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Tuesday, August 11, 2026
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नहीं रहे हरफ़नमौला अभिनेता ओम पुरी

अमित द्विवेदी | Navpravah.com

मशहूर फिल्म अभिनेता ओम पुरी का मुम्बई में हार्ट अटैक से निधन हो गया है। ओम पुरी 66 वर्ष के थे। अभिनेता ने आज सुबह आखिरी सांस ली। आज सुबह ही इस दुःखद खबर ने अभिनेता के प्रशंसकों और पूरे मनोरंजन जगत को सुन्न कर दिया।

हाल ही में ओम पुरी फिल्म ‘एक्टर इन लॉ’ में नजर आए थे। नबील कुरैशी निर्देशित उनकी ये उर्दू फिल्म 13 सितंबर को रिलीज हुई थी। पुरी ‘अर्द्ध सत्य’, ‘जाने भी दो यारों’, ‘नासूर’, ‘मेरे बाप पहले आप’, ‘डेल्ही 6’, ‘मालामाल वीकली’, ‘डॉन’, ‘रंग दे बसंती’, ‘दीवाने हुए पागल’, ‘क्यूँ ! हो गया ना’, ‘काश आप हमारे होते’ और ‘प्यार दीवाना होता है’ जैसी सैकड़ों फिल्मों में नज़र आ चुके हैं।

ओम पुरी ने कई हॉलीवुड फिल्मों में भी अपने जबरदस्त अभिनय का लोहा मनवाया।

ओम पुरी और टॉम हैंक्स फ़िल्म Charlie Wilson's War के एक सीन में
ओम पुरी और टॉम हैंक्स फ़िल्म Charlie Wilson’s War के एक सीन में

ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 में हरियाणा के अम्बाला शहर में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के पटियाला से पूरी की। 1976 में पुणे फिल्म संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ओमपुरी ने लगभग डेढ़ वर्ष तक एक स्टूडियो में अभिनय की शिक्षा दी। बाद में ओमपुरी ने अपने निजी थिएटर ग्रुप “मजमा” की स्थापना की।

ओम पुरी ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत मराठी नाटक पर आधारित फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से की थी। वर्ष 1980 में रिलीज फिल्म “आक्रोश” ओम पुरी के सिने करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई।

Google के सीईओ सुन्दर पिचाई ने कहा, “बिना रिस्क लिए तरक्की संभव नहीं”

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई आज IIT खड़गपुर आए, पिचाई ने स्टूडेंट्स से बहुत सी बातें साझा की। पिचाई ने कहा कि, “गूगल में मेरा इंटरव्यू 1 अप्रैल 2004 को हुआ था। उस वक्त जीमेल लॉन्च हुआ था। इंटरव्यू में मुझसे जीमेल के बारे में पूछा गया, तो मुझे लगा कि ये अप्रैल फूल का जोक है। तीन बार जवाब नहीं दे पाया। चौथे इंटरव्यू में कुछ बोल पाया।” पिचाई बोले, “मुझे ये जॉब तब मिली, जब गूगल के को फाउंडर लैरी पेज ने इंटरव्यू लेना छोड़ दिया था।

पिचाई IIT खड़गपुर के एक ओपेन थिएटर में ‘अ जर्नी बैक टू द पास्ट टू इंस्पायर द फ्यूचर’ प्रोग्राम में स्टूडेंट्स से बात कर रहे थे। इस इवेंट में 3500 स्टूडेंट्स शामिल हुए। सुंदर पिचाई ने IIT खड़गपुर से ही मेटालर्जिकल डिग्री हासिल की है। पिचाई ने कहा कि वे यंगस्टर्स को कुछ क्रिएटिव करते देखना चाहते हैं।

पिचाई ने कहा, पढ़ाई जरूरी है, लेकिन ये सबकुछ नहीं है। रिस्क लीजिए, अलग करने की कोशिश कीजिए। 20 साल पहले, मैं अमेरिका के लिए प्लेन में सवार हुआ। तब से इंडिया में काफी कुछ बदल गया है। आज 10 करोड़ लोग हर साल उड़ान भरते हैं। लेकिन, आज भी मेरा हॉस्टल वैसा ही दिखता है, जैसा 25 साल पहले दिखता था।

