28 C
Mumbai
Thursday, August 13, 2026
Home Blog Page 1024

टहनियों पर नहीं, आतंकवाद की जड़ पर हो वार

जटाशंकर पाण्डेय । Navpravah.com

“कुछ मसले हैं ज़िन्दगी के, जो सुलझाने से उलझ जाते हैं
कुछ ज़ख्म हैं बदन पर, जो सहलाने से उभर आते हैं।”

इस शेर का असल मतलब अगली कुछ पंक्तियों के माध्यम से समझा जा सकता है। सुबह-सुबह समाचार तो हम सभी पढ़ते या सुनते हैं। आज कल के समाचारों की सुर्ख़ियों का मूल अंश कुछ ऐसा होता है –पाकिस्तान ने सीज फायर का उल्लंघन किया। पाकिस्तान यहाँ मोर्टार दाग रहा है, वहाँ गोलियां बरसा रहा है, कहीं ग्रेनेड फेंक रहा है। आज 10 जवान घायल हुए, कल चार शहीद हुए। प्रधानमंत्री ने शहीदों के परिवारों को 50 लाख देने की घोषणा की है। गृहमंत्री ने पाकिस्तान को दो टूक जबाब दिया है। विपक्ष हंगामा मचा रहा है कि क्या जवान के खून की कीमत बस 50 लाख ही है? सार्क सम्मेलन में एकत्रित सभी देशों के प्रधानमंत्रियों ने पाकिस्तान की निंदा की। विश्व अब पाकिस्तान की असलियत जान चुका है। पाकिस्तान का पर्दाफ़ाश हो चुका है। वगैरह, वगैरह, वगैरह…” जितने पक्ष, उतने विपक्ष, सबकी सोच अपनी-अपनी। ये सारे शब्द भारत- पाकिस्तान के लिए इतने आम हो चुके हैं, कि लोगों के कर्ण पटल पर तो पड़ते हैं, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं करते। आम जनता अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जैसे काटती थी, वैसे ही काटती है।

हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान का मैच हुआ। कई राजनीतिक पार्टियाँ, जैसे शिवसेना ,मनसे और कई दल जम कर विरोध में उतरे, जम कर मैच हुआ, जम कर मैच देखा गया, जम कर आनंद उठाया गया, जम कर विजय उत्सव में पटाखे फोड़े गए, एक बार भारत की विजय पर, तो एक बार पाकिस्तान की भी! भारत पाकिस्तान को रोज़ चेतावनी देता है। पाकिस्तान के कान पर जूं तक नहीं रेंगता। लन्दन-अमेरिका में भी आतंकी फायरिंग हो रही है। सरकारें निंदा करतीं हैं, जनता विरोध करती है, लेकिन इसका परिणाम क्या होता है? कुछ भी रुकता है?

विश्व के सारे देश शांति चाहते हैं। सारी जनता शांति चाहती है। फिर भी संसार में इतना व्यभिचार, लूट-खसोट, खून- खराबा, हत्या हो रही है। जिसके पास थोड़ा भी विवेक है, उसे इस विषय पर चिंतित होना चाहिए। यह विषय हिन्दू का नहीं है, मुस्लिम का नहीं है, ईसाई या पारसी का नहीं है। विश्व में किसी एक जाति का, एक धर्म का, एक संप्रदाय या किसी एक देश का नहीं है। यह चिंता सार्वभौमिक है और जब चिंता सार्वभौमिक है, विचार भी सार्वभौमिक होना चाहिये कि कैसे दुनिया में अमन रहे, चैन रहे, खुशहाली रहे।

इतना सब होने के बाद भी ये शांति, अमन, खुशाहाली होती नहीं है, यह घोर चिंता का विषय है। यदि कारण पर विचार किया जाये, तो आप पाएँगे कि दुनिया एक रुग्ण मानसिकता से ग्रसित होती जा रही है। लोग सिर्फ अपनी सुरक्षा में लगे हैं। किसी को दूसरे की नहीं पड़ी है। अगर किसी को पड़ी भी है, तो बस प्रत्यक्ष रूप से, परोक्ष में उसका बड़ा स्वार्थ मुँह बाए खड़ा रहता है।

