‘कट्टप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?’ इस सवाल का जवाब तो आपको 2017 में मिल ही जाएगा, क्योंकि मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘बाहुबली 2′ का फर्स्ट पोस्टर जारी हो चुका है। ‘बाहुबली 2′ का यह दमदार पोस्टर मुंबई में 18वें MAMI फिल्म फेस्टिवल के दौरान जारी किया गया।
फिल्म के लीड ऐक्टर प्रभास के जन्मदिन से एक दिन पहले फिल्म के फर्स्ट लुक को जारी किया गया।
उनके फैन्स का कहना है कि इससे अच्छा बर्थडे गिफ्ट कुछ हो ही नहीं सकता। इस पोस्टर में लिखा भी गया है,” हैप्पी बर्थडे 2 प्रभास।” इस पोस्टर में प्रभास का लुक बेहद दमदार नज़र आ रहा है।
कैसा है लुक-
जारी किए गए इस पोस्टर का बैकग्राउंड तूफानी मौसम भरा है, बिजलियां कड़क रही हैं, बारिश की बूंदें नज़र आ रही हैं। इसके साथ ही बाहुलबली के पहले पार्ट के प्रभास की मुकुट पहने छवि भी झलक रही है।
प्रभास अपने मस्क्यूलिन लुक में बेहद प्रभावशाली नज़र आ रहे हैं। उनके शरीर पर कई सारे जख्म हैं और उनके गले में एक हेवी लॉकेट है। उनके एक हाथ में भारीभरकम जंजीर तो दूसरे हाथ में तलवार है।
आपको बता दें कि ‘बाहुबली: द कंक्लूजन’ में एक्टर प्रभाष लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ ही राणा डग्गुबती, तमन्ना भाटिया, अनुष्का शेट्टी सहित कई कलाकार दिखाई देंगे। ‘बाहुबली 2′ 28 अप्रैल 2017 को रिलीज होगी।
स्वदेशी उत्पादों व आयुर्वेद के ज़रिये देश भर में नयी क्रांति लानेवाले योग गुरु बाबा रामदेव ने मध्यप्रदेश राज्य के उद्योग विभाग द्वारा पतंजलि संस्थान के लिए उपलब्ध कराई गई 45 एकड़ जमीन को एक बहुत बड़े निवेश के लिए कबड्डी के मैदान के बराबर बताया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के उद्घाटन के मौके पर बाबा रामदेव ने कहा, “दुनिया भर से भारत में 25 लाख करोड़ रुपये का आयात होता है। हमारे देश में यह सामर्थ्य है कि वह इससे कहीं ज्यादा निर्यात कर सकता है। भारत दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।”
बाबा रामदेव ने कहा कि वह जड़ी बूटियों के क्षेत्र में काफी काम करना चाहते हैं और मध्य प्रदेश में भी बड़े निवेश को प्रयासरत हैं। मध्य प्रदेश में भी मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है, पर राज्य के उद्योग विभाग ने तो उन्हें मात्र 45 एकड़ जमीन ही उपलब्ध कराई है। इसी बात पर चुटकी लेते हुए बाबा ने एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट के लिए मात्रा 45 एकड़ भूमि को कबड्डी के मैदान जितना बड़ा बताया।
इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में आज दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया। इस मौके पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अपने परीक्षा पैटर्न में एक बहुत बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। समिति द्वारा वर्ष 2018 से इंटरमीडिएट परीक्षा के पूरे पैटर्न में बदलाव किया जा रहा है जिसके तहत छात्रों के लिए आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स, इन तीन अलग अलग माध्यमों की बाध्यता नहीं होगी। । छात्र कोई भी विषय पढ़ सकेंगे।
यह फैसला शनिवार को हुई बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की गवर्निंग बॉडी की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इसके मुताबिक वर्ष 2018 से आइए, आइएससी और आइकॉम की जगह अब केवल इंटरमीडिएट की डिग्री मिलेगी। छात्र अपने मन के अनुसार कोई भी विषय पढ़ सकेंगे। इसमें दो विषय भाषा के होंगे एवं तीन सब्जेक्ट के व एक विषय अतिरिक्त रख सकेंगे। यह जानकारी बिहार बोर्ड सूत्रों ने दी है। वर्तमान पैटर्न पर केवल 2017 तक ही परीक्षा होगी। इसके बाद विषयों की बाध्यता खत्म कर दी जाएगी।
