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Saturday, August 15, 2026
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नहीं शांत हुई है क्वीन कंगना के दिल की आग, अब भी ऋतिक से सार्वजनिक माफ़ी की मांग

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अभिनेत्री कंगना रनौत और अभिनेता ऋतिक रोशन के बीच का विवाद बस ऊपर से शांत भले दिखाई दे रहा है, लेकिन कोयले के भीतर आग अभी बाकी है। ये आग सुलगती दिखाई दी रजत शर्मा के प्राइम टाइम शो ‘आप की अदालत’ में,जहां कंगना रनौत ने ऋतिक से जुड़े कई अन्य दावे और खुलासे किए व कहा कि ऋतिक को अपनी शर्मनाक हरकत के लिए उनसे सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगनी चाहिए।

कहा जाता है कि फिल्म ‘काइट्स’ में एक दूरे के करीब आये इन दोनों स्टार्स के बीच  ‘क्रिश 3’ के दौरान नजदीकियां काफी बढ़ गई और  बॉलीवुड के बाहर और अंदर दोनों पर काफी गॉसिप्स भी बनीं। इन गॉसिप्स को ऋतिक ने एक सिरे से खारिज कर दिया और इन सभी ख़बरों को सिर्फ और सिर्फ अफवाह बताया। कंगना व ऋतिक दोनों ने अपनी अपनी ओर से पब्लिकली काफी उठापटक की और काफी समय से झगड़ा शांत भी दिखा लेकिन रजत शर्मा के शो में कंगना ने साफ कर दिया है कि झगड़ा अभी शांत नहीं हुआ। ये झगड़ा तभी शांत होगा, जब ऋतिक उनसे माफ़ी मांगेंगे।

3 नेशनल अवार्ड्स जीत चुकीं कंगना इस टीवी शो पर मेहमान बनकर आयी थीं। इस दौरान उन्होंने टेलीविजन पर पहली बार अपने दिल की भड़ास खुलकर निकाली। इस शो पर कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री के भी कई बड़े राज खोले। कंगना ने आदित्य पंचोली, ऋतिक रोशन और करण जौहर पर ऐसी बातें कही हैं, जो पहले किसी मंच से नहीं कहीं।

ऋतिक पर निशाना साधते हुए कंगना ने कहा, “इतनी बेइज्जती मैंने सही है, जिसका कोई हिसाब नहीं है। रात भर मैं रोती थी, मुझे नींद नहीं आती थी। मुझे स्ट्रेस हुआ, ट्रॉमा हुआ, मेंटल ट्रॉमा हुआ, इमोशनल ट्रॉमा हुआ। मेरे नाम पर ऋतिक ने ऐसे घटिया, वाहियात मेल रिलीज किये हैं, जिसे आज भी लोग गूगल करके पढ़ते हैं और मज़े लेते हैं। इस बदतमीजी के लिए उसे मुझसे माफ़ी मांगनी चाहिए।” कंगना ने आगे कहा,”आप उसे ‘आप की अदालत’ में बुलाइए, उससे एक-एक सवाल पूछिए, क्योंकि मैंने नोटिस नहीं भेजा था।”

वैसे तो खबरें आयी थीं कि कंगना और ऋतिक ‘आशिकी 3’ में भी साथ काम करेंगे, लेकिन कुछ ही समय में सब कुछ बदल गया। दोनों के संबंधों में अब इतनी खटास आ गयी कि फिल्म में साथ काम करना तो दूर, दोनों एक दूसरे की शक्ल देखने के लिए भी राज़ी नहीं। दोनों एक-दूसरे पर खुलेआम आरोप लगाने का एक मौका नहीं चूकते। यही नहीं, ऐसी भी खबरें थीं कि दोनों ने एक दूसरे को कानूनी नोटिस तक भेजे। कंगना के इन बेबाक खुलासों को आप ‘आप की अदालत’ में इस शनिवार, 2 सितंबर, रात 10 बजे, रजत शर्मा के साथ इंडिया टीवी पर देख सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘सिमरन’ 15 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिपोर्ट्स की मानें, तो फिल्म की कहानी एक पंजाबी लड़की संदीप कौर की असल जिंदगी से प्रेरित है। संदीप कौर फिलहाल अमेरिका की जेल में बंद हैं। संदीप कौर पर बैंक से चोरी करने का आरोप है। जुए में बुरी तरह से हारने के बाद कर्ज में डूबी संदीप कौर ने डकैती का सहारा लिया था।

