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Saturday, August 15, 2026
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फिल्म वीरे दी वेडिंग पर मंडराया खतरे का बादल, जाने ऐसा क्या हुआ

कोमल झा| Navpravah.com

वीरे दी वेडिंग फिल्म के ऊपर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. सूत्रों में मुताबिक पता चला है कि फिल्म की को-प्रोड्यूसर एकता कपूर फिल्म से अलग होना चाहती है. जैसे ही इस बात का पता चला अनिल कपूर को तो, वह सीधे जीतेंद्र के पास पहुंच गए. कहा जा रहा है कि अनिल कपूर नहीं चाहते कि एकता इस फिल्म से अलग हों. खबरों की कहे तो अनिल ने जीतेंद्र से मिलकर कहा कि वह एकता को इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़े रहने के लिए मनाएं.

भला ऐसा हो भी क्यों ना!! सभी जानते हैं कि एकता कपूर अपने पापा की लाडली बेटी हैं और वो अगर किसी की बात सुनती हैं, तो वो सिर्फ पापा जीतेंद्र ही हैं. अब देखना तो ये है क्या पापा जीतेंद्र इस मसले को सुलझा पाएंगे. हालांकि एकता ने अचानक फिल्म से अलग होने का फैसला क्यों लिया है, इस बारे में कोई वजह सामने नहीं आई है.

जहां तक रही फिल्म की बात, तो अनाउंसमेंट होने के बाद से ही यह फिल्म काफी चर्चा में है. अब एक ही फिल्म में चार-चार एक्ट्रेस हों, तो हर तरफ उसकी चर्चा होना लाजिमी है. वीरे दी वेडिंग का हाल भी कुछ ऐसा ही है. इस फिल्म में सोनम कपूर, करीना कपूर खान और स्वरा भास्कर के अलावा शिखा तल्सानिया भी हैं.

बीते कुछ दिनों दिल्ली में इस फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी हैं. इसके लिए करीना कपूर अपने बेटे तैमूर के साथ दिल्ली पहुंची थीं. सोनम कपूर ने भी ट्वीट करके फिल्म शुरू होने की जानकारी दी थीं. सोनम भी बीते दिनों दिल्ली में ही थीं. आप को बता दें कि अनिल कपूर की बेटी रिहा कपूर भी फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर जुड़ी हैं. यह फिल्म अगले साल रिलीज होनी है.

अमेरिका:  एक बार फिर ‘हेट क्राइम’: सिख सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छात्र की छुरा घोंपकर हत्या

 कोमल झा | Navpravah.com
वॉशिंगटन: एक विश्वविद्यालय में प्रवेश न मिलने से परेशान अमेरिकी छात्र ने 22 वर्षीय सिख सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छात्र की संदिग्घ तौर पर छुरा घोंपकर हत्या कर दी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक गगनदीप मूलत पंजाब के जालंधर शहर का रहने वाला था. गगनदीप 2003 से ही वाशिंगटन स्टेट में रह रहा था.
 
एबीसी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तीसरे वर्ष के छात्र गगनदीप सिंह पर टैक्सी के अंदर एक 19 वर्षीय मूलतः अमरीकी यात्री ने कथित रूप से हमला किया. हमलावर ने वाशिंगटन में स्पोकाने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 28 अगस्त को टैक्सी ली थी.
इदाहो में बोन्नर काउंटी शेरिफ कार्यालय ने आरोपी की पहचान जैकब कोलेमैन के रूप में की है और उस पर गगनदीप की हत्या का आरोप लगाया है. दफ्तर से जारी एक बयान के अनुसार कोलेमैन ने स्पोकाने में गोनझागा विश्वविद्यालय के एक नये छात्र के रूप में सिएटल से उड़ान भरी थी.
इदाहो में बोन्नर काउंटी शेरिफ कार्यालय ने आरोपी की पहचान जैकब कोलेमैन के रूप में किया गया है और उस पर गगनदीप की हत्या का आरोप लगाया है. दफ्तर से जारी एक बयान के अनुसार कोलेमैन ने स्पोकाने में गोनझागा विश्वविद्यालय के एक नये छात्र के रूप में सिएटल से उड़ान भरी थी. स्पोकाने पहुंचने पर कोलेमैन को ऐडमिशन देने के लिए मना कर दिए जाने पर वो बहुत ही नाराज हो गया और किसी से भी बदला लेना चाहता था.’
रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय ने बताया है कि  ‘कोलेमैन के यूनिवर्सिटी में अप्लाई करने का कोई भी रिकॉर्ड नहीं है और वो कानूनी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है.’
पुलिस ने बताया कि बदला लेने के सोचने के तुरंत बाद ही कोलमैन ने एक दुकान से चाकू खरीदा, एक टैक्सी किराये पर ली और गगनदीप को बोन्नेर काउंटी, इदाहो में चलने के लिए कहा. कोलमैन ने माना है कि सफर के दौरान वह ‘हिंसक बन गया था.’ इसके बाद कोलोमैन ने कोटेनई शहर में कार रूकवाई और गगनदीप पर चाकू से ताबरतोड़ हमले किये. जिससे मौके पर ही गगनदीप की मौत हो गई.