इस बैठक में 31 एजेंडों पर मुहर लगाई गई जिसके तहत अब मेट्रिक व इंटर की कॉपी का मूल्यांकन शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। हर कॉपी की जांच के बदले 4 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। अब मैट्रिक में 12 की जगह 16 रुपये मिलेंगे।
चीन द्वारा भारत में घुसकर, भारत में ही अपना सस्ता चालू माल बेंचकर, भारत से ही धन कमा कर, भारत का ही विरोध करना अब भारतीयों को कतई गंवारा नहीं है, ये साबित कर रहा है हमारा रंगीला राजस्थान। फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के आकलन के अनुसार चीन में बने उत्पादों का उपयोग नहीं करने को लेकर चल रही जागरूकता मुहिम के चलते जयपुर में चीन निर्मित उत्पादों की बिक्री करीब चालीस प्रतिशत घट गई है।
फोर्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के चलते कई संस्थाएं लोगों से चीन के बने उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील कर रही हैं। उनके द्वारा फैलाई गई जागरूकता का असर चीन में निर्मित उत्पादों की बिक्री पर साफ़ नजर आ रहा है। खरीददार चीन में बने उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पाद खरीद रहे हैं।
आपको बता दें कि फोर्टी पिछले कुछ दिनों से चीन में बने उत्पादों की मांग और बिक्री पर करीब से नजर रखे हुए है। उनके आकलन के अनुसार दीपावली के मौके पर चीन में निर्मित सजावटी लाइट और अन्य कई उत्पादों की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक कम हुई है। चीन निर्मित एलसीडी की मांग दस से पंद्रह प्रतिशत और मोबाइल बिक्री दो प्रतिशत तक कम हुई है।
चीनी उत्पाद का बहिष्कार करने के अभियान से जुड़े पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट संदीप गुप्ता ने बताया कि चीन निर्मित उत्पाद सस्ते होते हैं, लेकिन जागरूकता बढ़ने के कारण लोग अब स्वदेशी वस्तुएं खरीद रहे हैं। गुप्ता ने खुद अपनी जीप पर ‘शहीदों को दे दो श्रद्धांजलि, चाईना के सामानों को दो तिलांजलि’ लिखा बैनर लगा रखा है।
सजावटी लाईट्स के कारोबारी श्याम मीणा ने बताया कि सबसे ज्यादा बिकने वाली चीन निर्मित सजावटी प्रकाश बल्बों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। जयपुर व्यापार महासंघ के सचिव अजय विजवर्गीय ने भी फोर्टी के आंकलन का समर्थन करते हुए कहा कि उपभोक्ता चीन निर्मित उत्पाद खरीदने के बजाय भारतीय उत्पाद खरीद रहे हैं।
मुम्बई। बड़ी मुश्किल के बाद करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की मुश्किलें ख़त्म हुईं। अब जब ये झमेला ख़त्म होने के कगार पर पहुंचा, तो अभिनेता नसीरुद्दीन के एक बयान ने मामले को एक नई शक्ल दे दी है। नसीर ने करण का सपोर्ट करते हुए कहा, ”करण को इस तरह गिड़गिड़ा कर माफ़ी मांगने की ज़रूरत नहीं थी।”
इस पूरे मामले पर नसीर ने कहा, “यहां लोग फ़िल्मी लोगों को बड़ी आसानी से टारगेट बना लेते हैं। भले लोग हमें बहुत पसंद करते हों,लेकिन उतना ही वो हमारे खिलाफ भी होतें हैं। लोगों को हम कलाकारों पर अटैक कर ठीक वैसा ही मज़ा आता है, जैसा कि उन्हें एक फिल्म देखकर मजा आता है।
नसीर ने इस मसले पर मनसे को निशाने पर लेते हुए आगे कहा, “जो शूरवीर (MNS) मारपीट और सिनेमाघर जलाने की धमकियां दे रहें हैं, उन्हें देश की सीमा में जाकर दुश्मनों के टैंक जलाने चाहिए और पाकिस्तानी घुसपैठियों को मारना चाहिए।”
हालाँकि नसीर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे करण की फिल्मों के प्रशंसक नहीं हैं, फिर भी वे यह फिल्म ज़रूर देखने जाएंगे। उन्होंने सरकार के फैसले की प्रशंसा भी किया।
फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की मुश्किलें खत्म करने की दिशा में आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस और निर्माता करण जौहर के बीच बातचीत हुई। मीटिंग के बाद तय हुआ कि MNS फिल्म के रिलीज होने में परेशानी पैदा नहीं करेगी, लेकिन इसके लिए हर उस प्रोड्यूसर को 5 करोड़ रुपए आर्मी वेलफेयर फंड में डालने होंगे जिन्हेंने पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्म में लिया है।
सीएम आवास पर हुई मीटिंग में फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश भट्ट भी मौजूद थे। मुकेश ने बताया, “प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने फैसला लिया है कि वो आगे से पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे।” इस बातचीत के दौरान भट्ट ने बताया कि करण जौहर ने कहा कि वह इस फिल्म के शुरू होने से पहले शहीद जवानों के लिए एक मैसेज चलाएंगे।
मीडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया, “हमने गृह मंत्री से मिलने का फैसला डर और कानून व्यवस्था की वजह से लिया था, क्योंकि मुंबई में हालात काबू से बाहर जा रहे थे। हमने उनसे रिक्वेस्ट की कि हमें राज्य के सीएम के साथ आश्वासन दें कि रिलीज़ के बाद हमारी फिल्म को किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ेगा।” उन्होंने बताया, “गृह मंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि वे सभी राज्यों के सीएम से बात करेंगे कि फिल्म के रिलीज के दौरान इसे दिखाने वाले थिएटर्स पर कानून व्यवस्था बनी रहे।”
मीटिंग के बाद राज ठाकरे ने कहा, “सभी प्रोड्यूसर, जिन्होंने अपनी फिल्म में पाकिस्तानी कलाकारों को लिया है, उन्हें आर्मी वेलफेयर फंड में 5 करोड़ रुपए देने होंगे। प्रोड्यूसर्स को लिखित में देना होगा कि वह आगे से किसी पाकिस्तानी कलाकार को साइन नहीं करेंगे।”
गौरतलब है कि ऐ दिल है मुश्किल में पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान के रोल के चलते एमएनएस ने धमकी दी थी कि वो इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। बता दें कि यह फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होनी है।
रूस की एक जांच समिति ने यह जानकारी दी है कि पश्चिमोत्तर साइबेरिया में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और इस दुर्घटना में लगभग 19 लोगों की मौत हो गई है।
आपात स्थिति मंत्रालय की क्षेत्रीय शाखा ने कहा कि नोवी उरेंगो के बाहर करीब 80 किलोमीटर दूर एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मंत्रालय ने बताया कि आपातकालीन सेवाएं मुहैया कराने वाले कर्मी दुर्घनास्थल पर भेजे गए हैं और वे मलबे से तीन लोगों को बचाने में सफल रहे।
जांचकर्ताओं ने एक बयान में कहा कि 22 लोगों को लेकर जा रहा एमआई-8 हेलीकॉप्टर कल रात नोवी उरेंगो शहर के बाहर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और प्रारंभिक आंकडों के अनुसार दुर्घटनास्थल पर 19 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह विमान साइबेरिया के क्रास्नोयार्स्क से यामालो नेनेत्स्की क्षेत्र के उरेंगो जा रहा था लेकिन वह भारतीय समयानुसार कल साढ़े सात बजे से लेकर साढ़े आठ बजे के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जांच समिति ने कहा कि संभवत: उड़ान सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, किसी मशीनी समस्या या खराब मौसम के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि संभावित उल्लंघनों की जांच करने के लिए आपराधिक जांच शुरु की गई है। आपात स्थिति मंत्रालय ने कहा कि कोहरे एवं मुश्किल दृश्यता के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने और बचाव अभियान में मुश्किल हुई। जीवित बचे लोगों को नोवी उरेंगो के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि पश्चिमी साइबेरिया के इगारका में पिछले साल हुए इसी प्रकार के हेलीकॉप्टर हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
