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Sunday, August 9, 2026
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” फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में शाहरुख़ का गेस्ट अपीयरेंस महज़ अफवाह”- कबीर खान

एंटरटेनमेंट डेस्क

निर्देशक कबीर खान ने साफ किया है कि उनकी आगामी फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में किंग खान शाहरुख़ गेस्ट अपीयरेंस नहीं करने जा रहे हैं। उन्होंने इस तरह की खबरों को अफवाह करार दिया है। बता दें कि इस तरह की खबरें आ रही थीं कि कबीर ने कैमियो रोल के लिए शाहरुख से संपर्क किया है। इस बारे में पूछे जाने पर कबीर ने कहा, “ यह सिर्फ अफवाह है। ऐसा कुछ होने के विषय में जब मुझे पता चल जाएगा तो मैं आपको बता दूंगा।”

गौरतलब है कि फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में सलमान खान और चीनी एक्ट्रेस ज़ूज़ू मुख्या भूमिका में होंगे और फिल्म का निर्देशन कबीर खान कर रहे हैं। ‘ट्यूबलाइट’ दरअसल भारत-चीन युद्ध के समय की कहानी है, जिसमें एक भारतीय जवान को चीनी लड़की से प्यार हो जाता है। फिल्म के लिए कई भारतीय एक्ट्रेसेज पर विचार किया गया, जिन्हें मेकअप के जरिए चीनी लड़की जैसा लुक दिया जा सकता था, लेकिन बाद में मेकर्स चीनी एक्ट्रेस ज़ूज़ू को फिल्म में कास्ट किए जाने पर सहमत हुए।

कबीर इस फिल्म को अगले साल ईद के मौके पर रिलीज करने के बारे में सोच रहे हैं। हाल ही में बैन किए गए 500 और 1000 के नोटों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,” मुझे लगता है कि यह निर्णय लोगों की डेली लाइफ को प्रभावित कर रहा है और फिल्म देखने जाना लोगों की डेली लाइफ का ही पार्ट है।” उन्होंने कहा कि बाजार में 100 और 500 के गिने चुने ही नोट उपलब्ध हैं, इसलिए लोगों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने में दिक्कत हो रही है। जिन लोगों के पास थोड़ा बहुत पैसा है, वह अब इसे फिल्म पर नहीं खर्च करना चाह रहा, बल्कि बाकी जरूरी चीजों पर पहले ध्यान देना चाहता है।

आपको बता दें कि यह तीसरी बार है जब सलमान खान और कबीर खान एक साथ किसी प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे हैं। इससे पहले ये दोनों सुपरहिट फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘एक था टाइगर’ के लिए काम कर चुके हैं।

‘हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस’ में शामिल होने भारत आएंगे सरताज़ अजीज़, कहा,”भारत जैसी गलती नहीं दोहराऊंगा।”

शिखा पाण्डेय

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज़ दिसंबर में अफगानिस्तान पर होने वाले ‘हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस’ में शामिल होने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। इस बात की जानकारी उन्होंने स्वयं दी है और उम्मीद जताई है कि यह यात्रा भात-पाक के बीच के तनाव खत्म करने का एक अच्छा मौका साबित होगी।

अजीज़ ने मीडिया से कहा, “भारत ने दक्षेस शिखर सम्मेलन से हट कर पाकिस्तान में होने वाले इस सम्मेलन को बेकार कर दिया, उसके बरखिलाफ पाकिस्तान भारत में होने वाले ‘हार्ट ऑफ एशिया’ में शिरकत कर इसका जवाब देगा।”

सरताज अजीज़ ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच के कश्मीर मुद्दे में हस्तक्षेप करते हैं और उसे हल कर देते हैं तो वह नोबेल पुरस्कार के पात्र होंगे। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही, “अगर ट्रंप कश्मीर विवाद हल करने में मदद करते हैं तो वह नोबेल पुरस्कार के पात्र होंगे।”

