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Saturday, August 15, 2026
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फ़िल्मी हस्तियाँ बारिश में फंसी, लगाईं मदद की गुहार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भारी बारिश के चलते मुंबई में जीवन यापन एकदम मुश्किल हो गया है. सड़कों घरों में पानी का स्तर बढ़ रहा है ऐसे में न तो कोई कहीं आ जा सकता है और न ही घरों में ही रुक सकता है.

आम जनजीवन के साथ फ़िल्म जगत के लोग भी इस समस्या से काफी परेशान दिखे. मशहूर एक्टर अनुपम खेर जब बाढ़ में फंस गए तो उन्होंने अपने एक परिचित से मदद कि गुहार लगे. यही हाल अधिकतर लोगों का है.

अभिषेक बच्चन, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, महेश भट्ट, माधवन जैसी फ़िल्मी हस्तियों ने भी अपनी समस्या बताई. किसी ने मुंबई वासियों के प्रति सहानुभूति प्रकट की तो किसी ने चिंता.

वेटरन फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार ने भी अपने ट्विटर के माध्यम से बारिश के बारे में विचार व्यक्त किये हैं. देखिये किसने क्या कहा:

 

निताशा बनीं देश कि पहली ‘ट्रांस(जेंडर) क्वीन’

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भारत में पहली बार मिस ट्रांस्क्वीन २०१७ का आयोजन किया गया है जिसमें निताशा ने ट्रांस क्वीन का खिताब जीता है. ये अपनी तरह का पहला ऐसा आयोजन है. जिसे २६ वर्षीय निताशा ने जीता है.

निताशा कोल्कता कि रहने वाली हैं. कोलकाता में निताशा बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री कि पढ़ाई कर रही हैं.

गुरुग्राम में हुए इस आयोजन में लगभग १५०० लड़कियों के बीच में से निताशा को चुना गया है. जिनमें से १६ लड़कियों को कांटेस्ट के लिए चयनित किया गया था. मणिपुर कि रहने वाली लोइलोई इसकी प्रथम रनर अप रहीं. वहीँ तमिलनाडु की रागस्य दूसरी रनर अप रहीं.

गत २७ अगस्त को आयोजित इस ब्यूटी कॉन्टेस्ट में १६ लड़कियों ने अलग अलग राज्यों को रिप्रेजेंट किया था. प्रतियोगिता में रैंप वाक करना था. बतौर जज ८ लोग इस प्रतियोगिता को परख रहे थे.

कॉन्टेस्ट की विजेता निताशा को मिस इंटरनेशनल क्वीन कॉन्टेस्ट के लिए थाईलैंड भेजा जाएगा. पहली रनर अप को आस्ट्रेलिया में मिस ट्रांसेक्सुअल प्रतियोगिता में भाग लिए भेजा जायेगा.

भारत में ट्रांसजेंडर्स को लेकर अपने तरह का ऐसा कोई पहला आयोजन किया गया है.

मुंबई की बारिश: ‘लारा दत्ता पर भड़के पति महेश भूपति’

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

मुंबई की मूसलाधार बारिश और बढ़ते हुए जलस्तर ने जहाँ एक ओर आम जनजीवन में परेशानियां बढ़ा रखी हैं वहीँ दूसरी ओर सोशल मीडिया पर पत्नियां पतियों को नाराज करने में जुटी हुई हैं.

फेमस सिने एक्ट्रेस लारा दत्ता जो कि स्टार टेनिस प्लेयर महेश भूपति की पत्नी हैं, उन्होंने मंगलवार कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया जिससे पति महेश भूपति ने अपना रोष व्यक्त किया है.

दरअसल लारा दत्ता ने घर में घुसते हुए बारिश के पानी को रोकने के लिए महेश भूपति के टेनिस मैचेस के तौलिये इस्तेमाल किये. इतना ही नहीं उन्होंने ट्वीट में तस्वीर पोस्ट करते हुए एक फनी नोट भी लिखा.

लारा ने ट्वीट किया, “तुम्हारे विंबलडन, अमेरिकी ओपन, ऑस्‍ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के तौलियों का अच्छा उपयोग हो रहा है महेश भूपति. मुमकिन हो तो मुंबई के लोग घरों में ही रहें और सुरक्षित रहें.”

लारा के इस ट्वीट पर महेश भूपति भड़क गए और उन्होंने रिप्लाई भी किया कि, “”क्या आप मजाक कर रही हो. यह सालों की मेहनत है.”