पिचाई ने आगे कहा कि पहले गर्लफ्रैंड को हॉस्टल से बुलाना मुश्किल था, उन दिनों स्मार्टफोन नहीं हुआ करते थे। इसलिए किसी लड़की को उसके हॉस्टल से बुलाना बेहद मुश्किल था और अंजलि को बुलाने के लिए गर्ल्स हॉस्टल के गेट पर जाना पड़ता था।

पिचाई ने कहा कि उन्होंने पहली बार कम्प्यूटर 20 साल पहले IIT खड़गपुर के कैंपस में ही देखा था। उस समय हमारे पास स्मार्टफोन नहीं हुआ करते थे और जब हम बड़े हो रहे थे, तो हमें कम्प्यूटर इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला।

पिचाई ने स्टूडेंट्स से कहा, “मैंने भी कॉलेज बंक किया है, जब आप कॉलेज में होते हैं तो ये आपका हक होता है। मैं रातों को देर तक जागता था और फिर सुबह क्लास मिस कर देता था। लेकिन, इन सबके साथ-साथ मैं मेहनत भी करता था।

सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में चेन्नई में हुआ। पिचाई ने अपनी बैचलर डिग्री आईआईटी खड़गपुर से ली है। उन्होंने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। यूएस में सुंदर ने एमएस की पढ़ाई स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से की और व्हार्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। वे 11 साल से गूगल में हैं। उन्होंने 2004 में गूगल ज्वाइन किया था। उस समय वे प्रोडक्ट और इनोवेशन अफसर थे।

बंगलुरु छेड़खानी मामले पर भड़के अक्षय, कहा, “इंसान होने पर शर्म आ रही है”

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार अक्सर सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय प्रकट करते हैं। इस बार  31 दिसंबर को देर रात बंगलुरु में एक लड़की से छेड़छाड़ की घटना को लेकर अक्षय ने प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता ने इस विषय में कड़ी नाराजगी जताई है। अक्षय ने कहा है कि हम इंसान जानवरों से भी बदतर हो गए हैं। इस घटना का पूरा संज्ञान लेने के बाद अक्षय ने लड़कियों को खुद आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।

अक्षय ने ट्विटर पर फैन्स के नाम एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक करार दिया है। अक्षय ने कहा,” मुझे अपने इंसान होने पर शर्म आ रही है। एक बेटी का बाप हूं। अगर न भी होता तो शायद यही कहता कि जो समाज अपनी औरतों को इज्जत नहीं दे सकता, उसे अपने आपको इंसानी समाज कहने का कोई हक नहीं है।”

अक्षय  ने कहा कि सबसे अधिक शर्मनाक बात तो यह है कि इतने सब के बावजूद लोग लड़की को ही दोषी ठहरा रहे हैं कि उसने छोटे कपड़े क्यों पहने या देर तक बाहर क्यों घूम रही थी। अक्षय ने कहा,”अरे शर्म करो यार…छोटे लड़की के कपड़े नहीं, छोटी आपकी सोच है।” अक्षय  का मानना है कि लड़कियां सेल्फ डिफेन्स के लिए खुद तैयार रहें। वे बदतमीज़ों को खुद ही मुंहतोड़ जवाब दें, ताकि उनकी अक्ल ठिकाने आ जाये।

देखिये अक्षय का ये वीडियो:

गौरतलब है कि एक लड़की से छेड़छाड़ की यह वारदात बेंगलुरु में 31 दिसंबर की रात हुई थी। पास की एक इमारत के सीसीटीवी फुटेज में यह वारदात रिकार्ड हुई थी, जिसमें दो लड़के एक लड़की से छेड़खानी और ज़ोर ज़बरदस्ती करते हुए दिखे। महिला द्वारा इसका विरोध करने पर वे उसे सड़क पर ढकेल कर भाग गए। सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड यह घटना पुलिस की नज़र में लाने वाले एक निवासी ने बताया कि यह घटना एक जनवरी देर रात करीब ढाई बजे की है और उसने पुलिस को जानकारी दे दी है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और सभी आरोपी एक होटल में काम करते हैं।