यह सम्मेलन अफगानिस्तान पर तीन दिसंबर को अमृतसर में आयोजित होने वाला है। अगर अजीज इस सम्मेलन में आए तो वह 10 सितंबर के उरी आतंकवादी हमलों के बाद भारत की यात्रा करने वाले पहले वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी होंगे। आपको बता दें कि इस हमले के बाद भारत नवंबर में प्रस्तावित दक्षेस शिखर सम्मेलन से हट गया था। 

पीटीवी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अजीज का कहना है कि वह खुद इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और वह भारत जैसी गलती नहीं दोहराएंगे, जिसने दक्षेस शिखर सम्मेलन का बायकाट किया था। अजीज ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि क्या वह सम्मेलन से इतर अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात करेंगे या नहीं। 

शरद यादव ने बोला मोदी पर हल्ला, कहा, “पेट कैसे करे 50 दिन का वेट”

अमित द्विवेदी,

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस कदम से देश में आर्थिक अराजकता फ़ैल गई है और वैश्विक स्तर पर देश की बड़ी बदनामी हुई है। विपक्ष ने कहा कि सरकार के इस कदम से विश्व के सामने यह बात गई है कि भारत की अर्थव्यवस्था में कालेधन का बोलबाला है।

जनता दल यूनाइटेड के नेता शरद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुटकी लेते हुए कहा कि पीएम मोदी ने वित्त मंत्री को भी इस फैसले की जानकारी नहीं दी थी। अगर उन्होंने जेटली जी से यह बात बताई होती, तो मुझे इसकी जानकारी ज़रूर होती। अरुण जेटली मुझे यह बात ज़रूर बताते, क्योंकि वो मेरे मित्र हैं। शरद यादव की इस बात पर सदन में उपस्थित सभी सदस्य हंसने लगे।

यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, “सरकार के फैसले से गांव के गरीब, किसान बहुत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए नोट बैन कर देना कोई प्रभावी कदम नहीं है। यादव ने इसके लिए संयुक्‍त संसदीय समिति बनाने की मांग की।”

शरद यादव ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी जी ने आम जनता के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा। उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि आम जनता जो एटीएम के बारे में जानती नहीं है, वो कैसे अपना काम कैसे चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सबसे ज़्यादा परेशान देश की आम जनता है।

भाजपा के सहयोगियों की नाराज़गी का फायदा उठाने के चक्कर में बहन मायावती!

अमित द्विवेदी

नोट बंदी के मामले ने पूरे देश में तहलका सा मचा कर रख दिया है। केंद्र सरकार द्वारा लिए गये इस फैसले पर विपक्ष ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया और सत्ता पक्ष से यह कहा कि उसे स्वीकारना होगा कि भले ही उनका उद्देश्य अच्छा हो, लेकिन इससे आम लोग त्रस्त हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार को यह सोचना चाहिए कि आखिर उनके साथी भी क्यों उनके विरोध में हैं। 

आज मायावती ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला है, जिससे आम आदमी परेशान है। कालाधन पर अंकुश हम भी चाहते हैं, लेकिन सरकार ने जिस तरह इस फैसले को लागू किया वह गलत है।

मायावती ने शिवसेना और अकाली दल की ओर रुख करते हुए कहा कि आज शिवसेना और अकाली दल पछता रहे होंगे कि उन्होंने गलत लोगों का साथ दे दिया। मायावती ने कहा,” जहां शिवसेना यह सोच रही होगी हम कहां आ गये, वहीं अकाली दल यह सोच रहा होगा कि हमारी बहन उधर बैठी है और हम…” बात को अधूरा छोड़ती मायावती की इस पंक्ति ने साबित कर दिया कि वे कितनी चालांक राजनेता हैं। उन्होंने इन पंक्तियों के जरिये शिवसेना और अकालीदल को अपने साथ लाने की कोशिश की है, क्योंकि वे यह जानती हैं कि ये दोनों पार्टियां सरकार के इस फैसले से नाराज हैं और उन्होंने आज नोटबंदी के खिलाफ आयोजित विरोध मार्च में ममता बनर्जी का साथ दिया।

‘डियर ज़िन्दगी’ को बिना किसी कट के सेंसर बोर्ड द्वारा यू/ए सर्टिफिकेटदिए जाने से बेहद खुश हैं आलिया