नेता और अभिनेता, ये दोनों बड़े कलाकार होते हैं। ये पैदा ही जनता के लिए होते हैं। इनका धंधा ही देश सेवा है और ये देश सेवा करते भी हैं, लेकिन इनकी सेवा कौन करता है? उत्तर है, “जनता”। जनता की सेवा से, जनता द्वारा ही जो मेवा मिलता है, वह कहीं और नहीं। पाकिस्तान में भी चुनाव आने वाला है। अब चुनाव जीतना है, तो कुछ ऐसा तो करना होगा, जिससे जनता में अपनी धाक बने। शांतिमय देश लुंज-पुंज, शक्तिहीन की तरह पड़ा दिखता है। मुल्क को अगर सशक्त और चुस्त-दुरुस्त रखना है, तो बिना वजह भी नकली दुश्मन खड़ा करके कुछ न कुछ खुराफ़ात करते रहना पड़ता है। यही राजनीति का अंदरूनी राज़ है साहब। तभी देश के नागरिक, देश की सेना उत्साहित रहती है और वहां की जनता में एकता की भावना पैदा होती है, क्योंकि अगर पड़ोसी से लड़ना है, तो पूरे देश को एकजुट होकर ‘दुश्मन’ का सामना करना पड़ेगा।

जनता का रुझान अख़बार और समाचार चैनलों पर ज्यादा रहता है और ऐसे समय में लोगों की समझ में आता है कि सरकार देश के हित में ज्यादा काम कर रही है। यद्यपि विपक्ष पोल खोलने में लगा रहता है, फिर भी जनता में देश प्रेम की भावना इतना उछाल मारने लगती है कि उसे एक ही चुनाव चिन्ह दिखने लगता है। यद्यपि सत्ताधारी लोग बातें देश के हित की करते हैं, लेकिन ये बातें होती कुर्सी हित, अर्थात स्वयं के हित की हैं।

आतंकवाद पूरे विश्व की समस्या है। अमेरिका में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है, रूस, ब्रिटेन भी आतंकवाद से त्रस्त है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में एक बहुत महत्त्वपूर्ण बात कही। आज से बीसों वर्ष पहले से भारत आतंकवाद के विषय में दुनिया को बता रहा था, समझा रहा था, तो दुनिया को समझ नहीं आया, आज खुद आतंकवाद ने अपनी परिभाषा दुनिया को समझा दी है। मोदी की बात बिलकुल सही है। जब तक अपने पैर में बिवाई नहीं फटती, औरों का दर्द महसूस नहीं होता। चीन पाकिस्तान का मददगार है। पाकिस्तान आतंकवाद को पाल रहा है और चीन कभी आतंकवाद को ख़त्म करने की दिशा में कोई कदम उठता नज़र नहीं आता, बल्कि अक्सर पाकिस्तान को आतंकवादी मामलों में सहायता प्रदान करता नज़र आता है। सोचने वाली बात यह है कि क्या पाकिस्तान में आतंकी हमले नहीं होते? क्या ये आतंकी भारत, अमेरिका या ब्रिटेन के होते हैं? नहीं, ये पाकिस्तान के ही ‘रत्न’ होकर, खुद उसके भी नहीं होते। सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान इनको पैदा ही क्यों करता है फिर? अगर पाकिस्तान इनको पैदा करता है, तो ये पाकिस्तान पर भी हमले क्यों करते हैं?

दरअसल गरीब देशों में भुखमरी, बेरोजगारी ज्यादा होती है, लेकिन गरीबों के खून में उबाल कम नहीं रहता। पाकिस्तान खुद तो है एक गरीब देश, पर खून का उबाल और पेट की भूख समय समय पर ज़ोर मारती रहती है। इसी कमज़ोरी का फायदा उठाते हैं आतंक के आका। वैसे पाकिस्तान में कहने मात्र को सरकार है, शासन दरअसल सेना के हाथ में रहता है। सेना और सरकार में हमेशा खींचातानी मची रहती है। सेना सरकार के भी ऊपर शासन करना चाहती है और सरकार स्वतंत्र शासन चलाना चाहती है। सबका कारण मात्र कुर्सी है, जिसकी लड़ाई पाकिस्तान या भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में रहती है। सरकार के ऊपर विश्व समुदाय का भी दबाव रहता है, सेना राष्ट्रपति के नीचे रहती है और राष्ट्रपति एवं प्रधान मंत्री में हमेशा विरोधाभास रहता है। इसलिए परोक्ष रूप से आतंकवादी सेना के साथ रहते हैं, सेना आतंकवादियों को पालती है। बहुत टेढ़ी गणित है और ये सारी गणित सिर्फ और सिर्फ सत्ता पर हावी रहने के लिए होती है। जब उनके अपने देश में समस्याएं ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो प्रधानमंत्री को बेदखल कर सत्ता राष्ट्रपति के हाथ में आ जाती है और सेना देश संभालने लगती है। ऐसा वाक़या पाकिस्तान में कई बार हो चुका है।