 

चिंकारा मामले में सलमान खान के खिलाफ सुनवाई आज

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

फिल्‍म अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जोधपुर के चिंकारा शिकार मामले में सुनवाई आज होगी। इस मामले से जुड़े अवैध हथियार रखने के केस में आज जोधपुर की अदालत फैसला सुनाएगी। इससे पहले सुनवाई 22 अगस्‍त को हुई थी, जिसमें काला हिरण शिकार मामले में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश एक प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। वन अधिकारी ललित बोडा ने अभियोजन पक्ष के जरिये प्रार्थना पत्र पेश कर सलमान के खिलाफ कारवाई की मांग की थी।

इस मामले में आखिरी बहस 22 अगस्त को ही शुरू होनी थी, लेकिन वन अधिकारी ललित बोडा के एक आवेदन पर आदेश आना बाकी है। जिसके चलते अंतिम बहस शुरू होने में देर हुई। कोर्ट में यह आवेदन लंबित है, जिसे आखिरी बहस शुरू होने से पहले निस्तारित करना होगा। इसमें बोडा ने आरोप लगाया है कि फिल्म अभिनेता सलमान खान ने कोर्ट को गुमराह करते हुए हाज़िर न रहने पर माफ़ी ली थी। सीजेएम कोर्ट ने बोडा के आवेदन पर बहस के लिए ही बुधवार का दिन मुकर्रर किया है और शिकार मामले में अंतिम बहस के लिए 1 सितम्बर की तारीख तय की गई है

क्या है पूरा मामला-

तत्कालीन वन अधिकारी ललित बोडा ने अभियोजन पक्ष के जरिए एक आवेदन पेश किया था, जिसमें सलमान खान के विरुद्ध कारवाई की मांग की गई थी। आवेदन में बताया गया कि सलमान को व्यक्तिगत रूप से तलब करने के बावजूद वे कान में दर्द का बहाना कर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जबकि उसी दिन सलमान जम्मू कश्मीर में फिल्म बजरंगी भाईजान की शूटिंग कर रहे थे। ऐसे में उन्होंने कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया था।

गौरतलब है कि सलमान के खिलाफ जोधपुर जिले के लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव की सरहद में 1 और 2 अक्टूबर 1998 की रात में दो काले हिरणों का शिकार करने और आर्म्स ऐक्ट के तहत मामाल दर्ज किया गया था। सलमान पर एक्सपायर हो चुके लाइसेंस के साथ हथियार रखने और इस्तेमाल करने के आरोप में आर्म्स ऐक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में सलमान खान के अलावा सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे और तब्बू पर भी शिकार का आरोप है।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में फिर से 42बच्चों की मौत

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

गोरखपुर में बच्चों की मौत के एक सदमे से देश बाहर निकल ही नहीं पा रहा था कि पिछले 48 घंटों 42 और बच्चों की मौत की खबर आ रही है. गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में ये घटना घटी है.

जनसत्ता में प्रकाशित खबर के अनुसार मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) पीके शुक्ल ने इन मौतों की पुष्टि की है. लेकिन उनका कहना है कि जापानी इंसेफलाइटिस से 27 और 28 अगस्त को केवल सात बच्चों की मौत हुई और बाकी बच्चों की मौत दूसरी बीमारियों से हुई है.

गौरतलब है कि 10 और 11 अगस्त को इसी अस्पताल में 35 बच्चों की मौत हुई थी.बच्चों की मौत का सिलसिला कब थमेगा ये या तो ऊपर वाला बता सकता है या नीचे भगवान् के रूप में माने जाने वाले डॉक्टर साहब लोग. क्योंकि

पिछली घटना के मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव कि अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित कि थी. जो रिपोर्ट सौपेंगिस. लेकिन वर्तमान कि ये घटना प्रशासन और सरकार की क्षमता को संदेह के घेरे में ला खड़ा करती है. फिलहाल घटना के सम्बन्ध में सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

 

कलयुग के ‘भक्त’ और ‘भगवान’ (भाग-1)

