28.7 C
Mumbai
Monday, August 10, 2026
Home Blog Page 1078

अगले साल आर. बाल्की की फिल्म में अक्षय कुमार के अपोजिट नज़र आएंगी सोनम कपूर

एंटरटेनमेंट डेस्क,

बॉलीवुड की ‘ख़ूबसूरत’ गर्ल सोनम कपूर एक छोटे से अंतराल के बाद फिर वापसी करते हुए एक्शन किंग अक्षय कुमार के साथ अपनी अगली फिल्म में लीड रोल में नज़र आएंगी। ख़बरों के मुताबिक आर बाल्की की अगली फ़िल्म में सोनम को फ़ीमेल लीड रोल के लिए एप्रोच किया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बाल्की कुछ दिन पहले सोनम से मिले और उन्हें किरदार के बार में नैरेशन दिया। सोनम को फ़िल्म की स्क्रिप्ट इतनी पसंद आई कि उन्होंने सुनते ही हां बोल दिया। इस फ़िल्म की शूटिंग सोनम अगले साल शुरू कर सकती हैं। आपको बता दें कि बाल्की के साथ सोनम की ये पहली फ़िल्म होगी।

इस फ़िल्म में अक्षय लीड में होंगे। बाल्की की फिल्म है तो उनके फेवरेट अमिताभ बच्चन का स्पेशल रोल तो बनता ही है। आपको बता दें कि बाल्की ‘चीनी कम’, ‘पा’ और ‘शमिताभ’ बना चुके हैं। बाल्कि की पिछली फ़िल्म ‘की एंड का’ में भी अमिताभ बच्चन ने केमियो किया था।

गौरतलब है कि सोनम इस वक़्त अपनी होम प्रोडक्शन फ़िल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ में बिज़ी हैं। वैसे तो अक्षय और सोनम दोनों पहले 2011 में आई फिल्म ‘थैंक यू’ में साथ काम कर चुके हैं, लेकिन उस फिल्म में सोनम की पेयरिंग बॉबी देओल के साथ थी। इस साल सोनम राम माधवानी की फ़िल्म ‘नीरजा’ में नज़र आई थीं, जिसके लिए उनकी परफॉर्मेंस को काफी सराहा गया था।

वर्ष 2017 से राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में होगी wifi की सुविधा -नितीश कुमार

शिखा पांडेय,

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वादे के मुताबिक, फरवरी 2017 में राज्य के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में फ्री वाई-फाई मिलनी शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने छात्रों के लिए फ्री वाई फाई की सुविधा प्रदान करने का निर्णय तो लिया है, साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा है कि छात्र इसका दुरुपयोग न करें। इसलिए इस फ्री वाई-फाई के साथ कुछ बंदिशें भी लगाई जा रही हैं।

बंदिशों के तहत सरकार इस वाई-फाई में पोर्न यानी अश्लील कंटेंट वाली वेबसाइट को पूरी तरह ब्लॉक कर देगी। यही नहीं, पोर्न साइट्स के अलावा वैसी कोई भी वेबसाइट इस वाई-फाई जोन में ब्लॉक रहेगी, जिसका शिक्षा या जानकारी से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा कैंपस में वाई-फाई इस्तेमाल करने पर डेटा लिमिट की भी व्यवस्था की जा रही है।

इन सब मुद्दों को लेकर बेलट्रॉन नामक कंपनी अपना काम भी शुरू कर चुकी है। बेलट्रॉन के मुताबिक बिहार के 300 कॉलेजों और 9 विश्वविद्यालयों में फ्री वाई-वाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

गौरतलब है कि 9 दिसंबर को पूर्णिया की अपनी निश्चय यात्रा में सीएम नीतीश ने कहा था कि फरवरी 2017 तक सूबे के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी, जिसके तहत ये तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