एंटरटेनमेंट डेस्क

अभिनेत्री आलिया भट्ट अपनी आगमी फिल्म ‘डियर ज़िन्दगी’ को बिना किसी कट के रिलीज होने की मंजूरी मिलने से बेहद खुश हैं। ऐसी खबरें हैं कि सेंसर बोर्ड ने गौरी शिंदे निर्देशित फिल्म ‘डियर ज़िन्दगी’ के किसी भी दृश्य को बिना हटाये इसे रिलीज की मंजूरी दी है। फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट दिया है, जिस वजह से फिल्म की पूरी टीम बहुत खुश है

जब कल रात को आलिया से इस बारे में सवाल किया गया तब उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत उत्साहित हूं। सेंसर बोर्ड ‘डियर जिंदगी’ को लेकर बहुत मेहरबान है। आपको बता दें कि अभिनेत्री को अपनी पिछली फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’ को लेकर सेंसर बोर्ड के साथ विवादों का सामना करना पड़ा था। 

आलिया ने कहा,”मेरी फिल्म बिना किसी कट के रिलीज हो रही है और मैं सिर्फ दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने के लिए बेहद उत्साहित हूं।” ट्विंकल खन्ना की किताब ‘‘द लीजेंड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद’ के विमोचन के अवसर पर आलिया ने ‘डियर ज़िन्दगी’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी। आपको बता दें कि फिल्म ‘डियर जिंदगी’ 25 नवंबर को रिलीज हो रही है।

ट्विंकल के बारे में बात करते हुए आलिया ने कहा कि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। ट्विंकल के हास्य बोध की तारीफ करते हुए आलिया बोलीं,” आप इसे जानने के लिए ‘कॉफी विद करण’ देख सकते हैं। टिवंकल जिस तरह की इंसान हैं, मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैं यहां उनकी किताब के विमोचन के अवसर पर उपस्थित होकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं।” 

व्हाट्सऐप अब फेसबुक के साथ नहीं शेयर करेगा आपकी निजी जानकारी

ब्यूरो


दुनिया के सबसे पॉपुलर वाट्सऐप ने यूजर  प्राइवेसी संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फेसबुक को यूरोप में लोगों के विशेष समूह तक विज्ञापन पहुंचाने के लिए यूज़र्स की जानकारी देना बंद कर दिया है। एक निकटवर्ती सूत्र ने यह जानकारी दी है कि यूरोप में अधिकारियों के साथ पिछले कुछ महीनों से चल रही बातचीत के बाद सोशल नेटवर्क ने निर्णय लिया है। वह केवल स्पैम का मुकाबला करने जैसे मकसदों के लिए ही वाट्सएैप यूजर डेटा का लाभ उठाएगा।

इस कदम को नियामकों द्वारा निजी चिंताएं साझा करने और फेसबुक को इनसे निपटने के तरीकों पर विचार करने का समय देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि जर्मनी के डेटा संरक्षण अधिकारियों ने फेसबुक को वहां वाट्सऐप से सब्सक्राइबर डेटा एकत्र करने से रोकने के लिए सितंबर में निजी चिंताओं का हवाला दिया था।

हैमबर्ग के कमिशनर फॉर डेटा प्रोटेक्शन एंड फ्रीडम ऑफ इनफॉरमेशन जोहानेस कैस्पर से कहा, “यह यूज़र का निर्णय होना चाहिए कि वह अपने अकाउंट को फेसबुक के साथ जोड़ना चाहता है या नहीं। फेसबुक को पहले से उनकी अनुमति मांगनी होगी।”

गौरतलब है कि वाट्सऐप ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह विशेष समूह तक विज्ञापन पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर करने और इस मंच पर स्पैम को रोकने की कोशिश के तहत फेसबुक के साथ डेटा साझा करना आरंभ करेगा। इसके बाद यूरोपीयन डेटा संरक्षण समूह जी29 ने अक्तूबर के अंत में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं और फेसबुक एवं वाटसऐप से उचित कानूनी सुरक्षा प्रावधान होने तक डेटा साझा नहीं करने को कहा था। उल्लेखनीय है कि फेसबुक ने करीब 19 अरब डॉलर का सौदा करके दो वर्ष पहले वाट्सऐप को खरीदा था।