सौ बात की एक बात यह है कि आतंकवाद या आतंकवादी आस्तीन के वो सांप हैं, जो किसी के नहीं हो सकते। पाकिस्तान अगर खुद ये बात समझ नहीं पा रहा, तो उसे जबरन ये समझाने की ज़रूरत है कि वह स्वयं आतंकवादियों के हाथ की एक कठपुतली मात्र बन गया है , उसका खुद का कोई अस्तित्त्व ही नहीं है। सम्पूर्ण विश्व को भी इस विषय की गंभीरता को समझते हुए आतंक के खात्मे में भारत का साथ देना चाहिए। यदि इस दिशा में कोई कठोर कदम न उठाया गया तो रोज़ कई सैनिक ऐसे ही शहीद होते रहेंगे, रोज़ उनके घरों में मातम का माहौल होगा, फिर उनके आंसू सूख जायेंगे और फिर वही हमला होगा।

इस अनवरत सिलसिले को तोड़ना आवश्यक है और यदि देश का प्रधानमंत्री विश्व स्तर पर इस मुद्दे के लिए लड़ रहा है, तो देश की सम्पूर्ण जनता व विपक्ष को भी एक ‘देश’ के रूप में उनके साथ खड़े होने की ज़रूरत है, न कि अपने निजी स्वार्थ को साधने में लगे रहने की, क्योंकि देश पर न्यौछावर होने वाला शहीद आपका न सही, किसी न किसी का बेटा है, भाई है, पिता है। शहीद संदीप जाधव के घर, उनके बेटे के पहले जन्मदिन के अवसर पर जब उनकी जगह उनका पार्थिव शरीर पहुंचा होगा, तो उस परिवार पर क्या बीती होगी, इसका अंदाज़ा भी नहीं लगा सकता कोई। वो बच्चा , जिसने अपने पहले जन्मदिन पर अपने पिता को मुखाग्नि दी, जीवन भर अपने जन्मदिन को कोसेगा। उस शहीद के स्थान पर अपने बेटे को रखकर देखिये, शायद आपकी अंतर आत्मा जाग जाए, आपको सही व गलत में फर्क करने की समझ आये और आपको अपने कर्तव्य का बोध हो।

चीनी सैनिक भारतीय सीमा सिक्किम में घुसे, दो बंकर तबाह किए

कोमल झा| Navpravah.com

अतिक्रमण के एक और मामले में, चीनी सैनिक भारत के सिक्किम सेक्टर में घुस आए और उन्होंने दो बंकर भी ध्वस्त कर दिए. चीनी सैनिकों की सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के साथ तनातनी भी हुई.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीते 10 दिनों से सिक्किम के डोका ला जनरल क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच टकराव चल रहा है और चीन के सैनिकों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को भी रोका.

भारतीय सैनिकों को चीन के सैनिकों को भारतीय सीमा में और अंदर घुसने से रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. उन्होंने पीएलए सैनिकों को रोकने के लिए वास्तविक सीमा रेखा (एलएसी) पर मानव दीवार बनाई. कुछ सैनिकों ने इस घटना का वीडियो बनाया और तस्वीरें लीं. डोका ला क्षेत्र के लाल्तन इलाके में बंकर भी नष्ट किये गए.

20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच एक फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन तनाव अब भी जारी है. यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम-भूटान-तिब्बत के मिलने वाले इलाके डोका ला में ऐसा अतिक्रमण हुआ है. चीन के बलों ने नवंबर, 2008 में इसी जगह भारतीय सेना के कुछ अस्थायी बंकर नष्ट कर दिए थे.

जल्द दिखेगा राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस का नया लुक, हैरान कर देगी नई व्यवस्था!

