
योगी सरकार के 100 दिनः यूपी में चढ़ा क्राइम का ग्राफ

भारत और चीन के सैनिकों में हुए धक्का मुक्की के बीच सैन्य प्रमुख रावत पहुंचे सिक्किम

फ़ौजियों को लेकर आज़म ख़ान ने दिया विवादित बयान
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सपा नेता आजम खान आए दिन उल्टा-सीधा बयान देते हैं। इस बार फिर वे सेना पर बेहद आपत्तिजनक बयान देकर फंस गए हैं, उन्होंने कहा कि कश्मीर में जवानों को महिलाओं ने पीटा है, उन्होंने कहा कि कश्मीर में महिलाओं ने फौजियों के अंग काट लिए हैं, मोदी राज में देश राह से भटक गया है, देश बैलेट की जगह बुलेट के मार्ग पर चल पड़ा है।
सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर बीजेपी ने आजम खान पर निशाना साधते हुए बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आजम खान जैसे लोग आतंकवाद के बचाव में बयान देते हैं, वह हमेशा ऐसा करते आ रहे हैं, वह कभी यह बयान देते हैं कि केवल मुसलममानों के कारण जीत हुई थी।
जिला रामपुर में सपा कैंप कार्यालय में पूर्व मंत्री आजम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे जीवन में सबसे बड़ा राजनीतिक मूवमेंट बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि का है, जिसकी आज भी हिन्दुस्तान कीमत अदा कर रहा है और शायद इसकी अदायगी आसानी से खत्म होने वाली नहीं है। उन्हेांने कहा कि अब हिन्दुस्तान अपने रास्ते से हट रहा है, देश के सियासती लोग बैलेट की बजाए बुलेट के रास्ते पर जा रहे हैं, जिसका अंजाम सामने है।
कश्मीर, झारखंड और असम में औरतें फौजियों को पीट रही हैं, रेप की घटनाओं के बदले में महिलाएं उनके निजी अंग काटकर ले गईं हैं। जुनैद, नजीब के कत्ल वो हैं, जो प्रकाश में आ जाते हैं, लेकिन आमतौर पर जो ज्यादती हो रही है, बहुत ही खतरनाक खेल हो रहा है।
आजम खान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर तंज करते हुए कहा कि भगवा दुपट्टे ओढ़कर जवानी आ गई, किसी वजीर ने कहा कि यह समाजवादी गुंडे हैं, तो पकड़ो उन्हें, अगर समाजवादी होते, तो पकड़े जाते मगर यह कैसे पकड़े जाएंगे, क्योंकि इनके गलों में भगवा दुपट्टे पड़े हैं। अगर गिरफ्तार करेंगे, तो थाने जला दिए जाएंगे, दरोगा जी को दौड़ा-दौड़ा कर मारा जाएगा।
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आमिर की दिलेरी: नाक-कान छिदवाकर दर्शकों को ठगने की है तैयारी
कोमल झा| Navpravah.com
आमिर खान ने अपनी आने वाली फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ के लिए अपने नाक और छिदवा लिए हैं। फिल्म में अपने किरदार में पूरी तरह से ढलने के लिए आमिर ने यह नया लुक अपनाया है।

आमिर खान अपनी फिल्मों में लुक्स पर बहुत ज्यादा काम करते हैं, जिसके लिए बॉलीवुड में उनकी अपनी अलग ही पहचान है। दंगल के लिए 97 किलो के होकर वो फिर से 67 किलो के हो गए थे। ऐसा कोई और स्टार नहीं कर सका है।
हाल में सोशल मीडिया पर आमिर की कुछ नई तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें आमिर नाक में नोज़ पिन और कान में ईयर रिंग पहने दिखाई दे रहे हैं। एक सूत्र के मुताबिक, ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां में आमिर ने रोल की डिमांड पर यह कदम उठाया है।

हालांकि नाक और कान छिदवाने में आमिर को काफी दर्द से गुजरना पड़ा। आमिर ने अपने कान भी दो जगह से छिदवाए हैं जिसमें उनके कान की कार्टिलेज बोन पर के पास से कान छेदे गए जो आमिर के लिए बहुत कठिन था।’ बता दें कि इससे पहले अपनी सुपरहिट फिल्म ‘दंगल’ के लिए भी आमिर ने काफी वजन बढ़ाया था जिसके कारण उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगी थीं।
‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ की शूटिंग इस समय माल्टा में चल रही है। इस फिल्म में आमिर के अलावा अमिताभ बच्चन, कटरीना कैफ और ‘दंगल’ फेम ऐक्ट्रेस फातिमा सना शेख भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी।
चीन घोषित हुआ सबसे बड़ा मानव तस्कर!