सुनंदा पुष्कर केस: ‘हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार’

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने आज पुलिस से दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से बेहद सख्ती से पूछा है कि आखिर इतने सालों में भी चार्जशीट, क्लोज़र रिपोर्ट फाइल न कर पाने का क्या कारण है।

जस्टिस जीएस सिस्तानी और जस्टिस चन्दर शेखर की युगल पीठ ने ये आदेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन द्वारा ये कहे जाने के बाद दिया कि न्यायालय अब तक की जांच में कहां तक प्रगति हुई है ये देख सकती है। सॉलिसिटर जनरल ने ये भी दलील दी कि पुलिस की तरफ से इन्वेस्टिगेशन में कोई देरी नहीं की गई है बल्कि जो देरी हो रही है वो साइंटिफिक रिपोर्टस के देरी से आने के कारण हुई है।

मामले को सुनते हुए पीठ ने कहा कि इन्वेस्टिगेशन की देखरेख करना उचित नहीं होता लेकिन आज यह जानना बेहद जरूरी है कि जांच कहाँ तक पहुंची है।

कोर्ट ने कहा कि ये केस 2014 से चल रहा है और अब 2017 है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई भी परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। ऐसे तो ये मामला अनंत काल तक चलेगा। हमें रिपोर्ट देखने कोई हर्ज नहीं है लेकिन केस की मोनिटरिंग कोर्ट द्वारा करना उचित नहीं है।

बता दें कि जनवरी 17, 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में शशि थरूर की पत्नी सुनन्दा पुष्कर का शव रहस्यमयी परिस्थितियों में पाया गया था।

 

भारतीय कलाकारों को यूनेस्को दे रहा है ये ख़ास मौक़ा

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

भारतीय कला व कलाकार छात्रों को वैश्विक स्तर का कलात्मक ज्ञान देने के लिए यूनेस्को ने एक खास पहल की है। इसके तहत ‘नेशनल कमीशन फॉर यूनेस्को’ तथा ‘यूनेस्को द फ्रेंच’ के तत्वाधान में ‘फाउंडेशन कल्चर एंड डायवर्सिटीज’ एक विदेश यात्रा का आयोजन कर रही है। इस यात्रा के लिए सिर्फ भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। इसके लिये आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है।

यूनेस्को के एक अधिकारी ने बताया कि कला और शिल्प का वैश्विक अनुभव प्रदान करने के लिए आयोजित की जाने वाली इस यात्रा का नाम ‘ट्रैवेलिंग टू लर्न आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स’ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले कला एवं शिल्प छात्रों को कला तकनीकों को जानने के लिए विदेश का एक स्टडी टूर करने में सक्षम बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत उन छात्रों को फ्रेंच स्कॉलरशिप दी जायेगी जो अपने अध्ययन के अंतिम चरण में हैं। अधिकारी ने बताया कि इसके लिए सिर्फ छात्र ही आवेदन कर सकते हैं, वरिष्ठ कलाकार नहीं।

छात्रों को यह स्कॉलरशिप इसलिए दी जा रही है ताकि वे विश्वस्तरीय कला व उसकी तकनीक के बारे में जान सकें और उनसे रूबरू हो सकें। यह विकासशील देशों के छात्रों को फ्रांसीसी शिल्पकारों की तकनीकी को जानने का अवसर देगा। यह कार्यक्रम छात्रों को एक पेशेवर माहौल में काम करने के लिए सक्षम बनाते हुए, उन्हें अपना प्रोफेशनल कैरियर शुरू करने में मदद करेगा।

ऐसे आयोजनों से छात्रों को कई चीजों में मदद मिलती है, जैसे विदेशों में नए कौशल और सांस्कृतिक अनुभव हासिल करना, नए-नए उत्पादों की डिजाइन और उनकी रचना के बारे में जानकारी प्राप्त करना, पेशेवर संपर्क और संबंध विकसित करना और अंतरराष्ट्रीय मेले में भाग लेना और अपने काम को वहां प्रस्तुत करना।

आवेदन से जुड़ी खास बातें-

– सिर्फ भारतीय छात्र ही आवेदन कर सकते हैं।

– आवेदकों के पास अनिवार्य रूप से आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स डिप्लोमा के समकक्ष कम से कम दो साल का अध्ययन, आर्ट्स एंड क्राफ्ट (कला और शिल्प) विद्यालय, संस्थान या फिर विश्वविद्यालय में नामांकन होना अनिवार्य है।

