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Thursday, August 6, 2026
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मथुरा की परेशानियों को हल करने के लिए हेमा मालिनी ने बनाया नया ट्विटर अकाउंट

सौम्या केसरवानी,

मशहूर अभिनेत्री और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा के लोगों के लिए नया ट्विटर अकाउंट शुरू किया हैं। यह जानकारी हेमा मालिनी ने खुद ट्वीट करके दी।

हेमा मालिनी ने रविवार रात ट्वीट कर बताया की ‘अपने नए ट्विटर अकाउंट के बारे में बताना चाहती हूं, जो मैंने खासतौर पर अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा की गतिविधियों के लिए खोला है।’

हेमा मालिनी के नये ट्वीटर अकाउंट का एड्रेस @hemamalinimpmtr है। आपको बता दें कि हेमा मालिनी की आलोचना तब हुई थी, जब मथुरा में हिंसा की घटना हो रही थी और हेमा मालिनी ने ट्विटर पर अपनी शूटिंग की फोटो डाल दी। इसी कारण हेमा मालिनी ने दूसरा अकाउंट बनाया है। वहीं नये ट्विटर अकाउंट पर क्षेत्र से सम्बन्धित चीजें शेयर करेंगी।

अब ‘पिज़्ज़ा एटीएम’ से मिल सकेगा यम्मी पिज़्ज़ा!

शिखा पाण्डेय

एटीएम मशीन्स से करेंसी नोट निकलने की बात तो जग जाहिर है, पर क्या कभी आपने ये सुना है कि एटीएम मशीन से पिज्जा बहार निकले? जी हाँ! पिज़्ज़ा प्रेमी ये खबर सुनकर फूले नहीं समायेंगे कि ‘पिज्जा एटीएम’ जल्द ही अस्तित्त्व में आने वाला है।

अमेरिका में ‘पिज्जा एटीएम’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसके जरिए लोग अपने मनपसंद पिज्जा का लुत्फ अपने मन मुताबिक तरीके से उठा सकते हैं। अपने तरह के इस पहले ‘पिज्जा एटीएम’ को ओहियो में जेवियर यूनिवर्सिटी के कैंपस में लगाया गया है। इस ‘पिज्जा एटीएम’ की शुरुआत 10 अगस्त से होगी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस ‘पिज्जा एटीएम’ में 12 इंच के पिज्जा रखने की सुविधा दी गई है। लोग मशीन के टच स्क्रीन का इस्तेमाल करते हुए अपने मनपसंद पिज्जा का ऑर्डर दे सकते हैं। खास बात यह है कि ऑर्डर देने के तीन मिनट के भीतर यह मशीन आपको ताजा एवं गर्म पिज्जा देगी। ‘पिज्जा एटीएम’ में तापमान अनुकूलित रेफ्रिजरेशन सिस्टम लगाया गया है जो पिज्जा को ताजा एवं गर्म रखेगा।

एक पिज्जा की कीमत करीब 10 अमेरिकी डॉलर होगी। ‘पिज्जा एटीएम’ में क्रेडिट और डेविड कार्ड से भुगतान की सुविधा दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर रोज़ाना के आधार पर सुनवाई हो-सुब्रमण्यम स्वामी

ब्यूरो
राज्यसभा सांसद व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आज राज्यसभा में अयोध्या में राममंदिर के निर्माण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर रोज़ाना के आधार पर सुनवाई होनी चाहिए। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यह मांग भी की कि इस मुद्दे पर संसद के उच्च सदन, यानी राज्यसभा में भी चर्चा होनी चाहिए।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए और सभी दलों को यह मान्य भी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के चुनाव घोषणापत्र में भी इस बात का ज़िक्र किया गया है कि हम कानूनी तरीके से इसका समाधान निकालेंगे।

बीजेपी नेता ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उन्होंने कहा कि वह आसन के ज़रिये सरकार से मांग करते हैं कि उनके विधि अधिकारी सुप्रीम कोर्ट जाएं और मामले की रोज़ाना आधार पर सुनवाई का अनुरोध करें, जैसा उन्होंने हाईकोर्ट में किया था।