पीएम मोदी पांच दिवसीय चीन-म्यांमार यात्रा को रवाना, लेंगे ब्रिक्स में हिस्सा

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी आज चीन समेत म्यांमार के लिए पांच दिनों की यात्रा पर रवाना हो गये. प्रधानमंत्री चीन में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

प्रधानमन्त्री इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के साथ वैश्विक आर्थिक स्थिति, वैश्विक आर्थिक प्रशासन, सुरक्षा, विकास के अलावा अतंरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे साथ ही इन देशों से वो भारत के संबंधों को गति प्रदान करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कल ही बताया था कि वो ब्रिक्स देशों के साथ रचनात्मक सम्बन्ध स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं. वो इन देशों के साथ रचनात्मक चर्चा करेंगे व सकारात्मक परिणामों की पहल करेंगे. उन्होंने अपने एक वक्तव्य में कहा था कि, “मैं गोवा शिखर सम्मेलन के नतीजों के आधार पर आगे बढ़ने को उत्सुक हूं. मैं रचनात्मक चर्चा और सकारात्मक नतीजे के प्रति भी उत्सुक हूं जो चीन की अध्यक्षता में मजबूत ब्रिक्स भागीदारी के एजेंडा का समर्थन करेगा.”

प्रधानमन्त्री मोदी 3 से 5 सितम्बर तक चीन के दौरे पर होंगे इसके बाद 5 सितम्बर को वो म्यांमार में होंगे जहांपर 7 सितम्बर को उनकी यात्रा समाप्त होगी. बता दें कि चीन के फुजियान प्रांत में 9वाँ ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित होना है.

इस इस्लामिक देश मे क्यों छपती है नोट में गणेश जी की तस्वीर!

कोमल झा| Navpravah.com

क्या आपने ने कभी सुना या देखा है. कि किसी करेंसी नोट पर गणेश जी की तस्वीर छपी है. नहीं न.. लेकिन ये सच है. आप इस बात को सुनकर हैरान हो जाएंगे कि भारत में नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया के नोट पर गणेश जी की तस्वीर छपी है आपको बता दें कि इंडोनेशिया में करीब 87.5 फीसदी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है. वहां सिर्फ 3 फीसदी हिन्दू आबादी है.

नोट पर छपी गणेश की तस्वीर इंडोनेशिया की करेंसी को रूपियाह कहते हैं. वहां, 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की फोटो है. आप को बता दे, भगवान गणेश को इंडोनेशिया में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना जाता है.

इंडोनेशिया में 20 हजार की नोट पर सामने भगवान गणेश की तस्वीर और पीछे क्लासरूम की तस्वीर है, जिसमें टीचर और स्टूडेंट्स हैं. साथ ही नोट पर इंडोनेशिया के पहले शिक्षा मंत्री की हजर देवांत्रा की भी तस्वीर है. देवांत्रा इंडोनेशिया की आजादी के नायक रहे हैं.