नोटबंदी के चलते सपना हुआ ताज का दीदार, रोजगार भी हुआ चौपट

सौम्या केसरवानी,

नोटबंदी के बाद लोगों को बैंकों और एटीएम से कैश प्राप्त करने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ताजनगरी आगरा में नोटबंदी के चलते अब ताजमहल का दीदार करना भी सपना होता जा रहा है। बता दें कि नोटबंदी के बाद होने वाली कैश की कमी के चलते ताजनगरी में पर्यटकों की संख्या आधी हो गई है। यही नहीं पर्यटक की संख्या आधी होने से होटलों का भी बजट बिगड़ रहा है।

बता दें कि नोटबंदी के चलते आगरा में करीब पांच लाख लोगों का रोजगार चौपट होने के कगार पर है। दिसंबर में जहाँ ताज के बाहर पर्यटकों का जमावड़ा हुआ करता था, वहां सन्नाटा पसरा है। ताजनगरी आगरा में जिस मौसम में ताजमहल के दीदार के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहता था। वहां अब नोट बन्दी के बाद कोई नज़र ही नहीं आ रहा है। छिटपुट स्थानीय लोग ही नज़र आ रहे हैं।

नोट बन्दी के बाद देशी पर्यटक चालीस फीसदी और विदेशी आधे रह गए हैं। विदेशी टूरिस्‍ट टूर कैंसिल कर थाइलैंड, दुबई, श्रीलंका, नेपाल व अन्‍य देश जा रहे हैं। इस कारण आगरा का पर्यटन उद्योग अब चौपट हो गया है। जिसके चलते करीब 5 लाख लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया हैं। आगरा में पर्यटकों की संख्या आधी होने से पर्यटन से जुड़े लोग ख़ासा परेशान हैं।

नोट बन्दी का असर अब खुल कर दिखने लगा है। जिस ताज को इस सीजन में देखने के लिए बेताब रहते थे। आज वहां के टिकट विंडो पर सन्नाटा है।

लेकिन नोटबन्दी की वजह से देशी और विदेशी दोनों पर्यटक की संख्या में आधी से ज्यादा की गिरावट आयी है। होटलों में पर्यटक की कमी से अधिकतर कमरे खाली हैं। जबकि हर साल होटलों में जगह नहीं बचती थी। आगरा में चार सौ से ज्‍यादा होटल व रेस्‍टोरेंट हैं। दर्जनों ट्रैवल एजेंसियां हैं। मार्बल के छोटे-छोटे ताजमहल व अन्‍य सामान बनाने वाले हजारों कुटीर उद्योग भी पर्यटन पर ही निर्भर हैं।

नोटबंदी की वजह से ताजमहल में पर्यटक कम होने का सीधा असर यहां के पांच लाख लोगों के रोजगार पर पड़ रहा है। जिससे करीब पांच लाख लोग बेरोजागर हो गए हैं। 21 से 30 नवंबर 2015 तक ताजमहल में 2.4 लाख पर्यट‍क पहुंचे थे। जबकि 21 से 30 नवंबर 2016 तक यह संख्‍या घटकर 1.6 लाख रह गई।

भ्रान्ति फैलाने वाले क्षुद्रग्रहों (ट्रोजन) की खोज करेगा नासा का अंतरिक्ष यान ओसिरिस-आरएक्स

शिखा पाण्डेय,

नासा का ‘ओसिरिस-आरएक्स’ अंतरिक्षयान भ्रांति पैदा करने वाले ‘ट्रोजन’ नामक उन क्षुद्रग्रहों की खोज करेगा, जो सूर्य की परिक्रमा करते समय लगातार पृथ्वी के साथ रहते हैं। नासा द्वारा क्षुद्रग्रह का एक नमूना धरती पर लेकर आने वाले पहले अभियान के तहत यह अंतरिक्षयान क्षुद्रग्रह बेनू की दो साल की यात्रा पर रवाना होगा। इस दौरान यह कई कार्यों को अंजाम देगा। ओसिरिस-आरएक्स (ओरिजिन्स, स्पेक्ट्रल इंटरप्रेटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन एंड सिक्योरिटी-रीगोलिथ एक्सपोलरर) अंतरिक्षयान अपने कैमरे चालू करेगा और ‘ट्रोजन’ क्षुद्रग्रहों की खोज करेगा।

