गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेस इंटेलीजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी करने वाले दो लोगों को कच्छ जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। एटीएस की पिछले एक साल से इन दोनों पर नज़र थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एटीएस को कच्छ के खावड़ा गांव के दो निवासियों पर आईएसआई के जासूस के तौर पर काम करने का संदेह था और उन पर पिछले एक साल से करीबी निगाह रखी जा रही थी। प्रपात जानकारी के मुताबिक, इस जासूसों घर से पाकिस्तानी सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
सूत्रों के अनुसार इन दोनों को आईएसआई ने हनी ट्रैप के जरिए अपना एजेंट बनाया। एक एजेंट मोहम्मद अलाना को आईएसआई हनी ट्रैप का शिकार बनाकर उसका इस्तेमाल कर रही थी। आईएसआई अलाना को ब्लैकमेल कर उससे जानकारियां हासिल कर रही थी। दूसरे एजेंट का नाम सफुर सुमरा है जो आर्मी स्टेशन, बीएसएफ रेजिमेंट की अंदरुनी जानकारी जुटाता था।
हालाँकि गुजरात में पिछले कई दिनों से हाई अलर्ट जारी किया गया था, अब इन जासूसों के पकड़े जाने के बाद प्रशासन और भी सक्रिय हो गई है।
दुनिया भर में थू-थू होने के बाद भी पाकिस्तान भारत द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन को झुठलाने पर तुला हुआ है। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने बुधवार को भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की खबर को झूठ करार दिया है। बासित ने कहा कि अगर ऐसा हुआ होता तो पाकिस्तान चुप न बैठता, बल्कि भारत की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देता।
अंग्रेजी न्यूज चैनल इंडिया टूडे को दिए एक इंटरव्यू में
बासित ने भारत के दावे को झूठा ठहराया और भारत के पास सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत होने की बात पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत के पास सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो होने की बात मनगढ़ंत है क्योंकि कभी ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है।
बासित ने कहा, “कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई। 29 सितंबर को एलओसी पर भारत की तरफ से सीज फायर का उल्लंघन हुआ है, जिसमें पाकिस्तान के दो जवान शहीद हुए, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत की गोलीबारी का तत्काल जवाब दिया।” बासित ने सार्क सम्मेलन रद्द होने के सवाल पर कहा कि, ” ये हमारे लिए एक गहरा धक्का था। हम उम्मीद करते हैं कि अगले साल हम जरूर सार्क होस्ट करेंगे।”
बासित ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी देश कहकर आप सहयोग के सभी रास्ते बंद कर रहे हैं। बासित ने इस मामले पर पाकिस्तान की रक्षा विशेषज्ञ आएशा सिद्दीकी के आर्टिकल को भी गलत बताया, जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि भारत ने 29 सितंबर को पीओके में घुसकर 5-6 आतंकियों को मार गिराया और इस कार्रवाई में 3-4 जवान भी घायल हो गए। बासित ने कहा कि वे नहीं जानते कि आयशा किस आधाप पर ये बातें कह रही हैं।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा जिस तरीके से केंद्र सरकार को घेरा गया, उसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कड़े शब्दों में जवाब दिया। आज मुम्बई में आयोजित राष्ट्र रक्षा सम्मेलन में बोलते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि हमारी रक्षा क्षमता को कोई हलके में नहीं ले सकता।
रक्षामंत्री ने राष्ट्र रक्षा सम्मलेन में आम जनता से बातचीत की। रक्षा संबंधी बात करते समय उन्होंने मीडिया की भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हमें आम ज़िन्दगी में मसालेदार और चटपटी चीज़ें पसंद आती हैं। इसकी हम खबरें भी मसालेदार पसंद करने लगे, जिसके चलते आजकल खबरें काफी मसालेदार पेश की जाती हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर अपनी राय रखते हुए कहा कि पूरे देश की जनता आर्मी के साथ खड़ी है और सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति करना ठीक नहीं। पर्रिकर ने कहा कि तमाम राजनितिक पार्टियों को सरकार के इस निर्णय का प्रोत्साहन करना चाहिए।