कहा जाता है कि कुछ साल पहले इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था बहुत बुरी तरह लड़खड़ा गई थी. वहां के राष्ट्रीय आर्थिक चिंतको ने बहुत विचार सोच कर बीस हजार का एक नया नोट जारी किया, जिस पर भगवान गणेश की तस्वीर को छापा गया. लोगों का कहना है कि अर्थवयवस्था है मजबूत

आपको जानकर दंग रह जायेंगे. कि इस देश में गणेश ही नहीं बल्कि इंडोनेशियन आर्मी का मैस्कॉट हनुमान जी हैं और वहां के एक फ़ेमस टूरिस्ट प्लेस पर अर्जुन और श्री कृष्ण की मूर्ति स्थापित हुई है. इंडोनेशियन में रहने वाला लोग उनको पूजते है.आप तस्वीरों में कृष्ण और अर्जुन को भी देख सकते हैं साथ ही घटोत्कच की प्रतिमा भी स्थापित है.

 

सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा, ‘अब नहीं रहूँगा रेलमंत्री’

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

रेलमंत्री सुरेश प्रभु की रेल मंत्री पद से विदाई हो गयी है, अटकलें तो काफी वक्त से थी कि बीते दिनों एक के बाद एक चार हादसों के बाद सुरेश प्रभु की पद से छुट्टी हो जायेगी लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। प्रभु ने इस सम्बंध मे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद प्रभु ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें रुकने के लिए कहा है।

पीएम मोदी के मंत्रिमंडल का विस्तार आज हुआ, जिसके बाद सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर ये अहम जानकारी दी, प्रभु ने ट्वीट किया कि उन्होंने रेल मंत्रालय छोड़ दिया है। उन्होंने  कि मैं रेलवे के 13 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूँ, मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

मोदी मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह को कुछ ही देर हुए हैं कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर ये साफ कर दिया कि वो अब रेल मंत्री नहीं रहेंगे।

सुरेश प्रभु ने रेल मंत्रालय के पद को नवंबर 2014 में सम्भाला था। बीते कुछ महीनों में रेल हादसों के बाद सुरेश प्रभु की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे थे और अब उन्होंने खुद साफ कर दिया कि वो ये पद छोड़ रहे हैं। अब कयास ये लगाया जा रहा है कि रेलमंत्री का पदभार पीयूष गोयल संभाल सकते हैं, हालांकि अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।

मोदी कैबिनेट: नौ नए चेहरे राज्य मंत्री बने

बीजेपी के सामने नई मुश्किल
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
तीन साल के कार्यकाल में मोदी कैबिनेट का यह तीसरा विस्तार है, जिसमें 9 नए चेहरों को शामिल किया गया है। इसके अलावा 4 मौजूदा मंत्रियों को भी उनके प्रदर्शन के आधार पर तरक्की दी गई है, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और नकवी शामिल हैं इनका प्रमोशन हुआ।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली, ये जोधपुर से सांसद हैं।
यूपी के बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली, ये पुणे और नागपुर में पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं।
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने राज्य मंत्री की पद शपथ ली, मनमोहन सरकार में गृह सचिव रह चुके हैं और बिहार के आरा से सांसद हैं।
हरदीप सिंह पुरी ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली, हरदीप सिंह किसी सदन से नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र में राजदूत रह चुके हैं।
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।
अश्विनी कुमार चौबे और वीरेंद्र कुमार ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।
अल्फोंस कन्नथनम ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली, ये किसी भी सदन के सदस्य नहीं है।
शिव प्रताप शुक्ला ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।

नॉर्थ कोरिया ने बनाया सबसे विनाशक हाइड्रोजन बम

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com

जापान के ऊपर से मिसाइल छोड़ने वाले नॉर्थ कोरिया के इस कृत्य की भर्त्सना अभी धीमी भी नहीं पड़ी थी कि उसने एक और बवाल खड़ा कर दिया है. दिन प्रतिदिन सामरिक तैयारियों में जुटे हुए नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम तैयार करने का दावा किया है. हाइड्रोजन बम सबसे ज्यादा विनाशक अस्त्र माना जाता है.

