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Friday, August 14, 2026
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डेथ सर्टिफिकेट के लिए मृतक का आधार नंबर जरूरी होगा

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
एक अक्टूबर के बाद मरने पर अब भारत सरकार ने आधार कार्ड होना अनिवार्य कर दिया है।
केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि एक अक्टूबर से मृत व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करने पर ही उसका डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।
फिलहाल सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय को इससे दूर रखा गया है। डेथ सर्टिफिकेट हासिल करने वाले को मृतक का आधार नंबर या फिर आधार का पंजीकरण दर्ज कराना होगा यदि मृतक का आधार नंबर न हो तो ऐसी में डेथ सर्टिफिकेट में यह दर्ज रहेगा कि मृतक का आधार कार्ड नहीं है। इस बारे में कोई भी गलत जानकारी देना एक अपराध माना जाएगा।
मृतक के आधार के साथ उसके रिश्तेदार जैसे, पति-पत्नी, माता-पिता या फिर बेटा-बेटी का भी आधार नबंर डेथ सर्टिफिकेट के लिए दर्ज कराना होगा।
आधार के उपयोग का मुख्य फायदा रिश्तेदारों या आश्रितों या मृतकों की परिचितों के परिजनों द्वारा दिए गए विवरण की सटीकता सुनिश्चित करने में और धोखाधड़ी रोकने में मदद करेगा। इसके अलावा,  मृत व्यक्ति की पहचान साबित करने के लिए ढे़रों दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता को खत्म कर देगा।

मलाइका ने अरबाज को B’day पर दिया तरबूज

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान आज 50 साल के हो गए हैं और इस मौके पर उनकी एक्स वाइफ मलाइका अरोड़ा ने उन्हें तरबूज गिफ्ट किया है। इसका एक वीडियो भी मलाइका ने अपने इंस्टा अकांउट पर शेयर किया है।
मलाइका अरोरा के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अरबाज खान की तस्वीरें
मलाइका ने अपने इंस्टा अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि एक तरबूज अरबूज के लिए।
गुरुवार को भी मलाइका को तलाक में मिली रकम को लेकर ट्रोल किया गया था, खबर थी कि इस तलाक की एवज में मलाइका ने अरबाज से 15 करोड़ रुपये वसूले हैं, इसी पर सोशल मीडिया पर मलाइका को लेकर बवाल मचा है।
फील गुड फैब्रिक नाम के यूजर ने मलाइका की तस्वीर पर कमेंट किया है- आजकल की महिलाएं ऐसा ही करती हैं, वे एक अमीर लड़के को फंसा कर उससे शादी कर लेती है और फिर मोटी रकम के लिए तलाक दे देती हैं। फिर इन पैसों से वे ऐश करती हैं, एक यूजर ने मलाइका पर कमेंट किया है कि जब खुद कमाने में सक्षम हैं तो उनको एलुमनी की जरूरत ही क्यों पड़ी।
2017 में मई में अरबाज और मलाइका का तलाक हुआ है, दोनों की शादी 1997 में हुई थी और इनका एक बेटा अरहान खान भी है। बताया गया था कि मलाइका को काफी समय से अरबाज के असफल करियर से परेशानी थी, कई सालों से अरबाज का सलमान की छत्रछाया में रहना मलाइका को नागवारा था।
इस बात का भी खुलासा किया गया कि मलाइका को हमेशा से अरबाज के परिवार में एक अजनबी समझा जाने का अहसास रहता था, यहां तक कि मलाइका इस बात का भी जिक्र कर चुकी हैं कि सलमान खान को उनके ड्रेस सेंस, उनके दोस्तों और कई चीजों को लेकर दिक्कत रहती थी, इन्ही सब बातों को लेकर अरबाज और मलाइका में कई साल तक अनबन चलती रहती थी। इस तलाक के लिए मलाइका ने अपने और बेटे के खर्च के लिए 15 करोड़ रुपये माँगें थे।
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अब पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर होगा मुगलसराय जंक्शन

