मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी और आतंकी हाफिज सईद ने राजनीति में घुसपैठ करने का एलान कर दिया है। पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी समूह जमात-उद-दावा ने राजनीतिक क्षेत्र में जगह बनाने के लिए एक नई पार्टी शुरू की है। नवगठित मिल्ली मुस्लिम लीग पार्टी में मौलवी और समूह के पुराने शीर्ष सदस्यों में शामिल सैफुल्ला खालिद को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है।
सोमवार को इस्लामाबाद में प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी का नाम, लोगो और झंडा सार्वजनिक किया गया। पार्टी ने पाकिस्तान को ‘एक सही इस्लामी एवं परोपकारी राष्ट्र’ बनाने की बात कही और कहा कि हाफिज सईद को रिहा कराना पार्टी का लक्ष्य है। ऐसे में पार्टी के जीतने पर हाफिज सईद के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
अमेरिका ने जमात उद दावा के संस्थापक हाफिज सईद की गिरफ्तारी कराने के लिए सूचना देने पर 10 लाख डॉलर का इनाम रखा है जिसके बाद उसे इस साल की शुरुआत से पाकिस्तान में नजरबंद किया गया है। अमेरिका जमात-उद दावा के खिलाफ कार्रवाई करने लेकर पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दे चुका है।
हाफिज सईद की नजर 2018 मे पाकिस्तान में होने वाले आम चुनावों पर है। सईद के संगठन ने राजनीतिक घुसपैठ का कदम ऐसे वक़्त पर लिया है जब पाकिस्तान की राजनीति में उथल पथल मची हुई है और हाल ही में नवाज शरीफ ने अपनी कुर्सी गंवाई है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को आतंकी घुसपैठ के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पांच आतंकवादियों को मार गिराया है। आतंकियों के पास से बड़ी संख्या में हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं। ये आतंकी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से माछिल सेक्टर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर जारी ऑपरेशन में हाल के दिनों में सेना ने कई आतंकी घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया है और हथियारों के साथ घुसपैठ कर रहे और भी आतंकी मारे जा सकते हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया के मुताबिक, सेना ने माछिल सेक्टर में घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया है और फिलहाल सेना इस इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
सेना ने जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट चलाया है, जिसमें एलओसी पर घुसपैठ रोकने के लिए नई रणनीति अपनाई है और जम्मू कश्मीर में आतंकियों को मार गिराने का अभियान काफी तेजी से चल रहा है। सात महीने में सेना ने जम्मू कशमीर में 125 से ज्यादा आतंकी मार गिराये हैं।
जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे किराएदार हैं ज़ाती मकान थोड़ी है
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है
-राहत इन्दौरी
किसी शाइर की गजलों को सुनिए या किसी कवि की कविता, बात वही अच्छी और सच्ची लगती है जिसमें सौहार्द्र और शान्ति की भावना हो.
एक ओर जहां आज हमारे देश में तरक्की पैर पसार रही है, नए आयाम आने को हैं, बेहतरी के मुक़ाम हासिल किये जा रहे हैं वहीं हमारे समाज का कुछ सड़ा गला हिस्सा इस अमन को पचा नहीं पा रहा है. सोशल नेटवर्किंग साइट्स तो ऐसे धरती के लालों से भरी पड़ी है. हिन्दू गाय को माता मानते हैं. कुछ पूजा भी करते हैं तो सड़क पर घूमती गायें कुछ हिन्दुओं को ही ट्रैफिक में बाधा लगती हैं. तब माता बाधा बन जाती है और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उगला हुआ सारा ज्ञान धरा का धरा रह जाता है. कुछ तो फुल टाइम गौरक्षक बन चुके हैं, और गुंडई पे अमादा हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो ऐसे फ़र्जी सेल्फी छाप गौरक्ष्कों कों चेतावनी भी दे चुके हैं.