‘लौह महिला’ इरोम शर्मिल कल तोड़ेंगी अपना 16 साल से जारी उपवास

शिखा पाण्डेय,

सैन्य बल (विशेषाधिकार) कानून (अफस्पा) को खत्म करने की मांग को लेकर 16 साल से उपवास कर रहीं मणिपुर की ‘लौह महिला’ इरोम शर्मिल कल अपना उपवास तोड़ेंगी। अधिकारों के लिए होने वाले आंदोलनों का चेहरा बन चुकी 44 वर्षीय शर्मीला यहां की स्थानीय अदालत में अपना उपवास खत्म करेंगी। उनके भाई इरोम सिंहजीत ने स्वयं यह जानकारी साझा की।

सिंहजीत ने बताया, ‘‘कल उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। जब वे उपवास तोड़ लेंगी तो उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया जाएगा।”

गौरतलब है कि शर्मीला को जीवित रखने के लिए कैदखाने में तब्दील हो चुके अस्पताल में उन्हें साल 2000 से ही नासिका में ट्यूब के जरिए जबरन भोजन दिया जा रहा था। पखवाड़े भर पहले उन्होंने उपवास तोड़ने की घोषणा की थी।

सिंहजीत ने बताया कि उनकी माँ शर्मिल से मुलाकात करने नहीं आएंगी। उन्होंने बताया, ‘‘ माँ उनकी जीत का इंतजार कर रही हैं और यह मौका तभी आएगा जब अफस्पा को हटा लिया जाएगा।”
आपको बता दें कि शर्मील के परिजन और समर्थक उनसे 26 जुलाई के बाद से मिल नहीं पाए हैं, जब से उन्होंने उपवास तोड़ने और राजनीति में आकर अपनी लड़ाई जारी रखने की घोषणा की है।

उनके भाई ने कहा, ‘‘रिहा होने के बाद वे कहां जाएंगी, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। अगर वह घर आकर हमारे साथ रहना चाहती हैं तो उनका स्वागत है। लेकिन यह फैसला पूरी तरह से उनका निजी फैसला होगा।”

सलमान भी हैं नवाज़ुद्दीन के ज़बरदस्त अभिनय के फैन!

शिखा पाण्डेय,

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान की आगामी फिल्म ‘फ्रीकी अली’ में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को चुनने को सलमान ने अपना बेहद सही निर्णय बताया है। सलमान का मानना है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक टेक में शानदार शॉट देने वाले अभिनेता हैं।

फिल्म का निर्देशन सोहेल खान कर रहे हैं। नवाजुद्दीन इस फिल्म में एक गोल्फर की भूमिका निभा रहे हैं।इस फिल्म में एमी जैक्सन और निकितिन धीर भी हैं। फिल्म नौ सितंबर को रिलीज हो रही है।

आपको बता दें कि नवाजुद्दीन इस फिल्म में सबसे पहले इनर वेअर बेचने वाले सेल्समैन के रूप में दिखाई देते हैं। इसके बाद वह एक स्थानीय गैंगस्टर के रूप में दिखते हैं। बाद में वे गोल्फर बन जाते हैं।

सलमान खान की मौजूदगी में ‘फ्रीकी अली’ का ट्रेलर जारी होने के अवसर पर नवाजुद्दीन ने कहा, ‘‘मैंने पहले कभी गोल्फ नहीं खेला था। मुझे इसे सीखना पड़ा। मैंने 10-12 दिन तक जम के गोल्फ का अभ्यास किया। साथ ही मुझे इनर वेअर बेचने के लिए संवाद बोलने में  भी काफी दिक्कत हुई।” नवाजुद्दीन ने बताया, ‘‘ मैंने ये शॉट देने से पहले सुबह इसका अभ्यास किया।’’ ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर नवाज ने यह संवाद बोलकर भी सुनाया, जिसके बाद वहां मौजूद लोग, यहां तक की सलमान भी अपनी हंसी रोक नहीं पाए।

सलमान ने नवाजुद्दीन के संवाद बोलने के अंदाज को पॉइंट आउट करते हुए कहा, ‘‘इसीलिए हमने नवाजुद्दीन को लिया था। नवाज़ आपको पहले टेक में शॉट दे देंगे। यदि यही रोल मुझे करना होता तो मुझे इसके लिए 50 टेक लेने पड़ते। उसके बाद भी मैं दोबारा उसे बोल नहीं पाता।’’