नॉर्थ कोरिया ने ये दावा किया है कि उसने सुपर एक्सप्लोसिव पावर से लैस ऐसा हाइड्रोजन बम बनाया है जिसे उसकी अंतर्महाद्वीपीय मार करने की क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल में रखा जा सकता है. नॉर्थ कोरिया के मुखपत्र KCNA ने तस्वीरें जारी कि हैं जिनमें उसने दावा किया है कि नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम बनाया है. हालाँकि KCNA ने तानाशाह किम जोंग जिन की तस्वीरों जिनमें किम एक लैब में कुछ लोगों से चर्चा करता हुआ दिखाया जा रहा है उनके अलावा कोई अन्य साक्ष्य नहीं दे पाया है.

हाइड्रोजन बम से पैदा होने वाली ऊर्जा की प्रतीकात्मक फोटो

KCNA की रिपोर्ट में ये कहा गया कि किम ने नयूक्लेअर वेपन्स इंस्टिट्यूट का दौरा किया और इंस्टिट्यूट ने सफलता पूर्वक नवीन नयूक्लेअर टेक्नोलॉजी का अन्वेषण किया है. किम ने नए हाइड्रोजन बम को मिसाइल में लोड होते हुए भी देखा.

बता दें कि हाइड्रोजन बम किसी एटम बम से हजार गुना ज्यादा ताकतवर होता है. इसके एक ही धमाके से कई शहर एक साथ तबाह हो सकते हैं. हाइड्रोजन या थर्मोन्यूक्लियर उपकरण श्रृंखला की अभिक्रिया में संलयन का प्रयोग करता है, जिससे अकेले प्लूटोनियम या यूरेनियम से होने वाले विखंडन विस्फोट की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली विस्फोट होता है.  हाइड्रोजन बम से निकलने वाली ऊर्जा, परमाणु बम से निकलने वाली ऊर्जा से हजार गुना अधिक होती है. ऐसे विनाशक और घातक अस्त्र को बनाने का दावा ठोंकने वाले नॉर्थ कोरिया के मंसूबे दुनिया को किस विनाश की ओर धकेलने के हैं ये तो पता नहीं लेकिन जिसकी कमान स्वयं एक तानाशाह के हाथ में है, वो बंदर के हाथ में तलवार जैसी स्थिति ही है.

जल्दबाज़ी में लिया गया नोटबंदी का फ़ैसला पड़ रहा है भारी

अमित द्विवेदी । Navpravah.com

जीडीपी घटने के बाद से ही नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर हमले तेज़ हो गए हैं. विपक्षी पार्टियों के बाद अब रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने चुप्पी तोड़ी है. राजन के मुताबिक़, उन्होंने इस फ़ैसले पर बार बार गम्भीरता से सोचने के लिए कहा था, लेकिन सरकार ने जल्दबाज़ी में ये फ़ैसला ले लिया और अब ये भारी पड़ रहा है.

राजन की पुस्तक ‘आई डू व्हाट आई डू’ में इस बात का ज़िक्र किया है. पुस्तक में स्पष्ट लिखा है कि उन्होंने नोटबंदी का समर्थन नहीं किया था. उनका मानना था कि इस फैसले से अल्पकाल में होने वाला नुकसान लंबी अवधि में इससे होने वाले फायदों पर भारी पड़ेगा.

राजन की किताब ‘आई डू व्हाट आई डू’ आरबीआई गवर्नर के तौर पर विभिन्न मुद्दों पर दिए गए उनके भाषणों का संग्रह है. किताब राजन और सरकार के खट्टे रिश्ते पर भी रोशनी डालती नज़र आती है. राजन ने स्पष्ट किया कि जब तक मैं गवर्नर था, कभी भी हमसे नोटबंदी के फ़ैसले पर बात नहीं हुई.

नोटबंदी के लगभग एक साल बाद आए राजन के बयान पर भी चर्चा शुरू हो गई है, जबकि राजन ने स्पष्ट किया कि वे चाहते थे कि उनके उत्तराधिकारी को जनता से रूबरू होने का मौक़ा मिलना ही चाहिए था. फ़िलहाल राजन के बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौक़ा दे दिया है.

