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21 अगस्त 2017 का सूर्यग्रहण होगा अद्भुत, अविस्मरणीय

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com
21 अगस्त, 2017 को अमेरिका के 48 राज्य सूर्यग्रहण की आगोश में होंगे। उन सभी 48 राज्यों में अंधेरा छा जायेगा। इस दिन सूर्य चंद्रमा से पूरी तरह ढंक जायेगा और ओरेगॉन से साउथ कैरोलिना तक करीब 70 मील के दायरे में फैले राज्यों में सूर्य की रौशनी बिलकुल नहीं मिलेगी। इस सूर्यग्रहण की अवधि महज 2.40 मिनट (दो मिनट 40 सेकेंड) रहेगी। चार दशक बाद होनेवाली यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे अमेरिकी महाद्वीप में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। सूर्यग्रहण की इस खबर से दुनिया भर के खगोलविद रोमांचित हैं। वे 21 अगस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जिन इलाकों में पूर्ण सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा, उस क्षेत्र के लोगों के लिए यह एक अविस्मरणीय घटना बन जायेगी।
PC: American Astronomical Society

99 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब अमेरिका के एक तट से लेकर दूसरे तट तक के 48 राज्यों में पूर्ण सूर्यग्रहण को स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। मेसाचुसेट्स स्थित विलियम्स कॉलेज के खगोलविद जय पासाचॉफ के अनुसार यह एक जबरदस्त अवसर होगा। यह ऐसा अवसर होगा, जब आप अपने आसपास की दुनिया में बदलाव की अनुभूति करेंगे। आपको लगेगा कि आपके आसपास ब्रह्मांड बदल रहा है। पासाचॉफ कहते हैं कि अमेरिका ने 26 फरवरी, 1979 को ऐसे सूर्यग्रहण का नजारा किया था, लेकिन यह वैसा नहीं था, जैसा 21 अगस्त, 2017 को होनेवाला है।

पासाचॉफ ने अब तक 63 पूर्ण सूर्यग्रहण देखे हैं। इस बार भी वह पूर्ण सूर्यग्रहण का नजारा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे सिर्फ मजे लेने के लिए या रिकॉर्ड बनाने के लिए पूर्ण सूर्यग्रहण नहीं देखते। सूर्यग्रहण खगोलविदों को सूर्य के सूक्ष्म बाहरी आवरण, जिसे कोरोना कहते हैं, के बारे में अध्ययन का मौका देता है। इससे कई रहस्यों का खुलासा करने का मौका मिलता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 1776 के बाद यह पहला मौका है, जब पूर्ण सूर्यग्रहण अमेरिका तक ही सीमित रहेगा। खगोलविदों ने इस अद्भुत खगोलीय घटना से वंचित रहनेवाले लोगों से कहा है कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। मैक्सिको और टेक्सास के अलावा मध्य-पश्चिमी और पूर्वोत्तर अमेरिका में वर्ष 2024 में ऐसा ही नजारा देखा जायेगा, जिसका वे आनंद ले सकेंगे। यहां बताना प्रासंगिक होगा कि हर साल चार-पांच सूर्यग्रहण होते हैं, जो आंशिक होते हैं। 18 महीने में एक बार पूर्ण सूर्यग्रहण होता है, लेकिन घनी आबादीवाले क्षेत्रों में ऐसा मौका दशकों में एक बार आता है।

इडाहो, व्योमिंग, नेब्रास्का, कंसास, मिसौरी, इलिनॉय, केंटकी, टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना, इन क्षेत्रों में 1.2 करोड़ लोग ही रहते हैं, लेकिन 22 करोड़ लोग हैं, जो एक दिन में यहां पहुंच सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब भी ऐसे मौके आते हैं, लोग दूर-दूर से यहां पहुंच जाते हैं। खगोलविद कहते हैं कि सौरमंडल की गतिविधियों में दिलचस्पी रखनेवाले लोग 100 फीसदी सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण देखना चाहते हैं। इसलिए उस जगह जाना पसंद करते हैं, जहां से पूर्ण सूर्यग्रहण का नजारा देखा जा सके।