प्रधानमंत्री जी बताएँ कि उन्हें कौन जान से मारना चाहता है -कांग्रेस

अनुज हनुमत,

आज से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत हुई और पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच जमकर गहमागहमी हुई। आज जैसे ही संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, वैसे ही विपक्ष ने सबसे पहले नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार को घेर लिया।

गौरतलब हो कि इससे पहले पीएम ने अपील करते हुए कहा था कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर सभी दलों का साथ होना ज़रूरी है। लेकिन नोटबंदी को लेकर संसद पहले ही दिन से ही गरमा गई है। बता दें कि शीतसत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक भी हुई, लेकिन आज पहले दिन उसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला।

सुबह सुबह कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा में नोटबंदी पर सपा का पक्ष रखते हुए रामगोपाल यादव ने कई प्रमुख बातें कहीं। ज्ञात है कि कुछ दिनों पहले ही सपा ने रामगोपाल को पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन आज वो पार्टी की तरफ से ही अपनी राय रखते हुए नजर आये । 

सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि इस फैसले से ईमानदार लोगों को एक रूपये का भी नुकसान नहीं होगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा, ‘हमने तो कभी नोटबंदी को सर्जिकल स्ट्राइक का नाम नहीं दिया, आप अगर ऐसा मानते हैं तो अच्छी बात है।

आनंद शर्मा ने राज्यसभा में पूछा कि प्रधानमंत्री ने अपने गाजीपुर रैली में कहा ‘मेरी जान को खतरा है, लोग मुझे मार देंगे’! उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री जी देश को बताइये की आपको कौन मारना चाहता है?

कुल मिलाकर आज शीतकालीन सत्र के पहले दिन शुरुआती कार्यवाही को देखते हुए तो यही अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देगा। क्योंकि विपक्ष नोटबंदी वाले मुद्दे पर सरकार को घेरने की हर कोशिश में लगा है। 

सोनम गुप्ता का आया जवाब, कहा, “मैं नहीं तू बेवफा है सोनवीर सिंह”

अमित द्विवेदी,

पिछले कुछ दिनों से सोनम गुप्ता की बेवफाई के चर्चे सोशल मीडिया पर आम हैं। फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप्प तक, लगभग हर जगह 10 से 2000 रूपए तक के नए नोट में एक सिरफिरे आशिक ने अपनी माशूका सोनम गुप्ता को बदनाम करने की कोशिश की। हर नोट में उसने एक बात लिखी, “सोनम गुप्ता बेवफा है।” इसका करारा जवाब उस आशिक को सोनम गुप्ता ने दे दिया है।

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सोनम गुप्ता अपनी बेवफाई के चर्चे से खफा हैं। अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोनम ने भी 2000 रूपए के एक नोट पर लिखा, “बेवफा मैं नहीं सोनावीर सिंह, तुम हो”। सोनम का यह जवाब जैसे ही आया, सोशल मीडिया पर इस तस्वीर ने रफ़्तार पकड़ ली। अब फेसबुक पर लोग इस नोट की तस्वीर के साथ लिख रहे हैं, “आ गया सोनम गुप्ता का जवाब”।

आजकल इंटरनेट पर छाया है 10 रुपये का एक नोट. तुड़ा-मुड़ा हुआ नोट, लेकिन फिर भी गांधी जी हंस रहे हैं. इस नोट पर बड़े अक्षरों में लिखा है ‘सोनम गुप्ता बेवफ़ा है.’ फेसबुक-व्हॉट्सएप पर इस नोट की तस्वीर खूब वायरल हुई. सोनम गुप्ता की बेवफाई के चर्चे सोशल मीडिया पर हर तरफ़ हैं। अब सोनम को भी कहां पता था कि यह आशिक उसे ज़माने में मशहूर कर देगा।

