28 C
Mumbai
Sunday, August 16, 2026
Home Blog Page 956

एनआइए ने की कश्मीर और दिल्ली में छापेमार कार्यवाही

कोमल झा | Navpravah.com

 

श्रीनगर : आतंकी के फंडिंग मामले की जांच पड़ताल कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने श्रीनगर, दिल्ली और गुरुग्राम समेत विभिन्न हिस्सों पर छापे मारे और संदिग्ध स्थानों पर व्यापक खोज अभियान चलाया. एनआईए ने हवाला कारोबार और आतंकवाद तथा अलगाववादी गतिविधियों के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल हुए कारोबारियों के कश्मीर और दिल्ली में 16 ठिकानों की बुधवार को तलाशी ली.

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने बुधवार सुबह श्रीनगर और उत्तरी कश्मीर में विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे एनआईए अधिकारियों ने पुरानी दिल्ली में पांच व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे.

यह छापेमारी उस समय की गयी जब एक दिन पहले एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें से एक स्वतंत्र फोटो पत्रकार भी शामिल है जो पथराव करने और सोशल मीडिया के जरिए सुरक्षा बलों के खिलाफ समर्थन जुटाने में कथित तौर पर शामिल था. एनआईए द्वारा की गई गिरफ्तारियां और छापेमारी 30 मई को दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है जिसमें पाकिस्तान स्थागित जमात-उद-दावा और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नेता हाफिज सईद बतौर आरोपी नाम दर्ज है.

एनआईए ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने वाले आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधियों को कथित तौर पर धन के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले में ऐसी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए हवाला समेत विभिन्न अवैध गैरकानूनी माध्यमों के जरिए धनराशि एकत्रित करने के मुद्दे भी शामिल हैं. इसमें पथराव करके, स्कूल जलाकर, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर और भारत के खिलाफ युद्ध छेडकर घाटी में शांति भंग करने के मामले भी शामिल हैं.

 1 99 0 के दशक में जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के उदय और फलने-फूलने के बाद यह पहली बार है. कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आतंकवादी और अलगाववादी समूहों के वित्तपोषण के संबंध में छापे मारे।

‘लंकेश की हत्या, फैसला और शोकगीत’

सुधांशु झा | Navpravah.com

 

गौरी लंकेश की हत्या दुखद है । वे पत्रकार थीं अपराधी नहीं । उनकी कुछ वैचारिक प्रतिबद्धताएं थीं। और ये तय है कि वे ईमानदार पत्रकार नहीं थीं क्योंकि उनकी पत्रकारिता एकरेखीय थी । तब भी, किसी मनुष्य को उसकी वैचारिकी के लिए मारा नहीं जा सकता । यह जघन्य अपराध है । लेकिन पहले ये जानना सबसे महत्वपूर्ण है कि उन्हें मारा किसने । कर्नाटक पुलिस मामले की जांच कर रही है, वो अब तक चुप है, उसने कुछ इशारा नहीं किया है । न दक्षिणपंथ, न वामपंथ, न मध्यमार्गी..। लेकिन कुछ पत्रकारों ने देश की सर्वोच्च अदालत बनाकर फैसला सुना दिया है । हो सकता है, कुछ देर में गुनहगारों के नाम भी सार्वजनिक कर दिये जाएं । जबकि पुलिस का कहना है कि आदरणीया लंकेश जी ने दक्षिणपंथी समूहों की धमकियों से डर कर कभी सुरक्षा नहीं मांगी । यानी उन्हें ये सहज ही आभास था कि दक्षिणपंथियों से उन्हें जान का खतरा नहीं है । वैसे भी किसी दक्षिणपंथी से जान को खतरा नहीं होता, एक आध अपवाद सभी जगह होते हैं ।

वामपंथ की असहिष्णुता और उस विचारधारा के हिसात्मक गुणधर्म के मुकाबले तो दक्षिणपंथी अबोध शिशु हैं । कहां साध पाएंगे वैसी क्रूरता, जो केरल में राजेश जैसों की हत्या के दौरान की जाती है !