उल्लेखनीय है कि कोरोना टॉप का तापमान 18 लाख डिग्री फारेनहाइट (10 लाख डिग्री सेल्सियस) होता है, जो क्षेत्र को सौर सतह से ज्यादा गर्म बना देता है, जो महज 11,000 डिग्री फारेनहाइट (6,000 डिग्री सेल्सियस) होता है। वैज्ञानिकों को हमेशा इस बात ने परेशान किया है कि कोरोना कैसे इतना गर्म हो जाता है! इस रहस्य का पता लगाने के लिए पासाचॉफ और उनके साथी ‘ग्रेट अमेरिकन इक्लिप्स’ के दौरान महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र करेंगे। उन्होंने कहा कि सूर्यग्रहण के दौरान यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि कैसे कोरोना में ऊर्जा को कैसे इंजेक्ट किया जाता है।

नीतीश के विरोध में शरद यादव ने लगाया ‘जनअदालत’

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
बिहार की राजधानी पटना में आज सियासी गहमागहमी तेज है, नीतीश द्वारा महागठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाने से नाराज पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव पटना में ‘जनअदालत’ लगाने के लिए लोगों के बीच पहुंचे।
राजधानी पटना में शरद यादव एस. के. मेमोरियल हॉल में आहूत ‘जनअदालत’ लगाए हैं, इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, शरद गुट के समर्थकों ने पटना की सड़कों पर पोस्टर लगाए हैं। जिसमें लिखा है ‘जनअदालत का फैसला- महागठबंधन जारी है। शरद गुट की ओर से आयोजित ‘जनअदालत’ के बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता क़े सी़ त्यागी ने कहा कि यह पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
शरद यादव ने एस. के. मेमोरियल हॉल में जनअदालत में बड़ी बातें कही, उन्होंने कहा कि गठबंधन का पांच साल का वादा था। जनता ने हमें अमानत दी थी और घोषणापत्र इमान होता है।
नीतीश कुमार ने पिछले महीने महागठबंधन से नाता तोड़कर बिहार में भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाई, इसके बाद से ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शरद यादव तथा उनके समर्थक पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं।
इस बैठक में यह तय माना जा रहा है कि जद (यू) में दरार पड़ चुकी है और अब जद (यू) में टूट की औपचारिकता शेष है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में अपने सरकारी आवास पर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। जिसमें पार्टी भाजपा की अगुवाई वाले NDA में शामिल होने का न्यौता औपचारिक तौर पर स्वीकार कर सकती है।

सिक्का का इस्तीफा हिला गया बाज़ार!

शिखा पांडेय | Navpravah.com

आज आईटी कंपनी इंफोसिस के एमडी व सीईओ विशाल सिक्का के अचानक इस्तीफे से सरपट चढ़ता स्टॉक मार्केट धड़धड़ा कर गिर पड़ा। लगातार तीन दिनों से स्टॉक मार्केट में जारी तेजी पर धड़ाम से ब्रेक लग गया। इंफोसिस के स्टॉक में 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने बाजार पर खासा दबाव बनाया। इसी कारण से कारोबार के अंत में सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 31,526 अंक पर और निफ्टी 67 अंक लुढ़ककर 9837 अंक पर बंद हुआ।

आज के कारोबार में सेक्टरल इंडेक्स में सिर्फ एफएमसीजी में बढ़त देखने को मिली। वहीं बैंक, ऑटो, आईटी, फार्मा, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली ने मार्केट पर दबाव बनाया। हालांकि कारोबार के आखिरी घंटे में मार्केट में निचले स्तर से खरीददारी दिखी और सेंसेक्स निचले स्तर से 175 अंक सुधरा।

आज के कारोबार में एफएमसीजी को छोड़ सभी सेक्टरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी, आईटी, मेटल, फार्मा शेयरों में बिकवाली हावी रही। निफ्टी के आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो 0.17 फीसदी, मेटल 0.72 फीसदी, बैंक निफ्टी 0.67 फीसदी, रियल्टी 0.80 फीसदी और फार्मा 1.79 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।

बाज़ार में गिरावट के कारण

– सिक्का के इस्तीफे से इन्फोसिस के स्टॉक में जो गिरावट आई है, उस वजह से स्टॉक वेटेज ज्यादा है, इसलिए इस गिरावट का असर मार्केट पर हुआ है।

– गुरुवार को अमेरिकी बाजार तेज गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इसकाअसर भी घरेलू मार्केट पर हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की खराब नीतियों और प्रॉफिट बुकिंग से अमेरिकी बाजार गिरे हैं।

– बार्सिलोना में हुए आतंकी हमले से यूपोपियन मार्केट की कमजोर शुरुआत हुई। इससे भारतीय मार्केट पर दबाव बना।

सि‍क्‍का के इस्तीफे से एनएसई पर स्टॉक में 13.39 की गिरावट हुई। इतनी बड़ी गिरावट से स्टॉक 1 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि निचले स्तर से खरीददारी से कारोबार के अंत में एनएसई पर स्टॉक 9.57 फीसदी गिरकर 923.15 के लेवल पर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली दिखी। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.13 फीसदी, जबकि बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

उल्लेखनीय है कि विशाल की जगह प्रवीण राव को अंतरिम सीईओ-एमडी बनाया गया है। इसके साथ की विशाल सिक्का को कंपनी के एक्जिक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया गया है। सिक्का के इस्तीफे की एक खास बात यह है कि यह इस्तीफा कंपनी की पोर्ड मीटिंग से ठीक एक दिन पहले आया है। इस बोर्ड मीटिंग में इंफोसिस को कंपनी के शेयर्स बायबैक पर अहम फैसला करना था।

सिक्का के इस्तीफे के बाद इंफोसिस ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए बताया कि विशाल सिक्का ने 3 महीने तक कंपनी को अपनी सेवाएं बतौर एक्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन की रजामंदी दी है। इस दौरान इंफोसिस मैनेजमेंट उनकी जगह पर उपयुक्त व्यक्ति की तलाश करेगी। कंपनी की इस प्रेस कॉंफ्रेंस में खुद विशाल सिक्का ने कैलिफॉर्निया से वीडियो लाइव के जरिए शिरकत की।

राष्ट्रपति कोविंद ने दी देश के नौवें राष्ट्रपति को दी श्रद्धांजलि

New Delhi: NDA's presidential nominee Ram Nath Kovind arrives to attend an NDA meeting at Parliament in New Delhi on Friday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI6_23_2017_000151B)

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, देश के नौवें राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा का जन्म भोपाल में 19 अगस्त 1918 में हुआ था।

डॉ. शंकर दयाल शर्मा प्रतिभा के धनी थे, तभी उन्हें देश के सबसे उजली व्यक्तित्व वाले राष्ट्रपतियों में शुमार किया जाता है। उन्होंने अपनी मेहनत से शिक्षा से लेकर राजनीति में एक अलग मुकाम हासिल किया।

राष्ट्रपति बनने से पहले वह देश के उपराष्ट्रपति भी रह चुके थे, स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए शंकर दयाल शार्मा ने कांग्रेस की सदस्यता 1940 में ली।.देश को आजादी मिलने के बाद 1952 में शंकर दयाल शर्मा को भोपाल का मुख्यमंत्री बनाया गया। वो 1956 तक इस पद पर बने रहे।

1960 में शंकर दयाल ने इंदिरा गांधी को कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करने का समर्थन दिया, 1974 से 1977 तक वो इंदिरा सरकार के कैबिनेट में संचार मंत्री रहे।.1971 और 1980 में दो बार भोपाल लोकसभा चुनाव जीतने के बाद शंकर दयाल शर्मा संसद पहुंचे।

1985 से 1986 तक वह पंजाब के राज्यपाल रहे, इसके बाद वो महाराष्ट्र के गवर्नर बने और 26 दिसंबर 1999 को उनका निधन हो गया।

BLITZ शतरंज टूर्नामेंट में आनंद का खराब प्रदर्शन

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

पूर्व विश्व चैंपियन रहे शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। सेंट लुई रैपिड एवं ब्लिट्ज टूर्नामेंट के ब्लिट्ज वर्ग में 9 दौर की समाप्ति के वह संयुक्त आठवें स्थान पर हैं। इस दौरान उन्होंने 7 बाजियां ड्रॉ खेलीं, जबकि दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। आर्मेनिया के लेवोन आरोनियन से बेहतर स्थिति और सर्गेई कार्जाकिन के खिलाफ ड्रॉ कराने की स्थिति में होने के बावजूद उन्हें हार झेलनी पड़ी।

आनंद ने 7 बाजियां ड्रॉ खेलीं। अब उनके केवल 10.5 अंक हैं और अब पोडियम पर पहुंचना उनके लिए नामुमकिन है। आरोनियन ने अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है और वह शीर्ष पर बने हुए हैं। उन्होंने ब्लिट्ज में 9 बाजियों में 6.5 अंक हासिल किए हैं और अब वह अमेरिका के हिकारू नकामुरा से दो अंक आगे हैं। नकामुरा 16.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

ब्लिट्ज में कार्जाकिन ने अच्छा प्रदर्शन किया और नौ में से आठ अंक बनाए। उन्होंने 7 बाजियां जीती और दो ड्रॉ कराईं। लगभग 20 वर्षों तक शतरंज में अपनी बादशाहत रखने वाले गैरी कास्पारोव का वापसी पर खराब प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने आनंद की तरह ब्लिट्ज में अभी तक 9 में से 3.5 अंक बनाए हैं। गौरतलब है कि रैपिड वर्ग में संभावित 18 में से केवल 7 अंक हासिल कर पाने वाले आनंद को ब्लिट्ज टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन की दरकार थी, लेकिन वह फॉर्म में नहीं दिखे।

अखिलेश यादव पर CM योगी का हमला

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से करीब 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी, जिसके बाद योगी सरकार पर कई सवाल उठे,  इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इंसेफ्लाइटिस से रोकथाम से जागरूकता के लिए जिले में सफाई के विशेष अभियान के लिए आज गोरखपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विशेष सफाई अभियान और जागरूकता अभियान की शुरुआत की और एक कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विशेष अभियान के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दलित बस्ती में झाड़ू लगायी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी का पूरा ध्यान इंसेफ्लाइटिस पर केन्द्रित रहा, उन्होंने कहा कि, इंसेफ्लाइटिस के लिए दो बातें बहुत जरुरी हैं, पहली सफाई, दूसरा शुद्ध पेय जल, इंसेफ्लाइटिस रोकने के लिए स्वच्छता बहुत जरुरी है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने इंसेफ्लाईटिस के लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि, पूर्व में मैंने सरकारों को बोला अगर इन्सेफलिटिस को रोकना है तो सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करनी होगी, लेकिन कोई व्यवस्था नही की गयी थी।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे इंसेफ्लाइटिस के लिए होने वाले टीकाकरण पर बात करते हुए कहा कि, 38 जिलों में 93 लाख बच्चों का टीकारण किया गया है। पिछले 4 महीनों यूपी में ODP का रिकॉर्ड अच्छा रहा, BRD में हुई मौतों के लिए पिछली सरकार को मुख्यमंत्री योगी ने दोषी ठहराया।

“गोवा में पर्रिकर को उपचुनाव हारना चाहिए” : शिवसेना

एनपी न्यूज़ डेस्क |  Navpravah.com
शिवसेना ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर प्रधानमंत्री के अपमान का आरोप लगाते हुए आगामी विधानसभा उपचुनाव में उनकी हार की ‘प्रार्थना’ की है। इससे पहले गोवा में एक चर्च द्वारा संचालित पत्रिका में 23 अगस्त को होने वाले उपचुनाव में पर्रिकर के खिलाफ मतदान करने की अपील की गई है।
शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ और ‘दोपहर का सामना’ में संपादकीय लिखा है कि कहा प्रधानमंत्री ने पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री के स्थान से बढ़ाकर रक्षा मंत्री का स्थान दिया। वहां वह बुरी तरह नाकाम रहे जिसके बाद उन्हें फिर से राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भेजा गया।
अब वह धमकी देते फिर रहे हैं कि अगर वह उपचुनाव हार भी जाते हैं तो फिर से केंद्र में रक्षा मंत्री बन जाएंगे।
पार्टी ने कहा है कि पर्रिकर का ऐसा कहना गोवा के मुख्यमंत्री के पद को कूड़ाकरकट बना देना है। साथ ही देश के रक्षा मंत्री के पद की भी तौहीन है।
शिवसेना ने कहा ऐसे गैर जिम्मेदाराना और बचकाने बयानों से पर्रिकर ने मोदी का अपमान किया है। जिन्होंने पहले उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पदोन्नत किया, फिर पिछले साल गोवा विधानसभा चुनाव में भाजपा के बहुमत हासिल करने में नाकाम रहने के बाद उन्हें गोवा के नेतृत्व की कमान सौंप दी।
शिवसेना ने कहा पर्रिकर बुद्धिमान मतदाताओं को इतने हल्के में लेकर और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा न रखते हुए राज्य को अपनी निजी बपौती समझकर पहले से ही अपनी बाजी हार चुके हैं। ऐसे हालात में पर्रिकर को गोवा विधानसभा उपचुनाव हार जाना चाहिए।

