पाकिस्तानी थिएटर व स्टेज एक्ट्रेस किस्मत बेग की गुरुवार शाम को लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब घटी, जब किस्मत एक स्टेज परफॉर्मेंस के बाद घर लौट रही थीं। पुलिस ने बताया कि रास्ते में कार और मोटरसाइकिल से आए कुछ लोगों ने किस्मत बेग को रोका और उनपर गोलियां चला दीं।
बेग और उनके ड्राइवर को सर्विस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां ज्यादा खून बह जाने के कारण एक्ट्रेस की मौत हो गई। वहीं ड्राइवर की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि एक्ट्रेस के पैरों, पेट और हाथ में 11 गोलियां लगी। जांच अधिकारी असगर हुसैन ने बताया कि यह घात लगाकर किया गया हमला है। पुलिस को शक है कि एक्ट्रेस की मौत के पीछे उनका पूर्व ब्रॉयफ्रेंड हो सकता है।
हुसैन ने बताया, “हमलावर थिएटर के बाहर इंतजार कर रहे थे। किस्मत जैसे ही बहार निकलीं, उन्होंने किस्मत का पीछा किया।” ड्राइवर के मुताबिक, एक बंदूकधारी ने किस्मत के पैरों पर गोली मारने के बाद कहा, “किस्मत अब नाच नहीं सकेगी।” अधिकारी ने बताया, “ शुरूआती जांच में यह बात सामने आयी है कि फैसलाबाद शहर के एक उद्योगपति से उनके ताल्लुकात थे। हम पूछताछ के लिए उद्योगपति और किस्मत के परिवार के कुछ सदस्यों को बुलाएंगे और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचेंगे।”
आपको बता दें कि किस्मत को इससे पहले भी कुछ बंदूकधारियों ने निशाना बनाया था, लेकिन तब वह बच गयी थीं। मुजरा डांस के शौकीन लोगों में किस्मत बेग का काफी नाम था। उनके मुजरे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखे जाते हैं।
नोट बंदी पर उठ रहे तमाम विवादों के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है। दूरदर्शन के पत्रकार सत्येंद्र मुरली ने दावा किया है कि 8 नवंबर, रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘नोटबंदी पर राष्ट्र के नाम संबोधन’ का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण नहीं था, बल्कि वो पहले से रिकॉर्डेड था। मुरली ने गुरुवार (24 नवंबर) को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में इस बात का दावा किया।
जानें पूरा मामला-
सत्येंद्र मुरली ने इस बाबत सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी थी। पीएमओ ने जवाब के लिए उनकी आरटीआई को आर्थिक मामलों के विभाग और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पास भेज दी। पीएमओ द्वारा खुद जवाब न दिए जाने को टालमटोल बताते हुए उन्होंने प्रेस वार्ता करके दावा किया कि पीएम मोदी का भाषण लाइव नहीं था,जबकि मोदी के अनुसार नोटबंदी का फैसला अतिगोपनीय था और पीएम द्वारा इसकी घोषणा किए जाने से पहले केवल चंद लोगों को इसके बारे में पता था।
मुरली की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ”मैं बतौर दूरदर्शन समाचार में कार्यरत पत्रकार सत्येन्द्र मुरली जिम्मेदारीपूर्वक दावा कर रहा हूं कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लाइव नहीं था, बल्कि पूर्व रिकॉर्डेड और एडिट किया हुआ था। 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई का प्रस्ताव और शाम 7 बजे कैबिनेट को ब्रीफ किए जाने से कई दिनों पहले ही पीएम का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लिखा जा चुका था। इतना ही नहीं, मोदी ने इस भाषण को पढ़कर पहले ही रिकॉर्ड करवा लिया था।”
उन्होंने दावा किया,” 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई से प्रस्ताव मंगवा लेने के बाद शाम 7 बजे मात्र दिखावे के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई, जिसे मोदी ने ब्रीफ किया। किसी मसले को ब्रीफ करना और उस पर गहन चर्चा करना, दोनों में स्पष्ट अंतर होता है। मोदी ने कैबिनेट बैठक में बिना किसी से चर्चा किए ही अपना एकतरफा निर्णय सुना दिया।” उन्होंने प्रश्न उठाया,” ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा THE GOVERNMENT OF INDIA (TRANSACTION OF BUSINESS) RULES, 1961 एवं RBI Act 1934 का अनुपालना किस प्रकार किया गया होगा? क्या इस मामले में राष्ट्रपति महोदय को सूचना दी गई?”