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
यूपी की योगी सरकार के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जनसंघ के नेता दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर करने के फैसले को गृह मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है।
जिसके बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राज्यसभा में जमकर हंगामा कर इसका विरोध किया। सरकारी नियमों के मुताबिक राज्य सरकार को किसी स्टेशन, गांव, शहर का नाम बदलने के लिए गृहमंत्रालय से एनओसी लेना अनिवार्य होता है।
चूंकि बीजेपी इस वर्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मना रही है तो योगी सरकार ने मुगलसराय के मुख्य मार्ग को दीनदयाल के नाम पर करने और प्रमुख चैराहे पर उनकी मूर्ति लगाने और उसका नाम दीनदयाल चैक रखने का फैसला किया है।
1968 में दीनदयाल उपाध्याय का शव संदिग्ध हालत में मुगलसराय स्टेशन पर मिला था। पुलिस उनके शव को लावारिस मानकर चल रही थी तभी स्टेशन पर कुछ लोगों को पंडित दीनदयाल का शव होने का शक हुआ। जिसके बाद सर संघचालक गोलवरकर और अटल बिहारी वाजपेयी मुगलसराय आए और दीनदयाल उपाध्याय के पार्थिव शरीर को लेकर दिल्ली गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं स्थानीय लोगों की मांग है कि मुगलसराय को लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर होना चाहिए क्यूंकि यह उनकी जन्मभूमि है।
इससे पूर्व गुड़गांव का नाम भी बदलकर गुरूग्राम किया गया है।

शुरू होगा चाबहार बंदरगाह, इरान-अफ़ग़ानिस्तान से व्यापार होगा आसान

पीयूष  चिलवाल | Navpravah.com
अफगानिस्तान और ईरान के साथ व्यापार को आसान करने के लिए 12-18 महीने में चाबहार बंदरगाह शुरू कर हो जाएगा। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात की पुष्टि की।
ईरान में अपने पैर जमाने और पड़ोसी देश पाकिस्तान को दरकिनार कर अफगानिस्तान, रूस और यूरोप तक सीधी पहुंच बनाने के लिए चाबहार बंदरगाह से भारत को काफी मदद मिलेगी।
उनके अनुसार, कांडला एवं चाबहार बंदरगाह के बीच की दूरी, नई दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी से भी कम है। इस समझौते से भारत को वस्तुएं पहले ईरान तक और वहां से नए सड़क एवं रेल मार्ग से अफगानिस्तान तक जल्दी ले जाने में मदद मिलेगी।
नितिन गडकरी ने कहा कि ईरान के पास प्राकृतिक गैस और बिजली सस्ती कीमत में मौजूद है और भारतीय कंपनियां 50 लाख टन के एल्यूमीनियम स्मेल्टर संयंत्र एवं यूरिया विनिर्माण की इकाइयां स्थापित करना चाहती हैं।
नाल्को एल्यूमीनियम स्मेल्टर स्थापित करेगी जबकि निजी एवं सहकारी उर्वरक कंपनियों यूरिया संयंत्र बनाना चाहती हैं यदि उन्हें दो डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से सस्ती दर पर गैस मुहैया कराई जाए। चाबहार में रेल लाईन का निर्माण रेलवे की पीएसयू इरकॉन करेगी जिससे अफगानिस्तान तक सीधे सामान पहुंचाने में मदद मिलेगी।

भ्रष्टाचार में घिरे फड़णवीस के हाउसिंग मंत्री

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
देवेंद्र फडणवीस सरकार के हाउसिंग विभाग के मंत्री प्रकाश मेहता पर नियमों की अनदेखी कर जमीन एक बिल्डर को देना का आरोप है, खबर है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कहने पर पार्टी प्रकाश मेहता पर कार्रवाई हो सकती है, प्रकाश मेहता ने कहा है कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं, मुझे सीएम जो भी आदेश देंगे उसका पालन करूंगा, अगर CM कहेंगे तो मंत्रालय छोड़ दूंगा।
सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने बीजेपी महासचिव और महाराष्ट्र बीजेपी की प्रभारी सरोज पांडेय को इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा करने के आदेश दे दिए हैं।
मंत्री प्रकाश मेहता पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई के ताडदेव इलाके की जमीन नियमों की अनदेखी कर एक बिल्डर को दे दी थी, इतना ही नहीं मेहता ने अपने आदेश में ये भी लिखा कि सीएम फडणवीस को भी इस फैसले के बारे में अवगत कराया गया था, जो जगह इस बिल्डर को दी गई है वो बेहद प्राईम लोकेशन है।
विपक्ष का आरोप है कि प्रकाश मेहता के इस फैसले से बिल्डर को कम से कम 500 करोड़ का फायदा होगा और इसके ऐवज में बिल्डर से मंत्री प्रकाश मेहता को करोड़ों रुपए मिले हैं।
विपक्ष के आरोपों पर सदन में जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि उन्हें इस जमीन आवंटन की कोई जानकारी नहीं दी थी और मंत्री प्रकाश मेहता के फैसले को रद्द कर दिया गया है।
PC: The Indian Express, India Today – India Today Group