लंकेश के आखिरी ट्वीट से ये भी साफ हो जाता है कि अपने प्रिय कॉमरेडों से उनका कलह चल रहा था । पुलिस ने उनके अपने ही प्रिय भाई से विवाद की पुष्टि भी कर दी है । केस मुकदमा सब हो चुका था ।तो फिर फैसला किस तरह से सुना दिया ? क्या ईश्वरीय वाणी सुनी थी? या लंकेश जी ने बताया था कि इतने बजे मुझे दक्षिणपंथी लोग मारने वाले हैं ?

ऐसी ही जल्दबाजी वो कलबुर्गी, पानसारे और रोहित वेमुला मामले में दिखलाते रहे हैं । रोहित वेमूला का झूठ सामने आ चुका है । पर निर्लज्ज हैं इसलिए उन्हें लाज भी नहीं आती । कलबुर्गी में दक्षिणपंथी हत्यारे को तलाशने में सरकारी मशीनरी के कलपुर्जे ढीले पड़ गए हैं जबकि सरकार उनकी, सारी मशीनरी उनकी । जबकि सत्य तो यह है कि उन्हें कवि वासव के विरुद्ध लिखने के लिए लिंगायत समुदाय के लोगों ने मारा और सिद्धारमैया लिंगायतों के बहुमूल्य वोट न गंवाने के लिए चुप हैं । पानसारे केस का भी यही हाल है । बाकी पत्रकारों की हत्या का क्या है? वो तो सीवान में कभी भी मार दिये जाते हैं, उत्तरप्रदेश में जला दिये जाते हैं बंगाल में चूं चपड़ करने की आजादी नहीं है । लेकिन माननीय मानवतावादी वामपंथियों और सेक्यूलरों के कानों मे जूं तक नहीं रेगती ।

फिलहाल कुछ पत्रकार जो अभी किसी चुटकुले पर ठठा कर हंस रहे थे अब लंकेश के दुखलोक में विचरते हुए उन पर शोकगीत लिख रहे हैं । उन्हें गहरा दुख पहुंचा है !

 

(यह आलेख सुधांशु झा जी के फेसबुक वाल से साभार उद्धृत है.)

बेंगलुरु : सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की हत्या

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

बेंगलुरु में सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश को कल गोलियों से छलनी कर दिया गया, अज्ञात बदमाशों ने काफी नजदीक से उन पर गोलियां चलाईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वैचारिक मतभेदों को लेकर वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं, उन्हें निर्भीक और बेबाक पत्रकार माना जाता था।

गौरी लंकेश साप्ताहिक मैग्जीन ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं। इसके साथ ही वो अखबारों में कॉलम भी लिखती थीं। टीवी न्यूज चैनल डिबेट्स में भी वो एक्टिविस्ट के तौर पर शामिल होती थीं।

वह कर्नाटक की सिविल सोसायटी की चर्चित चेहरा थीं, गौरी कन्नड़ पत्रकारिता में एक नए मानदंड स्थापित करने वाले पी. लंकेश की बड़ी बेटी थीं। वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं।

वहीं सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी गुस्सा नजर आ रहा है। कई नेताओं ने ट्वीट कर हमले की आलोचना की है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गौरी लंकेश की हत्या पर दुख जताया और लिखा कि सच को कभी दब नहीं सकता है।

खबरों के मुताबिक अज्ञात हमलावरों ने लंकेश पर सात गोलियां दागीं, अधिकारियों ने इस घटना की जांच के लिए स्पेशल टीम गठित करने की बात कही है, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि इस जघन्य अपराध की निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जल्द से जल्द इस अपराध के लिए अपराधियों को सजा दी जायेगी।

