प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं, अपने दौरे के तहत पीएम अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंचेंगे। जिसके तहत पीएम मोदी कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, साथ ही काशी वासियों को कई योजनाओं की सौगात भी पीएम मोदी देंगे।
पीएम मोदी इस दौरान एक ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण करेंगे, सांसद होने के नाते पीएम मोदी 7 नवम्बर, 2014 को इस ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की नींव रखी थी। जिसके तहत 3 साल बाद पीएम मोदी ही इस फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण करेंगे।
यह सेंटर 305 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है, फैसिलिटी सेंटर 43445 स्क्वायर मीटर में बनकर तैयार हुआ है। वाराणसी और आस-पास के करीब 60 हजार बुनकरों को इस सेंटर से फायदा पहुँचेंगा।
पीएम मोदी ने सभी को साथ लेकर विकास करने की बात कही थी, आजादी के बाद से ही सूबे के बुनकरों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। ऐसे में यह सेंटर उम्मीद की नई किरण बनकर आया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को चेन्नई में फिल्म अभिनेता कमल हासन से मुलाकात की, मुलाकात के दौरान केजरीवाल ने कमल हासन से राजनीति में आने का आग्रह किया। कमल हसन ने कहा कि जो लोग भी भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, वे उनके ‘संबंधी’ हैं।
अभिनेता ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री उनसे मिलना चाहते थे,
अभिनेता ने कहा कि जो भी भ्रष्टाचार से लड़ना चाहते हैं, वे सभी उनके संबंधी हैं, और इस नाते केजरीवाल भी उनके संबंधी हैं।
केजरीवाल ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर उनके साझा विचार हैं और वे भविष्य में फिर मिलेंगे, केजरीवाल ने कहा कि देश भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता की समस्याओं का सामना कर रहा है और कमल हासन ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है।
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अनुज हनुमत|Navpravah.com
लखनऊ । एक बार फिर सूबे में विकास कार्य तेजी पकड़ेगा । अवैध खनन में रोक लगने के बाद बालू और मोरंग की उपलब्धता को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर से फिर से खनन कार्य शुरू होंगे। ऐसे में एक बार फिर प्रदेश में रीयल स्टेट कारोबार के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद जगी है।
खनन पर रोक लगने से बालू और मोरंग के दाम आसमान छूने लगे थे। मोरंग की कीमत 55 रुपए से बढ़कर 140 रुपए प्रति स्क्वायर फीट हो गई थी। ऐसे में लोगों के लिए घर बनाना भी मुश्किल हो गया था। वहीं मकान बनाने का सपना संजो रखे लोगों के लिए यह अच्छी खबर है।
“प्रदेश में बालू एवं मौरंग की उपलब्धता को सुचारू बनाएं रखने के लिए एक अक्टूबर से फिर से खनन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। खनन से रोक हटने के बाद मकान निर्माण कार्य में तेजी आएगी।” – डॉ. बलकार सिंह, निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर स्टारर ‘हसीना पारकर’ जल्द रिलीज होने वाली है। लेकिन ठीक इससे पहले इकबाल कासकर की गिरफ्तारी के बाद यह फिल्म पुलिस द्वारा जांच के दायरे में आ गई है। ठाणे पुलिस अब फिल्म की फंडिंग की जांच कर रही है। ठाणे पुलिस के कमिश्नर परमवीर सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि यह गैंग शुरू में लूटपाट से मिलने वाले पैसों को फिल्मों में लगाने का काम करते थे। लेकिन अब यह जांच कि विषय है कि इन्होंने हाल में किसी फिल्म में पैसा लगाया है या नहीं। पुलिस को आशंका है कि डी कंपनी ने फिल्म हसीना पारकर में पैसा लगाया है।