राष्ट्रपति कोविंद ने देश में बढ़ती ग्लोबल वॉर्मिंग पर जताई चिंता

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ब्रहस्पतिवार को 2016 बेच के नए नियुक्त भारतीय वन अधिकारियों से हुई मुलाकात में ग्लोबल वॉंर्मिांग को ले कर कहा कि समस्याएं बढ़ाने के बजाय उनके समाधान ढूडने की कोशिश और देश के विकास के लिए कार्य करें।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जंगलों और आसपास रहने वाले आदिवासियों सहित लाखों गरीब लोगों की मूल भोजन और ईंधन की आवश्यकताओ के बारे में भी बात की।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि ऐसे लोग साधारण और महनती होते हैं आप सभी को ऐसे लोगों अपने प्रबंधन में जो़ड़कर काम करना चाहिए। और राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है इसके साथ आप सभी को वन संरक्षण और विकास की जरुरतों के बीच में सामांतर रखना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व कई दशक पहले ही ऐसे ग्लोबल वॉर्मिंग, वनों की कमी, पर्यावरण का स्वच्छ ना होना जैसी समस्याओं से पहले ही जाग चुका है इसलिए भारत के लिए 21वीं सदी में पर्यावरण को स्वच्छ और वनों को संरक्षण एक अहम मुद्दा है।
हमारी राष्ट्रीय वन नीति के तहत 33 प्रतिशत भूमी पेड़ और पौधों से भरी हुई होनी चाहिए, इसके लिए आप सभी को कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन जो है वह एक पोटेंशल कॉर्बन सिंक का काम करता है जिससे कि कारखानों से निकलने वाले धुएं को पर्यावरण में घुलने से रोकता है इसके साथ ग्लोबल वॉर्मिंग से भी बचाता है।
रामनाथ कोविंद जी ने कहा कि यह मुद्दा पहले सिर्फ पुरुष अधिकारीयों के लिए बना हुआ था परंतु अब थोड़ा इसमें बदलाव हुआ है।
रामनाथ कोविंद जी ने कहा कि वह उम्मींद करते है कि वन सेवा के कार्य में महिलाएं अपनी पूरी मेहनत के साथ काम करेंगी।

नॉर्थ दिल्ली की मेयर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल ने गुरुवार को राजन बाबू फेफड़ा एवं क्षय रोग संस्थान और हिन्दु राव अस्पताल का निरीक्षण किया।
मेयर ने राजन बाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान में जनरल ओपीडी, क्षय रोग विभाग, आंखों के ऑपरेशन की यूनिट के अलावा इक्वलाइजेशन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें  क्षय रोग से सम्बंधित जानकारी देने के साथ ही अस्पताल में किस तरह से उसका उपचार किया जाता है इसकी जानकारी भी दी।
निरीक्षण के दौरान मेयर ने पाया कि यहां भर्ती मरीजों के पास मास्क नही थे जिससे वो नाराज़ हो गईं और तुरंत मास्क उपलब्ध कराने को कहा। अस्पताल की कैंटीन में मिलने वाले खाने से भी मेयर नाराज़ दिखीं और उन्होंने खाने की क्वालिटी सुधारने के निर्देश दिए।
दवाई वितरण वाली जगह पर उन्होंने देखा कि पंखा न होने से मरीजों के परिजन गर्मी में बेहाल खड़े हैं, जिससे वो और ज्यादा नाराज़ हो गईं, उन्होने जल्द यहां पंखा लगाने के निर्देश दिया।
स्टाफ को उन्होंने निर्देश दिए कि मरीज के परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार करें, यदि किसी की शिकायत आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा मेयर ने हिन्दूराव अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड, औषधालय, नर्सरी वार्ड का निरीक्षण किया, मेयर ने दवाइयों के स्टॉक को देखा और निर्देश दिए कि दवाई की कमी ना हो।