पार्रिकर यहीं नहीं रुके, उन्होंने पाकिस्तान को बातों बातों में बता दिया कि वह आतंकवाद को बढ़ावा न दे नहीं तो परिणाम और भी घातक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्राइक से हमने बता दिया कि भारत को हल्के में लेने के बारे में कोई कभी भी न सोचे। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के 127 करोड़ लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट जाता है। इससे हमारे विरोधी की सोच पूरी तरह बदल गई, अब वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि भारत के मामले में अब कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता।
उन्होंने सेना की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि आर्मी अधिकारी जो भी हथियार या अन्य सामान खरीदना चाहें, खरीद सकते हैं। इसका उन्हें पूरा अधिकार दिया गया है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पाकिस्तानी मीडिया की बातें सुनकर लोग सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहे हैं। ये उनकी गलती नहीं है, ऐसे लोगों को विरोधी देशों की बात नहीं सुननी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के उस बात का भी खण्डन किया, जिसमें कहा गया था कि इससे भी कांग्रेस के कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसी कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की गई। हमारी शांत और युद्ध न करने की इच्छा को हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए।
प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी एक के बाद एक नए कीर्तिमान स्थापित करते जा रहे हैं । पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए 12 वर्षों के कार्यकाल में एक भी छुट्टी न लेने वाले नरेंद्र मोदी की शख्सियत में बतौर प्रधानमन्त्री अब एक और रिकार्ड से नाता जुड़ गया है । एक आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि प्रधानमंत्री हर वक्त ड्यूटी पर रहते हैं और पूर्व प्रधानमंत्रियों की छुट्टी का कोई रिकॉर्ड उसके पास उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय से एक आरटीआई अर्जी के जरिए देश के प्रधानमंत्री के लिए अवकाश नियमों और कार्यप्रणाली की एक प्रति मांगे जाने पर पीएमओ ने यह जवाब दिया।
आपको बता दें कि पीएमओ ने आरटीआई जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री को हर वक्त ड्यूटी पर मौजूद कहा जा सकता है। अर्जी देने वाला व्यक्ति यह भी जानना चाहता था कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, एच डी देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, पीवी नरसिंह राव, चंद्रशेखर, वीपी सिंह और राजीव गांधी ने कोई छुट्टी ली थी? क्या इस बारे में कोई रिकॉर्ड है? लेकिन पीएमओ ने आरटीआई जवाब में बताया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों के छुट्टी के रिकॉर्ड के बारे में सूचना इस कार्यालय द्वारा रखे जाने वाले रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। बहरहाल, यह जिक्र किया जा सकता है कि पदभार संभालने के बाद से मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई छुट्टी नहीं ली है।
वहीं , इसी तरह की एक आरटीआई आवेदक ने कैबिनेट सचिवालय जैसे अन्य प्राधिकार को दायर कर यह जानना चाहा कि क्या उनके पास पूर्व प्रधानमंत्रियों के अवकाश और सरकार के प्रमुख के लिए इस सिलसिले में नियमों की कोई सूचना है?इसका कोई जवाब नहीं दिया गया और अर्जी गृहमंत्रालय को भेज दी गई जिसने इसे पीएमओ को भेज दिया। पीएमओ ने कहा कि उसके पास पूर्व प्रधानमंत्रियों की छुट्टी के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है। पीएमओ के इस जवाब की मानें तो प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने अपने अभी तक के कार्यकाल में एक भी छुट्टी नहीं ली है । जानकारों की मानें तो पीएम मोदी की यही शख्सियत उन्हें औरों से अलग करती है ।