विकास कुमार तिवारी । Navpravah.com
मानव तस्करी की सूची में मंगलवार को अमेरिका ने चीन को सबसे खराब देश घोषित किया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसके मुताबिक चीन अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर तरह की भरपूर कोशिश करता रहा है, लेकिन इस बीच वह मानव तस्करी जैसे अपराधों पर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि चीन मानव तस्करी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि चीन में मानव तस्करी करने वाले बहुत कम लोगों तक ही कानून के हाथ पहुंच रहे हैं और चीन इससे बेपरवाह होकर केवल अर्थव्यवस्था पर नजर गड़ाए हुए है।
अमेरिका ने इस रिपोर्ट में कहा है कि चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत में रहने वाले ‘वीगर’ समुदाय के लोगों से जबरदस्ती काम कराया जा रहा हैे। वीगर मुसलमानों से यहां बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है और उनका शोषण किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस रिपोर्ट पर चीन की तरफ से किसी भी तरह की कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है,
जबकि म्यांमार को अब मानव तस्करी के सर्वाधिक अपराध करने वाले सूची से हटा दिया है। साथ ही अमेरिका ने बाल सैनिक रखने वाले देशों की सूची से भी म्यांमार और इराक का नाम हटा दिया है। वाषर्कि रिपोर्ट में चीन में तस्करी का रिकॉर्ड देखते हुए उसे उत्तर कोरिया, ज़िम्बाब्वे, रूस और सीरिया की श्रेणी में रख दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान और मलेशिया ने कुछ ठोस कदम उठाए हैं, जबकि इराक में इस दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा है, “मानव तस्करी मौजूदा समय के सबसे दुखद मुद्दों में से एक है। यह परिवारों को तोड़ता है, वैश्विक बाजारों को विकृत करता है, कानून के शासन को नजरअंदाज करता है और अन्य अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।”
आस्ट्रेलिया में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 3 मरे, 1 घायल
कोमल झा| Navpravah.com
आस्ट्रेलिया में माउंट गैंबियर क्षेत्र के पास बुधवार को एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विमान की पहचान आस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो (एटीएसबी) ने टीबी10 टोबैगो के रूप में हुई है। विमान सुबह करीब 10.30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ और क्षेत्रीय केंद्र के बाहर एक बाड़े में जा गिरा।
दमकल सेवा विभाग ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो विमान से लपटें निकल रही थीं। ऐसा लगता है कि विमान में उड़ान के दौरान या दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद आग लग गई।
आईएस के खिलाफ कार्रवाई: सीरिया के मयादीन में जेल पर हवाई हमला, 60 की मौत
कोमल झा| Navpravah.com
दमिश्क: सीरिया में आईएस के आतंकियों पर अमेरिका कहर बनकर टूटा है. यहाँ अमेरिकी समूह द्वारा आईएस के संचालित जेल पर हवाई हमला किया गया है. जिसमें 60 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है. इस हमले की पुष्टि सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर हयूमन राइट्स ने की है. अमेरिका ने कहा कि इस हमले में जेहादी उसका एकमात्र निशाना हैं.