भाजपा नेता कलराज मिश्रा का मंत्रिमंडल से इस्तीफा

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्रा ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंत्रिमंडल में कल फेरबदल की उम्मीद की जा रही है, इससे पहले ही कलराज ने अपना पद छोड़ दिया है।

वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्रा (77) ने बताया कि उन्होंने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। उन्होंने बताया कि पीएम ने उनके काम की तारीफ की और कहा कि मंत्रालय में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। इसलिए मेरे मामले में काम न करने का कोई सवाल नहीं उठता।

मिश्रा ने आगे कहा, “मैंने 75 साल पूरे कर लिए हैं, और मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि वह मेरे बारे में कोई भी निर्णय ले सकते हैं। मैंने जब प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपा तो वे भावुक हो गए।” उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने उनसे कहा कि वह इस बारे में सोचेंगे कि उनकी क्षमता का उपयोग और किस प्रकार किया जा सकता है।

बिहार में बट्टी, पर केंद्र में भाजपा से कट्टी लिए बैठे हैं नीतीश कुमार!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन तोड़ भारतीय जनता पार्टी का साथ थाम दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री तो बन लिए, लेकिन अब केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ‘दूल्हे के फूफा’ जैसे अड़ के बैठे हैं। इधर रविवार को मोदी मंत्रीमंडल का विस्तार होने वाला है, तमाम न्यूज़ चैनल अपने-अपने ‘चुनिंदा’ नेताओं को लेकर कयास पर कयास लगा रहे हैं, उधर जेडीयू के साथ मंत्री पद को लेकर पेंच फंस गया है।

शिवसेना तो पहले ही से मुंह फुलाये हुए है, अब जेडीयू भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीजेपी से ख़फ़ा दिख रही है। बीजेपी की तरफ से यह खबर आ रही थी कि जेडीयू एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री के प्रस्ताव पर मान गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब तक मंत्रियों की संख्या और पोर्टफोलियो को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच खींचतान जारी है। बीजेपी की तरफ से दिए गए प्रस्ताव से नीतीश कुमार संतुष्ट नहीं हैं। जेडीयू के अनुसार राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को भी एक कैबिनेट पद दिया गया है, और जेडीयू को भी मात्र एक ही कैबिनेट पद ऑफर करना! बहुत नाइंसाफी है। हालांकि बातचीत अभी भी जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार शाम तक मामला सुलझा लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक जेडीयू मोदी मंत्रिमंडल में कोई रुतबे वाला पोर्टफोलियो चाहता है और सभी जानते हैं कि इस वक़्त सबसे रुतबे वाली ‘एम्प्टी’ कुर्सी धरी गई है रेल मंत्रालय में। मज़े की बात यह है कि नीतीश कुमार खुद तो रेल मंत्री रह ही चुके हैं, उनके ‘कभी मित्र रह चुके’ उनके प्रतिद्वंदी लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान भी पहले रेल मंत्री रह चुके हैं।

जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी से जब मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल पूछा गया, तो वे कन्नी काट गए, यह कहते हुए कि हम लोगों को मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में कुछ भी पता नहीं है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी से किसी की बात नहीं हुई है। अब इतना बड़ा फैसला, और जेडीयू से कोई बात ही नहीं! इसी से साफ़ होता है कि जेडीयू या तो फैसले की जानकारी न होने से ख़फ़ा है, या खुद ‘फैसले’ से।

उधर न्यूज़ चॅनेल्स तमाम तरीकों से , तमाम प्रयासों में जुटे हैं कि कहीं से कोई ‘हो सकनेवाला’ जेडीयू मंत्री मिल जाये, तो मामला कुछ साफ़ हो, लेकिन जेडीयू के जिन सांसदों का नाम मंत्री बनने के लिए चर्चा में हैं, वे फ़िलहाल भूमिगत हो कर बैठे हैं। उन नेताओं को भी डर है कि ज़बान ज़रा सी भी ऊपर- नीचे हुई, तो ‘हो सकनेवाले’ मंत्री की लिस्ट से धड़धड़ाते हुए तुरंत ‘ हो सकते थे’ वाली लिस्ट में आ गिरेंगे।