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Tuesday, August 4, 2026
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कश्मीरी घाटी में तनाव का माहौल, रोकी गई अमरनाथ यात्रा

अभिजीत मिश्र,

जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी बुरहान के एनकाउंटर के बाद घाटी में तनाव का माहौल है। इस तनाव के मद्देनज़र पवित्र अमरनाथ यात्रा अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घटे। पुलवामा और श्रीनगर में कर्फ्यू के साथ ही बोर्ड की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

किसी भी तरह का विवाद न पनपे, इसलिए कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, साथ ही कश्मीर के दक्षिणी इलाके में मोबाइल फोन सेवाओं पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कश्मीर के त्राल इलाके को छोड़कर अन्य इलाकों में शांति का माहौल है।

जवानों ने कल हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को अनंतनाग में ढेर कर दिया, जिसके बाद उसके गृहनगर त्राल में लोगों ने व्गिइर्राओढ़ प्रदर्शन भी किया। इस आतंकी पर सरकार ने 10 लाख रूपए का ईनाम रखा था। जानकारी के मुताबिक़ उसने 2011 में हिज्बुल ज्वाइन किया था।

यह आतंकी पिछले तीन साल से कश्मीर में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दक्षिण कश्मीर में वह काफी सक्रिय था। इसलिए सरकार ने इस इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है, जिससे किसी भी तरह का विवाद उग्र न होने पाए। यह आतंकी कश्मीरी युवाओं को बहकाता था उन्हें आतंक के रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित करता था।

जोहानिसबर्ग में बोले मोदी, “भारत दक्षिण अफ्रीका को गले लगाने वाला पहला देश था”

अनुज हनुमत

जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रात जोहानिसबर्ग में भारतीय समुदाय को सम्बोधित किया। उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्टेडियम में 11 हजार से भी ज्यादा लोग मौजूद थे। लोगों के अंदर जबरदस्त उत्साह दिख रहा था। पीएम के आने पर मोदी-मोदी के नारे के साथ पूरा परिसर गूंजने लगा।

अपने विशेष अंदाज के लिए प्रसिद्द पीएम मोदी यहां भी स्थानीय परिधान में ही पहुंचे और पीएम ने कहा कि आप सबके बीच आना मेरे लिए खुशी और सौभाग्य की बात है। हमारी परंपरा हमें आपसे जोड़ती है। मोदी एप पर मुझे आपसे कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। यहाँ सदियों पहले हमारे पूर्वज आए थे। आपको देखकर पूर्वजों की पीड़ा याद आती है।

भारत दक्षिण अफ्रीका को गले लगाने वाला पहला देश था। हम वसुधैव कुटुंबकम की भावना से जुड़े हुए हैं। मोदी ने कहा कि सत्याग्रह की शुरुआत साउथ अफ्रीका की धरती से ही हुई थी। दक्षिण अफ्रीका ने ही मोहनदास को महात्मा में बदला।

इससे पहले संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे अधिक खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए, दक्षिण अफ्रीकी कंपनियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया और उन्होंने अफ्रीकी कंपनियों से भारत की बदलाव यात्रा में भागीदार बनते हुये निवेश बढ़ाने तथा व्यापार में विविधता लाकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

बाद में उन्होंने गांधी और मंडेला को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी नेल्सन मंडेला के परिवारवालों से भी मिले। भारत और दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष व्यापारियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने ऐतिहासिक संबंधों को महत्वपूर्ण बताया और महान नेताओं नेल्सन मंडेला तथा महात्मा गांधी का जिक्र किया। उन्होंने कंपनियों से भौगोलिक संपर्कों का भी लाभ उठाने को कहा।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों में वृद्धि एवं विकास के लिये दक्षिण अफ्रीकी व्यापार उत्कृष्ठता तथा भारत में उपलब्ध क्षमताओं को एक-दूसरे के फायदे के लिये उपयोग में लाया जाना चाहिये। भारत की खूबियों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में आकषर्क स्थान बताया। उन्होंने 7.6 प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुये अनुकूल माहौल में कारोबार सुगमता में सुधार के लिये किये जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

पीएम मोदी ने व्यापार बैठक में कहा कि नेल्सन मंडेला तथा महात्मा गांधी जैसे हमारे आदर्शवादी नेताओं ने हमारे लिये राजनीतिक आजादी हासिल की लेकिन अब आर्थिक आजादी का समय आ गया है। इस प्रकार, हमारा संबंध हमारे लोगों की आकांक्षों को पूरा करने की साझी इच्छा पर आधारित है। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ व्यापार एवं उद्योग जगत के करीब 500 दिग्गज मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम संकट में मित्र रहे हैं। अब हमें अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और जिस तरफ का उत्साह दक्षिण अफ्रीका के लोगों ने दिखाया है, उससे एक बात तो स्पष्ट है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता में किसी प्रकार की गिरावट नही आई है।