रियो ओलंपिक में अद्भुत प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करनेवाली जिम्नास्ट दीपा कर्माकार अपने अप्रतिम प्रदर्शन के लिए गिफ्ट में मिली BMW कार को वापस करना चाहती हैं। दीपा ने इस कार के रखरखाव पर हो रहे खर्च को वहन करने में असमर्थता जताई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार पुरस्कार में मिली उस BMW कार को उसके असली मालिक, हैदराबाद बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष, वी चामुंडेश्वरनाथ को सौंप दिया जाएगा क्योंकि दीपा ने कार के रखरखाव पर हो रहे खर्च को उठाने में असमर्थता जताई है।
कार को वापस करने का मुख्य कारण अगरतला जैसे इलाके में कार का खर्च उठाना है क्योंकि वहां की सड़कें काफी उबड़-खाबड़ और टेढ़ी-मेढ़ी हैं। इस वजह से दीपा ने कहा है कि वह ना तो कार में ज्यादा पैसा लगा सकती हैं और ना ही अपनी प्रेक्टिस छोड़कर बार-बार उसे ठीक कराने जा सकती हैं।
दीपा के कोच बिश्वेर नंदी ने बताया, “अगरतला में BMW का कोई सर्विस सेंटर नहीं है और अगरतला की सड़कें ऐसी लग्जरी कारों के लायक नहीं हैं।” उन्होंने कहा, “यह सिर्फ दीपा का फैसला नहीं है। उनके परिवार और मैंने भी उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था।” कोच ने बताया कि उन्होंने हैदराबाद बैडमिंटन एसोसिएशन को भी इस बारे में जानकारी दे दी है।
उल्लेखनीय है कि रियो ओलंपिक 2016 में जिमनास्ट दीपा कर्माकर मेडल तो नहीं जीत पाई थीं लेकिन चौथे नंबर पर आकर उन्होंने विश्व भर में सबका दिल जीत लिया था। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के हाथों दीपा के साथ-साथ पीवी सिंधू, साक्षी मलिक को भी गिफ्ट में BMW कार दी गई थी।
कल मंगलवार को विजयादशमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ की ऐतिहासिक एशबाग की रामलीला में शामिल हुए। पीएम मोदी ने दशहरा कार्यक्रम में अपने भाषण के माध्यम से सर्वप्रथम सभी देशवासियों को दशहरा की शुभकामनायें दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय श्री राम’ के उदघोष से की।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए समान अधिकार की वकालत करते हुए लोगों से अपील किया कि लड़के और लड़की के बीच भेदभाव बंद होना चाहिए और ‘अपने घरों की सीता’ को बचाना चाहिए। पीएम मोदी ने सवाल किया कि आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहले कौन लड़ा था? फिर खुद ही जवाब दिया, ‘रामायण गवाह है कि आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहले जिसने लड़ाई लड़ी थी, वो जटायू ने लड़ी थी। एक नारी की रक्षा के लिए रावण जैसे सामर्थ्यवान शक्ति के खिलाफ जटायू लड़ता रहा, जूझता रहा। आज भी अभय का संदेश कोई देता है तो वो जटायू देता है, इसलिए सवा सौ करोड़ देशवासी राम तो नहीं बन पाते हैं। लेकिन अनाचार, दुराचार, अत्याचार के सामने हम जटायू के रूप में तो कोई भूमिका अदा कर ही सकते हैं।’
अपने 25 मिनट के भाषण में प्रधानमन्त्री मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सभी देशवासियों से गंदगी और अशिक्षा से मुक्ति के लिए भी संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे भीतर ऐसी चीजें जो रावण के रूप बिखरी पडी हैं, उससे इस देश को मुक्ति दिलानी है।’
पीएम ने कहा कि चाहे जातिवाद हो या वंशवाद, ऊँच नीच की बुराई हो, संप्रदायवाद का जुनून हो, ये सारी बुराइयां किसी ना किसी रूप में रावण हैं, इसलिए इनसे मुक्ति पाना हमारा संकल्प होना चाहिए। लखनऊ के ऐतिहासिक मैदान से बोलते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘श्रीकृष्ण के जीवन में भी युद्ध था और राम के जीवन में भी युद्ध था, लेकिन हम वो लोग हैं, जो युद्ध से बुद्ध की ओर चले जाते हैं।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘समय के बंधनों से, परिस्थिति की आवश्यकताओं से युद्ध कभी कभी अनिवार्य हो जाते हैं लेकिन ये धरती का मार्ग युद्ध का नहीं बल्कि बुद्ध का है। हम हमारे भीतर के रावण को खत्म करने वाले और अपने देश को सुजलाम सुफलाम बनाने के लिए संकल्प करने वाले लोग हैं।’
मोदी ने कहा, ‘अगर सवा सौ करोड़ देशवासी एक बनकर आतंकवादियों की हर हरकत पर ध्यान रखें और चौकन्ने रहें तो आतंकवादियों का सफल होना बहुत मुश्किल होगा।’
अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आतंकवाद को मानवता का दुश्मन करार देते हुए कहा कि आतंकवाद को आज जड़ से खत्म करने की जरूरत है और जो आतंकवाद को पनाह देते हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा जा सकता। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को खत्म किए बिना मानवता की रक्षा संभव नहीं। आतंकवाद मानवता का दुश्मन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण का समापन भी ‘जय श्रीराम’ और ‘जय जय श्रीराम’ के उदघोष के साथ किया। मैदान में मौजूद जनता ने उनका साथ दिया और पूरे वातावरण में जय श्रीराम से गूंज उठा। जानकारों की माने तो यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का ये कार्यक्रम काफी अहम साबित हो सकता है।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की सबसे बड़ी शिया दरगाह पर कल आतंकी हमला हुआ। मुहर्रम से एक रोज़ पहले कुछ बंदूकधारियों ने मंगलवार शाम को दरगाह पर हमला कर दिया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हमले में 14 लोग मारे गए हैं और 26 अन्य घायल हुए हैं।
यह हमला स्थानीय समय के अनुसार रात 8 बजे से कुछ ही देर पहले शुरू हुआ। पहले खबर आयी थी कि सेना की ड्रेस पहने कम से कम तीन बंदूकधारी मस्जिद में घुसे हैं और उन्होंन लोगों को बंधक भी बना रखा है। बाद में अधिकारियों ने बताया कि एक ही बंदूकधारी था, जिसे मार गिराया गया। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस हमले में 14 लोगों के मारे जाने की व 26 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। यह संख्या बढ़ भी सकती है।
काबुल यूनीवर्सिटी के पास स्थित इस मस्जिद के भीतर फंसे लोगों को विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने बाहर निकाला। मरने वालों में 13 नागरिक और एक पुलिस कर्मी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक जोरदार धमाका हुआ और उसके बाद गोलीबारी की आवाज सुनाई दी। काबुल पुलिस प्रमुख अब्दुल रहमान राहिमी ने बताया कि दरगाह को खाली करा दिया गया है। सरकार के प्रवक्ता सादिक सिद्दीकी ने बताया कि पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए मस्जिद की घेरेबंदी की।
सिद्दीकी ने बताया कि इस हमले में तीन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। राष्ट्रपति अशरफ घनी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि मानवता के खिलाफ क्रूरता भरा कदम है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में पिछले दिनों में शियाओं पर हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई में शिया-हजारा समुदाय पर हुए एक हमले में 80 लोगों की मौत हो गई थी।
करोड़ों दिलों के चहेते भारतीय क्रिकेट इतिहास के सफलतम कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी फिल्म ‘एम.एस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी’ सौ करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है। आंकड़ों की मानें तो 30 सितंबर को रिलीज होने के बाद अब तक इस फ़िल्म ने 112 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है और फिल्म के निर्माताओं का तो यहाँ तक दावा है कि यह अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बायोपिक है।
आपको बता दें कि फॉक्स स्टार स्टूडियोज और अरुण पांडे के इंस्पायर्ड इंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन नीरज पांडेय ने किया है और इस फिल्म में धोनी के रांची की सड़कों से भारत के सफलतम कप्तान बनने तक के सफर को बयां किया गया है। फिल्म ने सोमवार (10 अक्टूबर) को 3.40 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसके बाद इसकी अब तक की कमाई का कुल आंकड़ा 112.70 करोड़ रुपये पहुंच गया।
बालीबुड से आ रही खबरों के अनुसार, फॉक्स स्टार स्टूडियोज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह ने एक बयान में कहा है कि ‘एम.एस. धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ अब तक भी सबसे ज्यादा कमाई (भारतीय सिनेमा में) करने वाली बायोपिक बन गई है। इस बात से पता चलता है कि लोगों में माही (धोनी) के प्रति कितना प्यार है और उन्होंने किस तरह इस फिल्म को अपनाया और प्रचारित किया।
आगे उन्होंने कहा कि हम उनके प्रशंसकों, क्रिकेट प्रेमियों और फिल्म पसंद करने वालों से मिल रहे उत्साह से काफी खुश हैं। बयान के मुताबिक ‘मिर्जिया’ और ‘तूतक तूतक तूतिया’ के रिलीज होने के बाद भी ‘एम.एस धोनी…’ की मांग बढ़ रही है।
गौरतलब है कि इस फिल्म में सुशांत सिंह ने धोनी का किरदार निभाया है और सुशांत के अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी, दिशा पटानी और अनुपम खेर की मुख्य भूमिकाएं हैं। जानकारों के मुताबिक़, अगर फ़िल्म थोड़ा छोटी बनती तो और ज्यादा कमाई कर सकती थी। यही वजह थी कि फ़िल्म लम्बी होने के कारण दर्शक बोर होते भी दिखे।
एक अहम बैठक में सैन्य और असैन्य नेतृत्व के बीच संदिग्ध दरार की खबर देने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार को देश छोड़ने से रोक दिया गया है। इस बैठक में आईएसआई को कथित तौर पर कहा गया था कि आतंकी समूहों को उसके समर्थन के कारण देश वैश्विक रूप से अलग-थलग पड़ रहा है।
एक संवाददाता ने ट्वीट करके कहा कि उन्हें निकास नियंत्रण सूची में रखा गया है। यह पाकिस्तान सरकार की सीमा नियंत्रण की व्यवस्था है, जिसके तहत सूची में शामिल लोगों को देश छोड़ने से रोका जाता है। उन्होंने ट्वीट किया, उलझन में हूं, दुखी हूं। कहीं जाने का कोई इरादा नहीं था। यह मेरा घर है। पाकिस्तान। इस घटना से एक सप्ताह पहले ही अलमीडा ने द डॉन में पहले पन्ने पर पाकिस्तान के असैन्य और सैन्य नेतत्व के बीच की दरार को लेकर खबर लिखी थी।
उन्होंने लिखा था कि इस दरार की वजह वे आतंकी समूह हैं, जो पाकिस्तान से संचालित होते हैं, लेकिन भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ युद्धरत रहते हैं। अलमीडा ने छह अक्तूबर को, सूत्रों का हवाला देते हुए द डॉन में लिखा था कि असैन्य सरकार ने सैन्य नेतत्व से कहा है कि पाकिस्तान का बढ़ता अंतरराष्ट्रीय विलगाव आतंकवाद को कथित समर्थन के चलते है।
पाकिस्तान सरकार इस खबर को तब से तीन बार नकार चुकी है। विदेश मंत्रालय ने इस खबर को जोरदार ढंग से खारिज करते हुए इसे कयासबाजी करार दिया। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अधिकारियों को आदेश दिए कि वे इस मनगढ़ंत खबर को छापने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस उल्लंघन का कड़ा संज्ञान लिया है और निर्देश दिया है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उनकी पहचान की जानी चाहिए। अलमीडा की यह खबर उरी में 18 सितंबर को भारतीय सैन्य अड्डे पर हुए हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में आई थी। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा सैन्य अड्डे पर किए गए हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे।
इसके बाद 29 सितंबर को भारत ने नियंत्रण रेखा के पार सात आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किए थे। सेना ने कहा था कि उसने पाक अधिकृत कश्मीर में घुसने की तैयारी कर रहे आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान ने उऱी में हुए आतंकवादी हमले से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि वह आतंकवाद की हर घटना की निंदा करती हैं, चाहे वह किसी भी देश की धरती पर हो।
माहिरा खान ने शनिवार को अपने फेसबुक पर लिखा, “पांच साल से मैं कलाकार के तौर पर काम कर रही हूं। मैं मानती हूं कि मैंने पेशेवर रहते और पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए सभी जगह अपनी योग्यतानुसार अपने देश के सम्मान को कायम रखने का पूरा प्रयास किया है।”
उन्होंने आगे लिखा, “मैं हमेशा उम्मीद करती हूं और ऐसी दुनिया का सपना देखती हूं, जिसमें मेरे बच्चे बिना आतंकवाद के रह सकें। मैं सभी से शांतिपूर्ण दुनिया का स्वप्न देखने का अनुरोध करती हूं।” माहिरा को पाकिस्तान के ‘जिंदगी’ चैनल पर प्रसारित होने वाले शो ‘हमसफर’ से भारत में पहचान मिली है।
इसके अलावा, शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘रईस’ में भी उन्होंने काम किया है, जो अगले साल रिलीज होने वाली है, लेकिन सूत्रों के अनुसार फिल्म ‘रईस’ से उन्हें रिप्लेस करने की बात सामने आई है।
हाल ही में शफकत अमानत अली और सलमान अहमद जैसे लोकप्रिय पाकिस्तानी संगीतकार उरी हमले की निंदा कर कर चुके हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच समान्य स्थिति की आशा व्यक्त की है।