जटाशंकर पाण्डेय | Navpravah.com

सम्पूर्ण विश्व में भगवान का स्थान सर्वोपरि है। ईश्वर को सर्व समर्थ माना गया है, चाहे वह भगवन के रूप में हों, अल्लाह के रूप में हों या गॉड के रूप में।। राम,कृष्ण, क्राईस्ट, मुहम्मद,महावीर, बुद्ध, नानक आदि उसी सर्व शक्तिमान परमात्मा के अलग-अलग रूप हैं। भगवान, अल्लाह और गॉड ऐसा शब्द हैं, जो निराकार हैं। इस निराकार स्वरूप को समझना सामान्य मानव के वश में नहीं है। उसे साकार रूप की जरूरत होती है, इसलिए साकार रूप में राम, कृष्ण, पैगंबर, ईसा आये, लेकिन खुद ये सब भी किसी न किसी एक परम् शक्ति को मानते थे। रामायण, गीता, वेद, पुराण, कुरान, बाइबल में इसका उल्लेख है कि ये सभी साकार पूजनीय देव किसी न किसी परमशक्ति को मानते थे।

भगवान राम,कृष्ण राजाओं के यहाँ जन्मे थे और राज पाठ संभालते हुए इन लोगों ने अपने भक्तों या अनुयायिओं के बीच भगवान का दर्जा प्राप्त किया और सदियों पूर्व से आज तक पूज्यनीय हैं और सदा रहेंगे। महावीर स्वामी और भगवान बुद्ध भी राजकुमार थे। राजाओं के यहाँ पैदा हुए और बचपन पूर्ण रूप से राज सुख में बिताया। आगे चल कर कहीं न कहीं जीवन मे किसी मोड़ पर इनका उस परम सत्य से साक्षात्कार हुआ और इन लोगों ने अपना राज पाठ छोड़ कर सांसारिक सुखों से सन्यास ले लिया और जगत के कल्याण के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया।सांसारिक जीवन जीते हुए ही पैगम्बर मुहम्मद को भी आत्मज्ञान हुआ। इसी तरह की कुछ कथा इसामसीह के बारे में भी प्रचलित है। ये सारी कथाएं जिन लोगों ने सुनी हैं, जो इन साकार देवों को मानते हैं, उन्हें इन साकार स्वरूपों का अनुयायी कहते हैं। बहुत लोग इनको या इनके विचारों को मानते नहीं हैं, लेकिन इनके विरोधी भी नहीं होते हैं। इसलिए ये अधार्मिक नहीं हैं, मात्र उस मत से इनका कुछ लेना देना नहीं होता है।

ये कथाएं लाखों करोड़ों वर्ष पुरानी हैं। उस समय में बड़े बड़े ऋषि महर्षि भी होते थे। मुनि, तपस्वी, साईं, साधु आदि होते थे, जिनका कार्य क्षेत्र मात्र मानव कल्याण होता था। ये लोग बचपन से वैराग्य का जीवन जीते,परिवार और समाज से अलग रह कर भगवद भक्ति,प्राणायाम ध्यान आदि के द्वारा अपनी दैवीय शक्तियों को जगाते थे और इन शक्तियों का उपयोग खुद के तथा मानव उत्थान के लिए करते थे। ऐसा कहा जाता है कि महात्मा बुद्ध के साथ उनके 10000 शिष्य(अनुयायी)उनके पीछे चलते थे। जब बुद्ध ध्यान के लिए बैठते थे, तो वहाँ पक्षियों का कलरव भी शांत हो जाता था और इन दस हजार आत्माओं की सांसें एक स्वर लय में बद्ध हो कर परमात्मा में लीन हो जाती थीं। कल्पना कीजिये  कि कितना अद्भुत होता होगा वह दृश्य और उस जगह का वातावरण।

अब ज़रा आज के, कलयुग के ‘भगवान’, डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक, संत शिरोमणि बाबा राम रहीम के ‘दिव्य’ स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करें। इनको एक साध्वी से बलात्कार के मामले में कोर्ट द्वारा 20 साल की सज़ा सुनाई गई है। इनके लाखों ‘भक्त’ अपने ‘भगवान’ द्वारा किये गए प्रशंसनीय कार्य को सही साबित करने के लिए पंजाब, हरियाणा,  दिल्ली के प्रशासन, पुलिस बल, सेना को ठेंगा दिखाते हुए इन प्रान्तों के कई जिलों में तोड़-फोड़, आगजनी, मार-काट मचाए हुए हैं। इस उत्पात में कल तक 38 लोग मर चुके हैं और कई सौ लोग घायल हैं। राज्य प्रशासन, सेना , केंद्र सरकार सब अंगूठे के बल खड़े हैं