CM ने दिया था कर्जमाफी का भरोसा, अब बैंक दे रहे धोखा

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह पर विश्वास करके बैंकों को कर्ज वापस न करने वाले किसानों को बैंकों ने बेइज्जत करना शुरू कर दिया है, बैंकों ने पहले इन किसानों को नोटिस जारी किए पर कर्ज वापस ना करने पर अब इन किसानों की तस्वीरें लगाकर इनकी बदनामी शुरू कर दी है।
सरकार के ऐलान के बावजूद बैंकों ने किसानों से कर्ज की रकम वसूलनी बंद नहीं की है और वो डिफाल्टर बन गए हैं।
समराला में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड में इनकी तस्वीरें चिपका दी हैं और नीचे लिख दिया है,‘ये लोग हमारे बैंक के डिफाल्टर हैं।’ इन तस्वीरों में बुजुर्ग महिलाओं की तस्वीरें भी हैं, इन्हें बैंक में आने वाले लोग बड़ी हैरानी से देख रहे हैं।
बैंकों में इस तरह से अपने फोटो लगने से हो रही बदनामी से किसानों में नाराजगी है और वो बैंकों और पंजाब सरकार को कोस रहे है।
पंजाब में जहां किसान लगातार खुदकुशी करता जा रहा है, वहीं, सरकार की सहानुभूति की जगह अब इन किसानों को बेइज्जती का दंश भी झेलना पड़ रहा है।
किसान सरदार गुरदीप सिंह ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 1,50,000 रुपये का कर्ज लिया था और इस कर्ज की किस्तें मार्च महीने से पहले 16,000 रुपये और 20,000 रुपये के रूप में बैंक में जमा भी करवा दी थी, लेकिन तभी पंजाब सरकार का फरमान आया कि जिन किसानों ने बैंकों से 2,00,000 रुपये तक का लोन लिया हुआ है, उनके कर्जे माफ कर दिए गए हैं, लिहाजा इन किसानों ने अपना कर्ज देना बंद कर दिया और अब बैंक का यह कहना है कि इस किसान पर अब भी दो लाख से ज्यादा बकाया है, लिहाजा गुरदीप सिंह की फोटो नोटिस बोर्ड पर डिफाल्टरों की लिस्ट में लगा दी गई है।
खबर है कि इन किसानों ने अगर कर्ज वापिस नहीं किया तो इनकी तस्वीरों के बोर्ड शहर के मेन चौक या सार्वजनिक स्थानों पर भी लग सकते हैं।
बैंक की इस कार्रवाई के खिलाफ तमाम किसान संगठन किसानों के पक्ष में आ गए हैं और कह रहे हैं कि अगर सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया और बैंकों ने यही रवैया रखा तो किसानों को आंदोलन की राह पर जाना होगा।
मुद्दा किसानों से जुड़ा है और पंजाब सरकार ने तमाम तरह के वादे किसानों से पहले ही कर रखे हैं, लिहाजा पूरे मामले पर राजनीति होना लाजमी है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस सारे मसले पर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि सरकार ने जो वादा किया था, उसको निभाए, किसानों के कर्ज माफ करें, क्योंकि किसान पहले ही बदहाल है।

चंडीगढ़ पुलिस पर ठोंका मानहानि का मुकदमा

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com

यह अजीबोगरीब वाकया है चंडीगढ़ का, जहां एक व्यक्ति ने पुलिस पर मानहानि का मुकदमा कर दिया है।
दरअसल अक्टूबर 16, 2014 को चंडीगढ़ पुलिस ने हरविंदर सिंह का ड्रिंक एंड ड्राइविंग के अपराध में चलान कर दिया था। हरविंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी शराब को हाथ नहीं लगाया और वे राधास्वामी जी के अनुयायी हैं।
अगस्त 13 तारीख को सुनवाई में अदालत ने पुलिस को जवाब दाखिल करने का वक़्त दिया है। सेक्टर 16 के पास पुलिस द्वारा  लगाए गए इस चलान को हरविंदर ने कोर्ट में चुनौती दी जहां फाॅरेन्सिक रिपोर्ट भी नेगेटिव निकली।
हरविंदर के वकील सुरेश कुमार का कहना है कि अभियोग पक्ष द्वारा कोर्ट में न तो जवाब दाखि़ल किया गया और ना ही  साक्ष्य प्रस्तुत किये गए।
अदालत ने हरविंदर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और मानहानि के मुकदमे की सुनवाई शुरू कर दी। 10 लाख का दावा ठोकने वाले हरविंदर कहते हैं कि इस आरोप से उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है, उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और उनकी मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ा है।

क्या है इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
सात अगस्त 2017, श्रावण मास के आखि़री सोमवार की विदाई रक्षाबंधन के त्योहार से हो रही है। रक्षाबंधन में राखी बांधने के लिए एक शुभमुहूर्त होता है।
रक्षाबंधन के दौरान भद्रकाल को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है चुंकि भद्रकाल को अशुभ माना जाता है इसलिए इस दौरान बहनें भाइयों को राखी नहीं बांधती। लेकिन इस बार भद्र के साथ चंद्रगहण भी है जिस कारण राखी बांधने के लिए सिर्फ 2 घंटे 47 मिनट का वक्त मिलेगा।
लग रहा है चंद्रग्रहण:
इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर चंद्रग्रहण का साया मंडरा रहा है।  ग्रहण रात्रि 10ः53 से शुरू होगा जो 12ः48 पर खत्म होगा। ग्रहण का सूतक दोपहर 1ः53 से शुरू होगा और भद्रकाल सुबह ग्यारह बजकर पांच मिनट तक रहेगा। शास्त्रानुसार भद्रकाल और सूतक में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता इसलिए रक्षा बांधने का समय सुबह 11ः05 बजे से दोपहर 1ः53 बजे तक है।