बतादें की आईएस का गढ़ खे जाने वाले सीरिया पर अमेरिकी समूह ने हवाई हमला कर के कई आतंकियों को मार गिराया है। सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर हयूमन राइट्स की रिपोर्ट की माने तो अमेरिका ने मयादीन देश के पूर्वी प्रांत देइर एजोर में आईएस के एक जेल को निशाना बनाया गया.बता दें कि मयादीन देश के पूर्वी प्रांत देइर एजोर का एक बड़ा शहर है. प्रांत के अधिकतर हिस्से पर जेहादियों का कब्जा है और यहां गठबंधन तथा सीरियाई सेना एवं उसके रूसी सहयोगी दोनों ही हवाई हमले करते रहे हैं.
सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर हयूमन राइट्स ने जानकरी देते हुए इस हमले की पुष्टि कर कहा है कि समूह के हमले में 42 कैदियों तथा 15 जेहादियों सहित कई अन्य के मारे जाने की खबर है. हमले को लेकर कहा गया है यहाँ आईएस का कब्ज़ा अहै ऐसे में उनपर हमला करना जरुरी था.
पूर्वी सीरिया के इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले शहर पर हवाई हमले हुआ था. उस हमले में कम से कम 35 आम नागरिकों के मारे जाने की आशंका थी. सीरिया के मयादीन शहर की आवासीय इमारतों पर लगातार कई हमले किए गए. संगठन के प्रमुख रमी आबदेल रहमान ने बताया, ‘मरने वालों में आईएस लड़ाकों के 26 रिश्तेदार शामिल थे. इनमें सीरियाई और मोरक्को मूल की महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. नौ सीरियाई आम नागरिक थे, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे.’
बता दें कि पेंटागन की एक रिपोर्ट में भी यह स्वीकार किया गया कि मार्च में मोसुल में जिहादी विरोधी हमलों में 105 आम नागरिक मारे गए हैं. अमेरिकी सेना भी कह चुकी है कि साल 2014 से अब तक इराक और सीरिया में हुए गठबंधन के हवाई हमलों में कुल 352 लोग मारे जा चुके हैं.
हालाँकि अभी तक हमले में आम नागरिकों के मारे जाने के संबंध में कोई बयान नहीं आया है. सम्भावना है कि इस हमले में जो कैदी मारे गये हैं वह सीरियन आर्मी के लोग या आम नागरिक हो सकते हैं जिन्हें आईएस के लोगों ने कैदी बनाकर रखा था.
साइबर अटैक की चपेट में आधी दुनिया, कई जगहों पर काम-काज ठप्प
शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
दुनिया भर में एक बार फिर बड़ा साइबर हमला हुआ है। ब्रिटेन, यूक्रेन, नॉर्वे, रूस, डेनमार्क, अमेरिका और फ्रांस ने इस साइबर हमले की पुष्टि की है। इस रैनसमवेयर अटैक में दुनिया की सबसे बड़ी ब्रिटिश एडवरटाइजिंग फर्म, रशियन ऑयल कंपनी, बैंकों, यूक्रेन के इंटरनेशन एयरपोर्ट सहित ग्लोबल शिपिंग कंपनी ए पी मोलर मर्स्क के कंप्यूटर्स को खास तौर पर निशाना बनाया गया। भारत में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट भी इसकी चपेट में आ गया। इसकी वजह से पोर्ट का काम ठप पड़ गया।
हमले के लिए इस्तेमाल हुआ वायरस WannaCry की तरह का ही एक नई तरह का वायरस बताया जा रहा है। इसे Petya या Petwrap कहा जा रहा है। यूक्रेन के पीएम ने कहा कि ऐसा साइबर अटैक पहले कभी नहीं देखा। डिप्टी पीएम ने कहा कि वायरस अटैक की वजह से सरकारी कम्प्यूटर नेटवर्क डाउन हो गया। यहां पॉवर ग्रिड, एयरपोर्ट, नेशनल बैंक, सुपर मार्केट टिल्स और ATMs ने भी काम करना बंद कर दिया है। बता दें कि पिछली बार हुए साइबर अटैक में विश्व के 150 देश प्रभावित हुए थे, जिनमें भारत भी शामिल था।