कोमल झा| Navpravah.com

त्यौहार सीजन को देखते हुए भारतीय रेलवे ने टॉप ‘राजधानी और शताब्दी’जैसी प्रीमियर ट्रेनों की कायापलट करने की योजना बना रही हैं. भारतीय रेलवे देश की प्रीमियर ट्रेन राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस को नया लुक देने के काम में जुट गया है. इन ट्रेनों में केटरिंग, स्टाफ, टॉयलेट साफ-सफाई और ऑन बोर्ड एंटरटेनमेंट जैसी सर्विसेस में बदलाव किए जाएंगे. माना जा रहा है कि राजधानी और शताब्दी के मेकओवर को लेकर किए जा रहे ये बदलाव अक्टूबर से देखने को मिलेंगे.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक बेहतर सुविधाजनक सफर बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने अक्टूबर तक का समय मांगा है यानि की अक्टूबर के बाद आपको राजधानी व शताब्दी ट्रेनों में बेहतर सुविधायें मिलेंगी.

 

अक्टूबर महीने से शुरू होनेवाले त्योहारी मौसम में ज्यादा-से-ज्यादा यात्रियों को लुभाने के लिए रेलवे ने स्वर्ण परियोजना के तहत तीन महीने का कार्यक्रम शुरू किया है. इसमें कोच के अंदरूनी हिस्से को आकर्षक बनाने, शौचालय व्यवस्था में सुधार और कोचों की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है.

 

दरअसल, इन ट्रेनों में कैटरिंग, लेटलतीफी, शौचालय की गंदगी समेत कई तरह की शिकायतें मिलती रही हैं. रेलवे मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा है कि इन प्रीमियर ट्रेनों में दी जाने वाली सुविधाओं को बेहतर करने का फैसला किया गया है और इसी के चलते तीन महीनों की डेडलाइन के साथ ‘प्रोजेक्ट स्वर्ण’ को लॉन्च किया गया है. पिछले कुछ समय से इन ट्रेनों में केटरिंग, समय-पाबंदी और टॉयलेट साफ-सफाई को लेकर काफी शिकायतें सामने आईं हैं और माना जा रहा है इसी के चलते रेलवे द्वारा ये कदम उठाया गया है.

 

भारतीय रेल राजधानी और शताब्दी ट्रेनों का कायाकल्प करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है. इस अक्टूबर से ट्रेनों में कैटरिंग के लिए ट्रोली सर्विस, यूनिफॉर्म में विनम्र स्टाफ और यात्रा के दौरान मनोरंजन, ये सब कुछ देखने को मिलेगा. रेल यात्रा को मनोरंजक और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे 30 प्रीमियर ट्रेनों का हुलिया बदलने जा रहा है.

 

प्रोजेक्ट स्वर्ण के अंतर्गत ट्रेन के सिक्योरिटी सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा. मुंबई, हावड़ा, पटना, रांची और भुवनेश्वर रूट के लिए चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों को सर्विस अपग्रेडेशन के लिए चुना गया है. वहीं हावड़ा-पुरी, नई दिल्ली-चंडीगढ़, नई दिल्ली-कानपुर, हावड़ा-रांची, अानंद विहार-काठगोदाम रूट पर चलने वाली 15 शताब्दी ट्रेनों को मेकओवर के लिए चुना गया है.

 

ट्रेन कोच के इंटीरियर में बदलाव किया जाएगा. सफाई का भी खासतौर से ध्यान रखा जाएगा. कैटरिंग के लिए ट्रॉली की सर्विस की व्यवस्था की जाएगी. यूनिफॉर्म पहने स्टाफ विनम्रतापूर्वक व्यवहार करते नजर आएंगे. यात्रियों के मनोरंजन संबंधी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

OMG: केजरीवाल को ये क्या कह दिया कपिल ने!

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
आम आदमी पार्टी से सस्पेंड और दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा, अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करने का मौका देखते रहते हैं। कपिल आए दिन केजरीवाल पर एक नया आरोप लगाते रहते हैं।
ईद के मौके पर केजरीवाल ने ‘ईद मुबारक’ का ट्वीट किया, कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के इसी ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा- ‘आपको ED मुबारक’, यहां कपिल का ED से मतलब जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय से है। प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी हैं, केजरीवाल कई मौकों पर भारत सरकार पर उनके खिलाफ एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहते हैं। केजरीवाल और कई ‘आप’ नेता अकसर किसी ना किसी मुकदमे और जांच में घिरे रहते हैं।
इसके अलावा कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उन्हीं के हथियारों से घेरने की योजना अपनाई है, इसके लिए मिश्रा ने भ्रष्टाचार विरोधी मंच इंडिया अगेंस्ट करप्शन और जनमत संग्रह को हथियार बनाया है, आईएसी वही मंच है जिसके माध्यम से केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को घेरते हुये आंदोलन से राजनीति में आने का सफर तय किया था।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मंच से कपिल मिश्रा बोले, ‘केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार पर अब तक 15 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन अभी भी नैतिकता नहीं दिख रही है, केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के मामले में तो लालू यादव का रिकॉर्ड तोड़ दिया’ कपिल मिश्रा ने कहा कि पिछले दिनों चलाए गए मिस काल अभियान में 1 लाख 25 हजार लोग जुड़े थे, अब इस समर्थन को सड़कों पर ले जाना है।