पाकिस्तान के क्वेटा में विस्फोट, कम से कम 75 की मौत, कई घायल

शिखा पाण्डेय,

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक भीषण बम विस्फोट हुआ है। एक अस्पताल में हुए इस बम विस्फोट में कम से कम 75 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इतना ही नहीं, विस्फोट के बाद यहां गोलीबारी भी हुई।

क्वेटा में हुई इस घटना में सबसे पहले अज्ञात हमलावरों ने बलूचिस्तान बार एसोसिएशन (बीए) के अध्यक्ष अधिवक्ता बिलाल अनवर कासी की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर जैसे ही पुलिस और बचाव अधिकारी वकील कासी को अस्पताल लेकर आए,तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। अर्थात जब कासी के शव को आपात विभाग में लाया गया, तभी यह धमाका हुआ। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने गोलीबारी भी की।

इस विस्फोट में कम से कम 75 लोग मारे गए हैं, हालांकि ये आंकड़े पुलिस या अधिकारियों की ओर से जारी नहीं किए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि धमाके की चपेट में आकर घायल हुए ज्यादातर लोग वकील हैं। बलूचिस्तान के गृहमंत्री सरफराज बुगती ने कहा, ‘‘यह सुरक्षा चूक है और मैं व्यक्तिगत तौर पर इसकी जांच करूंगा।’’ बुगती ने डॉन न्यूज को बताया कि संभवत: यह हमला किसी आत्मघाती हमलावर ने किया है।

विस्फोट के बाद क्वेटा के सभी अस्पतालों में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस और सीमांत बल यहां पहुंच गए हैं और उन्होंने इलाके को खाली करवा लिया है। अब तक किसीने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

उल्लेखनीय है कि क्वेटा की सीमा ईरान और अफगानिस्तान से जुड़ी  है और यह इलाका आतंकियों के निशाने पर रहता है। मई माह में बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट में भी दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच लोग घायल हो गए थे।

मायावती ने प्रधानमंत्री को बताया कुंभकर्ण, अखिलेश ने सुर में सुर मिलाया!

शिखा पाण्डेय,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दलितों से जुड़े बयान पर जमकर सियासत हो रही है। आपस में कट्टर दुश्मन बसपा और सपा प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद एक दूसरे के सुर में सुर मिला रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मायावती ने तो पीएम मोदी को कुंभकर्ण ही कह डाला। मायावती ने कहा, ‘’दो साल से गोरक्षक मुस्लिमों और दलितों को निशाना बना रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी कुंभकर्ण की नींद सो रहे थे। अब वे कुंभकर्ण की नींद से इसलिए जागे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं।‘’

दूसरी ओर यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने कहा, ‘’बीजेपी समझ चुकी है कि कहाँ अपना नुकसान है, कहाँ फायदा है। इसलिए नरेंद्र मोदी इस तरह का बयान देकर अपना बचाव कर रहे हैं। सभी को पता है अगले साल यूपी में चुनाव है।’’

आपको बता दें कि बीते महीने गुजरात के उना में दलितों पर हुए हमले ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, जिसके बाद मोदी सरकार निशाने पर थी। गोरक्षा के नाम पर दलितों पर हो रहे हमले को लेकर अंततः लंबी चुप्पी तोड़ते हुए पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद में कहा था, ‘’दलितों पर हमला न करें। अगर हमला करना है तो मुझ पर करें।’’

स्वामी प्रसाद बीजेपी में हुए शामिल, केशव ने कहा, “स्वागत है”

अमित द्विवेदी,

बसपा के पूर्व महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए। बसपा छोड़ने के बाद से ही कयास लगाया जा रहा था कि मौर्य बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। बसपा छोड़ने के बाद जब शाह दिल्ली में अमित शाह से मिले थे, उसके बाद ही यह काफी हद तक स्पष्ट हो चुका था कि हाथी से उतरने के बाद स्वामी प्रसाद कमल का दामन थाम लेंगे।

बसपा छोड़ने के बाद से ही स्वामी प्रसाद बीजेपी के नेताओं के संपर्क में थे। मौर्य के बीजेपी में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वामी जी के आने से हमें खुशी है और हम उनका स्वागत करते हैं।