अपने बायोपिक में खुद अभिनय करूँगा -लालू प्रसाद यादव

एंटरटेनमेंट डेस्क,

कुशल राजनीतिज्ञ राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपनी निजी ज़िन्दगी में भी कितने ज़िंदादिल और खुशमिजाज़ हैं, ये तो आप जानते ही हैं। अपने इसी हंसमुख अंदाज़ में अब लालू प्रसाद ने कहा है कि वह किसी स्टार से कम नहीं हैं और अगर उनकी जीवनी पर आधारित कोई फिल्म बनती है तो उसमें वह स्वयं अपनी भूमिका निभाएंगे।

दरअसल अभिनेता इरफान खान ने अपनी फिल्म ‘मदारी’ के प्रचार के सिलसिले में गुरुवार रात्रि राजद प्रमुख से मुलाकात की थी। लालू ने बातचीत करते हुए कहा “हम किसी स्टार से कम हैं क्या? हमारी जीवनी पर आधारित अगर कोई फिल्म बनती है तो उसमें हम स्वयं मुख्य भूमिका अदा करना पसंद करेंगे।”

लालू ने इरफान से कहा है कि उनकी जीवनी पर बनने वाली फ़िल्म में अभिनेत्री का चुनाव करने की जिम्मेदारी इरफान की होगी।

  1. राजद प्रमुख इससे पूर्व ‘पद्मश्री लालू प्रसाद’ में भूमिका निभा चुके हैं। राजद प्रमुख ने बताया कि स्कूल और कालेज के जमाने में वे फिल्मी कीड़े थे और दिलीप कुमार उनके पसंदीदा अभिनेता थे। उन्होंने अभिनेत्री वैजयंती माला और हेमा मालिनी की भी तारीफ की और बताया कि हास्य कलाकारों में जॉनी वाकर उनके पसंदीदा कलाकार हैं।

हार्दिक को राहत, मिली सशर्त ज़मानत

अब्दुल फहद,

गुजरात में पटेल समाज के नेता हार्दिक पटेल को सशर्त जमानत मिल गई है। राजद्रोह के मामले में पटेल अक्टूबर 2015 से ही जेल में बंद है। गुजरात हाईकोर्ट ने इस शर्त के साथ उनकी जमानत मंजूर की है कि वे छह महीने तक राज्य से बाहर रहेंगे। हालांकि अभी जेल से उनकी रिहाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि एक और मामले में उन्हें जमानत का इंतजार है।

पिछले साल हार्दिक को राजद्रोह की धाराओं में केस दर्ज करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हार्दिक पटेल पर आरोप है कि कथित तौर पर उन्होंने अपने साथियों और लोगों को फोन करके हिंसा के आदेश दिए थे।

गौरतलब है कि सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ पटेल समाज के हिंसक आंदोलन की अगुवाई के लिए 22 वर्षीय हार्दिक पटेल को अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें सूरत जेल में रखा गया। हार्दिक पटेल की मांग है कि पटेलों को सरकारी नौकरियों और कॉलेज में प्रवेश के दौरान आरक्षण मिलना चाहिए।

जल्द पारित होगा ‘गंगा एक्ट’ -उमा भारती

शिखा पाण्डेय,

केंद्रीय जल संसाधन और गंगा सरंक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि ‘नमामि गंगे’ अभियान के जरिये केंद्र सरकार पवित्र गंगा नदी को वर्षों से गंदा किये जाने का प्रायश्चित करने का प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द गंगा एक्ट पारित कराने की बात कही।

केंद्र सरकार की ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत उत्तराखंड में 250 करोड़ रूपये की लागत वाली 43 परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए भारती ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिये राज्यों से परामर्श करके शीघ्र ‘गंगा एक्ट’ बनाया जायेगा, जिससे वर्ष 2018 तक गंगा को निर्मल और अविरल बनाया जा सके।

इस अभियान की सफलता के लिये संसद में ‘गंगा एक्ट’ पारित करवाने के बारे में विचार-विमर्श जारी होने की घोषणा करते हुए उमा ने कहा कि उद्योगों को गंगा में अशोधित कचरा डालने से न केवल रोका जायेगा, बल्कि उनके शोधित कचरे को भी सिंचाई के काम के लिये अन्यत्र भेजे जाने की व्यवस्था की जायेगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का कच्चा ड्राफ्ट बनाकर राज्यों को भेजा जायेगा और उनके सुझावों को मिलाकर अंतिम ड्राफ्ट तैयार होगा।