जेल में क़ैद इन्द्राणी मुखर्जी पर एक और गम्भीर आरोप

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
शीना मर्डर केस में जेल की हवा खा रही इंद्राणी मुखर्जी के खिलाफ जेल में हिंसा भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इंद्राणी पर आरोप है कि उसने एक कैदी की मौत के बाद महिला कैदियों को भड़काकर जेल में हिंसा कराई है। इस हंगामे और बवाल में जेल के कई कर्मचारी घायल भी हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार मुंबई के बाइकुला जेल में बंद मंजु शेट्टे की मौत के बाद एक कैदी की मौत के बाद इंद्राणी मुखर्जी ने महिला कैदियों को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसाया, उन्हें उनके बच्चों का इस्तेमाल करते हुए जेलकर्मियों के खिलाफ बवाल काटने के लिए उत्तेजित किया और जेल के छत पर चढ़कर अखबार जलाने लगी और सभी ने हिंसात्मक रवैया अपना लिया।
बवाल के बाद जेल प्रशासन ने निरिक्षण किया और पाया कि इंद्राणी मुखर्जी इस हंगामे की मास्टर माइंड हैं, इसके बाद उनके खिलाफ पुलिस ने हिंसा भड़काने का केस दर्ज किया है, करीब 200 कैदियों के खिलाफ जेलकर्मियों के साथ मारपीट करने और हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है और आगे भी जाँच जारी है।
जेल में सजा काट रही इंद्राणी मुखर्जी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रही हैं, इससे पहले उनके ऊपर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने पति पीटर मुखर्जी का फर्जी दस्तख्त करके दो बैंकों को चिट्ठी लिखी थी, कि पीटर अपना हक सरेंडर कर रहे हैं। मुंबई के सिंडिकेट बैंक और न्यूजीलैंड के एक बैंक में इंद्राणी और पीटर का ज्वाइंट अकाउंट है। पीटर मुखर्जी स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ भी रह चुके हैं।

हिमाचल में बड़ी सड़क दुर्घटना, खाई में गिरी जीप,5 सवार मृत

कोमल झा| Navpravah.com

शिमला जिले में नेरवा के पास सोमवार सुबह एक जीप के 200 मीटर गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि वाहन पर सवार सभी लोग सिरमौर जिला में चचर्ति चुरधार मंदिर में दर्शन के बाद लौट रहे थे.

 

अंतरावाली में गुम्मा के पास तीखे मोड़ से गुजरते वक्त वाहन चालक कपिल (27) नियंत्रण खो बैठा. इसके बाद यह दुर्घटना हुई. घायलों को नेरवा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में उन्हें शिमला के आईजीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया. घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. शिमला के उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मृतकों के परिजन को 50-50 हजार रुपये और घायलों को पांच पांच हजार रुपये की तत्काल राहत राशि प्रदान की गई है. पुलिस ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है जांच जारी है.

100 दिनों में कहाँ से कहाँ पहुंचा यूपी, जल्द ही जारी होगा योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड

विकास कुमार तिवारी । Navpravah.com
रविवार, 25 जून को योगी सरकार अपने 100 दिन पूरे होने पर श्वेत पत्र जारी करने वाली थी, परंतु रविवार को ही एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद जी लखनऊ पहुँच गए। इसके उपरांत शाम को खबर आई की रामनाथ जी के कार्यक्रम के कारण अब आज श्वेत पत्र का कार्यक्रम नहीं होगा। ऐसे में विपक्ष समेत आम जन की निगाहें रविवार को जारी होने वाले योगी सरकार के ‘श्वेत पत्र’ पर टिकी रहीं, जो उस दिन जारी न हो सका।
सब इस श्वेत पत्र पर इसलिए निगाहें टिकाए रहे, क्योंकि यह योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड है। यह कार्यक्रम ईद के कारण 26 जून को भी नहीं हो सका। अब योगी सरकार का श्वेत पत्र 27 या 28 जून को जारी हो सकता है। योगी सरकार ने जिस तरह से उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत हासिल किया व सत्ता में आई, शुरूआत में उसी प्रचण्ड रफ्तार में उसने अवैध खनन, एन्टी रोमियो, अवैध बूचड़खाने समेत कई मुद्दों को उठाकर उन पर कार्यवाही भी की, पर यह रफ्तार  महीने भर बाद ढीले पड़ गई और योगी सरकार के वायदों पर बड़ा सा प्रश्न चिन्ह भी अंकित हो गया।
गौरतलब है कि विपक्ष में जब भाजपा थी, तब तत्कालीन सपा सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा लगातार आरोप लगाती रही, पर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के वादे के साथ प्रदेश में आई बीजेपी सरकार के गठन के बाद आपराधिक वारदातों में कोई कमी नहीं नज़र आयी है। अधिकतर क्षेत्रों से दिन दहाड़े हत्या-लूटपाट की खबरें आती रहती हैं। खासकर सहारनपुर में हुए जातीय संघर्ष से सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिये कड़ी चुनौती है, क्योंकि राजनीतिक लिहाज से उनपर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की छवि को अतिसंवेदनशील यूपी में बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी है और अपने कड़क फैसले की सुरक्षा भी उनके हाथ में है।
बता दें कि पिछली सरकार पर भी जातीय भेद को लेकर आरोप लगे थे। वही आरोप मायावती ने योगी सरकार पर भी लगाए हैं। उनका कहना है कि योगी जी के आने के बाद क्षत्रिय समाज शोषण करने पर ऊतारू है। कई क्षेत्रों में सरकार की सराहना भी की गई है। राज्य में किसानों की कर्जमाफी के बाद, बिजली के मोर्चे पर योगी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से जनता संतुष्ट दिखी है। इनमें केन्द्र के साथ ‘पॉवर टू आल’ समझौता भी शामिल है। इसके अलावा राज्य सरकार ने जिला मुख्यालयों में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 घंटे तथा गांवों में 18 घंटे बिजली देने का प्रावधान भी किया है।
सरकार द्वारा राज्य में अधिकारियों का तबादला और तैनाती मेरिट के आधार पर करने के फैसले को भी सही माना जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि तीन महीने का समय किसी सरकार के लिये बहुत कम है। आमतौर पर इतनी कम अवधि की सरकार के पास दिखाने लायक कोई खास उपलब्धि नहीं होती। आपको याद दिला दें कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहले कहा था, “केवल 48 दिनों में बदलाव नहीं महसूस हो सकता। जब भाजपा सरकार के 100 दिन हो जाएंगे,  तो उत्तर प्रदेश की जनता पूर्व और वर्तमान सरकारों के प्रदर्शन की तुलना कर सकेगी।” इसलिए सौ दिन पूरे होने पर विपक्षी पार्टियों को घेरने के लिए यह मौका भी मिल गया है।
इसके बावजूद इतना जरूर साफ है कि श्वेत पत्र जारी होने से पहले ही ऐसा माहौल बनना शुरू हो गया, जो योगी सरकार को फायदा पहुंचाएगा।

ईद पर भी नहीं माने पत्थरबाज, CRPF कैंप पर हमला

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

ईद के त्योहार के मौके पर भी कश्मीर में पत्थरबाज अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। कश्मीर के अनंतनाग की जंगलातमंडी में लोगों ने सीआरपीएफ कैंप पर पत्थरबाजी की है, पत्थरबाज वहां पर मूसा के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे, ईदगाह के पास पत्थरबाजी के दौरान दो सीआरपीएफ जवान घायल भी हो गए हैं। इसके अलावा घाटी में कई जगहों पर भी पत्थरबाजी हो रही है।

श्रीनगर में पत्थरबाजों ने ईद के दिन भी CRPF के जवानों पर हमला किया, श्रीनगर के ईदगाह का इलाके में पत्थरबाजों ने नमाज के पहले तैनात CRPF की टुकड़ी पर हमला किया, CRPF के साथ-साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर पत्थरबाजों ने पत्थर बरसाए। सूत्रों के अनुसार पत्थरबाजी में स्थानीय पुलिस के 4 जवान और 1 आम नागरिक भी घायल हो गए हैं, लगभग 100 पत्थरबाजों के हुजूम ने CRPF जम्मू कश्मीर पुलिस पर नमाज शुरु होने से पहले ही ईद गाह इलाके में पत्थर बरसाने शुरू कर दिया।