– इसके अलावा छात्रवृति और पुरस्कार विजेता हों तथा फ्रांसीसी और अंग्रेजी भाषा बोलने में सक्षम हों।

– आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर 2017 है।

– सिर्फ ईमेल के जरिए ही आवेदन भेजा जा सकता है।

“आतंकियों व घुसपैठियों की मौसी हैं ममता बनर्जी”- कैलाश विजयवर्गीय

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

भारतीय जनता पार्टी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वे बांग्लादेश से आने वाले आतंकियों का पालन पोषण कर रही हैं। विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके, उन्होंने ममता को ‘आतंकियों की मौसी’ तक कह दिया है। भाजपा नेता ने ममता पर अन्य कई आरोप लगाते हुए कहा कि ये गज़ब का प्रदेश है और यहाँ गज़ब की मुख्यमंत्री हैं।

विजयवर्गीय ने कहा, “अब लोग उन्हें दीदी बोलना बंद कर देंगे। उन्हें आतंकवादियों और घुसपैठियों की मौसी कहा जाएगा। बांग्लादेश के लोग लगातार मौसी के घर आ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम लोग बचपन में मौसी के घर जाते थे, तो मौसी अच्छा खाना खिलाती थीं। यहां जब लोग मौसी के घर आते हैं, तो वहां से बम और 47 राइफल लाते हैं। मौसी इस काम में उनकी मदद करती हैं।” एएनआई की खबर के अनुसार विजयवर्गीय ने ये बात बंगाल के उत्तरी परगना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही।

कैलाश के बयान को कई नेताओं ने शर्मनाक बताया है।
कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, “कैलाश विजयवर्गीय को भाजपा ऐसे ही बयान देने के लिए भेजती है। एक चुनी हुई मुख्यमंत्री के बारे में ऐसे बयान बेहद घटिया हैं।” एक अन्य कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, “विजयवर्गीय खुद भ्रष्ट व्यक्ति हैं। हर कोई उन्हें मध्य प्रदेश में जानता है कि वह कैसे आदमी हैं। वह ऐसे कद के नहीं हैं कि किसी के बारे में कुछ बोल सकें।” बसपा नेता सुधीन्द्र भदौरिया ने कहा, “विजयवर्गीय पहले भी भद्दे और अपमानजनक बयान देते रहे हैं। राम रहीम के भक्त से और क्या अपेक्षा की जा सकती है।”

जापान पर मिसाइल छोड़ नॉर्थ कोरिया का मोगैम्बो हुआ खुश

आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग कल पडोसी देश जापान पर मिसाइल मारकर भारी ख़ुश हुआ है. मंगलवार तड़के सुबह जापान के ऊपर से मिसाइल छोड़ होकैडो द्वीप के पार समुद्र में पटक दी गई. जापान इस अनायास हमले से सकते में आ गया है. दुनिया भर की ताकतें नॉर्थ कोरिया की इस हरकत की भर्त्सना कर रही हैं.

मिसाइल परीक्षण की निगरानी में किम (PC: KCNA)

नॉर्थ कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी  KCNA ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि जापान के ऊपर से मिसाइल छोड़ने का ये प्लान स्वयं किम का ही था. किम ने स्वयं इस पूरी लौन्चिंग का लुत्फ़ उठाया था. इसके लिए एक वीडियो भी जारी किया गया है. साथ ही वो तस्वीरें भी KCNA ने जारी की हैं जिनमें किम मिसाइल लॉन्च की निगरानी कर रहा है.

किम ने इस मिसाइल को ह्वासोंग-12 नाम दिया है. अखबार इस बात की पुष्टि करता है कि ये एक मिलिट्री मौक ड्रिल थी जिसे दक्षिण कोरिया और अमरीकी संबंधों में प्रगाढ़ता को देखते हुए किया गया है. साथ ही जापान के ऊपर से मिसाइल छोड़ने का सीधा मतलब ‘जापान-कोरिया समझौता August 29, 1910 जिसमें जापान द्वारा कोरिया पर अधिग्रहण के सम्बन्धों का हवाला दिया गया था , उसका प्रतिउत्तर था.