अगर इस फिल्म पर भी दाउद गैंग का पैसा लगा है, तो ऐसे में इस फिल्म के निर्देशक, निर्माता और कलाकारों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। इकबाल ने भी इस बारे में कई अहम खुलासे किए हैं। बता दें कि यह फिल्म दाऊद की बहन हसीना की लाइफ पर आधारित है। गौरतलब है कि हाल ही में एबीपी न्यूज चैनल के टीवी शो में पहुंची श्रद्धा कपूर और निर्देशक अपूर्व लखिया से यह सवाल पूछा गया था, जिसके जवाब में उन्होंने इस बात से इनकार किया था।
सूत्र बताते हैं कि मामले की जांच के दौरान टीम को अहम जानकारी हाथ लगी है कि हसीना ने जब अपने ऊपर फिल्म बनाने के लिए हामी भरी थी, तब गोरेगांव के एक फ्लैट में उसके साथ अपूर्व लाखिया (डायरेक्टर) के अलावा इकबाल कासकर भी मौजूद था। हसीना की मौत के बाद भी इकबाल ही निर्माताओं के संपर्क में था।
पुख्ता जानकारी के मुताबिक, जैसे ही हसीना पारकर ने अपनी ज़िंदगी पर फिल्म बनाने की हामी की। इसके बाद फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट पाकिस्तान में मौजूद दाऊद के लोगों को भेजी गई। फिल्म का एक-एक हिस्सा खुद दाऊद की बड़ी बेटी माहरूख ने पढ़ा था। इसके इलावा इसकी कॉपी मुंबई में उन प्रोड्यूसरों तक भी पहुंचाई गई, जो अब तक डी कंपनी के पैसों पर फिल्म बनाते रहे हैं।
आप को बता दें, कि इक़बाल ने कबूल किया है कि दाऊद परिवार के सभी लोगों की रज़ामंदी के बाद ही फिल्म बनी है। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद फिल्म में कई बदलाव भी कराए गए थे। ये बदलाव दाऊद के इशारे पर ही हुए थे। इकबाल से जो पूछताछ हुई, उसके बाद ये सामने आया था की हफ्ताखोरी से वसूले गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा उसने फिल्म निर्माण में लगाया था। फिलहाल ठाणे पुलिस का एंटी एक्सटॉर्शन सेल इस शुक्रवार को रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘हसीना पारकर’ से जुड़े तमाम कागज़ातों की जांच में जुटी है।
उधर हिंदू सेना ने फिल्म के प्रोमो में दिखाए गए कंटेंट पर आपत्ति जताई है। गृह मंत्रालय को इस सम्बंध में एक पत्र भी लिखा गया, जिसमें दाऊद इब्राहिम के मामले में मुंबई पुलिस की कार्रवाई को कमजोर बताया गया है। गौरतलब है कि यह पहली बायोपिक फिल्म है, जिसमें श्रद्धा लीड रोल प्ले करेंगी, साथ ही यह पहली बार होगा जब श्रद्धा निगेटिव रोल में नजर आएंगी।
six year student dead in a school situated in mumbai
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
विद्यालयों में बच्चों के मरने की आए दिन घटनाएँ बढ़ती ही जा रही हैं। रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के बाद अब महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पवार पब्लिक स्कूल (साकीनाका-अँधेरी) में छह साल के बच्चे की गिरने से मौत का मामला सामने आया है। स्कूल में गुरुवार की सुबह एक छह वर्षीय बच्चे की खेलते समय कथित रूप से गिरने पर मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब कक्षा एक का छात्र स्वरांग दलवी सुबह करीब 10 बजे अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था।
सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि स्वरांग दलवी को जब तक अस्पताल में लाया गया, उससे पहले ही मर चुका था। स्वरांग के पिता पवार पब्लिक स्कूल भांडुप में म्यूजिक टीचर हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह स्वरांग रतनदीप दालवी खेलते समय गिर गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद साकीनाका के डीसीपी और एसीपी और सीनियर पीआई ने हीरानंदनी हॉस्पिटल और स्कूल का दौरा किया।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. मधुरा फडके ने कहा कि यह बच्चा दूसरे मंजिल पर कक्षा के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था, जब वह फर्श पर गिरकर घायल हो गया तो हम तुरंत हिरानंदानी अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने इस बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में यह दिख रहा है कि बच्चा खेलते हुए गिर गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि उसे किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी।