कला को आकार देने वाला कहलाता है कलाकार। कलाकार के लिए महत्त्वपूर्ण अपनी कला से कमाई गई धनराशि नहीं, बल्कि अपनी कला ज़्यादा महत्त्वपूर्ण होती है। ऐसे ही अभिनेता हैं बॉलीवुड के ‘इडियट’ आमिर खान।
बॉलीवुड को ‘तारे ज़मीन पर’, ‘रंग दे बसंती’,’3 इडियट्स’, ‘pk’ जैसी अजर अमर फिल्में देनेवाले आमिर खान ने फिल्म ‘दंगल’ बनाने का जो निर्णय लिया, और उसमें अपनी उम्र से कहीं बड़े किरदार को निभाने की जो चुनौती स्वीकारी, वो वाक़ई में क़ाबिले तारीफ है।
फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म ‘दंगल’ में एक दमदार भूमिका निभाने के लिए आमिर खान की जमकर तारीफ की। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान चोपड़ा ने कहा कि यह किसी साधारण अभिनेता के बस की बात नहीं है। अभिनय के लिए दीवानगी रखने वाला ही कोई व्यक्ति इस तरह की भूमिका निभा सकता है।
चोपड़ा द्वारा निर्मित फिल्म ‘pk’ व ‘3 इडियट्स’ को अपने अभिनय से सुपर डुपर हिट बनाने वाले आमिर के विषय में जब चोपड़ा से यह पूछा गया कि अभिनेता अक्सर अपनी उम्र से बड़ी भूमिका निभाने से कतराते हैं, तो क्या आमिर इस तरह की भूमिका निभाकर एक नये दौर की शुरआत कर रहे हैं? तो जवाब में चोपड़ा ने कहा, “आमिर एक दीवाना शख्स है। इसलिए हम उसे ‘इडियट’ कहते हैं। ऐसा करना मात्र उसी के लिए संभव भी है। अगर आप उस तरह के व्यक्ति नहीं हैं तो आप ढेर सारा पैसा ज़रूर कमाएंगे और एक दिन दुनिया को छोड़कर चले जाएंगे, लेकिन आमिर जैसे ‘इडियट्स’ जो अपने काम के लिए दीवानगी रखते है, हमेशा के लिए इस दुनिया में रह जाते हैं।”
चोपड़ा ने इस फिल्म के लिए आमिर के प्रयासों की सराहना की। जब संवाददाताओं ने चोपड़ा से यह पूछा कि उन्हें फिल्म का ट्रेलर कैसा लगा तब उन्होंने कहा, ” आमिर दिन प्रतिदिन अपने आप को बेहतर बना रहे हैं। एक कलाकार के रूप में आमिर मुझे बहुत अच्छे लगे।”
उल्लेखनीय है कि वास्तविक जीवन पर आधारित इस फिल्म में 51 वर्षीय आमिर खान ने महावीर सिंह फोगट की भूमिका निभाई है जो अपनी बेटियों गीता फोगट और बबिता कुमारी को कुश्ती सिखाते हैं। फिल्म का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज हुआ था और लोगों ने इसे जमकर पसंद किया।
शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने BCCI को आदेश दिया है कि जब तक जस्टिस लोढ़ा कमेटी कि सिफारिशों को लागू नहीं किया जाता, तब तक स्टेट क्रिकेट बोर्ड्स को किसी भी प्रकार की राशि प्रदान नहीं की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जस्टिस लोढ़ा पैनल द्वारा एक स्वतंत्र निष्पक्ष परीक्षक नियुक्त किया जायेगा, जो कि BCCI के सभी अकाउन्ट्स की जांच करेगा साथ ही आर्थिक लेनदेन कि सीमा भी तय की जायेगी।
न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई की अगली तारीख 5 दिसंबर तय कि गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी कड़े निर्देशों के अनुसार जब तक राज्य क्रिकेट बोर्ड लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों के लागू किये जाने सम्बन्धी एफिडेविट फ़ाइल नहीं करते, तब तक उन्हें कोई वित्तीय सहायता प्रदान नहीं कि जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टी.एस.