गलत योजनाओं की वजह से गंगा हुईं दूषित-

भारती ने कहा, “गंगा अशोधित जल के कारण उतनी प्रदूषित नहीं हुई है, जितनी वह गलत योजनाओं के कारण हुई हैं। नमामि गंगे के तहत शुरू की गयी परियोजनायें गंगा को वर्षों से गंदा करने के लिये प्रायश्चित करने हेतु एक प्रकार के सुधारात्मक कदम हैं।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान से न केवल गंगा नदी को साफ किया जायेगा बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि वर्ष 1985 से पिछले 29 सालों में खर्च गंगा एक्शन प्लान के तहत खर्च किये गये करीब 4000 करोड़ भी बेकार न हों।

उमा जनता में स्वच्छ गंगा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये आगामी अक्टूबर से गंगा पद यात्रा करेंगी और इस दौरान लोगों को यह बतायेंगी कि इस महान कार्य में वे कैसे अपना कीमती योगदान दे सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि आज पूरे देश में करीब 100 स्थानों पर ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत 1500 करोड़ रूपये की 230 परियोजनाओं की शुरूआत की गयी। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि अभियान के तहत पूरे देश में 1500 करोड़ रूपये की परियोजनाओं को शुरू कर उमा भारती ने गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस साल नमामि गंगे के तहत 60 सीवर ट्रीटमेंट संयंत्र और 50 अन्य बडी परियोजनायें शुरू की जायेंगी। बतौर मुख्य अतिथि दिये अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से जो भी दायित्व मिलेगा, उसमें पूर्ण सहयोग के साथ काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना को सफल बनाने के लिए वृक्षारोपण एवं वर्षा के जल को संरक्षण करने के लिए बोनस देने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है।

फोरेंसिक रिपोर्ट में राजेंद्र कुमार का वॉइस सैंपल पॉजिटिव पाया गया, बढ़ी मुश्किलें

अमित द्विवेदी,

घूस लेने के मामले में रिमांड में लिए गए राजेन्द्र कुमार का वॉइस सैंपल फोरेंसिक रिपोर्ट में सही पाया गया है। जिसके बाद राजेन्द्र कुमार की मुश्किलें बढती नज़र आ रहीं हैं। जानकारी के मुताबिक़, जो भी वॉइस सैंपल सीबीआई के पास हैं, उनसे साफ़ पता चल रहा है कि आरोपियों ने घूस लेने की बात की थी।

सीबीआई के पास आरोपियों के कुल 12 वॉइस सैंपल हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद राजेन्द्र कुमार के सपोर्ट में बोलने वालों की एक तरह से बोलती बंद होती दिख रही है। यह चर्चा है कि अब इस मामले में केजरीवाल की क्या प्रतिक्रिया होती है।

गत 4 जुलाई को सीबीआई ने राजेंद्र कुमार सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के साथ-साथ तरुण शर्मा, संदीप कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता और अशोक कुमार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने इस मामले में कहा कि राजेंद्र कुमार घोटाले के सूत्रधार हैं। राजेंद्र पर नियमों की अवहेलना करते हुए ठेका देने का आरोप है। CBI जांच के मुताबिक़, कुल 50 करोड़ का घोटाले हुआ है।

फणनवीस सरकार ने किया मंत्रिमंडल का विस्तार, कई नये मंत्रियों का प्रमोशन

अनुज हनुमत

मुंबई। पहले मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने मंत्रिमण्डल विस्तार किया, फिर केंद्र सरकार ने और अब आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 11 नए मंत्रियों को शामिल किया है। मंत्रिमण्डल विस्तार में 10 नए चेहरों को जगह दी गई है। इस पूरे विस्तार में शिवसेना के किसी भी नेता को कैबिनेट में जगह नहीं दिया।जिससे पार्टी में नाराजगी है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल में तो शिवसेना की सिरे से उपेक्षा की गई थी, लेकिन फडणवीस ने शिवसेना के दो विधायकों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। नाराज़गी अभी भी बनी है क्योंकि बीजेपी ने शिवसेना के किसी नेता को कैबिनेट मंत्री का दर्जा नहीं दिया।

आज सुबह विधानभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की गैरमौजूदगी से पार्टी की नाराजगी बिलकुल स्पष्ट थी। छह विधायकों ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ली, उनमें से एक राम शिंदे को गृह राज्यमंत्री (ग्रामीण) के पद से पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