जानें क्या है ट्रोजन-

ट्रोजन वे क्षुद्रग्रह होते हैं, जो लगातार हमारे सौर मंडल में सूर्य के चारों ओर चक्कर काट रहे ग्रहों के साथी बने रहते हैं। ये ग्रह के सामने या पीछे 60 डिग्री पर स्थित बिंदु पर स्थिर बने रहते हैं। चूंकि ये हमेशा एक ही कक्षा में लगातार आगे या पीछे चलते रहते हैं, इसलिए ये कभी भी अपने साथी ग्रह से टकराते नहीं। हमारे सौरमंडल में छह ग्रह ऐसे हैं, जिनकी कक्षाओं में ट्रोजन क्षुद्रग्रह हैं। ये छह ग्रह हैं बृहस्पति, नेप्च्यून, मंगल, शुक्र, यूरेनस और पृथ्वी। पृथ्वी का ट्रोजन भ्रांति पैदा करता है। अब तक वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के सिर्फ एक ही ट्रोजन क्षुद्रग्रह- 2010 टीके 7 का पता लगाया है।

चीन के सबसे अमीर व्यापारी के इकलौते बेटे ने पिता का कारोबार सम्भालने से किया इंकार

आनंद रूप द्विवेदी,

चीन के सबसे अमीर व्यापारी किंग वांग जिआन्लिन जिनका 92 अरब डॉलर्स का कारोबार है, उनके इकलौते बेटे ने अपने पिता के अम्पायर को सम्भालने से इनकार कर दिया है। वांग सिकोंग, किंग वांग के इकलौते पुत्र हैं, जिन्होंने पिता का व्यापार सम्भालने से मना करते हुए कहा कि मैं आपकी तरह जीवन नहीं जीना चाहता।

62 वर्षीय किंग वांग चीन की डालियान वांडा समूह के फाउंडर एवं चेयरमैन हैं । किंग वांग का सफर बेहद संघर्षमय रहा है जिन्होंने एक मामूली प्रॉपर्टी डेवेलपर से 6.29 लाख करोड़ की कम्पनी खड़ी की । हाल ही में वांग के बेटे चर्चा में आये थे जब उन्होंने अपने कुत्ते के लिए 8 आईफोन 7 खरीदे थे ।

किंग वांग ने कहा मेरे बेटे ने कारोबार सम्भालने से इसलिए मन कर दिया, क्योंकि वह मेरी तरह जीवन नहीं जीना चाहता। हम अनुभवी मैनेजर्स को काम सौंप दें व बोर्ड में रहकर कम्पनी का काम देखें। हम अपने बेहतरीन मैनेजर्स में से चुनाव करके उसे कम्पटीशन से दूर कम्पनी के काम को आगे बढ़ाने की ट्रेनिंग देंगे।

पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुटेरेस बने संयुक्त राष्ट्र के नौवें महासचिव

Antonio Guterres, United Nations High Commissioner for Refugees (UNHCR), arrives for a news conference at the United Nations in Geneva, Switzerland December 18, 2015. REUTERS/Denis Balibouse/File photo TPX IMAGES OF THE DAY

ब्यूरो,

बान की मून की जगह संयुक्त राष्ट्र के महासचिव निर्वाचित हुए पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुटेरेस को संयुक्त राष्ट्र के नौवें महासचिव पद की शपथ दिलायी गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष पीटर थॉमसन ने 193 सदस्यीय महासभा की विशेष पूर्ण बैठक में गुटेरेस को पद की शपथ दिलायी। गुटरेस को महासभा ने सर्वसम्मति से बान का उत्तराधिकारी चुना था।

पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने अक्तूबर में इस पद के लिए उनका नाम सर्वसम्मति से अंतिम मंजूरी के लिए महासभा के पास भेजने का फैसला किया था। पूर्ण बैठक के दौरान वक्ताओं ने बान के योगदान की चर्चा की। पुतर्गाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त बान के उत्तराधिकारी के चुनाव में सबसे आगे बने रहेे।

सिविल सोसायटी और कई संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने किसी महिला को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बनाने की भी मांग की  थी। अपने चुनाव के बाद गुटेरेस ने विश्व की बड़ी चुनौतियों का हल खोजने के लिए समन्वयक एवं सेतु का काम करने का विश्वास दिलाया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रुप में बान का पांच साल का दूसरा कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा होगा। गुटेरेस एक जनवरी से अपना पद भार संभालेंगे।

स्पेस में फैले कचरे साफ़ करेगा जापानी कार्गो जहाज़ ‘स्ट्रोक’

शिखा पाण्डेय,

जापान ने स्पेस में फैला कचरा साफ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कचरे को बटोरने के लिए अगले महीने एक कार्गो जहाज भेजा जाएगा। नासा के मुताबिक पृथ्वी की कक्षा में 10 करोड़ से ज्यादा स्पेस जंक के टुकड़े फैले हुए हैं। इनमें पुराने सैटलाइट्स के खराब उपकरण, टूल्स और राॅकेट के बिट्स शामिल हैं। इसे अंतरिक्ष से तुरंत हटाने की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इनसे टकराने वाली कोई भी चीज नष्ट हो सकती है।

इस मिशन के लिए एक 700 मीटर लंबा जाल बनाया गया है। इसे जापान में मछली पकड़ने का जाल बनाने वाली 106 साल पुरानी कंपनी ‘नितो सिमो’ ने बनाया है। दरअसल, नितो सिमो पिछले 10 साल से जापानी स्पेस जाक्सा एजेंसी के साथ मिलकर इस जाल को बनाने में जुटी थी, ताकि स्पेस में फैले कचरे को समेटा जा सके।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अॉटोमेटेड कार्गो जहाज का नाम स्ट्रोक है। जापानी भाषा में इसे कोउनोटोरी कहते हैं। यह अंतरिक्ष में फैले कचरे को पहले जाल में जमा करेगा। फिर उसे नॉर्थ पैसेफिक ओशियन के ऊपर स्थित तानेगाशिमा स्पेस सेंटर पर जला देगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि जाल में लगी लुब्रीकेटेड और इलेक्ट्रो डाॅयनमिक रस्सियों से इतनी ऊर्जा उत्पन होगी कि कचरा अपने आप खिंचा चला आयेगा। जहाज से इस कचरे को जैसे ही वातावरण में धक्का दिया जाएगा, वो खुद जल जायेगा।

यह प्रयोग अंतरराष्ट्रीय सफाई मिशन का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और करीब 6.74 लाख करोड़ रुपये के अंतरिक्ष स्टेशनों का बचाव करना है। इस प्रोजेक्ट के हेड कोइचि इनोउ ने बताया कि स्पेस एजेंसी अगले महीने इसका ट्रायल करेगी। अंतरिक्ष में सैटलाइट और रॉकेट का फैला कचरा करीब 28,165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रहा है। इस कचरे का छोटा सा हिस्सा भी किसी भी कम्युनिकेशन नेटवर्क को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि किसी अंतरिक्षयात्री को इससे नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन कुछ सैटलाइट्स को नुकसान हुआ है।