“एक आतंकवादी को मारेंगे तो 10 खड़े हो जाएंगे” :मीरवाइज

एनपी न्यूज़ डेस्क |  Navpravah.com
अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान कश्मीरियों की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं होगा तब तक एक आतंकवादी को मारने से 10 और आतंकवादी पैदा होंगे।
ओल्ड सिटी के जामिया मस्जिद में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही, मीरवाइज ने कहा, ‘आक्रामकता और दमन कभी मुद्दों को हल नहीं कर सकते, बल्कि केवल उन्हें बढ़ाते हैं।’
अलगाववादी नेता ने कहा कि एक आतंकवादी को मारेंगे तो 10 खड़े हो जाएंगे। उन्हें (आतंकवादियों) को मारना कोई हल नहीं है, जैसा कि उनकी अंत्येष्टियों में उमड़ने वाली भीड़ से जाहिर है।
मीरवाइज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी राजनीतिक समस्या के अंतिम समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, केवल इससे ही उनकी तकलीफें खत्म होंगी, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान संभव है। बशर्ते तथ्यों को ‘करुणा, मानवता और पारस्परिक सम्मान’ के साथ स्वीकार करने की इच्छा हो।
मीरवाइज छह सप्ताह से घर में नजरबंद थे, छह सप्ताह बाद नजरबंद मीरवाइज पर से अधिकारियों ने प्रतिबंध हटा दिया, जिसके बाद उन्होंने जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज अदा की और लोगों को संबोधित किया।

गोरखपुर में आज राहुल गाँधी

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से करीब 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी, जिसके बाद मामले में योगी सरकार की काफी किरकिरी भी हुई थी। आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गाँधी गोरखपुर जिले का दौरा करेंगे।
आज राहुल गाँधी अपने दौरे के तहत 12 बजे गोरखपुर पहुंचेंगे, जहाँ वे पीड़ित परिजनों से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही राहुल गाँधी बाघागाढ़ा, मलवा, बसौली खुर्द, बांसगांव, खुटहन,
खजनी, जंगल एकाल गांव में मृतकों के घर जाकर परिजनों से भी मिलेंगे, इस दौरान कांग्रेस यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद भी राहुल गाँधी के साथ मौजूद रहेंगे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा जिंदगी की कीमत को नहीं जानते, न मौत के बाद पसरे मातम को ही पहचानते हैं, 69 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया था। ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन गुरुवार से ही ठप कर दी थी, लेकिन इन पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

डोकलाम पर भारत का समर्थन करने पर जापान से चिढ़ा चीन

japan's statement on doklam issue

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

डोकलाम विवाद पर जापान ने भारतीय सेना की तैनाती को सही ठहराते खुलकर भारत का समर्थन किया, जो चीन को रास नहीं आया। चीन ने जापान को फटकार लगाते हुए कहा कि वह चीन, भारत सीमा विवाद पर ‘बिना सोचे-समझे’ बयानबाजी करने से बाज आए। चीन ने कहा कि यदि वह इस मुद्दे पर भारत का समर्थन करना चाहता है, ऐसी स्थिति में भी वह इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से बचे।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि हमें पता चला है कि भारत में जापान के राजदूत इस विवाद पर भारत का समर्थन करना चाहते हैं, उन्हें याद दिलाना चाहती हूं कि वह संबद्ध तथ्यों को स्पष्टता से समझे बिना इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।
जापान के राजदूत हिरामात्सू ने कहा है कि डोकलाम विवादित क्षेत्र है और किसी भी देश को ताकत के बल पर इसकी यथास्थिति में बदलाव नहीं करना चाहिए सीमा निर्धारित की गई है और इसे दोनों पक्षों ने स्वीकार किया है।

चुनयिंग ने भारत से तत्काल प्रभाव से अपनी सेनाएं डोकलाम से हटाने को कहा है, इस क्षेत्र में जून से ही भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि इस संकट के समाधान हेतु संवाद के लिए भारत को बिना शर्त अपनी सेनाएं हटानी होंगी।

भारत में जापान के एम्बेसडर केनजी हिरामात्सु ने इस संबंध में जानकारी दी, केनजी हिरामात्सु ने कहा कि हम मानते हैं कि डोकलाम चीन और भूटान के बीच विवादित क्षेत्र है, दोनों देश इसपर बातचीत कर रहे हैं। आगे कहा कि हम ये भी समझते हैं कि भारत की भूटान के साथ एक ट्रीटी है। इसी कारण भारतीय सैनिक इलाके में मौजूद हैं। गौरतलब है कि जापान पहला देश है, जिसने डोकलाम विवाद पर खुलकर भारत का समर्थन किया है।