शिवसेना के मराठवाड़ा क्षेत्र के जालना से विधायक अजरुन खोतकर और उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव से विधायक गुलाबराव पाटिल को कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है। पाटिल भाजपा के पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से के गृह नगर जलगांव से हैं, जबकि खोतकर भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रावसाहब दानवे के गृह जिल जालना से हैं। बीजेपी की चुनाव पूर्व सहयोगी स्वाभिमानी पार्टी के सदाभाउ खोत और राष्ट्रीय समाज पार्टी (आरएसपी) के महादेव जानकर ने भी शपथ ली है। जानकर कैबिनेट मंत्री बने हैं।

कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने वाले भाजपा के विधायकों में राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष पांडुरंग फुंडकर, डौंडेचा (धुले) से विधायक जय कुमार रावल, निलांगा से सांभाजी पाटिल निलांगेकर और सोलापुर से विधायक सुभाष देशमुख शामिल हैं।बीजेपी के विधायक रविंद्र चव्हाण और मदन येरावर ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली है। राज्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पांच अन्य लोगों में शिवसेना के दो, भाजपा के दो और एक अन्य गठबंधन सहयोगी से है।

ज़ाकिर पर कसेगा शिकंजा, गृह मंत्रालय भी सख्त

अभिजीत मिश्र,

हमेशा अपने विवादित भाषणों में रहने वाले इस्लाम प्रचारक डॉ ज़ाकिर नाइक इस बार फिर मुसीबत में फंस चुके है। बांग्लादेश में हाल में ही हुए आतंकी हमले में जिन आतंकियों ने रेस्टोरेंट में घुस कर 22 लोगों की हत्या कर दी थी, कथित तौर पर नाइक के उपदेशों से प्रेरित थे और उसके उपदेशो को फॉलो करते थे।

ज़ाकिर पर महाराष्ट्र सरकार ने भी जांच का आदेश दे दिया है और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी कहा है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी शख़्स को बख्शा नहीं जाएगा।

दक्षिणी मुम्बई के डोंगरी इलाके में नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के बाहर सुरक्षा कर्मियों को एहतियाती कदम के तहत तैनात किया है। इस मामले को ले कर देश के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज़ाकिर के भाषणों और तकरीरों के सीडी की जाँच की जा रही है। ज़ाकिर के भाषणों का संज्ञान लिया गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी। आतंकवाद पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।

विवादित इस्लाम प्रचारक जाकिर नाईक के लाखों फॉलोवर है, जोकि हमेशा नाईक को सपोर्ट करते हैं।
नाईक के हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाने और हिन्दुओं की आस्था को ठेस पहुचाने के वीडियो यूट्यूब में आसानी से मिल जाएंगे।

अमेरिका के डलास में अश्वेतों की मौत पर बवाल, 4 पुलिस अफसरों की हत्या

अब्दुल फ़हद,

अमेरिका के डलास में प्रदर्शन के दौरान संदिग्ध हमलावरों की फायरिंग में चार पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई है। फायरिंग में 11 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अचानक फायरिंग की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। डलास पुलिस के मुताबिक, एसडब्ल्यूएटी अधिकारियों पर हुई गोलीबारी में शामिल तीन संदिग्ध हमलावर हिरासत में है। बम निरोधी दस्ते ने एक संदिग्ध पैकेट बरामद किया है।

डलास पुलिस के मुताबिक स्नाइपरों ने किसी ‘ऊंची जगह’ से गोली चलाई है और यह उस प्रदर्शन के दौरान हुआ, जो पुलिस की हालिया जानलेवा कार्यवाही के विरोध में किया जा रहा था। इस बीच शूटआउट के बाद अमेरिकी नागरिक उड्डयन विभाग ने डलास से विमानों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

सऊदी अरब आतंकी हमले में 19 संदिग्ध गिरफ्तार, 12 पाकिस्तानी भी शामिल

ब्यूरो,

सऊदी अरब के मदीना इलाके में हुए बम धमाकों के सिलसिले में 19 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया। अरब प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ा, जिनमें से 12 नागरिक पाकिस्तान के हैं। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक़, 26 वर्षीय अरबी व्यक्ति नायर मुस्लिम हम्माद अल बलावी की पहचान मदीना हमले के साजिशकर्ता के रूप में की गई है।
मदीना में हुए सिलसिलेवार बम धमाके में 36 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे देश में हंगामा मच गया। जिस व्यक्ति हम्माद को इस हमले के साजिशकर्ता के रूप में हिरासत में लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। बाकी के आरोपियों की तलाध जारी है।
एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के रिटायर्ड कर्नल शफ़क़त सईद ने बताया कि अरब में पाकिस्तानी बड़ी संख्या में रहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया होगा। उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी, जांच होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस हमले में इनका हाथ है या नहीं।
गौरतलब कि सऊदी के कातिफ और मदीना में तीन बड़े धमाके हुए थे। कातिफ में एक मॉल के पास भी धमाका हुआ था, जिसमें 4 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी।