देश के 127 करोड़ लोगों को जाता है सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट- मनोहर पर्रिकर

अनुज हनुमत,

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा जिस तरीके से केंद्र सरकार को घेरा गया, उसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कड़े शब्दों में जवाब दिया। आज मुम्बई में आयोजित राष्ट्र रक्षा सम्मेलन में बोलते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि हमारी रक्षा क्षमता को कोई हलके में नहीं ले सकता।

रक्षामंत्री ने राष्ट्र रक्षा सम्मलेन में आम जनता से बातचीत की। रक्षा संबंधी बात करते समय उन्होंने मीडिया की भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हमें आम ज़िन्दगी में मसालेदार और चटपटी चीज़ें पसंद आती हैं। इसकी हम खबरें भी मसालेदार पसंद करने लगे, जिसके चलते आजकल खबरें काफी मसालेदार पेश की जाती हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर अपनी राय रखते हुए कहा कि पूरे देश की जनता आर्मी के साथ खड़ी है और सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति करना ठीक नहीं। पर्रिकर ने कहा कि तमाम राजनितिक पार्टियों को सरकार के इस निर्णय का प्रोत्साहन करना चाहिए।

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पार्रिकर यहीं नहीं रुके, उन्होंने पाकिस्तान को बातों बातों में बता दिया कि वह आतंकवाद को बढ़ावा न दे नहीं तो परिणाम और भी घातक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्राइक से हमने बता दिया कि भारत को हल्के में लेने के बारे में कोई कभी भी न सोचे। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के 127 करोड़ लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट जाता है। इससे हमारे विरोधी की सोच पूरी तरह बदल गई, अब वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि भारत के मामले में अब कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता।

उन्होंने सेना की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि आर्मी अधिकारी जो भी हथियार या अन्य सामान खरीदना चाहें, खरीद सकते हैं। इसका उन्हें पूरा अधिकार दिया गया है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पाकिस्तानी मीडिया की बातें सुनकर लोग सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहे हैं। ये उनकी गलती नहीं है, ऐसे लोगों को विरोधी देशों की बात नहीं सुननी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के उस बात का भी खण्डन किया, जिसमें कहा गया था कि इससे भी कांग्रेस के कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसी कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की गई। हमारी शांत और युद्ध न करने की इच्छा को हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए।

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