केशव ने कहा कि बीजेपी 265+ का संकल्प कर के चुनाव लड़ेगी। स्वामी जी के आने के बाद हमारी ताकत बढ़ी है। पार्टी 2017 में गुंडाराज हटा के एक सुशासन लाएंगे।

गौरतलब है कि मौर्य ने मायावती पर चुनावी टिकट बेचने का आरोप लगाया था और बसपा से हमेशा के लिए दूरी बना ली। उन्होंने मायावती पर दलितों के साथ धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया था। साथ ही मायावती पर ये आरोप भी लगाया था कि वे पैसे लेकर टिकट बांटती है।

स्तनपान में सबसे पीछे है तमिलनाडु

अब्दुल फ़हद,

वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग ट्रेंड इनिसिएटिव के सर्वे में पता चला है कि भारत के राज्य तमिलनाडू में छह महीने तक स्तनपान कराने वाली महिलाओं की संख्या में कमी पाई गई है। जबकि समूचे भारत में 2012 के बाद से ब्रेस्ट फीडिंग (स्तनपान) की तरफ महिलाओं का रुझान काफी बढ़ा है और महिलाएं स्तनपान के लिए काफी जागरुक भी हुई हैं।

2015 की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत में तमिलनाडु 18.8 फीसदी के साथ स्तनपान के मामले में सबसे पीछे है, जबकि अन्य राज्य केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश 22 फीसदी के साथ तमिलनाडु से आगे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बच्चे के जन्म के पहले दिन से लेकर छह महीने तक स्तनपान कराना बहुत जरूरी होता है। स्तनपान में लापरवाही की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। तमाम जागरूकता अभियान के बावजूद तमिलनाडु में स्तनपान के औसत में आ रही गिरावट चिंताजनक है।

“मायावती मेरी पत्नी के खिलाफ चुनाव लड़कर, जीतकर दिखाएँ”-दयाशंकर सिंह

सौम्या केसरवानी 

बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार व रिहा किए गए दयाशंकर सिंह ने मायावती को अपनी पत्नी के मुकाबले चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी है। इतना ही नहीं, सिंह ने मायावती द्वारा कथित रूप से चुनाव के टिकट बेचे जाने की सीबीआई जांच की भी मांग की है।

सिंह ने  मायावती पर चुनाव के टिकट बेचने का आरोप दोहराते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।अपनी जमानत पर रिहाई के बाद पहली बार संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा ‘‘मायावती चुनाव लड़ने के लिये उत्तर प्रदेश में कोई भी सामान्य सीट चुन लें। मैं अपनी पत्नी को वहीं से चुनाव लड़ाऊँगा।’’

सिंह ने कहा कि अपनी गलती पर उन्होंने माफी मांगी और सजा के तौर पर उन्हें बीजेपी से निकाल भी दिया गया लेकिन मायावती को इससे भी संतुष्टि नहीं मिली और उन्होंने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।
सिंह ने कहा कि मायावती के प्रति विवादित टिप्पणी का उनकी नाबालिग बेटी, बूढ़ी मां और पत्नी से कुछ लेना-देना नहीं था लेकिन इसके बावजूद मायावती के इशारे पर पूरी योजना से उनके सेनापति नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें गाली दी।

बीजेपी के निष्कासित सिंह ने आरोप लगाया कि उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया। ऐसी सरगर्मी से तलाश की गयी, जैसे कि दाउद इब्राहीम को ढूंढा जा रहा हो, जबकि उनसे भी बड़ा अपराध करने वाले बीएसपी नेता खुलेआम घूम रहे हैं।

गौरतलब है कि दयाशंकर सिंह ने गत 19 जुलाई को मऊ में संवाददाताओं से बातचीत में बीएसपी प्रमुख मायावती के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल किया था। इस मामले में उनके खिलाफ 20 जुलाई को लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवाद के मद्देनजर सिंह को बीजेपी से छह साल के लिये निष्कासित भी कर दिया गया था।

मायावती पर टिप्पणी से नाराज बीएसपी कार्यकर्ताओं ने 21 जुलाई को लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान सिंह की मां, पत्नी और बेटी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाये थे। लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने 25 जुलाई को सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्हें 29 जुलाई को बिहार के बक्सर जिले में गिरफ्तार किया था। उन्हें मउ की एक अदालत ने कल जमानत दे दी थी।