प्रेस विज्ञप्ति में मुरली ने बताया है, ”इस बारे में RTI के जरिए सवाल पूछे जाने पर (PMOIN/R/2016/53416), प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब देने की जगह टालमटोल कर दिया और आवेदन को आर्थिक मामलों के विभाग और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया। RTI ट्रांसफर का नंबर है – DOEAF/R/2016/80904 तथा MOIAB/R/2016/80180। यह रिकॉर्डिंग पीएमओ में हुई थी, लिहाजा इस बारे में जवाब देने का दायित्व पीएमओ का है।”
अभी तक बीजेपी की तरफ से मुरली के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। साथ ही किसी भी प्रमुख मीडिया संस्थान ने सत्येंद्र मुरली के आरोपों को जगह नहीं दी, हालांकि कुछ स्वतंत्र न्यूज वेबसाइटों ने इस खबर को प्रमुखता के साथ छापा है। अगर मुरली का दावा सच निकला तो पीएम के गोपनीयता के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे।
उत्तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब पर हमला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को संसद में संविधान दिवस के मौके पर एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। जहाँ पीएम मोदी ने नोटबंदी पर हंगामा मचा रहे, विपक्ष को लेकर चुटकी ली थी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विपक्ष पर किये गए हमले का जवाब दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर पीएम इतने ईमानदार हैं और उनका कोई राजनीतिक फायदा नहीं है तो उन्हें नाम बताने चाहिए। साथ ही मायावती ने कहा कि पीएम मोदी को संसद में आकर नाम बताने चाहिए। पीएम मोदी ने अगर 10 महीने से तैयारी की थी तो जनता परेशान क्यों है?
साथ ही मायावती ने ये आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने नोटबंदी की कच्ची तैयारी की थी। मायावती ने आगे कहा, “पीएम मोदी बताएं कि उनकी पार्टी में 10 महीने में किसका कितना पैसा जमा हुआ।” मायावती ने आगे कहा कि पीएम मोदी पहले खुद अम्बेडकर के सिद्धांतों पर अमल करें।
नोटबन्दी के मुद्दे पर विपक्ष के तीखे हमलों को झेल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऊपर के दबाव को कम करते हुए पाकिस्तान पर बड़ा हमला बोला है। पंजाब के भठिंडा में एम्स का शिलान्यास करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि परियोजना का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत के हक का पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा। पानी पर भारत का अधिकार है। पंजाब के किसानों को पानी मिलेगा। पीएम ने कहा कि सिंधु जल समझौते में हिंदुस्तान के हक का पानी पाकिस्तान में बह जाता है। अब वो बूंद-बूंद पानी रोक करके मैं पंजाब के, जम्मू-कश्मीर के और हिंदुस्तान के किसानों के लिए पानी लाउंगा।
पीएम मोदी ने कहा कि पंजाब और अन्य राज्यों के किसानों को उनके देय पानी की एक-एक बूंद दिलाने के लिए हमने सिंधु जल समझौते पर एक टास्क फोर्स गठित किया है। आपको बता दें कि पीएम ने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब हमारे बहादुर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया हड़कंप मच गया। अब भी उनका मामला ठिकाने नहीं लगा है।
प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का हवाला देते हुए कहा कि हमने उन्हें अपने सशस्त्र बलों की ताकत का अहसास करा दिया।
हालाँकि, पीएम ने पाक के नागरिकों से कहा मैं अनुरोध करता हूं कि वह अपने शासकों से गरीबी, काले धन और जाली मुद्रा के खिलाफ लड़ने को कहें, भारत के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा कि जब पेशावर के स्कूल में हमला होता है, भारत दुखी होता है। पाकिस्तान के लोगों को अपनी सरकार से कहना चाहिए कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े, नकली करेंसी के खिलाफ लड़े।