ठाकुर कि अध्यक्षता वाली तीन जजों कि बेंच ने BCCI को ये आदेश दिया है कि लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों और सुधारों को जल्द से जल्द बिना शर्त पालन में लाया जाए। साथ ही इसमें कोई विलम्ब भी नहीं होना चाहिए। जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने सिफारिश की है कि बोर्ड के शीर्ष पदों में आयु, कार्यकाल पर पाबंदियां लगाई जानी चाहिए। साथ ही एक ही व्यक्ति को बार-बार पद नियुक्त भी नहीं करना चाहिए। लोढ़ा कमेटी बोर्ड द्वारा किये जाने वाले कॉन्ट्रैक्ट की सीमा भी तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से एफिडेविट माँगा, जिसमें उन्हें गत 18 जुलाई के आदेश के निर्णय के बाद लोढ़ा कमेटी द्वारा अनुशंसित कितने नियमों को लागू किया और बाकी के नियमों को लागू किये जाने में और कितना समय लगेगा। यह एफिडेविट बोर्ड को 3 दिसंबर तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि बोर्ड द्वारा आदेश की प्रति ICC चेयरमैन शशांक मनोहर को भेजी जाये। गौरतलब है कि सोमवार को बोर्ड ने लोढ़ा कमेटी पर आरोप लगाया था कि वो देश में क्रिकेट को अपने हिसाब से चलाना चाहती है। साथ ही कमेटी के अन्य हस्तक्षेपों पर भी BCCI द्वारा सवाल उठाये गये थे।
समय कितना बलवान होता है! अब देखिये, उत्ताल समुद्र से लेकर कज्जाकों के दरवाज़े तक पसरा हिन्दोस्तां सियासत और सरहदों कि भेंट चढ़ गया।महत्त्वाकांक्षी ज़िन्ना के गुरूर ने देश को टुकड़ों में बांट दिया, नतीजन आज भी पाकिस्तान, भारत से अलग होकर सुकून कि सांस नहीं ले पाया। खैर..रात गई, बात गई।
भारत दुनिया का वृहत्तम गणतंत्र है,जहाँ केवल मानव मात्र की बात हो सकती है। भारत के संविधान की प्रस्तावना में भारत को एक “संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणतंत्र” घोषित किया गया है। प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष शब्द को 1976 में बयालीसवें संशोधन अधिनियम द्वारा डाला गया था। यह सभी धर्मों के प्रति सहनशीलता और समान व्यवहार को बढ़ावा देता है। राज्य (भारत) का कोई धर्म नहीं है लेकिन सभी धर्मों के प्रति समान भाव रखना इसकी विशेषता है। ऐसे में नागरिकों पर ये जिम्मेदारी है कि वो किसी भी धर्म को हेय दृष्टि से न देखें बल्कि अन्य धर्मों का सम्मान करते हुए अपने रास्ते पर चलें। बात बड़ी अच्छी सी जान पड़ती है लेकिन ये तरीका है..तरीका जीवन जीने का। तरीका सभ्यता की अविरल धारा में बहते रहने का। धारा से उलट बहने वाले अक्सर हाशिये पर सिमट जाते हैं और असभ्यता से चिपक कर रह जाते हैं। धर्म लोगों के लिए है, लोग धर्म के लिए नहीं। किसी स्त्री पर होते अत्याचारों को अगर हम धर्म कि चादर से ढंक देते हैं तो हम सबसे बड़े विधर्मी हैं। आज हम धर्म या मजहब की आड़ में जो करेंगे वो कल के लिए मिसाल बनेगा । हमारी पीढ़ियाँ असभ्यता ओर बढ़ेंगी।
दरअसल हमें “धर्म” शब्द के सही अर्थ से दूर रखा जाता रहा है। धर्म किसी पूजा पद्धति, इबादत आदि तक सीमित शब्द नहीं है, बल्कि इसका एक व्यापक क्षेत्र है। धर्म, जिसे हम कर्तव्य कह सकते हैं..कर्तव्य सामाजिक संतुलन और अनुशासन को बनाए रखने का। परस्पर सौहार्द्र और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जीवन जीने कि कला है धर्म। विद्वान इसकी और भी क्लिष्ट और शुद्धतम व्याख्या कर सकते हैं। फिलहाल, देश काल और वातावरण के अनुसार धर्म एकात्मता की मांग कर रहा है। भारत में हर नागरिक का धर्म केवल भारतीय होना चाहिए। हिन्दू-मुस्लिम वगैरह सब व्यक्तिगत श्रद्धा से जुड़े शब्द हैं, जिन्हें राष्ट्रीय एकात्मता के रास्ते में ला खड़ा करना महज़ असंवेदनशीलता है ।