लंदन की WPP ऐड एजेंसी ने ब्रिटेन में सबसे पहले साइबर अटैक की शिकायत की। कंपनी ने कहा कि उसके स्टाफ के कम्प्यूटर अचानक बंद हो गए और वे वाई-फाई का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद एक एक कर कई देशों से इस साइबर अटैक की पुष्टि की। यह हमला यूक्रेन के बैंक्स और कंपनियों पर हुआ, जिनमें स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूटर भी शामिल है। रूस की टॉप ऑयल कंपनी Rosneft और मेटल कंपनी Evraz के सर्वर पर भी अटैक किया गया। डेनमार्क की बड़ी शिपिंग कंपनी एपीएम के 17 कंटेनर टर्मिनल हैक कर लिए गए हैं। नॉर्वे की नेशनल सिक्योरटी एजेंसी के मुताबिक, वहां एक इंटरनेशनल कंपनी के सिस्टम पर हमला हुआ है। ब्रिटेन की एडवरटाइजिंग कंपनी WPP को भी निशाना बनाया गया है। फ्रांस के इंडस्ट्रियल ग्रुप सेंट-गोबेन का कहना है कि उस पर भी साइबर अटैक हुआ है।
इस हमले की शिकार हुई यूक्रेन की एक मीडिया कंपनी ने बताय है कि जब उनके कंपयूटर ब्लॉक हो गए, तब कंप्यूटर स्क्रीन पर एक धमकी भरा मैसेज दिखने लगा कि अगर आपको अपनी फाइल्स की एक्सेस चाहिए तो 300 डॉलर के बराबर बिटकॉइन में फिरौती चुकानी होगी।
कंपनी ‘चैनल 24’ के कंप्यूटर्स पर जो मैसेज लिखा आ रहा था, उसमें लिखा था, “अगर आपको यह मैसेज दिख रहा है तो अब आप अपनी फाइल नहीं देख सकते क्योंकि उनपर ताला जड़ दिया गया है। हो सकता है आप अपनी फाइलों को रिकवर करने की कोशिश करें, मगर अपना टाइम वेस्ट न करें। हमारी सेवा के बगैर कोई आपकी फाइलें रिकवर नहीं कर सकता।”
तो इस तरह चीन को खुश कर रहा है पाकिस्तान
शिखा पाण्डेय | Navpravah.com
जिस प्रकार चीन पाकिस्तान को हर अंतर्राष्ट्रीय मुसीबत में बचाने में एक सच्चे दोस्त की भूमिका निभाता है, उसी प्रकार पाकिस्तान भी चीन को खुश रखने का हर संभव प्रयास करता रहता है। पिछले दिनों पाकिस्तान के अंदर रह रहे चीन के नागरिकों के साथ हुए अपराध के बाद पेइचिंग की नाराजगी से सबक लेते हुए पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाया है।
पाकिस्तान ने अपने यहां रह रहे चीन के नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा 15,000 सैनिकों की एक फौज को दे दिया है। दरअसल पिछले महीने चीन के एक जोड़े का पाकिस्तान में अपहरण हो गया था। खबरों के मुताबिक, चीन के जिस जोड़े का अपहरण किया गया, वह ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़ी एक मिशनरी के लिए काम करते थे।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने स्वयं चीन के विदेश मंत्री वांग ची को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपने यहां रहने वाले चीनी नागरिकों की सुरक्षा पाकिस्तान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चीन ने कहा है कि वह भी इस मामले की जांच में पाकिस्तान के साथ पूरा सहयोग करेगा।
उल्लेखनीय है कि पेइचिंग ने चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के निर्माण के लिए 32 खरब रुपयों से भी ज्यादा की राशि निवेश की है। यह आर्थिक गलियारा चीन के शिनजांग प्रांत को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगा। चूंकि यह गलियारा पाक अधिकृत कश्मीर से होकर भी गुजरता है, इसीलिए भारत इस परियोजना पर अपनी आपत्ति जताता रहा है।
