शिक्षक ने छात्रा के साथ किया बलात्कार, फिर फोड़ दी आँखें

Woman being kidnapped and abused

आँचल जायसवाल | Navpravah.com

राजस्थान के चूरू जिले के बीदासर में एक दरिन्दे स्कूल टीचर की ऐसी घिनौनी करतूत सामने आयी है, जिसने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। जो शिक्षक समाज को अंधकार से रोशनी की ओर ले जाता है, उसी शिक्षक ने अपने पड़ोस की नाबालिग लड़की को अंधकार में धकेल दिया है।

बीदासर के सांगासर गांव में एक निजी स्कूल के शिक्षक राकेश भार्गव ने अपने साथी के साथ मिलकर गांव की एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया और फिर उसका गैंग रेप किया। घिनौनी हरकत के बाद उसने नाबालिग लड़की के साथ जो दरिंदगी की वह कोई सपने में भी नहीं सोच सकता। आरोपी ने नाबालिग की एक आंख फोड़ दी और उसे मोटरसाईकिल से कुचल कर उसकी रीढ की हड्डी और पसलियों को तोडकर घायल कर दिया। उसके बाद आरोपी ने पीड़िता को मरने के लिए वहीं सड़क के किनारे तड़पता हुआ छोड़ दिया।

पीड़िता के सड़क पर पड़े होने की खबर आरोपी के पिता ने परिजनों को दी, जिसके बाद गम्भीर रूप से घायल नाबालिग को जयपुर के एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेन्टर में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इधर परिजनों की रिपोर्ट पर बीदासर थाने में भारतीय दण्ड संहिता और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी कर दी है।

अखिलेश के साथ गठजोड़ के लिए तैयार कांग्रेस!

अनुज हनुमत। नवप्रवाह.कॉम

अभी चुनाव आयोग द्वारा सूबे में चुनावी तारीखें घोषित किये हुए 24 घण्टे का भी समय नही हुआ है और यहाँ तेजी से बदल रहे सियासी समीकरणों को एक और पंख लग गया है। सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक कांग्रेस अगर गठबंधन करेगी तो उसकी पहली पसंद अखिलेश यादव होंगे।

खबर के अनुसार, कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जैसी समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ चुनाव पूर्व गठजोड़ करने पर कोई एतराज नहीं है। सबसे खास बात यह है कि पार्टी की ओर से घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने युवा नेता अखिलेश यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।

हालाँकि कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, क्योंकि अभी तक किसी दल से गठजोड़ या आपसी तालमेल नहीं बन पाया है। लेकिन समान विचारधारा पार्टी के साथ गठजोड़ करने को तैयार है।

फिलहाल ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा कि कांग्रेस किस पार्टी से गठजोड़ करती है, लेकिन अगर पार्टी अखिलेश यादव के साथ गंठबंधन करती है तो सियासी पंडितों के मुताबिक उन्हें जबर्दस्त फायदा मिलेगा। आपको बता दें कि कांग्रेस इस बार सूबे में ’27 साल यूपी बेहाल’ के नारे के साथ मैदान में है।

उत्तर प्रदेश चुनाव: सूबे में जातिगत राजनीति चरम पर

अनुज हनुमत। नवप्रवाह.कॉम

लखनऊ। इधर चुनाव आयोग ने सूबे में होने वाले विधानसभा चुनावों की तिथियां घोषित की और उधर तमाम सियासी पार्टियों ने एकमुश्त जातिगत वोटों को हासिल करने के लिए अपने अपने पेंच कसने भी शुरू कर दिये हैं। सबसे बड़ी लड़ाई समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच ‘मुस्लिमों’ के वोट को लेकर है। यूपी में वैसे भी देखा गया है कि चुनावों में जातिगत राजनीति ज्यादा हावी रहती है, ऐसे में ये वोट पार्टियों के लिए सत्ता तक पहुंचने की संजीवनी साबित होते हैं।