JIO ने मारी बाजी, पिछड़ गये वोडाफोन, आइडिया, ऐयरटेल

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के अनुसार रिलायंस जियो ने औसत मासिक डेटा स्पीड के मामले में बाजी मारी है और सबसे आगे रही है। जियो ने देश भर में अपनी व्यवसायिक सेवाओं का एक साल पूरा कर लिया है, औसत डेटा स्पीड के मामले में ट्राई के स्पीड चार्ट पर लगातार सात महीनों से जियो शीर्ष पर है।

जबकि पहले से मौजूद कंपनियां भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेलुलर उससे पिछड़ गई हैं। जियो की डाउनलोड स्पीड जुलाई में 18.331 एमबीपीएस रही है। जबकि एयरटेल की 9.266 एमबीपीएस, आइडिया सेलुलर की 8.833 एमबीपीएस और वोडाफोन इंडिया की 9.325 एमबीपीएस रही।

जियो ने मुफ्त वॉयस कॉल के साथ एक साल पहले भारतीय दूरसंचार बाजार में कदम रखा था। सूत्रों के मुताबिक, देश में मोबाइल डेटा उपभोग पिछले एक साल में 20 करोड़ जीबी से बढ़कर 150 करोड़ जीबी हो चुका है। सूत्रों के अनुसार इनमें से जियो के नेटवर्क पर हर महीने 100 करोड़ जीबी डेटा का उपभोग होता है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, जियो नेटवर्क पर अन्य सभी दूरसंचार कंपनियों की खपत को मिलाकर की गई खपत का पांच गुना ज्यादा डेटा खपत होता है।

मैंने राम रहीम का साथ नहीं दिया कभी -साक्षी महाराज

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उन्नाव के बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए विवादित बयान दिया था। कानपुर में गणेश विसर्जन और भण्डारे में शामिल होने पहुंचे साक्षी महाराज आज अपने बयान उस बयान पर सफाई दिया।

इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मीडिया ने जो किया उचित नहीं किया, मेरा बयान उचित रूप से नहीं दिखाया गया। साक्षी महाराज ने कहा कि मै कोर्ट के विरोध में नहीं हूँ और न ही राम रहीम का पक्षधर हूँ, मै कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूँ और कोर्ट के फैसले के पक्ष में हूँ।

उन्होंने ये भी कहा कि मैंने सपने में भी राम रहीम का साथ नहीं दिया और न ही भाजपा ने, उन्होंने कहा कि मै तो साधू हूँ, सन्यासी दूसरों के दान पर जीवन यापन करता है और कभी भी पैसा नहीं जोड़ता।

इस दौरान राम मंदिर पर साक्षी बोले दुनिया की कोई ताक़त राम मंदिर बनने से नहीं रोक सकती, उन्होंने कहा कि समय और तारीख मै नहीं बता सकता लेकिन राम मंदिर बनेगा ये निश्चित है।

म्यांमार में 400 रोहिंग्या मुस्लिमों की मौत, सैनिकों पर लगा आरोप

कोमल झा| Navpravah.com

म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर अत्याचार अभी भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक करीब 400 लोगों की मौत इस हिंसा में हो चुकी है। रोहिंग्या मुस्लिमों की हत्या का आरोप म्यांमार के सैनिकों पर लगाया जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय के वकील का कहना है कि इस नरसंहार के सबूत मिटाने के लिए बर्मा के सैनिक और आम नागरिक साथ में लगे हुए हैं। ये सब लोग मरे हुए रोहिंग्या मुस्लिमों की लाशों को इकट्ठा करते हैं और फिर इकट्ठा हुए लाशों को जला देते हैं।

म्यांमार के रखीन क्षेत्र में हिंसा पर नजर रखने वाली एक संस्था अराकन प्रोजेक्ट की डायरेक्टर क्रिस लेवा ने बताया कि हमारे पास दस्तावेज हैं कि राथेडाउंग क्षेत्र में एक साथ 130 लोगों को मार दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य तीन गांवों में भी दर्जनों लोगों को मार देने की खबर मिली है।