उल्लेखनीय है कि नासा ने इस सन्दर्भ में जो रिपोर्ट तैयार की थी, उस रिपोर्ट के मुताबिक स्पेस में करीब 5 लाख टुकड़े ऐसे तैर रहे हैं, जिनकी लंबाई एक से 10 सेंटीमीटर के बीच है। स्पेस जंक के करीब 21000 टुकड़े 10 सेंटीमीटर से बड़े हैं। इसके अलावा दस करोड़ टुकड़े एक सेंटीमीटर से छोटे हैं। ज्यादातर टुकड़े 2000 किमी की रफ्तार से पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे हैं। केवल 7 फीसदी स्पेस जंक सही हैं। अमेरिका ने स्पेस जंक को ट्रैक करने के लिए करीब 1 बिलियन डॉलर नई ट्रैकिंग डिवाइस बनाने पर खर्च किया है।

अखिलेश अब कभी सत्ता में नहीं आएंगे, दिग्‍विजय जैसा होगा हाल -उमा भारती

सौम्या केसरवानी,

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री एवं भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती रविवार को झांसी में युवा सम्मेलन को संबोधित करने पहुंची थी। यहां पर उन्होंने सपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उमा भारती ने कहा कि अब सीएम अखिलेश यादव कभी भी सत्ता में नहीं आएंगे। अखिलेश का मध्यप्रदेश जैसा हाल होगा, जैसा दिग्विजय सिंह का हुआ था।

बसपा सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए उमा भारती ने कहा कि मायावती का हाल भी अखिलेश यादव जैसा होगा। लोग मजबूरी के कारण सपा-बसपा के साथ घूमते रहे। मायावती कानों में हीरे पहनती हैं, ये बात गलत नहीं, लेकिन मायावती से पूछना कि जिन पैसों से उन्होंने ये खरीदें हैं क्या वो मेहनत की कमाई है?

उमा भारती ने पीएम की तारीफ करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश में मूलभूत परिवर्तन ला रहे हैं। जनता और भाजपा के बीच एग्रीमेंट है कि आप सत्ता बदलेंगे और हम उत्तर प्रदेश को बदलेंगे। पीएम मोदी वाराणसी में टैक्सटाइल्स इंडस्ट्री लगवाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह पहले ही कम बोल पाते थे। अब नोटबंदी के बाद और फुसफुसाने लगे हैं। नोटबंदी के दो मुंह सामने आए, एक विदेश में था और एक देश में।

बेबी डायपर में सोने की तस्करी करते पकड़े गए सूरत (गुजरात) के 6 युवक

शिखा पाण्डेय,

बच्चों के डायपर को यात्रा के दौरान मल-मूत्र से सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल में लाने के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन डायपर का इस्तेमाल कर सोने की तस्करी किए जाने की खबर सुनकर आप चौंक जाएंगे।

जी हां! दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 11 दिसंबर की रात 16 किलोग्राम सोना बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि सोना बच्चों की डायपर में छिपा रखा था। इस संबंध में 6 यात्रियों को हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट पर कस्टम और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने इन यात्रियों के पास से करीब 16 किलो सोना बरामद किया है। ये यात्री सूरत के दो अलग-अलग परिवार के रहने वाले थे, जो दुबई से दिल्ली आ रहे थे। इनके साथ दो बच्चे थे और कहा जा रहा है कि इन्होंने सोना बच्चों के डायपर व तौलिये में छिपा रखा था।
जब परिवार के सामान की जांच की गई तो जांच में यह बात सामने आई कि परिजन ने बेबी डायपर में सोने के बिस्कुट छुपा रखे थे।

गौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले के बाद से सरकार कालेधन और सोने की खरीदी को लेकर सख्त हो गई है। जगह जगह पर छापेमारी के दौरान लोगों के पास 500, 1000 रुपए की पुरानी करेंसी और 2000 रुपए की नई करेंसी तक बड़े पैमाने पर बरामद की जा रही है।