जापान पर लॉन्च की गई कोरियन मिसाइल ह्वासोंग-12 (PC: KCNA)

कहा जाए तो उत्तर कोरिया इस बात से बेहद खुश है कि उसने अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश की बात को भी अनसुना करके बेहद बहादुरी का काम कर दिखाया है. किम जोंग एक सख्त मिजाज़ शासक माना जाता है जिसके फैसले उत्तर कोरियाई सेना के लिए पत्थर की लकीर मानी जाती है. अखबार के अनुसार किम जोंग अमेरिका से किसी प्रकार की बात करने से ज्यादा कुछ कर दिखाने में यकीन रखते हैं.

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी जापान पर किये गये इस हमले की प्रतिक्रिया बेहद कड़े शब्दों में की है. डॉनल्ड ट्रम्प लगातार उत्तर कोरिया को इस बात की सीधी चेतावनी दे चुके हैं कि किसी भी प्रकार का मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जायेगा, और अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.

KCNA उत्तर कोरिया का मुख पत्र है. जिसके अनुसार स्वयं किम जोंग इस मिसाइल परीक्षण से बेहद खुश हुए और भविष्य में भी ऐसे परीक्षण किये जाते रहेंगे. एक परमाणु सक्षम देश के द्वारा सामरिक गतिविधियों में इतनी तन्मयता, मानव सभ्यता के भविष्य के प्रति बेहद घातक संकेत है. आज जरूरत है तो विश्वस्तरीय समझौतों के प्रति बेहद सजगता से शांति स्थापना के समुचित प्रयास किये जाने की, अन्यथा किम जैसे तानाशाहों के हाथ घातक अस्त्र का होना किसी विभीषिका से कम नहीं.

 

सरकार की ‘रॉकिंग’ एंड ‘शॉकिंग’ पहल, अब ‘रॉक बैंड’ भरेगा देश की रगों में राष्ट्रभक्त

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

केंद्र सरकार ने देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना भरने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है। अब देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालय और आईआईटीज़ में ‘रॉक बैंड’ के माध्यम से युवाओं की रगों में देशभक्ति प्रवाहित की जायेगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने आजादी के 70 साल और भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में इन सभी संस्थानों को ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए कहा है। उधर विपक्ष व भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने सरकार के इस फैसले पर प्रश्नचिन्ह लगाया है।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर का कहना है कि युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए रॉक बैंड को शामिल करने का फैसला लिया गया है। उनके द्वारा देशभक्ति के गीत गाने का कार्यक्रम वॉलंटरी है। मंत्रालय के मुताबिक कुछ चुने हुए ‘रॉक बैंड्स’ के सदस्य संस्थानों में अपने संगीत की सरिता बहाएंगे। सरकार का कहना है कि रॉक बैंड का चयन ‘राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम’ के जरिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय करेगा।

एक तरफ सरकार इस पहल को छात्रों के बीच देशभक्ति की भावना जागृत करने का कार्यक्रम बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष के साथ-साथ सरकार की सहयोगी शिवसेना भी इसका विरोध करने में जुटी है। कांग्रेस और शिवसेना ने आरोप लगाया है कि निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार यह भ्रष्टाचार कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रश्न उठाते हुए कहा है, “मानव संसाधन मंत्रालय ने एक निजी कंपनी को पैसे कमाने के लिए ये शिगूफा छोड़ा है। प्राइवेट बैंड भेजने से क्या देशभक्ति समझ में आएगी? कोई बैंड आकर छात्रों को देशभक्ति कैसे समझाएगा?” वहीं शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कहा कि देशभक्ति की भावना छात्रों में जगाना स्वागत योग्य है, लेकिन उसके लिए किसी कंपनी को कांट्रेक्ट देना नाजायज़ है।

उधर मानव संसाधन मंत्रालय ने इस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध वो कर रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक देश पर राज किया और 15 अगस्त, 26 जनवरी को केवल रस्म अदायगी में तब्दील कर दिया। आपको बता दें कि सरकार पहले भी इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर होने वाले विरोधों का सामना कर चुकी है।

पेट में मृत बच्चे के साथ पड़ी गर्भवती को छोड़, ऑपरेशन थियेटर में ही लड़ने लगे दो डॉक्टर्स

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कहते हैं डॉक्टर्स भगवान् का रूप होते हैं. शायद गलत कहते हैं क्योंकि डॉक्टर्स की बढ़ती हुई लापरवाही की घटनाएं कुछ ऐसा ही समां तैयार कर रही हैं.