एक उस ज़माने के मुनि थे ‘मुनि विश्वामित्र’, जिनके श्राप से इंद्रासन तक हिल जाता था और आज के एक ‘महात्मा’ हैं बाबा राम रहीम, जिन्होंने श्राप दिया, तो पूरे पंजाब-हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश का प्रशाशन हिल गया। राम,कृष्ण, महावीर, बुद्ध,जीसस,मुहम्मद पैगंबर, इन लोगों ने स्वर्ग की, वैकुण्ठ की, इन सब जगहों की चर्चाएं अपने भक्तों से कीं और त्याग,तप, ध्यान, योग आदि के माध्यम से वहाँ जाने की तरकीब बताई। दूसरी ओर आज के युग के बाबा राम रहीम, संत श्री श्री 1008 आशाराम बापू ,श्री श्री 1008 माता राधे माँ आदि मातृ पितृ जनों ने अपने तपस्या के बल पर स्वर्ग ही को धरती पर बुला कर अपने भक्तों को गिफ्ट दे दिया और तमाम बेगुनाहों को सीधा स्वर्ग पहुंचा दिया, तमाम बसे बसाए घरों को श्मशान बना दिया, तमाम लोगों की संपत्ति की अग्नि देव को आहुति दे डाली। सोचिये, एक तब के महर्षि थे दधीचि, जिन्होंने राक्षसों का अंत करने को अपने शरीर की हड्डियां इंद्र को दे दी थीं और एक हैं कलि युग के ये महात्मा। बलात्कारी राम रहीम को कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने पर, अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बलात्कार के आरोपी आशाराम ने कहा कि मुझे और राम रहीम को बाबा रामदेव ने फंसवाया है, ताकि हमारा प्रोडक्ट बाजार में बंद हो जाए और रामदेव का प्रोडक्ट धड़ल्ले के साथ बिके। ये संत हैं या उद्योगपति? इनका उद्देश्य समाज सेवा है या व्यापार, जो ये व्यापारी बन प्रतिद्वंद्व में जुटे हैं!

शिमला गैंगरेप केस: “सीबीआई ने आईजी समेत 8 पुलिसवालों को किया गिरफ़्तार”

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

शिमला में गैंगरेप की घटना के बाद पूरा देश स्तब्ध रह गया था। मामला सीबीआई के पाले में पहुँचा तो कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने पुलिस विभाग के आईजी समेत 8 अन्य पुलिस कर्मियों को गिरफ़्तार कर लिया है।

पुलिस पर रेप के मुख्य आरोपियों की जगह अन्य लोगों को अरेस्ट करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही इस केस के प्रति ढुलमुल रवैया अख्तियार करने का आरोप भी है।

दरअसल गत 4 अगस्त को शिमला के कोटखाई क्षेत्र में दसवीं क्लास की बालिका अचानक गायब हो गई। दो दिन बाद बालिका का शव जंगल से मिला। जांच में ये पता चला कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में गाला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया था।

सीबीआई ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कुछ रसूखदार प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए सेव बाग से कुछ अन्य लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था। मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।

पुलिस ने जिन चार अन्य लोगों को गिरफ्त में लिया था उसमें से एक कि मौत तो थाने में ही हो गई। मामला इतना गंभीर था कि हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई केस की सघन छानबीन कर रही है जिसके तहत ये गिरफ्तारियां की गई हैं।

10 महीने से हैं कोमा में हेरा फेरी डायरेक्टर नीरज वोरा

एंटरटेनमेंट डेस्क |Navpravah.com

फ़िल्म अभिनेता और निर्माता नीरज वोरा गत 10 महीनों से कोमा की स्थिति में हैं। जनसत्ता की खबर के अनुसार नीरज को हार्ट अटैक आया था और फिर ब्रेन स्ट्रोक हो गया जिसकी वजह से वो कोमा में चले गए। पिछले वर्ष 19 अक्टूबर को यह घटना नीरज के साथ घाटी जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

खबर के मुताबिक बाद में नीरज को उनके दोस्त फिरोज नाडियाडवाला के घर बरक़त विला में शिफ्ट कर दिया गया था।जहां उनकी हालत को ध्यान में रखते हुए नीरज के कमरे को आईसीयू में तब्दील कर दिया गया है।
उनकी देखभाल एक कुक, वार्ड बॉय, और नर्स करती हैं।साथ ही उनकी देखरेख और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए समय समय पर विभिन्न प्रकार के रोगों के डॉक्टरों का आना जाना लगा रहता है।