सीआरपीएफ कमांडेंट भावेश चौधरी ने निजी चैनल को बताया कि पत्थर बाजों ने ईदगाह इलाके में नमाज शुरु होने से पहले ही जवानों पर पत्थरों से हमला शुरु कर दिया, पत्थरबाजों ने नमाज शुरु होने से पहले ही सुरक्षा के लिए तैनात सीआरपीएफ जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया। पत्थर बाजों ने ईद के पवित्र दिन भी हिंसा करते हुए अपना असली चेहरा आवाम के सामने रख दिया है।

पिछले कई दिनों से लगातार कश्मीर का माहौल बिगड़ा है, अभी हाल ही में कश्मीर के नौहटा में नमाज के दौरान ड्यूटी कर रहे DSP मोहम्मद अयूब पंडित की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से लगातार आतंकियों के खिलाफ सेना बड़ी कार्रवाई कर रही है, कई आतंकी मारे भी गए हैं।

“कोलंबियाई टूरिस्ट नाव हुई बड़े हादसे का शिकार”

कोमल झा| Navpravah.com

कोलंबिया में रविवार को एक बड़ा हादसा हुआ। समुद्र में चार मंजिला टूरिस्ट अल-अल्मीरांते नाम का जहाज डूब जाने से 9 लोगों की मौत और 28 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया खबरों के अनुसार यह टूरिस्ट जहाज मात्र 4 मिनट में डूब गया। बताया जा रहा है कि जहाज में लगभग 150 लोग सवार थे। ये जहाज मेडेलिन से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर डूबा है। लोगों को बचाने के लिए फौरी तौर पर बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

हादसे के बाद सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। हादसे के तुरंत बाद लोगों को बचाने के लिए फौरी तौर पर बचाव कार्य चलाया गया। कई छोटी बोटों और नावों को लोगों को बचाने के लिए लगाया गया। हादसे में घायल हुई एक महिला का कहना है कि जो लोग पहली और दूसरी मंजिल पर थे, वे एकदम से डूब गए, हालांकि ऊपरी मंजिल वाले कुछ लोग बच गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार करीब 100 लोगों को बचाया गया है। वहीं 28 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जहाज डूबने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, लगभग 100 लोग को बचाया गया है, वहीं करीब 40 लोग खुद ही किसी तरह बाहर आ गए थे। हालांकि अभी भी 28 लोग लापता हैं। यह जहाज किस तरह डूबा अभी तक इसका कोई कारण नहीं मिल पाया है, कहा जा रहा है कि जहाज सिर्फ 4 मिनट के अंदर डूब गया। सभी लोग जहाज पर अपना वीकेंड मनाने आए थे।

 

पाकिस्तान के बहावलपुर में भीषण दुर्घटना, 123 लोगों की मौत

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर शहर में तेल के टैंकर में आग लगने से 123 लोगों की मौत हो गयी है। इस आकस्मिक दुर्घटना में 75 लोगों के घायल होने की ख़बर है। घायलों को शहर के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2 दमकल गाड़ियों ने टैंकर में लगी आग बुझा दी है।

पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के बहावलपुर में नेशनल हाईवे पर रविवार सुबह एक तेल के टैंकर के पलटने के कारण यह हादसा हुआ। पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ‘डॉन’ के मुताबिक, अहमदपुर शरिया नाम की जगह पर तेल का टैंकर पलटने के बाद उसमें हुए विस्फोट और उसके बाद फैली आग में 123 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस भीषण हादसे में 75 से भी ज्यादा लोग गंभीर रूप से जल गए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। टैंकर पलटने के कारण भड़की आग ने करीब से गुजरने वाली गाडियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल के पास खड़ीं 6 कारें और 12 बाइक्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाईवे पर जब लोगों ने टैंकर को पलटते देखा, तो उसमें से लीक होकर बाहर निकल रहे तेल को जमा करने के लिए लोग वहां जमा हो गए। उसी समय टैंकर में विस्फोट हो गया और इसकी चपेट में आकर लोग जलकर मर गए। आग लगने के थोड़ी देर बाद ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य जारी है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।