सुरक्षाबल गांवों को चारो तरफ से घेर लेते हैं और फिर लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करते है। पिछले साल अक्टूबर-नवंबर महीने में हुई हिंसा की इस बार की हिंसा से तुलना करें तो इस बार यह देखने को मिला है कि इस बार सेना के साथ स्थानीय बौद्ध लोग भी मिले हुए हैं। लोगों की हत्या के बाद हम देख रहे हैं कि सेना और आम लोग मिलकर मृतकों के शवों को इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें जला दते हैं, ताकि कोई सबूत ना बचे।’

वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएससीआर) ने मंगलवार को कहा कि म्यांमार में हिंसा से बचने के लिए देश छोड़कर बांग्लादेश पलायन करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की संख्या पूर्व में सोची गयी संख्या से कहीं ज्यादा 1,23,000 है। यूएनएचसीआर की प्रवक्ता विवियन टैन ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की यह संख्या कल की अनुमानित संख्या 87,000 से बढ़ायी गयी है जो स्थापित एवं अस्थायी शरणार्थी शिविरों से जुटाए गए ज्यादा सटीक आंकड़े पर आधारित है।

आप को बता दे, कि सभी 36,000 नए शरणार्थियों ने पिछले 24 घंटे में प्रवेश किया। लेकिन ‘यह संख्या चिंताजनक है’ और ‘तेजी से बढ़ती जा रही है।’ रोहिंग्या मुस्लिमों का ताजा पलायन 25 अगस्त को तब शुरू हुआ, जब रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार पुलिस की चौकियों पर हमले किए जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाब में विद्रोहियों के सफाए के लिए अभियान शुरू किया।

शिकंजे में राधे माँ, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस को कहा, ‘दर्ज करो एफआईआर’

कोमल झा| Navpravah.com

हालही में डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता गुरमीत राम रहीम को यौन शोषण में 20 साल की कोर्ट ने सजा सुनाई है अब दूसरा नंबर राधे माँ का हो सकता है. क्योंकि अब राधे मां कानून के शिकंजे में फस चुकी है.आप को बता दे पंजाब में सुरेंद्र मित्तल नाम के शख्स ने हाईकोर्ट से राधे मां के खिलाफ मामला दर्ज कराने की अपील की है. इसी पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कपूरथला पुलिस को फटकार लगाई है. साथ ही 13 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है. और पुलिस को यह भी साबित करना है, कि ये मामला आपराधिक बनता है या नहीं. अगर बनता है तो इस मामले पर आगे करवाई कि जाएगी.

सुरेंद्र मित्तल ने कुछ महीने पहले ही राधे मां के खिलाफ पंजाब पुलिस को शिकायत दी थी कि राधे मां उसको देर रात को फोन करके परेशान करती है और डरा-धमका कर उसे अपने खिलाफ बोलने से रोकने की कोशिश कर रही है.

खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां कई बार सवालों के घेरे में आई है. राधे मां अपने भक्तों के लिए गाना गाने को लेकर, अपने भक्तों को आई लव यू कहने को लेकर और अपने भक्तों के गोद में बैठने और नचाते हुए आर्शीवाद देने को लेकर पहले भी खूब चर्चा में रही है.

मीसा भारती का फार्म हाउस हुआ सील

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

इस समय लालू प्रसाद का परिवार जाँच के घेरे में है। आए दिन किसी न किसी मसले में लालू परिवार उलझा नज़र आता है। फ़िलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारवाई करते हुये लालू यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती का फार्म हाउस सील कर दिया है।

राज्य सभा सासंद मीसा भारती और उनके पति शैलेश पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है, ईडी ने लालू यादव की बेटी मीसा भारती के दिल्ली के बिजवासन के फार्म हाउस को सील कर दिया है। यह फार्म हाउस मिशेल कंपनी के नाम पर खरीदा गया था। 2008-09 में शैल कंपनियों के माध्यम से पैसा आया था, उस समय लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।