देश में सेना इस बात का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। सैनिक का सर्वोपरि धर्म राष्ट्रीय सुरक्षा है। सीमा पर बरसती गोलियों को न कोई हिन्दू झेलता है, न कोई मुसलमान, वहां केवल भारतीय होता है। सैनिक अपना फ़र्ज़ मुस्तैदी से निभाते हैं लेकिन हम आम नागरिक ऐसा नहीं करते। हमें उन सैनिकों को भी अपमानित करने में संकोच नहीं होता, जिनकी वजह से हमारे घरों में दीवाली और ईद मनाई जाती है। किसी को अपनी फिल्म का डूबता हुआ पैसा ज्यादा प्यारा है, तो वो विषम परिस्थितियों में दुश्मन से जूझ रहे सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने कि बजाय अपने पैसों के लिए गाल बजाता है । कुछ तो इतने महान कलाकार हैं कि सैनिकों की शहादत पर ही सवालिया निशान खड़ा कर देते हैं।
नेताओं की बात करें तो सत्ता कि हवस इन्हें शत्रु देश का चहेता बना सकती है। क्या कोई भी इंसान चंद रुपयों कि तनख्वाह के लिए खुद को गोली मरवाने या बम से अपने परखच्चे उड़वाने को तैयार हो सकता है ? क्या ये बयानवीर जो आये दिन अपने ज्ञान का अनर्गल पाखण्ड पसारते हैं, पैसे लेकर प्राण दे सकते हैं? नहीं..क्योंकि ये किसी आम इंसान के बस कि बात नहीं। ये किसी पैसे के मोहताज़ इंसान के बस की बात नहीं, बल्कि ये देश के प्रति सच्चे समर्पण की भावना से भरे हुए हृदयों का जज़्बा है। ऐसे हृदय जिसमें एक तरफ अपने घर परिवार के लिए स्नेह और उनके भविष्य की चिंता है, तो दूसरी ओर सवा सौ करोड़ देशवासियों की।
भूतपूर्व अमरीकन एयर विंग सैनिक और रेडियो पर्सनलटी एड्रियन क्रोनौर (Adrian Cronauer) कहते हैं, “Our flag is not just one of many political points of view. Rather, the flag is a symbol of our national unity.”
जरूरी यह नहीं कि हम अपने फेसबुक में क्या प्रोफाइल फोटो लगाते हैं, उसमें तिरंगा है कि नहीं…यह बिलकुल जरूरी नहीं। जरूरी है विषम परिस्थितियों में एक हो जाना। देश मतलब सिर्फ देश, क्योंकि जब सैनिक सरहद पर हमारे लिए मरने मारने को खड़ा हो तब ट्विटर पर प्रवचन नहीं देते और अगर देते हैं तो सिर्फ उस बहादुर सैनिक का हौसला बढ़ाने के लिए। वो सैनिक अपने बीवी बच्चे माँ बाप परिवार घर द्वार अपने लोगों को छोड़कर पूरे हिन्दुस्तान को अपना मान सकता है, अपनी जान दे सकता है, तो क्या हम कुछ समय के लिए अपने फ़िल्मी क्राइम स्टोरी जन्य ज्ञान का पाखण्ड नियंत्रित नहीं कर सकते ? अगर नहीं कर सकते तो हमें सभ्य नागरिक कहलाये जाने का कोई अधिकार नहीं है। इस देश का सच्चा नागरिक और हकदार वही है जिसे इसकी चिंता अपने प्राणों से भी अधिक है, वही सैनिक जो ये सुनिश्चित करता है कि “भारत माता की जय” हमेशा होती रहे।
बाबा रामदेव ने ली चुटकी, कहा,” मध्यप्रदेश में मिली भूमि कबड्डी के मैदान के बराबर”
मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के उद्घाटन के मौके पर बाबा रामदेव ने कहा, “दुनिया भर से भारत में 25 लाख करोड़ रुपये का आयात होता है। हमारे देश में यह सामर्थ्य है कि वह इससे कहीं ज्यादा निर्यात कर सकता है। भारत दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।”
बाबा रामदेव ने कहा कि वह जड़ी बूटियों के क्षेत्र में काफी काम करना चाहते हैं और मध्य प्रदेश में भी बड़े निवेश को प्रयासरत हैं। मध्य प्रदेश में भी मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है, पर राज्य के उद्योग विभाग ने तो उन्हें मात्र 45 एकड़ जमीन ही उपलब्ध कराई है। इसी बात पर चुटकी लेते हुए बाबा ने एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट के लिए मात्रा 45 एकड़ भूमि को कबड्डी के मैदान जितना बड़ा बताया।
इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में आज दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया। इस मौके पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।