पता चला है कि नीरज ने भी अब स्वस्थ होने के संकेत देते हैं। जल्द ही वो पूर्णतया स्वस्थ हो जाएंगे ऐसी उम्मीद और प्रयास किये जा रहे हैं।

नीरज वोरा फिल्मी दुनिया का जाना माना नाम हैं। उन्होंने मन ,बादशाह जैसी फिल्मों में बतौर अभिनेता काम किया है। साथ ही हेरा फेरी, चाची 420 जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया है। नीरज ने रंगीला, अकेले हम अकेले तुम, चोरी चोरी चुपके चुपके जैसी फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा था। खबरों के अनुसार नीरज की पत्नी का देहांत हो चुका है और उनकी कोई संतान भी नहीं है।

बाबा रामपाल दो आपराधिक मामलों में बरी, हत्या का फैसला आना बाकी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

हिसार न्यायालय ने संत रामपाल को दो आपराधिक मामलों में आज बरी कर दिया है. हालांकि बाबा के खिलाफ हत्या के मुक़दमे का फैसला आना अभी बाकी है. न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है:

मीडिया से बात करते हुए रामपाल के वकील एपी सिंह ने बताया कि, ‘बाबा के खिलाफ आपराधिक मामले फर्जी पाए गये हैं और ये फैसला सत्य कि जीत है.”

गत 17 जनवरी 2014 को रामपाल और उनके अनुयाइयों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 186, 332, 353 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था.

18 नवम्बर 2014 को एक अन्य केस में बाबा और उनके 40 अन्य अनुयाइयों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 147, 149, 188, 342 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

67 वर्षीय बाबा रामपाल के विरुद्ध रोहतक के एक गाँव में खुलेआम फायरिंग करने का भी आरोप था जिसमें तीन लोग मारे गये थे.

हाल ही में 310 दिन कि मशक्कत के बाद संत रामपाल को उनके कैम्पस से गिरफ्तार किया गया था जिसमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी साथ ही ये खबरें आ रही थीं कि बाबा के कैम्पस में कई अनुयाइयों को जबरन बंधक बनाया गया है. रामपाल के अनुयाइयों ने अंदर से सुरक्षा कर्मियों पर पत्थर, पेट्रोल बम, और एसिड से बने हथियारों से वार किया था. बाबा का ये सतलोक आश्रम बाढ़ एकड़ में विस्तृत है. हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने से बच रहे बाबा रामपाल को कड़े संघर्ष के बाद गिरफ्तार किया गया था.

अब मंगल ग्रह को फाड़कर भीतर घुसेगा नासा !

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अपने अगले मिशन में नासा मंगल ग्रह को फाड़कर अंदर घुसने कि तैयारी में है. जी हाँ! अगले वर्ष नेशनल ऐरोनौतिक्स स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) द्वारा लॉन्च किये जाने वाले मार्स मिशन में यही प्रयास होगा कि मंगल ग्रह कि सतह के भीतर जाकर लाल ग्रह के रहस्यों की पड़ताल की जाये.

इस मिशन का उद्देश्य मंगल और पृथ्वी पर चट्टानों के निर्माण पर गहन जानकारी प्राप्त करना है. वैज्ञानिकों का मानना है कि गत तीन बिलियन वर्षों में पृथ्वी कि अपेक्षा मंगल ग्रह की भीतरी सतह में बड़ा मंथन हुआ हाउ. जिससे भौगोलिक बनावट में काफी परिवर्तन हुआ है. हमें पृथ्वी के सम्बन्ध में इससे जुड़ी जानकारियां प्राप्त होंगी.

मिशन के दौरान एक स्टेशनरी लैंडर लाल ग्रह के इक्वेटर पर रखा जायेगा जिसमें पेपर फैन की तरह फोल्ड हो सकने वाले दो सोलर पैनल्स फिट होंगे. ये लैंडर ६ मीटर चौड़ा होगा. लैंडिंग के कुछ ही हफ़्तों में लैंडर के दो रोबोटिक बाजू सतह पर पकड़ बना लेंगे.

इन बाजुओं में दो उपकरण फिट होंगे जो मंगल में भूकम्प की क्षमता का आंकलन करेंगे. दूसरा उपकरण एक हथौड़े की तरह सतह के लगभग तीन मीटर भीतर तक प्रवेश करेगा और अंदर से आने वाली ऊर्जा का आंकलन करेगा. नासा का यह मिशन 2016 में ही लॉन्च होना था लेकिन कंटेनर्स में लीकेज के चलते इसे आगे बढ़ाना पड़ गया था.