कुछ लोगों की तो बात ही निराली है. जिनका मानना है, “गाय अगर हिन्दू की माँ है तो क्या हुआ, हम बीफ़ खाते थे और खाते रहेंगे.” बीफ़ पसंद करने वालों की बातें तो सर के ऊपर से गुजरती हैं. भयानक मोटापे के शिकार और बॉलीवुड के कलाकार ऋषि कपूर को बीफ़ बेहद पसंद है. उन्होंने इसके समर्थन में ट्वीट भी किया था. एक पुराने जज साहब मार्कंडेय काटजू भी जीवन भर भले ही दाल चावल खाते रहे हों लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें गौमांस सर्वोत्तम पोषक आहार नजर आने लगा है. कुछ पढ़े लिखे नौजवान फ़ौज में भर्ती होकर देश के लिए मर मिटते हैं तो कुछ ढफली बजाकर महिषासुर की उपासना कर रहे हैं. ताकि हिन्दुओं की भावनाएं आहत हों, और उन्हें कवरेज मिल सके.
कुछ मुसलमान और मौलवी जन भी हैं जो सलमान खान के गणेश उत्सव से खिन्न हो जाते हैं. नूरी खान ओम नमः शिवाय बोले, भगवा वस्त्र पहने तो ये उनके इस्लाम के खिलाफ हो जाता है. “राष्ट्रगीत वन्दे मातरम” तो उनके हिसाब से इस्लाम का घोर शत्रु है. फौरन फतवों की बरसात शुरू हो जाती है. दरअसल ये साज़िश है. साज़िश एक देश के सौ टुकड़े करने की. कई ऐसे पुरुष व महिलायें हैं जो इस हद तक पढ़ लिख चुके हैं कि युवाओं को बरगलाने में अपनी सारी ताकत, सारा ज्ञान झोंक रहे हैं. माथे पर ज्यूपिटर से भी विशाल बिंदी लगाते ही जैसे इनके दिव्य चक्षु खुल जाते हों. इन्हें आज़ादी चाहिए. टाइम मशीन का आविष्कार हुआ तो टाइम ट्रैवेल के लिए शायद ये सबसे पहले या एडवांस बुकिंग देने वालों में से होंगे. ये आज़ादी के पाषाण युग में जाना चाहते हैं. ऐसे तमाम बुद्धिजीवी लोग हैं. फेहरिस्त लम्बी है. मैं लिखते लिखते और आप पढ़ पढकर थक जायेंगे. स्वयं को किसी भी कन्फ्यूजन का शिकार बनाने से बचिए. ये लोग भारत नहीं हैं. आइये आपको बताएं कि वसुधैव कुटुम्बकम वाली सभ्यता का अखण्ड भारत क्या है:
मुहम्मद फैज़ खान:
मुहम्मद फैज़ खान
फैज़ खान छत्तीसगढ़ में राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर थे. अब ये गौ कथा वाचक व सच्चे गौ प्रेमी हैं. तमाम हिन्दुओं की तरह ये भी गाय को माता स्वरुपा ही मानते हैं. पूरे देश में जाकर गौ कथा सुनाने वाले मुहम्मद फैज़ खान को धमकियाँ दी जाती हैं, तंज़ कसे जाते हैं गालियाँ दी जाती हैं. फिर भी फैज़ खान जैसा ढीठ हिन्दुस्तानी जिसे किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो हंसकर बुरी बातों को टाल देते हैं. फैज़ खान जितने सच्चे मुसलमान हैं उतने ही अच्छे इंसान भी. फैज़ खान कहते हैं कि, “दिन की शुरुआत फजर की नमाज से करता हूं। इसके बाद गोकथा कभी–कभी दिनभर चलती है। इसलिए जब वक्त मिलता है जोहर, असर, मगरीब व ईशा की नमाज पढ़ता हूं। भारत की सनातन संस्कृति के प्रति निष्ठा है। इसी का एक अंग गाय और गंगा है। जिससे हर धर्म का व्यक्ति लाभ उठाता है।“
अपने इसी भाव व उद्देश्य के साथ फैज़ खान “गोसेवा सद्भावना पदयात्रा” के तहत सम्पूर्ण भारत की यात्रा पर निकले हैं. वो भी पैदल. लेह से कन्याकुमारी फिर वहां से अमृतसर. फैज़ खान आधुनिक भारत के स्वामी विवेकानंद हैं. बहरहाल सफ़र अभी जारी है, इसमें समय लगेगा लेकिन फैज़ खान की मानें तो बदलाव को तो होना ही है.
नाज़नीन अंसारी:
नाज़नीन अंसारी
मुस्लिम महिला फाउंडेशन-इंडिया की प्रेसिडेंट नाज़नीन अंसारी नवीन भारत की उन लौह महिलाओं में से एक हैं, जो केवल मज़हब की नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के हित की सोच रखती हैं. वो हिन्दू-मुस्लिम एकता की प्रतीक मानी जाती हैं. नाज़नीन और उनकी अन्य महिला साथी समाज में एकता बनाए रखने का कोई मौका नहीं जाने देतीं. किसी को खून की जरूरत हो या अनाज की नाज़नीन हमेशा तैयार रहती हैं. मजहब के नाम पर स्त्रियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर भी नाजनीन मुखर होकर बोलती हैं व किसी भी कुरीति का खुलकर विरोध करती हैं. नाजनीन और उनकी साथी महिलाओं ने मजहब से ऊपर इंसानियत के धर्म को रखा है. इसके साथ ही ट्रिपल तलाक जैसे गंभीर मसलों में नाजनीन अंसारी खुलकर दकियानूसी सोच का विरोध करती हैं. तलाक्शुदा महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए उन्होंने कम्प्यूटर व इन्टरनेट मार्केटिंग जैसी आधुनिक तकनीक प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया. जिसके लिए उन्होंने साईं इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट की मदद से ई-मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यशाला भी स्थापित की. हाल ही में नाजनीन अंसारी के मुस्लिम महिला फाउंडेशन ने पीएम मोदी को राखी बनाकर भेजी. साथ में उन्होंने देश के कई मुद्दों के बारे में उन्हें नोट भी भेजा.
नाजनीन अंसारी का मानना है कि, “जब एक मुसलमान होकर कबीर, निर्गुण राम की प्रशंसा कर सकते हैं और दुनियां को इंसानियत का सन्देश दे सकते हैं तो आज हम धर्म–जाति को इंसानियत से ऊपर क्यों मानते हैं ?”
नाज़नीन अंसारी मजहबी दायरों से बाहर निकलकर आधुनिक भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दे रही हैं.
शिराज़ क़ुरैशी:
एडवोकेट शिराज़ क़ुरैशी
पेशे से वकील ग्वालियर मध्य प्रदेश के शिराज़ कुरैशी भी पक्के नमाज़ी हैं. इन्हें नमाज़ सिर्फ़ पढ़ना ही नहीं बल्कि उसके उसूलों को जीना भी आता है. फैज़ खान की तरह शिराज़ कुरैशी भी गौ सेवक हैं व हर उस मुहीम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिसमें गौ हित की बात की जा रही हो. अपने बेहद व्यस्त व्यावसायिक जीवन से समय निकालकर गाय की सेवा व समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द्र स्थापित करने में हर सम्भव प्रयास करते हैं.
शिराज कुरैशी का मानना है कि, “गाय और बछड़े , आप को नहीं लगता की इस मासूम जीव को अल्लाह ने दूध और शिफ़ा के साथ पूरी इंसानियत के लियें भेजा है. क्यों गाय को काट कर भारत के लिए शुद्ध दूध की क़िल्लत करते हो? गाय को मारना, काटना और दूध ना देने पर बेचना, तस्करी करके विदेश भेजना छोड़िए.अल्लाह ने दूध के लिए बनाया है सिर्फ़ दूध पीजिए, अल्लाह के हुक्म की नफ़रमानी नहीं कीजिये!”
ये देश तमाम मजहबी फसादों के बावजूद अटल अडिग है तो ऐसे ही हिन्दुस्तानियों की वजह से. फैज़ खान, नाजनीन अंसारी, एडवोकेट शिराज कुरैशी जैसे लाखों लोगों के लिए आज भी भारत बेहद “टॉलरेंट” राष्ट्र है. हमारी टीम नवप्रवाह.कॉम ऐसे भारतीयों को सलाम करती है.
PC:Facebook Accounts of Faiz Khan, Nazneen Ansari, & Shiraz Quraishi.
Terrorist Build New Coalition Amid Syrian Army Advancement
पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
महाराष्ट्र के डीजीपी को किसी ने धमकी भरा ख़त भेजा है जिसमें मुबई और पुणे में धमाके करने की बात लिखी है। धमकी भरा खत सामने आने के बाद महाराष्ट्र की पुलिस अलर्ट पर है। ख़त भेजने वालों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पत्र हिन्दी व मराठी में भाषा में लिखा गया है. जिसमें कई जगह ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी लिखा हुआ है.
एजेंसियां अपनी तरफ से पूरी तरह सावधानी बरत रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र के डीजीपी को भेजी गयी इस चिट्ठी में 15 और 16 अगस्त की तारीख़ को पुणे और मुंबई में बम धमाका करने की धमकी दी गई है।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक ADG (ATS) अतुलचंद्र कुलकर्णी ने कहा है कि, ” स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए हमने सिक्योरटी एलर्ट जारी कर दिया है.”
धमकी के बाद स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। मुंबई और पुणे के सभी पुलिस थानों को एहतियात के तौर पर हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी जांच एवं खूफिया एजेंसियां भी सतर्क हो चुकी हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी का राजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर एकबार फ़िर बड़ा खुलासा किया है। सुशील मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यादव परिवार के खनन माफियाओं से नजदीकी संबंध है। खनन माफियाओं ने राबड़ी देवी के 18 में से तीन फ्लैट 1 करोड़ 72 लाख में खरीदे हैं। ये तीन फ्लैट सुभाष यादव ने अपनी तीन अलग खनन कंपनियों के नाम से खरीदे है।
सुशील मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ब्राॅडसन कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक सुभाष यादव ने 6 जून 2017 को मां मरछिया देवी कॉम्पलैक्स में दो फ्लैटों के लिए 52 लाख 76 हजार और 58 लाख का भुगतान किया है और 13 जून 2017 को तीसरे फ्लैट के लिए अपनी पत्नी लालति देवी की कंपनी राधा रमण कंस्ट्रक्शन एंड मार्केटिंग प्रा. लि. के नाम से 61 लाख 82 हजार का भुगतान राबड़ी देवी को किया है।
सुशील मोदी ने कहा कि ये फ्लैट तब खरीदे गये जब लालू प्रसाद की बेनामी सम्पति का खुलासा हुआ है क्योंकि आयकर विभाग इनको जब्त करने वाली थी इसलिए इन्हें बेच दिया गया।
सुशील मोदी ने यह भी आरोप लगाया है कि नोटबन्दी के बाद सुभाष यादव ने भारी मात्रा में 500 और 1000 के नोट बदले थे। उन्होने कहा है कि वो इन कंपनियों की संपत्ति की जांच के लिए इनकम टैक्स को पत्र लिखेंगे और राज्य सरकार भी इनकी जांच करेगी।
मुंबई में बलात्कार के एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए जज ने सीसीटीवी की फुटेज देखकर यह कहते हुए खारिज कर दिया कि फुटेज से यह स्पष्ट होता है कि संबंध दोनों की सहमति के आधार पर बने हैं और पुख्ता प्रमाण हैं कि तथाकथित पीड़िता ने संबंध बनाने की पहल की है।
मामला है मुंबई का जहां एक 19 वर्षीय युवती ने मुंबई के ही एक युवक अरमान प्रेमजी पर बलात्कार का मामला दर्ज करवाया है। यूनिवर्सिटी आॅफ साउथ कैलिफाॅर्निया में पढ़ने वाले अरमान पर यह आरोप एक नाइट क्लब में लगा है। हालांकि कोर्ट ने युवक को तब बरी कर दिया जब नाइट क्लब का एक सीसीटीवी फूटेज सामने आया जिसमें महिला संबंध बनाने के लिए पहल करती हुई नजर आ रही है।
अभियोग पक्ष ने अरमान पर यह कहते हुए रेप का मुकदमा दायर किया है कि युवती शराब के इतने नशे में चूर थी कि वो अपनी सहमति या असहमति जाहिर नहीं कर सकती थी।
वहीं अरमान का कहना था कि लड़की पूरे तरह होश में थी और वो जानती थी कि वो क्या कर रही है।लड़की उसके साथ इंटीमेट होना चाहती थी। लड़की ने खुद उनके गले में हाथ डाला और फिर वह उसको किस करने लगी थी। अरमान के मुताबिक, वह अपने पैरों पर आराम से ना सिर्फ खड़ी थी बल्कि चल-फिर भी पा रही थी।
गुजरात में कांग्रेस बुरी तरह से टूट रही थी, एक-एक कर उसके विधायक लगातार पार्टी छोड़ रहे थे। पार्टी को बचाने के लिए जुटे कांग्रेस आलाकमान ने सभी विधायकों को राज्यसभा चुनाव से पहले बेंगलुरू शिफ्ट किया था। 8 अगस्त को गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु शिफ्ट किए गए कांग्रेसी विधायक आज सुबह अहमदाबाद पहुंच गए हैं। सभी विधायक अहमदाबाद के एक रिसॉर्ट में रहेंगे।।
कांग्रेस के विधायक 29 जुलाई से बेंगलुरु के जिस ईगलटर्न रिसॉर्ट में रूके थे, वह कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार का है। जिन की संपत्ति पर जांच एजेंसियों ने 4 दिन की छापेमारी के बाद 10 करोड़ से ज्यादा की रकम भी बरामद की है। मंगलवार को गुजरात विधानसभा में तीन राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है, जिसके लिए अभी से गहमागहमी तेज हो गयी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के थलतेज आवास पर राज्य के सभी बड़े नेताओं के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी रहा।
कांग्रेस के सभी विधायक इंडिगो की फ्लाइट से आज सुबह अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनकी सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट के बाहर रविवार भारी पुलिसबल की तैनाती थी। विधायकों को अहमदाबाद से लगभग 77 किलोमीटर दूर स्थित आणंद के निजानंद रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे। वोटिंग होने तक कांग्रेसी विधायकों को आलाकमान के निर्देशानुसार यहीं रखा जाएगा।
एसयूवी गाड़ी खरीदने की सोच रहे लोगों को जल्द लग सकता है बड़ा झटका। जीएसटी काउंसिल ने लग्जरी गाड़ियों पर 10 फीसदी सेस बढ़ाने का फ़ैसला किया है। जल्द ही यह सेस 15 फीसदी से बढ़कर 25 पर्सेंट हो जाएगा। जिसके बाद एसयूवी रेंज की गाड़ियों के दाम बढ़ जाएंगे।
फ़िलहाल राहत की बात यह है कि सेस में बढ़ोतरी तुरंत लागू नहीं होगी और इस बढ़ोतरी के लिए सरकार को जीएसटी कॉम्पेंसेशन लॉ में संशोधन करना पड़ेगा। इसलिए अभी गाड़ी खरीदने पर आप इस बढ़ोतरी से बच सकते हैं।
काउंसिल ने जीएसटी लॉ में महंगी गाड़ियों पर सेस की सीमा ऊंची करने के लिए संशोधन को मंजूरी दे दी है। जीएसटी में कारों को सबसे ऊंचे 28 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में जगह दी गयी है। 4 मीटर की लंबाई वाली छोटी पेट्रोल और 1200 सीसी इंजन तक की गाड़ियों पर 1 पर्सेंट सेस लगता है, 1500 सीसी की डीजल गाड़ियों पर 3 पर्सेंट सेस तय है और मिड साइज की बड़ी कारों या एसयूवी पर सेस 15 पर्सेंट है।
मोदी सरकार ब्लैक मनी को भारत वापस लाने की दिशा में किया गया अपना वादा बहुत जल्द ही पूरा कर पायेगी क्योंकि स्विस बैंको में जमा ब्लैकमनी वापस लाने की दिशा में मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है। जी हाँ! स्विस सरकार ने उस पैक्ट का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके तहत वहां जमा होने वाली ब्लैकमनी की जानकारी भारत सरकार को रियल टाइम बेसिस पर मिल सकेगी।
स्विस सरकार ने गजट जारी कर इस पैक्ट की पूरी जानकारी और फैक्ट शीट पब्लिश की है। फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन के ऑटोमेटिक शेयरिंग पैक्ट के बाद स्विस बैंकों के साथ लेन-देन करने वाले भारतीयों की जानकारी सरकार को मिलने लगेगी। इस पैक्ट की मदद से ब्लैकमनी को रोकने में भी मदद मिलेगी। स्विस सरकार ने कहा है कि इस पैक्ट में शामिल होने के लिहाज से भारत सरकार की डाटा सिक्युरिटी और कानून काफी हैं।
भारत की चर्चा करते हुए इस फैक्टशीट में कहा गया है कि भारत ने इन पैक्ट को लागू करने के लिए जरूरी कमिटमेंट दिखाया है। भारत ने अपने घरेलू और टैक्स कानून में कई बदलाव करने के साथ इसके लिए बेहतर माहौल भी तैयार किया है। फैक्टशीट के मुताबिक, एक्सपर्ट पैनल ने डाटा सिक्युरिटी और सीक्रेसी से जुड़े भारत के कानून को बेहतर पाया है।
उल्लेखनीय है कि स्विस सरकार की टॉप गवर्निंग बॉडी स्विस फेडरल काउंसिल ने इस साल जून में ही भारत और 40 दूसरे देशों के साथ हुए ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ फाइनेंशियल अकाउंट इन्फोरमेशन पैक्ट को मंजूरी दी थी।
अमेरिका समेत कई यूरोपी और एशियाई देश भी इस पैक्ट का हिस्सा हैं।
यह पैक्ट 2018 में लागू होना है और 2019 से भारत सरकार को डाटा मिलने लगेगा। गजट नोटिफिकेशन के बाद रियल टाइम डाटा मिलना अब तय हो गया है। इसके तहत भारत को स्विस बैंक खातों में होने वाले ट्रांजेक्शन की रियल टाइम इन्फॉर्मेशन मिलती रहेगी। गजट के फैक्टशीट के मुताबिक, स्विस सरकार भारत के इन्श्योरेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में और ज्यादा पहुँच बढ़ाना चाहती है।
गौरतलब है कि भारत में ब्लैकमनी एक बड़ा मसला रहा है। स्विट्जरलैंड को उन देशों में गिना जाता रहा है जहां भारत की सबसे ज्यादा ब्लैकमनी जमा है। G20, OECD के साथ अन्य ग्लोबल संगठनों के दायरे में टैक्स के मसले पर भारत और स्विस सरकार के बीच लंबी बातचीत के बाद यह पैक्ट सामने आया है।
शराब को समाज में अनेक समस्याओं की जड़ माना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले अलिराजपुर में प्रशासन की पहल पर ऐसा ही किया जा रहा है।
स्वच्छता अभियान के रास्ते में खुले में शौच करना बड़ी बाधा है, इसी पर लोगों को जागरूक करने के लिए शराब की बोतलों पर स्टीकर्स का सहारा लिया जा रहा है। इन स्टीकर्स में लिखा है- ‘जानवर शौचालय का प्रयोग नहीं कर सकते, लेकिन आप तो कर सकते हैं न..’
आबकारी विभाग के आदेश पर देसी-विदेशी शराब के सभी ठेकों पर बोतलों पर ये स्टीकर लगाकर ही बेचा जा रहा है, इन ठेकों के सेल्समैन का कहना है कि क्वार्टर, हॉफ, फुल सभी तरह की बोतलों पर ये स्टीकर लगाए जा रहे हैं।
शराब खरीदने वाले कुछ ग्राहक इस कदम को अच्छा बता रहे हैं तो कुछ इसे गलत मान रहे हैं। एक ग्राहक ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ा ये संदेश तो बहुत अच्छा है लेकिन शराब की बोतल पर तस्वीर के साथ इसे लिखा देखकर ऐसा लगता है कि हम शराब भी साथ ही छोड़ दें।
एक ग्राहक ने कहा कि शराब की बोतल पर इस तरह का स्टीकर लगाना सरासर गलत है, देना भी था तो ऐसी तस्वीर देने की क्या जरूरत थी जिसमें कुत्ते के साथ इंसान को बैठे हुए दिखाया गया है।
आबकारी विभाग ‘रूपालु अलिराजपुर’ नाम के अभियान के तहत स्टीकर्स के जरिए ‘खुले में शौच नहीं करने’ का संदेश दे रहा है। अलीराजपुर में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नागेश्वरी सोन केसरी का कहना है कि अलीराजपुर जिला आदिवासी बाहुल्य और बहुत पिछड़ा जिला है।
अलीराजपुर के कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि आबकारी विभाग के सहयोग से ये अनूठा प्रयोग किया गया है। उद्देश्य सिर्फ इतना है कि लोगों को किसी भी तरह से जागरूक किया जाए।