नई दिल्‍ली में एक वकील के घर पर आयकर विभाग ने तीन बार छापा मारा। तीसरे छापे में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोंटों के साथ ही 2000 रुपये के नए नोटों के बंडल भी बरामद किए गए हैं। इन नोटों का कुल मूल्‍य 13.48 करोड़ रुपए है। इससे पहले अक्‍टूबर में उनके घर पर छापा मारा गया था। इस दौरान 125 करोड़ रुपये जब्‍त किए गए थे। पिछले महीने हुई रेड में 19 करोड़ रुपये की बेहिसाब रकम जब्‍त की गई थी। इस तरह कुल मिलाकर 157.5 करोड़ कैश बरामद किया गया।

शनिवार को आयकर विभाग ने कर्नाटक के एक हवाला कारोबारी के घर से 32 किलो सोना-चांदी और 5.7 करोड़ के 2000 रुपए वाले नए नोट बरामद किए। इसके अलावा 90 लाख के पुराने नोट भी जब्त किए गए थे। हवाला कारोबारी ने यह कालाधन अपने बाथरुम में बनाए गए तहखाने में छुपाया गया था। बाथरूम में यह तहखाना टायलों के पीछे बनाया गया था।

अविवाहित महिलाओं के गर्भपात को लेकर केंद्र सरकार गंभीर, जल्द ले सकती है अहम फैसला

शिखा पाण्डेय,

मामला प्रेम में धोखे का हो या बलात्कार का, सजा अपराधी को मिले या न मिले, अंत में भुगतना उसी औरत को होता है, जो इस अत्याचार का शिकार होती है। यह सजा होती है उसके गर्भ में पलने वाला वह बच्चा, जिसे वह दुनिया में नहीं लाना चाहती, लेकिन कानूनी बंदिशें उसे गर्भपात का अधिकार नहीं देतीं।

देर से ही सही लेकिन अब केंद्र सरकार को अविवाहित महिलाओं का यह दर्द समझ में आ गया है और सरकार इन महिलाओं को कुछ खास परिस्थितियों में गर्भपात की इजाजत देने पर विचार कर रही है।

आपको बता दें कि ये सुविधा विवाहित महिलाओं को हासिल है। मौजूदा कानून में गर्भनिरोधक गोलियों और अनियोजित गर्भधारण के हालात में विवाहित औरतेें गर्भपात करा सकती हैं लेकिन ये सुविधा अविवाहित महिलाओं को नहीं हासिल है। अब केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लाये गए इस प्रस्ताव पर मुहर लगा सकती है।

जानकारों का कहना है कि सरकार के इस योजना से अविवाहित महिलाओं को सामाजिक ताने को सुनने से आजादी मिलेगी, और वो सम्मान के साथ जी सकेंगी।
उनका मानना है कि इस कदम से दुष्कर्म की शिकार या शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहीं अविवाहित महिलाओं को राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह अकेली रहने वाली महिलाओं में यौन संबंधी इच्छा में बढ़ोतरी देखी जा रही है, उन हालातों में सरकार का ये कदम प्रगतिशील सोच को दर्शाता है।

1971 में बनाए गए नियमों के तहत एक गर्भवती महिला गर्भ में पल रहे बच्चे में किसी गंभीर बीमारी की पहचान के बाद गर्भपात करा सकती है। लेकिन उसके लिए 20 हफ्ते (करीब पांच महीना) का गर्भ होना जरूरी होता है। मौजूदा मेडिकल टर्मिनेशन प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत गर्भपात कराने के लिए डॉक्टर पुख्ता वजह बताता है।

इस प्रस्ताव को पारित करने के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय ने होम्योपैथ के डॉक्टरों, नर्सों मिडवाइफ को ट्रेनिंग देकर गर्भपात करने की संस्तुति की है। IPAS के निदेशक के मुताबिक, सरकार के इस कदम से अविवाहित महिलाएं या वो महिलाएं जो किसी वजह से बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती हैं, उन्हें मानसिक तौर पर राहत मिलेगी। इसके अलावा महिलाएं अपनी सेक्सुअल और प्रजनन संबंधी अधिकारों से वाकिफ हो सकेंगी।