पीएम मोदी ने कहा कि काले धन ने इस देश के मध्यम वर्ग को लूटा है, उसका शोषण किया है। गरीबों को उनके हक से वंचित किया है। मुझे ये लूट बंद करनी है। गरीबों का हक दिलाना है। ये काला कारोबार देश को दीमक की तरह खाता चला जा रहा है, इसलिए नोट पर बैन लगाया है और देश की जनता का कष्ट झेलने के लिए मेरे शब्द छोटे पड़ जाते है। आप आपने मोबाइल फोन को अपना बैंक बना सकते हो, अपना बटुआ बना सकते हो। काले धन वालों को उठने नहीं देना है। जाली नोट ने हमारे देश के नौजवानों को तबाह किया है। मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि देश को बनाने में हमारा साथ दीजिये।
दरअसल, पीएम मोदी आज पंजाब के भटिंडा में एम्स का शिलान्यास करने पहुंचे थे और इस मौके पर बोलते हुए पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। बादल ने कहा कि मोदी एक लंबे वक्त तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अपने इसी तजुर्बे की वजह से उनको राज्यों के बारे में समझ है और वह हमेशा राज्य के बारे में अच्छा सोचते हैं। बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन को खत्म करके देश के लिए बहुत बड़ा काम किया है।
बादल ने कहा कि मोदी पंजाब से बेहद प्यार करते हैं और आने वाले वक्त में केंद्र सरकार पंजाब के हित में कई ओर काम भी करेगी। बहरहाल, पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस अंदाज में पाकिस्तान को लताड़ा है, उससे इतना तो स्पष्ट है कि भारत आगे कभी घुकेगा नहीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संसद में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम में नोटबंदी के विषय पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि आलोचना इस बात की हो रही है कि सरकार ने पूरी तैयारी नहीं की। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पीड़ा इस बात की है कि सरकार ने तैयारी का मौका नहीं दिया। सभी को अधिकार है कि वो अपने पैसे का उपयोग करें। आज समय बदल रहा है और हमें भी कैशलेस इकॉनमी की ओर जाना होगा।
नोटबंदी के फैसले पर विरोध करने वालों को पीएम मोदी ने आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने वालों को पीड़ा अधिक है कि “सरकार ने तैयारी करने का मौका नहीं दिया। जनता की तकलीफ से उन्हें कोई मतलब नहीं है।”
खंडवा (मप्र): मप्र के सबसे विवादित एंकाउंटर केस में एक अजीबोगरीब तस्वीर देखने को मिली है। दरअसल, पिछले महीने भोपाल में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए पांच सिमी कार्यकर्ताओं की कब्रों पर शहीद दर्शाने वाले शिलालेखों को पुलिस ने कल रात सफेद रंग पोतकर मिटवा दिया।
इन शिलालेखों पर इनको महिमामंडित करने के मकसद से उनकी मौत को शहादत बताया गया था। आनन फानन में पुलिस ने ये कार्य किया। इसके बाद खंडवा के पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह सिकरवार ने पत्रकारों से कहा, ‘हमने इस बात को मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग लोगों के साथ उठाया और उन्होंने ही कब्रों की शिलाओं पर लिखे शहादत शब्दों पर रंग पोतकर उन्हें मिटाया।’ सूत्रों ने बताया कि भोपाल मुठभेड़ में मारे गए पांच सिमी सदस्यों की कब्रों पर लगाई गई शिलाओं पर उर्दू एवं हिन्दी में लिखे इस्लामिक शहादत के शब्दों के साथ-साथ कुछ अन्य शब्दों को कल रात मिटा दिया गया है।
आपको बता दें कि जिन पांच सिमी सदस्यों की कब्रों के शिलालेखों से इनको महिमामंडित करने के शब्दों को मिटाया गया है, उनके नाम अमजद खान, जाकिर हुसैन, मोहम्मद सलीक, शेख महबूब एवं अकील खिलजी हैं। गौरतलब हो कि ये पांचों सिमी आतंकी उन आठ सिमी विचाराधीन कैदियों में शामिल थे, जिन्होंने 30-31 अक्तूबर की रात को उच्च सुरक्षा वाली भोपाल केन्द्रीय जेल से कथित रूप से एक सुरक्षा गार्ड की हत्या कर फरार हो गए थे।
पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 31 अक्तूबर को ये आठों सिमी सदस्य भोपाल के बाहरी इलाके में मारे गए थे। इसके बाद से पुलिस इस कार्यशैली को लेकर भी खूब विवाद हुआ। आठों सिमी सदस्यों में से पांच खंडवा के रहने वाले थे। इसके बाद 2 नवंबर की रात तकरीबन 11 बजे खंडवा के रहने वाले इन पांच सिमी सदस्यों के शवों को यहां बड़ा कब्रिस्तान में तनाव के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ दफनाया गया था। इस दिन इनके जनाजे में 2,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। कुछ स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए तब पुलिस को उन लोगों को खदेड़ना भी पड़ा था, जो इन सिमी सदस्यों के शवों को देखने पहुंचे थे ।
बहरहाल, ये जाँच का विषय है कि भोपाल पुलिस द्वारा किया गया ये एंकाउंटर सही है या गलत! लेकिन अपराधियों का पक्ष लेना अब कुछ राजनीतिक दलों के चलन में आ गया है।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार के नोट बंदी के फैसले पर कल एक के बाद एक कई ट्वीट कर हमला किया। लालू प्रसाद ने लगे हाथ आरएसएस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर पूछा, “मोहन भागवत चुप क्यों है? क्या आरएसएस को लोगों की पीड़ा में आनंद आ रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं, संघ के आदेश पर ही यह किया गया?”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए राजद सुप्रीमो ने अपने अगले ट्वीट में पूछा,”पीएम बताएं कि रुपये की कमजोरी और बदतर हालात का जिम्मेदार कौन है? इस कदम से जो जीडीपी ग्रोथ रेट गोते खाएगी, उसकी भरपाई में कितने वर्ष लगेंगे? इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था में अव्यवस्था की छवि वाला जो नकारात्मक संदेश पूरे विश्व में गया है, उससे उबरने में कितने सालों की बलि चढ़ेगी?”
कालेधन के सख्त विरोधी होने की बात करते हुए राजद सुप्रीमो ने आगे लिखा है कि काले धन वालों को दबोचो, किंतु इसके नाम पर आप पूंजीपतियों की गोद में बैठकर आम लोगों को परेशान नहीं कर सकते।
लालू ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा,” तुमने जो हंगामा खड़ा किया है, उसके शोर-शराबे में करोड़ों लोगों के भूख और पीड़ा से कराहने की आवाज दब रही है, पर समझ लो अब और नहीं दबेगी। देश का किसान निर्धन सही, किंतु निर्बल नहीं है। भूखे किसान व निर्धन को सताने में प्रधानमंत्री को कौन सा नैसर्गिक सुख प्राप्त हो रहा है?”
किसी ज़माने में भारतीय जनता पार्टी के सुर में सुर मिलाने वाली सहयोगी पार्टी शिवसेना, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को फूटी आँख नहीं पसंद करती थी। आज उसी पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘जाने माने’ अर्थशास्त्री बता कर केंद्र सरकार को उनकी बातों को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है।
आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री के नोट बंदी के फैसले को ‘आम आदमी से लूट’ बताया है। उन्होंने कहा, ‘एक व्यक्ति 125 करोड़ लोगों के लिए फैसला नहीं ले सकता। नकदी बंद करने का फैसला लेने के पहले लोगों को विश्वास में लेना चाहिए था।” उन्होंने कहा कि जब लोगों की आंखों में आंसू हैं, ऐसे वक्त में मोदी के भावुक होने का कोई मतलब नहीं है।
ठाकरे ने संवाददाताओें से बात करते हुए कहा, “जिस तरह से नोटबंदी को लागू किया गया, मैं उसपर गंभीर रुख अपनाने से नहीं हिचकिचाऊंगा।” उन्होंने मोदी द्वारा नोट बंदी पर कराये गए सर्वे पर व्यंग करते हुए कहा, “यूरोपीय संघ से निकलने से पहले ब्रिटेन में जनमत संग्रह हुआ। लोगों की विपरीत प्रतिक्रिया देखकर उनके प्रधानमंत्री को पद छोड़ना पड़ा। क्या यहां भी वैसा ही होगा?”