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पहले 10 और 100 के नोट पर सोनम की बेवफाई के चर्चे थे। लेकिन 2000 रूपए की नोट के इंतज़ार में पलकें बिछाए लोगों को जब सोनम गुप्ता की बेवफ़ाई के बारे में पता चला, तो जम कर लाइक और शेयर किया। मानो सोनम ने बेवफ़ाई उनके साथ ही की हो।

हालांकि इनमें से कुछ संदेशों के फोटोशॉप होने की भी संभावना है, पर इन वायरल तस्वीरों के ज़रिए हिंदुस्तान में नोटों पर लिखने की आदत पर भी लोग करारा कटाक्ष कर रहे हैं।

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डॉलर और पाउंड भी हुआ सोनममय-

सिर्फ 10 और 2000 रूपए ही नहीं बल्कि सोनम के चर्चे डॉलर और पाउंड में भी हुए। विदेशी करेंसी में भी  लिखी हुई फोटो खूब वायरल हुई। लोगों ने यह भी कहकर खूब मज़े लिए कि इंटरनेशनल हुई सोनम गया।

नोट बंदी पर फेल हुआ मोदी का दांव!

सौम्या केसरवानी,

पांच सौ और हजार के नोट बंद हुए सात दिन से ज्यादा हो गये हैं, लेकिन आम जनता की परेशानियां जस की तस बनी हुई हैं। शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देशभर में करीब दो लाख एटीएम मशीनों को सुचारू रूप से संचालित होने में तीन हफ्तों का समय लग सकता है।

कालेधन की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं और मोदी सरकार से जनता को उम्मीदें भी हैं, परंतु, किसी भी बड़ी पहल की शुरुआत करने से पहले उससे जुड़े तमाम पहलुओं पर समुचित तैयारी भी आवश्यक है। पुराने बड़े नोटों की वापसी और उनकी जगह नये बड़े नोट लाने के निर्णय के बाद से बैंकों में भारी भीड़ है। एटीएम मशीनें लगभग ठप हैं।

नकदी की कमी का असर रोजमर्रा के लेन-देन और खरीद-बिक्री पर पड़ा है, इस संकट की मार सबसे अधिक आम लोगों को झेलनी पड़ रही है। देश की आबादी नकदी से काम चलाती है।

कार्डों और स्मार्ट फोन के जरिये होने वाले लेन – देन बड़े शहरों तक ही है, देश के अनेक क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं भी संतोषजनक नहीं हैं, ऐसे में सरकार को ऐसे उपाय करने चाहिए थे कि अफरातफरी के हालात न पैदा हो सकें। कम-से-कम बैंकों और एटीएम मशीनों तक पर्याप्त नकदी की उपलब्धता करनी चाहिए थी।

अगले कई दिनों तक ऐसे ही हालात बने रहेंगे। अभी तक बैंकों में 30 बिलियन डॉलर से अधिक जमा कराया जा चुका है। एटीएम मशीनों को नए नोट देने लायक बनाने में भी समय लगेगा। सरकार और बैंकिंग तंत्र की ओर से स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों का भरोसा दिया जा रहा है, जिनके नतीजे आगामी कुछ दिनों में दिखने लगेंगे।

पाकिस्तानी कलाकार: मेहमान या नमकहराम, स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुआ असली चेहरा

अनुज हनुमत,

एक तरफ भारत जहाँ कालेधन से आम जनता से लेकर देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इस स्थिति में अगर कोई सच ऐसा भी हमारे सामने आ जाए, जिसमें हमें यह पता लगे कि कुछ मेहमान, जो पड़ोसी मुल्क से हमारे देश में अभिनय करने आते हैं। वो हमारे ही मुल्क का पैसा कालाधन बनाकर अपने मुल्क ले जाते हैं, तो हर भारतीय का गुस्सा होना लाजमी है।

ऐसा ही सच सामने लाने का कार्य किया है एक प्रतिष्ठित हिंदी निजी न्यूज चैनल न्यूज 18 इंडिया ने। चैनल ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें कई पाकिस्तानी कलाकार बेनकाब हुए। इस स्टिंग से ये साबित हुआ कि ये सभी पाकिस्तानी कलाकार जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद भी कर रहे हैं। आपको बता दें कि चैनल के इस स्टिंग ऑपरेशन में पाकिस्तानी अभिनेता फ़वाद खान से लेकर मशहूर गायक राहत फतेह अली ख़ान तक और अभिनेता/गायक शफ़क़त अमानत अली से लेकर अभिनेत्री मावरा होकेन तक, ये सभी तमाम बड़े पाकिस्तानी कलाकारों की बदनीयत का खुलासा हुआ है।