अगर बसपा की बात करें तो पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने ब्राह्मण वोटों पर निशाना साधते हुए पूरे बहुमत के साथ सत्ता तक प्राप्त की थी और इस बार पार्टी मुस्लिम वोट हासिल करना चाहती है। शायद इसीलिए पार्टी आलाकमान ने 97 मुश्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। अब भला सपा कैसे पीछे रहने वाली थी। वैसे अगर पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन की बात करें तो पार्टी को अच्छे खासे मुस्लिम वोट मिले थे, जिसके नेता के रूप में आजम खान को कैबिनेट मंत्री तक बनाया गया। कुल मिलाकर जानकारों के मुताबिक और पार्टियों की तुलना में सपा की मुस्लिम वोटों पर अच्छी पकड़ है। पार्टी ने इस इस चुनाव में 84 मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

फिलहाल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किये हैं, लेकिन कांग्रेस भी मुस्लिम वोटबैंक पर अपना सीधा निशाना साधने में कोई कसर नही छोड़ना चाहेगी। इन तीन दलों के अलावा हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) और डॉ. अय्यूब के नेतृत्व वाली पीस पार्टी भी इस चुनाव में सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम वोटों पर ही नजर हैं।

इन सभी पार्टियों ने मुस्लिम वोटरों को लुभाने के उद्देश्य से कई रैलियां की। अब ये तो आने वाला चुनावी परिणाम ही बताएगा कि मुस्लिम वोटों को हासिल करने में कौन सा दल कामयाब हो पायेगा! जानकारों की मानें तो इस चुनाव में कुछ चौंकाने वाले परिणाम भी सामने आ सकते हैं, क्योंकि जनता धीरे धीरे जागरूक हो रही है और वो जातिगत राजनीति की तुलना में विकास की राजनीति को ज्यादा तवज्जों दे सकते हैं।

वन डे और टी20 की कप्तानी छोड़ धोनी ने सबको चौंकाया

शिखा पाण्डेय,

भारतीय क्रिकेट टीम के अब तक के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वन डे और टी20 मैच की कप्तानी छोड़ दी है। धोनी ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ पूरे खेल जगत को चौंका दिया है। वो टीम में खेलते रहेंगे। बीसीसीआई ने इस खबर की पुष्टि की।

बीसीसीआई ने ट्विटर पर  लिखा, “महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी। वो इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।” इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने भी ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी।

आपको बता दें कि धोनी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। अब वे सिर्फ वनडे और टी20 खेलते हैं। धोनी ने अब तक 199 वनडे में भारत की कप्तानी की है जबकि 72 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में वो कप्तान रहे हैं।

कप्तान धोनी का ‘कप्तान’ रिकॉर्ड-

महेंद्र सिंह धोनी ने 2007 से 2016 के बीच अपने करियर में 73 टी20 मैच खेले, जिनमें से सिर्फ एक ही मैच में वो कप्तान नहीं रहे। यानी बाकी के 72 मैचों में वही टीम के कप्तान थे। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। रिकॉर्ड भी ऐसा कि सब काफी पीछे छूट गए। इस फॉर्मेट में विश्व का कोई कप्तान अब तक 50 के आंकड़े को भी नहीं छू पाया है, जबकि धोनी 72 तक जा पहुंचे। इस मामले में उनसे पीछे दूसरे नंबर पर आयरलैंड के विलियम पोर्टरफील्ड हैं, जिन्होंने 49 टी20 मैचों में कप्तानी की है।

चुनाव आयोग सख़्त, उम्मीदवारों के खर्च पर रहेगी पैनी नज़र

सौम्या केसरवानी । नवप्रवाह.कॉम

देश के पांच राज्यों यूपी, पंजाब, उत्‍तराखंड, गोवा और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके चलते चुनाव आयोग ने आज आचार सहिंता लागू कर दी है। पाँच राज्यों में 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसमें 133 सुरक्षित सीटे होंगी।

इन सीटों पर वोट डालने के लिए 1 लाख 85 हजार पोलिंग स्‍टेशन बनाये जायेंगे। जहाँ 16 करोड़ मतदाता वोट डालेंगें, जिसके लिए मतदाताओं को फोटो आई कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे।

आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए आयोग ने कुछ पोलिंग बूथ के मॉडल बूथ तैयार किये हैं। जहाँ हर परिवार को वोटर गाइड दिए जाएंगे। इस चुनाव में भी हर चुनाव की तरह हर वोटर को पर्ची मिलेगी लेकिन रंगीन। यही नहीं इस बार पोलिंग बूथ दिव्‍यांगों को ध्‍यान में रखकर बनाए जाएंगे।

वोटिंग के दौरान मतदान पूरी तरह से गुप्त हो इसका ख़ास ख़याल रखा गया है। गुप्‍त मतदान के लिए ईवीएम के पास ऊंची दीवार होगी, यही नही ईवीएम में उम्‍मीदवार की तस्‍वीर भी लगी होगी और प्रत्‍याशियों को भारतीय नागरिकता का शपथ पत्र देना होगा।

इस चुनाव में कहाँ कितना खर्च करना है इस बात का आयोग ने ख़याल रखा है। यूपी, पंजाब, उत्‍तराखंड में उम्मीदवार 28 लाख रुपये ही खर्च कर पाएंगे। इसके अलावा गोवा, मणिपुर में 20 लाख ही खर्च कर पाएंगे। मतलब कुल मिला कर 48 लाख में ही देश भर में चुनाव लड़ना होगा और जिसके लिए उम्‍मीदवारों को अपना एकाउंट खुलवाना होगा और इसमें भी बीस हजार से ज्‍यादा की राशि के लिए उम्मीदवारों को चेक का इस्तेमाल करना होगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017: नवप्रवाह इन्फोग्राफिक्स

सौम्या केसरवानी / अनुज हनुमत | Navpravah.com
उत्तर प्रदेश में चुनाव आचार संहिता 5 जनवरी से लागू की जायेगी. चुनाव आयोग द्वारा जारी किये गए क्रमवार चुनाव 7 चरणों में होंगे.

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यूपी सीएम अखिलेश औरंगजेब से भी बदतर -साध्वी निरंजन ज्योति

शिखा पाण्डेय,

केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बीच छिड़े घमासान के बीच अखिलेश को औरंगज़ेब से भी बदतर बता दिया है। साध्वी ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता को हटाकर खुद समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष बनकर औरंगजेब को भी पीछे छोड़ दिया है। साध्वी ने सपा परिवार में विघटन का जिम्मेदार अखिलेश को ठहराया।

साध्वी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि अखिलेश केवल प्रचार माध्यमों में लोकप्रिय हैं। वह अपने परिवार में ही लोकप्रिय नहीं हैं। उन्होंने अपने परिवार में विघटन करा दिया है। साध्वी ने इस बात की भी आशंका जताई कि सपा परिवार का झगड़ा मुलायम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस सोची समझी साजिश के तहत, तमाम विवादों के बाद अगले एक दो-दिनों में मुलायम और अखिलेश फिर एक हो सकते हैं।

उन्होंने एक ताजा सर्वेक्षण में अखिलेश के सबसे अधिक लोकप्रिय होने तथा सपा के सबसे अधिक सीट जीतने के आकलन को गलत बताते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी मीडिया भाजपा को कम सीट पर विजयी दिखाता था, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत मिला। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा तमाम आकलनों को झुठलाते हुए पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। जब साध्वी से पूछा गया कि क्या भाजपा राम मंदिर को मुद्दा बनाएगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राम मंदिर आस्था का मामला है, यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है।

सपा परिवार ही नहीं, साध्वी ने बसपा को भी लगे हाथ निशाने पर ले लिया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बसपा प्रमुझ मायावती ने उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले के बावजूद धर्म के नाम पर वोट मांगने की अपनी हरकत दोहराई। उन्होंने उम्मीद जताई कि कल संवाददाता सम्मेलन में जिस तरह मायावती ने मुस्लिमों तथा अन्य खास जातियों से वोट देने का अनुरोध किया, उच्चतम न्यायालय उनके इस बयान का स्वत: संज्ञान लेकर उन पर कार्रवाई करेगा।