घटना के बाद पुलिस स्कूल के CCTV को खंगाल रही है और सभी स्टाफ से पूछताछ कर रही है। फिलहाल मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बाद पवार पब्लिक स्कूल में छह वर्षीय स्वरांग दालवी की मौत ने एक बार फिर से स्कूलों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी का फटकार लगाते हुए आदेश दिया कि दुर्गा जी की प्रतिमाएं और ताजिए अलग-अलग रूट पर निकाले जायें। उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे कड़ी सुरक्षा रखें।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दुर्गापूजा के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक के आदेश को हटाते हुए पूजा के दौरान मुहर्रम समेत सभी दिनों रात 12 बजे तक प्रतिमा विसर्जन करने का आदेश दे दिया है।
अदालत ने सरकार के निर्देश को एकपक्षीय बताया और पुलिस से शहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम के अवसर पर ताजिया निकालने के लिए दोनों धार्मिक पर्व के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए कहा।
राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा की समाप्ति के दिन रात दस बजे के बाद मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि मुस्लिम समुदाय के लोग 1 अक्टूबर को मुहर्रम मनाएंगे। दोनों पक्षों के बीच विवाद न हो इसलिए सरकार ने ये फैसला लिया था।
अदालत ने कहा, ”आप के हाथ में शक्ति है तो क्या आप कुछ भी आदेश देंगे? आपको क्या पहले से पता होता है कि कुछ बुरा होने वाला है और इसी आधार पर आप प्रतिबंध लगा देगें।”
अदालत ने कहा, ”जब आप इस बात पर अडिग हैं कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव है तो आप दोनों के बीच सांप्रदायिक फर्क क्यों कर रहे हैं। सभी को भाईचारे से रहने दीजिए, उनके बीच में कोई लकीर मत खींचिए, ताकि जो कोई कुछ सोचे न वो भी सोच ले।”
सोल । जब से डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच शीतयुद्ध में काफी तेजी देखने को मिल रही है । एक बार फिर उत्तर कोरिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उनके देश को बर्बाद करने की धमकी को तवज्जो न देते हुए इसकी तुलना ‘कुत्ते के भौंकने’ से की और कहा कि उत्तर कोरिया इस धमकी से नहीं डरेगा । फ़िलहाल अभी तक व्हाइट हाउस से कोई प्रतिक्रिया नही आई है । लेकिन वैश्चिक स्तर पर इसे उत्तर कोरिया का अमेरिका पर एक बड़ा कूटनीतिक हमले वाला बयान बताया जा रहा है ।
आपको बता दें कि ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए अपने पहले संबोधन में उत्तर कोरिया को चेतावनी दी थी कि अगर उसने अमेरिका या उसके सहयोगी देशों पर हमला किया तो अमेरिका उसे ‘पूरी तरह बर्बाद’ कर देगा ।
बहरहाल , संयुक्त राष्ट्र बैठकों के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो को पत्रकारों ने ट्रंप के भाषण से संबंधित सवालों से घेर लिया और उत्तर कोरियाई मंत्री ने एक कहावत से इसका जवाब दिया । उन्होंने कल अपने होटल में प्रवेश करते हुए कहा, ‘एक कहावत है कि कुत्ते कितना भी भौंकते रहे लेकिन कारवां चलता रहता हैं।’ अगर वे धमकियों से हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं तो वे निश्चित रूप से सपना देख रहे हैं । दुनिया से अलग-थलग पड़े और आर्थिक संकट से जूझ रहे उत्तर कोरिया ने कहा कि उसे अमेरिका की आक्रामकता से बचाव करने के लिए परमाणु हथियारों की जरूरत है ।
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया ने जुलाई में दो अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया जिसकी जद में अमेरिका का मुख्य भूभाग भी है । ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को ‘रॉकेट मैन’ बताया और उन्होंने कहा कि वह एक ‘आत्मघाती अभियान’ पर है | फिलहाल उत्तर कोरिया और अमेरिका का शीतयुद्ध कड़ा रुख अख्तियार करता जा रहा । अब देखना होगा की अमेरिका इस बयान का जवाब कैसे देता है !