खास बात यह है कि भारत के पाक कलाकार प्रेमियों को फवाद खान खूब पसंद आते हैं और इस पाकिस्तानी एक्टर के नाम पर कुछ लोगों ने देश की भावना को भी किनारे रख दिया, लेकिन फवाद खान ने भारत को ऐसा धोखा दिया है कि सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे।

fawad-khan

आपको बता दें कि फवाद की बॉलीवुड में तीन फिल्में आ चुकी हैं। एक अब भी पर्दे पर है। और चार से ज्यादा कतार में हैं। फ़वाद की ईमानदारी जांचने के लिए ‘ऑपरेशन नमकहराम’ में न्यूज 18 इंडिया की अंडरकवर टीम ने उनकी मैनेजर तोरल सोनी से फोन पर संपर्क साधा। तोरल मुंबई की एक मैनेजमेंट कंपनी में काम करती हैं। न्यूज 18 की अंडरकवर टीम ने तोरल को बताया कि हम एक प्राइवेट फंक्शन में फवाद खान की शिरकत चाहते हैं, जिसके बाद मुंबई के एक पांच सितारा होटल में मुलाकात का वक़्त तय हुआ। मुश्किल तारीखों से नहीं थी, बल्कि पाकिस्तानी कलाकारों पर देश में उबल रहे गुस्से की थी।

पैसों की बात छिड़ी, तो मुंह में पानी उतर आया। इनकार, इकरार में बदल गया। शादी की महफिल में फवाद खान के चंद घंटे ठुमकने की फीस बताई गई 50 लाख रुपए। उनके ग्रुप का खर्चा मिलाकर तकरीबन एक करोड़ रुपए। मतलब ये था कि फवाद खान को मिलने वाली रकम का 25 फीसदी भुगतान ब्लैक में होगा।

बातचीत आगे बढ़ी, तो फवाद की मैनेजर ने बताया कि भारत में टैक्स चुराने का एक और तरीका है। वो ये कि पैसे सीधे फवाद ख़ान के यूईए वाले एकाउंट में जमा कराए जाएं। यानी फवाद भारत आएंगे, भारत में पैसे कमाएंगे और बिना टैक्स चुकाए वापस लौट जाएंगे। तोरल सोनी ने तो हमें दिवाली वाला बम्पर ऑफर भी दिया कि डील जल्दी फाइनल करो तो फवाद को मिलने वाले काले धन की रकम और भी ज्यादा बढ़ाई जा सकती है।

तो क्या जवां दिलों की ये धड़कन ऐसे ही हिन्दुस्तान आते हैं। महफिलों में ठुमके लगाते हैं और काली कमाई के साथ भारत की सरकार को ठेंगा दिखाकर चंपत हो जाते हैं। सवाल तो ये भी है, कि क्या बॉलीवुड फिल्मों में भी फवाद खान कुछ ऐसी ही सौदेबाजी करते हैं।

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इसी तरह इस आप्रेशन नमक हराम में पाकिस्तानी अभिनेत्री मावरा होकेन , गायक राहत फ़तेह अली खान और अभिनेता शफाकत अमानत अली जैसे बड़े नामों की भी पोल खुली । इस पूरे स्टिंग ने एक नया प्रश्न खड़ा कर दिया की क्या अब इस सच के सामने आने के बाद भी इन पड़ोसी मुल्क के लुटेरों को बॉलीबुड में काम मिलता रहेगा!

इस पूरे मामले में फिलहाल केंद्र सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पूरे मामले की जाँच होगी और इन तमाम कलाकारों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी क्योंकि हमारी सरकार भ्रस्टाचार और कालेधन को देश से जड़ से उखाड़ फेंकने को प्रतिबद्ध है।