ठाकरे ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जाने माने अर्थशास्त्री हैं। इसलिए उनकी बातों और विचार को गंभीरता से लेना चाहिए। जिस तरह रकम जमा करवायी जा रही है, लगता है कि आम आदमी से धन लूटा जा रहा है।”
Indias main opposition Bharatiya Janata Party (BJP) prime ministerial candidate Narendra Modi attends the partys two-day long National Council meeting beginning Saturday to chalk out election strategy, in New Delhi, India, Saturday, Jan. 18, 2014. Modi has been accused of looking the other way while his state suffered one of India's worst outbreaks of religious violence in 2002 and critics question whether the Hindu nationalist chief can be a truly secular leader over India's many cultures. (AP Photo/Altaf Qadri)
शिखा पाण्डेय,
आज से 16 दिन पहले 8 नवंबर को रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने नोट बंदी का निर्णय सुनाकर पूरे देश को चौंका दिया था। अब आज फिर रात 8 बजे प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है और पूरे देश की निगाहें उनके द्वारा इस बैठक में लिए जाने वाले अहम फैसले पर टिकी हैं।
दरअसल नोटबंदी के बाद 500-1000 के पुराने नोटों को चलाने की मियाद गुरुवार को खत्म हो रही है। गुरुवार रात 12 बजे तक सभी अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर 500 और 1000 के पुराने नोट लिए जाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि इस फैसले पर सरकार विचार कर सकती है, जिसमें 500 और 1000 के पुराने नोटों को सभी अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर 30 नवंबर तक चलाए जाने की छूट दी जा सकती है।
गौरतलब है कि नोटबंदी को लेकर विपक्ष एकजुट हो गया है। नोटबंदी के फैसले को लेकर विपक्ष सरकार को सड़क से लेकर संसद तक में घेरने की कोशिश में है। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष पीएम मोदी से नोटबंदी पर जवाब चाहते हैं। वहीं सरकार का कहना है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत तमाम मंत्री इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए संसद में उपलब्ध हैं फिर विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है। आज नोटबंदी पर बहस के दौरान हंगामे के चलते राज्यसभा स्थगित होने के बाद पीएम ने यह फैसला लिया।
आपको बता दें कि फैसला लिए जाने के बाद समय समय पर सरकार ने आम जनता की सुविधा के अनुसार कई बदलाव किए हैं, जिसके तहत सरकार ने कहा कि 500 और 100 के पुराने नोट डाक विभाग की सेविंग अकाउंट में जमा कराए जा सकेंगे। वहीं, आज बिग बाजार से भी 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे। फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक किशोर बियानी ने भी ट्वीट कर बताया कि गुरुवार से कोई भी बिग बाजार में डेबिट कार्ड का प्रयोग करके 2000 रुपये निकाल सकता है। बिग बाजार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर यह सुविधा शुरू की है।
अभी हाल ही में अपने एक बोल्ड बयान से सुर्खियों में आये बोल्ड हीरो गुरमीत चौधरी का अब ऐसा कहना है कि उन्हें अंतरंग दृश्य फिल्माने में बड़ी मुश्किल होती है। इससे पहले खुद गुरमीत ने ही कहा था कि अगर स्क्रिप्ट की मांग होगी तो नंगा भी होने को तैयार हूँ। उन्होंने कहा था कि अगर निर्देशक कहेंगे तो मैं नंगा दौड़ता हुआ आऊंगा।
अपनी आगामी फिल्म ‘वजह तुम हो’ में अभिनेत्री सना खान के साथ नजर आने जा रहे 32 वर्षीय मॉडल, अभिनेता ने खुलासा किया कि वह महिलाओं के मामले में शर्मीले हैं और बोल्ड दृश्यों को फिल्माने में सहज नहीं हैं।
गुरमीत ने बताया, ” मैं शर्मीला हूं। मैं इतना शर्मीला हूं कि मैं अपनी पत्नी को आई लव यू नहीं कह पाता और प्रेम का इजहार नहीं कर पाता। मुझे बोल्ड दृश्य करने में झिझक होती है। मैं इस तरह के दृश्यों से घबराता हूं, लेकिन यह सुनिश्चित करता हूं कि मेरी यह घबराहट पर्दे पर नजर नहीं आए।” गुरमीत के मुताबिक उनकी अभिनेत्री पत्नी देबिना को उनके प्रेम दृश्यों पर कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने बताया, ” रोमांटिक, एक्शन या भावनात्मक कोई भी दृश्य हो मैं उसमें खो जाता हूं और गुरमीत नहीं बल्कि वह किरदार बन जाता हूं। मैंने रणवीर बजाज का किरदार एक अभिनेता के रूप में निभाया।” आपको बता दें कि ‘वजह तुम हो’ अपराध पर आधारित एक फिल्म है जिसका निर्देशन विशाल पांड्या ने किया है। इस फिल्म में शरमन जोशी भी नजर आएंगे।