इलाहाबाद । कहते हैं कि कभी कभी आपको बेकसूर होते हुए भी अपनी जान देकर भारी कीमत चुकानी पड़ती है । जी हां इलाहाबाद के दारागंज इलाके में दशाश्वमेघ घाट पर बुधवार को दिनदहाड़े बमबाजी और फायरिंग की घटना में घायल हुए महाकवि सूर्यकांत सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के प्रपौत्र अखिलेश त्रिपाठी का गुरुवार को इलाज के दौरान निधन हो गया ।
आपको बता दें आपसी रंजिश में स्थानीय दबंग गगन निषाद पर तीन बाइक सवार हमलावरों ने बम से हमला करते हुए फायरिंग की थी । इस हमले में गगन निषाद के साथ सब्जी खरीदने पहुंचे अखिलेश त्रिपाठी और दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं थीं ।
फौरन सभी घायलों को इलाज के लिए पुलिस ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था । जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों महिलाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई । गगन निषाद और अखिलेश त्रिपाठी का इलाज चल रहा था ।आज सुबह उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया ।फ़िलहाल इस घटना के बाद आस पास क्षेत्रो में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ।
सीओ दारागंज एके त्यागी के मुताबिक बाइक सवार हेलमेट लगाये बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है. उन्होंने कहा है कि पुलिस मामले में जांच कर रही है और अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी । वहीं अखिलेश त्रिपाठी की मौत की खबर आते ही इलाहाबाद में शोक का माहौल है ।
उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी बनने की रेस से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रजनी कांत मिश्रा बाहर हो गए हैं। दरअसल गृह मंत्रालय ने रजनीकांत मिश्रा को एसएसबी का महानिदेशक नियुक्त किया है। 31 अगस्त 2019 तक वो एसएसबी में अपनी सेवा देंगे।
यूपी डीजीपी की रेस से एक बार फिर बाहर हुए रजनीकांत मिश्रा
30 सितंबर को यूपी के डीजीपी सुलखान सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। जिसके बाद कई सीनियर आईपीएस अधिकारी नए डीजीपी की रेस में आ गए। नए डीजीपी की रेस में आए उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के सीनियर आईपीएस रजनीकांत मिश्रा दौड़ में सबसे आगे थे। लेकिन रजनीकांत मिश्रा को सशस्त्र सीमा बल यानि (एसएसबी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने आदेश दिया है कि रजनीकांत मिश्रा 31 अगस्त, 2019 तक एसएसबी महानिदेशक का पद संभालेंगे। अब उनकी नई तैनाती से साफ हो गया है कि वो यूपी डीजीपी की रेस से बाहर हो गए हैं।
रजनीकांत मिश्रा 2019 तक SSB के डीजी बनाए गए
रजनीकांत मिश्रा को केंद्र सरकार यूपी नहीं भेजना चाहती है। तभी तो उनको 31 अगस्त 2019 तक एसएसबी की कमान सौंप दी गई है। हालांकि इसके कई मायने भी लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह अपने सबसे भरोसेमंद आईपीएस अधिकारी को अपने मंत्रालय में ही रखना चाहते हैं। रजनीकांत मिश्रा गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी अधिकारियों में से एक हैं।
SSB की डीजी अर्चना सुंदरम का 30 सितंबर को पूरा हो रहा है कार्यकाल
तभी तो गृहमंत्री सशस्त्र सीमा बल यानि (एसएसबी) की कमान रजनीकांत मिश्रा को सौंपी है। वो देश की सुरक्षा से कोई समझौता नही चाहते हैं। जिस तरह से उन्होंने बतौर डीजी बीएसएफ रहते हुए काम किए हैं। वैसे ही वो एसएसबी में भी काम करें।सशस्त्र सीमा बल की मौजूद महानिदेशक अर्चना सुंदरम का कार्यकाल 30 सितंबर 2017 को पूरा हो रहा है। जिससे रजनीकांत मिश्रा को उनकी जगह तैनाती मिली है।
पश्चिम बंगाल में विसर्जन विवाद पर आज कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक बार फिर ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार लोगों की आस्था में दखल नहीं दे सकती है, बिना किसी आधार के ताकत का इस्तेमाल बिल्कुल गलत है।
हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि, आप दो समुदायों के बीच दरार पैदा क्यों कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा दुर्गा पूजन और मुहर्रम को लेकर राज्य में कभी ऐसे स्थिति नहीं बनी है, उन्हें साथ रहने दीजिए।
दरअसल, इस साल दशहरा के अगले दिन ही मुहर्रम है, दशहरा के अगले दिन दुर्गा प्रतिमा भी विसर्जित की जाती है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विसर्जन की तारीख बढ़ाने का फैसला किया था, यानी बंगाल में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन 1 अक्टूबर की जगह 2 अक्टूबर को होगा।
इससे नाराज होकर 14 सितंबर को अधिवक्ता अमरजीत रायचौधरी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में PIL दाखिल की थी। उन्होंने यह तर्क दिया था कि दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव है। इस पूजा में अंजलि समेत सभी विधियां शुभ समय के अनुसार ही होती है।