता चला कि अमित के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं, तो उन्होंने अमित पर रुपये वापस करने के लिए दबाव बनाया, लेकिन अमित ने इंकार कर दिया।

इस साल भी अमित के नाम कोई दुकान नहीं आई तो विजय ने दोबारा रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस पर अमित ने विजय को जान से मारने की धमकी भी दी। सीओ सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि विजय की तहरीर पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अमित अग्रवाल कुछ समय पहले धोखाधड़ी के एक मामले में जेल भी जा चुका है।

 

महाराष्ट्र सरकार ने पारित किया ‘सामाजिक बहिष्कार अधिनियम 2016’

आनंद द्विवेदी

हाल ही में आपने नवप्रवाह.कॉम में पढ़ा होगा कि कैसे छत्तीसगढ़ में एक साहू परिवार का समाज ने सामूहिक बहिष्कार कर जीवन दुर्वार कर दिया है। सामाजिक चेतना और वैधानिक अवमूल्यन की ऐसी ही परंपरा में महाराष्ट्र सरकार का सराहनीय फैसला सामने आया है। सामाजिक बहिष्कार जैसे घृणित कृत्यों की रोकथाम के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सर्वसहमति से सामाजिक बहिष्कार (रोकथाम,निषेध और निवारण) अधिनियम 2016 पारित किया है।

इस अधिनियम के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति या समूह दूसरे किसी व्यक्ति या समूह का सामाजिक बहिष्कार करता है या ऐसे मामले में किसी भी तरह दोषी सिद्ध होता है, तो उसे तीन सालों तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है। साथ ही 1 लाख रुपये तक का अर्थदंड भी भरना पड़ सकता है।

इस कानून के अनुसार आर्थिक दंड में प्राप्त राशि का पूरा या एक हिस्सा पीड़ित व्यक्ति को दिया जाएगा, जिससे वो अपना जीवन सामान्य स्थिति में भी ला सके। देवेन्द्र फडनवीस की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने बहिष्कार को अपराध का दर्जा दिया है। साथ ही महाराष्ट्र भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने इस सम्बन्ध में कानून भी बना डाला है। इस क़ानून के मुताबिक़ बहिष्कार पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार का कोई भी सदस्य सीधा या तो पुलिस या फिर जज के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। चार्जशीट दाखिल होने के 6 महीने के अंदर मामले की सुनवाई पूरी किये जाने और दोषियों को दण्डित किये जाने के प्रावधान हैं।

इसी अधिनियम ने न्यायालय को ये शक्ति दी है कि वह दोषी पाए गए व्यक्ति या समूह को दंड देने से पूर्व सामाजिक बहिष्कार के पीड़ित का बयान सुन सकती है और उसके आधार पर दंड निर्धारित कर सकती है।

विधान सभा के समक्ष इस बिल को लाने से पूर्व सीएम फडनवीस ने परिषद को बताया कि राज्य में सामूहिक बहिष्कार के 68 वाकये सामने आये, जिसमें अकेले रायगढ़ जिले में 633 लोग इसे झेल रहे हैं।