यह फार्म हाउस शैल कंपनियों के माध्यम से आये पैसों से खरीदा गया था। एक करोड़ बीस लाख रुपये शैल कंपनियों से आया था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मीसा यादव और शैलेश के सीए को गिरफ्तार किया।

लालू यादव की बेटी मीसा भारती और दामाद शैलेश के ठिकानों पर 8 जुलाई को ईडी ने छापेमारी की थी। इस मामले में ईडी ने मीसा और उनके पति दोनों से पूछताछ भी की। ईडी इस मामले में मीसा के सीए राजेश अग्रवाल के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर कर चुका है। फिलहाल मीसा भारती के सीए राजेश अग्रवाल तिहाड़ जेल में है।

तो इस फिल्म में सलमान बनेंगे विलन!

कोमल झा| Navpravah.com

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान सब के दिल में एक हीरो की पहचान बना चुके है लेकिन इस बार वो नेगेटिव रोल में नज़र आएंगे.जी हां रेस 3 में सलमान खान पहली बार निगेटिव किरदार निभाने जा रहे हैं. लेकिन अब ये तय हो चुका है. हलाकि सलमान खान इस तरह का रोल नहीं निभाना चाहते थे. बहुत समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि वो विलेन का रोल कभी नहीं करेंगे क्योंकि लोग उन्हें हमेशा से हीरो समझते हैं.लेकिन रेस 3 का किरदार उन्हें निगेटिव होने के बावजूद बहुत कूल लगा और वो इसे मना नहीं कर पाए. ने काफी समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि वो विलेन का रोल कभी नहीं करेंगे क्योंकि लोग उन्हें हमेशा से हीरो समझते हैं.

हालांकि नवप्रवाह इस खबर की पुष्टि नहीं करता है. यह पहली बार होगा कि जब सलमान इस तरह का कोई किरदार निभाते स्क्रीन पे नजर आएंगे। उनका लुक बेहद स्टाइलिश होगा और वह काफी सारी ऐसी चीजें करेंगे जो उन्होंने अब तक किसी भी फिल्म में नहीं किया हैं. फिल्म रेस की अब तक की दो कड़ियों में किसी विलेन को ही हीरो की तरह पेश किया गया है और बहुत संभव है कि इस बार यह जिम्मेदारी सलमान संभालें. फिल्म रेस और रेस-2 में सैफ अली खान ने यह रोल प्ले किया था. सलमान इससे पहले किक और दबंग में इससे मिलते जुलते किरदार करते रहे हैं, और बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस का इतिहास कहता है कि सलमान जब भी निगेटिव रोल में पर्दे पर आए हैं, दर्शकों ने उन्हें खूब प्यार दिया है. अब देखना यह होगा कि सलमान के इस फिल्म में काम करने को लेकर आधिकारिक घोषणा कब होती है.

गोरखपुर हादसा : डॉ. कफील की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

यूपी के गोरखपुर जिले में स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत के मामले में डॉ. कफील खान ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने एवं FIR रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, इस याचिका को मंगलवार 5 सितम्बर को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

बीआरडी मामले में डॉ. कफील खान के घर बीते पुलिस और मेडिकल विभाग की टीम ने एक साथ छापेमारी की थी, टीम की छापेमारी से वहां हड़कंप मच गया था लेकिन कफील का पता नहीं चला था। लेकिन बहुत मशक्कत के बाद STF ने डॉक्टर कफील को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गोरखपुर पुलिस को उन्हें सौंप दिया गया।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 10 व 11 अगस्त को अधिक बच्चों की मौत होने के बाद गोरखपुर के जिलाधिकारी को जांच सौंपी गई थी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से लेकर कई अन्य जिम्मेदार डॉक्टरों को लापरवाही का तो दोषी माना गया था।