राजस्थान के जोधपुर में एक ऐसा ही वाक्या सामने आया है जिसमें एक ऐसी गर्भवती स्त्री जिसके पेट में उसका मृत बच्चा था, उसे ऑपरेशन थियेटर के बीएड में छोडकर दो डॉक्टर्स आपस में झगड़ा करने लगे. इस घटना का वीडियो प्रसिद्द न्यूज़ एजेंसी ANI ने अपने ट्वीट के माध्यम से साझा कर जानकारी आम की है.

घटना का यह वीडिओ एक स्टाफ नर्स द्वारा शूट कर लिया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन दोनों सीनियर डॉक्टर्स को नौकरी से निकाल दिया गया है. महिला को क्रिटिकल हालत में हॉस्पिटल लाया गया था जिसे ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया था. बाद में उसके बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी.खबर के मुताबिक़ राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट माँगी है.

“लोकपाल नियुक्त करें, वरना होगा आन्दोलन” –पीएम मोदी को अन्ना हजारे की चेतावनी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

वरिष्ठ समाजसेवक और लोकपाल आन्दोलन के प्रणेता माने जाने वाले अन्ना हजारे एक बार फिर मुखर हो उठे हैं. इसबार उन्होंने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखते हुये ये चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द लोकपाल, राज्यों में लोकपाल, नियुक्त किये जाएँ, व सिटीजन चार्टर लागू किया जाए.

पत्र में उन्होंने कहा है कि, ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सबसे बड़े आन्दोलन को हुए छः साल बीत चुके हैं लेकिन आजतक सरकार ने भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए कुछ भी नहीं किया है. मैं पिछले तीन वर्षों से सरकार को इस बात कि याद दिलाता रहा हूँ लेकिन न  ही मुझे कभी जवाब दिया गया और न ही कोई एक्शन लिया गया.’

गौरतलब है कि अन्ना हजारे कई दफे पीएम को पत्र लिखकर ये बता चुके हैं कि उनकी सरकार और कांग्रेस की सरकार में कोई ख़ास अंतर नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने पीएम मोदी से चुनावी वादों को पूरा करने के लिए भी कहा था.

न्यूज़ एजेंसी ANI ने अन्ना हजारे द्वारा प्रधानमंत्री को यह पत्र भेजे जाने की जानकारी ट्वीट की है:

“कहीं लोग दो साल के होते ही बच्चे सरकार भरोसे न छोड़ दें!” –सीएम योगी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश वासियों पर गहरा तंज कसा है. न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्वीट कर इस बात कि जानकारी दी है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कहीं ऐसा ना हो कि लोग अपने बच्चों के दो साल के होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दें, सरकार उनका पालन पोषण करे.’

मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने कहा कि, ‘मीडिया कहती है कि फलानी जगह कूड़ा पड़ा है. हमलोग मानते हैं कि सरकार की जिम्मेदारी है. लगता है हम सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं.’

दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों को अपनी जिमीदारी से भागने कि आदत पर पाठ पढ़ाना चाहते थे. इसी बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में फिर से 42 बच्चों की मौत कि खबर आ रही है जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है.

आय से अधिक सम्पत्ति मामला: कोर्ट ने कहा, ‘सीबीआई सौंपे हिमाचल प्रदेश CM को जरुरी दस्तावेज’

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कांग्रेस से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले पर एक विशेष न्यायालय ने सीबीआई को ये निर्देश दिया है कि वो चार्जशीट के साथ प्रस्तुत किये गए दस्तावेजों की प्रति हिमाचल प्रदेश के सीएम को भी उपलब्ध कराये.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुवाई करते हुए स्पेशल कोर्ट ने ये निर्देश सीबीआई को दिया है. सुनवाई की अगली तारीख ३१ अक्टूबर निश्चित की गई है.

इसी केस में अन्य आरोपी यूनिवर्सल एप्पल असोसिएट के मालिक चुन्नीलाल चौहान, स्टाम्प पेपर वेंडर जोगिन्द्र सिंह, तरानी इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी वकामुल्ला चंद्रशेखर और सह आरोपी लवन कुमार रोच, प्रेम राज, रामप्रकाश भाटिया हैं. कोर्ट से इन्हें जमानत प्राप्त है.

सीबीआई ने एक चार्जशीट फ़ाइल कि थी जो तकरीबन 500 पन्नों कि थी, जिसमें 225 गवाह, और 442 अन्य सहायक दस्तावेज कोर्ट में दिए गये थे. सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने आय से अधिक 10 करोड़ कि संपत्ति बना रखी है.